राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा- देश की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को भारतीय सेनाओं में भर्ती होकर अपनी सेवाएं देनी चाहिए

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि भारतीय वायुसेना दूर देश के दुश्मनों को उनके घर में मार गिराने में सक्षम है। राजनाथ सिंह ने मंगलवार को नेशनल वार मेमोरियल में एक कार्यक्रम को संबोधित कर जोर देते हुए कहा कि 'आत्मनिर्भर भारत' दृष्टिकोण को मूर्तरूप देने की दिशा में सरकार ने अपनी पूरी प्रतिबद्धता दिखाई है। देश की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को भारतीय सेनाओं में भर्ती होकर अपनी सेवाएं देनी चाहिए, ताकि उनका जीवन देश की सेवा, शौर्य और गौरव से ओतप्रोत रहे। राजनाथ ने की वायुसैनिकों की तारीफ रक्षा मंत्री ने कठिन परिस्थितियों में वीरता, प्रतिबद्धता और देशभक्ति के साथ वायुसैनिकों की भारत माता की सेवाओं के लिए जोरशोर से प्रशंसा की। रक्षा मंत्रालय ने रक्षा मंत्री के हवाले से बताया कि भारतीय वायुसेना ने अपने देश और लोगों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वह दुश्मन के क्षेत्र में अंदर तक घुसकर मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। कार रैली को दिखाई हरी झंडी केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम वायुसेना को अत्याधुनिक युद्धक विमानों से लैस करने को प्रतिबद्ध हैं और आत्मनिर्भर भारत अवधारणा के तहत इनके लिए और उत्पादन भी करेंगे। भारतीय वायुसेना के 92वीं वर्षगांठ से पूर्व आयोजित समारोह में रक्षा मंत्री ने 'वायुवीर विजेता' कार रैली को रवाना किया। सात हजार किलोमीटर लंबी रैली लद्दाख के थोइज से रवाना होकर अरुणाचल प्रदेश स्थित तवांग में समाप्त हो जाएगी। आगामी आठ अक्टूबर को दुनिया के सबसे ऊंचे वायुसेना स्टेशनों में समुद्र तल से 3,068 मीटर ऊपर यह आयोजन होगा। भारतीय वायुसेना के 92वीं वर्षगांठ मनाने के लिए यह आयोजन होगा। वायुसेना की स्थापना 8 अक्टूबर, 1932 को हुई थी। यह वायु वीर 29 अक्टूबर को तवांग पहुंचने से पहले लेह, करगिल, श्रीनगर, जम्मू, चंडीगढ़, देहरादून, आगरा, लखनऊ, गोरखपुर, दरभंगा, बागडोगरा, हसिमारा, गुवाहाटी, तेजपुर और दिरांग में रुकेंगे। इस बीच, राजनाथ ने कहा कि रक्षा क्षेत्र के 32 लाख पेंशनरों में से तीस लाख को सफलतापूर्वक 'स्पर्श पोर्टल' से संबद्ध कर दिया गया है। recent visitors 88

सितंबर में GST कलेक्शन में दिखा उछाल, 1.73 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी महीने में के मुकाबले 6.5 फीसदी ज्यादा है

नई दिल्ली सितंबर महीने का जीएसटी कलेक्शन का डेटा सामने आ गया है। सितंबर में वस्तु एवं सेवा कर कलेक्शन 1.73 लाख करोड़ रुपये रहा है जो पिछले साल इसी महीने में 1.63 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले 6.5 फीसदी ज्यादा है। अगस्त में जीएसटी कलेक्शन 1.74 लाख करोड़ रुपये रहा था। जीएसटी रिफंड्स जारी करने के बाद कुल कलेक्शन सितंबर महीने में 4 फीसदी बढ़कर 1.53 लाख करोड़ रुपये रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में घरेलू कर राजस्व 5.9 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.27 लाख करोड़ रुपये हो गया। वहीं माल के आयात से प्राप्त राजस्व आठ प्रतिशत बढ़कर 45,390 करोड़ रुपये हो गया। आलोच्य अवधि में जीएसटी विभाग की तरफ से 20,458 करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए जो एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 31 प्रतिशत अधिक है। रिफंड राशि को समायोजित करने के बाद सितंबर में शुद्ध जीएसटी राजस्व 1.53 लाख करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 3.9 प्रतिशत अधिक है।   recent visitors 77

