भजनलाल सरकार ‘वन स्टेट वन इलेक्शन’ के तहत पंचायत राज के चुनाव कराने की बना रही योजना, छोटे जिलों के समाप्त करने के दिए संकेत

जयपुर  राजस्थान में गहलोत राज में बनाए गए नए जिले को लेकर आखिर क्या होगा? इसको लेकर प्रदेश में लगातार चर्चाएं हो रही है। इस बीच भजनलाल सरकार 'वन स्टेट वन इलेक्शन' को लेकर भी जुटी हुई है। अब कयास है कि भजनलाल सरकार की रिव्यू कमेटी के फैसले के बाद छोटे जिलों को समाप्त कर नए सिरे से सीमाएं निर्धारित की जाएंगी। इसके बाद सरकार 'वन स्टेट वन इलेक्शन' फार्मूले के तहत पंचायत राज के चुनाव कराएगी। ऐसे में माना जा रहा है कि अगले साल जनवरी महीने में होने वाले पंचायत राज के चुनाव फिलहाल टलेंगे। कयास है कि इससे पहले सरकार छोटे जिलों को समाप्त कर उनकी सीमा निर्धारित करने का काम करेगी। कानून मंत्री जिलों को समाप्त करने के दे चुके हैं संकेत गहलोत राज में बनाए गए 17 नए जिलों को लेकर हर दिन नई चर्चाएं गर्म है। सरकार यह संकेत दे चुकी है कि नए जिलों में से 5 से 7 जिलों को समाप्त किया जा सकता है। इसको लेकर सरकार में यह निर्णय फिलहाल विचाराधीन है। गत दिनों भजनलाल सरकार के कानून मंत्री जोगराम पटेल ने भी 'वन स्टेट वन इलेक्शन' चुनावी फार्मूले के लिए छोटे जिलों को समाप्त किए जाने की आवश्यकता बताई थी। उन्होंने संकेत दिए कि बिना जिलों पर फैसले के 'वन स्टेट वन इलेक्शन' के काम में प्रोग्रेस नहीं सकता। ऐसे में माना जा रहा है कि नवंबर दूसरे सप्ताह तक सरकार नए जिलों को लेकर फैसला ले सकती हैं। 7 हजार ग्राम पंचायतों के चुनाव पर लटकी तलवार राजस्थान में नए जिलों के फैसले को लेकर अभी तक असमंजस बना हुआ है। अब कौन से जिले रहेंगे और कौन से खत्म होंगे? इस बीच भजनलाल सरकार 'वन स्टेट वन इलेक्शन' भी करवाना चाहती है। ऐसी स्थिति में अब जनवरी 2025 में होने वाले 7 हजार ग्राम पंचायतों के चुनाव पर भी तलवार लटक गई है। सरकार के संकेत के अनुसार, अगर 'वन स्टेट वन इलेक्शन' का फॉर्मूला लागू हुआ, तो ग्राम पंचायतों के चुनाव टलेंगे और यहां पर सरकार प्रशासक नियुक्त करेगी। फिलहाल सरकार का पूरा ध्यान नए छोटे जिलों को समाप्त करने के फैसले पर टिका हुआ है। इसके बाद ही सरकार वन स्टेट वन इलेक्शन फॉर्मूला को लागू कर पाएगी। इस साल होने वाले नगर निकाय चुनाव भी टलेंगे हाल ही में यूडीएच मंत्री झाबर सिंह ने साफ कर दिया है कि भजनलाल सरकार 'वन स्टेट वन इलेक्शन' का फॉर्मूला लागू करने वाली है। इसके चलते राज्य की कई नगर निकायों में नवंबर महीने में कार्यकाल पूरा हो रहा है। मंत्री के बयान के बाद अब इन निकायों में 2025 में चुनाव होने की संभावना बन गई है। इसके चलते प्रदेश की पांच नगर निगम, 28 नगर पालिकाओं और 16 नगर परिषद में इस साल चुनाव नहीं होंगे। सरकार फाॅर्मूले के तहत 2025 में एक साथ चुनाव करवाने की तैयारी कर रही है। छोटे जिलों को समाप्त करने के लिए कमेटी भी सहमत गहलोत राज में बनाए गए 17 नए जिले को लेकर भजनलाल सरकार ने गत दिनों रिव्यू कमेटी से नए जिलों को लेकर परीक्षण रिपोर्ट बनवाई, जो अभी कमेटी के पास विचाराधीन है, जहां संयोजक मदन दिलावर की अध्यक्षता में राज्यवर्धन सिंह राठौड़, कन्हैया लाल चौधरी, हेमंत मीणा सुरेश सिंह रावत समेत कमेटी के मेंबर इस पर विचार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कमेटी के सभी मंत्री भी छोटे जिलों को मर्ज करने की राय में सहमत है। अब जल्द ही इस रिपोर्ट को कैबिनेट में रखा जाएगा, जहां निर्णय होने के बाद नए जिलों पर कार्रवाई शुरू होगी। यह जिले सरकार के फॉर्मूले में नहीं बैठ रहे फिट राजस्थान में 17 नए जिले बनाए गए, इनको लेकर भजनलाल सरकार सहमत नहीं है। गत दिनों सर्वे कमेटी ने नए जिलों को लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार की। सूत्रों के अनुसार, करीब एक दर्जन जिले मापदंडों में फिट नहीं बैठ रहे हैं। इनमें नीम का थाना, कोटपूतली-बहरोड़, केकड़ी, खैरथल-तिजारा, दूदू, डीग, गंगापुर सिटी, शाहपुरा, फलोदी, सलूंबर, सांचैर और अनूपगढ़ जिले शामिल है। ऐसे में सरकार इनमें से कई जिलों को अपने पुराने जिलों में मर्ज कर सकती है।   recent visitors 148

