हरियाणा चुनाव के बीच BJP को बड़ा झटका, पूर्व सांसद अशोक तंवर की हुई घर वापसी

 महेंद्रगढ़ हरियाणा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ भाजपा का करारा झटका लगा है। वोटिंग से ठीक दो दिन पहले पूर्व सांसद और दलित नेता अशोक तंवर ने कांग्रेस में वापसी कर ली है। महेंद्रगढ़ की चुनावी रैली में राहुल गांधी की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी में वापसी की। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी मौजूद थे। बड़ी बात यह है कि अशोक तंवर घंटे भर पहले भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट मांग रहे थे लेकिन कुछ ही समय बाद उनका हृदय परिवर्तन हो गया। उनकी घर वापसी पर कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा, "कांग्रेस ने लगातार शोषितों, वंचितों के हक़ की आवाज़ उठाई है और संविधान की रक्षा के लिए पूरी ईमानदारी से लड़ाई लड़ी है। हमारे इस संघर्ष और समर्पण से प्रभावित होकर आज BJP के वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद, हरियाणा में BJP की कैंपेन कमेटी के सदस्य और स्टार प्रचारक श्री अशोक तंवर (@Tanwar_Indian) कांग्रेस में शामिल हो गए। दलितों के हक़ की लड़ाई को आपके आने से और मज़बूती मिलेगी। कांग्रेस परिवार में आपका पुनः स्वागत है, भविष्य के लिए शुभकामनाएं। बता दें कि अशोक तंवर हिसार से लोकसभा सांसद रह चुके हैं। वह हरियाणा कांग्रेस के भी अध्यक्ष रह चुके हैं। अक्तूबर 2019 में उन्होंने हुड्डा से कथित मनमुटाव की वजह से कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद वह आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए थे। जब आप और कांग्रेस के बीच गठबंधन की बातें होने लगी तब उन्होंने जनवरी 2024 में आप का भी साथ छोड़ दिया और भाजपा में शामिल हो गए थे। उन्हें खुद मनोहर लाल खट्टर ने पार्टी में शामिल करवाया था। हरियाणा चुनाव के लिए प्रचार थमने से कुछ घंटे पहले अशोक तंवर ने राहुल गांधी की जींद रैली में पहुंचकर कांग्रेस का हाथ थाम लिया. अशोक तंवर हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. कांग्रेस ने अशोक तंवर के राहुल गांधी के मंच पर पहुंचने, पार्टी में शामिल होने का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है. पार्टी के ऑफिशियल एक्स हैंडल से वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा गया है, "कांग्रेस ने लगातार शोषितों, वंचितों के हक की आवाज उठाई है और संविधान की रक्षा के लिए पूरी ईमानदारी से  लड़ाई लड़ी है. हमारे इस संघर्ष और समर्पण से प्रभावित होकर आज BJP के वरिष्ठ नेता, पूर्व सांसद, हरियाणा में BJP की कैंपेन कमेटी के सदस्य और स्टार प्रचारक अशोक तंवर कांग्रेस में शामिल हो गए. दलितों के हक की लड़ाई को आपके आने से और मजबूती मिलेगी. कांग्रेस परिवार में आपका पुनः स्वागत है, भविष्य के लिए शुभकामनाएं." recent visitors 98

भारत 2028 तक 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार -आस्क कैपिटल

