राष्ट्रपति मुर्मु अपने हाथों से मिथुन चक्रवर्ती को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया

नई दिल्ली भारत का प्रतिष्ठित और सबसे सम्मानित 70वां नेशनल अवॉर्ड्स आज दिल्ली के विज्ञान भवन में हुआ. इस सेरेमनी में फिल्म जगत की बेहतरीन फिल्मों, उनकी कास्ट और क्रू को उनके मेहनत के लिए सम्मान दिया गया. अवॉर्ड की अनाउंसमेंट अगस्त में ही कर दी गई थी. अवॉर्ड फंक्शन के लिए नीना गुप्ता, ऋषभ शेट्टी, सूरज बड़जात्या और नित्या मेनन समेत कई सितारे इसके लिए दिल्ली पहुंचे, जिन्हें अवॉर्ड दिया गया. देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु खुद अपने हाथों से ये सम्मान सभी सितारों को सौंपा.  नेशनल अवॉर्ड किसी भी फिल्म पर्सनैलिटी के लिए सबसे बड़ी अचीवमेंट माना जाता है. इस बार ये अवॉर्ड उन फिल्मों के लिए दिए गए हैं जिन्हें फिल्म सेंसर बोर्ड ने 1 जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2022 के बीच सेंसर सर्टिफिकेट दिया था.  मिथुन का सराहनीय योगदान इस बार समारोह में बॉलीवुड एक्टर मिथुन चक्रवर्ती को भी दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया. हाल ही में इसका ऐलान किया गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद सिनेमा में एक्टर के योगदान की तारीफ की थी. उनकी जर्नी काफी इंस्पिरेशनल रही है. अवॉर्ड मिलने के बाद मिथुन ने अपनी जर्नी के बारे में भी बताया. वो बोले, ''नेशनल अवॉर्ड मिला तो खुद को अल-पचीनो समझने लगा था, फिर मुझे एक लात पड़ी, तो अकल आई. मेरे रंग की वजह से मुझे कुछ सुनने को मिला. कहा जाता था कि ये बॉलीवुड में ये काला रंग नहीं चलेगा. मैं सोचता था कि करूं क्या, मैं भगवान से कहता था कि हे भगवान इस रंग का क्या करूं, ये तो चेंज नहीं कर सकता. तो मैंने सोचा मैं पैरों से डांस करूंगा, मैं ऐसा डांस किया पैरों से, इतना थिरका कि लोगों का ध्यान मेरे पैरों पर गया ही नहीं. उस दिन के बाद से मैं बन गया सेक्सी, डस्की, बंगाली बाबू.  मैं भगवान से बहुत शिकायत करता था. लेकिन आज ये अवॉर्ड मिलने के बाद मैंने ये शिकायत करना छोड़ दिया. मैंने सिर्फ शुक्रियाअदा किया. मैं नए लोगों से कहूंगा कि हिम्मत नहीं हारना, सपना देखना कभी बंद नहीं करना. खुद सो जाना लेकिन सपनों को कभी सोने नहीं देना. मैं कुछ बन सकता हूं तो तुम भी बन सकते हो.'' बता दें, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ऐलान कर लिखा था- कोलकाता की सड़कों से सिनेमा की दुनिया में ऊंचाई छूने तक. मिथुन दा की जर्नी ने हर जनरेशन को इंस्पायर किया है. मैं ये ऐलान करते हुए सम्मानित महसूस कर रहा हूं कि दादा साहेब फाल्के सेलेक्शन जूरी ने मिथुन चक्रवर्ती को इंडियन सिनेमा में उनके अहम योगदान के लिए सम्मानित करने का फैसला किया है.   मिथुन 74 साल से सिनेमा में एक्टिव हैं, उन्हें साल 1977 में अपनी पहली ही फिल्म मृग्या के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड मिला था. मिथुन अब तक लगभग 350 से भी ज्यादा फिल्में कर चुके हैं. इनमें हिंदी से लेकर बंगाली, भोजपुरी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और पंजाबी फिल्में भी शामिल हैं.  नीना को तीसरी बार मिला सम्मान नीना गुप्ता को फिल्म 'ऊंचाई' के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला है. आजतक से बातचीत में वो कहती हैं- मैं बहुत शॉक्ड हूं. ये मेरे लिए बड़ा सरप्राइजिंग है. नेशनल अवॉर्ड बड़ी बात है. अभी मुझे किसी ने बताया. 