प्रदेश का पहला बायो CNG प्लांट ग्वालियर को मिलेगा, सफाईकर्मियों का हुआ सम्मान

ग्वालियर मध्यप्रदेश की पहली ऐसी वायो सीएनजी बनाने वाली यूनिट शुरू होने जा रही है जहां गाय के गोबर से बायो सीएनजी बनेगी।इससे तैयार गैस से ग्वालियर नगर निगम के वाहन तो चलेंगे ही बल्कि इसे आम लोगो को उपयोग के लिए देने की भी योजना है। ग्वालियर में स्थित प्रदेश की सबसे बड़ी लाल टिपारा गौशाला में तैयार किये गए। 2 सितंबर मंगलवार को इस बायोसीएनजी प्लांट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल किया। इस दौरान कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सहित तमाम मंत्रीगण और अधिकारी मौजूद रहे। ग्वालियर में नगर निगम द्वारा संचालित प्रदेश की सबसे बड़ी गौशाला लाल टिपारा में है।इसका संचालन कुछ वर्ष पहले संतों को सौंपा गया तो यह देश की सबसे आदर्श गौशाला बन गयी, जहां लोग अपना जन्मदिन से लेकर मेरिज एनिवर्सरी तक मनाने आते है। इस गौशाला में अभी 9850 गौवंश का बसेरा है।यहां हर रोज 100 टन गोबर निकलता है। इससे यहाँ स्थापित हो रहे संयंत्र से अभी 2 टन बायो सीएनजी तैयार होगा। गौ शाला के प्रबंधन से जुड़े संत स्वामी ऋषभ देवानंद का कहना है कि यह मध्यप्रदेश में किसी गौशाला में अनूठी पहल है और गोबर सच मे धन के रूप में बदलेगा। गैस बनने के बाद निकलने वाले वेस्ट को खेती में उपयोग के लिए बेचा जाएगा। बताया गया कि यह मध्यप्रदेश का अपने तरह का पहला वायो संयंत्र है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि गोबर से गैस बनाने वाला राज्य का अपने तरह का यह पहला संयंत्र है। यूं तो इंदौर में पहले से वायो सीएनजी प्लान्ट है। लेकिन वहां इसके लिए गीले कचरे का उपयोग किया जाता है। जबकि यहां सिर्फ गोबर का उपयोग होगा वह भी सिर्फ गौवंश का गोबर। इसकी स्थापना पर लगभग 31 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।यह खर्च इंडियन ऑयल कोर्पोरेशन ने उठाया है। रोज निकलता है 100 टन गोबर नगर निगम द्वारा संचालित राज्य की सबसे बड़ी गौशाला ग्वालियर के लाल टिपारा में है। इसका संचालन कुछ साल पहले संतों को सौंपा गया तो यह देश की सबसे आदर्श गौशाला बन गई। यहां लोग अपने जन्मदिन से लेकर मैरिज एनिवर्सरी तक मनाने आते हैं। इस गौशाला में अभी 9850 गौवंश का बसेरा है। यहां हर रोज 100 टन गोबर निकलता है। इससे यहां स्थापित हो रहे प्लांट से अभी 2 टन बायो सीएनजी तैयार होगा। गौशाला के प्रबंधन से जुड़े संत स्वामी ऋषभ देवानंद का कहना है कि यह मध्यप्रदेश में किसी गौशाला में अनूठी पहल है। गोबर सच मे धन के रूप में बदलेगा। गैस बनने के बाद निकलने वाले वेस्ट को खेती में उपयोग के लिए बेचा जाएगा। प्लांट बनाने में कुल 31 करोड़ की लागत बताया गया कि यह मध्य प्रदेश का अपने तरह का पहला बायो प्लांट है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि गोबर से गैस बनाने वाला राज्य का अपनी तरह का यह पहला संयंत्र है। यूं तो इंदौर में पहले से बायो सीएनजी प्लांट है लेकिन वहां इसके लिए गीले कचरे का उपयोग किया जाता है। जबकि यहां सिर्फ गोबर का उपयोग होगा। वह भी सिर्फ गौवंश का गोबर। इसकी स्थापना पर लगभग 31 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। यह खर्च इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने उठाया है। इस समय बायो सीएनजी की मांग सामान्य सीएनजी से ज्यादा है। क्योंकि बायो सीएनजी में 95 फीसदी मीथेन होता है। जबकि सामान्य सीएनजी में 90 फीसदी। यही वजह है कि बायो सीएनजी से मिलने वाले वाहनों का माइलेज ज्यादा निकलता है। इस समय बायो सीएनजी की मांग सामान्य सीएनजी से ज्यादा है। क्योंकि बायो सीएनजी में 95 फीसदी मीथेन होता है। जबकि सामान्य सीएनजी में 90 फीसदी। यही वजह है कि बायो सीएनजी से मिलने वाले वाहनों का माइलेज ज्यादा निकलता है। PM मोदी की ग्वालियर को बड़ी सौगात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ग्वालियर को बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। पीएम मोदी आज बुधवार को यहां एमपी के पहले बायो CNG प्लांट का वर्चुअली शुभारंभ करेंगे। ग्वालियर की लाल टिपारा गौशाला में आयोजित इस कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सहित अन्य मंत्री मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव भी वर्चुअली तरीके से शामिल होंगे।   