कोलकाता रेप हत्याकांड: सड़क पर उतरे भोपाल AIIMS के डॉक्टर, बंद की OPD, की ये डिमांड

भोपाल एमपी में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। भोपाल में हमीदिया और एम्स के बाद अब निजी अस्पतालों ने भी आज ओपीडी बंद रखी है। प्राइवेट अस्पताल अक्षय हार्ट, नेशनल अस्पताल, सिद्धांता सहित भोपाल के कई अस्पतालों में सिर्फ इमरजेंसी सुविधा चालू है।हड़ताल को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट में दो जनहित याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इसमें हड़ताल को गलत बताया गया है। हाईकोर्ट ने इस पर जूडा को नोटिस जारी किया है। इस मामले में आज सुनवाई होगी। हड़ताल के चलते शुक्रवार को हमीदिया की ओपीडी में करीब 38 फीसदी मरीजों की कमी देखी गई। एम्स में भी यही हालत थे, यहां करीब 500 से अधिक मरीज कम पहुंचे। प्राइवेट अस्पताल में सिर्फ इमरजेंसी सर्विसेज एसोसिएशन ऑफ हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स ऑफ इंडिया, एमपी चैप्टर (AHPI-MP) के अध्यक्ष डॉ. अनूप हजेला ने बताया- इमरजेंसी सर्विसेस चालू रहेंगी, प्राइवेट हॉस्पिटल्स की ओपीडी बंद रहेगी। न्यूरो फिजीशियन डॉ. नीरेंद्र राय ने कहा- प्राइवेट अस्पतालों में सिर्फ इमरजेंसी मरीज और IPD यानी भर्ती मरीजों को ही देखा जाएगा। इस लिस्ट में करीब 350 प्राइवेट अस्पताल शामिल रहेंगे। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। इसलिए हो रहा विरोध शासकीय स्वशासी चिकित्सक महासंघ मध्य प्रदेश के मुख्य संयोजक डॉ. राकेश मालवीय ने बताया- केंद्र और राज्य ने अपने-अपने अनुसार डॉक्टर के लिए कई तरह के कानून बना रखे हैं मगर डॉक्टर के लिए कोई भी केंद्रीय कानून अभी तक नहीं बनाया गया। लगातार मांग की जा रही है कि एक सेंट्रलाइज कानून लाया जाए। हड़ताल को लेकर आज हाईकोर्ट में सुनवाई हड़ताल को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाई गई है। इस पर आज सुनवाई होगी। अधिवक्ता अभिषेक पांडे ने बताया कि हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने एक निर्देश दिया था। जिसमें कहा था कि मेडिकल सुविधा एसेंशियल सर्विस में आती है। जिससे मरीजों को परेशानी होती है। इसके तहत डॉक्टर किसी भी तरह की हड़ताल में नहीं जा सकते हैं। हमने हाईकोर्ट के इस ऑर्डर के उल्लंघन के विरोध में जनहित याचिका लगाई है। जूडा अध्यक्ष डॉ. नयन जैन ने बताया कि इंदौर में 700 से ज्यादा जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं। जूडा अध्यक्ष डॉ. नयन जैन ने बताया कि इंदौर में 700 से ज्यादा जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं।  शहडोल मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स भी चिंतित हैंं। इन्होंने आज  कॉलेज कैंपस में ही विरोध प्रदर्शन किया और अपनी सेवाएं नहीं दीं। विरोध प्रदर्शन करते हुए इन डॉक्टरों ने ओपीडी को पूरी तरह से बंद रखा, लेकिन आकस्मिक सेवाएं चालू रखीं जिससे गंभीर मरीजों को किसी तरह की दिक्कत न हो। हालांकि सामान्य मरीज परेशान होते देखे गए। इन डॉक्टरों ने दिन भर शुक्रवार को अपना काम बंद कर विरोध जताया और इंसाफ की मांग की। डॉ. प्रदीप पाठक ने कहा कि इस क्रूर और अमानवीय कृत्य की परत दर परत जिस तरह खुलकर सामने आ रही है, उससे डॉक्टर्स कम्युनिटी और महिलाओं के बीच असुरक्षा का माहौल है। इस तरह का माहौल देखकर, जिससे अंदर तक आत्मा हिल गई है। जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाने की जगह आरोपितों को बचाने की कोशिश अस्पताल और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। डॉ. आरडी खरात ने कहा कि इस घटना ने सोचने पर मजबूर कर दिया है कि अगर मेडिकल कॉलेज जैसी जगह पर डॉक्टर्स सुरक्षित नहीं हैं तो किस भरोसे अभिभावक अपनी बेटियों को पढ़ने बाहर भेजें। निर्भया केस के बाद बने कठोर क़ानून भी ऐसे अपराधों को रोक पाने में असफल दिख रहे हैं। कठुआ से लेकर कोलकाता तक महिलाओं के खिलाफ लगातार बढ़ती घटनाओं पर हर राजनीतिक दल, हर वर्ग को मिलकर गंभीर विचार.