सीएम साय ने किया पदक अलंकरण से पुरस्कृत, छत्तीसगढ़ के 46 पुलिस ऑफिसर और जवान सम्मानित

रायपुर. छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने उत्कृष्ट सेवा के लिए पुलिस परेड ग्राउंड रायपुर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में 46 पुलिस अधिकारियों और जवानों को पुलिस पदक अलंकरण से सम्मानित किया। साय ने पुलिस वीरता पदक से 26, राष्ट्रपति पुलिस पदक से 2, सराहनीय सेवा सुधार पदक से 2 और राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पदकों से 5 अधिकारी-कर्मचारियों को अलंकृत किया। राष्ट्रपति के पुलिस वीरता पदक 2024 हेमंत पटेल, निरीक्षक, जिला-बलौदाबाजार,  मालिक राम, निरीक्षक, जिला-कांकेर, सुक्कु राम नाग, उप निरीक्षक, जिला-नारायणपुर,  संतोष चंदन, प्रधान आरक्षक, जिला-नारायणपुर, साकेत कुमार बंजारे, निरीक्षक, जिला-बीजापुर,  भुवन सिंह बोरा, कंपनी कमाण्डर, 21 वीं वाहिनी छसबल, बालोद, संजय पात्न, उप निरीक्षक, जिला-दंतेवाड़ा धरम सिंह तुलावी, उप निरीक्षक, जिला-बीजापुर, वीरेन्द्र कंवर, उप निरीक्षक, जिला-सुकमा, पतिराम पोड़ियाम, उप निरीक्षक, जिला-कांकेर, श्री दिलीप कुमार वासनिक, प्लाटून कमाण्डर, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग, शहीद रमेश सुनीता बुझे की धर्मपत्नी जुरी, प्रधान आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नि सुनीता जुर्री, शहीद रमेश कोरसा, आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नी उषा कोरसा, शहीद सुभाष नायक, आरक्षक, जिला-बीजापुर की  दुशीला नायक, शहीद रामदास कोर्राम, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी परमशीला कोर्राम, शहीद जगतराम कंवर, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी  कुमारी बाई कंवर, शहीद सुख सिंह, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी सेवंतीन फरस, शहीद रमाशंकर सिंह, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी बिस्तुरी सिंह पैकरा, शहीद शंकर नाग, आरक्षक, एस.टी.एफ. बघेरा-दुर्ग की धर्मपत्नी सुखदई नाग, शहीद किशोर एण्ड्रिक, सहायक आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नी रिंकी एण्ड्रिक, शहीद सनकूराम सोढ़ी, सहायक आरक्षक, जिला-बीजापुर के पुत्र सुनील सोढी, शहीद बोसाराम करटामी, सहायक आरक्षक, जिला-बीजापुर की धर्मपत्नी सोनमती करटामी, धरम सिंह तुलावी, उप निरीक्षक, जिला-बीजापुर, शिव कुमार रामटेके, प्रधान आरक्षक, जिला-बीजापुर, श्री छन्नूराम पोयाम, आरक्षक, जिला-बीजापुर, श्री गौतम कोरसा, आरक्षक, जिला-बीजापुर विशिष्ट सेवा के लिये राष्ट्रपति का पुलिस पदक 2024 — अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, गुप्तवार्ता, पुलिस मुख्यालय रायपुर के. एल. ध्रुव उप पुलिस महानिरीक्षक, कांकेर रेंज, कांकेर सराहनीय सेवा के लिये भारतीय पुलिस पदक 2024 — दुखू राम आचला तत्कालीन सेनानी, 14वीं वाहिनी छसबल, धनोरा-बालोद वर्तमान में सेवा निवृत्त,  नेहा पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-खैरागढ़- छुईखदान-गंडई,येशेश्वरी येरेवार, उप पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय रायपुर, टीकाराम कुरें, सहायक सेनानी, 22वीं वाहिनी छसबल, भीरागांव- कांकेर, महेश शुक्ला, सहायक प्लाटून कमाण्डर, 6 वीं वाहिनी छसबल, रायगढ़, जेम्स लकड़ा, कंपनी कमाण्डर, 2री वाहिनी छसबल, सकरी-बिलासपुर,  ओमप्रकाश साहू, उप निरीक्षक (अ), विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय रायपुर, उदय सिंह सिदार, प्रधान आरक्षक, 15वीं वाहिनी छसबल, बीजापुर,  महेन्द्र कुमार पाठक, उप निरीक्षक, जिला-नारायणपुर, मनोज कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक, जिला-बस्तर,  देवीशरण सिंह, प्रधान आरक्षक, विशेष आसूचना शाखा, पुलिस मुख्यालय रायपुर सराहनीय सुधार सेवा पदक 2024 —– गिरधर सेन, सेवा निवृत्त प्रहरी, केन्द्रीय जेल रायपुर,  लक्ष्मीराम यादव, प्रहरी, जिला जेल कोरबा राज्य स्तरीय एवं पुलिस महानिदेशक पुरस्कार 2024 राज्यपाल पुरस्कार — शिल्पा साहू, उप पुलिस अधीक्षक, रेंज पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग मुख्यमंत्री पुरस्कार श्री दिलहरण सिंह ठाकुर, सहायक उप निरीक्षक, जिला-धमतरी रानी सुबरन कुंवर पुरस्कार भारती मरकाम, निरीक्षक, जिला-बिलासपुर वीरनारायण सिंह पुरस्कार अजाक थाना, जिला-बेमेतरा पुलिस महानिदेशक पुरस्कार अंजू सिंह, महिला प्रधान आरक्षक, जिला-राजनांदगांव recent visitors 81