recent visitors 77

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ड्रग्स तस्करी करने वाला अंतरराष्ट्रीय गैंग का खुलासा, 2000 करोड़ की 500 KG कोकीन बरामद

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने ड्रग्स की एक बहुत बड़ी खेप बरामद की है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने करीब 2 हजार करोड़ रुपये की कोकीन बरामद की है. एक बरामदगी दक्षिण दिल्ली में एक छापे के बाद हुई है. दिल्ली पुलिस के अनुसार स्पेशल सेल ने करीब 565 किलो से ज्यादा कोकीन बरामद की है. इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस ड्रग्स की कीमत 2000 करोड़ रुपये आंकी गई है. पुलिस गिरफ्तार लोगों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है और ये ड्रग्स राजधानी में किसके लिए गए थे, इसकी डिलीवरी किसको होनी थी, इस गिरोह के साथ कौन कौन से लोग जुड़े हैं. इन सवालों का जवाब तलाश रही है. दिल्ली पुलिस के अनुसार ये राजधानी अबतक की सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी है. पुलिस इसे बड़ी कामयाबी मान रही है. रिपोर्ट के मुताबिक इस सप्लाई के पीछे इंटरनेशनल ड्रग सिंडिकेट काम कर रहा है. पुलिस अब इसकी जानकारी हासिल कर रही है. ये दिल्ली में कोकीन का अब तक का सबसे बड़ा सीजर है. कोकीन हाई प्रोफाइल पार्टी में इस्तेमाल होने वाला ड्रग्स है. पुलिस के अनुसार, यह गैंग काफी समय से दिल्ली और आस-पास के इलाकों में नशे की तस्करी कर रहा था और त्योहारों के अवसर पर भारी मात्रा में नशीले पदार्थों को बाजार में लाने की योजना बना रहा था। इस बड़ी खेप को पकड़कर दिल्ली पुलिस ने न केवल नशे की लत में फंसे लोगों की जिंदगी बचाई है, बल्कि ड्रग्स के खिलाफ अपनी कड़ी कार्रवाई का एक और उदाहरण पेश किया है। पकड़ी गई कोकीन की खेप की मात्रा और उसकी बाजार में कीमत ने पुलिस और प्रशासन को सकते में डाल दिया है। स्पेशल सेल के अनुसार, इस मामले में नार्को-टेरर एंगल की भी जांच की जा रही है। इसका मतलब है कि तस्करी से मिले पैसों का उपयोग आतंकवादी गतिविधियों में होने की आशंका भी है। इसलिए, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच का दायरा और व्यापक कर दिया है और नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और अन्य संबंधित एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए चार लोगों से पूछताछ के बाद यह जानकारी मिली है कि इस गैंग के तार कई देशों से जुड़े हुए हैं। यह अंतरराष्ट्रीय तस्कर नेटवर्क था जो विभिन्न देशों से ड्रग्स की तस्करी कर भारत में उन्हें बेचने की योजना बना रहा था। पुलिस को इस बात का भी अंदेशा है कि इसमें कई और लोग शामिल हो सकते हैं और जांच के जरिए इस पूरी तस्करी श्रृंखला का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। स्पेशल सेल की इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि तस्करी के इस गिरोह का नेटवर्क न केवल दिल्ली बल्कि देश के अन्य हिस्सों तक भी फैला हुआ था। गिरफ्तार किए गए तस्करों में से कुछ विदेशियों के संपर्क में थे, जो ड्रग्स की आपूर्ति करते थे। इस मामले में पुलिस ने कई संदिग्ध लोगों की पहचान की है और उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा, पुलिस उन स्थानों की भी जांच कर रही है जहां तस्करों ने कोकीन की खेप को छुपाने का प्रयास किया था। पुलिस की यह कार्रवाई एक बड़े अभियान का हिस्सा थी, जिसमें राजधानी में तस्करी के माध्यम से नशे के पदार्थों को फैलाने की कोशिश को नाकाम किया गया है। त्योहारों का समय होता है जब नशे का कारोबार तेजी से बढ़ता है और नशीले पदार्थों की मांग भी बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाने के लिए यह अंतरराष्ट्रीय गिरोह इतनी बड़ी खेप दिल्ली लाया था, जिसे पुलिस ने समय रहते पकड़ लिया। स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि पकड़ी गई कोकीन की क्वालिटी बहुत उच्च स्तर की है और इसे विभिन्न देशों से लाया गया था। गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि उनके पास कई फर्जी दस्तावेज थे, जिनकी मदद से वे आसानी से ड्रग्स की तस्करी कर रहे थे। पुलिस अब इन फर्जी दस्तावेजों के नेटवर्क को भी ध्वस्त करने की कोशिश कर रही है, ताकि भविष्य में ऐसे तस्करों को पकड़ा जा सके। इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि ड्रग्स की तस्करी का पैसा आतंकवादी गतिविधियों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसलिए, दिल्ली पुलिस इस मामले में नार्को-टेरर एंगल से भी जांच कर रही है। इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि तस्करी के माध्यम से जुटाए गए पैसे का उपयोग देश की सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए हो सकता है। दिल्ली पुलिस की इस बड़ी सफलता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियों ने भी इस मामले में दिलचस्पी दिखाई है और आगे की जांच में सहयोग कर रही हैं। नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो भी इस जांच में शामिल हो चुका है और ड्रग्स की तस्करी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने इस बात के संकेत दिए हैं कि इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि पकड़े गए तस्करों से मिली जानकारी के आधार पर कुछ और लोगों की पहचान हुई है। ड्रग्स की तस्करी का यह मामला दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अपने साहसिक और सूझबूझ भरे काम से न सिर्फ दिल्ली बल्कि देश के युवाओं को एक बड़ी मुसीबत से बचा लिया है। दिल्ली पुलिस का यह कदम नशे के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संदेश देता है और ड्रग तस्करों को यह चेतावनी है कि कानून के हाथ लंबे हैं और वे कहीं भी छुप नहीं सकते। ड्रग्स की तस्करी समाज के लिए एक बड़ी चुनौती है, और यह घटना इस बात का प्रमाण है कि नशे के कारोबारी किस तरह से समाज को जकड़ने का प्रयास कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल तस्करों के हौसले पस्त हुए हैं, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी एक संदेश है जो नशे के इस अवैध कारोबार में शामिल हैं। पुलिस प्रशासन … Read more

बागडे और भजनलाल ने बापू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनके जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि “सभी देशवासियों की ओर से पूज्य बापू को उनकी जन्म-जयंती पर शत-शत नमन। सत्य, सद्भाव और समानता पर आधारित उनका जीवन और आदर्श देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणापुंज बना रहेगा।” अगले पोस्ट में श्री मोदी ने कहा कि “देश के जवान, किसान और स्वाभिमान के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि।” वही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तथा पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर आज नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री गांधी पार्टी के अन्य नेताओं के साथ सुबह