रतलाम : प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर में पांच दिवसीय दीपोत्सव में भक्तों से सजावट के लिए 17 अक्टूबर से सामग्री लेना शुरू की जाएगी

रतलाम  रतलाम शहर के माणकचौक स्थित प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर में पांच दिवसीय दीपोत्सव में भक्तों द्वारा सजावट के लिए दिए जाने वाले रुपये, आभूषण, मोती आदि से विशेष शृंगार की तैयारी हो गई है। 17 अक्टूबर से सामग्री लेना शुरू की जाएगी। पहले दिन धनतेरस पर ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर के पट खोले जाएंगे। विशेष शृंगार के दर्शन भाईदूज तक लगातार किए जा सकेंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं को सामग्री वापस देना शुरू की जाएगी। 2008 के बाद से बढ़ा शृंगार का स्वरूप इस सामग्री से होने वाले विशेष शृंगार को लेकर मंदिर देश भर में प्रसिद्ध है। पूर्व में कुछ ही लोग सामग्री देते थे, लेकिन वर्ष 2008 के बाद से सामग्री देने वाले भक्तों की संख्या बढ़ने पर शृंगार का स्परूप भी विस्तृत कर दिया गया। दी जाने वाली सामग्री को रजिस्टर में दर्ज कर श्रद्धालु को टोकन दिया जाता है। इसी टोकन से सामग्री वापस मिल जाती है। इस बार भी यही व्यवस्था रहेगी। सुरक्षा के लिए रहते हैं जरूरी इंतजाम पांच दिवसीय दीपोत्सव के दौरान सुरक्षा के लिए मंदिर समिति व पुलिस प्रशासन भी सभी जरूरी इंतजाम करता है। अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाता है। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे का डिस्प्ले पास में स्थित माणकचौक थाने पर रहता है। वहां से भी निगरानी होती है। मंदिर के संजय पुजारी ने बताया कि 17 से 28 अक्टूबर तक सामग्री ली जाएगी। भाई दूज के बाद रजिस्टर में दर्ज फोटो, टोकन आदि के आधार पर ही सामग्री वापस की जाएगी। रतलाम शहर के साथ यहां बाहर से भी लोग अपनी सामग्री जमा कराने के लिए मंदिर में पहुंचते हैं। महालक्ष्मी मंदिर में विशेष शृंगार पर नजर सामग्री – सोने-चांदी के आभूषण, चांदी की सिल्लियां, पांच से लेकर 500 रुपये तक के नोट, श्रीयंत्र, कछुआ, तिजोरी आदि महालक्ष्मी मंदिर में ली जाती है। सामग्री देने वाले औसतन श्रद्धालु – करीब 3000 श्रद्धालु यहां सामग्री जमा कराने के लिए पहुंचते हैं। मान्यता – महालक्ष्मी मंदिर में रखी शृंगार सामग्री वापस लेने के बाद घर की तिजोरी, पूजन स्थान पर रखने से सालभर सुख-समृद्धि बनी रहती है। व्यवस्था – धनतेरस से मंदिर में विशेष दर्शन शुरू होते हैं। दर्शन व्यवस्था में भी भक्त सहयोग करते हैं। सुरक्षा – दीपोत्सव में मंदिर में विशेष पुलिस बल के साथ ही सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जाती है। recent visitors 70

