आवास-पर्यावण-आयुष्मान-कृषि-नल जल योजना गिनाई, छत्तीसगढ़-सीएम साय ने रायपुर में फहराया तिरंगा

रायपुर. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद परेड की सलामी ली। सीएम साय ने  आज सवेरे राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। उन्होंने प्रदेशवासियों को 78वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री साय ने कहा जलवायु परिवर्तन को देखते हुए प्रकृति की रक्षा और संरक्षण में योगदान देना हमारा कर्तव्य है…इस दिशा में, मैं सभी से पौधे लगाने का आग्रह करता हूं। जलवायु परिवर्तन के संकट को देखते हुए हम सबका कर्तव्य है कि पर्यावरण को बेहतर बनाने में अपनी भागीदारी दें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ’‘एक पेड़ माँ के नाम’‘ अभियान आरंभ किया है। मैंने अपने गृह ग्राम बगिया में इस अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष का पौधा लगाया है। रायपुर में मुख्यमंत्री निवास में मैंने दहीमन का पौधा लगाया है। आप भी एक पौधा जरूर लगाएं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत को वर्ष 2047 तक विकसित देश बनाने के संकल्प में छत्तीसगढ़ प्रभावी भूमिका अदा कर रहा है। हमारी सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को लेकर राज्य के चहुंमुखी विकास के लिए नई-नई योजनाएं तैयार कर रही है। उन्होंने राज्य की जनता को 78वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों के कठिन संघर्ष और बलिदान से हमें आजादी मिली है। आजादी के लिए हमारे पुरखों ने अंग्रेजी साम्राज्यवाद के विरूद्ध लंबा संघर्ष किया। उनके बलिदान और संघर्षों के फलस्वरूप मिली आजादी को हमें अक्षुण बनाए रखना है। लोकतांत्रिक ताकतों को मजबूत बनाना है। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउण्ड में स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह में ध्वजारोहण के बाद प्रदेशवासियों को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के नेतृत्व में पूरे देश के स्वाधीनता सेनानियों के साथ ही छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने भारत माता की परतंत्रता की बेड़ियों को तोड़ने के लिए जो अनथक मेहनत की, उसके सुखद परिणाम स्वरूप आज हम स्वतंत्र वातावरण में साँस ले रहे हैं। देश के अन्य हिस्सों की तरह छत्तीसगढ़ में शहीद गेंद सिंह, शहीद धुरवा राव, शहीद यादव राव, शहीद वेंकट राव, वीर गुंडाधुर, शहीद डेबरी धुर, शहीद आयतु माहरा, शहीद वीर नारायण सिंह जैसे हमारे अनेक ऐतिहासिक नायकों ने अंग्रेजी हुकूमत को उखाड़ फेकने के लिए अदम्य साहस का परिचय देते हुए जनमानस में स्वाधीनता की अलख जगायी। आज जिस स्वतंत्रता का उपभोग कर रहे हैं, वह हमारे पुरखों के बलिदान का प्रतिफल है। उन्होंने कहा  कि बाबा साहेब अम्बेडकर का संविधान आज लोकतंत्र को आगे बढ़ने की राह दिखा रहा है। यह हमारे लिए एक प्रकाश स्तंभ है। बरसों पहले बाबा गुरु घासीदास जी ने समता मूलक समाज का आदर्श हम सबके सामने रखा था, जो बाबा साहेब द्वारा निर्मित संविधान में फलीभूत हुआ। उनके संविधान में कबीर की वाणी का सार भी है, जो भारत के नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ-साथ समानता प्रदान करती है। लोकतंत्र में भरोसे का संकट सबसे बड़ा संकट होता है। यह तंत्र निश्चित ही जनता का अपने प्रतिनिधियों पर भरोसा कायम रखने से ही चलता है। छत्तीसगढ़ सरकार की बागडोर संभालने के बाद हमारी सबसे बड़ी चुनौती इसी भरोसे को बहाल करने की थी। हमें यह कहते हुए संतोेष हो रहा है कि हमारी सरकार ने आपसे किये अधिकांश वायदों को पूरा कर विश्वास को फिर से स्थापित किया है। हमारे संविधान निर्माताओं का सपना ऐसे ही मजबूत लोकतंत्र का था, जहां जनता और उसकी चुनी हुई सरकार भरोसे की ऐसी ही मजबूत डोर में बंधी रहे। वास्तव में