हरियाणा में धान खरीद न होने से किसान लामबंद होने लगे, फैला आक्रोश, मंडी में ताला लगाने पर अड़े

कुरुक्षेत्र/करनाल हरियाणा में धान खरीद न होने से किसान लामबंद होने लगे हैं। सरकार की तरफ से धान खरीद शुरु होने का लेटर तो जारी हो गया, लेकिन हकीकत में अभी खरीद केंद्रों में ताला लटक रहा है। इसी को लेकर करनाल और कुरुक्षेत्र में किसानों ने प्रदर्शन किया। जिले के बीआर चौक पर जाम लगाकर सड़क पर बैठे किसानों ने कहा कि उन्हें बार-बार तारीख दी जा रही है, लेकिन खरीद केंद्र फसल नहीं ली जा रही है। उनका कहना है कि मंडियां भी धान के ढेर से भर चुकी हैं। कहीं ऐसा न हो फसल खराब हो जाए। वहीं करनाल में भारतीय किसान यूनियन के सैकड़ों किसानों ने सेक्टर 12 लघु सचिवालय गेट के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। धान की खरीद न होने और कम  रेट पर धान की खरीद होने से परेशान किसानों द्वारा विरोध जताया गया। किसानों द्वारा धान की ट्राली लघु शौचालय गेट पर लाई गई और गेट के सामने ही धान  को सड़क के ऊपर गिराने  का ऐलान कर दिया। किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा सरकारी बोली शुरू करने की बात की गई थी, परंतु आज की तारीख में भी खरीद नहीं हो रही है। किसानों ने कहा कि पहले जल्दी खरीद होने का आस्वासन दिया था। बाद दोबारा डेट आगे बढ़ा दी गई। वहीं 27 तारीख से धान की बोली करने की बात की गई थी, परंतु धान की खरीद सही दामों पर नहीं की जा रही। जिसको लेकर किसानों में रोष है, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राइस मिलरों के जरिए किसानों को बर्बाद करना चाहती है। राइस मिल सस्ते में धान खरीद रहे हैं जिससे उनको 500 से ₹700 का नुकसान हो रहा है। करनाल एडीसी ने किसानों के साथ मीटिंग की और कहा कि जल्दी ही बातचीत कर के बोली शुरू कर दी जाएगी। परन्तु किसानों ने धरना जारी रखने की बात की और कहा मंडियों के गेट को ताला लगाएंगे। recent visitors 77

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुणे में रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्थान की राष्ट्रीय चर्चा में किया संबोधित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर ने सच्चे अर्थों में सनातन संस्कृति की ध्वजा को लहराने का कार्य किया। अठाहरवीं शताब्दी में लगभग 28 वर्ष के उनके शासन में प्रशासनिक कुशलता, जन-कल्याण, सुशासन के अनेक दृष्टांत प्रस्तुत किए। लोकमाता अहिल्या बाई की 300वीं जयंती पर मध्यप्रदेश में कई कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है। आज गौरवशाली इतिहास वाले पुणे में रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्था के राष्ट्रीय चर्चा कार्यक्रम में आकर पुणे नगरी को प्रणाम करते हुए यहाँ शिवाजी महाराज, लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक की स्मृति को नमन है, जिनके कारण पुणे महानगर का स्पंदन पूरा राष्ट्र महसूस करता है। पुणे महानगर प्रकारांतर से इंदौर और उज्जैन की तरह प्रतीत होता है। राष्ट्रीय चर्चा में राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागड़े भी विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्य वक्ता पद्मश्री सुश्री निवेदता ताई भिड़े उपाध्यक्ष स्वामी विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमारी के अलावा श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी, महिला