17 नवंबर को रात नाै बजकर सात मिनट पर विधिविधान बदरीनाथ धाम के कपाट साथ बंद होंगे

गोपेश्वर दशहरे के मौके पर बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि घोषित कर दी गई है। आगामी 17 नवंबर को रात नाै बजकर सात मिनट पर विधिविधान के कपाट साथ बंद होंगे। इस यात्रा वर्ष विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट रविवार 17 नवंबर रात्रि 9 बजकर 07 मिनट पर शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि कपाट बंद होने की तिथि आज विजय दशमी के अवसर पर श्री बदरीनाथ धाम मंदिर परिसर में पंचाग गणना पश्चात समारोहपूर्वक तय की गयी। उन्होंने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में चारधाम यात्रा में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री दर्शन को पहुंचे। सरकार एवं मंदिर समिति के प्रयासों से सभी यात्री सुविधाएं मुहैया हुई है। कुल 38 लाख तीर्थयात्री पहुंचे चारधाम अभी तक 11 लाख से अधिक तीर्थयात्री श्री बदरीनाथ धाम पहुंचे हैं। साढ़े 13 लाख से अधिक तीर्थयात्री श्री केदारनाथ धाम दर्शन को पहुंचे हैं। इस तरह साढ़े 24 लाख तीर्थयात्रियों ने श्री बदरीनाथ -केदारनाथ के दर्शन कर लिए हैं। कुल 38 लाख तीर्थयात्री चारधाम यात्रा पर पहुंचे हैं। मां नवदुर्गा तिला भराड़ी मंदिर में कन्या पूजन के साथ पूजा अर्चना की नवरात्रि के नौवे दिवस के अवसर पर बदरीनाथ मार्ग कंचनगंगा में क्षेत्र की अराध्य देवी मां नवदुर्गा तिला भराड़ी मंदिर में कन्या पूजन तथा मां सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा-अर्चना की गई। श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) उपाध्यक्ष किशोर पंवार सपरिवार माता के मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना में शामिल हुए तथा क्षेत्र के सुख- शांति का आशीर्वाद मांगा। इस अवसर जय मां नंदा समिति अध्यक्ष राजदेव मेहता एवं पदमेंद्र भंडारी ने बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार का शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। माता के मंदिर में जय मां नन्दा समिति बामणी , पांडुकेश्वर के सौजन्य से विशाल भण्डारा का आयोजन किया गया इससे पहले मां दुर्गा की पूजा अर्चना के पश्चात कन्या पूजन तथा प्रसाद वितरण किया गया। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि विजय दशमी के दिन श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर दुर्गा पूजा का यज्ञ हवन के साथ समापन होना है।  इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार सहित अध्यक्ष राजदेव मेहता,पदमेंद्र भंडारी, अमित पंवार , सुधीर मेहता, वीरेंद्र भंडारी, रणजीत भंडारी आदि मौजूद रहे। recent visitors 92

महाराष्ट्र में RSS के जुलूस के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने कथित तौर पर नारेबाजी की, इलाके में तनाव, दो FIR दर्ज