यह लोकतंत्र का मजबूत रक्षासूत्र है, जिसे कभी भी किसी भी लोकसेवक को कमजोर नहीं करना चाहिए। साय ने आगे कहा कि हमारे राज्य निर्माता भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय स्वर्गीय अटल जी ने छत्तीसगढ़ का निर्माण प्रदेश के व्यापक आर्थिक विकास एवं प्रदेश की सुंदर संस्कृति के संरक्षण के लिए किया। हमारा दायित्व है कि ‘हमने ही बनाया है, हम ही संवारेंगे’ के संकल्प के साथ प्रदेश के नवनिर्माण में पूरी लगन से जुट कर अटल जी का सपना साकार करें। विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देकर हम पूर्वजों की इस परंपरा को आगे बढ़ाने का यश हासिल कर सकते हैं, यही हमारा कर्तव्य भी है। आज के दिन हम उन पूर्वजों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जिन्होंने आपातकाल के कठिन दौर में संविधान की मशाल को बुझने नहीं दिया। देश भर में हजारों लोकतंत्र सेनानियों ने इमरजेंसी का विरोध किया और इसके प्रतिरोध में जेल की सजा और अन्य यातनाएँ भुगतीं। अगले वर्ष 25 जून को इमरजेंसी के पचास बरस पूरे हो जाएंगे। इस वर्ष ‘‘आपातकाल स्मृति दिवस‘‘ के अवसर पर 25 जून के दिन हमें अपने प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों का आशीर्वाद मिला है। मुझे यह कहते हुए प्रसन्नता हो रही है कि अपने लोकतंत्र सेनानियों के प्रति कृतज्ञता-ज्ञापित करने हेतु पिछले पांच वर्षों से रुकी उनकी सम्मान निधि हमारी सरकार द्वारा पुनः प्रारंभ की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दिन हम अपने उन जवानों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जो हमारे प्रदेश में लोकतंत्र विरोधी, नक्सलवादी आतंक से पूरे साहस और जज्बे के साथ मुकाबला कर रहे हैं। बीते आठ महीनों में हमारे जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए 146 नक्सलियों को मार गिराया है। इस दौरान हमने 32 नये सुरक्षा कैंप खोले हैं और आने वाले दिनों में 29 नये कैंप शुरू करने जा रहे हैं। आज कई वर्षों बाद क्षेत्र की जनता सुरक्षित महसूस कर रही है, जिसका कारण हमारे वीर जवानों की मेहनत व पराक्रम है। अब बस्तर तीव्र विकास के लिए है तैयार   नक्सलवादी घटनाओं से निपटने के लिए अनुसंधान और अभियोजन की कार्रवाई और भी प्रभावी रूप से हो सके, इसके लिए हमने राज्य अन्वेषण एजेंसी (एसआईए) का गठन किया है। बस्तर की जनता नक्सलियों से त्रस्त हो चुकी है और विकास के मार्ग पर सरपट दौड़ने को तैयार है। उन्होंने कहा कि अन्दरूनी क्षेत्रों में नये कैंपों का विस्तार कर लोगों को आतंक से मुक्ति देने के साथ ही इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने का काम भी युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। इसके लिए हमने ‘’नियद नेल्लानार’’ योजना शुरू की … Read more

अपने कर्तव्य के प्रति सदैव सजग रहने वाले पुलिस अधिकारी और जवान सराहना के पात्र हैं- मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सुशासन और सुव्यवस्था की स्थापना में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास पर पदक प्राप्त पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों का पारिवारिक सम्मान कार्यक्रम अपने कर्तव्य के प्रति सदैव सजग रहने वाले पुलिस अधिकारी और जवान सराहना के पात्र हैं- मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश पुलिस ने सुव्यवस्था स्थापित करने और अपराधों पर नियंत्रण के क्षेत्र में अच्छा कार्य किया है। सुशासन स्थापना में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। अपने कर्तव्य के प्रति सदैव सजग रहने वाले पुलिस अधिकारी और जवान सराहना के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज स्वतंत्रता दिवस पर राज्य स्तरीय पदक अलंकरण समारोह में उत्कृष्ट सेवा, सराहनीय सेवा और वीरता के लिए