विद्यापीठ मुंबई की कुलगुरू डॉ. उज्जवला चक्रदेव, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद और रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी संस्थान के पदाधिकारी श्री विनय सहस्त्रबुद्धे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को पुणे के जानकी देवी बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज ऑडिटोरियम में "पुण्यश्लोक अहिल्या बाई होलकर और उनके जन कल्याणकारी सुशासन" विषय पर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुणे में शिवाजी महाराज की सरिता की धारा के अलग-अलग तट के हिस्से दिखाई देते हैं। इसके साथ ही सिंधिया, होलकर वंश के शासकों सहित लोक माता के कार्यों का स्मरण सहज ही हो जाता है। पेशवा बाजीराव जी और सिंधिया जी का सहयोग वर्तमान के महाकाल मंदिर उज्जैन के कायम रहने का आधार बना। हमारे शासकों ने उस दौर में महाकाल मंदिर का निर्माण किया, जब बाहरी आक्रामक विभिन्न नगरों को ध्वस्त करने के लिए तैयार बैठे थे। छत्रपति शिवाजी महाराज के साहस और लोकमाता अहिल्या देवी के लोक कल्याणकारी कार्यों का स्मरण आज पूरा राष्ट्र कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में भगवान विश्वनाथ जी के देवस्थान में जाने का अवसर मिलता है तो हम उनके दर्शन से अभिभूत होते हैं। यह सुअवसर भी लोकमाता अहिल्या बाई ने दिया, यह मंदिर उनकी ही देन है। लोकमाता अहिल्या बाई ने द्वारका, सोमनाथ और कई अन्य स्थानों पर ऐसे प्रकल्प संचालित किए। वे प्रशासनिक कुशलता, युक्ति एवं बुद्धिमत्ता से कार्य करती थीं। उनके साथ सहकर्मी सेनापतियों ने भी आर्थिक लाभ के लिए छल किए, लेकिन लोकमाता समाधान का मार्ग निकालने में पीछे नहीं रहीं। उन्होंने अनेक इलाकों में सकारात्मक परिवर्तन के लिए कुंओं के निर्माण, उद्यानों के निर्माण, प्याऊ प्रारंभ करने, सड़कों के निर्माण और सुधार कार्य, अन्न क्षेत्र प्रारंभ करने, मंदिरों में विद्वानों की निुयक्ति और खेती-बाड़ी के कार्यों से लोगों को जोड़कर सम्पूर्ण समाज को बदलने का कार्य किया। वे एक माँ का प्रतिरूप थीं। अनेक दुखों को सहते हुए उन्होंने शासन के ऐसे सूत्र संचालित किए, जो सर्व कल्याण के भाव का उदाहरण है। उनके राज्य में दो तरह की धन राशि का प्रावधान था। व्यक्तिगत उपयोग के साथ ही राशि का परिवार के लिए उपयोग करने का संदेश धनगर और यादव समाज ने दिया है, जिसमें परिवार की महिला को आय का एक चौथाई हिस्सा प्रदान किया जाता है। होलकर वंश में खासगी परम्परा कहा गया। उस दौर में 18 करोड़ की राशि जिसका वर्तमान मूल्य दो हजार करोड़ से ही अधिक होगा, उसके माध्यम से अनेक प्रकल्पों का संचालन किया गया। राज्य की सुरक्षा के लिए लोकमाता ने कूटनीति और युद्ध कौशल के अनेक दृष्टांत प्रस्तुत किए। नारी होकर भी वे पुरूषार्थ का प्रतीक थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता अहिल्या बाई होल्कर ने वर्ष 1767 में अपनी राजधानी महेश्वर से इंदौर करने का निर्णय लिया था। महेश्वरी साड़ी के लिए महेश्वर विश्व में प्रसिद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इंदौर को राजधानी बनाने के बाद यह शहर एक महत्वपूर्ण केन्द्र बना। इंदौर ने व्यापार, संस्कृति और कला के क्षेत्र में विकास किया। इंदौर में अनेक स्मारकों का निर्माण करवाया गया है, जिनमें से अनेक आज भी मौजूद हैं। महेश्वर के साथ ही ओंकोरश्वर में भी नर्मदा जी के किनारे भी सुविधाजनक घाट निर्मित करवाया, जो महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल बना। तीर्थयात्रियों के लिए