2022 में आई फिल्म 'ऊंचाई' को सूरज बड़जात्या ने डायरेक्ट किया था. एक्ट्रेस को इससे पहले 1993 में आई फिल्म 'बाजार सीताराम' के लिए बेस्ट फर्स्ट नॉन फीचर फिल्म डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला था. फिर 1994 में फिल्म 'वो छोकरी' के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला. मूवी में उन्होंने एक युवा विधवा का रोल प्ले किया था.   वहीं 'कांतारा' के लिए ऋषभ शेट्टी को बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला. साथ ही नित्या मेनन और मानषी पारेख ने बेस्ट एक्ट्रेस का सम्मान अपने नाम किया. चौथी बार सम्मानित हुए मनोज मनोज बाजपेयी को 'गुलमोहर' के लिए स्पेशल मेंशन अवॉर्ड दिया गया. ये चौथी बार है जब मनोज को नेशनल अवॉर्ड मिला. इस पर उन्होंने कहा, 'देखिए मुझे जब 3 बार मिले तो भी रिएक्शन ऐसा ही था. चौथी बार भी मुझे ऐसा ही महसूस हो रहा है. मैं हमेशा कहता हूं कि जब मैं अपने जीवन में रंगमंच कर रहा था तो कहता था कि एक बार ये मिल जाए तो जीवन धन्य हो जाएगा. आज ऊपर वाले की कृपा से चौथी बार मुझे 'गुलमोहर' के लिए मिला है. मैं अपने आप इस समय बहुत ही भाग्यशाली कलाकार मानता हूं, जिसे चौथी बार नेशनल अवॉर्ड मिला है. मुझे लिए खुशी की बात यह है कि चौथी बार मिल रहे नेशनल अवॉर्ड में मेरी पत्नी वहां मौजूद है. पिछले 3 बार में वो नहीं थी लेकिन चौथी बार में वो आई हैं तो आप समझ सकते हैं कि ये हमारे लिए कितना महत्पूर्ण है.' किसे मिला कौन-सा अवॉर्ड वहीं बात करें बाकी कैटेगरीज की तो, अवॉर्ड पाने वालों में बॉलीवुड और साउथ से लेकर हर भाषा की फिल्में और एक्टर्स शामिल हैं. यहां देखें लिस्ट… बेस्ट फीचर फिल्म: आट्टम (मलयालम) बेस्ट डेब्यू फिल्म बाय डायरेक्टर: प्रमोद कुमार (फौजा, हरियाणवी फिल्म) बेस्ट पॉपुलर फिल्म- कांतारा बेस्ट फीचर फिल्म (राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरण मूल्यों को प्रमोट करने वाली): कच्छ एक्सप्रेस बेस्ट फिल्म (AVGC- एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स गेमिंग और कॉमिक):  ब्रह्मास्त्र बेस्ट डायरेक्शन: सूरज बड़जात्या (ऊंचाई) बेस्ट एक्टर (लीड रोल): ऋषभ शेट्टी (कांतारा) बेस्ट एक्ट्रेस (लीड रोल): नित्या मेनन (तिरुचित्राम्बलम);  बेस्ट एक्टर (सपोर्टिंग रोल): पवन राज मल्होत्रा (फौजा, हरियाणवी फिल्म) बेस्ट एक्ट्रेस (सपोर्टिंग रोल): नीना गुप्ता (ऊंचाई) बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट: श्रीपत (मल्लिकापुरम, मलयालम फिल्म)  बेस्ट सिंगर (मेल): अरिजीत सिंह (ब्रह्मास्त्र) बेस्ट सिंगर (फीमेल): बॉम्बे जयश्री, साउदी वेलक्का सीसी. 225/2009 (मलयालम फिल्म) बेस्ट सिनेमेटोग्राफी: रवि वर्मन (पोन्नियन सेल्वन पार्ट 1) बेस्ट स्क्रीनप्ले (ऑरिजिनल): आनंद एकार्शी, आट्टम (मलयालम) बेस्ट स्क्रीनप्ले (डायलॉग): अर्पिता मुखर्जी और राहुल वी चितेला (गुलमोहर) बेस्ट साउंड डिजाईन: आनंद कृष्णमूर्ति (पोन्नियन सेल्वन पार्ट 1) बेस्ट एडिटिंग: महेश भुवानंद, आट्टम (मलयालम) बेस्ट प्रोडक्शन डिजाईन: अपराजितो (बंगाली फिल्म) बेस्ट कॉस्टयूम डिजाईन: निक्की जोशी, कच्छ एक्सप्रेस (गुजराती फिल्म) बेस्ट मेकअप: सोमनाथ कुंडू, अपराजितो (बंगाली फिल्म) बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन (गीत): प्रीतम (ब्रह्मास्त्र) बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन (बैकग्राउंड स्कोर): ए. आर. रहमान (पोन्नियन सेल्वन पार्ट 1) बेस्ट लिरिक्स: नौशाद सदर खान (फौजा, हरियाणवी फिल्म) बेस्ट कोरियोग्राफी: जानी मास्टर … Read more

