मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दशहरा मिलन उत्सव में 658 करोड़ की 16 सड़क परियोजनाओं का भूमि-पूजन किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश को रोजगारपरक प्रदेश बनाने के साथ ही विकास के हर आयाम को तय कर रही है। प्रदेश की भौतिक सम्पदाओं का सदुपयोग कर आर्थिक रूप से सम्पन्न मध्यप्रदेश बनायेंगे। उन्होंने कहा कि उज्जैन में 350 करोड़ रुपये की लागत से प्रतिभा स्वराज इकाई का आज शुभारम्भ किया गया है, जिससे 5 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। उज्जैन के बेस्ट इंटरप्राइजेस और प्रतिभा स्वराज की इकाइयों से लगभग 10 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध होंगे। इसी प्रकार उज्जैन में अन्य औद्योगिक इकाई के माध्यम से 50 हजार बेरोजगार लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ.यादव आज उज्जैन के कार्तिक मेला ग्राउण्ड में दशहरा मिलन उत्सव एवं 658 करोड़ की 16 सड़क परियोजनाओं के भूमि-पूजन कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, उज्जैन के प्रभारी मंत्री श्री गौतम टेटवाल, सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी, श्री उमेशनाथ जी महाराज, पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. सत्यनारायण जटिया, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, श्री सतीश मालवीय, श्री तेजबहादुर सिंह चौहान, श्री जितेन्द्र पंड्या, महापौर श्री मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, श्री बहादुर सिंह बोरमुंडला, श्री विवेक जोशी सहित जन-प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में जन-समुदाय उपस्थित रहा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन धर्म की सभी सन्यासी परम्पराओं के सभी वैष्णव और शैव संत 12 साल में सिंहस्थ में आते हैं और भविष्य में सनातन धर्म की दिशा, आचरण, स्वरूप तय करते है। मानवता की स्थापना के लिये सर्वोच्च सिंहस्थ मेला आयोजित किया जायेगा। सिंहस्थ के माध्यम से भारत दुनिया का नेतृत्व करेगा। इसकी समुचित तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के मामले में मध्यप्रदेश को देश का नम्बर वन राज्य बनायेंगे। इसके लिये अधोसंरचना विकास के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। प्रदेश को माइनिंग सेक्टर में भी दुनिया में नम्बर वन बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश हर सेक्टर में तेजी से तरक्की कर रहा है। प्रदेश में निवेशकों को लाने एवं निवेश बढ़ाने के लिये 16 अक्टूबर को हैदराबाद जाकर निवेशकों को आमंत्रित करेंगे। उज्जैन संभाग से प्रारम्भ हुई रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव की श्रंखला में अब 23 अक्टूबर को रीवा में कॉन्क्लेव होने वाली है। इसके बाद शहडोल, नर्मदापुरम संभाग में भी रीजनल इण्डस्ट्रीज कॉन्क्लेव आयोजित की जाएगी। आगामी वर्ष के फरवरी माह में प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन होगा, जिसमें विश्वभर से निवेशक आमंत्रित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत शक्ति-सम्पन्न एवं सामर्थ्यशाली देश बनने के साथ ही विकास के समुच्चय में सर्वोच्च स्थान भी हासिल कर रहा है। हमारी सनातन परम्परा में देवी-देवताओं और ऋषि-मुनियों ने शास्त्र एवं शस्त्र के साथ दुनिया का मार्ग प्रशस्त किया है। हमारा देश शान्तिपूर्ण देश है, पर जरूरत पड़ने पर शास्त्र के साथ ही शस्त्र उठाना भी बखूबी जानता है। थल सेना, वायु सेना एवं नौसेना को शक्ति सम्पन्न बनाते हुए सम्पूर्ण विश्व के मोर्चे पर आज प्रधानमंत्री श्री मोदी प्रभावशाली भूमिका अदा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के माध्यम से उज्जैन विश्व पटल पर धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केन्द्र के रूप में पहचाना जायेगा। आगामी सिंहस्थ को दृष्टिगत रखते हुए उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मन्दिर की पहुंच को और अधिक सुगम बनाने के लिये सदावल में हेलीपेड का निर्माण भी किया जायेगा। इसी प्रकार सोमवारिया से लेकर सिंहस्थ बायपास तक नया फोरलेन बनाया जायेगा, जिसकी टेण्डर प्रक्रिया प्रारम्भ है। केडी गेट से लेकर बीमा हॉस्पिटल के आगे तक फोरलेन निर्माण की भी मंजूरी दी गई है। उज्जैन-इन्दौर सिक्सलेन का कार्य प्रारम्भ हो गया है। तपोभूमि से हामूखेड़ी मार्ग का भी आज भूमि-पूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि उज्जैन को जोड़ने वाले चारों तरफ के मार्गों को फोरलेन किया जायेगा, जिससे जिले के ग्रामीण क्षेत्र मुख्य मार्गों से जुड़ेंगे। विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश : लोक निर्माण मंत्री श्री सिंह लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में लोक निर्माण विभाग “लोक निर्माण से लोक कल्याण’’ के ध्येय वाक्य के साथ विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा हैं। विकास कार्यों से उज्जैन बेहतर सड़कों के साथ सामाजिक और आर्थिक ऊंचाइयों पर भी पहुंचेगा। विकास का ‘मोहन मॉडल’ प्रदेश की उन्नति के साथ जन-कल्याण के मार्ग भी खोल रहा हैं। प्रदेश में विकास और जन-कल्याण के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि उज्जैन धार्मिक नगरी के साथ अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में भी स्थापित होगा। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग द्वारा लोकपथ एप का संचालन किया जा रहा है, जिसमें अब सड़कों के क्षतिग्रस्त होने संबंधी प्राप्त शिकायतों का 7 दिन के अंदर संबंधित क्षेत्र के विभागीय अधिकारी द्वारा निराकरण किया जाएगा। मुझे बताते हुए खुशी है कि 3 से 4 महीने के अंदर अभी तक प्राप्त शिकायतों में से 95% से अधिक का निराकरण किया जा चुका है। कार्यक्रम में विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उज्जैन को 658 करोड़ से अधिक की राशि की सौगातें आज दी गई है, जो उज्जैन के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लोक निर्माण से लोक कल्याण के उद्देश्य से 658 करोड़ के विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्तिक मेला ग्राउंड उज्जैन में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में लोक निर्माण से लोक कल्याण के उद्देश्य  से उज्जैन में 658 करोड़ से अधिक के विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया। इनमें प्रमुख रूप से 225.96 करोड़ की लागत से हरीफाटक-लालपुल-मुल्लापूरा फोरलेन मार्ग शंकराचार्य चौराहा से चंदूखेड़ी, 2 नग 2 लेन आरओबी और शिप्रा पर 2 लेन ब्रिज सहित फोरलेन मार्ग, 67.69 करोड़ की लागत से उज्जैन बड़नगर बाईपास टू-लेन मार्ग निर्माण कार्य (एनएच 148 का छूटा हुआ भाग), 22.61 करोड़ की लागत से बडावदा कलसी नागदा से दोत्रु मार्ग का निर्माण, 31.88 करोड़ की लागत से नागदा गिद्धगढ़ विदखेड़ा मोकड़ी मार्ग, 35.65 करोड़ की लागत से तपोभूमि से … Read more