अनेक सुविधाएं विकसित की गईं। भगवान शिव, लोकमाता अहिल्या बाई के प्रमुख आराध्य थे। देश के अनेक स्थानों पर उन्होंने शिव मंदिरों का निर्माण करवाया। महेश्वर हस्तशिल्प का महत्वपूर्ण केन्द्र हैं जो आत्म-निर्भरता का भी प्रतीक है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महेश्वर की विशेषताएं बताते हुए कहा कि महेश्वर आज हस्तशिल्प का प्रमुख केन्द्र हैं। यह नगर आत्मनिर्भरता का संदेश देता है। हस्तशिल्प का हुनर हजारों व्यक्तियों को आत्म-निर्भर बनाकर आर्थिक उन्नति का माध्यम बना हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अहिल्या बाई की 300वीं जयंती पर मध्यप्रदेश में होने जा रहे कार्यक्रमों की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया 'शिव-सृष्टि' थीम पार्क का अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को अम्बेगांव (पुणे) में एशिया के एकमात्र ऐतिहासिक थीम पार्क 'शिव-सृष्टि' का अवलोकन किया। महाराजा शिव-छत्रपति प्रतिष्ठा न्यास संस्थान द्वारा संचालित ‘शिव-सृष्टि’ थीम पार्क का उद्देश्य छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उनके संघर्ष को जीवंत करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुणे में संस्थान की गतिविधियों की प्रशंसा की। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उनके योगदान से परिचित करवाने वाला 'शिव-सृष्टि' थीम पार्क 21 एकड़ भूमि में स्थित है। इसकी अनुमानित लागत 438 करोड़ रुपये है। अब तक इस मेगा प्रोजेक्ट के दो चरण पूरे हो चुके हैं। पहले चरण में सरकारवाड़ा के अंतर्गत महाराष्ट्र के किलों की प्रदर्शनी, छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा से बच निकलने की कहानी, रायगढ़ का 5-डी शो, शस्त्रों की प्रदर्शनी और शिवाजी महाराज के जीवन पर केन्द्रित अन्य इंटरैक्टिव अनुभव शामिल हैं। दूसरे चरण में रोटेशनल प्लेटफार्म पर ‘स्वराज्य स्वधर्म, स्व-भाषा’ शो विकसित किया गया है, जिसे एक बार में लगभग 100 दर्शक  देख सकते हैं। थीम पार्क के तीसरे चरण में प्रवेश द्वार (रंग मंडल), राजसभा का निर्माण, डार्क राइड, तटबंध, लैंड-स्केप और ऑडिटोरियम का निर्माण कार्य पूरा किया जा रहा है। इस थीम पार्क को ‘मेगा टूरिज्म प्रोजेक्ट’ का दर्जा … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- विधायक आगामी 4 वर्ष के विकास की कार्य योजना बनाकर दें प्रस्ताव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रत्येक जिले की भौगोलिक स्थिति अलग-अलग होने से आवश्यकताएं भी पृथक-पृथक होंगी। विधायक अपने-अपने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और आवश्यकता के अनुरूप आगामी चार-पांच वर्षों के लिए विकास कार्यों की कार्य योजना बनाकर प्रस्ताव दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हम मध्यप्रदेश को देश का नंबर वन राज्य बनाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में कांग्रेस विधायकों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार के साथ 38 कांग्रेस के विधायक एवं प्रतिनिधियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावित फसलों के सर्वे कराने के निर्देश कलेक्टरों को दिए हैं। राजस्व अधिकारियों से राजस्व क्षति का आंकलन करेंगे। रिपोर्ट के आधार पर फसल, पशु एवं जन-धन की हानि का आंकलन के बाद क्षतिपूर्ति राशि सुनिश्चित कर भुगतान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कलेक्टर का दायित्व है कि अपने जिले की समस्याओं का निराकरण करें। दूग्ध उत्पादन में प्रदेश होगा नम्बर