सम्मानित हुए 69 पुलिस अधिकारियों और जवानों के पारिवारिक सम्मान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस परिवारों के सदस्य गण और पुलिस स्टाफ द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम की उन्मुक्त प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस पदक प्राप्त अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने अनेक अवसरों पर खुद के जीवन को दांव पर लगाकर अपना दायित्व निभाया है। कोविड के समय चौराहे-चौराहे पर पुलिसकर्मी खड़े थे और चुनौतियों का सामना कर रहे थे। साहस के साथ हर परिस्थिति में अडिग पुलिस अधिकारी और जवान सांस्कृतिक क्षेत्र में भी योग्यता रखते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास में प्रस्तुत बहुरंगी सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रतिभागियों को पुरस्कृत करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अधर्म के विरूद्ध धर्म की स्थापना के लिए अपने जीवनकाल में लगातार कार्य किया। आज के समय में पुलिस की भी यही भूमिका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता ‍दिवस की वर्षगांठ हम सभी के लिए सबसे बड़ा त्योहार है। स्वतंत्रता हमारे लिए सर्वोत्तम और सर्वोच्च है। पूरा राष्ट्र देशभक्ति और आनंद के भाव से ओत-प्रोत होकर इस उत्सव में शामिल होता है। पुलिस महानिदेशक सुधीर कुमार सक्सेना ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा और निर्देशों के पालन में तेज ध्वनि में लाउड स्पीकर के उपयोग पर नियंत्रण, पुलिस थानों की सीमाओं में आवश्यक सुधार, गोवंश रक्षा के कार्यों के साथ ही पुलिस बल में पदोन्नतियों की प्रक्रिया पूर्ण करने और पुलिस बैंड की भूमिका को महत्वपूर्ण बनाने का कार्य किया है। चाहे डकैत हों या नक्सली या देशविरोधी तत्व उन पर सख्त अंकुश के लिए मध्यप्रदेश पुलिस सक्रिय और सजग रहेगी। इस अवसर पर मध्य प्रदेश पुलिस के परिजन एवं पुलिस स्टाफ द्वारा शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम जिसमें देशभक्ति गीत, समूह गीत, मेलोडी ऑर्केस्ट्रा, समूह नृत्य और नृत्य नाटिका प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव गृह एस.एन. मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र कुमार सिंह, डीजी होमगार्ड अरविंद कुमार, स्पेशल डीजी विजय कटारिया, एडीजी लोकायुक्त योगेश चौधरी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी तथा पुलिस अधिकारियों और जवानों के साथ ही उनके परिवार के सदस्य उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन एडीजी एसएएफ साजिद फरीद शापू ने किया।   recent visitors 86

मुख्यमंत्री ने नागरिक सुरक्षा विशिष्ट सेवा के लिये राष्ट्रपति पदक, जेल विभाग में सराहनीय सेवा के लिये पदक

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 78वें स्वतंत्रता दिवस पर भोपाल के लाल परेड मैदान पर आयोजित राज्य स्तरीय परेड में उल्लेखनीय सेवाओं के लिये पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया है। वीरता के लिये पुलिस पदक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस अधीक्षक राजगढ़ आदित्य मिश्रा, निरीक्षक पीटीएस तिघरा अंशुमान सिंह चौहान, निरीक्षक हॉक फोर्स बालाघाट रामपदम शर्मा, उप निरीक्षक हॉक फोर्स बालाघाट आशीष शर्मा, उप निरीक्षक हॉक फोर्स बालाघाट अतुल कुमार शुक्ला, उप निरीक्षक हॉक फोर्स बालाघाट मनोज कुमार कापसे और प्रधान आरक्षक हॉक फोर्स बालाघाट रमेश विश्वकर्मा को वीरता के लिये पुलिस पदक प्रदान किया हैा। विशिष्ट सेवा के लिये राष्ट्रपति पुलिस पदक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशुतोष रॉय अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अग्निशमन सेवा भोपाल, ए. साईं मनोहर ओएसडी मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली, योगेश चौधरी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त भोपाल, मोहम्मद शाहिद अबसार अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ई.