विमर्श कर ठोस उपाय करने होंगे। मेडिकल कॉलेज के डाक्टरों ने कहा कि हम सब इस असहनीय कष्ट में पीड़िता के परिवार के साथ हैं। उन्हें हर हाल में न्याय मिले और दोषियों को ऐसी सज़ा मिले जो समाज में एक नजीर की तरह प्रस्तुत की जाए। भोपाल में इन अस्पतालों में ओपीडी बंद     नेशनल हॉस्पिटल     हजेला हॉस्पिटल     अक्षय हार्ट हॉस्पिटल     सिद्दांता रेडक्रास हॉस्पिटल     गेस्ट्रो केयर हॉस्पिटल     चिरायु     अन्य प्राइवेट अस्पताल हड़ताल में ये संगठन शामिल इस हड़ताल में यूनाइटेड डॉक्टर फेडरेशन, चिकित्सक महासंघ, प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर एसोसिएशन मध्य प्रदेश, मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन मध्य प्रदेश, जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन मध्यप्रदेश, ईएसआई मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन मध्य प्रदेश, मेडिकल ऑफिसर मेडिकल एजुकेशन मध्य प्रदेश, होम डिपार्टमेंट एसोसिएशन मध्य प्रदेश शामिल हैं। भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में प्रदर्शन कोलकाता में 8 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर से रेप के बाद हत्या के विरोध में देशभर में डॉक्टर्स का विरोध प्रदर्शन जारी है। भोपाल में एम्स के बाद हमीदिया अस्पताल के जूनियर डॉक्टर ने गुरुवार रात 12 बजे से काम बंद कर दिया है। इंदौर में भी जूनियर डॉक्टर्स इमरजेंसी केस ही देख रहे हैं।   recent visitors 112

पीएम मोदी को यूक्रेन जाने की बजाय पड़ोस पर ध्‍यान देने की सलाह -विशेषज्ञ

कीव यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध में नया मोड़ आ गया है। यूक्रेन की सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए रूस के अंदर 10 किमी तक घुस गई है। यूक्रेनी राष्‍ट्रपति जेलेंस्‍की ने दावा किया है कि उनकी सेना ने रूसी कस्‍बे सुदझा पर पूरी तरह से कब्‍जा कर लिया है। इस कस्‍बे में रूस के 5000 लोग रहते हैं और यहीं से यूरोप को गैस की सप्‍लाई करने के लिए पूरा इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर मौजूद है। बताया जा रहा है कि रूस के करीब 1000 किमी के इलाके में भीषण लड़ाई चल रही है। वहीं रूसी सेना ने अब यूक्रेन की सेना को घेरने के लिए चारों ओर से घेरेबंदी शुरू कर दी है। यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने 80 बस्तियों पर कब्‍जा कर लिया है और इसमें सुदझा सबसे बड़ा है। रूस और यूक्रेन में भारी तनाव के बीच पीएम मोदी युद्ध शुरू होने के बाद अब यूक्रेन की पहली यात्रा पर जा रहे हैं। इसको लेकर विशेषज्ञों ने आगाह किया है। रक्षा मामलों के चर्चित विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी ने एक्‍स पर लिखे अपने पोस्‍ट में पीएम मोदी को यूक्रेन जाने की बजाय पड़ोस पर ध्‍यान देने की सलाह दी है। चेलानी ने लिखा, 'पीएम मोदी की कीव यात्रा के लिए इससे ज्‍यादा खराब टाइम कोई नहीं हो सकता है। रूस की सेना यूक्रेनी सेना के घुसपैठ के बाद भीषण जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। अमेरिका की सीजफायर में कोई रुचि नहीं है लेकिन उसने कहा है कि वह रूस और यूक्रेन के युद्ध में भारत के शांति लाने प्रयासों का स्‍वागत करता है। बांग्‍लादेश में उलट पलट के बाद पीएम मोदी को भारत के स्‍ट्रेटज‍िक बैकयार्ड की चुनौतियों पर फोकस करना चाहिए।' 'अमेरिका के कदम भारत के हित से मेल नहीं खाते' चेलानी ने अपने एक लेख में कहा कि यह स्‍पष्‍ट है कि अमेरिका और भारत पिछले साल संयुक्‍त बयान में प्रण कर रहे थे कि वे दुनिया में सबसे करीबी पार्टनर बनेंगे लेकिन इसके बाद भी ईरान से लेकर म्‍यांमार तक वॉशिंगटन के हित भारत के मुख्‍य हितों से मेल नहीं खाते हैं। बांग्‍लादेश भारत के लिए ताजा खतरे की घंटी है। उन्‍होंने कहा कि इस वास्‍तविकता ने भारत को दुविधा में डाल दिया है और उसके लिए कोई आसान विकल्‍प भी नहीं है। हालांकि भारत अमेरिका से मजबूत रिश्‍ते बनाना जारी रखेगा लेकिन भारत के पड़ोस में उसके यह कदम बहुत धक्‍का देने वाले हैं। उन्‍होंने कहा कि भारत ने जहां बांग्‍लादेश की घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है और चेतावनी दी है। वहीं भारत के करीबी रणनीतिक दोस्‍त अमेरिका ने बांग्‍लादेश में इस सत्‍तापलट का स्‍वागत किया और बदलाव