बापू की समाधि स्थल राजघाट गए और उनकी समाधि पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री खरगे ने कहा "सत्य, अहिंसा व सत्याग्रह जैसे उच्चतम मूल्य से संपूर्ण विश्व को शांति का मार्ग दिखाने वाले, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सूत्रधार, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के विचार व उनके आदर्श हमारे लिए सदैव प्रेरणादायी हैं। आज उनके विचारों को जो चुनौती मिल रही है, इसका मुक़ाबला हम बापू के सिद्धांतों पर चलकर कर रहें हैं। सभी देशवासियों को गांधी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।" श्री गांधी ने कहा "बापू ने ही मुझे सिखाया है, जीना है तो डरे बिना जीना है – सत्य, प्रेम, करुणा और सौहार्द के रास्ते पर सबको जोड़ते हुए चलना है। गांधी जी एक व्यक्ति नहीं, जीने और सोचने का तरीका हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।" राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे और मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने बुधवार को यहां गांधी जयंती पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। श्री बागडे एवं श्री शर्मा ने गांधी सर्किल स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाकर यह श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने बाद में मौन रहकर श्रद्धा निवेदित की तथा वहां रामधुन और भक्ति संगीत भी सुना। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, राज्य मंत्री ओटाराम देवासी आदि ने भी गांधीजी को पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धा दी। गहलोत ने गांधी जयंती पर किए श्रद्धासुमन अर्पित राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर बुधवार को यहां गांधीजी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री गहलोत ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा " दुनिया के सबके बड़े ब्रिटिश साम्राज्य को अहिंसा के बल पर भारत छोड़ने पर मजबूर करने वाले, आधुनिक दुनिया को सत्याग्रह की ताकत समझाने वाले एवं विश्वभर में पूजनीय भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को उनकी जयंती पर नमन करता हूं।" इस मौके पर पूर्व मंत्री महेश जोशी एवं प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी महात्मा गांधी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।   recent visitors 73

तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह दुनिया के शीर्ष तेज गेंदबाज बने, रविचंद्रन अश्विन को पीछे छोड़ा

मुंबई  भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बुधवार को दुनिया के शीर्ष तेज गेंदबाज बन गए। उन्होंने रविचंद्रन अश्विन को पीछे छोड़ दिया। दिग्गज गेंदबाज ने हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ खेली गई दो मैचों की टेस्ट सीरीज में अपने सनसनीखेज प्रदर्शन के दम पर आईसीसी की ताजा टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया। वहीं, युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली को भी टेस्ट रैंकिंग में फायदा हुआ है। बुमराह बने नए बादशाह भारत और बांग्लादेश के बीच खेली गई दो मैचों की टेस्ट सीरीज में तेज गेंदबाज ने 11 विकेट चटकाए थे। अब उन्हें इसका फायदा मिला है। एक स्थान की छलांग लगाकर वह शीर्ष पर पहुंच गए। अब उनके 870 प्वॉइंट्स हो गए हैं। वहीं, अश्विन दूसरे पायदान पर खिसक गए। उनके खाते में 869 अंक हैं। पहले भी शीर्ष पर काबिज हो चुके बुमराह यह दूसरा मौका है जब बुमराह टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंचे हैं। इससे पहले इसी साल फरवरी में इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के बाद तेज गेंदबाज ने पहला स्थान