ओ.डब्ल्यू. भोपाल, मनीष कपूरिया पुलिस महानिरीक्षक कानून और व्यवस्था इंदौर (सेवानिवृत्त), भारत भूषण राय उप सेनानी 7वीं वाहिनी विसबल भोपाल (सेवानिवृत्त), शारदा प्रसाद चौधरी मानसेवी उप पुलिस अधीक्षक विशेष शाखा जबलपुर और अशोक कुमार रघुवंशी कार्यवाहक निरीक्षक पीटीसी, इंदौर को विशिष्ट सेवा के लिये राष्ट्रपति का पुलिस पदक प्रदान किया गया है। नागरिक सुरक्षा विशिष्ट सेवा के लिये राष्ट्रपति पदक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर सेना तथा नागरिक सुरक्षा विशिष्ट सेवा के लिये भूपेन्द्र सिंह ठाकुर कार्यवाहक डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेन्ट होमगार्ड छतरपुर को राष्ट्रपति पदक प्रदान किया है। सराहनीय सेवा के लिये पुलिस पदक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाल परेड मैदान में हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह में सराहनीय सेवा के लिये पुलिस पदक भी प्रदान किये। जिन पुलिसकर्मियों को यह पदक प्राप्त हुए उनमें अभय सिंह पुलिस महानिरीक्षक देहात जोन-अतिरिक्त प्रभार पुलिस महानिरीक्षक विसबल भोपाल रेंज भोपाल, सुशांत कुमार सक्सेना पुलिस महानिरीक्षक चम्बल जोन मुरैना, डॉ आशीष पुलिस महानिरीक्षक इंटेलीजेंस पुलिस मुख्यालय भोपाल, मनोज कुमार श्रीवास्तव अतिरिक्त पुलिस आयुक्त क्राइम मुख्यालय इंदौर, सत्येन्द्र कुमार शुक्ला उप पुलिस महानिरीक्षक प्रशासन पुलिस मुख्यालय भोपाल, प्रशांत खरे उप पुलिस महानिरीक्षक नर्मदापुरम, अतुल सिंह उप पुलिस महानिरीक्षक खरगौन रेंज, पंकज कुमार पाण्डेय पुलिस उपायुक्त जोन-3 (शहर) जिला इंदौर, सुरेन्द्र कुमार जैन पुलिस अधीक्षक पीटीएस रीवा, मलय जैन सहायक पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण पुलिस मुख्यालय भोपाल, श्रीमती मनीषा पाठक सोनी अतिरिक्त. पुलिस अधीक्षक रेल इंदौर, श्रीमती सुमन गुर्जर पुलिस अधीक्षक पीटीएस, तिघरा ग्वालियर, दिनेश कुमार कौशल पुलिस अधीक्षक पीटीएस सागर, प्रणय कुमार नागवंशी पुलिस अधीक्षक एटीएस मुख्यालय भोपाल, रामेश्वर सिंह यादव पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त ग्वालियर, संदेश कुमार जैन स्टॉफ ऑफिसर टू डीजीपी पुलिस मुख्यालय भोपाल, वेदान्त शर्मा सहायक सेनानी आरएपीटीसी इंदौर और अजय कैथवास उप पुलिस अधीक्षक ई.ओ.डब्ल्यू, उज्जैन शामिल हैं। इसी तरह सराहनीय सेवा के लिये जिन पुलिसकर्मियों को पुलिस पदक प्राप्त हुए हैं, उनमें सुनील कुमार तालान उप पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त उज्जैन, तिलकराज प्रधान कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी भौंरी भोपाल, सुनील कुमार राय कार्यवाहक निरीक्षक (एम) विशेष शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल, सैयद अशफाक अली कार्यवाहक निरीक्षक प्रेस पुलिस मुख्यालय भोपाल, राम कुमार मोरन्दानी कार्यवाहक सूबेदार (एम) ई.ओ.डब्लयू भोपाल, डी.पी. सक्सेना कार्यवाहक सूबेदार (अ), कार्यालय उमनि, (ग्रामीण) भोपाल, विष्णु प्रसाद व्यास, कार्यवाहक सूबेदार (अ) जिला शाजापुर, रेवाधर पंत सूबेदार (अ) 23वीं वाहिनी विसबल भोपाल, भंवरलाल जायसवाल उप निरीक्षक (रेडियो) पी.आर.टी.एस. इंदौर, सी.डी. डैनियल, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक (चालक) एम.