हरियाणा में भी चुनाव की तारीखों का ऐलान, पढ़ें कितने फेज में, कब कहां वोटिंग

नई दिल्ली  भारत निर्वाचन आयोग आज (शुक्रवार) को विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा हुई। जम्मू-कश्मीर में 3 चरणों में चुनाव होंगे। यहां पहले चरण के 18 सितंबर, दूसरे चरण के 25 को और 1 अक्तूबर को आखिरी चरण की वोटिंग होगी, जबकि 4 अक्तूबर को गिनती होगी। हरियाणा विधानसभा की 90 सीटों के लिए चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान भी हुआ। हरियाणा की सभी 90 सीटों के लिए एक ही चरण में मतदान होगा। सभी 90 सीटों पर 1 अक्टूबर को मतदान होगा और चुनाव नतीजे 4 अक्टूबर को मतगणना के बाद आएंगे।मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में 90 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिसमें 74 जनरल, 9ST, और 7 SC रिजर्व सीट हैं। कुल 87.09 लाख वोटर हैं, जिसमें 44.46 लाख पुरुष, 44.62 लाख महिलाएं और 169 ट्रांसजेंडर हैं। मतदाताओं में 82,590 दिव्यांगजन, 73,943 वरिष्ठ नागरिक, 2,660 शतायु वृद्ध और 76,092 सेवा मतदाता हैं। उन्होंने कहा, 3.71 लाख फर्स्ट टाइम वोटर हैं। जम्मू कश्मीर की अवाम तस्वीर बदलना चाहती है: मुख्य चुनाव आयुक्त चुनाव आयोग आज  मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि जम्मू कश्मीर की अवाम तस्वीर बदलना चाहती है. चुनाव के लिए हर किसी में उत्सुकता है. टीम ने जम्मू कश्मीर और हरियाणा का दौरा भी किया था. हम मौसम ठीक होने के इंतजार में थे. अमरनाथ यात्रा खत्म होने का इंतजार था. जम्मू कश्मीर में इस समय 87.09 लाख मतदाता हैं. यहां 20 लाख से ज्यादा युवा हैं. 20 अगस्त को फाइनल वोटर लिस्ट जारी होगी. उन्होंने आगे कहा कि जम्मू कश्मीर की अवाम तस्वीर बदलना चाहती है। चुनाव के लिए हर किसी में उत्सुकता है। टीम ने जम्मू कश्मीर और हरियाणा का दौरा भी किया था। हम मौसम ठीक होने के इंतजार में थे। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 2018 में सरकार भंग होने के बाद से चुनाव नहीं हुए हैं। पिछली बार यहां 2014 में विधानसभा चुनाव हुए थे, जिसमें भाजपा और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने गठबंधन बनाया था। हालांकि, भाजपा ने बाद में इस गठबंधन से दूरी बना ली, और 2018 में सरकार गिर गई। महाराष्ट्र में क्यों नहीं हुए चुनावों के ऐलान, CEC ने बताई ये वजह चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में चुनाव के ऐलान न कराने को लेकर जवाब दिया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ने प्रेस वार्ता में कहा कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव का ऐलान हुआ है, इसलिए महाराष्ट्र को लेकर अभी चुनाव कराने का फैसला नहीं लिया गया है. इसके अलावा कई त्योहार भी इसी दौरान आने वाले हैं. पितृ पक्ष, नवरात्रि, दशहरा-दीपावली पड़ेंगे, इसलिए अभी इनका ऐलान नहीं हुआ है. हरियाणा में मौजूदा सरकार का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है। पिछले चुनाव 2019 में हुए थे, जब भाजपा और जननायक जनता पार्टी (जजपा) ने मिलकर सरकार बनाई थी। इस साल मार्च में दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन टूट गया था। आज के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद, चुनाव आयोग द्वारा घोषित तारीखों से राजनीतिक दलों और मतदाताओं को आगामी चुनावी गतिविधियों की योजना का पता चलेगा। जम्मू-कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव 10 साल के अंतराल के बाद होने जा रहे हैं। इससे पहले आखिरी बार विधानसभा चुनाव 2014 में हुए थे। इस दौरान, जम्मू-कश्मीर की राजनीति में कई महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। 2014 के चुनाव परिणाम: 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में जम्मू-कश्मीर की 87 सीटों में से: पीडीपी (पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) ने 28 सीटें जीती थीं। बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) ने 25 सीटें प्राप्त की थीं। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 15 सीटें जीती थीं। कांग्रेस ने 12 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इन चुनाव परिणामों के आधार पर, बीजेपी और पीडीपी ने मिलकर सरकार बनाई, और मुफ्ती मोहम्मद सईद को मुख्यमंत्री बनाया गया था। लागू हुई आचार संहिता भारत में चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct, MCC) वह दस्तावेज़ है जिसे चुनाव आयोग द्वारा चुनाव प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए जारी किया जाता है। इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है। इस आचार संहिता का पालन करना सभी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और सरकार के लिए अनिवार्य है। राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए नियम 1. भाषण और बयानबाज़ी: राजनीतिक दल और उम्मीदवार व्यक्तिगत आलोचना से बचें और किसी भी व्यक्ति की निजी ज़िंदगी पर टिप्पणी न करें। धर्म, जाति, भाषा, या समुदाय के आधार पर वोट मांगना भी मना है। 2. धन और उपहारों का वितरण: किसी भी प्रकार के धन, उपहार, शराब, या अन्य वस्तुओं का वितरण मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए नहीं किया जा सकता। 3. प्रचार गतिविधियाँ: प्रचार करते समय किसी भी धार्मिक स्थल, सरकारी भवनों, या शैक्षिक संस्थानों का उपयोग नहीं किया जा सकता। 4. मतदान केंद्रों के पास प्रचार: मतदान के दिन और 48 घंटे पहले, किसी भी प्रकार का प्रचार मतदान केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में मना है। 5. झूठे वादे: ऐसे वादे जो अव्यवहारिक या असंभव हैं, नहीं किए जाने चाहिए। सरकार और सरकारी अधिकारियों के लिए नियम 1. चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद, सरकार किसी भी नई योजना, परियोजना, या नीति की घोषणा नहीं कर सकती, जिससे मतदाताओं को प्रभावित किया जा सके। 2. चुनाव की अवधि के दौरान किसी सरकारी अधिकारी का तबादला या पदोन्नति नहीं की जा सकती, जब तक चुनाव आयोग से अनुमति न ली गई हो। 3. चुनाव प्रचार के लिए सरकारी वाहनों, अधिकारियों, और अन्य संसाधनों का उपयोग मना है। 4. सरकारी विज्ञापनों या मीडिया पर किसी भी प्रकार का सरकारी प्रचार मना है, जो चुनाव को प्रभावित कर सके।  आचार संहिता के उल्लंघन पर कानूनी प्रभाव: 1. चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक मामले दर्ज हो सकते हैं। 2. चुनाव आयोग उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ़ कार्रवाई कर सकता है, जिसमें चेतावनी, प्राथमिकी दर्ज कराना, या उम्मीदवार का नामांकन रद्द करना शामिल हो सकता है। 3. चुनाव से संबंधित किसी भी उल्लंघन पर अदालत में मामला दर्ज किया जा सकता है, जो उम्मीदवार की चुनावी योग्यता को प्रभावित कर सकता है। recent visitors 81

सप्रे संग्रहालय में आयोजित भारतीय भाषा महोत्सव का मुख्यमंत्री मोहन यादव ने का किया शुभारंभ

भोपाल  राजधानी में स्थित माधवराव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान में भारतीय भाषा महोत्सव गुरुवार को शुरु हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका शुभारंभ किया। इस मौके पर प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी कार्यक्रम में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने पाठयक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवकों (आरएसएस) की किताबों को शामिल करने को लेकर उठ रहे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि फिलहाल पाठ्यक्रम का कोर्स तैयार नहीं हुआ है और यह काम अभी बाकी है। इसके लिए एक समिति और अध्ययन मंडल बनेगा जो इसे फाइनल करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 55 जिलों में पीएम एक्सीलेंस कॉलेज बनाए गए हैं, जिनमें हमने लाइब्रेरी स्थापित की है। उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी में सभी विचारवान लेखकों की पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि अगर पुस्तकें नहीं रखेंगे तो क्या करेंगे? पुस्तकें तो रखनी ही पड़ेंगी, चाहे वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हों या किसी और के। आपकी इच्छा हो तो पढ़ें, नहीं हो तो न पढ़ें। डॉ. यादव ने कहा कि भारत की विशेषता यह है कि यहां ज्ञान दसों दिशाओं से आना चाहिए और इसका प्रवाह कभी नहीं रुकना चाहिए। भारत के आगे बढ़ने का यही कारण है।  