को पूरा समर्थन देने का ऐलान भी कर दिया। इस बीच अमेरिका ने कहा है कि वह रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान दोनों देशों के बीच शांति लाने के भारत के प्रयासों का स्वागत करता है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने यहां यह बात कही। पटेल इस महीने के अंत में पीएम नरेंद्र मोदी की संभावित यूक्रेन यात्रा के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा, ‘हम अनेक मुद्दों पर अपने भारतीय साझेदारों के साथ संपर्क में हैं और निश्चित रूप से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध के दौरान भारत की बातचीत का स्वागत करेंगे।’ मोदी 21 से 23 अगस्त तक पोलैंड और यूक्रेन की यात्रा पर जा सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। दूसरे विश्‍वयुद्ध के बाद पहली बार रूसी जमीन पर कब्‍जा आपको बता दें कि पिछले 10 दिन में यूक्रेन की सेना रूस के अंदर करीब 10 क‍िलोमीटर तक घुस गई है। यूक्रेन के राष्‍ट्रपति जेलेंस्‍की ने कहा है कि उनकी सेना ने सुदझा कस्‍बे को रूस की सेना से मुक्‍त करा लिया है। यूक्रेनी सेना ने वहां पर अपना ऑफ‍िस भी बना लिया है। सुजझा में रूस के प्राकृतिक गैस को नापने का स्‍टेशन है। इस गैस को साइबेरिया से लाया जाता और फिर उसे यूरोप को निर्यात किया जाता है। यूक्रेन सेना के इस कब्‍जे को पुतिन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दूसरे विश्‍वयुद्ध के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब रूस की जमीन पर किसी दूसरे देश की सेना ने कब्‍जा किया है। इसी वजह से अब रूस की सेना बड़ा पलटवार कर रही है और कई इलाकों को मुक्‍त कराने का दावा किया है। recent visitors 83

WHO ने मंकीपॉक्स को ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया,दो साल में दूसरी बार ऐलान; पाक में मिला पहला केस

नईदिल्ली दुनिया कुछ समय पहले कोविड-19 वायरस के खतरे से बाहर निकली ही थी कि अब एक और वायरस ने चिंता बढ़ा दी है. इस वायरस का नाम एमपॉक्स (Mpox) है, जिसे लेकर डब्ल्यूएचओ ने ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित की है. स्वास्थ्य एजेंसी ने इसे 'ग्रेड 3 इमरजेंसी' के रूप में वर्गीकृत किया है जिसका अर्थ है कि इस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है. जनवरी 2023 से अब तक 27,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं और लगभग 1100 मौतें दर्ज की गई हैं. यह वायरस अब कांगो के कुछ हिस्सों के अलावा पूर्वी कांगो से रवांडा, युगांडा, बुरुंडी और केन्या तक फैल गया है. पाकिस्तान में इस साल का पहला एमपॉक्स का मामला सामने आया है। हाल ही में सऊदी अरब से लौटे एक शख्स में इस वायरस की पुष्टि हुई है। एआरवाई न्यूज ने स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से यह जानकारी दी है। मरदान का रहने वाला एक शख्स तीन अगस्त को पाकिस्तान पहुंचा था। पेशावर पहुंचने के कुछ समय बाद ही उसमें लक्षण दिखने लगे और वह जांच के लिए अस्पताल पहुंचा। एआरवाई न्यूज के अनुसार, पेशावर में खैबर मेडिकल यूनिवर्सिटी ने इस बीमारी की पुष्टि की है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने उठाए एहतियाती कदम सऊदी अरब से लौटे शख्स में एमपॉक्स का वायरस मिलने के बाद हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने सऊदी अरब से उनकी उड़ान पर साथी यात्रियों सहित संक्रमित शख्स के निकट संपर्क में रहने वाले व्यक्तियों की पहचान और निगरानी के लिए ट्रेसिंग प्रयास शुरू कर दिए हैं। स्वीडन में मिला Mpox का केस इस बीच यहां यह भी बता दें कि, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एमपॉक्स के बढ़ते खतरे को लेकर आगाह किया था। इससे पहले अफ्रीका से बाहर स्वीडन में भी एमपॉक्स के पहले केस की पुष्टि हो गई है। एक दिन पहले ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दो साल में दूसरी बार इस बीमारी को ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया था। स्वीडिश पब्लिक हेल्थ एजेंसी के महानिदेशक ओलिविया विगज़ेल ने एक प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि संक्रमित व्यक्ति अफ्रीका के