टी. पूल भोपाल (सेवानिवृत्त), केशव राव इंगले कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक छिन्दवाड़ा, नन्दकिशोर कोसरकर कार्यवाहक सउनि डीपीओ बालाघाट, अशोक सिंह भदौरिया प्रधान आरक्षक पुलिस लाईन ग्वालियर, राम रतन नन्देड़ा प्रधान आरक्षक 731 32वीं वाहिनी विसबल उज्जैन, अमरनाथ यादव प्रधान आरक्षक आरएपीटीसी इंदौर, रामचन्द्र सिंह प्रधान आरक्षक 580 7वीं वाहिनी विसबल भोपाल, मोहनलाल सिंह तिवारी कार्यवाहक प्रधान आरक्षक 307 आरएपीटीसी इंदौर और रमेश जोशी कार्यवाहक प्रधान आरक्षक 374, 10वीं वाहिनी विसबल सागर शामिल हैं। जेल विभाग में सराहनीय सेवा के लिये पदक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 78वें स्वतंत्रता दिवस पर जेल विभाग के कर्मियों को भी सराहनीय सेवा के लिये पदक प्रदान किये है। जिन कर्मियों को पदक प्रदान किये हैं, उनमें राकेश कुमार भांगरे जेल अधीक्षक केन्द्रीय जेल भोपाल, महेश शर्मा सहायक जेल अधीक्षक सब जेल डबरा ग्वालियर, अनिल कुमार पाठक सहायक जेल अधीक्षक सब जेल लवकुशनगर, शोभल सिंह ठाकुर शिक्षक जिला जेल देवास, श्रीमती गीता रायकवार शिक्षक केन्द्रीय जेल सागर सूरज सिंह रांणा प्रमुख मुख्य प्रहरी केन्द्रीय जेल भोपाल, करुणेन्द्र सिंह परिहार कार्यवाहक प्रमुख मुख्य प्रहरी सब जेल रहली, चंद्रभान सिंह नामदेव मुख्य प्रहरी सब जेल करैरा और जगदीश पाटीदार प्रहरी जिला जेल खरगौन शामिल हैं। नगर सेना तथा नागरिक सुरक्षा सराहनीय सेवा के लिये पदक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में नगर सेना तथानागरिक सुरक्षा सराहनीय सेवा के लिये पदक प्रदान किये। जिन कर्मियों को यह पदक प्रदान किये गये हैं, उनमें श्रीमती मधु राजेश तिवारी डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेन्ट होमगार्ड देवास, पंजाबराव बारस्कर सहायक उप निरीक्षक (एम) होमगार्ड बैतूल, राकेश कुमार श्रीवास्तव हवलदार आरमोरर होमगार्ड जबलपुर (सेवानिवृत्त), राम शंकर तिवारी वाहन चालक एसडीईआरएफ जबलपुर, मुकेश चौरसिया डिवीजनल वार्डन सिविल डिफेन्स जबलपुर, श्याम लाल यादव स्वयंसेवी नायक क्रं. 246, होमगार्ड नर्मदापुरम, शोभाराम सोलंकी स्वयंसेवी सैनिक क्रं. 314, होमगार्ड इंदौर और श्रीमती मधु बाला बिलवाल स्वयंसेवी महिला सैनिक क्रं. 550, होमगार्ड इंदौर शामिल है। पुलिस बैंड की टुकड़ी रही आकर्षण का केन्द्र प्रदेश में 78वें स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित परेड में पुलिस बैंड की टुकड़ी आकर्षण का केन्द्र रही। प्रदेश के 53 जिला मुख्यालयों में हुई परेड में पहली बार पुलिस बैंड की टुकड़ी शामिल हुई। पुलिस बैंड के प्रदर्शन ने अपनी सुरम्‍य धूनों से नागरिकों का दिल जीत लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वतंत्रता दिवस पर जिला मुख्यालय पर हुई परेड में पुलिस बैंड की टुकड़ी को भी शामिल करने के निर्देश दिये थे। recent visitors 84

हमारे देश का इतिहास रानी दुर्गावती जैसी कई वीरांगनाओं की शौर्य गाथाओं से भरा पड़ा है- : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

आजादी का पर्व अमर शहीदों के बलिदान, साहस और शौर्य के पुनर्स्मरण का दिन है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  देश के वीर सपूतों ने मातृभूमि को रक्त से सींचकर हमें स्वतंत्रता दिलाई है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव  हमारे देश का इतिहास रानी दुर्गावती जैसी कई वीरांगनाओं की शौर्य गाथाओं से भरा पड़ा है-  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री "आजादी का महापर्व" सांस्कृतिक संध्या में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वतंत्रता दिवस (आजादी का पर्व) अमर शहीदों के बलिदान, साहस और शौर्य को पुन: स्मरण का दिन है। देश के वीर सपूतों ने मातृभूमि को रक्त से सींचकर हमें स्वतंत्रता दिलाई है। रानी दुर्गावती, चंद्रशेखर आजाद, झांसी रानी लक्ष्मी बाई और पृथ्वीराज जैसे वीर बलिदानियों के शौर्य को सदैव स्मरण रखने की जरूरत है। स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में पृथ्वी राज चौहान की वीरता, संघर्ष और विजय पताका का उदाहरण हमारे लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे देश का इतिहास रानी दुर्गावती जैसी कई वीरांगनाओं की शौर्य गाथाओं से भरा पड़ा है। स्वतंत्रता संग्राम, स्वतंत्रता सेनानियों और वीरों के बलिदान, व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाशित पुस्तकें देश और प्रदेश के लिए बड़ा दस्तावेज हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व के हमारे वीर शासकों ने नवीन तकनीक का उपयोग नहीं किया लेकिन आजादी के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर देश के अभिमान को बचाए रखा। हमें समय की प्रासंगिकता को दृष्टिगत रखते हुए नवीन तकनीक का उपयोग करना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वतंत्रता दिवस पर रवींद्र भवन सभागार में आयोजित "आजादी का महापर्व" सांस्कृतिक संध्या को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संस्कृति एवं पर्यटन धर्मेन्द्र सिंह लोधी, विधायक भगवानदास सबनानी और प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिव शेखर शुक्ला उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका सुपलक मुछाल और गायक पलाश मुछाल का स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बदलते दौर में देश आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर हमें गर्व है। हमारी सेना किसी से कम नहीं है। उन्होंने भारत के सैनिकों की वीरता को सराहा। हमारी सेना ने अनेक अवसरों पर दुश्मन के छक्के छुड़ा दिए। संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने 78 वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए देश को आजादी दिलाने वाले अमर शहीदों को याद कर नमन किया। उन्होंने कहा कि वीर सपूतों की वजह से ही हम स्वतंत्र हुए हैं। देश, समाज और राष्ट्र के विकास में प्रधानमंत्री मोदी कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प है कि देश फिर से विश्व गुरु बने। स्वराज संस्थान संचालनालय संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रख्यात पार्श्व गायिका सुपलक मुछाल और गायक पलाश मुछाल के कलाकार दल ने राष्ट्र भक्ति के गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में स्वाधीनता संग्राम विषय पर आधारित 15 पुस्तकों का विमोचन किया गया। संस्कृति विभाग के कला पंचाग 2024-25 का विमोचन भी किया गया। प्रमुख सचिव संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने पौधा भेंट कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया और आभार प्रदर्शन भी किया।   recent visitors 124

मध्यप्रदेश समृद्ध-साक्षर-स्वस्थ हो और शांति का टापू हमारा प्रदेश, देश में सबसे आगे बढ़े यही है कामना

युवा शक्ति, नारी सशक्तिकरण, गरीब कल्याण और किसान कल्याण मिशन प्रदेश के स्थापना दिवस से होंगे आरम्भ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अस्पतालों में आरंभ होंगे जन- आरोग्य केन्द्र राज्य सरकार प्रदेश का बजट अगले 5 वर्ष में दोगुना करने के लक्ष्य से कर रही है कार्य प्रशासन जनोन्मुखी हो, नागरिक विकास में भागीदार बनें और गरीब कल्याण की योजनाएं अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी किया जा रहा है तत्परता से कार्य प्रदेश में ई-संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर लागू : पूर्णत: डिजीटल प्रक्रिया से होगी रजिस्ट्री भारतीय सभ्यता के संरक्षकों के योगदान को सहेजने के लिए स्थापित होंगे वीर भारत संग्रहालय मध्यप्रदेश समृद्ध-साक्षर-स्वस्थ हो और शांति का टापू हमारा प्रदेश, देश में सबसे आगे बढ़े यही है कामना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 78वें स्वतंत्रता दिवस की दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री ने पदक अलंकरण समारोह में पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को