प्रेमिका की ईंट से कुचलकर हत्या करने वाला गिरफ्तार, राजस्थान-झुंझुनूं में जबरदस्ती बनाए शारीरिक संबंध

झुंझुनूं. रात में फोन करके मिलने बुलाने के बाद युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाकर उसे ईंट मारकर बेरहमी से मौत के घाट उतारने का मामला सामने आया है। आरोपी को पुलिस ने संदिग्ध हालत में गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। बता दें कि आरोपी हत्या करने के बाद खून से सने कपड़े पहनकर ही घूम रहा था। झुंझुनूं के खेतड़ीनगर के गोठड़ा कस्बे से सटी बाढा की ढाणी के स्वास्थ्य केन्द्र में गांव की एक युवती की लाश बरामद की गई थी। मामले में एक युवक उस समय दरिंदा बन गया जब उसकी तथाकथित प्रेमिका ने उसकी बात नहीं मानी। उसने लड़की को कॉल करके रात के अंधेरे में गिले-शिकवे दूर करने की बात कहकर मिलने बुलाया। लड़की के वहां पहुंचने के बाद युवक ने उसे हवस का शिकार बनाया और ईंट से सिर पर वार करके बेरहमी से उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने जब उसे गिरफ्तार किया तो उसके शर्ट पर खून के धब्बे लगे हुए मिले। फिलहाल इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी। अभी तो सवाल यह है कि यह प्यार एकतरफा था या फिर दोनों में प्रेम प्रसंग था। पूछताछ में लड़के का कहना है कि लड़की ने उसे इग्नोर करके बात करना बंद कर दिया था। इस पर उसे शक था कि वह किसी दूसरे लड़के से बात करती थी। युवक की ओर से जताए शक पर बात इस कदर बढ़ी कि वह प्रेमी की जगह दरिंदा बन गया और लड़की की हत्या कर दी। फिलहाल आरोपी सलाखों के पीछे है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में लड़की से बलात्कार के बाद सिर पर पत्थर आदि से वार हत्या करना सामने आया। मौत पर गुस्साए ग्रामीणों ने खेतड़ी पंचायत समिति प्रधान मनीषा गुर्जर के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रधान मनीषा गुर्जर ने इस प्रकार घटना को खौफनाक एवं दरिंदगी भरी बताते हुए कहा कि अब महिला सुरक्षा में लापरवाही एवं महिला अपराध बर्दाश्त से बाहर होते चले जा रहे हैं। ग्रामीणों के प्रदर्शन से हरकत में आई पुलिस ने दौड़ भाग शुरू कर हत्या करने वाले आरोपी को धर-दबोचा और अब उससे पूछताछ जारी है। recent visitors 90

मुहम्मद यूनुस ने पीएम मोदी से फोन पर की बात, कहा-बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा का दिया भरोसा

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश सरकार की अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस से फोन पर बात की है। इस बातचीत में उन्होंने बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। पीएम मोदी ने बांग्लादेश के लोकतांत्रिक, स्थिर, शांतिपूर्ण और प्रगतिशील होने के लिए भारत के समर्थन को दोहराया है। इसके अलावा, प्रोफेसर यूनुस ने बांग्लादेश में हिंदुओं और सभी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और संरक्षण का आश्वासन दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट में कहा कि उन्होंने बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार से बात कर सभी अल्पसंख्यकों के हितों की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत हमेशा बांग्लादेश के साथ अपने मजबूत संबंधों को और बेहतर करने के लिए तत्पर है। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बांग्लादेश की सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने फोन किया था। मौजूदा स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया। लोकतांत्रिक, स्थिर, शांतिपूर्ण और प्रगतिशील बांग्लादेश के लिए भारत के समर्थन को दोहराया। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं और सभी अल्पसंख्यकों की रक्षा व सुरक्षा का आश्वासन दिया।’’ बांग्लादेश में शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के पतन के बाद आठ अगस्त को मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में शपथ ली थी। यूनुस के कार्यभार संभालने के बाद मोदी ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 78वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बृहस्पतिवार को उम्मीद जताई थी कि हिंसा प्रभावित बांग्लादेश में हालात जल्द ही सामान्य होंगे। उन्होंने कहा था कि 140 करोड़ भारतीय पड़ोसी देश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा कि भारत शांति के लिए प्रतिबद्ध है और वह बांग्लादेश की विकास यात्रा में उसका शुभचिंतक बना रहेगा। शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के सदस्यों के खिलाफ हिंसा बढ़ी है। हसीना नौकरियों में विवादित आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपनी सरकार के खिलाफ हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे देश छोड़कर पांच अगस्त को भारत आ गई थीं। ‘बांग्लादेश नेशनल हिंदू ग्रैंड अलायंस’ नामक एक गैर-राजनीतिक हिन्दू संगठन ने दावा किया है कि पांच अगस्त को शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के पतन के बाद से 48 जिलों में 278 स्थानों पर अल्पसंख्यक समुदाय को हमलों और धमकियों का सामना करना पड़ा है। संगठन ने इसे ‘हिंदू धर्म पर हमला’ करार दिया है। recent visitors 60