एक हिस्से में रहने के दौरान वायरस की चपेट में आया, जहां यह बीमारी बड़े पैमाने पर फैली हुई है। कितने लोगों की हुई मौत गौरतलब है कि, एमपॉक्स कांगो सहित 13 अफ्रीकी देशों में तेजी से फैल रहा है। अब तक इस बीमारी से 524 लोगों की मौत हो चुकी है। WHO के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने एमपॉक्स के बढ़ने पर आईएचआर आपातकालीन समिति की बैठक के बाद मीडिया ब्रीफिंग की थी। उन्होंने कहा था कि तीन वर्षों में यह दूसरी बार है जब एमपॉक्स आपातकालीन स्थिति में पहुंच गया है, WHO अफ्रीका में एमपॉक्स के प्रकोप पर काम कर रहा है। स्वीडन की पब्लिक हेल्थ एजेंसी ने बयान जारी करते हुए कहा, 'स्टॉकहोम में इलाज कराने आए एक व्यक्ति में क्लेड I वेरिएंट के कारण एमपॉक्स का पता चला है. यह क्लेड I के कारण अफ्रीकी महाद्वीप के बाहर मिला पहला मामला है.' डब्ल्यूएचओ ने क्या कहा? डब्ल्यूएचओ के डायरेक्टर जनरल डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस (Dr Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने एक न्यूज कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, 'एमपॉक्स के एक नए ग्रुप का उभरना, पूर्वी डीआरसी (कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य) में इसका तेजी से फैलना और कई पड़ोसी देशों में मामलों की सूचना मिलना बहुत चिंताजनक है. डीआरसी और अफ्रीका के अन्य देशों में अन्य एमपॉक्स क्लेड्स के प्रकोप के अलावा, यह स्पष्ट है कि इन प्रकोपों ​​को रोकने और जीवन बचाने के लिए एक इंटरनेशनल एक्शन की जरूरत है.' महामारी विज्ञानी मैग्नस गिसलेन का कहना है, 'ऐसा माना जा रहा है कि मरीज अफ्रीका के एक ऐसे क्षेत्र की यात्रा के दौरान इस वायरस से संक्रमित हुआ, जहां वर्तमान में एमपॉक्स क्लेड I का खतरा है.' अब ऐसे में यह जानना भी जरूरी है कि एमपॉक्स क्या है, यह कैसे फैलता है और इससे कैसे बचा जा सकता है. तो आइए इन सबके बारे में डिटेल में जानते हैं. एमपॉक्स क्या है? एमपॉक्स एक वायरल बीमारी है जो मंकीपॉक्स वायरस के कारण होती है, जो ऑर्थोपॉक्सवायरस जीनस की एक प्रजाति है. एमपॉक्स को पहले मंकीपॉक्स के नाम से जाना जाता था. इस वायरस की पहचान वैज्ञानिकों ने पहली बार 1958 में की थी जब बंदरों में 'पॉक्स जैसी' बीमारी का प्रकोप हुआ था. एमपॉक्स (Mpox) वायरस के उसी परिवार से संबंधित है, जिसमें चेचक (Cheapox) होता है. एमपॉक्स कैसे फैलता है? एमपॉक्स वायरल संक्रमण है जो मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति या जानवर के साथ संपर्क में आने से फैलता है. एमपॉक्स एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संक्रामक त्वचा या मुंह या जननांगों जैसे अन्य घावों के सीधे संपर्क के माध्यम से फैल सकता है. मध्य और पश्चिमी अफ्रीका में अधिकांश मामले उन लोगों में देखे गए हैं जो संक्रमित जानवरों के साथ संपर्क में रहते थे. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह संक्रमण कपड़ों या लिनेन जैसी दूषित वस्तुओं के उपयोग, टैटू की शॉप, पार्लर या अन्य पब्लिक जगहों पर यूज होने वाली कॉमन चीजों से भी फैल सकता है. संक्रमित पशुओं से मनुष्यों को काटने, खरोंचने, खाने या जानवरों के साथ अन्य एक्टिविटी से भी यह वायरस जानवरों से मनुष्यों में फैल सकता है. एमपॉक्स के लक्षण क्या हैं? एमपॉक्स से संक्रमित लोगों को अक्सर शरीर पर दाने हो जाते हैं जो हाथ, पैर, छाती, चेहरे या मुंह या जननांगों के आसपास हो सकते हैं. ये दाने अंततः फुंसी (मवाद से भरे बड़े सफेद या पीले दाने) और ठीक होने से पहले पपड़ी बनाते हैं. इसके अन्य लक्षणों में बुखार, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द भी शामिल है. वायरस से लड़ने की कोशिश करते समय लिम्फ नोड्स भी सूज सकते हैं और दुर्लभ मामलों में यह वायरस जानलेवा भी हो सकता है. इससे संक्रमित व्यक्ति शुरुआती लक्षण से दाने निकलने और फिर ठीक होने तक कई लोगों को संक्रमित भी कर सकता है. लक्षण कितने दिन तक रहते हैं? रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार, एमपॉक्स के लक्षण वायरस के संपर्क में आने के 21 दिनों के अंदर दिखना शुरू होते हैं. एमपॉक्स के संपर्क में आने और लक्षण दिखने का समय 3 से 17 दिन है. इस दौरान, व्यक्ति में कोई लक्षण नहीं दिखते. लेकिन इस … Read more