वन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में गौ-धन को बढ़ावा देने और दुग्ध-उत्पादकों को प्रोत्साहन राशि देने के लिए बोनस दूध योजना प्रांरभ की जाएगी। निराश्रित गायों के संरक्षण एवं सुरक्षा के लिए गौ-शालाओं की व्यवस्थाओं को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए इन्दौर, उज्जैन, भोपाल और ग्वालियर नगर-निगम को वृहद गौ-शालाओं का निर्माण करने और रख-रखाव के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुग्ध-उत्पादन एवं दूध से बने उत्पादों के व्यवसाय की दृष्टि से मध्यप्रदेश देश का नम्बर वन राज्य बनेगा। राज्य परिसीमन आयोग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों का निराकरण कराया गया है। आम जनता और किसानों के अधिकतर प्रकरण राजस्व संबंधी होते हैं। जिलों की संभागीय कार्यालयों से दूरी के कारण आम जनता के समय और धन दोनों का अपव्यय होता है, इसलिए मध्यप्रदेश परिसीमन आयोग बनाया गया है, जो जिलों का पुनर्गठन का कार्य करेगा। लोक सेवा केन्द्र हेल्पलाईन के रूप में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। जल-जीवन मिशन में हर घर में जल पहुँचाने का कार्य निरंतर जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी जन-प्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र के और अधिक विकास के लिए प्रयास कर रहे हैं। हम सभी की कोशिश है कि मध्यप्रदेश सबसे समृद्ध और विकसित राज्य बनें।   recent visitors 77

किसानों की छोटी-छोटी समस्याओं को सुलझाने से उनकी आय में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है: कृषि मंत्री शिवराज

नई दिल्ली केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि किसानों की छोटी-छोटी समस्याओं को सुलझाने से उनकी आय में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। चौहान ने 24 सितंबर को शुरू हुई अपनी ‘सीधा संवाद’ पहल के तहत भारतीय किसान संघ (स्वतंत्र) के सदस्यों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कृषि क्षेत्र को प्रभावित करने वाली विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा की। किसानों की सेवा को भगवान की पूजा बताते हुए चौहान ने कहा, ‘‘ये समस्याएं छोटी लग सकती हैं, लेकिन इनका समाधान करने से किसानों की आय में 10 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।’’ एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि बैठक में भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों ने कारखाने के दूषित पानी और जले हुए ट्रांसफार्मर को कम समय में बदलने पर चर्चा की। चर्चा के दौरन फसल की लागत कम करने, उचित मूल्य सुनिश्चित करने और जलभराव को रोकने पर भी बात हुई। इसके अलावा, कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग, स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव और पीएम फसल बीमा योजना जैसी सरकारी योजनाओं तक पहुंच पर चर्चा की गई। चौहान ने विभिन्न चुनौतियों का समाधान करने के लिए हर मंगलवार को किसानों और कृषि संगठनों के प्रतिनिधियों से मिलने की प्रतिबद्धता जताई। संवाद पहल का उद्देश्य समस्या समाधान में तेजी लाने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए मंत्रालय और कृषक समुदायों के बीच सीधा संवाद कायम करना है। recent visitors 56

दिसंबर 2024 तक सेंसेक्स 1 लाख के आंकड़े को छू सकता है : मार्क मोबियस