सिंध नदी के तेज बहाव में फंसीं 11 जिंदगी , रातभर जागे सिंधिया, सुबह रेस्क्यू तक प्रशासन से लेते रहे अपडेट

शिवपुरी  केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की सक्रियता अपने क्षेत्र में बढ़ गई है। विकास कार्यों के साथ-साथ वह अपने लोगों की मदद के लिए अभी लगातार आगे आ रहे हैं। 15 अगस्त की रात सिंध नदी में अचानक आए बाढ़ के बीच 12 लोग फंस गए थे। इस बात की जानकारी केंद्रीय मंत्री सिंधिया को मिली तो वह तुरंत बचाव के निर्देश दिए। हालांकि पानी का बहाव इतना तेज था कि एसडीआरएफ की टीम वहां तक नहीं पहुंच सकती थी। ऐसे में बहाव की गति धीमी होने का इंतजार किया जा रहा था। साथ ही दूसरी रणनीति यह थी कि पानी कम नहीं होने पर हेलिकॉप्टर से फंसे हुए लोगों का रेस्क्यू किया जाएगा। इसके साथ ही नदी में एक चरवाहा भी अपनी मवेशी के साथ फंस गया था। सुबह में हुआ सभी का रेस्क्यू यह घटना तहसील कोलारस के भड़ौता ग्राम की थी। 15 अगस्त को सिंध नदी में पुल के पास कुल 11 लोग रपटा पार करते समय सिंध के तेज बहाव में फंस गए । इनमें एक महिला भी शामिल थी। पुल के दोनों ओर चेतावनी और निषेध होने के बावजूद भी ये लोग पुल पार कर रहे थे। इनमें से रात्रि में ही एक महिला और दो पुरुष को बचाव अभियान चला कर सुरक्षित निकाल लिया गया था, शेष बचे 8 लोगों को आज सुबह 6:30 के क़रीब सुरक्षित निकाल लिया गया। इनमें 5 बड़े और तीन नाबालिग बच्चे थे। टापू पर फंस गया था चरवाहा वहीं, मझारी गांव का राजपाल यादव भी पानी में फंस गया था। वह भैंस को चराने निकला था और अकेले टापू पर फंस गया था। चरवाहे को भी प्रशासन ने बचा लिया है। इसके बाद उसने राहत की सांस ली है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पूरी तरह रेस्क्यू को लेकर जागते रहे हैं। वह पल-पल के अपडेट अधिकारियों से लेते रहे हैं। मैं कुछ नहीं होने दूंगा सभी के सुरक्षित निकाले जाने के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अकेले फंसे हुए चरवाहे से फोन पर बात की है। केंद्रीय मंत्री ने पहले चरवाहे का हाल जाना है। इसके बाद कहा कि मैं हूं ना , कुछ नहीं होने दूंगा । इसके बाद चरवाहे के भैंस के बारे में भी जानकारी ली कि उनके मवेशी भी बचा लिए या नहीं । चरवाहे ने कहा कि मवेशी भी बचा लिया गया लेकिन उसे रात में डर लगने लगा था। दो जगह फँसे हुए थे लोग तहसील कोलारस के भड़ौता ग्राम में 15/08/2024 को सिंध नदी में पुल के पास  कुल 11 लोग रात में सिंध नदी का रपटा पार करते समय सिंध के तेज बहाव में फ़स गये । इनमें एक महिला भी शामिल थी।पुल के दोनों और चेतावनी और निषेध होने के बाबजूद भी ये लोग पुल पार कर रहे थे।इनमें से रात्रि में ही १ महिला और २ पुरुष को बचाव अभियान चला कर सुरक्षित निकाल लिया गया था, शेष रहे 8 लोगो को आज सुबह 6:30 के क़रीब सुरक्षित निकाल लिया गया। इनमें 5  वयस्क और तीन नाबालिग बच्चे थे ।  जिन लोगों का रेस्क्यू किया गया उनमें ग्राम भड़ौता के अजीत पुत्र राजेश केवट , करण पुत्र कल्याण केवट, के.पी. पुत्र पंचम गुर्जर ग्राम देहरदा गणेश के पवन पुत्र बलवीर दांगी , रवि पुत्र जगदीश दांगी और खनियाधाना के नासिर पुत्र अब्दुल हलीम, विवेक पुत्र प्रेम खटीक और साहिल पुत्र शाहरुख़ खान शामिल हैं। सभी व्यक्ति सुरक्षित है । एक अकेला चरवाहा भी गया था पानी के कारण टापू में फँस एक व्यक्ति राजपाल यादव निवासी मझारी गाँव इंदार थाना के रहने वाले थे वो भैंस को चराने निकले थे वो अकेले एक टापू पर फंस गए थे. इन्हें भी प्रशासन द्वारा बचा लिया गया है ।. केंद्रीय मंत्री ने चरवाहे से की आत्मिक तरीक़े से फ़ोन पर बात कहा मैं हूँ ना कुछ नहीं होने दूँगा. आज सभी के सुरक्षित निकाले जाने के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आत्मिक तरीक़े से अकेले फँसे हुए चरवाहे से फोन पर बात की , केंद्रीय मंत्री ने पहले कुशल मंगल जाना, इसके बाद कहा मैं हूँ ना , कुछ नहीं होने दूँगा । इसके बाद चरवाहे के भैंस के बारे में भी जानकारी ली की उनके मवेशी भी बचा लिए या नहीं । चरवाहे ने कहा था मवेशी भी बचा लिया गया लेकिन उसे रात में डर लगने लगा था. recent visitors 122