हासिल किया था। तब उन्हें तीन स्थानों का फायदा हुआ था। वह शीर्ष टेस्ट गेंदबाज बनने वाले पहले भारतीय तेज गेंदबाज बन गए थे। उनसे पहले पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव टेस्ट गेंदबाजों में सर्वोच्च रैंकिंग हासिल करने वाले इकलौते भारतीय गेंदबाज थे। वह दिसंबर, 1979 से फरवरी, 1980 के बीच दूसरे स्थान पर रहे थे। बांग्लादेश के इन गेंदबाजों को भी हुआ फायदा कानपुर टेस्ट में बुमराह ने कुल सात विकेट हासिल किए, जबकि अश्विन को पांच सफलता मिलीं। वहीं, बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज चार स्थान के फायदे के साथ 18वें पर पहुंच गए जबकि अनुभवी स्पिनर शाकिब अल हसन 28वें पायदान पर पहुंच गए हैं। उन्हें पांच स्थानों का फायदा हुआ है। जायसवाल तीसरे स्थान पर पहुंचे बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रन बनाने वाले युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल दो स्थानों के फायदे के साथ तीसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। अब उनके 792 अंक हो गए। चार पारियों में उन्होंने 47.25 के औसत से 189 रन बनाए। इस दौरान 22 वर्षीय बल्लेबाज ने तीन अर्धशतक लगाए। बल्लेबाजों की टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर जो रूट का कब्जा है जबकि दूसरे स्थान पर केन विलियमसन बने हुए हैं।   recent visitors 93

छत्तीसगढ़ को सुंदर एवं स्वच्छ बनाना हम सभी का नैतिक कर्तव्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

स्वच्छता अभियान राज्य में जनआंदोलन का लिया रूप: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ में स्वच्छता पर हो रहे बेहतर कार्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ को सुंदर एवं स्वच्छ बनाना हम सभी का नैतिक कर्तव्य : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पूरे देश में स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा मनाया जा रहा है। भगवान विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर से महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम का आयोजन हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छता को प्रोत्साहित करने हेतु 15 अगस्त 2014 को लाल किले की प्राचीर से सभी को स्वच्छता का संकल्प दिलाया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आव्हान और स्वच्छता अभियान से हम सभी को गली-चौराहे, मोहल्ले, स्कूल, कार्यालय, सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरणा मिली। स्वच्छता अभियान ने पूरे प्रदेश मेें जनआंदोलन का स्वरूप ले लिया है। छत्तीसगढ़ को सुंदर एवं स्वच्छ बनाना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि स्वच्छता को हम सभी को अपनी आदत में शामिल करने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से छत्तीसगढ़ को सुंदर एवं स्वच्छ छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प लेने का आव्हान करते हुए ऑडिटोरियम में उपस्थित सभी को स्वच्छता की शपथ दिलायी । उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति महात्मा गांधी ने कहा था कि स्वतंत्रता के साथ ही स्वच्छता भी जरूरी है। बापू के सपने को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाथ में झाडू पकड़कर शुरूआत की। देश के लोग स्वच्छता अभियान में सहभागी बनें। स्वच्छता को सभी अपने आदत में शामिल करें। कार्यक्रम में उन्होंने स्वच्छता के क्षेत्र में एवं स्वच्छता ही सेवा 2024 अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले संस्थाओं और व्यक्तियों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी। इसी तरह मच्छर उन्मूलन के लिए चलित वाहन तथा भव्य सशक्त सैन्य समारोह की गाड़ियों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य में स्वच्छता के लिए व्यापक तौर पर कार्य किए गए हैं। स्वच्छता की जिम्मेदारी हम सभी की है। हम सभी संकल्प ले कि स्वयं स्वच्छता पर ध्यान देंगे और लोगों को प्रेरित करेंगे। विगत 10 वर्षों में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत किए जा रहे कार्यों से देश की तस्वीर बदली है। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि गंदगी से विभिन्न प्रकार की बीमारियों का जन्म होता है। इन बीमारियों से बचने के लिए सफाई बहुत जरूरी है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन चलाकर सफाई का संदेश दिया है। गांधी के सपनोँ को पूरा करने हमारी सरकार आत्म निर्भर गांव के साथ साफ-सफाई पर पूरा ध्यान दे रहा है। स्वच्छता पखवाड़ा के इस समापन समारोह में सफाईकर्मियों, सफाई दीदियों और सफाई मित्रों का सम्मान किया जा रहा है। इस अवसर पर विधायकगण पुरंदर मिश्रा, मोती लाल साहू, नगर निगम प्रतिपक्ष नेता श्रीमती मीनल चौबे, सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग डॉ. वसवराजु एस., सचिव ग्रामोद्योग विभाग यशवंत कुमार, संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग कुंदन कुमार, संभागायुक्त महादेव कांवरे, कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह, आयुक्त नगर निगम रायपुर अविनाश मिश्रा, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी विश्वजीत सहित बड़ी संख्या में सफाईकर्मी, सफाई दीदी और सफाई मित्र उपस्थित थे। recent visitors 74

गरबा उत्सव में सिर्फ ‘वराह’ पूजने वालों को मिले प्रवेश, गैर-हिंदुओं को रोकने के लिए ‘गोमूत्र’ के बाद अब नया सुझाव

भोपाल/इंदौर     मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक स्थानीय दक्षिणपंथी हिंदू संगठन ने मांग की है कि गरबा आयोजकों को सिर्फ उन लोगों को एंट्री की परमिशन देनी चाहिए जो भगवान विष्णु के तीसरे अवतार 'वराह' की पूजा करते हैं, ताकि अन्य समुदायों के सदस्यों को दूर रखा जा सके. हिंदू पौराणिक कथाओं में 'वराह अवतार' को भारतीय सूअर के रूप में दर्शाया गया है. इससे पहले, मध्य प्रदेश में एक भाजपा नेता ने मांग की थी कि 3 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्रि उत्सव के दौरान गरबा नृत्य में भाग लेने के इच्छुक लोगों के लिए 'गोमूत्र' पीना अनिवार्य होना चाहिए. भोपाल में 'संस्कृति बचाओ मंच' के प्रमुख चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि गरबा आयोजकों को किसी व्यक्ति को 'वराह' की पूजा करने के बाद ही पंडाल में प्रवेश की अनुमति देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि पंडालों के प्रवेश द्वार पर वराह की तस्वीर लगाई जानी चाहिए. 'संस्कृति बचाओ मंच' के प्रमुख चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि ये शर्तें अन्य समुदायों के सदस्यों को गरबा आयोजनों से दूर रखने में मददगार साबित होंगी। खासकर उनके लिए जो वराह अवतार को अपवित्र मानते हैं। केवल सनातन धर्म में विश्वास रखने वाले लोग ही 'पंच-गव्य' लेने के लिए तैयार होंगे। पौराणिक कथाओं में वर्णित 'वराह अवतार' में हिन्दू समुदाय की बेहद गहरी आस्था है। इसमें भगवान के सिर को शूकर के रूप में दर्शाया गया है। अभी एक दिन पहले ही मध्य प्रदेश के इंदौर में भाजपा के एक नेता ने मांग की थी कि नवरात्रि उत्सव के दौरान गरबा आयोजनों में भाग लेने वालों के लिए गोमूत्र पीना अनिवार्य किया जाना चाहिए। इंदौर जिला भाजपा अध्यक्ष (ग्रामीण) चिंटू वर्मा ने सुझाव दिया था कि गरबा आयोजक केवल उन लोगों को प्रवेश दें जो गोमूत्र का आचमन करते हों। उन्होंने कहा था कि अक्सर गरबा आयोजनों में ऐसे लोग शामिल हो जाते हैं जिनको लेकर विवाद हो जाता है। उन्होंने आगे कहा कि केवल सनातन धर्म में विश्वास रखने वाले लोग ही 'पंच-गव्य' लेने के लिए तैयार होंगे. इससे पहले, इंदौर जिला भाजपा अध्यक्ष चिंटू वर्मा ने सुझाव दिया था कि गरबा आयोजक सिर्फ उन लोगों को प्रवेश की अनुमति दें जो गौमूत्र या गोमूत्र पीते हैं.   recent visitors 149

