हिजबुल्लाह ने इजरायल के आर्मी बेस पर दागे ड्रोन, 4 सैनिकों की मौत और 60 से ज्यादा घायल

इजरायल ईरान समर्थित आतंकी गुट हिजबुल्लाह ने इजरायल के आर्मी बेस पर ड्रोन हमले किए हैं। यह अटैक इतना घातक था कि 4 इजरायली सैनिकों की मौत हो गई और 60 से अधिक घायल हैं। इजराइली बचाव सेवा की ओर से कहा गया कि बिनयामीना शहर में स्थित सैन्य अड्डे को निशाना बनाया गया। लेबनान के चरमपंथी समूह हिजबुल्लाह ने इस हमले की जिम्मेदारी भी ली है। इजरायल की वायु-रक्षा प्रणालियां इतनी मजबूत मानी जाती है कि ड्रोन या मिसाइल हमले में इतनी संख्या में लोगों के घायल होने की आशंका नहीं के बराबर रहती है। हालांकि, इस बार नुकसान पहुंचा है। इजरायली मीडिया ने बताया कि रविवार को लेबनान से 2 ड्रोन दागे गए। इजराइली सेना का कहना है कि एक ड्रोन को मार गिराया गया। यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है कि घायलों में शामिल लोग आम नागरिक हैं या सैनिक। हिजबुल्लाह ने बयान में कहा कि उसने बेरूत में इजरायल की ओर से किए गए 2 हमलों के जवाब में इजरायल की सेना के प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया। गुरुवार को बेरूत में किए गए हमले में 22 लोग मारे गए थे। पिछले 2 दिन में यह दूसरी बार है जब इजरायल में ड्रोन से हमला किया गया। शनिवार को तेल अवीव के उपनगर में ड्रोन अटैक हुआ, जिसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हिजबुल्लाह के 50 लड़ाकों को मार गिराया गयाः इजरायली सेना दूसरी ओर, इजरायल रक्षा बलों (IDF) ने कहा कि उसने पिछले 24 घंटों में दक्षिणी लेबनान में आमने-सामने की मुठभेड़ों में हिजबुल्लाह के 50 आतंकवादियों को मार गिराया। आईडीएफ ने शनिवार को कहा कि उसने उत्तरी इजरायल के इलाकों और सेना बलों को निशाना बनाकर भूमिगत सुरंग शाफ्ट, कई हथियार भंडारण बुनियादी ढांचे, रॉकेट लांचर, मोर्टार बम और एंटी-टैंक मिसाइलों सहित 200 से अधिक हिजबुल्लाह के लक्ष्यों को निशाना बनाया। बयान में कहा गया कि इजरायली वायु सेना ने सीरिया-लेबनान सीमा पर भूमिगत सुविधाओं को निशाना बनाकर अभियान भी चलाया, जहां हिजबुल्लाह के हथियार रखे गए थे। इस बीच, इजरायली सेना ने गाजा पट्टी में अपना अभियान जारी रखा। सैन्य बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया और टैंक फायर, शॉर्ट-रेंज फायर व वायु सेना के हमलों के माध्यम से कई आतंकवादियों को मार गिराया। recent visitors 73

गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के तीसरे संस्करण की शुरुआत 14 अक्टूबर से, पर्यटकों को मिलेगा प्रकृति के साथ रोमांच का बेमिसाल अनुभव

भोपाल गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के तीसरे संस्करण की शुरुआत सोमवार 14 अक्टूबर, 2024 से होगी। ऑल सीजन टेंट सिटी के साथ पर्यटकों के लिए प्राकृतिक सौन्दर्य, रोमांचक गतिविधियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का यह बेमिसाल संयोजन होगा। प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति और प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड, श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मंदसौर के पास गांधीसागर के बैकवाटर्स किनारे स्थापित फॉरेस्ट रिट्रीट रोमांच, मनोरंजन और सांस्कृतिक अनुभवों का एक अद्भुत संगम है। गांधीसागर बैकवाटर्स अपने आप में अद्भुत दर्शनीय पर्यटन स्थल है, जहाँ एक ही स्थान पर गांधीसागर बाँध जलाशय में वाटर एडवेंचर , हिंगलाजगढ़ क़िले में हेरिटेज ट्रेल, गांधीसागर अभ्यारण्य में वन्यप्राणी सफारी तथा आसपास के ग्रामों में ग्रामीण परिवेश के अलौकिक अनुभव का आनंद लिया जा सकता है।  मध्यप्रदेश पर्यटन द्वारा इस अत्याधुनिक टेंट सिटी को ऑफबीट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित और प्रस्तुत किया जा रहा है। ऑल सीजन टेंट सिटी में आरामदायक स्टे देने के साथ यह मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को पारंपरिक कला, आकर्षक प्रस्तुतियों और स्थानीय व्यंजनों के माध्यम से प्रदर्शित करने का एक सुनहरा अवसर है। यहाँ पर्यटक कई रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। इसमें हॉट एयर बैलूनिंग, पैरामोटरिंग, जेट स्कीइंग, कयाकिंग, मोटर बोटिंग जैसी रोमांचक गतिविधियां होंगी। साथ ही म्यूजिक परफॉर्मेंस भी होंगी। इच्छुक पर्यटक 078087 80899 पर संपर्क कर बुकिंग संबंधी डिटेल्स प्राप्त कर सकते हैं।   recent visitors 150