सरकार के कल्याणकारी काम का असर हरियाणा में साफ दिखाई दे रहा, कांग्रेस हवा में उड़ रही थी, लेकिन लोगों के चेहरे बोल रहे थे : शिवराज सिंह चौहान

भोपाल हरियाणा में वोटों की गिनती जारी है। इस बीच रुझानों में भारतीय जनता पार्टी बहुमत के आंकड़े को पार करती दिख रही है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे आशा के अनुरूप बताया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि तीन-चार दिन पहले हरियाणा से चुनाव प्रचार करके लौटा था, उसी समय कह दिया था कि भारतीय जनता पार्टी की शानदार जीत होगी। यह सिर्फ ऐसे ही नहीं बोला था, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए काम हो रहा है, इसका असर हरियाणा में साफ दिखाई दे रहा था, कांग्रेस हवा में उड़ रही थी, लेकिन लोगों के चेहरे बोल रहे थे। भाजपा ने अपने कार्यों के आधार पर जनता से वोट मांगा था। आज जो परिणाम आ रहे हैं, उसमें कांग्रेस कई सीटों पर तीसरे स्थान पर चली गई है। वहीं, भाजपा शानदार जीत की ओर अग्रसर है। उन्होंने आगे कहा कि परिणामों ने यह साबित कर दिया है कि जनता ठोस काम को आशीर्वाद देती है। पीएम मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिए जो अद्भुत कार्य हुए, कांग्रेस ने उसको कभी नहीं किया। हरियाणा में पीएम मोदी के केंद्र की और सीएम सैनी के राज्य की जो कल्याणकारी योजनाएं थी, उससे साफ नजर आ रहा था कि भाजपा की सरकार बनेगी। कांग्रेस पार्टी अपने तोड़ने के इरादे और मंसूबे में बिल्कुल सफल नहीं होगी। देश और हरियाणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के पीछे खड़ी है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में किसानों के हित में ठोस काम हो रहा है, यह हवाबाजी, जुमले या सिर्फ घोषणाएं नहीं है। हर बैठक में किसानों के कल्याण के लिए काम हो रहा है, किसान और जनता इसको समझते हैं। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि राहुल जी खेतो में अपनी टीम के साथ जाकर फोटो खिंचवाते हैं, पूछते हैं कि कहां खड़ा होना है? वह जलेबी खाते हैं, लेकिन जनता यह देख रही है कि कौन काम कर रहा है और कौन नाटक? जम्मू-कश्मीर में वोट काउंटिंग को लेकर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पार्टी जिस दिशा में सोच रही थी, उसी दिशा में परिणाम आ रहे हैं, खासकर जम्मू रीजन में।     recent visitors 71

Jammu Kashmir में एनसी को पूर्ण बहुमत, BJP की सीटों ने सबको चौंकाया

नई दिल्ली  हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए हो रही मतगणना के अब तक के रुझानों में भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। दोपहर 2 बजे तक के ताजा रुझानों के मुताबिक, राज्य की 90 में से 50 सीटों पर भाजपा आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस 35 सीटों पर और निर्दलीय तीन सीटों पर आगे चल रहे हैं। ये चुनावी रुझान एग्जिट पोल के तमाम अनुमानों से ठीक उलट हैं। ऐसे में फिर से इस बात की चर्चा होने लगी है कि क्या भाजपा ने अपनी पुरानी ट्रिक आजमा कर हरियाणा में चुनावी बाजी