गीता गोपीनाथ का दिया बड़ा बयान“भारत 2027 तक बनेगा दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था”

नई दिल्ली  इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड की पहली डेप्युटी मैनेजिंग डायरेक्टर गीता गोपीनाथ का मानना ​​है कि भारत उम्मीदों से कहीं अधिक आर्थिक रूप से विकसित हो रहा है. हाल ही में उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि भारत की विकास दर के पीछे अलग-अलग कारण हैं. गीता गोपीनाथ ने भविष्यवाणी की कि भारत 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा     गीता गोपीनाथ ने कहा कि भारत ने पिछले वित्तीय वर्ष में उम्मीद से बेहतर विकास दर दर्ज की. इसे बनाए रखने के लिए किए गए उपायों का इस साल हमारी उम्मीदों पर असर पड़ेगा. इसके अलावा, हमने भारत में निजी खर्च में भी जोरदार उछाल देखा है. आईएमएफ की उप प्रबंध निदेशक गीता गोपीनाथ ने कहा कि पिछले साल निजी खर्च में केवल 4 फीसदी की वृद्धि हुई थी. जैसे-जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में खर्च बढ़ेगा, इसमें भी वृद्धि होगी. दोपहिया वाहनों की बिक्री और एफएमसीजी की बिक्री में तेजी आई है. बारिश के साथ, अच्छी फसल उत्पादन संभव है. नतीजतन, कृषि आय बढ़ेगी और ग्रामीण विनिमय में तेजी आएगी. ये हमारी उम्मीदों के सोर्स हैं. IMF ने विकास की उम्मीदें बढ़ाई आईएमएफ ने भारत में एफएमसीजी, दोपहिया वाहनों की बिक्री और अनुकूल वर्षा के आंकड़ों के आधार पर वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत के विकास अनुमान को बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया है. यह भारत सरकार द्वारा इस वर्ष के आर्थिक सर्वेक्षण में दिए गए 6.5 फीसदी विकास अनुमान से अधिक है. 2025 तक भारतीय अर्थव्यवस्था भारत जी20 शेरपा, नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने पहले ही राय दी है कि भारत 2025 तक दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. अमिताभ कांत ने कहा कि पिछली तीन तिमाहियों में रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह और 8 फीसदी जीडीपी वृद्धि जैसी चीजों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है. भारत वर्तमान में अमेरिका, चीन, जर्मनी और जापान के बाद दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. 2022 में भारत ब्रिटेन को पछाड़ते हुए छठे स्थान से पांचवें स्थान पर पहुंच गया. इकोनॉमी में तेजी के पीछे ये तर्क  बता दें, भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर गीता गोपीनाथ ने जो अनुमान दिया है, वो पिछले महीने बजट में भारत सरकार द्वारा आर्थिक सर्वे में पेश किए गए अनुमान से भी ज्यादा है. भारत सरकार ने 6.5 फीसदी जीडीपी ग्रोथ का अनुमान लगाया है. जबकि अब IMF ने जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाकर 7 फीसदी कर दिया है. गीता गोपीनाथ ने इस अनुमान के आधार पर बताया कि 2027 तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन जाएगा.  उन्होंने बताया कि पिछले साल निजी खपत ग्रोथ 4 फीसदी के करीब था, जिसमें इस साल खासी बढ़ोतरी की उम्मीद है, खासकर ग्रामीण इलाकों में तेजी रिकवरी की संभावना दिख रही है. ADB को भारत की ग्रोथ पर भरोसा  बता दें, IMF से जुड़ीं गीता गोपीनाथ से पहले एशियाई विकास बैंक (ADB) ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था की तारीफ की थी. एशियाई विकास बैंक (ADB) ने भारत के जीडीपी अनुमान को 7 फीसदी पर बरकार रखा है. वहीं भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है.  recent visitors 111

सिंधिया के इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा सीट के लिए नामांकन जारी, Nomination 19 अगस्त को भी होंगे