सीएम योगी ने सुनी फरियादियों की फरियाद, कहा- नागरिकों के जीवन में खुशहाली लाने को प्रतिबद्ध राज्य सरकार

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखनाथ मंदिर में हर बार की तरह जनता दर्शन किया। उन्होंने इस जनता दर्शन में आए हुए सभी फरियादियों की समस्याएं सुनी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसी के भी साथ अन्याय न होने देने और हर नागरिक के जीवन में खुशहाली लाने को प्रतिबद्ध है। सीएम योगी ने लोगों की समस्याओं को निस्तारण के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। अवैध कब्जा करने वाले बख्शे न जाएः योगी   बता दें कि जनता दर्शन में योगी ने अधिकारियों को दो टूक हिदायत दी है कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं तथा उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग किन्हीं कारणों से सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित हैं, उन्हें इसका लाभ दिलाया जाए। योगी ने रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान करीब 300 लोगों से मुलाकात की। गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने कुर्सियों पर बैठे लोगों तक वह खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगीः योगी   मुख्मयंत्री योगी ने सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतोषजनक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या के समाधान के लिए कृत संकल्प है। मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में हर बार की भांति इस बार भी कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। जनता के ऐसे प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने इलाज से जुड़ी प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने राजस्व व पुलिस से जुड़े मामलों को भी पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ निस्तारित करने के निर्देश दिए। recent visitors 84

पीएम मोदी ने ‘पीएम गति शक्ति’ के भारत की बुनियादी ढांचे और विकास पर पड़ने वाले प्रभाव का जिक्र किया