सीएम यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के विकास में चार वर्ग युवा, महिला, किसान और गरीबों को आधार स्तंभ के रूप में परिभाषित किया है। मध्य प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के विचारों से प्रेरणा लेकर चार मिशन – युवा शक्ति मिशन, गरीब कल्याण मिशन, किसान कल्याण मिशन, नारी सशक्तिकरण मिशन एक नवंबर से लागू करने जा रही है जो मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय भाषा महोत्सव हमारी समृद्ध भाषाओं और सांस्कृतिक धरोहर को संजोने और प्रोत्साहित करने का अद्भुत अवसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 55 जिले के अंदर जो पीएम एक्सीलेंस कॉलेज बनाए गए हैं। वहां हमने लाइब्रेरी बनाई है। हमने कहा है कि लाइब्रेरी में कोई भी विचारवान लेखक होगा, उन सभी की पुस्तके वहां रखी जाएंगी। हमारे यहां ऐसा माना जाता है कि ज्ञान दसों दिशाओं से आना चाहिए। ज्ञान का प्रवाह कभी नहीं रुकना चाहिए, भारत की विशेषता भी यही है। भारत के आगे बढ़ने का कारण भी यही है। लायब्रेरी में हों हर तरह की पुस्तकें सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हमारे यहां कहां गया है, सर्वे भवंतु सुखिन:। हम तो सभी के लिए सोचकर चलने वाले हैं। दसों दिशाओं से जो विचार आते हैं, उसमें से हम अपने मूल विचार को भूले नहीं है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि वाचनालय, ग्रंथालय इसीलिए होते हैं, अभी ये परंपरा थोड़ी कम हो गई है। डॉ यादव ने कहा कि लाइब्रेरी में सभी प्रकार के कोर्स की पुस्तकें होने चाहिए। सीएम डॉ. यादव ने आगे कहा कि भारतीय संस्कृति में माताओं-बहनों का क्या महत्व है, यह हमारा इतिहास बताता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से शिक्षा में हर भाषा के उपयोग पर जोर दिया, जिसके लिए उनका धन्यवाद एवं अभिनंदन है। विकसित भारत और विकसित मध्य प्रदेश बनाना है- प्रदेशवासियों को 78वें स्वाधीनता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सीएम यादव ने प्रदेशवासियों को दिए अपने संदेश में कहा, अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजना पहुंचे, ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए हमारी सरकार कटिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत विकसित मध्य प्रदेश बनाना है। पूरी दुनिया में अपनी पहचान मोदी के नेतृत्व में भारत ने बनाई है। पिछला एक दशक भारत के गौरव को बढ़ाने वाला गौरवशाली रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में तेजी से वैभवशाली और शक्तिशाली भारत का निर्माण हो रहा है। भारत विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। 1 नवंबर से लागू होगी यह योजना मुख्यमंत्री डा यादव ने आगे कहा कि मध्य प्रदेश का बजट अगले पांच वर्ष में दोगुना करने के लिए राज्य सरकार प्रयास कर रही है। बीते तीन वित्तीय वर्षों में शासन द्वारा अधोसंरचना पर पूंजीगत कार्यक्रम में निरंतर वृद्धि की गई है। प्रधानमंत्री ने देश के विकास में चार वर्ग युवा, महिला, किसान और गरीबों को आधार स्तंभ के रूप में परिभाषित किया है। मध्य प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के विचारों से प्रेरणा लेकर चार मिशन युवा शक्ति मिशन, गरीब कल्याण मिशन, किसान कल्याण मिशन और नारी सशक्तिकरण मिशन राज्य के स्थापना दिवस एक नवंबर से लागू करने जा रही है। महिला सशक्तिकरण को लेकर खास योजना मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा, युवा शक्ति मिशन के अंतर्गत शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता, नेतृत्व विकास, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास की कार्य योजना तैयार कर मिशन मोड में कार्य किया जाएगा। गरीब कल्याण मिशन में सरकारी योजनाएं, सामाजिक सुरक्षा योजना, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधा आदि की दिशा में कार्य करेगा। नारी सशक्तिकरण मिशन के तहत बालिका शिक्षा, लाडली लक्ष्मी योजना, लखपति दीदी योजना, महिला स्व सहायता समूह के सशक्तिकरण के