नई दिल्ली सरकार की डिजिटल पहल के साथ, भारत के वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में पिछले कुछ वर्षों में एक बड़ा बदलाव आया है। आस्क कैपिटल की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि गहरी इंटरनेट पहुंच, कुशल और सस्ती 4 जी और 5 जी सेवाओं और डिजिटल क्षेत्र में सरकार की पहल से भारत 2028 तक 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनने के लिए तैयार है। भारत वास्तविक समय के भुगतान का एक वैश्विक उदाहरण बन गया है, जो UPI जैसे घरेलू तकनीकी नवाचारों से लाभान्वित हो रहा है। भारत का डिजिटल परिवर्तन आर्थिक विकास के लिए एक गेम चेंजर साबित होगा। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण के साथ-साथ स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग ने कैशलेस लेनदेन और ऑनलाइन खरीदारी को बढ़ावा दिया है। भारतीय अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंध अनुसंधान परिषद (ICRIER) के अनुसार, डिजिटल कौशल पर भारत का स्कोर डिजिटलीकरण के समग्र स्तर पर जापान, यूनाइटेड किंगडम और जर्मनी जैसे विकसित देशों से आगे निकल गया है। प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) जैसी सरकारी पहलों ने देश में सार्वभौमिक पहुंच और वित्तीय समावेशन को बढ़ाने में मदद की है। मोबाइल और ब्रॉडबैंड की बढ़ती पहुंच वित्तीय समावेशन को और गहरा करेगी और नई डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देगी। भारत में डिजिटल मनोरंजन, ऑनलाइन शिक्षा, टेली-मेडिसिन, डिजिटल स्वास्थ्य, डिजास्टर रिस्पॉन्स और जीवन रक्षक सेवाएं बेहतर मोबाइल व इंटरनेट सेवाओं का लाभ उठा रही हैं। किफायती डेटा, स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं की बढ़ती संख्या और ई-कॉमर्स में वृद्धि भारत के डिजिटल परिवर्तन को गति दे रही है। मार्च 2024 तक, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में लगभग 120 करोड़ दूरसंचार ग्राहक हैं। मार्च 2023 में इंटरनेट ग्राहकों की कुल संख्या 88.1 करोड़ से बढ़कर मार्च 2024 के अंत तक 95.4 करोड़ हो गई, जिनमें से लगभग आधे ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। पिछले एक साल में 7.3 करोड़ से अधिक इंटरनेट ग्राहक और 7.7 करोड़ से अधिक ब्रॉडबैंड ग्राहक जोड़े गए हैं। recent visitors 70

दमोह के सिंग्रामपुर में 5 अक्टूबर को होगी मंत्रि-परिषद की बैठक, क्षेत्र के समग्र विकास को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल, ग्रामीण अंचलो से लिए जायेंगे जनहितकारी निर्णय जिला प्रशासन द‌मोह ने सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक की तैयारियां पूर्ण दमोह के सिंग्रामपुर में 5 अक्टूबर को होगी मंत्रि-परिषद की बैठक, क्षेत्र के समग्र विकास को मिलेगी गति जिला प्रशासन ने कैबिनेट की तैयारियों को दिया अंतिम रूप भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के समग्र विकास के लिए राजधानी भोपाल से परे संभागीय और आंचलिक क्षेत्रों में इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के साथ कैबिनेट की बैठकें करने की पहल की है। मोहन सरकार की राजधानी के बाहर पहली कैबिनेट बैठक जनवरी 2024 को जबलपुर में हो चुकी है। इसी क्रम में अगली कैबिनेट दमोह जिले के सिंग्रामपुर में 5 अक्टूबर को होने जा रही है। जिला प्रशासन द‌मोह द्वारा सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक की तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती का योगदान ऐतिहासिक रहा है। द‌मोह जिले सिंग्रामपुर गाँव के नजदीक सिंगौरगढ़ का किला है। यह क्षेत्र रानी दुर्गावती की राजधानी के रूप में इतिहास में दर्ज है। वीरांगना दुर्गावती के 500वें जन्मशती वर्ष के अवसर पर उनके सम्मान में सिंग्रामपुर में कैबिनेट की बैठक करने का निर्णय लिया गया है। आगामी 5 अक्टू‌बर को राज्य मंत्री-मंडल के सभी सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी सिंग्रामपुर पहुंचेंगे, जहाँ प्रदेश के विकास लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिये जायेंगे। लाड़ली बहना सम्मेलन भी होगा ग्राम सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक साथ लाड़ली बहना सम्मेलन भी होगा। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की लाड़ली बहना योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की हितग्राही बहनों के खाते में राशि का अंतरण करेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा बहनों से संवाद भी किया जायेगा। सिंग्रामपुर क्षेत्र का करेंगे भ्रमण सिंग्रामपुर और उसके आस-पास स्थित ऐतिहासिक स्थलों का मंत्रि-परिषद के सदस्यों द्वारा भ्रमण भी किया जायेगा। इसमें रानी दुर्गावती के किले का अवलोकन, रानी मंदिर में पूजा-अर्चना और रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहित सभी मंत्रीगण यहाँ पौध-रोपण भी करेंगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव ने सबसे पहले यह निर्णय लिया था कि प्रदेश में नागरिको की समस्याओं के निराकरण, सुशासन, विकास कार्यों और जन-कल्याणकारी काही योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन की संभागवार समीक्षा बैठकें होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहली समीक्षा बैठक 17 सितम्बर 2023 को उज्जैन मुख्यालय पर ली। इसी क्रम में अन्य संभागों में भी समीक्षा बैठकें ली जाकर मैदानी स्तर पर प्रशासनिक और योजनाओं के क्रियान्वन की स्थिति को आंका गया। अन्य गतिविधियां दमोह दर्शन पुस्तक का विमोचन।     संकट के साथी एवं दमोह हेल्पलाईन मोबाईल एप की शुभारंभ।     विभिन्न विकास कार्यों के शिलान्यास एवं लोकार्पण।     दमोह जिले के विज़न डाक्यूमेंट का विमोचन।     दमोह जिले की उपलब्धियों के वीडियो का प्रदर्शन।     70 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों के आयुष्मान कार्ड योजना का शुभारंभ।     सिंगल क्लिक से लाड़ली बहनों के खातों में राशि का भुगतान।     विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण।     ग्राम हरदुआ जामशा, विकासखण्ड बटियागढ़ के उत्कृष्ट विद्यार्थियों का सम्मान।     बाढ़ के दौरान बचाव कार्य करने वाली टीम का सम्मान।     स्व-सहायता समूह की महिला सदस्यों से संवाद।   recent visitors 75

राज्य सरकार सिंग्रामपुर को पर्यटन के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर कैबिनेट में मोहर लग सकती है

भोपाल मप्र सरकार की डेस्टिनेशन कैबिनेट पॉलिटिक्स का अगला पड़ाव दमोह का सिंग्रामपुर बनने जा रहा है, जहां नवदुर्गा के तीसरे दिन 5 अक्टूबर को डॉ. मोहन सरकार की कैबिनेट बैठक होगी। इस दिन वीरांगना रानी दुर्गावती की 500वीं जयंती है। राज्य सरकार सिंग्रामपुर को पर्यटन के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में मोहर लग सकती है। यहां दुर्गावती के नाम पर संग्रहालय, ऑडिटोरियम, सीएम राइज स्कूल, आईटीआई की स्थापना और पेयजल और सिंचाई के लिए तालाब निर्माण के प्रस्तावों समेत बुंदेलखंड क्षेत्र की प्रस्तावित विकास परियोजनाओं को भी मंजूरी दी जा सकती है। इसके अलावा प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के