नई दिल्ली रविवार को ‘पीएम गति शक्ति’ पहल के तीन साल पूरे हो चुके हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘पीएम गति शक्ति’ के भारत की बुनियादी ढांचे और विकास पर पड़ने वाले प्रभाव का जिक्र किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ‘माई गवर्नमेंट इंडिया’ ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “आज हम पीएम गति शक्ति के तीन साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं, जिसे पीएम मोदी ने लॉन्च किया था। यह अभूतपूर्व पहल भारत के बुनियादी ढांचे को और अधिक स्मार्ट और एकीकृत बना रही है, आर्थिक विकास को बढ़ावा दे रही है और विकास के भविष्य को आकार दे रही है।” इस पोस्ट पर पीएम मोदी ने लिखा, “गति शक्ति की बदौलत देश विकसित भारत के हमारे सपने को पूरा करने के लिए गति के साथ आगे बढ़ रहा है। यह प्रगति, उद्यमशीलता और नवाचार को प्रोत्साहित करेगा।” इसके अलावा, उन्होंने इस दूसरे पोस्ट में लिखा, “पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान भारत के बुनियादी ढांचे में क्रांति लाने के उद्देश्य से एक परिवर्तनकारी पहल के रूप में उभरा है। इसने मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाया है, जिससे सभी क्षेत्रों में तेज और अधिक कुशल विकास हुआ है। इसने लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा दिया है, देरी कम हुई है और कई लोगों के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं।” पीएम गति शक्ति के तीन साल पूरे होने पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक्स पर पोस्ट किया, “आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी के लिए प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के शुभारंभ के 3 वर्ष पूरे हो गए हैं। लॉजिस्टिक्स को सुव्यवस्थित करके और कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाकर, यह पथप्रदर्शक पहल तेज और अधिक कुशल परियोजना कार्यान्वयन सुनिश्चित करती है। यह एक आधुनिक, परस्पर जुड़े बुनियादी ढांचे के नेटवर्क को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे विकसित भारत के निर्माण की दृष्टि को मजबूती मिलती है।”   recent visitors 65

चार साल में रहे जातीय शोषण और जमीन विवाद के सर्वाधिक मुद्दे, अनुसूचित जाति आयोग में 47 हजार शिकायतें

नई दिल्ली. राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के आंकड़ों के अनुसार, बीते चार साल में उन्हें 47 हजार से ज्यादा शिकायतें मिली हैं। इनमें जातीय अत्याचार, भूमि विवाद और सरकारी नौकरी से संबंधित विवाद ही मुख्य मुद्दे हैं। आरटीआई के जवाब में यह जानकारी मिली है। एनसीएससी के आंकड़ों के अनुसार, साल 2020-21 में उन्हें 11,917 शिकायतें मिलीं। वहीं 2021-22 में 13,964, और 2022-23 में 12,402 और इस साल यानी 2024 में 9,550 शिकायतें मिल चुकी हैं। एनसीएससी के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने बताया कि आयोग को मिलने वाली सबसे आम शिकायतें अनुसूचित जाति समुदाय के खिलाफ अत्याचार से संबंधित हैं, इसके बाद भूमि विवाद और सरकारी क्षेत्र में सेवाओं से संबंधित मुद्दे हैं। उन्होंने कहा, 'शिकायतों को तेजी से दूर करने के लिए, अगले महीने से, मैं या मेरे सदस्य राज्य कार्यालयों का दौरा करेंगे और वहां लोगों के सामने आने वाली समस्याओं को देखेंगे।' मकवाना ने कहा कि वह लोगों की समस्याओं को दूर करने के लिए सप्ताह में चार बार सुनवाई कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा शिकायतें एनसीएससी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी राज्यों में सबसे ज्यादा शिकायतें उत्तर प्रदेश से दर्ज की गई हैं। अधिकारी ने बताया कि आयोग को हर दिन 200-300 शिकायतें मिलती हैं और उनमें से कई का कुछ ही दिनों में समाधान हो जाता है, इसलिए यहां देखा गया डेटा ज्यादातर उन शिकायतों का है जिनका समाधान होने की प्रक्रिया चल रही है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के खिलाफ अत्याचारों पर राष्ट्रीय हेल्पलाइन के आंकड़ों के अनुसार, 6,02,177 कॉल प्राप्त हुईं। इनमें से कुल शिकायतों की संख्या 5,843 थी, जिनमें से 1,784 का समाधान किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश से आधे से अधिक कॉल यानी 3,10,623 प्राप्त हुई हैं। इस हेल्पलाइन की निगरानी सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा की जाती है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत नवीनतम सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, अनुसूचित जाति के खिलाफ अत्याचार के अधिकांश मामले 13 राज्यों में केंद्रित थे, जहां 2022 में सभी मामलों का 97.7 प्रतिशत दर्ज किया गया। 2022 में उत्तर प्रदेश में 12,287 मामले दर्ज हुए, जो कुल मामलों का 23.78 प्रतिशत हिस्सा थे, इसके बाद राजस्थान में 8,651 (16.75 प्रतिशत) और मध्य प्रदेश में 7,732 (14.97 प्रतिशत) थे। जाति अत्याचार के महत्वपूर्ण मामलों वाले अन्य राज्य बिहार में 6,799 (13.16 प्रतिशत), ओडिशा में 3,576 (6.93 प्रतिशत) और महाराष्ट्र में 2,706 (5.24 प्रतिशत) थे। इन छह राज्यों में कुल मामलों का लगभग 81 प्रतिशत हिस्सा था। recent visitors 184