हरियाणा की 15वीं विधानसभा के गठन की प्रक्रिया के तहत PM के स्वागत के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां जारी

चंडीगढ़ हरियाणा की 15वीं विधानसभा के गठन की प्रक्रिया के तहत 17 अक्टूबर को पंचकूला के दशहरा ग्राउंड में मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह रखा गया है। चूंकि हरियाणा में पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने सत्ता और राजनीति का इतिहास बनाया है। इसलिए भारतीय जनता पार्टी इस क्षण को यादगार बनाना चाहती है। यहीं कारण है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। प्रधानमंत्री के आगमन के चलते पंचकूला के दशहरा ग्राउंड में युद्ध स्तर पर समारोह की तैयारियां की जा रही है। रावण दहन के बाद ग्राउंड के खाली होने के कारण प्रशासन अब कम समय में सभी तैयारियों को पूरा करने में जुटा है। प्रशासन की ओर से इसकी तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही। प्रधानमंत्री के अलावा भारतीय जनता पार्टी के शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। ग्राउंड में 50 हजार से अधिक लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इसलिए इस ग्राउंड का चयन किया गया है। पहले परेड़ ग्राउंड में होना था कार्यक्रम मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का शपथ ग्रहण समारोह के लिए पहले 12 अक्टूबर फिर 15 अक्टूबर की तारीख निधार्रित की गई थी, लेकिन प्रधानमंत्री के आने के कारण इस तारीख को बदलकर 17 अक्टूबर किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और उन्हें देखने व सुनने के इच्छूक लोगों के भारी संख्या में कार्यक्रम में आने के कारण शपथ ग्रहण समारोह का स्थान परेड़ ग्राउंड से बदलकर पंचकूला केदशहरा ग्राउंड में किया गया है। 10 से 11 मंत्री ले सकते हैं शपथ मुख्यमंत्री नायब सिंह समेत 17 अक्टूबर को हरियाणा कैबिनेट के 10 से 11 मंत्री भी 17 अक्टूबर को शपथ ले सकते हैं। हालांकि हरियाणा में मुख्यमंत्री समेत कुल 14 मंत्री बनाए जा सकते हैं, लेकिन 2-3 मंत्रियों को बाद में शपथ दिलाई जाने की चर्चा है। अधिकारी कर रहे दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को लेकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार कार्यक्रम स्थल का दौरा कर रहे हैं, जिससे कार्यक्रम को एक भव्य रूप दिया जा सके। चर्चा है कि जिन 20 हजार युवाओं को सरकार की ओर से नौकरी के ज्वाइनिंग लेटर दिए जाने है, उन्हें भी कार्यक्रम में शामिल होने का न्यौता दिया जा सकता है। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी के सभी जिला अध्यक्ष और संगठन से जुड़े लोग भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। सुरक्षा के लिए हो रही पेड़ों की छटाई कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास मौजूद भारी और पत्तेदार पेड़ों की छटाई का कार्य शुरू कर दिया गया है, जिससे कोई भी आसमाजिक तत्व उनमें छिप ना सके। इसी के चलते कार्यक्रम स्थल और आसपास के घने पेड़ों की छटाई की जा रही है।   recent visitors 111

सवारियों से भरी पिकअप पलटी, इसमें सवार सभी 13 श्रमिक घायल हुए। जिसमें चार की हालत नाजुक