साथ घट रही दुष्कर्म और अत्याचार की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार रानी दुर्गावती के नाम पर वुमन सेफ्टी से जुड़ा कोई बड़ा निर्णय ले सकती है। सिंग्रामपुर में हिल टॉप एक हेलीपैड का निर्माण किया गया है। रानी दुर्गावती के सम्मान में वुमन सेफ्टी से जुड़ा नया कदम उठा सकती है सरकार तीसरी डेस्टिनेशन कैबिनेट सिंग्रामपुर कैबिनेट मीटिंग मोहन सरकार की तीसरी डेस्टिनेशन केबिनेट होगी। इससे पहले उज्जैन और जबलपुर में भी राज्य सरकार की कैबिनेट बैठकें हो चुकी हैं। मोहन यादव अगली कैबिनेट बैठक लोकमाता अहिल्या देवी के 300वें जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में उनकी राजधानी रहे खरगोन के ऐतिहासिक शहर महेश्वर में करने की घोषणा कर चुके हैं। 31 मई 2025 को होल्कर रियासत की महान शासक अहिल्या देवी की 300वीं जयंती है। शिवराज , कमलनाथ भी कर कर चुके ऐसी कैबिनेट बैठकें कांग्रेस की 15 महीने की सरकार में तत्कालीन सीएम कमलनाथ भी उज्जैन और जबलपुर में कैबिनेट बैठकें कर चुके हैं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान भी अपने कार्यकाल में उज्जैन और पचमढ़ी में कैबिनेट बैठकें कर चुके हैं। मोहन सरकार की पिछली दो डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठकें उज्जैन कैबिनेट- सरकार बनने पर दिसंबर माह में मोहन सरकार की पहली केबिनेट बैठक उज्जैन में हुई थी। इस बैठक में सिंहस्थ की तैयारियों और उज्जैन शहर से जुड़ी विकास योजनाओं को प्रमुखता से मंजूरी दी गई थी। जबलपुर कैबिनेट: यह 3 जनवरी को हुई थी। तब यहां 800 करोड़ की लागत से प्रदेश के सबसे लंबे एलिवेटेड कॉरीडोर, 400 करोड़ से आईटी पार्क और 65 करोड़ की लागत के गारमेंट और फैशन डिजाइन क्लस्टर के विकास को मंजूरी दी गई थी। जबलपुर में नर्मदा के 17 घाटों को हरिद्वार की तरह विकसित करने और रानी दुर्गावती की जीवनी को मप्र के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का निर्णय लिया गया था। जबलपुर में 409.53 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण भी किया था। बरगी डेम के प्रभावित 10 ग्राम के 1414 परिवारों को भू-अभिलेख के पट्टे भी दिए थे।   recent visitors 77

इजराइल-ईरान संघर्ष से सहमा भारतीय शेयर बाजार, 1344.45 Point की गिरावट

मुंबई इजरायल और ईरान के बीच तनाव (Israel-Iran Conflict) से दुनिया टेंशन में है. इसका असर दुनियाभर के बाजारों पर दिखा है. भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) भी इससे अछूता नहीं रहा और गुरुवार को मार्केट ओपन होने के साथ ही धड़ाम हो गया. एक ओर जहां बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) 995.92 अंक या 1.18% की तगड़ी गिरावट के साथ 83,270.37 के स्तर पर ओपन हुआ, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी (Nifty) ने भी 269.80 अंक या 1.05% फिसलकर 25,527.10 के स्तर पर कारोबार शुरू किया. ये गिरावट और बढ़ती नजर आ रही है और दोपहर 12 बजे तक सेंसेक्स 1300 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया था.    