किया सम्मानित भोपाल के लाल परेड मैदान से किया प्रदेशवासियों को संबोधित   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 78वें स्वतंत्रता दिवस की सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज भारत माता को स्वतंत्र कराने के लिए अपनी जान न्यौछावर करने वाले वीरों, राष्ट्रभक्तों और स्वतंत्रता सेनानियों का पुण्य-स्मरण करने का दिन है। प्रशासन जनोन्मुखी हो, नागरिक विकास और सामाजिक सद्भाव में भागीदार बनें, गरीबों के कल्याण की योजनाएं अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे ऐसी पुख्ता व्यवस्था करने के लिए हमारी सरकार कटिबद्ध है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विश्व की पांचवीं अर्थव्यवस्था बनने के सफर को तय कर तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश, प्रधानमंत्री मोदी के संकल्पों की सिद्धि में अपना योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाल परेड ग्राउण्ड भोपाल पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रदेशवासियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने ली परेड की सलामी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 78वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर लाल परेड ग्राउण्ड में ध्वजारोहण के बाद निरीक्षण वाहन से परेड का अवलोकन कर सलामी ली। परेड के सशस्त्र दलों ने तीन चरणों में हर्ष फायर किया। पुलिस बैंड ने राष्ट्रगान जन-गण-मन की धुन के साथ अन्य देशभक्ति के गीतों की धूनें प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदक अलंकरण समारोह में पुलिस अधिकारी और कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा, सराहनीय सेवा और वीरता के लिए सम्मानित किया। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से मिशन मोड में होंगे कार्य : बन रहे है 4 मिशन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के विकास में 4 वर्गों यथा युवा, महिला, किसान और गरीब को आधार स्तम्भ के रूप में परिभाषित किया है। मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री मोदी के विचारों से प्रेरणा लेकर चार मिशन, युवा शक्ति, गरीब कल्याण, किसान कल्याण और नारी सशक्तिकरण मिशन बनाकर काम करने जा रही है। मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस आगामी एक नवम्बर से यह मिशन अपना काम प्रारंभ करेंगे। युवा शक्ति मिशन में शिक्षा, कौशल विकास, रोज़गार, उद्यमिता, नेतृत्व विकास, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास की कार्य योजना तैयार कर मिशन मोड में कार्य किया जाएगा। गरीब कल्याण मिशन में स्व-रोज़गार योजनाएँ, सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधा आदि की दिशा में कार्य करेगा। नारी सशक्तिकरण मिशन के तहत बालिका शिक्षा, लाड़ली, लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, लखपति दीदी योजना, महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण आदि कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से किए जाएंगे। किसान कल्याण मिशन में सरकार कृषि एवं उद्यानिकी को लाभ का व्यवसाय बनाने की दिशा में कार्य करेगी। किसानों को राहत प्रदान करने के साथ एवं कृषि की पैदावार बढ़ाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे। पूँजीगत व्यय में हुई 29 प्रतिशत की वृद्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का बजट अगले पांच वर्ष में दो गुना करने की दिशा में सरकार काम कर रही है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में पूँजीगत व्यय 60 हजार 689 करोड़ रुपये किया गया। वर्ष 2022-23 की तुलना में यह वृद्धि लगभग 29 प्रतिशत है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए पूँजीगत व्यय का लक्ष्य 64 हजार 738 करोड़ रुपये रखा गया है। ए.