 भोपाल  मध्य प्रदेश से राज्य सभा की एक रिक्त सीट के लिए उपचुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। 21 अगस्त तक नामांकन पत्र स्वीकार किए जाएंगे। अभी तक एक भी नामांकन पत्र जमा नहीं हुआ। शनिवार और रविवार को अवकाश होने के कारण नामांकन पत्र नहीं लिए जाएंगे। 19 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन विधानसभा सचिवालय खुलेगा और नामांकन पत्र लिए जाएंगे। मध्‍य प्रदेश से राज्य सभा की एक सीट से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुना लोकसभा सीट से चुनाव जीतने के बाद त्यागपत्र दे दिया था। उनका कार्यकाल नौ अप्रैल 2024 तक था। अब शेष अवधि के लिए उपचुनाव कराया जा रहा है।नामांकन पत्र 21 अगस्त तक स्वीकार किए जाने हैं।  अवकाश के दिन भी स्‍वीकार होंगे नामांकन शनिवार और रविवार को शासकीय अवकाश है और 19 अगस्त को रक्षाबंधन का अवकाश है लेकिन इस दिन नामांकन पत्र स्वीकार किए जाएंगे। विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन को केंद्रीय अवकाश नहीं होने के कारण केवल चुनाव कार्य में संलग्न अधिकारियों-कर्मचारियों को आना होगा। भाजपा उम्‍मीदवार के निर्विरोध निर्वाचन की संभावना उल्लेखनीय है कि 230 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के विधायक 163 और कांग्रेस के 64 हैं। दो सीटें रिक्त हैं तो एक सीट का प्रतिनिधित्व भारत आदिवासी पार्टी के कमलेश्वर डोडियर कर रहे हैं। दलीय स्थिति के अनुसार भाजपा का बहुमत है और वह अपने प्रत्याशी को जिताने की स्थिति में है इसलिए निर्विरोध निर्वाचन की संभावना है। यदि ऐसा नहीं होता है तो फिर तीन सितंबर को मतदान कराया जाएगा। मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अनुपम राजन ने बताया कि 3 सितंबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे. भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के गुना निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद राज्यसभा की यह सीट खाली हो गई थी. मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा की ताकत के आधार पर अगर मतदान होता है तो पार्टी उम्मीदवार आसानी से जीत जाएगा. भगवा पार्टी ने अभी तक मध्य प्रदेश से अपने राज्यसभा उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है. राज्यसभा की 12 सीटों पर 3 सितंबर को होगा मतदान, ये सीटें हैं खाली बता दें कि प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में BJP के 163 विधायक, कांग्रेस के 64 और भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के एक विधायक हैं. दो सीटें खाली पड़ी हैं. तीन सितंबर को सुबह 9 बजे से 4 बजे तक होगा मतदान मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुपम राजन ने बताया है कि जरुरत पड़ने पर मतदान तीन सितंबर को सुबह 9 बजे से 4 बजे तक होगा और उसी दिन परिणाम घोषित कर दिया जाएगा. बता दें कि भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने लोकसभा चुनाव जितने के बाद राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद यह सीट खाली हो गई है. राज्य सभा के सदस्यों का चुनाव विधायकों द्वारा किया जाता है. मध्य प्रदेश में भाजपा की अच्छी पकड़ है, अगर मतदान होती है तो भाजपा के आसानी से जीतने की उम्मीद है. हालांकि भाजपा ने अभी तक इस सीट से उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है लेकिन उम्मीद है BJP केपी यादव को राज्यसभा का उम्मीदवार बना सकती है. मध्य प्रदेश में विधान सभा सीट में से 163 भाजपा के विधायक हैं. कांग्रेस से 64 और भारतीय आदिवासी पार्टी के एक विधायक हैं और 2 सीटें खाली हैं. recent visitors 81

कोलकाता कांड: फोर्डा के बाद IMA ने भी किया हड़ताल का ऐलान, अस्पतालों को सेफ जोन घोषित करने की मांग

नई दिल्ली  कोलकाता में महिला डॉक्टर से रेप और मर्डर के सनसनीखेज कांड पर हंगामा थमता नहीं दिख रहा। इस घटना के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने आज शनिवार को देशभर के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में हड़ताल का आह्वान किया है। हालांकि, आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी। ऐसे में अस्पताल आने वाले मरीजों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। अस्पतालों में पहले तय ऑपरेशन टाले जाने की संभावना है। कोलकाता में बुधवार रात आरजी कर अस्पताल में हुई हिंसा के बाद, फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, इंडिया (FORDA) ने भी अपनी राष्ट्रव्यापी हड़ताल फिर से शुरू करने का फैसला किया। आईएमए की हड़ताल इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कोलकाता में महिला डॉक्टर से दरिंदगी और फिर अस्पताल में तोड़-फोड़ की घटना पर सवाल उठाए। आईएमए ने इस जघन्य कांड की निंदा करते हुए कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का दायित्व है। उन्होंने बताया कि शनिवार को होने वाली हड़ताल के दौरान, मृत लेडी डॉक्टर के लिए न्याय, डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय कानून और अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित करने जैसी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। मरीजों की बढ़ेगी परेशानी IMA एक्शन कमेटी के चेयरमैन डॉ. विनय अग्रवाल ने कहा कि हमारी मांग है कि जिस महिला डॉक्टर की हत्या हुई, उनको न्याय मिले। डॉक्टरों को हिंसा से बचाने के लिए केंद्रीय कानून बनाया जाए और अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए। उन्होंने कोलकाता अस्पताल में हुई तोड़फोड़ की भी निंदा की। इस बीच, आरजी कर अस्पताल में बुधवार रात हुई हिंसा के बाद, फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) इंडिया ने अपनी राष्ट्रव्यापी हड़ताल फिर शुरू कर दी। इससे पहले उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ बैठक के बाद वापस ले लिया था। दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर करेंगे प्रदर्शन फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (एफएआइएमए) ने आज शनिवार को शाम पांच बजे लेडी हार्डिंग मेडिकल कालेज (एलएचएमसी) से जंतर मंतर तक कैंडल मार्च की घोषणा की है, जिसमें दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर शामिल होंगे। दोनों संगठनों ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) व दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए) से भी इस कैंडल मार्च में शामिल होने की अपील की है। निजी अस्पतालों में भी हड़ताल घोषित करने की सिफारिश की इस वजह से निजी अस्पतालों के डॉक्टर भी इसमें शामिल हो सकते हैं। डीएमए ने आइएमए के अध्यक्ष डा. आरवी अशोकन से निजी अस्पतालों में भी हड़ताल घोषित करने की सिफारिश की। इसके बाद आइएमए ने सभी राज्यों की अपनी शाखाओं के पदाधिकारियों के साथ गुरुवार शाम वर्चुअल मीटिंग कर आज शनिवार को देश भर के सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी हड़ताल करने का फैसला लिया है। इसलिए शनिवार को सुबह छह बजे से निजी अस्पतालों में भी डॉक्टर 24 घंटे के लिए हड़ताल पर रहेंगे। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए रेजिडेंट डॉक्टरों के संगठनों ने कहा है कि बंगाल सरकार डाक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों को सुरक्षा देने में नाकाम रही है। एम्स आरडीए के अध्यक्ष डा. इंद्र शेखर प्रसाद ने कहा कि आरजी कर अस्पताल में घुसकर डाक्टरों, नर्स व अन्य कर्मचारियों पर हमला किया गया, जो स्वीकार्य नहीं है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। सुबह मनाया स्वतंत्रता दिवस, शाम को किया प्रदर्शन गुरुवार सुबह एम्स सहित सभी अस्पतालों में स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाया गया, जिसमें रेजिडेंट डाक्टरों ने भी हिस्सा लिया। बाद में शाम को एम्स में रेजिडेंट डाक्टरों ने कैंडल मार्च निकाला। इसके बाद एम्स के गेट नंबर एक के बाहर अरविंदो मार्ग पर प्रदर्शन किया। आईएमए ने जारी किया बयान इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने अपने बयान में कहा कि कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में क्रूर अपराध और स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर की गई गुंडागर्दी के बाद, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने शनिवार यानी 17 तारीख को सुबह 6 बजे से देश भर में आधुनिक चिकित्सा के डॉक्टरों की सेवाएं बंद करने की घोषणा की है। नियमित ओपीडी काम नहीं करेंगी और वैकल्पिक सर्जरी नहीं की जाएंगी। यह वापसी उन सभी क्षेत्रों में है जहां भी आधुनिक चिकित्सा चिकित्सक सेवा प्रदान कर रहे हैं। आईएमए को अपने डॉक्टरों के उचित मुद्दे पर राष्ट्र की सहानुभूति की आवश्यकता है। recent visitors 94

