Wednesday, July 15, 2026 5:48 pm

राजनाथ सिंह ने कहा- हमने हनुमान जी के आदर्श का पालन किया है और उन्हीं को मारा, जिन्होंने मासूमों को मारा था

नई दिल्ली भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला ले लिया है। पीओके और पाकिस्तान में नौ आतंकी ठिकानों पर बीती रात ताबड़तोड़ मिसाइल हमले हुए, जिसमें बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए भारतीय सेना को बधाई दी और हनुमान जी को भी याद किया। उन्होंने कहा कि हमारी सेना ने सटीक ऑपरेशन किया है। हमने हनुमान जी के आदर्श का पालन किया है और उन्हीं को मारा, जिन्होंने मासूमों को मारा था। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक कार्यक्रम में बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा, ''भारतीय सेनाओं ने अद्भुत शौर्य और पराक्रम का परिचय देते हुए एक नया इतिहास रच दिया है। सेना ने सटीकता, सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की है। हमने जो लक्ष्य तय किए थे, उसे सटीकता से धवस्त किया और किसी भी नागरिक ठिकाने को बिल्कुल भी प्रभावित न होने देने की संवेदनशीलता भी दिखाई। हमने हनुमान जी के उस आदर्श का पालन किया है, जो उन्होंने अशोक वाटिका उजाड़ते हुए किया था- जिन्ह मोहि मारा तिन मैं मारे। हमने केवल उन्हीं को मारा, जिन्होंने हमारे मासूमों को मारा था।'' राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में हमारी सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च करके पहले की तरह ही इस बार भी आतंकियों को ट्रेनिंग देने वाले कैंप को तबाह करके करारा जवाब दिया है। भारत ने राइट टू रिस्पॉन्ड का इस्तेमाल किया है और यह कार्रवाई काफी सोच-समझकर की गई है। ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सशस्त्र बलों ने बुधवार तड़के पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी बुनियादी ढांचे पर हमले किए। पाकिस्तान ने कहा कि वह अपनी पसंद के समय और स्थान पर जवाब देगा। 'ऑपरेशन सिंदूर' पर एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने कहा कि नौ आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया गया और सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया। उन्होंने कहा, ''पिछले 3 दशकों में, पाकिस्तान ने व्यवस्थित रूप से एक आतंकवादी बुनियादी ढांचा बनाया है। यह भर्ती और प्रशिक्षण केंद्रों, प्रारंभिक और पाठ्यक्रमों के लिए प्रशिक्षण क्षेत्रों और हैंडलर के लिए लॉन्चपैड का एक जटिल जाल है। ये शिविर पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (पीओजेके) दोनों क्षेत्रों में स्थित हैं।'' वहीं, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान में आतंकवादी बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के लिए आनुपातिक और जिम्मेदार तरीके से हमला किया ताकि आगे किसी भी आतंकवादी हमले को रोका जा सके। recent visitors 48

आज हम ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल प्रणाली सब कुछ निर्यात कर रहे है: राजनाथ सिंह