पांच फर्जी ड्रग इंस्पेक्टर गिरफ्तार, छत्तीसगढ़-दुर्ग में नकली दवा के नाम पर मेडिकल स्टोर संचालकों से उगाही

दुर्ग। दवा दुकानों में छापेमारी कर नकली दवा के नाम पर दवाओं की सैंपलिंग लेकर दुकान संचालकों को धमकाने और उगाही करने वाले पांच फर्जी ड्रग इंस्पेक्टर पकड़े गए हैं. पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. धमधा थाना प्रभारी पीडी चंद्रा ने बताया कि ग्राम धुमा धमधा निवासी रघुनंदन प्रसाद वर्मा (68 वर्ष) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह खेती-किसानी का काम करता है. उसके बेटे दिलेंद्र कुमार वर्मा ने तीन साल पहले लाइसेंस लेकर घर में मेडिकल दुकान खोली थी. गुरुवार दोपहर वह ग्राम सिलपट्टी में दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने गया था. उस दौरान दुकान में बैठे लड़के ने बताया कि एक शख्स ने कॉल कर खुद को ड्रग इंस्पेक्टर बताते हुए बिना लाइसेंस के दवा दुकान चलाने पर कार्यवाई के लिए धमकाने लगा. इसके साथ ही खैरागढ़ कलेक्टोरेट में मिलने के लिए बुलाया है. बेटे से बात खत्म होने के बाद रधुनंदन ने बहू को कॉल किया. उसने बताया कि स्कार्पियों (सीजी 17 केएच 8580) में पांच लोग सवार होकर घर आए और खुद को ड्रग इंस्पेक्टर बताकर मेडिकल दुकान में घुस गए. और बिना लाइसेंस दुकान चलाने पर जेल भेजने की धमकी लेने लगे. इसके साथ जाते समय कुछ दवाएं सैम्पल के लिए साथ ले गए. इसके बाद जब शाम को घर पहुंचा तो ग्राम खैरझिटी निवासी वैद्यराज जोहन लाल वर्मा से मुलाकात हुई. जब उन्हें घटनाक्रम बताया तो उन्होंने ने भी स्कार्पियों में सवार होकर 5 लोग आए, खुद को ड्रग इंस्पेक्टर बताए और आयुर्वेदिक दवाओं के दो डिब्बे अपने साथ ले गए. बुजुर्ग की शिकायत के बाद पुलिस ने 5 आरोपियों की पहचान पंडरिया कवर्धा निवासी मनीष जंघेल, भूषण वर्मा, तारन वर्मा, टाकेश्वर जंघेल, अतेनमणी अंचित के रूप में हुई. recent visitors 92

गुजरात के सूरत में आयोजित “जल संचय” कार्यक्रम में शामिल होंगे सीएम डॉ मोहन

भोपाल मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव आज गुजरात के सूरत में आयोजित “जल संचय” कार्यक्रम में शामिल होंगे। सूरत के इंडोर स्टेडियम में होने वाले इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश सहित राजस्थान गुजरात के मुख्यमंत्री और बिहार के उप मुख्यमंत्री भी सहभागिता करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के मार्गदर्शन में सूरत में होने वाले “जल संचय” कार्यक्रम में भू-जल स्तर को बढ़ाने संबंधी विचार-विमर्श होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज इंदौर से दोपहर 1:45 बजे वायुयान से रवाना होकर 2:30 बजे सूरत पहुंचें। सीएम डॉ मोहन शाम 4:15 बजे सूरत के इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम के बाद वे शाम 6:15 बजे सूरत से रवाना होकर शाम 7 बजे इंदौर आएंगे। recent visitors 74