कौशल विकास मंत्री केदार कश्यप ने की समीक्षा, छत्तीसगढ़ के युवाओं को स्थानीय रोजगार की मांग अनुसार प्रशिक्षण दिलाएं

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशा के अनुरूप युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए स्थानीय उद्योगों के मांग के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। कौशल विकास मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित सभा कक्ष में छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण एवं राज्य परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज सोसायटी के अंतर्गत संचालित कौशल प्रशिक्षण की गतिविधियों की समीक्षा की। मंत्री श्री कश्यप ने राज्य के युवाओं और महिलाओं को अधिक से अधिक रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण देकर उन्हें आजीविकामूलक गतिविधियों से जोड़ना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सके। बैठक में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री एस. भारतीदासन एवं छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री राजेश सिंह राणा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि प्रशिक्षित युवाओं को स्वयं का रोजगार स्थापित करने हेतु संभागवार बैंक में लंबित प्रकरणों की समीक्षा कलेक्टर स्तर पर किये जाने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने बस्तर क्षेत्र में स्थानीय आवश्यकताओं जैसे बेलमेटल, बॉस शिल्प, टेराकोटा एवं इमली, लाख, हर्रा बहेरा, छिन्द, फुड प्रोसेसिंग इत्यादि कोर्स में तथा बाजार मांग के अनुरूप ट्रेडों का चिन्हांकन कर प्रशिक्षण देने के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने युवाओं में सोशल मिडिया के प्रति रूचि एवं इस क्षेत्र में स्वरोजगार की संभावना को देखते हुए सोशल मिडिया से संबंधित कोर्स में संचालित करने को कहा। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक युवाओं का सर्वे कर उनकी रूचि के अनुसार कौशल प्रशिक्षण जिला मुख्यालय अथवा उनके निवास स्थान के समीप प्रशिक्षण केन्द्र में प्रशिक्षण कराया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत विशेष पिछ्डी जनजातियों के युवाओं को लाईवलीहुड कॉलेज द्वारा संचालित आजीविका विकास कार्यक्रम अथवा अन्य कौशल प्रशिक्षण योजनाओं के तहत प्रशिक्षण दिए जाने के निर्देश दिए। मंत्री श्री कश्यप ने बस्तर संभाग के जिलों में निर्माणाधीन छात्रावास को जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित कर प्रशिक्षण प्रारंभ कराए जाने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। recent visitors 147