मुंबई दशहरा से एक दिन पहले महाराष्ट्र के रत्नागिरी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के जुलूस के दौरान तनाव पैदा हो गया। जानकारी के मुताबिक जुलूस के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने कथित तौर पर नारेबाजी की। इससे इलाके का माहौल तनावपूर्ण हो गया। रत्नागिरी के एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक शुक्रवार रात को कोंकण नगर इलाके में यह घटना हुई। इसके बाद पुलिस ने दो मामले दर्ज किए हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब दशहरा उत्सव की पूर्व संध्या पर आरएसएस ने इलाके में पथ संचलन किया तो अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले नारे लगाए। हालांकि कोई हिंसा नहीं हुई। मगर रात को लोगों की भीड़ थाने में जुट गई। लोगों ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। अधिकारी ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता के प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमने शिकायतों के आधार पर दो मामले दर्ज किए हैं। पांच आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उन्हें नोटिस जारी कर दिए हैं। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। भागवत ने विजयादशमी पर क्या कहा? नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने विजयादशमी कार्यक्रम को संबोधि कियाा। उन्होंने हिंदुओं से एक होने की अपील की। भागवत ने बांग्लादेश का उदाहरण दिया और कहा कि पहली बार हिंदू एकजुट हुए और अपनी रक्षा के लिए सड़कों पर उतरे। उन्होंने कहा कि जब तक अत्याचार करने की कट्टरपंथी प्रकृति बनी रहेगी तब तक न केवल हिंदू बल्कि सभी अल्पसंख्यक खतरे में रहेंगे। कमजोरी कोई विकल्प नहीं संघ प्रमुख ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रही हिंसा की निंदा की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो कुछ हो रहा है, वह भारत के हिंदुओं के लिए भी सीख है। हमारे पड़ोसी बांग्लादेश में जो कुछ हुआ? इसके कुछ तात्कालिक कारण हो सकते हैं और जो लोग चिंतित हैं, वे इस पर चर्चा करेंगे। मगर मूल मुद्दा हिंदुओं के खिलाफ बार-बार हो रहा अत्याचार है। भागवत ने आगे कहा कि अगर हम कमजोर हैं तो हम अत्याचार को आमंत्रित कर रहे हैं। हम जहां भी हैं, हमें एकजुट और सशक्त होने की जरूरत है। कमजोरी कोई विकल्प नहीं है। बांग्लादेश पर भड़के भागवत भागवत ने कहा कि बांग्लादेश में ऐसी चर्चाएं चल रही हैं कि उन्हें पाकिस्तान का साथ देना चाहिए क्योंकि उसके पास परमाणु शक्ति है और उन्हें भारत से खतरा है। उन्होंने कहा कि जिस देश को उसके निर्माण में पूरा समर्थन मिला, वह अब भारत के खिलाफ इस तरह के बयान को बढ़ावा दे रहा है। recent visitors 82

मुनिश्री विशांत सागर घुवारा आए थे, जहा उनके शिष्य ने जैन समाज की लड़की को भगा ले गया, परिवारवालो ने मुनिश्री को पीटा

छतरपुर मुनिश्री के सेवकों में शामिल एक शिष्य जैन समाज की लड़की को भगा ले गया। लड़की भागे जाने की जानकारी जैन परिवार को लगी तो परिवार के लोग शनिवार सुबह करीब पांच बजे मुनिश्री के पास पहुंचे और उनके साथ मारपीट कर दी और गाली गलाैज की गई। बाद में समाज के लोगों ने उक्त परिवार के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। थाने में करीब सात लोगों पर मारपीट सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जैन समाज के लोगों ने बताया कि घटना छतरपुर जिले के घुवार क्षेत्र की है। जहां मुनिश्री 1008 विशांत सागर महाराज चतुर्थ मास में घुवारा आए थे। उनके साथ शिष्यों में शामिल एक शिष्य का किसी लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा होगा। वह 10 हजार के वेतन पर था। बीते दिवस वह दोनों भाग गए। शिष्य फिरोजाबाद का रहने वाला बताया गया है। लड़की को भगाकर ले जाने के मामले में जैन परिवार के लोग एकत्रित होकर मुनिश्री के पास पहुंचे। जिन्होंने शुक्रवार को रात के समय हंगामा किया और गेट तोड़ने की कोशिश की गईं। गालियां दी तब मुनिश्री साधना में लीन थे। जब वह बाहर नहीं आए तो दूसरे दिन शनिवार को सुबह पांच बजे पहुंच गए और मुनिश्री के साथ मारपीट कर दी। बाद में समाज के सभी लोग एकत्रित हुए और थाने पहुंचे। साथ ही मुनिश्री के साथ धरने पर बैठ गए। पुलिस ने आरोपित सुरेंद्र जैन, जिनेंद्र जैन, महेंद्र जैन, नरेंद्र जैन सहित उनके लड़कों पर मामला दर्ज कर लिया है। अब जैन समाज के लोगों की बड़ी बैठक बुलाई गई है। जिसमें अन्य जिलों से करीब एक हजार लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई है। मामले को लेकर भगवां थाना प्रभारी रामस्वरूप उपाध्याय ने बताया कि आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर मामला जांच में ले लिया है। recent visitors 82

PM मोदी के पास वैश्विक राजनेता बनने का मौका, Russia Ukraine War को शांत कराने में सक्षम – फरीद जकारिया