पलट दी और हरियाणा में चुनावी इतिहास रचते हुए जीत की हैट्रिक लगाई है। इससे पहले राज्य में अब तक किसी भी राजनीतिक दल ने लगातार तीन बार चुनावों में जीत दर्ज नहीं की थी। हरियाणा में बीजेपी को बड़ा बहुमत मिल गया है। अब तक के चुनाव परिणामों के मुताबिक बीजेपी 49 सीटों पर जीत हासिल कर रही है। वहीं कांग्रेस 26, आईएनएलडी 2 और अन्य 3 सीटों पर जीत रहे हैं। हरियाणा के चुनाव परिणाम एग्जिट पोल को फेल कर दिया है। ज्यादातर एग्जिट पोल में हरियाणा में कांग्रेस की जीत की भविष्यवाणी की गई थी। हालांकि बीजेपी ने बड़ी जीत दर्ज कर ली है। कैथल से रणदीप सिंह सुरजेवाला के बेटे आदित्य सुरजेवाला ने जीत दर्ज की है। लाडवा सीट से मुख्यमंत्री नायब सैनी जीत गए हैं। हरियाणा के मंत्री अनिल विज शुरुआती रुझानों में पीछे चल रहे थे। हालांकि उन्होंने भी अपने प्रतिद्वंद्वी को शिकस्त दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम नई दिल्ली में बीजेपी हेडक्वार्टर में कार्यकर्ताओं क संबोधित करेंगे। बीजेपी ने जश्न के लिए 100 किलो जलेबी का ऑर्डर दे दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी कार्यकर्ताओं को दिया है। जम्मू-कश्मीर के चुनाव परिणाम का हर अपडेट लोकसभा चुनावों के बाद हरियाणा में विधानसभा चुनाव भाजपा और कांग्रेस के बीच पहला बड़ा सीधा मुकाबला था। इस चुनाव के परिणाम का इस्तेमाल विजेता द्वारा अन्य राज्यों में अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए किया जाएगा, जहां अगले कुछ महीनों में चुनाव होने हैं। हरियाणा की 90 सीट पर 464 निर्दलीय और 101 महिलाओं सहित कुल 1,031 उम्मीदवार मैदान में थे। इन सीटों पर पांच अक्टूबर को एक ही चरण में मतदान हुआ था। कई एग्जिट पोल ने हरियाणा में कांग्रेस की जीत का अनुमान जताया था। इस बार हरियाणा में 67.90 फीसदी मतदान हुआ था। नेशनल कॉन्फ्रेंस बनी सबसे बड़ी पार्टी जम्मू-कश्मीर विधानसभा की सभी 90 सीटों पर चुनाव परिणाम परिणाम घोषित कर दिए गए हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस को 42, बीजेपी को 29, कांग्रेस को 6, पीडीपी 3, पीपुल्स कॉन्फ्रेंस 1, आप 1, सीपीआई-एम 1 और निर्दलीय 7 शामिल हैं. 'दो राज्यों को कर दिया कांग्रेस मुक्त', जी किशन रेड्डी केंद्रीय मंत्री और  जम्मू-कश्मीर बीजेपी विधानसभा चुनाव प्रभारी जी. किशन रेड्डी ने चुनाव परिणाम के रुझानो पर कहा, "NC ने लोगों को धर्म के नाम पर बांटने का प्रयास किया. उन्होंने बहुत कुछ कहा, लेकिन इतना करने के बाद भी जम्मू और कश्मीर में हमें अच्छी सीटें मिली हैं. राहुल गांधी बार-बार कहते रहे कि पीएम मोदी पर जनता का विश्वास कम हो गया है, लेकिन ऐसा नहीं है. हरियाणा को हमने कांग्रेस मुक्त कर दिया है और जम्मू-कश्मीर भी कांग्रेस मुक्त हो गया है." क्या है भाजपा की वह ट्रिक दरअसल, भाजपा किसी भी राज्य में अपनी सरकार के लंबे कार्यकाल के खिलाफ उपजे जनाक्रोश या गुस्से को दबाने और एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर को कम करने के लिए चुनावों से कुछ महीने पहले मुख्यमंत्री को बदलती रही है। भाजपा ने इसका सफल प्रयोग गुजरात में किया था। उसके बाद उत्तराखंड में भी भाजपा इसे आजमा चुकी थी। उसी ट्रिक को भाजपा ने चुनावों से कुछ महीने पहले हरियाणा में भी आजमाया और तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को हटाकर और