बेंगलूरू राजनाथ सिंह ने कहा कि, आज हम छोटे तोपखानों से लेकर ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल प्रणाली जैसे बड़े प्लेटफॉर्म तक सब कुछ निर्यात कर रहे हैं। आज हमारा देश परिवर्तन के क्रांतिकारी दौर से गुजर रहा है।  एयरो इंडिया 2025 में बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि भारत परिवर्तन के क्रांतिकारी दौर से गुजर रहा है और देश के लड़ाकू विमान, मिसाइल प्रणाली, नौसैनिक जहाज न केवल हमारी सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं बल्कि पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र भी बन रहे हैं। एयरो इंडिया 2025 के समापन समारोह पर बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा, एयरो इंडिया ने ऐसी ऊंचाइयों को छुआ है जो न केवल अद्वितीय हैं बल्कि ऐतिहासिक भी हैं।  उन्होंने कहा, मैं पिछले तीन दिनों से इस कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से मौजूद था और अगर मुझे अपने अनुभव को तीन शब्दों में व्यक्त करना है तो वह है ऊर्जा, ऊर्जा और ऊर्जा। उन्होंने कहा कि, यहां हम जो कुछ भी देख पाए, वह ऊर्जा का प्रकटीकरण है और यह ऊर्जा और उत्साह न केवल भारत के प्रतिभागियों में बल्कि दुनिया भर से आए लोगों में देखी जा सकती है। हमारे उद्यमियों, हमारे स्टार्टअप और इनोवेटर्स में जो उत्साह देखा गया, वह सराहनीय है। देश बदलाव के क्रांतिकारी दौर से गुजर रहा है- रक्षा मंत्री रक्षा मंत्री ने कहा कि देश बदलाव के क्रांतिकारी दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा, हम सभी जानते हैं कि भारत ऐतिहासिक रूप से अपनी रक्षा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर रहा है। अगर मैं एक दशक पहले की बात करूं तो हमारे देश में 65 से 70 प्रतिशत रक्षा उपकरण आयात किए जाते थे। उन्होंने कहा, यदि हम आज की स्थिति को देखें तो आप इसे समाधान या चमत्कार कह सकते हैं, लेकिन आज देश में लगभग उतने ही प्रतिशत रक्षा उपकरणों का निर्माण हो रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा, आज हम ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहां लड़ाकू विमान, मिसाइल प्रणाली, नौसैन्य पोत या ऐसे अनेक उपकरण और प्लेटफॉर्म न सिर्फ हमारी सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं बल्कि पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र भी बन रहे हैं। उन्होंने कहा, आज हम छोटे तोपखानों से लेकर ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल प्रणाली जैसे बड़े प्लेटफॉर्म तक, सब कुछ कई देशों को निर्यात कर रहे हैं। इससे न केवल हमारा रक्षा निर्यात बढ़ रहा है बल्कि वैश्विक स्तर पर विभिन्न देशों के साथ हमारी नई साझेदारियां भी विकसित और मजबूत हो रही हैं। recent visitors 67

राजनाथ सिंह ने अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया और उनके बहाने ही राहुल गांधी पर भी इशारों में गहरा तंज कसा

नई दिल्ली शीत सत्र में कई दिनों तक लगातार हंगामे के बाद आज संविधान पर चर्चा शुरू हुई तो पहला भाषण रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का हुआ। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर संविधान की अवहेलना करने और हमेशा उसके मुकाबले सत्ता को ही चुनने का आरोप लगाया। उन्होंने इस दौरान पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया और उनके बहाने ही राहुल गांधी पर भी इशारों में गहरा तंज कसा। राजनाथ सिंह ने कहा कि 1995 में अटल बिहारी वाजपेयी जेनेवा गए थे। उन्होंने तत्कालीन सरकार के कदमों की तारीफ की थी और भारत का पक्ष रखा। यही नहीं भारत लौटे तो यहां भी वही बात की। आज तो ऐसी स्थिति है कि विपक्ष के नेता विदेश जाकर भारत के ही खिलाफ बोलते हैं। राजनाथ सिंह ने इस दौरान शाहबानो केस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अदालत ने एक मुस्लिम महिला के पक्ष में फैसला सुनाया तो कांग्रेस की बहुमत वाली सरकार ने उसे ही पलट दिया। अब जाकर मोदी सरकार ने तीन तलाक पर कानून बनाकर मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिया है। रक्षा मंत्री ने कहा, 'कांग्रेस को जब भी सत्ता और संविधान को चुनना था तो उन्होंने सत्ता को ही चुना। मैंने आपातकाल में जेल काटी। 40 दिन तो मुझे तनहाई बैरक में रहना पड़ा। यही नहीं इस दौरान मेरी मां का निधन हो गया, लेकिन अंतिम विदाई के लिए भी छोड़ा नहीं किया गया। राजनाथ सिंह ने कहा कि संविधान अंधेरे में प्रकाश स्तंभ है।' उन्होंने कहा कि यूपी में कई बार ऐसा हुआ कि हमारे पास बहुमत रहा, फिर भी सरकार बनाने से रोकने की कोशिश हुई। 6 दिसंबर, 1992 को कल्याण सिंह की सरकार ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद भी जानबूझकर बर्खास्तगी का आदेश जारी किया गया था। रक्षा मंत्री ने आपातकाल का भी जिक्र किया और कहा कि मैं खुद 6 महीने तक जेल में बंद रहा। हालात यह थे कि 40 दिन तो तनहाई बैरक में रखा गया। इस दौरान मेरी मां का निधन हुआ और वह लंबे समय तक अस्पताल में भी रहीं। मैं उन्हें अस्पताल में देखने नहीं गया और उनकी मौत के बाद अंतिम विदाई में शामिल होने का भी मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि आर्टिकल 356 का इस्तेमाल करके राज्य सरकारों को बर्खास्त करने कांग्रेस का इतिहास रहा है। 100 बातों की एक बात है कि कांग्रेस ने हमेशा संविधान और सत्ता में से सत्ता को ही चुना। उन्होंने इस दौरान बीते 75 सालों में समानता की ओर बढ़ने वाले कदमों का भी जिक्र किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी लैंगिक समानता के लिए कदम उठाए हैं। 7 दशकों से अधिक समय से संविधान भारत को दिशा दिखा रहा है और वह मजबूत होता जा रहा है। इस दौरान राजनाथ सिंह ने भीमराव आंबेडकर की एक टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान यदि अच्छा भी है तो बुरे लोगों के हाथ में जाकर वह खराब हो जाता है। यदि खराब है, लेकिन अच्छे लोग चलाएं तो वह अच्छा हो जाता है। recent visitors 59