ऋषिकेश देवप्रयाग थाना क्षेत्र में कोडियाला के समीप मुजफ्फरनगर के श्रमिकों से भरी पिकअप का ब्रेक फेल होने से वह पलट गई। इस दौरान पिकप में सवार सभी 13 श्रमिक घायल हुए। जिसमें चार की हालत नाजुक होने पर उन्हें एम्स के लिए रेफर किया गया। जबकि अन्य श्रमिकों का ऋषिकेश सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी श्रमिक श्रीनगर में आयोजित एक भंडारे में काम गए करने गए थे। वापस मुजफ्फरनगर जाते समय तड़के यह हादसा हुआ। तोताघाटी में श्रमिकों से भरी एक पिकअप पलट गई देवप्रयाग थानाध्यक्ष महिपाल सिंह रावत के अनुसार, रविवार सुबह करीब 4:45 बजे सूचना मिली कि कोडियाला से चार किलोमीटर पहले तोताघाटी में श्रमिकों से भरी एक पिकअप पलट गई है। इस दौरान पुलिस चौकी बछेलीखाल (तीन धारा) की टीम मौके पर पहुंची तो तोताघाटी में एक पिकअप सड़क पर पलटा हुआ मिला। जिसे चालक हनुमान चौक, सिविल लाइन जिला मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश निवासी जावेद चला रहा था। पिकअप में सवार श्रमिक श्रीनगर के बंधन पैलेस में आयोजित एक भंडारे से काम करके वापस मुजफ्फरनगर लौट रहे थे। जिसमें कुछ हलवाई और अन्य कामों के लिए गए श्रमिक सवार थे। पुलिस ने आनन-फानन में सभी श्रमिकों को पिकअप से बाहर निकालकर एंबुलेंस के माध्यम से ऋषिकेश सरकारी अस्पताल भिजवाया। अस्पताल के सीएमएस डा. प्रदीप कुमार चंदोला ने बताया कि गंभीर रूप से घायल मोहल्ला प्रेमपुरी जनपद मुजफ्फरनगर निवासी चंद्रपाल, सोनू, रजत, और साजन को एम्स के लिए रेफर किया गया। अन्य नौ घायलों का ऋषिकेश चिकित्सालय में उपचार चल रहा है। सरकारी अस्पताल में भर्ती यह श्रमिक सरकारी अस्पताल में मोहल्ला कंपनीबाग जिला मुजफ्फरनगर निवासी चांद, मोहल्ला प्रेमपुरी जनपद मुजफ्फरनगर राजकुमार, मोहल्ला कृष्णपुरी जिला मुजफ्फनगर निवासी रमन, मोहल्ला प्रेमपुरी निवासी धर्मसिंह और मोहल्ला आबकारी जिला मुजफ्फरनगर राजकुमार का सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा। जिसमें चांद और धर्मसिंह के हाथों में फ्रैक्चर हुआ है। जबकि मुजफ्फरनगर निवासी सतबीर, अनुज, अंशुल और गौरी शंकर के मामूली चोट होने पर उन्हें प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे गई। एम्स रेफर हुए श्रमिकों का हुआ आपरेशन एम्स में रेफर हुए श्रमिक रजत को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे गई। जबकि चंद्रपाल, सोनू और साजन के शरीर गंभीर चोट आने से एम्स के डाक्टरों ने उनका आपरेशन किया। वहीं पिकप चालक जावेद बाल-बाल बच गया। पुलिस ने उसे अपने बैठाया हुआ है। पिकअप मालिक के पहुंचने के बाद चालक को उनके सुुपुर्द किया जाएगा।   ढलान होने के कारण अनियंत्रित हुई पिकअप बछेलीखाल चौकी प्रभारी दीपक लिंगवाल ने बताया तोताघाटी से पहले काफी खड़ी चढाई और बैंड है। जिससे वाहनों के ब्रेक गर्म हो जाते है। इसके बाद तोताघाटी के समीप ढ़लान होने के कारण वाहन की रफ्तार तेज हो जाती है और ऐसे में अक्सर वाहनों के ब्रेक फेल होने की आशंका रहती है। उन्होंने बताया कि पहले भी कई बार यहां ऐसी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। recent visitors 81