उनकी जगह नायब सिंह सैनी की ताजपोशी करवा दी। भाजपा ने इसी के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को भी बदल दिया। खट्टर ने 26 अक्तूबर 2014 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। वह इस पद पर 12 मार्च 2024 तक रहे। फिर उनकी जगह उनके ही करीबी और प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे नायब सिंह सैनी को मुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद भाजपा खट्टर को केंद्र की राजनीति में ले आई। इससे हरियाणा में खट्टर सरकार के प्रति जो नाराजगी और एंटी एनकम्बेंसी थी, वह कम हो गई। चूंकि नायब सिंह सैनी अभी नए-नए मुख्यमंत्री हैं और उनका कार्यकाल बहुत छोटा रहा और इस बीच उन्होंने कई जन कल्याणकारी योजनाओं का ऐलान किया। इसलिए आम जनों को भाजपा ये संदेश देने में कामयाब रही कि सैनी को एक और मौका देना चाहिए, ताकि वह पूर्ण कार्याकल के लिए काम कर सकें। पीएम मोदी ने भी कम रैलियों को किया संबोधित खट्टर गैर जाट नेता थे और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की पसंद थे। चूंकि भाजपा लोकसभा चुनावों में यह देख चुकी है कि केंद्रीय नेतृत्व के प्रति जनाक्रोश है, इसलिए प्रदेश स्तर के नेताओं को चुनाव प्रचार में खुली छूट दी और संभवत: यही वजह रही कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ चार चुनावी रैलियां हरियाणा में कीं, जबकि इससे पहले 2014 और 2019 में उन्होंने धुआंधार चुनाव प्रचार किया था। ऐसा कर प्रधानमंत्री ने जवानों, पहलवानों और अग्विनीरों के तथाकथित आक्रोश को भी कम करने की सोची समझी रणनीति पर काम की और चुनावों के दौरान केंद्र सरकार की कई संस्थाओं ने भर्तियों में अग्निवीरों के लिए कोटे का ऐलान किया। रही-सही कसर भाजपा ने चुनावी घोषणा पत्र के जरिए पूरी कर दी, जिसमें महिलाओं को कांग्रेस से भी ज्यादा नकद देने का वादा किया गया है। भाजपा ने और कहां अपनाई CM बदलो ट्रिक भाजपा ने गुजरात में 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले विजय रुपाणी की जगह भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री बना दिया था। इससे नरेंद्र मोदी के बाद की सरकार के खिलाफ उपजा एंटी इनकम्बेंसी फैक्टर कम हो गया था और 2022 के दिसंबर में गुजरात चुनावों में भाजपा फिर से जीतने में कामयाब रही थी। गुजरात में यह भाजपा की डबल हैट्रिक थी। इसी तरह उत्तराखंड में भी 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा ने वहां के … Read more

रोहित शर्मा खेलेंगे 2027 का वनडे विश्व कप, टेस्ट क्रिकेट से लेंगे संन्यास : दिनेश लाड

नई दिल्ली  रोहित शर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप जीतने के ठीक बाद क्रिकेट के इस सबसे छोटे फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था. उनकी उम्र 37 साल हो चली है. ऐसे में उनका करियर कितना लंबा चलेगा, इस पर क्रिकेट फैंस में बहस होती रहती है. रोहित शर्मा के बचपन के कोच ने इस बहस को और दिलचस्प बना दिया है. दिनेश लाड का कहना है कि रोहित भले ही टेस्ट क्रिकेट से जल्दी संन्यास ले लें लेकिन वे 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में जरूर खेलेंगे. रोहित शर्मा के बचपन के कोच दिनेश लाड इन दिनों दिल्ली दौरे पर हैं. वे मुंबई अंडर-19 टीम के कोच हैं. ‘दैनिक जागरण’ से बातचीत में दिनेश लाड ने रोहित पर खुलकर बात की. अखबार ने सवाल किया कि क्या रोहित शर्मा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 के बाद वनडे और टेस्ट फॉर्मेट से संन्यास ले लेंगे. इस पर दिनेश लाड ने कहा, ‘नहीं, यह कहना मुश्किल है. शायद ले भी लें. जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ रही है, उसे देखते हुए वह टेस्ट से संन्यास ले भी सकते हैं. लेकिन मैं यह 100 फीसदी वादा करता हूं कि रोहित शर्मा 2027 का वनडे विश्व कप खेलेंगे.’ दिनेश लाड ने शायद इसलिए भी रोहित शर्मा के वनडे विश्व कप 2027 में खेलने की बात कही है, क्योंकि रोहित शर्मा अपने करियर में एक वनडे विश्व कप जीतना चाहते थे। 2011 के वनडे विश्व कप के लिए वे टीम में नहीं चुने गए थे, जिसे भारत ने जीता था। इसके बाद 2015 में वे टीम को विश्व कप नहीं जिता पाए, जबकि 2019 के वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने के बावजूद उनकी टीम सेमीफाइनल में हार गई थी। वहीं, 2023 के वनडे विश्व कप का फाइनल भारत ने गंवा दिया था। भारत ने 10 मुकाबले सेमीफाइनल तक जीते थे और फाइनल में टीम हार गई थी। ऐसे में हो सकता है कि रोहित शर्मा खुद को आखिरी मौका दें। रोहित शर्मा के हाल के कुछ वीडियो ऐसे आए हैं, जिसमें वे खिलाड़ियों पर डांटते नजर आए. वे शुरू से ऐसे हैं या कप्तान बनने पर कुछ फर्क आया है. इस सवाल पर दिनेश लाड ने कहा, ‘रोहित शुरू से ही ऐसा रहा है. जितना वो खिलाड़ियों को मैदान पर डांटता है, बाहर उतना ही प्यार से बात करता है.’ बता दें कि भारतीय टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC 2025) के पॉइंट टेबल में पहले नंबर पर चल रही है. पूरी संभावना है कि भारतीय टीम फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लेगी. डब्ल्यूटीसी फाइनल अगले साल जून में खेला जाना है. तब तक रोहित शर्मा की उम्र 38 साल हो चुकी होगी. recent visitors 153

हरियाणा चुनाव पर सीएम डॉ. यादव और बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा ने दी प्रतिक्रिया

भोपाल  हरियाणा चुनाव में बीजेपी की जीत को लेकर मध्यप्रदेश के नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा असल में ये चुनाव कांग्रेस का नहीं था बल्कि राहुल गांधी के फेल होने का था। हमें उम्मीद थी की निश्चित रूप से भाजपा की सरकार ने जो 10 सालों में काम किया है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यपद्धति का असर पड़ा है और यही कारण है कि हरियाणा में तीसरी बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को मैं बधाई देता हूं। मैंने खुद भी वहां का दौरा किया था। भाजपा ने विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाया है। हम सब मिलकर विकास की बात करते हैं। जनता भी विकास की बात को ही पसंद करती है और इसलिए आज भाजपा का कमल फिर खिलने जा रहा है। मध्यप्रदेश के बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि- हरियाणा में ऐतिहासिक बहुमत मिला। जम्म कश्मीर में भी पार्टी मजबूत हुई है। पीएम मोदी के नेतृत्व को अमित शाह, जेपी नड्डा की रणनीति और कार्यकर्ताओं की मेहनत से हरियाणा की जनता ने राहुल गांधी की जलेबी बना दी है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश के आरोप पर बोले- 9 बजे क्या बोल रहे थे। अब हार, नाकामी, अपने नेता की नाकामी का ठीकरा फोड़ रहे हैं। परिवार वाद, जातिवाद, गुंडिज्म को आइना दिखाया है। किसान, गरीबों ने आशीर्वाद दिया है। हरियाणा चुनाव में जीत पर बीजेपी जश्न मना रही है। लोगों को जलेबी खिलाई गईं। recent visitors 47