प्रयास किए जाएंगे। किसान कल्याण मिशन के तहत सरकार उद्यानिकी और कृषि को लाभ का विषय बनाने के लिए कार्य करेगी। किसानों को राहत देने एवं कृषि की पैदावार बढ़ाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे। युवा शक्ति मिशन युवाओं के भविष्य को उज्जवल बनाने का संकल्प है। युवा पारंपरिक शिक्षा तक सीमित न रहें, बल्कि एआई, मशीन लर्निंग और कोडिंग जैसी तकनीक की शिक्षा भी प्राप्त करें। सरकारी रिक्त पदों पर भरने के लिए तेज कार्य उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के 55 जिलों में एक-एक महाविद्यालय को पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में परिवर्तित किया गया है। इन कॉलेज को संस्कृत, बायोटेक्नोलॉजी, कंप्यूटर साइंस जैसे विषयों से जोड़ा गया है। साथ ही व्यावसायिक विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। सरकारी रिक्त पदों को भरने के लिए तेजी से कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, प्रदेश को स्पोर्ट्स का हब बनाने के लिए खेलों के माध्यम से पर्यटन के विकास के प्रयास प्रारंभ किए गए हैं। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युवाओं की बड़ी भूमिका है। युवा ही भविष्य और समाज का निर्माता है। गरीब कल्याण मिशन के तहत प्रदेश में गरीब और कमजोर वर्ग के युवाओं के उज्जवल भविष्य का नए अध्याय लिखने का संकल्प लिया है। … Read more

इसरो ने फिर रचा इतिहास, अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट को पीठ पर बांध उड़ चला अपना SSLV रॉकेट

नई दिल्ली भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से एसएसएलवी-डी3/ईओएस-08 मिशन का तीसरा और अंतिम रॉकेट को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। SSLV-D3 ने EOS-08 को कक्षा में सटीक रूप से स्थापित किया। इसरो के लिए यह बड़ी सफलता है। उपग्रह को सफलतापूर्वक लॉन्च करने के बाद अंतरिक्ष एजेंसी के प्रमुख एस सोमनाथ ने एसएसएलवी के विकास कार्य के पूरा होने की घोषणा की। इसरो प्रमुख एस सोमनाथ ने कहा कि छोटे-लिफ्ट लॉन्च व्हीकल, एसएसएलवी-डी3/ईओएस-08 की तीसरी और अंतिम उड़ान सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि रॉकेट ने अंतरिक्ष यान को ठीक उसी कक्षा में स्थापित कर दिया है, जैसा कि योजना बनाई गई थी। इंजेक्शन स्थितियों में कोई विचलन नहीं हुआ। इसरो ने लॉन्च किया मिशन आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से शुक्रवार सुबह लगभग 9 बजकर 17 मिनट पर 500 किलोग्राम की वहन क्षमता वाले एसएसएलवी ने 175.5 किलोग्राम वजन वाले माइक्रोसैटेलाइट ईओएस-08 को लेकर उड़ान भरी। सैटेलाइट का जीवनकाल एक साल तय किया गया है। इसरो के अनुसार, प्रस्तावित मिशन एसएसएलवी विकास परियोजना को पूरा करेगा। इसके बाद इसका इस्तेमाल भारतीय उद्योग और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड के मिशनों के लिए किया जाएगा। 475 किमी की ऊंचाई पर रॉकेट से अलग हो जाएगा एसएसएलवी रॉकेट मिनी, माइक्रो या नैनो उपग्रहों (10 से 500 किलोग्राम द्रव्यमान) को 500 किमी की कक्षा में लॉन्च करने में सक्षम है। रॉकेट के तीन चरण ठोस ईंधन द्वारा संचालित होते हैं जबकि अंतिम वेलोसिटी ट्रिमिंग मॉड्यूल (वीटीएम) में तरल ईंधन का इस्तेमाल होता है। उड़ान भरने के ठीक 13 मिनट बाद रॉकेट ईओएस-08 को उसकी कक्षा में छोड़ेगा और लगभग तीन मिनट बाद एसआर-0 अलग हो जाएगा। दोनों सैटेलाइट 475 किमी की ऊंचाई पर रॉकेट से अलग होंगे। स्पेस स्टार्टअप कंपनी का पहला सैटेलाइट चेन्नई स्थित अंतरिक्ष क्षेत्र के स्टार्टअप स्पेस रिक्शा के लिए एसआर-0 उसका पहला सैटेलाइट होगा। स्पेस रिक्शा की सह-संस्थापक और स्पेस किड्ज इंडिया की संस्थापक-सीईओ केसन ने बताया कि "हम छह और सैटेलाइट बनाएंगे"। इस बीच, इसरो ने कहा कि ईओएस-08 मिशन के प्राथमिक उद्देश्यों में माइक्रो सैटेलाइट को डिजाइन करना और विकसित करना शामिल है। साथ ही माइक्रो सैटेलाइट बस के साथ अनुरूप पेलोड उपकरण बनाना और भविष्य के परिचालन उपग्रहों के लिए आवश्यक नई प्रौद्योगिकियों को शामिल करना भी शामिल है। अंतरिक्ष एजेंसी ने पहले घोषणा की थी कि प्रक्षेपण 15 अगस्त को होगा। इसरो ने एक बयान में बताया कि ईओएस-8 अभियान का प्राथमिक उद्देश्य