मुंबई भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) के लिए साल 2024 शानदार रहा है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स हो या फिर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी, दोनों ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं. Sensex की बात करें, तो ये 86000 के बिल्कुल करीब पहुंच चुका है. इसकी रफ्तार को देखकर एक बार फिर से सवाल उठने लगे हैं कि क्या ये 1 लाख का स्तर पार कर लेगा? अब दिग्गज निवेशक मार्क मोबियस ने इसकी डेडलाइन बताई है और कहा है कि इस साल के अंत तक BSE Sensex एक लाख का जादुई आंकड़ा छू लेगा.   मार्क मोबियस को बाजार से ये उम्मीद दिग्गज निवेशक और मार्केट एक्सपर्ट मार्क मोबियस (Mark Mobius) ने अनुमान जाहिर करते हुए कहा है कि चाइनीज शेयरों में जारी तेजी के कारण इस साल के अंत तक सेंसेक्स 1,00,000 का स्तर छू सकता है. गौरतलब है कि मोबियस को उभरते बाजारों में निवेश के लिए इंडियाना जोन्स (Indiana Jones) भी कहा जाता है. बिजनेस टुडे के मुताबिक, उन्होंने कहा कि अगर मार्केट रेग्युलेटर सेबी (SEBI) डेरिवेटिव एक्टिविटीज को सीमित करने के लिए कड़े नियम बनाता है, तो इसका स्टॉक मार्केट पर बड़ा असर दिख सकता है. उभरते बाजार में इन्वेस्टमेंट की सलाह एक बिजनेस चैनल से बातचीत के दौरान मार्क मोबियस ने कहा कि वह उभरते बाजारों में आने वाले फंडों को ये सलाह देंगे कि वे अपना आधे से ज्यादा इन्वेस्टमेंट भारत में लगाएं. इसके साथ ही उन्होंने भारत की सेमीकंडक्टर सेक्टर में बढ़ती दिलचस्पी और इस दिशा में उठाए जा रहे कदमों को सराहनीय बताया है. इसके सात ही उन्होंने विदेशी फंडों को सलाह देते हुए कहा है कि भारत के अलावा 25 फीसदी चीन और ताइवान में, जबकि 25 फीसदी इन्वेस्टमेंट वियतनाम, तुर्की, ब्राजील, साउथ कोरिया और थाईलैंड में लगाने चाहिए. बीते Sensex ने तोड़े थे रिकॉर्ड बीता सप्ताह शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स के लिए जबर्दस्त साबित हुआ था और BSE Sensex 86000 के बिल्कुल करीब पहुंच गया था. बता दें कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स का ऑल टाइम हाई लेवल 85,978.25 है, जो पिछले हफ्ते ही छुआ गया था. वहीं पूरे हफ्ते की बात करें, तो बीएसई का सेंसेक्स (Sensex) इंडेक्स 1,027.54 अंक या 1.21 फीसदी की बढ़त में रहा था. सोमवार को देखी तगड़ी गिरावट हालांकि, सप्ताह के पहले दिन शेयर बाजार (Share Market) की खराब शुरुआत हुई और खुलने के बाद से सेंसेक्स-निफ्टी बुरी तरह टूट गए. मार्केट क्लोजिंग की अगर बात करें, तो सेंसेक्‍स (Sensex) 1272 अंक या 1.49 फीसदी तक टूट गया और 84,299 के लेवल पर क्लोज हुआ. इस दौरान बीएसई लार्जकैप कंपनियों में शामिल 30 में से 25 शेयर लाल निशान पर क्लोज हुआ. भारतीय शेयर बाजार 24 सितंबर को सेंसेक्स ने पहली बार 85,000 अंकों का रिकॉर्ड स्तर पार किया था। हालांकि, सोमवार को ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के बीच इंडेक्स ने यह स्तर खो दिया। आज भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों में गिरावट आई, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों में एक-एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। सेंसेक्स 85,208.76 पर खुला और 1.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ दिन के निचले स्तर 84,257.14 पर आ गया। निफ्टी 50 26,000 अंक से नीचे आ गया। सूचकांक 26,061.30 पर खुला और इंट्रा-डे ट्रेड में 1.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,794.10 पर आ गया। आईपीओ बूम पर मोबियस ने कहा, "जब तक आप व्यवसाय के बारे में निश्चित न हों, तब तक आईपीओ में निवेश करना अच्छा विचार नहीं है।" recent visitors 73