गांधी जयंती पर विवादों में घिरे सीएम सिद्धारमैया, जूते उतरवाने का वीडियो हो रहा वायरल

बेंगलुरु कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया फिर विवादों में हैं. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक कांग्रेस कार्यकर्ता हाथ में तिरंगा लिए है और वो कर्नाटक के CM के पैरों से जूते उतार रहा है. इस वीडियो के सामने आने पर राजनीति भी गरमा गई है. बीजेपी ने कहा कि कांग्रेस के मन में देश के लिए कोई सम्मान नहीं है और वो राष्ट्रीय ध्वज का भी सम्मान नहीं करती है. कर्नाटक बीजेपी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, सिद्धारमैया अपने राजनीतिक जीवन के अंतिम पड़ाव पर हैं, उन्हें कुर्सी बचाए रखने की चिंता है तो वो राष्ट्रीय ध्वज थामकर भी मंत्रमुग्ध हैं. महात्मा गांधी को नमन करने पहुंचे थे सीएम सिद्धारमैया दरअसल, सीएम सिद्धारमैया बुधवार सुबह गांधी भवन में महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें नमन करने पहुंचे थे. मौके पर मौजूद एक कार्यकर्ता को देखा जा रहा है कि वो सिद्धारमैया के जूते उतारने में मदद कर रहा है. इस दरम्यान उस कार्यकर्ता के हाथ में तिरंगा है और वो जमीन से टकरा रहा है. यह देखकर एक अन्य व्यक्ति ने कार्यकर्ता के हाथों से झंडा हटाया और उसे अपने हाथ में ले लिया. वहीं, सीएम सिद्धारमैया जब गांधी जयंती समारोह में हिस्सा ले रहे थे, तभी मामूली आग लगने की घटना हुई. सीएम की शर्ट में हल्की आग लग गई. हालांकि, सुरक्षा कर्मी ने देख लिया और तुरंत उसे बुझा दिया. किसी को चोट नहीं आई. MUDA प्लॉट को लेकर विवादों में आए सिद्धारमैया इससे पहले कर्नाटक में MUDA प्लॉट स्कैम को लेकर विवाद बढ़ा था और सिद्धारमैया को अपनी पत्नी के नाम अलॉट प्लॉट वापस लौटाने पड़े थे. सीएम सिद्धारमैया के खिलाफ ईडी ने MUDA स्कैम मामले में FIR दर्ज कर ली है. सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि मेरी पत्नी पार्वती ने MUDA (मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण) द्वारा अधिग्रहित भूमि के लिए मुआवजे के रूप में दिए गए प्लॉट्स को बिना किसी भूमि अधिग्रहण के वापस कर दिया है. सीएम ने कहा कि विपक्षी दलों ने राजनीतिक प्रतिशोध के तहत मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगाकर मेरे परिवार को विवाद में घसीटा है और राज्य के लोग इस बात से वाकिफ हैं. जानें कब दर्ज हुआ था केस कर्नाटक के राज्यपाल ने16 अगस्त को इस घोटाले में सिद्धारमैया के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। सिद्धारमैया ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट की शरण ली थी, लेकिन अदालत ने 24 सितंबर को जांच के आदेश को सही बताया है। अब सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती ने सभी 14 विवादित प्लाट प्राधिकरण को वापस लौटाने की पेशकश की है। वहीं सिद्धारमैया ने उम्मीद जताई है कि सत्य की जीत होगी। 'नफरत की राजनीति'सीएम ने कहा था कि पार्वती अपने परिवार तक ही सीमित थीं लेकिन नफरत की राजनीति के कारण उन्होंने मानसिक यातना झेली। सिद्धारमैया ने एक पोस्ट में कहा कि मेरी पत्नी पार्वती ने मैसूर में MUDA द्वारा जब्त की गई जमीन के मुआवजे के रूप में मिली जमीनें वापस कर दी हैं। मेरा रुख इस अन्याय के आगे झुके बिना लड़ने का था, लेकिन मेरे खिलाफ चल रही राजनीतिक साजिश से परेशान मेरी पत्नी ने इस जमीन को वापस करने का फैसला किया है, जिससे मैं भी हैरान हूं।   recent visitors 70