महिला सशक्तिकरण नीति के अंतर्गत प्रतिभा सिंटेक्स में 70% से अधिक महिला कर्मचारी

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश उद्योग तथा निवेश के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर रहा है। इस दिशा में लगातार भ्रमण तथा उद्योगपतियों से संवाद के प्रतिफल में एक समृद्ध औद्योगिक परिवेश प्रदेश में नजर आ रहा है। निनोरा में स्थापित नवीन औद्योगिक इकाई उक्त प्रयासों की ही एक कड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को उज्जैन के समीप ग्राम निनोरा में 355 करोड़ रुपए निवेश वाली प्रतिभा सिंटेक्स औद्योगिक इकाई का शुभारंभ किया। इस औद्योगिक इकाई में वृहद स्तर पर गारमेंट निर्माण किया जाएगा, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। विशेष रूप से राज्य शासन की महिला सशक्तिकरण नीति के तहत इस औद्योगिक इकाई में 70% से अधिक कर्मचारी महिलाएं हैं। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, जिले के प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी श्री उमेशनाथ जी महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, श्री बहादुर सिंह बोरमुंडला, प्रबंध निदेशक औद्योगिक विकास निगम श्री चंद्रमौली शुक्ला, प्रतिभा स्वराज प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन श्री शिवकुमार चौधरी, प्रबंध निदेशक श्री श्रेष्ठ चौधरी आदि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निनोरा में प्रतिभा स्वराज द्वारा स्थापित नवीन औद्योगिक इकाई से जहां हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं आसपास की खेती समृद्ध होगी। किसानो की आय में भी वृद्धि होगी। निनोरा में स्थापित औद्योगिक इकाई के प्रथम चरण में लगभग 100 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है, जिसमें आगे चलकर 355 करोड़ रुपए का निवेश होगा। डॉ. यादव ने उद्योग समूह द्वारा लगभग डेढ़ लाख एकड़ में की जाने वाली जैविक खेती की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की नवीन सकारात्मक औद्योगिक नीति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रत्येक संभाग में शासन द्वारा इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेती तथा पशुपालन में उत्पादन और आय को दोगुना करने का सशक्त प्रयास किया जा रहा है। अभी प्रदेश में देश के कुल दुग्ध उत्पादन का 9% हिस्सा है, जिसे बढ़ाकर 20% तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शासन द्वारा लागू की गई कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अग्नि वीर एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके माध्यम से दूरदृष्टि के साथ प्रधानमंत्री द्वारा देश की सैन्य क्षमता में वृद्धि की गई है। प्रधानमंत्री द्वारा संतुलन की दृष्टि से अग्नि वीर योजना लागू की गई है। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष दशहरे पर रावण दहन के साथ शस्त्र-पूजन पर कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर से प्रेरणा लेते हुए इस वर्ष उत्साह एवं उमंग के साथ प्रदेश में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने उज्जयिनी का महत्व जताते हुए कहा कि प्रत्येक काल में उज्जयिनी अवंतिका नगरी का अस्तित्व रहता आया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने फीता काटकर औद्योगिक इकाई का शुभारंभ कर मशीनों का पूजन भी किया। साथ ही यहाँ कार्यरत महिला कर्मचारियों से चर्चा कर उनके जॉब, सैलरी, कार्यस्थल पर वातावरण तथा अन्य बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक इकाई में वस्त्र निर्माण की प्रक्रिया का अवलोकन किया, जिसमें मुख्यमंत्री के चित्र को भी मुद्रित किया गया है। प्रारम्भ में प्रतिभा स्वराज प्रा.लि. के प्रबंध निदेशक श्री श्रेष्ठ चौधरी ने स्वागत उद्बोधन दिया।   recent visitors 174

प्रदेश में अवैध नशे के कारोबार को नेस्तनाबूद करने को कटिबद्ध मध्यप्रदेश पुलिस, सतत् कार्रवाई जारी