हरियाणा विधानसभा चुनाव में AAP पार्टी सिर्फ डेढ़ प्रतिशत वोट शेयर हासिल करती दिख रही

नई दिल्ली  वजूद में आने के एक दशक के भीतर ही राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा। नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का चरम पर उत्साह। इसी बीच पार्टी मुखिया के गृह राज्य में चुनाव। चुनाव से ठीक पहले पार्टी सुप्रीमो का जेल से बाहर आना। लोकलुभावन वादों की झड़ी। उम्मीदों का पंख लगना, लेकिन नतीजे आए बिल्कुल उलट। अबतक तो आप समझ ही गए होंगे कि यहां बात हो रही है हरियाणा विधानसभा चुनाव और आम आदमी पार्टी की। दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस में जेल में बंद अरविंद केजरीवाल अपने गृह राज्य हरियाणा में वोटिंग से कुछ दिन पहले ही जेल से बाहर आए तो पार्टी को उम्मीदें थीं कि इस बार न सिर्फ खाता खोलेगी बल्कि किंगमेकर बनेगी। लेकिन ऐसा हो न सका। पार्टी 2 प्रतिशत वोट शेयर के आंकड़े तक को नहीं छूती दिख रही। आम आदमी पार्टी हरियाणा को एक ऐसे राज्य के तौर पर देखती आई है जहां उसके लिए मौका हो सकता है। एक तो ये दिल्ली और पंजाब से सटा हुआ है जहां आम आदमी पार्टी की सरकारें हैं, और दूसरा ये कि हरियाणा आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल का गृह राज्य है। AAP इसी आत्मविश्वास के साथ कांग्रेस के साथ चुनाव पूर्व समझौते की कोशिश की लेकिन सीट शेयरिंग पर बात फंस गई। आम आदमी पार्टी ने भी ज्यादा इंतजार नहीं किया और अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करना शुरू कर दिया। हरियाणा की 90 में से 89 सीटों पर चुनाव लड़ी लेकिन इस बार भी खाता नहीं खोल पाई। पार्टी के लिए संतोष की बात सिर्फ ये हो सकती है कि हरियाणा में पिछली बार आम आदमी पार्टी NOTA तक से कम वोट हासिल कर पाई थी लेकिन इस बार NOTA से ज्यादा वोट मिलते दिख रहे हैं। हरियाणा में आम आदमी पार्टी का वोट शेयर डेढ़ प्रतिशत के आस-पास दिख रहा है। चुनाव के दौरान अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया जैसे आम आदमी पार्टी के दिग्गजों ने हरियाणा में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। धुआंधार रोड शो और चुनावी रैलियां हुईं लेकिन पार्टी खाता तक खोलने में नाकाम दिख रही है। वैसे तो काउंटिंग अभी चल ही रही है लेकिन गिनती पूरी होने के बाद सभी सीटों पर आम आदमी पार्टी की अगर जमानत जब्त होती है तो इसमें ताज्जुब जैसी कोई बात नहीं होगी। इस पर 89 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली आम आदमी पार्टी ने 2019 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में 46 सीटों पर ताल ठोकी थी। तब भी पार्टी खाता खोलने में नाकाम रही थी, अब भी खाता खोलती नहीं दिख रही। recent visitors 85

माओवादियों से लोहा लेने पर बढ़ाया हौसला, छत्तीसगढ़-दंतेवाड़ा में जांबाज जवानों से रूबरू हुए उपमुख्यमंत्री