सूक्ष्म उपग्रह का डिजाइन तैयार करना, पेलोड उपकरण बनाना और भविष्य के उपग्रहों के लिए आवश्यक नयी प्रौद्योगिकियों को शामिल करना हैं। इसरो ने बताया कि इस अंतरिक्ष यान के मिशन की अवधि एक वर्ष है। इसका वजन लगभग 175.5 किलोग्राम है और यह लगभग 420 वॉट की शक्ति उत्पन्न करता है। आईओआईआर पेलोड को तस्वीरें खींचने के लिए तैयार किया गया है। यह पेलोड मध्यम-वेव आईआर (एमआईआर) और दीर्घ-वेव-आईआर (एनडब्ल्यूआईआर) बैंड में दिन और रात के समय तस्वीरें खींच सकता है। इसका इस्तेमाल उपग्रह आधारित निगरानी, ​​आपदा निगरानी, ​​पर्यावरण निगरानी, ​​आग लगने का पता लगाने, ज्वालामुखी गतिविधि अवलोकन तथा औद्योगिक एवं विद्युत संयंत्र आपदा निगरानी जैसे कार्यों के लिए किया जा सकेगा। recent visitors 126

नेशनल फिल्म अवार्ड: बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन कैटेगरी में ‘फुरसत’ के लिए विशाल भारद्वाज को पुरस्कार

नई दिल्ली सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को 70वें नेशनल फिल्म अवार्ड्स अनाउंस कर दिए हैं. देश के सबसे प्रतिष्ठित सिनेमा अवॉर्ड्स कहे जाने वाले, नेशनल अवॉर्ड किसी भी फिल्ममेकर के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि होते हैं. इस बार ये अवॉर्ड उन फिल्मों के लिए दिए गए हैं जिन्हें फिल्म सेंसर बोर्ड ने 1 जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2022 के बीच सेंसर सर्टिफिकेट दिया है. कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री से आई, डायरेक्टर-एक्टर ऋषभ शेट्टी की फिल्म 'कांतारा' ने 2022 में माइथोलॉजी बेस्ड कहानी से सिनेमा फैन्स का दिल जीत लिया था. फिल्म देखने के बाद से ही लोग इसे नेशनल अवॉर्ड्स के लिए फेवरेट बता रहे थे. इसके साथ ही मलयालम सिनेमा के लेजेंड एक्टर्स में गिने जाने वाले एक्टर मामूटी को भी उनकी दो बेहतरीन फिल्मों के लिए 'बेस्ट एक्टर' कैटेगरी में मजबूत दावेदार माना जा रहा था. पेश है इस बार फीचर फिल्मों में इस बार के नेशनल अवॉर्ड विनर्स की लिस्ट: बेस्ट फीचर फिल्म: आट्टम (मलयालम) बेस्ट डेब्यू फिल्म बाय डायरेक्टर: प्रमोद कुमार (फौजा, हरियाणवी फिल्म) बेस्ट पॉपुलर फिल्म- कांतारा बेस्ट फीचर फिल्म (राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरण मूल्यों को प्रमोट करने वाली): कच्छ एक्सप्रेस बेस्ट फिल्म (AVGC- एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स गेमिंग और कॉमिक):  ब्रह्मास्त्र बेस्ट डायरेक्शन: सूरज बड़जात्या (ऊंचाई) बेस्ट एक्टर (लीड रोल): ऋषभ शेट्टी (कांतारा) बेस्ट एक्ट्रेस (लीड रोल): नित्या मेनन (तिरुचित्राम्बलम); बेस्ट एक्टर (सपोर्टिंग रोल): पवन राज मल्होत्रा (फौजा, हरियाणवी फिल्म) बेस्ट एक्ट्रेस (सपोर्टिंग रोल): नीना गुप्ता (ऊंचाई) बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट: श्रीपत (मल्लिकापुरम, मलयालम फिल्म) बेस्ट सिंगर (मेल): अरिजीत सिंह (ब्रह्मास्त्र) बेस्ट सिंगर (फीमेल): बॉम्बे जयश्री बेस्ट सिनेमेटोग्राफी: रवि वर्मन (पोन्नियन सेल्वन) बेस्ट स्क्रीनप्ले (ऑरिजिनल): आट्टम (मलयालम) बेस्ट स्क्रीनप्ले (एडाप्टेड): बेस्ट स्क्रीनप्ले (डायलॉग): (गुलमोहर) बेस्ट साउंड डिजाईन: अनंत (पोन्नियन सेल्वन) बेस्ट एडिटिंग: आट्टम (मलयालम) बेस्ट प्रोडक्शन डिजाईन: बेस्ट कॉस्टयूम डिजाईन: बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन (गीत): प्रीतम (ब्रह्मास्त्र) बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन (बैकग्राउंड स्कोर): ए. आर. रहमान (पोन्नियन सेल्वन) बेस्ट लिरिक्स: बेस्ट कोरियोग्राफी: बेस्ट एक्शन डायरेक्शन: स्पेशल मेंशन: मनोज बाजपेयी को 'गुलमोहर' के लिए, म्यूजिक डायरेक्टर संजय सलिल फिल्म 'kadhikan' बेस्ट फीचर फिल्म (हिंदी): गुलमोहर बेस्ट फीचर फिल्म (तेलुगू): कार्तिकेय 2 बेस्ट फीचर फिल्म (तमिल): पोन्नियन सेल्वन बेस्ट फीचर फिल्म (टीवा): सिकाइसल (Sikaisal) बेस्ट फीचर फिल्म (मलयालम): साउदी वेलक्का सीसी. 225/2009 बेस्ट फीचर फिल्म (कन्नड़): के. जी. एफ. चैप्टर 2 बेस्ट फीचर फिल्म (मराठी): वाल्वी बेस्ट फीचर फिल्म (पंजाबी): बागी दी धी बेस्ट फीचर फिल्म (उड़िया): दमन   recent visitors 85

राजस्थान-टोंक के डिग्गी लक्खी मेले में दंडवत करते आए श्रद्धालु, बारिश में कम नहीं हुआ जोश