सेंसेक्स 1300 अंक से ज्यादा फिसला इस सप्ताह मंगलवार को Iran ने Israel पर मिसाइल अटैक करके दोनों देशों में तनाव को जंग की आग में झोंकने का काम किया. इसके असर से कच्चे तेल के कीमतों (Crude Oil Price) में तेजी आई, तो ग्लोबल मार्केट टूट गए. बुधवार को गांधी जयंती की छुट्टी के बाद आज जब भारतीय शेयर बाजार खुला, तो यहां भी ईरान-इजराइल जंग का असर देखने को मिला. BSE Sensex अपने पिछले बंद 84,266 की तुलना में 995 अंक टूटकर 83,270 के लेवल पर ओपन हुआ, अगले ही पल 83,002 तक फिसल गया. इसके बाद कुछ रिकवरी जरूर देखने को मिली, लेकिन ये ज्यादा देर तक कायम नहीं रही. दोपहर के 12 बजते-बजते मार्केट पूरी तरह क्रैश नजर आया. Sensex खबर लिखे जाने तक 1344.45 अंक या 1.60 फीसदी की गिरावट के साथ 82,921.84 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था. यही नहीं कारोबार के दौरान ये 82,870.43 तक फिसला था. दूसरी ओर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए NSE Nifty ने भी अपने पिछले बंद 25,796.90 की तुलना में 270 अंक गिरकर 25,527 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की और दोपहर 12 बजे तक ये 400 अंक से ज्यादा गिरकर 25,382.85 के लेवल पर आ गया था. मार्केट ओपन होने के साथ जहां करीब 620 शेयरों में तेजी आई, तो वहीं 2024 कंपनियों के शेयरों ने गिरावट के साथ लाल निशान पर कारोबार शुरू किया. वहीं 149 शेयरों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला. शुरुआती बाजार में सबसे टाटा मोटर्स, एशियन पेंट्स, टाटा कंज्यूमर, हीरो मोटोकॉर्प और आईसीआईसीआई बैंक में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली. पहले ही मिलने लगे थे संकेत शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के संकेत पहले से ही मिलने लगे थे. अमेरिकी बाजार (US Market) में गिरावट के साथ ही गिफ्ट निफ्टी (Gifty Nifty) ने 200 अंकों का गोता लगा दिया था. वहीं प्रो-ओपन मार्केट में भी सेंसेक्स बुरी तरह से टूटा नजर आया था. प्री-मार्केट में Sensex 1200 अंक तक फिसल गया था और जब शेयर बाजार में कारोबार शुरू हुआ, तो सेंसेक्स-निफ्टी धराशायी हो गए. ईरान-इजराइल जंग ने बिगाड़ा बाजार का मूड Israel-Iran में बढ़े तनाव ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया है. अगर सबसे बड़े डर की बात करें, तो मंगलवार को ईरान ने करीब 180 मिसाइलों से इजरायल पर हमला किया था और इसके बाद Israel ने चेतावनी देते हुए बड़ा पलटवार करने का ऐलान किया था. अब शेयर बाजार को सबसे बड़ा डर ये सता रहा है, कि इजरायल क्या कदम उठाएगा. BSE के 30 में से 28 शेयर बिखरे शेयर बाजार में गुरुवार को आए भूचाल के बीच सबेस ज्यादा गिरावट वाले शेयरों की बात करें, तो लार्जकैप कंपनियों में शामिल BPCL Share 4.60% फिसलकर 351.30 रुपये पर आ गया, तो वहीं Eicher Motors Share 2.62% की गिरावट के साथ 4842.75 रुपये पर आ गया. Tata Motors Share 3.80% फिसलकर 928.70 रुपये पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं Asian Paints Share 3.66% टूटकर 3157 रुपये पर आ गया था. BSE की 30 में से 28 कंपनियों के शेयर लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे. इसमें L&T Share (3.41%), Reliance Share (2.55%), Bajaj Finance Share (2.51%), Axis Bank Share (2.45%), Adani Ports Share (2.30%) गिरकर कारोबार रहे थे. तो वहीं Kotak Bank (2.16%), Maruti Share (2.16%), ICICI Bank Share (1.90%) की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे.   मिडकैप कंपनियों की बात करें, तो Phonix Ltd Share 4.37% गिरकर 1675 रुपये पर, Hindustan Petrolium Share 3.49% फिसलकर 429.20 रुपये पर आ गया था. इसके अलावा Godrej India Share 3.54% की गिरावट के साथ 1149 रुपये पर कारोबार कर रहा था. स्मालकैप कंपनियों में शामिल KamoPaints Share 9.97% की गिरावट के साथ 30.24 रुपये पर, KIMS Share 6.09% टूटकर 522.55 रुपये पर और Raclgear Share 6.14% की गिरावट लेकर 969.90 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. recent visitors 82