दंतेवाड़ा. उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि एवं आदि विकास मंत्री रामविचार नेताम एवं वनमंत्री केदार कश्यप आज दंतेवाड़ा पहुंचे। दंतेवाड़ा के कारली स्थित रक्षित केन्द्र के कॉन्फ्रेंस हॉल में उप मुख्यमंत्री शर्मा एवं मंत्रीद्वय ने सुरक्षा बलों के जांबाज जवानों से मुलाकात की और उनके साहसिक और सफल ऑपरेशन की सराहना कर उनका हौसला बढ़ाया। गौरतलब है कि बीते 04 अक्टूबर को दंतेवाड़ा एवं नारायणपुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र नेन्दूर व थुलथुली में माओवादियों के विरूद्व सुरक्षा बलों के जवानों ने माओवादियों से हुई मुठभेड़ में अपने अदम्य साहस से 31 माओवादियों को मार गिराया था। इस मुठभेड़ में पुलिस बलों द्वारा डीकेएसजेडसी, डीवीसी, पीएलजीए कंपनी नंबर 6 के कई कैडर सहित  18 पुरुष एवं 13 महिला कुल 31 सशस्त्र वर्दीधारी माओवादी को ढेर कर दिया था। इस मुठभेड़ में बड़ी संख्या में नक्सलियों के घायल होने की सूचना है। मारे गए माओवादियों में 25 लाख का इनामी डीकेएसजेडसी एवं पूर्वी बस्तर इंचार्ज नीति उर्फ उर्मिला भी शामिल थी। मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में से अब तक हुई 15 शिनाख्तगी में डीकेएसजेडसी के अलावा दो कैडर 8 लाख इनामी डीबीसीएम एवं 9 कैडर पीएलजीए कंपनी 6 माओवादियों भी शामिल है। इस घटना में 01 नग एलएमजी, 04 नग एके 47, 06 नग एसएलआर, 03 नग इन्सास, 2 नग थ्री नॉट थ्री सहित अन्य हथियार बरामद हुए। पुलिस बल के जवानों की टीम दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले के सीमावर्ती इलाके में पूर्वी बस्तर डिवीजन, पीएलजीए कंपनी 6, इंद्रावती एरिया कमेटी, प्लाटून 16 इत्यादि के शीर्ष नक्सलियों के आने की सूचना के आधार पर सर्चिग ऑपरेशन के लिए निकले थे। इस संयुक्त टीम में दंतेवाड़ा डीआरजी, नारायणपुर डीआरजी और एसटीएफ शामिल थे। भारी बरसात में उफनते नदी नालों और माड़ की पहाड़ियों को पार कर पुलिस जवानों की टीम नक्सलियों के जमा होने वाले इलाके में पहुंची, और यहां हुई जबरदस्त मुठभेड़ में 31 माओवादियों को मार गिराया। यह सुरक्षा बलों के लिए बहुत बड़ी सफलता है। इस बड़े ऑपरेशन में एक मात्र जवान घायल जवान के अलावा अन्य सभी जवान सुरक्षित रहे। इस अवसर पर पुलिस बल नेतृत्व कर रहे एडिशनल एसपी श्री स्मृतिक राजनाला पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी दी। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर सभी जवानों को बधाई देते हुए कहा कि मैं केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार की ओर सभी जवानों के लिए शुभकामना संदेश लेकर आया हूूॅ, आपके अदभूत पराक्रम और शौर्य से बस्तर में सुख-शांति फिर से लौटेगी। इस अभियान से आपने देश और दुनिया की सोच बदली है, और मॉ दंतेश्वरी की कृपा इस भीषण मुठभेड़ में किसी भी जवान को कोई हानि नहीं हुई। बस्तर शांति का टापू रहा है, परन्तु कुछ दिग्भ्रमित लोगों के कारण यह की शांति भंग हुई है। हमारे सुरक्षा बल और पुलिस के जवान ऐसे लोगों को नेस्तनाबूद करके ही रहेंगे। यह छत्तीसगढ़ सबसे बड़ा ऑपरेशन रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम मिले है। कृषि एवं आदिवासी विकास विभाग मंत्री रामविचार नेताम इस सफल ऑपरेशन को विजय दिवस की संज्ञा देते हुए कहा कि इस सफलता से पूरा देश गौरवान्वित है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि इस सफल ऑपरेशन की चर्चा छत्तीसगढ़ के प्रत्येक जिलों में है। इससे माओवाद मुक्त बस्तर अभियान को एक नयी गति मिली है। इसके लिए सुरक्षा बलों सहित आईजी, डीआईजी तथा कलेक्टर, एसपी सभी बधाई के पात्र है। recent visitors 67