टोंक/अजमेर. ऐतिहासिक डिग्गी कल्याण जी भगवान (श्री जी) के लक्खी मेले का गुरुवार देर शाम शाही ध्वज निशान चढ़ाने के साथ समापन हो गया। इस अवसर पर जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी समेत अन्य प्रमुख श्रद्धालुओं ने धोक लगाई। इस पाँच दिवसीय मेले में लगभग दस लाख श्रद्धालुओं ने डिग्गी कल्याण जी महाराज के दर्शन किए। डिग्गी कस्बे में स्थित प्राचीन डिग्गी कल्याण जी महाराज के मंदिर में हर साल 11 से 15 अगस्त तक यह लक्खी मेला आयोजित होता है। इसमें प्रदेश सहित देशभर से श्रद्धालु पैदल, दण्डवत करते हुए श्री कल्याण जी के दर्शन के लिए आते हैं। सबसे बड़ी पदयात्रा जयपुर से आती है, जिसे शाही ध्वज निशान चढ़ाने के साथ मेले का आधिकारिक समापन किया जाता है। इस बार 59वीं लक्खी पदयात्रा गुरुवार शाम डिग्गी पहुँची। मंदिर से लगभग एक किलोमीटर पहले जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने केसरिया ध्वज को अपने हाथों में लेकर जुलूस का नेतृत्व किया। पदयात्रा के डिग्गी मंदिर पहुँचने के बाद गंगोत्री से लाए गए जल से श्री कल्याण जी महाराज का अभिषेक किया गया। इसके बाद शाही ध्वज निशान चढ़ाया गया और आरती की गई। जलदाय मंत्री ने कल्याण जी के दर्शन कर प्रदेश में खुशहाली की कामना की। पदयात्रा संघ के अध्यक्ष और संचालक श्रीजी शर्मा ने बताया कि पदयात्रा में लाखों श्रद्धालु पैदल और दंडवत करते हुए आते हैं और श्री कल्याण जी महाराज के दर्शन कर अपने जीवन में मंगल और खुशहाली की कामना करते हैं। इस दौरान पदयात्रा संचालक श्रीजी शर्मा, डिग्गी नायब तहसीलदार सूरज सिंह बैरवा, सरपंच प्रतिनिधि हकीम भाई, ग्राम विकास अधिकारी सुरेश चौधरी समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।  इस मौके पर साध्वी वैभव श्रीजी, पूजा छाबड़ा, मनोज टाक, एएसपी रामकुमार कस्वा, डीएसपी महेंद्र कुमार मीणा और डिग्गी थाना प्रभारी कप्तान सिंह भी मौजूद रहे। recent visitors 177

मध्य प्रदेश के हजारों रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल, जूडा का प्रदर्शन, अस्पतालों में मरीज बेहाल, परिजन परेशान

भोपाल  मध्य प्रदेश में 16 अगस्त यानि शुक्रवार से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि गुरुवार रात 12 बजे से प्रदेश के 3 हजार डॉक्टर्स हड़ताल पर जाने वाले हैं। ये बंगाल में हुई दरिंदगी और हिंसा के खिलाफ डॉक्टर्स की क्रांति है। जूडा के प्रवक्ता कुलदीप गुप्ता ने नवभारत टाइम्स डॉट कॉम को बताया कि कोलकाता में 8 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई। इसके विरोध में देशभर में डॉक्टरों का प्रदर्शन जारी है। हमने हमीदिया अस्पताल में काली पट्टी बांधकर काम किया। वहीं एम्स में भी डॉक्टर्स विरोध जता चुके हैं। अब शुक्रवार से हम हड़ताल शुरू करने जा रहे हैं। इस मामले में गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉक्टर कविता एन सिंह ने बताया कि सभी डॉक्टर्स की छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं। जूनियर डॉक्टर से भी बातचीत जारी है। डीन ने मेडिकल शिक्षकों को विभागों में तैनात करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा इमरजेंसी, ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर और वार्डों में भी हालात सामान्य रखने के लिए जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर मेडिकल इंटर्न को भी तैनात किया जा सकता है। डीन ने सभी डिपार्टमेंट के प्रोफेसरों से आदेश पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट साझा करने को कहा है। भोपाल के जीएमसी में छुटि्टयां रद्द भोपाल में हड़ताल से निपटने गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) की डीन डॉ. कविता एन सिंह ने सभी डॉक्टर्स की छुटि्टयां निरस्त कर दी हैं। 