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के व्यापार के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई जारी है। जनवरी 2023- से आज दिनांक तक पूरे राज्य में 6161 प्रकरणों में अवैध मादक पदार्थ के व्यापार में संलिप्त 7886अपराधियों की गिरफ़्तारी की गई है। इसके अंतर्गत ऐसी गतिविधियों में शामिल अपराधियों द्वारा अवैध तरीक़े से अर्जित संपत्तियों को ज़ब्त/फ्रीज़ किए जाने हेतु NDPS एक्ट 1985 अध्याय 05 धारा68-ए के अंतर्गत पूरे प्रदेश  में 29 अपराधियों के विरूद्ध 115 करोड़ से अधिक की संपत्ति जप्त/फ्रीज़  की गई है। इस प्रावधान के अन्तर्गत सर्वाधिक कार्यवाही मंदसौर एवं नीमच में की गई, जहाँ के 23 कुख्यात अपराधियों की संपत्ती जप्त/फ्रीज़ की गई है।  इन अपराधियों में नाहरगढ़ के धनराज उर्फ धन्ना पिता ओमप्रकाश पटीदार  की 14 करोड़ से अधिक की संपत्ति, नारायणगढ़ के श्याम पिता भंवर सिंह की10 करोड़ से अधिक की संपत्ति, मनसा के पीयूष पिता पीरू बंजारा की10 करोड़ से अधिक की संपत्ति, सीतामाउ के अशोक पिता माँगीलाल पाटीदार की 8 करोड़ से अधिक की संपत्ति तथा अफ़जलपुर के ताहिर पिता शफ़ी मोहम्मद की 3 करोड़ से अधिक की संपत्ति उल्लेखनीय है। नशे के अवैध कारोबारियों को जेल  में निरुद्ध करने की कार्रवाई पीट यानी अवैध मादक पदार्थ व्यापार की रोकथाम अधिनियम 1988 (PIT NDPS अधिनियम) उन गंभीर  नशे का कारोबार करने वाले  अपराधियों पर  लगाया जाता है जो  लगातार उस अपराध में शामिल  पाए जाते हैं।इन अपराधियों को जेल में निरुद्ध किया जाना बेहद ज़रूरी हो जाता है। यह एक्ट  लगने के  बाद अपराधी को छह माह तक ज़मानत नहीं मिल पाती है।इस अधिनियम के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में की गई कार्यवाही पूर्व में की गई कार्रवाई से कई गुनाअधिक है।  इसके अंतर्गत दिनांक 1 जनवरी 2023 से अभी तक कुल  74 अपराधियों के  विरुद्ध कार्रवाई की गई है, जिसमें इंदौर के 43 अपराधी, मंदसौर एवं उज्जैन के 5-5 अपराधी तथा नीमच एवं रतलाम के 4-4 अपराधी शामिल हैं। नशा कारोबारियों के गठजोड़ को ध्वस्त करने के आदेश अवैध मादक पदार्थों के पंजीबद्ध प्रकरणों में पुलिस महानिदेशक द्वारा निर्देशित किया गया है कि  अत्यधिक मात्रा में जप्त अवैध मादक पदार्थ के  Top to Bottom तथा कम मात्रा में ज़ब्त किए गए अवैध मादक पदार्थ के Bottom to Top की तस्करी में सम्मलित पाए गए आरोपियों के लिंक और नेटवर्क को ट्रैक कर, मूवमेंट  की जानकारी एकत्र कर उनके गठजोड़ का पता लगाकर उनको समूल नष्ट करना है। इस नेटवर्क में शामिल आरोपियों एवं उनसे जुड़े अन्य बिचौलियों की चल /अचल संपत्ति की जानकारी एकत्र कर इनके  वित्तीय लेन- देन के संबंध में डाटा का एकत्रीकरण करने का भी आदेश दिया गया है। साथ ही अवैध नशे के कारोबार में संलिप्त प्रदेश के एवं अन्य राज्यों के अपराधियों की जानकारी एकत्र कर इनके विरूद्ध कार्रवाई करने के भी  आदेश जारी किए गये हैं। डीजीपी ने एनसीओआरडी  (NCORD) पोर्टल पर गिरफ्तार किए गए सभी संदिग्ध की जानकारी अपडेट करने के लिए भी आदेश दिए  हैं। recent visitors 84