नई दिल्ली रूस-यूक्रेन युद्ध पर विदेश नीति के जानकार फरीद जकारिया ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यूक्रेन जंग भारत के लिए बड़ा मौका है। भारत को शांतिदूत बनकर अपनी कूटनीतिक ताकत दिखानी चाहिए। जकारिया ने पीएम मोदी की वैश्विक छवि की तारीफ करते हुए कहा कि पीएम मोदी रूस-यूक्रेन युद्ध में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं। 'मोदी निभा सकते हैं बड़ी भूमिका' एक न्यूज चैनल से बात करते हुए जकारिया ने कहा कि दुनिया में बहुत कम नेता ऐसे हैं जो रूस और यूक्रेन दोनों से प्रभावी ढंग से बात कर सकते हैं। उन्होंने सिर्फ दो नाम लिए, पहला तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैय्यप एर्दोगन और दूसरा प्रधानमंत्री मोदी। जकारिया ने कहा कि यूक्रेन में जंग थमी हुई है। बहुत कम लोग ऐसे हैं जिनके पास दोनों पक्षों से बात करने की विश्वसनीयता है… अगर प्रधानमंत्री मोदी खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश करते हैं, तो मुझे लगता है कि वह बहुत रचनात्मक भूमिका निभा सकते हैं… मेरा मानना है कि एर्दोगन से भी ज्यादा मोदी इसमें भूमिका निभा सकते हैं। 'वैश्विक राजनेता बनने का मौका' जकारिया ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध में मध्यस्थता करना पीएम मोदी के लिए एक वैश्विक राजनेता बनने का शानदार मौका है। उन्होंने माना कि भारत पारंपरिक रूप से विदेश नीति के मामलों में तटस्थ रहता है। लेकिन, अगर भारत चाहे तो वह एक बहुत ही व्यावहारिक और रचनात्मक भूमिका निभा सकता है। 'भारत की छवि होगी मजबूत' जकारिया के अनुसार, ऐसा कदम न केवल वैश्विक कूटनीति के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को भी ऊंचा उठाएगा। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके लिए पीएम मोदी को दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की चुनौतीपूर्ण भूमिका निभानी होगी, जो अक्सर मुश्किलों और आलोचनाओं से भरी होती है। जकारिया ने कहा, 'अगर मोदी चाहें तो यह उनके लिए एक वैश्विक राजनेता बनने का शानदार मौका है।' उन्होंने शांति की तलाश में भारतीय नेता के कूटनीतिक कौशल और उनके मंच को महत्वपूर्ण बताया। रूस और यूक्रेन दोनों में अच्छी साख जकारिया के बयान से साफ है कि भारत के पास रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने में अहम भूमिका निभाने की क्षमता है। पीएम मोदी की रूस और यूक्रेन दोनों से अच्छी साख है। ऐसे में, वह शांति वार्ता शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, यह देखना होगा कि भारत इस चुनौती को स्वीकार करता है या नहीं। अगर भारत मध्यस्थता करने का फैसला करता है, तो यह एक ऐतिहासिक कदम होगा। इससे ना सिर्फ युद्ध खत्म करने में मदद मिलेगी, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की छवि भी मजबूत होगी। recent visitors 87

खाने में थूकना, पेशाब करना यह सभ्य मानव समाज के लिए कलंक है, मुस्लिम धर्मगुरुओं को कट्टरता से इनका का विरोध करना चाहिए- योगगुरु