ममता सरकार पर बरसा कलकत्ता हाई कोर्ट, पूछा- 7000 लोगों की भीड़ अस्पताल में कैसे घुसी, इतने लोग वॉक पर नहीं आ सकते

कोलकाता  आरजी कर मेडिकल कॉलेज मामला बढ़ता ही जा रहा है। पूरा देश महिला डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत पर उबल रहा है। इसी बीच मेडिकल कॉलेज के अंदर घुसकर गुरुवार को तोड़फोड़ भी की गई। मामले में कलकत्ता हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप किया है और सख्त टिप्पणी की है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हाल ही में हुई बर्बरता की घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। हाई कोर्ट ने कहा कि यह सरकार की नाकामी है और मेडिकल कॉलेज को बंद कर देना चाहिए। हाई कोर्ट ने डॉक्टरों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करने की बंगाल सरकार की क्षमता पर सवाल उठाया है। हाई कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाएं हेल्थ प्रफेशनल्स के बीच भय और अनिश्चितता का माहौल पैदा करती हैं। 'गिरता है मनोबल' अपनी टिप्पणियों में, न्यायालय ने अस्पताल पर हमले को रोकने में 'राज्य मशीनरी की पूर्ण विफलता' की ओर इशारा किया। इस घटना में अस्पताल के महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण नष्ट कर दिए गए। जमकर तोड़फोड़ की गई। न्यायाधीशों ने जोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं का डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों के मनोबल और आत्मविश्वास पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। हाई कोर्ट ने कहा कि इस तह की घटना से डॉक्टर्स का मनोबल टूटता है और उनका आत्मविश्वास कमजोर पड़ जाता है। तोड़फोड़ के मामले में 19 लोग गिरफ्तार कोलकाता पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि उसने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में तोड़फोड़ और हिंसा के मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों को शहर की एक अदालत ने 22 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। आपको बता दें कि अज्ञात बदमाशों ने कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के परिसर में घुसकर उसके कुछ हिस्सों में तोड़फोड़ की। इसी अस्पताल में पिछले सप्ताह महिला चिकित्सक का शव मिला था। अस्पताल में चिकित्सक के साथ कथित बलात्कार और फिर उसकी हत्या किए जाने की घटना के विरोध में महिलाओं के विरोध प्रदर्शन के बीच आधी रात को यह तोड़फोड़ की गई। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए। परास्नातक प्रशिक्षु के साथ कथित दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या की घटना के विरोध में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में जूनियर डॉक्टर की हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रही। प्रदर्शन कर रहे चिकित्सक दोषियों को कड़ी सजा दिए जाने और कार्यस्थल पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि जब सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में तोड़फोड़ और हिंसा हुई तो पुलिस ने उचित कार्रवाई नहीं की। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार शाम को कहा था कि अस्पताल के आपातकालीन वार्ड की दो मंजिलों में तोड़फोड़ की गई, दवाइयां लूट ली गई हैं और बुनियादी ढांचे तथा उपकरणों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। सरकार को दिए निर्देश कोलकाता हाई कोर्ट की आलोचना राज्य के चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डालती है। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसा माहौल बनाना सरकार की जिम्मेदारी है, जहां स्वास्थ्य पेशेवर हिंसा या धमकी के डर के बिना अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें। न्यायाधीशों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल और प्रभावी उपाय किए जाने का आह्वान किया। सरकार को एक्शन का आदेश हाई कोर्ट ने जोर देकर कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह एक ऐसा वातावरण बनाए जहां हेल्थ प्रफेशनल्स हिंसा या धमकी के डर के बिना अपने कर्तव्यों का पालन कर सकें। न्यायाधीशों ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल और प्रभावी उपाय करने का आह्वान किया। सरकारी मशीनरी पर उठाए सवाल हाई कोर्ट ने सवाल किया कि पुलिस 7,000 लोगों की बड़ी भीड़ से अनजान क्यों थी? इंटेलिजेंस विंग क्या कर रहा था? हाई कोर्ट ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कि कानून प्रवर्तन को इतनी महत्वपूर्ण मीटिंग के बारे में कोई जानकारी नहीं थी?   recent visitors 81