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजपुर ग्राम नवापारा और वाड्रफनगर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के नवीन भवन का भूमिपूजन

मुख्यमंत्री साय ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 192.60 करोड़ रूपए की लागत के 108 कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कुसमी-सामरी मार्ग का 33.10 करोड़ रूपए की लागत से होगा उन्नयन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजपुर ग्राम नवापारा और वाड्रफनगर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के नवीन भवन का भूमिपूजन नवापारा में 33.95 करोड़ रूपए और वाड्रफनगर में 28.96 करोड़ रूपए की लागत से होगा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के नवीन भवन का निर्माण 16.41 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित होगी बांकी नदी व्यपवर्तन योजना पीवीटीजी की 9 बसाहटों में पीएम जनमन योजना में बनेंगे बहुउद्देशीय केन्द्र भवन बलरामपुर जिला चिकित्सालय में पीडियाट्रिक केयर यूनिट का लोकार्पण बलरामपुर (तामेश्वर नगर) हवाई पट्टी का 4.07 करोड़ रूपए की लागत से होगा उन्नयन रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर में आयोजित ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में 192 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत के 108 विकास कार्यों का भूमिपूजन, शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया। उन्होंने जिलेवासियों को विकास कार्याे के लिए शुभकामनाएं दी। विकास कार्याे में 97 लाख 57 हजार रुपए के 5 कार्यों का लोकार्पण तथा 191 करोड़ 63 लाख रुपए के 103 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। मुख्यमंत्री ने जिले से गुजरने वाली प्रमुख सड़कों के मजबूतीकरण, राजपुर के नवापारा और वाड्रफनगर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के नवीन भवन, स्कूल और छात्रावास के नवीन भवन के निर्माण कार्य, छात्रावास आश्रमों में अतिरिक्त कक्ष के निर्माण, जलाशयों के जीर्णोद्धार, आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण, बलरामपुर तामेश्वर नगर हवाई पट्टी के उन्नयन के कार्यों का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने जिन कार्यों का भूमिपूजन किया, उनमें 33.10 करोड़ रूपए की लागत से कुसमी-सामरी तक 16.60 किलोमीटर सड़क के उन्नयन एवं मजबूतीकरण का कार्य, 33.95 करोड़ रूपए की लागत से राजपुर ग्राम नवापारा में और 28.96 करोड़ रूपए की लागत से वाड्रफनगर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के नवीन भवन का निर्माण कार्य, 14.18 करोड़ रूपए की लागत से बसंतपुर रामनगर मार्ग में 14 किलोमीटर सड़क उन्नयन का कार्य, बलरामपुर-रामानुजंगज के लरंगसाय चौक से रिंगरोड एवं पावर हाऊस से जय स्तंभ चौक, 3.81 करोड़ रूपए की लागत से भारत माता चौक से रेस्ट हाऊस एवं जय स्तंभ तक 5.825 किलोमीटर मार्ग का मजबूतीकरण, 13.16 करोड़ रूपए की लागत से जिले में अम्बिकापुर धनवार-वाराणसी मार्ग पर 11.60 किलोमीटर सड़क का उन्नयन, 4.07 करोड़ रूपए की लागत से बलरामपुर (तामेश्वर नगर) हवाई पट्टी का उन्नयन एवं सुधार कार्य, 2.16 करोड़ रूपए की लागत से बलरामपुर-रामानुजगंज के महाराजगंज-पचावल 4 किलोमीटर मार्ग का मजबूतीकरण के कार्य प्रमुख हैं। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने 1.21 करोड़ रूपए की लागत से बरियों में हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन के निर्माण, 67-67 लाख रूपए की लागत से नीलकंठपुर और लुरगीखुर्द शासकीय माध्यमिक शाला भवन के निर्माण कार्य, 3 करोड़ रूपए की लागत से छात्रावास-आश्रमों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के 29 कार्य, 60-60 लाख रूपए की लागत से पीवीटीजी बसाहटों में पीएम जनमन योजना अंतर्गत 9 बहुउद्देशीय केन्द्र भवन के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। पीवीटीजी बसाहटों – शंकरगढ़ विकासखण्ड के आमाकोना ग्राम पोंड़ीखुर्द, कुसमी विकासखण्ड के ढोढ़ाचॉपी ग्राम पंचायत भुलसीखुर्द, महुआटोली ग्राम चरहु, खासपारा ग्राम पेंडारडीह, भुताही ग्राम पुन्दाग, रजुआढोढ़ी ग्राम पोंडीखुर्द, पतरापारा ग्राम भोंदना, जम्होर और शंकरगढ़ विकासखण्ड के दशनी कोरवापारा ग्राम खैरडीह में बनने वाले एक-एक बहुउद्देशीय केन्द्र भवन का भूमिपूजन किया। इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने 2.75 करोड़ रूपए की लागत से शंकरगढ़ के धारानगर हायर सेकेण्डरी स्कूल में बालक छात्रावास निर्माण, 1.86-1.86 करोड़ रूपए की लागत से सामरी और बरियों के हायर सेकेण्डरी स्कूल में बनने वाले 50-50 सीटर बालक छात्रावास निर्माण कार्य, 39.01 करोड़ रूपए की लागत से बदौली जलाशय, करवां जलाशय, मुरका जलाशय, जगिमा जलाशय, झिक्की व्यपवर्तन योजना, खर्रा जलाशय, श्रीकोट व्यपवर्तन योजना, कोरंधा जलाशय, उलियाबांध एवं नहर के जीर्णोद्धार तथा बांकी नदी व्यपवर्तन योजना के निर्माण का भूमिपूजन किया। बांकी नदी व्यपवर्तन योजना का निर्माण 16.41 करोड़ रूपए की लागत से किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सामरी रामानुजगंज और प्रतापपुर 4.79 करोड़ रूपए की लागत से 41 नवीन आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 5 कार्यों का लोकार्पण मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 97 लाख रूपए की लागत के 5 कार्यों का लोकार्पण किया। इन कार्यों में 24 लाख रूपए की लागत से कुसमी विकासखण्ड के हर्री में निर्मित नवीन उप स्वास्थ केन्द्र भवन, जिला चिकित्सालय बलरामपुर में 25 लाख रूपए की लागत से निर्मित पीडियाट्रिक केयर यूनिट, विकासखण्ड रामानुजगंज के ग्राम बुद्धुटोला में 23 लाख रूपए की लागत से निर्मित शहरी हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर भवन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शंकरगढ़ में 13 लाख रूपए की लागत से निर्मित 10 बिस्तरीय अतिरिक्त वार्ड और जिला चिकित्सालय बलरामपुर में 9 लाख रूपए की लागत से निर्मित मितानिन शेल्टर शामिल है। इस अवसर पर आदिमजाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद चिंतामणि महराज, विधायकगण राजेश अग्रवाल, प्रबोध मिंज, श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा, श्रीमती शकुन्तला पोर्ते भी उपस्थित थीं।   recent visitors 116