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश तेजी से देश का एक प्रमुख औद्योगिक और निवेश स्थल बनने जा रहा है। हमारी निवेशक-अनुकूल नीतियों, विशाल औद्योगिक बुनियादी ढांचे और विभिन्न राज्यों से सम्पर्क की स्थिति से देश-विदेश के निवेशक मध्यप्रदेश में निवेश के लिये तैयार हुए हैं। राज्य सरकार की सक्रिय पहल, औद्योगिक विकास को गति देने वाली योजनाएँ और निवेशकों को आकर्षित करने सिंगल-विंडो सिस्टम जैसी सुविधाओं से प्रदेश को एक महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की पहल हुई है। इस दिशा में राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रयास कर देश के महानगरों में रोड-शो और प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की जा रही हैं। इनमें उद्योगपतियों से हो रहे निरन्तर सम्पर्क से प्रदेश में निवेश का माहौल बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसमें प्रमुख रूप से माह फरवरी 2025 में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में होने जा रही है। इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम, निवेशकों के लिए अनंत संभावनाएं मध्यप्रदेश का औद्योगिक विकास सरकार की दूरदर्शी योजनाओं और नवीन बुनियादी ढांचे के विस्तार का परिणाम है। राज्य का 1.25 लाख एकड़ में फैला विशाल औद्योगिक भूमि बैंक, 112 विकसित औद्योगिक क्षेत्र और 14 नए ग्रीनफील्ड औद्योगिक क्षेत्रों के प्रस्ताव ने निवेशकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यहाँ टेक्सटाइल, फार्मा, खाद्य प्र-संस्करण, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे बहु-क्षेत्रीय औद्योगिक क्लस्टर्स ने राज्य को निवेश के लिए एक समृद्ध स्थान बना दिया है। साथ ही राज्य के 7 स्मार्ट शहरों की परियोजना ने इसे डिजिटल और औद्योगिक प्रगति के मामले में और भी आकर्षक बना दिया है। प्रदेश में औद्योगीकरण के लिए आवश्यक इकोसिस्टम उपलब्ध है। उद्योगों के लिए राज्य में पर्याप्त लैंड बैंक की उपलब्धता है और औद्योगिक प्रयोजन के लिए प्रदेश में 1.25 लाख एकड़ से भी अधिक का लैंड बैंक उपलब्ध है। राज्य शासन द्वारा सेक्टर-फोकस्ड औद्योगिक क्षेत्र भी बनाये गए हैं। भोपाल एवं इंदौर में महिला उद्यमियों के लिए डेडिकेटेड पार्क स्थापित किये गए हैं। राज्य में तकनीकी, प्रबंधन एवं चिकित्सा क्षेत्र एवं स्किल डेवलपमेंट के लिये कई उत्कृष्ट कॉलेज हैं, जिसके कारण सभी क्षेत्रों के उद्योगों के लिए पर्याप्त संख्या में स्किल्ड वर्क फोर्स की उपलब्धता है। पिछले दो दशकों में राज्य में उद्योगों के माध्यम से 41 लाख नवीन रोज़गार के अवसर उत्पन्न हुए हैं एवं राज्य का अनएम्प्लॉयमेंट रेट काफी कम है। राज्य शासन द्वारा बुनियादी ढाँचे का निर्माण जैसे औद्योगिक क्षेत्र, सड़क, जल आपूर्ति, सिंचाई और 24X7 बिजली आपूर्ति इत्यादि जरूरतों पर खासा ध्यान दिया गया है। राज्य शासन द्वारा पिछले दशक के दौरान इन्फ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बनाने के लिये करीब 1.10 लाख करोड़ रूपये खर्च किये गये है। इसके फलस्वरूप पिछले दशक के दौरान मध्यप्रदेश में आर्थिक एवं सामाजिक विकास के रूप में सकारात्मक परिवर्तन देखा गया है। कनेक्टिविटी एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर औद्योगिक विकास के लिये महत्वपूर्ण पैमाना है। इसको ध्यान में रखते हुये राज्य शासन अटल प्रगति पथ (चंबल प्रोग्रेस-वे) पर नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर रहा है, जिसके लिये भूमि का चिन्हांकन किया जा चुका है। साथ ही नर्मदा एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में भी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिये भूमि का चिन्हांकन एवं लैण्ड ट्रांसफर प्रक्रियाधीन है। राज्य में विभिन सेक्टरों की 350 से अधिक वृहद् इकाइयां एवं 26 लाख से अधिक MSME इकाइयां स्थापित हैं एवं पिछले दशक में इसमें काफी तेज़ी आई है। राज्य में 314 से अधिक इंडस्ट्रियल एरियाज हैं। इसके अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा क्षेत्र विशिष्ट औद्योगिक क्षेत्र भी बनाये गए हैं। राज्य में 10 फूड पार्क, 5 आईटी स्पेशल इकोनॉमिक जोन, 2 स्पाइस पार्क, 2 प्लास्टिक पार्क, एक मेडिकल डिवाइस पार्क है, एक पावर इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन है। राज्य शासन द्वारा EV पार्क, फार्मा पार्क, टेक्सटाइल पार्क, गारमेंट यूनिट्स के लिए प्लग एंड प्ले जोन, सेमीकंडक्टर पार्क एवं नवीन आईटी पार्क स्थापित किये जा रहे हैं। राज्य में मेगा इकाइयों को कस्टमाइस्ड इंसेंटिव पैकेज की सुविधा भी दी जाती है।   recent visitors 88