संविधान दिवस पर चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमले बोले

नई दिल्ली संविधान दिवस पर चर्चा के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमले बोले। उन्होंने कहा कि आज लोग संविधान की रक्षा की बात कर रहे हैं। लेकिन ये समझने की जरूरत है कि किसने संविधान का सम्मान किया है और किसने अपमान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के शासनकाल में कुल 62 बार संविधान संशोधन किया गया। अब तक 62 बार संशोधन राजनाथ ने सत्ता पक्ष की तरफ से बहस की शुरुआत करते हुए कहा कि आजाद भारत के इतिहास को देख लीजिए। कांग्रेस ने न केवल संविधान संशोधन किया है बल्कि दुर्भावना के साथ-साथ धीरे-धीरे संविधान को बदलने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू जब देश के पीएम थे,तो उस समय लगभग 17 बार संविधान में बदलाव किया गया। इंदिरा गांधी के समय लगभग 28 बार संविधान में बदलाव किए गए। राजीव गांधी के समय लगभग 10 बार और मनमोहन सिंह के वक्त 7 बार संविधान में बदलाव किया गया। प्रेस पर भी किया हमला राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकारों द्वारा किए गए अधिकांश संविधानिक संशोधन या तो विरोधियों और आलोचकों को चुप कराने के लिए किए गए या तो गलत नीतियों को लागू करने के लिए किए गए। उन्होंने कहा कि आप पहले संविधान संशोधन को ही ले लीजिए, साल 1950 में प्रेस में कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों की आलोचना हो रही थी। ऐसे में तब की कांग्रेस की सरकार ने आरएसएस के साप्ताहिक प्रकाशन ऑर्गेनाइजर और मद्रास से निकलने वाली पत्रिका क्रॉस रोड को प्रतिबंधित कर दिया था। एक पूर्व जस्टिस का राजनाथ ने किया जिक्र राजनाथ ने कहा कि आज संविधान की रक्षा की बात की जा रही है,ये समझने की जरूरत है कि किसने संविधान का सम्मान किया है और किसने अपमान किया है? उन्होंने इसी संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एच आर खन्ना की आत्मकथा,नाइदर रोजेज नॉर थार्न किताब से एक पंक्ति उदृत किया। उन्होंने कहा कि जस्टिस खन्ना ने लिखा कि मैं अपनी छोटी बहन संतोष को कहा कि मैंने एक जजमेंट तैयार किया है जिसके कारण मैं देश का चीफ जस्टिस नहीं बन पाऊंगा। recent visitors 64

नौसेना के नए युद्धपोत ‘आईएनएस तुशील’ की कमिशनिंग में हो रहे शामिल, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस पहुंचे