ईरान ने बरसाई मिसाइलें मारा सिर्फ एक ,वो भी फिलिस्तीनी, हमला रहा नाकाम

तेहरान इजरायल पर अचानक 180 से ज्यादा मिसाइलें दागकर ईरान ने पूरी दुनिया को चौंका दिया. ईरान के इस कदम से पूरा मिडिल ईस्ट जंग के मुहाने पर खड़ा हो गया है. चिंता की बात यह है कि इजरायल ने अब तक ईरान पर कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की है, जिससे इजरायल के मंसूबों का पता नहीं चल पा रहा है. इजरायल पर किये गये मिसाइल अटैक को ईरान भले ही दुनिया के सामने बड़े एक्शन के तौर पर पेश कर रहा है, लेकिन सच्चाई यह है कि ईरानी हमले से इजरायल को कुछ खास नुकसान नहीं पहुंचा है. इजरायल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ज्यादातर मिसाइलों को हवा में ही खत्म कर दिया. इन हमलों में सिर्फ एक शख्स की मौत हुई और वह भी इजरायली नहीं, बल्कि फिलिस्तीनी नागरिक था. जेरिको शहर में आकर लगी मिसाइल ईरानी मिसाइल से जिस शख्स की मौत हुई उसका नाम समेह अल-असाली था, जो पेशे से मजदूर असाली की मौत फिलिस्तीन के जेरिको शहर के पास पश्चिमी तट के नुइमा गांव में हुई. जिस समय (रात) उसे मिसाइल लगी, वह सड़क पर टहल रहा था. दरअसल, जेरिको, फिलिस्तीन के पश्चिमी तट पर स्थित एक शहर है. जेरिको जॉर्डन घाटी में बसा है, जिसके पूर्व में जॉर्डन नदी और पश्चिम में यरुशलम है. चार फिलिस्तीनी घायल भी हुए जेरिको के गवर्नर हुसैन हमायल ने एजेंसी को बताया कि रॉकेट के टुकड़ा सीधे फिलिस्तीनी मजदूर के ऊपर गिर गया, जिसमें गाजा पट्टी के जबालिया का रहने वाले समेह अल-असाली की मौत हो गई. रॉकेट के कुछ टुकड़े लगने से 4 फिलिस्तीनी घायल भी हो गए. जानकारी के मुताबिक तीन बच्चों का पिता अल-असली गाजा के उन हजारों मजदूरों में से एक था, जिनके पास इजरायली वर्क परमिट था. इजरायली राजदूत ने हमले पर क्या कहा? बता दें कि ईरान के हमले के बाद भारत में इजरायल के राजदूत रेवेन अजार इंडिया टुडे को एक इंटरव्यू दिया, जिसमें अजार ने कहा कि ईरान ने 181 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें प्रत्येक में 700 से 1,000 किलोग्राम तक विस्फोटक भरा हुआ था और उससे बड़ा नुकसान हो सकता था. हमले के बाद जो बाइडेन ने क्या कहा? ईरान के मिसाइल अटैक के बाद दोनों मुल्कों में तनाव कम करने के लिए G7 देश एक आपात बैठक कर चुके हैं. इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि वह इजरायल का साथ दे रहे हैं, लेकिन अगर इजरायल ईरान की न्यूक्लियर साइट्स पर हमला करता है तो अमेरिका इसमें उसका साथ नहीं देगा. कैसे फेल हुईं ईरान की मिसाइलें? इजरायल का दावा है कि ईरान की 181 मिसाइलों में से 90 फीसदी फेल हो गईं. इसकी वजह इजरायल के 3-3 सुरक्षा चक्र हैं, जो कि मिसाइल डिफेंस सिस्टम हैं. जिन्होंने एक बार फिर अपना लोहा साबित कर दिया है. पहला मिसाइल डिफेंस सिस्टम आयरन डोम है. जो 152 किलो मीटर के दायरे में और 12 किलो मीटर ऊंचाई के अंदर आने वाले रॉकेट को मार गिराता है. दूसरा मिसाइल डिफेंस सिस्टम डेविड्स स्लिंग है, जिसकी रेंज 301 किलो मीटर है. जो 49 किलो मीटर की ऊंचाई के अंदर आने वाले खतरे को तबाह करने की क्षमता रखता है. तीसरा मिसाइल डिफेंस सिस्टम द एरो सिस्टम है. जो पृथ्वी के वायुमंडल के बाहर ही मिसाइल को ध्वस्त कर देता है. इस तरह इजरायल के तीन-तीन सुरक्षा चक्र ने उसे एक बार फिर बचा लिया.   recent visitors 77