कुरुक्षेत्र-खजुराहो एक्सप्रेस में लगी आग, यात्रियों ने चेन पुलिंग कर रोकी ट्रेन

छतरपुर कुरुक्षेत्र से चलकर आ रही ट्रेन कुरुक्षेत्र एक्सप्रेस के डी 5 के कोच में ईशानगर स्टेशन पर आग लग गई। आग और धुआं देख यात्रियों ने चेन खींचकर ट्रेन को रोका और आग लगने की सूचना स्टेशन मास्टर को दी। रेल कर्मचारी की सूझबूझ से आग पर काबू पाया गया गया। किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। आग लगने के कारण एक घंटे ट्रेन खड़ी रही। बाद में ईशानगर से करीब 1घंटे की देरी से धीमी गति से छतरपुर के लिए रवाना हुई। डी 5 जनरल डब्बे में लगी थी आग घटना डी 5 जनरल डब्बा था। जिसमें अत्यधिक लोग भी यात्रा करते हैं। लेकिन हादसा रेलवे स्टेशन पर हुआ तो रेलवे स्टेशन के कर्मचारियों की सूझबूझ से आप पर काबू पाया जा सका। अगर यह हादसा रास्ते में कहीं होता तो जनरल डब्बे में बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं होता, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। मोटर का बेल्ट गर्म होने से लगी आग बताया गया है कि मोटर की बेल्ट गर्म होने के कारण आग लग गई थी। स्टेशन मास्टर आशीष यादव ने बताया कि जब ट्रेन चलनी शुरू हुई तो कोच पर नजर पड़ी। आग और धुआं देख ट्रेन को रोका गया। कोई जनहानि नहीं हुई है। अगर चलती ट्रेन में हादसा होता तो बड़ी घटना हो सकती थी। झांसी-कानपुर रेलवे ट्रैक पर फेंसिंग का कार्य शुरू झांसी जनपद से कानपुर के बीच बने रेलवे ट्रैक पर पशुओं की आवाजाही रोकने के लिए फेंसिंग लगाने का काम शुरू हो चुका है। लगभग 212 किलोमीटर तक पटरी के दोनों तरफ फेंसिंग होगी, ताकि कोई ट्रैक तक न पहुंच पाए। इसके लिए रेलवे प्रशासन एक अरब 89 करोड़ रुपए खर्च करने जा रहा है। पशुओं की आवाजाही की वजह से आए दिन रेलवे ट्रैक पर हादसे होते हैं। इससे पशु हानि तो होती ही है, साथ ही रेलवे को भी नुकसान उठाना पड़ता है। साथ ही ट्रेनों की रफ्तार भी प्रभावित होती है। हादसों पर रोक लगाने की कोशिश हादसों पर अंकुश लगाने के लिए रेल प्रशासन द्वारा रेलवे ट्रैक के दोनों ओर फेंसिंग लगाने की योजना बनाई गई थी। प्रथम चरण में झांसी-कानपुर रेल खंड के बीच काम शुरू कर दिया गया है। यहां एक्सप्रेस-वे की तर्ज पर डब्ल्यू बीम मेटल टाइप फेंसिंग कराई जा रही है। इसकी ऊंचाई भी इतनी भी इतनी रखी जा रही है कि जानवर कूदकर भी ट्रैक पर नहीं आ पाए।इतना ही नहीं, वाहनों के अनियंत्रित होकर रेलवे ट्रैक पर पहुंच जाने के मामलों में भी कमी आएगी। 1.89 अरब रुपये की लागत से कराई जा रही फेंसिंग डब्ल्यू बीम मेटल टाइप फेंसिंग का काम 1.89 अरब रुपए की लागत से कराया जा रहा है। इसमें झांसी से परौना के बीच 67 करोड़ और परौना से कानपुर के बीच 1.22 अरब रुपए खर्च किए जाएंगे। रेलवे की अगले साल तक इस काम को पूरा करने की योजना है। रेल ट्रैक पर ट्रेन के सामने पशु आने के हर माह 150 से अधिक मामले सामने आते रहते हैं। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पिछले 6 माह के अंदर 1130 इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। नहीं थम रहा पशुओं का रेलवे ट्रैक पर आना रेल ट्रैक से सटे गांवों में रेलवे द्वारा जागरूकता अभियान चलाने के बाद भी पशुओं के रेल ट्रैक पर आने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब इसकी रोकथाम के लिए रेलवे फेंसिंग कर रहा है। पीआरओ मनोज कुमार सिंह का कहना है कि ट्रेन के सामने पशुओं के आने से रेलवे को क्षति होती है, साथ ही ट्रेनों की गति भी प्रभावित होती है। इसलिए झांसी-कानपुर रेलमार्ग पर फेंसिंग कराई जा रही है। recent visitors 62