मॉस्को। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को रूस में नौसेना के नवीनतम, बहुउद्देश्यीय, स्टील्थ-गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट ( युद्धपोत) 'आईएनएस तुशील' का जलावतरण करेंगे। रक्षा मंत्री कलिनिनग्राद के यंत्र शिपयार्ड में 'युद्धपोत, परियोजना 1135.6' के तहत एक उन्नत 'क्रिवाक III श्रेणी फ्रिगेट' का जलावतरण करेंगे। भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, भारत और रूस वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान उपस्थित रहेंगे। रक्षा मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, रक्षा मंत्री 8-10 दिसंबर तक रूस की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। राजनाथ सिंह और रूसी रक्षा मंत्री आंद्रे बेलौसोव 10 दिसंबर को मास्को में सैन्य और सैन्य तकनीकी सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (आईआरआईजीसी-एमएंडएमटीसी) की 21वीं बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे। दोनों नेता रक्षा के क्षेत्र में भारत-रूस के बीच बहुआयामी संबंधों की समीक्षा करेंगे। वे आपसी हितों के समकालीन क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। इसके अलावा, राजनाथ सिहं दूसरे विश्व युद्ध के दौरान मारे गए सोवियत सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए मॉस्को में ‘अज्ञात सैनिक की समाधि/द टॉम्ब ऑफ अननोन सोल्जर’ पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। वह भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे। क्रिवाक श्रेणी के छह युद्धपोत पहले से ही सेवा में हैं। इनमें सेंट पीटर्सबर्ग के बाल्टिस्की शिपयार्ड में निर्मित 'तलवार श्रेणी' के तीन जहाज और कैलिनिनग्राद के यंतर शिपयार्ड में निर्मित 'टेग श्रेणी' के तीन जहाज शामिल हैं। 'आईएनएस तुषिल' इस सीरिज का सातवां और दो अपग्रेडेड एडीशनल फॉलोऑन जहाजों में से पहला होगा। इसके लिए भारत सरकार और नौसेना ने अक्टूबर 2016 में जेएससी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किए थे। अधिकारियों ने बताया कि 125 मीटर लंबा और 3,900 टन वजनी यह जहाज घातक है। इसमें युद्धपोत निर्माण की सर्वोत्तम पद्धतियों के अलावा रूसी और भारतीय अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी का प्रभावशाली मिश्रण है। पोस्ट कंस्ट्रक्शन और तैयार होने के बाद, जनवरी 2024 से जहाज को कई परीक्षणों से गुजराना पड़ा है। इसमें फैक्ट्री समुद्री परीक्षण, राज्य समिति परीक्षण और अंत में, एक भारतीय एक्सपर्ट टीम द्वारा डिलीवरी स्वीकृति परीक्षण शामिल है। परीक्षण के दौरान, जहाज ने 30 नॉट (55 किमी प्रति घंटे) से अधिक की प्रभावशाली गति दर्ज की। यह लगभग युद्ध के लिए तैयार स्थिति में भारत पहुंचेगा। नौसेना के एक अधिकारी के अनुसार, 'तुशील' नाम का अर्थ है 'सुरक्षा कवच' और इसका शिखर 'अभेद्य कवच' (अभेद्य कवच) का प्रतिनिधित्व करता है। अपने आदर्श वाक्य 'निर्भय, अभेद्य और बलशील' के साथ, यह जहाज देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना की अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। भारतीय नौसेना एक्सपर्ट्स और सेवर्नॉय डिजाइन ब्यूरो के सहयोग से, जहाज की स्वदेशी सामग्री को 26 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। कमीशन होने पर, आईएनएस तुशील पश्चिमी नौसेना कमान के तहत भारतीय नौसेना के 'स्वॉर्ड आर्म', पश्चिमी बेड़े में शामिल हो जाएगा। recent visitors 83

राजनाथ सिंह भारत-रूस अंतर सरकारी आयोग की 21वीं बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे

नई दिल्ली रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज से रूस की तीन दिन की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री और रूस के रक्षा मंत्री एंड्री बेलौसोव मंगलवार को मास्को में सैन्य और सैन्य तकनीकी सहयोग पर भारत-रूस अंतर सरकारी आयोग की 21वीं बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे। दोनों नेता सैन्य-से-सैन्य और औद्योगिक सहयोग सहित रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों की संपूर्ण श्रृंखला की समीक्षा करेंगे। वे आपसी हित के समसामयिक क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। रक्षा मंत्री सोमवार को यंत्र शिपयार्ड, कलिनिनग्राद में भारतीय नौसेना के नवीनतम बहुउद्देशीय स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट ’आईएनएस तुशिल’ को नौसेना के बेड़े में शामिल करेंगे। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी भी इस अवसर पर श्री सिंह के साथ होंगे। इसके अलावा, रक्षा मंत्री द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मारे गए सोवियत सैनिकों के सम्मान में मास्को में ’अज्ञात सैनिक के मकबरे’ पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। वह भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे।   recent visitors 67

राजनाथ सिंह ने कहा- सीमाओं को सुरक्षित करने के साथ-साथ देश की संस्कृति को भी सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण है

हैदराबाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश में एकता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि विभाजन को हमेशा हार का सामना करना पड़ा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की संस्कृति की सुरक्षा करना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि सीमाओं को सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा, ‘‘जब भी हमारी एकता कमजोर हुई है तब-तब आक्रमणकारियों ने हमारी सभ्यता और हमारी संस्कृति को नष्ट करने की पूरी कोशिश की है। इसलिए इतिहास से सीख कर एकता की प्रतिज्ञा लेनी चाहिए।’’ मंत्री ने कहा, ‘जो लोग विभाजन करते हैं वे विभिन्न धर्मों, जातियों और संप्रदायों सहित कई आधारों पर लोगों को बांटने की कोशिश करते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आपको विभाजित नहीं होना चाहिए। आपको न तो विभाजित होना चाहिए और न ही दूसरों को विभाजित करना चाहिए। पूरे देश को एक साथ रहना होगा। हमें एकजुट रहना है। यदि हम विभाजन से बचते हैं तो हम विकास की ओर बढ़ेंगे और एक विकसित एवं मजबूत भारत का निर्माण करेंगे।’’ राजनाथ सिंह ने एक निजी टीवी चैनल द्वारा आयोजित किए गए ‘कोटी दीपोत्सवम’ समारोह के दौरान यह टिप्पणी की। प्राचीन शास्त्रों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एकता समाज की ताकत है। सिंह ने कहा कि एकता सुनिश्चित करके इस प्रकाश को न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में फैलाना चाहिए क्योंकि भारत पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार सांस्कृतिक पुनरुत्थान पर ध्यान दे रही है। राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक विकास के साथ-साथ देश के लिए सांस्कृतिक विकास भी इतना ही महत्वपूर्ण है। रक्षा मंत्री ने कहा कि यदि कोई देश अपनी संस्कृति को खो देता है तो उसे परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, ‘‘रक्षा मंत्री होने के नाते यह सुनिश्चित करना मेरी जिम्मेदारी है कि हमारे नेतृत्व में देश की सीमाएं सुरक्षित रहें। लेकिन मेरा यह भी मानना है कि देश की संस्कृति को सुरक्षित रखना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।’’ रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत केवल एक राजनीतिक इकाई नहीं है बल्कि इसकी हजारों वर्षों की सांस्कृतिक पहचान भी है, जिसके कारण हम दुनिया भर में जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी देश सिर्फ जमीन के टुकड़े और उसके लोगों से नहीं बनता, बल्कि एक राष्ट्र उसकी संस्कृति से बनता है। उन्होंने कहा, ‘अगर किसी देश के लोगों में अपनी संस्कृति के प्रति नफरत भरी जाए, तो वह देश किसी समय विभाजित हो जाएगा।’ सिंह ने कहा, ‘जिन लोगों ने भारत और उसके लोगों को विभाजित करने की कोशिश की, उन्होंने हमारी संस्कृति को कमतर दिखाने की कोशिश की, लेकिन देशवासियों की जागरूकता के कारण वह दौर अब खत्म हो गया है।’ उन्होंने कहा कि अब देश में सांस्कृतिक पुनरुत्थान हो रहा है।   recent visitors 82