सुख-शांति-समृद्धि के लिए की कामना, छत्तीसगढ़-महासमुन्द में मुख्यमंत्री साय ने किया रूद्रामहाभिषेक

महासमुन्द/रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज पवित्र सावन मास पर महासमुन्द जिला मुख्यालय में आयोजित रूद्रामहाभिषेक कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने रुद्र पाठ के मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का अभिषेक किया तथा पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के लिए सुख-शांति-समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा शामिल हुए। कार्यक्रम में बसना विधायक श्री सम्पत अग्रवाल, पूर्व राज्य मंत्री श्री पूनम चंद्राकर एवं पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुगण शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रुद्र पाठ के मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का अभिषेक किया तथा पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के लिए सुख-शांति-समृद्धि की कामना की। recent visitors 94

सीएम मोहन यादव ने चिकित्सा विभाग में 25 हजार पदों पर भर्ती का किया ऐलान

भोपाल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सीएम मोहन यादव ने बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के लिए बड़ी बात कही है. दरअसल, मध्य प्रदेश में सरकारी भर्ती को लेकर हमेशा युवा इस बात का जवाब चाहते हैं कि सरकारी नौकरी मिलेगी तो कब मिलेगी? इसी बात को लेकर सरकार की एक बड़ी योजना तैयार हो गई है. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सीएम मोहन यादव ने इसका बाकायदा ऐलान भी कर दिया है. सीएम मोहन यादव ने बताया कि कितने पदों पर आने वाले दिनों में भर्ती की जाएगी.     जब शिवराज सिंह चौहान भी मुख्यमंत्री थे तब 1 लाख पदों पर सरकारी भर्ती की बात सामने आई थी, लेकिन मिले कितने को इस बार सीएम ने जान जानकारी भी दे दी  है कि कितने महीने में कितनों को सरकारी नौकरी मिली है और आनेवाले वक्त  में कितने लोगों को रोजगार मिलेगा इसे लेकर भी सीएम मोहन यादव ने जानकारी दे दी है. 1 लाख 77 हजार नौकरियां सीएम मोहन यादव ने कहा कि राज्य में 10 हजार करोड़ की लागत से 60 से अधिक नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की जा रही है, जिनसे 1 लाख 77 हजार से अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे. कौशल विकास को राज्य शासन ने प्राथमिकता पर रखा है. मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना में 8000 चयनित प्रशिक्षणार्थियों को 6 करोड़ 60 लाख करोड़ का स्टाइपेंड प्रदान किया गया है, ताकि वे अपने कौशल को और निखार सकें और बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें. चिकित्सा विभाग में 25 हजार भर्ती का ऐलान सीएम मोहन यादव ने ऐलान करते हुए कहा कि चिकित्सा विभाग में 25 हजार पदों पर भर्ती की जाएगी. उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आगामी 2 वर्ष में लगभग 25 हजार पदों को भरने की कार्य योजना है. प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए  200-250 एकड़ के क्षेत्र में मेडिकल पार्क विकसित होंगे. प्रत्येक जिला अस्पताल में आयुष विंग बनाया जा रहा है. प्रदेश में शीघ्र ही 11 नए आयुर्वेद महाविद्यालय/चिकित्सालय प्रारंभ होंगे. 11 हजार से ज्यादा सरकारी नौकरी दी सीएम मोहन यादव ने जानकारी देते हुए कहा कि सरकारी नौकरियों के रिक्त पदों को भरने के लिए भी तेजी से कार्य किया गया है और विगत आठ महीनों में शासकीय नौकरी के 11000 से अधिक नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं. यानी यह सरकार का आंकड़ा है, जिसे सीएम ने खुद ही स्पष्ट कर दिया सीएम के ऐलान के बाद से माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश में प्राइवेट सेक्टर में सरकारी नौकरियों की तुलना में ज्यादा नौकरी मिलेगी.  सीएम के इस ऐलान से मध्य प्रदेश में इतने वर्षों से सरकारी पदों पर या सरकारी नौकरियों का इंतजार कर रहे युवाओं को कितना फायदा होगा यह देखने वाली बात होगी. recent visitors 76