 हरिद्वार योगगुरु स्वामी रामदेव ने मुस्लिम धर्मगुरुओं से मुस्लिम युवकों के खाने में थूकने, पेशाब आदि करने की घटनाओं का पुरजोर विरोध करने का आह्वान किया है. योगगुरु ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं पर मुस्लिम धर्मगुरु चुप्पी साधे हुए है. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से मुस्लिम धर्म और कुरान पाक का प्रचार नहीं होता है. मुसलमान और कुरान ऐसी घटनाओं से बदनाम हो रहे है. शनिवार को कनखल के दिव्य योग मंदिर में योगगुरु स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने कन्या पूजन किया. इस दौरान योगगुरु और आचार्य ने लोगों को दशहरा की शुभकामनाएं दी. हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर वायरल थूकने, पेशाब करने और गंदगी फैलाने की वीडियो पर बोलते हुए योगगुरु ने कहा कि ऐसी घटनाओं का मुस्लिम मुल्लों, मौलवियों और धर्मगुरु को आगे आकर बोलना चाहिए. स्वामी रामदेव ने कहा कि ऐसी घटनाओं से इस्लाम का प्रचार नहीं होता है. कई दफा घटनाएं हो गई है. मुस्लिम धर्मगुरु ऐसी घटनाओं पर मौन हो जाते है. ऐसी घटनाएं रोकने के लिए मुस्लिम धर्मगुरुओं को बोलना चाहिए. कट्टरता से घटनाओं का विरोध करना चाहिए. यह सभ्य मानव समाज के लिए कलंक जैसी घटनाएं है. वायरल हो रहे वीडियो गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों में गाजियाबाद और नोएडा समेत तमाम जगहों पर खाना बनाते समय उसमें थूकने और पेशाब करने के वीडियो वायरल हो रहे हैं. ये तमाम वीडियो सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं. हालांकि योगी सरकार ने इस वीडियो के सामने आने के बाद अधिकारियों को निर्देश दिया है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने होटल्स और रेस्टोरेंट में जांच करने के साथ ही सीसीटीवी लगाने का निर्देश दिया है. साथ ही पुलिस और प्रशासन से ऐसी घटनाओं पर कड़ा एक्शन लेने के लिए कहा गया है. जबकि अन्य राज्यों में भी ऐसी घटनाओं पर एक्शन की मांग हो रही है.  बढ़ रहा है गैर-मुस्लिमों से दुश्मनी का भाव मुसलमान जहां हैं, वहां बस दो ही मानसिकता के साथ काम कर रहे हैं। पहली- गैर-मुस्लिमों को जैसे भी हो सके, प्रताड़ित करो, उनका धर्म भ्रष्ट करो और दूसरी- तरह-तरह के जिहाद से उनका धर्म परिवर्तन करवाओ। अब तो लगातार मिल रहे प्रमाणों से यह साबित सा हो गया है कि मुसलमान न हिंदुओं के साथ सामंजस्य चाहते हैं और ना हिंदुस्तान को अपना मानते हैं। लेकिन उनकी मांग यह है कि हिंदू समावेशी विचारों से तनिक भी नहीं भटकें, धर्मनिरपेक्षता का दामन न छोड़ें। फिर पारदर्शिता से परहेज क्यों? किसकी दुकान है, यह बताने में क्या हर्ज? क्यों बात-बात में इस्लाम को खतरे में देखने वाला मुसलमान अपने होटलों, ढाबों के नाम हिंदू देवी-देवताओं पर रखेगा? उत्तर प्रदेश और कांवड़ यात्रा के मार्ग ही नहीं, पूरे देश में अगर कोई कुछ छिपाकर कारोबार कर रहा है तो क्या वह गुनाह नहीं है? इतना दोहरपान लाते कहां से हैं, जनाब? मुसलमानों और कथित मुस्लिम हितैषी राजनीति के ठेकेदारों के दोहरेपेन की पराकाष्ठा देखें। जो आज हिंदुओं को कांवड़ यात्रा के अनुष्ठान में भी मुसलमानों के थूक, पेशाब वाली खाने-पीने की चीजें स्वीकार करने को कह रहे हैं, वही मुसलमानों की हलाल कॉस्मेटिक्स, हलाल दवाई और यहां तक कि हलाल होटल, हलाल यात्रा तक की तरफदारी करते हैं।  मुख्तार अब्बास नकवी, जावेद अख्तर, असदुद्दीन ओवैसी, एसटी हसन समेत उन तमाम मुसलमानों की गैरत कैसे मर गई जब मुसलमानों ने हलाल इकॉनमी खड़ी कर ली? इनमें से किसकी हिम्मत है जो मुसलमानों से पूछ ले कि आखिर चौबीसों घंटे, हर जगह, हर चीज में हलाल, हलाल की रट लगाने की क्या जरूरत है?  बल्कि उलटा ये हलाल के लिए मुसलमानों को उकसाएंगे, उनका साथ देंगे, हजार तरह के तर्क देंगे। लेकिन हिंदुओं को समावेशी होना चाहिए। हिंदुओं को तो मंदिरों में भी गंगाजल नहीं मुसलमानों का पेशाब पीकर जाना चाहिए। क्या ये यही चाहते हैं? इनमें है कोई माई का लाल जो दावा करे कि मुसलमान खाने-पीने के सामानों में थूक नहीं रहे, पेशाब नहीं कर रहे, उसे हर तरह से अपवित्र और गंदा नहीं कर रहे? है इनमें हिम्मत कि सोशल मीडिया और मुख्य धारा के मीडिया में आ रही थूक, पेशाब वाली खबरों और प्रमाण के रूप में पेश किए जा रहे वीडियोज को नकार दें? recent visitors 93