पृथ्वी पर डायनासोरों का सफाया करने वाला एस्टेरॉयड कहां से आया था? नई खोज में पता चली लोकेशन

नईदिल्ली   लगभग 66 मिलियन साल पहले, एक भयानक विस्फोट ने पृथ्वी पर जीवन को तहस-नहस कर दिया था. धरती पर मौजूद सभी जीवों और पौधों में से एक-चौथाई नष्ट हो गए थे. वह धमाका एक एस्टेरॉयड के पृथ्वी से टकराने के चलते हुआ था. वह टक्कर इतनी भयानक थी कि मेक्सिको के पास 145 किलोमीटर चौड़ा गड्डा हो गया था. आज हम उसे चिकशुलूब क्रेटर के नाम से जानते हैं. नई रिसर्च बताती है कि डायनासोर समेत कई प्रजातियों का अंत करने वाली वह घटना बृहस्पति से परे मौजूद एक क्षुद्रग्रह से हुई एक दुर्लभ टक्कर थी. चिकशुलूब क्रेटर के बारे में अधिकतर वैज्ञानिक मानते थे कि यह गड्ढा जिस चट्टान से बना, वह हमारे सौरमंडल के भीतर से ही आई थी. लेकिन कहां से? साफ तौर पर इसका पता नहीं चल पा रहा था. अब क्रेटर के अवशेषों की जांच के बाद, वैज्ञानिकों ने पाया है कि रूथेनियम नामक एक दुर्लभ तत्व की रासायनिक संरचना मंगल और बृहस्पति की कक्षाओं के बीच मंडरा रहे एस्टेरॉयड्स के समान है. इस रिसर्च के नतीजे 15 अगस्त को 'साइंस' पत्रिका में छपे हैं. वैज्ञानिकों ने प्राचीन मलबे की स्टडी करके यह पता किया कि एस्टेरॉयड किस चीज का बना था. यह एस्टेरॉयड कार्बोनेसियस था. यानी सी-टाइप. मतलब ये कि इसमें कार्बन की मात्रा बहुत ज्यादा थी. जर्मनी स्थिति यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोन के जियोकेमिस्ट मारियो फिशर गोड्डे और उनके साथियों ने यह स्टडी की है. सौर मंडल के बाहर से आया था एस्टेरॉयड मारियो ने बताया कि वह एस्टेरॉयड हमारे सौर मंडल में मौजूद एस्टेरॉयड से मिलता नहीं है. यह बाहर से आया था. इसी ने डायनासोरों की जिंदगी खत्म कर दी. यह स्टडी हाल ही में नेचर जर्नल में प्रकाशित हुई है. इसी एस्टेरॉयड की टक्कर के बाद से क्रिटेसियस काल खत्म हो गया था. चिक्सूलूब क्रेटर बना था. छोटा-मोटा नहीं था ये गड्ढा. 180 km चौड़ा और 20 km गहरा गड्ढा बना था यह 180 किलोमीटर चौड़ा, 20 किलोमीटर गहरा था. सोचिए कि एक कार्बन एस्टेरॉयड की टक्कर कितनी खतरनाक हो सकती है. इससे जो मलबा उड़ा आज वो क्ले बनकर कई जगहों पर जमा है. जिसमें इरिडियम, रूथेनियम, ओसमियम, रोडियम, प्लेटिनम और पैलेडियम मिल रहा है. विशेष धातु की वजह से हुई एस्टेरॉयड की पहचान ये सारे धातु धरती पर दुर्लभ हैं, लेकिन एस्टेरॉयड्स में कॉमन होते हैं. वैज्ञानिकों ने रूथेनियम पर खास ध्यान दिया. क्ले में मौजूद रूथेनियम की मात्रा की जांच की. इस धातु के सात आइसोटोप्स हैं. तीन तो टक्कर से निकले मलबे में मिले. ये आइसोटोप्स इस बात की पुष्टि करते हैं कि टकराने वाला एस्टेरॉयड कार्बन से भरा हुआ था. कितने प्रकार के होते हैं एस्टेरॉयड्स? रूथेनियम से भरे हुए एस्टेरॉयड हमारे सौर मंडल में कम मिलते है. इसमें जो आइसोटोप्स मिले हैं, वो सौर मंडल के बाहर से आए किसी एस्टेरॉयड के लगते हैं. सी-टाइप एस्टेरॉयड सौर मंडल के सबसे प्राचीन पदार्थ हैं. सबसे ज्यादा कॉमन भी हैं. इसके बाद पत्थर से भरे एस-टाइप और भी दुर्लभ धातुओं से भरे एम-टाइप एस्टेरॉयड आते हैं. सी-टाइप एस्टेरॉयड्स में सौर मंडल के बनने के सबूत मिलते हैं. ये सौर मंडल के बाहर थे. बाद में धीरे-धीरे कुछ सौर मंडल के अंदर आ गए. जो आमतौर पर मंगल और बृहस्पति ग्रह के बीच बने एस्टेरॉयड बेल्ट में घूमते रहते हैं. लेकिन डायनासोरों को खत्म करने वाला एस्टेरॉयड सीधे सौर मंडल के बाहर से आया था. एस्टेरॉयड्स में कहां से आया रूथेनियम? रूथेनियम बेहद दुर्लभ और स्थित तत्व है. वैज्ञानिकों के अनुसार, यह तत्व तारों की पिछली पीढ़ियों के भीतर बना था और जब उनकी विस्फोटक मौत हुई तो यह आसपास फैल गया. यह दुर्लभ तत्व आखिरकार हमारे सौर मंडल में मौजूद ग्रहों और क्षुद्रग्रहों (एस्टेरॉयड्स) में समा गया. पृथ्वी पर, यह ग्रह के भीतर बहुत गहराई में डूब गया था. चिकशुलूब क्रेटर, पृथ्वी पर सौरमंडल के बाहरी हिस्से में स्थित एस्टेरॉयड से बना एकमात्र ज्ञात इम्पैक्ट क्रेटर है. recent visitors 142