24 घंटे ड्यूटी पर रहने के आदेश भी जारी किए हैं। साथ ही मेडिकल टीचर्स को इमरजेंसी, ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, वार्ड में तैनात करने के निर्देश सभी डिपार्टमेंट के प्रमुखों को दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर मेडिकल इंटर्न को भी तैनात करने के लिए कहा गया है। सभी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर्स से इस पर अमल की रिपोर्ट भी मांगी है। प्रदेशव्यापी होगी हड़ताल सिर्फ गांधी मेडिकल कॉलेज एवं हमीदिया अस्पताल में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीजों ओपीडी में आते हैं। ऐसे में यहां के 250 से ज्यादा जूनियर डॉक्टरों काम बंद करने से भारी समस्या हो पैदा हो सकती है। यह हड़ताल प्रदेशव्यापी होने वाली है। जिससे हजारों की संख्या में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सेंट्रल डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट की मांग जूडा प्रवक्ता कुलदीप गुप्ता कहा कि कोलकाता की घटना से साबित हो चुका है कि डॉक्टर्स सुरक्षित नहीं हैं। हम सेंट्रल डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमनें डीन को हड़ताल संबंधी पत्र भी दिया है। हमीदिया अस्पताल के 250 से अधिक जूनियर डॉक्टर्स गुरुवार रात से हड़ताल पर हैं। हम सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं देंगे। रुटीन और ओपीडी में जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल रहेगी।. इसलिए तेज हुआ विरोध प्रदर्शन दरअसल, कोलकाता में जूनियर डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में 12 अगस्त से ही एमपी में जूनियर डॉक्टर सांकेतिक रूप से प्रदर्शन कर रहे थे. वहीं एम्स भोपाल में जूनियर डाक्टरों ने काम बंद कर दिया था, लेकिन गुरुवार सुबह डायरेक्टर अजय सिंह के समझाइश के बाद काम पर लौटने का आश्वासन दिया था. लेकिन कोलकाता के आरजी कर कॉलेज में फिर से हुई हिंसा के बाद डॉक्टर आक्रेाशित हो गए. उन्होंने गुरुवार रात 12 बजे से काम बंद हड़ताल करने का समर्थन किया. इसका असर भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा और अन्य स्थानों पर मौजूद मेडिकल कॉलेजों में होगा. एम्स व हमीदिया में डाक्टरों की छुट्टी निरस्त जूनियर और रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल को देखते हुए एम्स भोपाल और हमीदिया अस्पताल में डाक्टरों की छुट्टी निरस्त कर दी गई है. जिससे ओपीडी में आने वाले मरीजों को इलाज मिल सके. वहीं, गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. कविता सिंह ने डाक्टरों को 24 घंटे ड्यूटी पर रहने का आदेश जारी किया है. साथ ही मेडिकल फैकल्टी को इमरजेंसी, ओपीडी, ऑपरेशन थिएटर, वार्ड और लैब में अपनी सेवाएं देने को कहा है. यही हाल भोपाल एम्स का भी है. बता दें कि जूनियर डाक्टरों की हड़ताल के कारण छोटे ऑपरेशन टालने पड़ रहे हैं. इसलिए तेज हुआ विरोध डॉ. गुप्ता ने कहा कि कल रात बंगाल में प्रदर्शन कर रहे चिकित्सकों के साथ हुई हिंसा से हम व्यथित हैं। अब हमारा आंदोलन और तीव्र हो गया है। उक्त घटना के साथ पूर्ण संवेदना जाहिर करते हुए जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन सेवाएं बंद करने का ऐलान किया है। मध्य प्रदेश शासन/प्रशासन द्वारा समय रहते उचित निर्णय न लेने पर या आंदोलन और उग्र हो सकता है। गांधी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने किया काम बंद गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के प्रवक्ता कुलदीप गुता ने बताया कि "कोलकाता में जूनियर डॉक्टर की हत्या और दुष्कर्म के मामले में पूरे देश के डॉक्टर आक्रोशित हैं. गुरुवार को फिर उसी कॉलेज में भीड़ द्वारा किए गए हमले ने इस विरोध को और उग्र कर दिया है. गांधी मेडिकल कॉलेज में करीब 250 जूनियर डॉक्टरों ने काम बंद कर दिया है, जो ओपीडी, इलेक्टिव ओटी, वार्ड ड्यूटी और लैब में काम कर रहे थे." पीड़ित को न्याय और डाक्टरों के लिए प्रोटेक्शन एक्ट की मांग वहीं, इस मामले नेशनल फेडरेशन ऑफ आल इंडिया एसोसिएशन ऑफ एम्स और रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन एम्स भोपाल के प्रेसीडेंट डॉ. दिव्य भूषण ने बताया कि "देशभर में मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं. केंद्र व राज्य सरकारों से हमारी मांग है कि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए. साथ ही सरकार सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट डाक्टर्स एंड हेल्थ वर्कर के लिए लागू करें." जब तक हमें मंत्रालय से ठोस आश्वासन या लिखित आदेश नहीं मिलता, तब तक हम शांतिपूर्ण विरोध जारी रखेंगे. recent visitors 72