आई., मशीन लर्निंग और कोडिंग जैसी नवीन तकनीकी शिक्षा के लिए कर रहे है विशेष प्रावधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं को सिर्फ पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि ए.आई., मशीन लर्निंग और कोडिंग जैसी नवीन तकनीकों की भी शिक्षा प्राप्त करनी है। इसके लिए उच्च शिक्षा में 485 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। प्रदेश के 55 जिलों के एक-एक महाविद्यालयों को पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में परिवर्तित किया गया है। कौशल विकास को राज्य शासन ने प्राथमिकता पर रखा है। मुख्यमंत्री सीखो-कमाओं योजना में 8 हजार प्रशिक्षणार्थियों को 6 करोड़ 60 लाख रुपये का स्टायपेंड प्रदान किया गया है। नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख विद्यालयों में इन्क्यूवेशन केन्द्र स्थापित किए गए हैं। राज्य में 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 60 से अधिक नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की जा रही है। इसमें 17 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकारी नौकरियों के रिक्त पदों को भरने के लिए तेजी से कार्य किया गया है। विगत 8 महीनों में शासकीय नौकरियों में 11 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। संबल योजना का 1 करोड़ 67 लाख से अधिक पंजीकृत असंगठित श्रमिकों को मिल रहा है लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 1 करोड़ 67 लाख से अधिक पंजीकृत असंगठित श्रमिकों को मुख्यमंत्री जन-कल्याण संबल योजना का लाभ मिल रहा है। इसके लिए इस वर्ष 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के दूसरे चरण में 30 हजार 500 से अधिक श्रमिक परिवारों को 670 करोड़ रुपये से अधिक की अनुग्रह सहायता राशि का अंतरण किया गया। प्रदेश सरकार ने इन्दौर की हुकुमचंद मिल के 4 हजार 800 श्रमिक परिवारों को 224 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान किया गया। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में प्रदेश के 7 लाख 50 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना में ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 7 लाख मकानों का निर्माण कर दिया गया है। हर महीने 117 लाख पात्र परिवारों को नि:शुल्क अनाज प्रदान किया जा रहा है। … Read more

Good news! मध्य प्रदेश को मिलने जा रही है स्लीपर वंदे भारत ट्रेन, जानें क्या होगा इसका रूट

 भोपाल  भोपाल-मुंबई ट्रेन रूट काफी व्यस्त रहता है. दरअसल, ये रूट साउथ इंडिया को नॉर्थ इंडिया से जोड़ता है. यही वजह है कि भोपाल से मुंबई के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. अब ऐसे यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. जल्द ही इस रूट पर एक शानदार ट्रेन की शुरुआत होने जा रही है. भोपाल से मुंबई के बीच चलेगी ये ट्रेन एमपी की राजधानी भोपाल से मुंबई के बीच वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत होने जा रही है. खास बात ये है कि ये वंदे भारत स्लीपर ट्रेन होगी, जिसमें आप आराम से सोते हुए सफर कर सकते हैं. जानाकारी के मुातबिक, जल्द ही इस रूट पर इसका ट्रायल शुरू हो सकता है.     देशभर में कुल 10 वंदे भारत की स्लीपर ट्रेन चलाने की योजना है. इन ट्रेनों के रूट भी सामने आ गए हैं. जिसमें से एक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मध्य प्रदेश से भी चलाई जाएगी. 822 किमी का सफर मात्र 8 घंटे में रेलवे के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार देशभर में स्लीपर वाली ऐसी 10 वंदे भारत ट्रेन चलाई जाएंगी। इन्हीं में से एक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मध्य प्रदेश से भी चलाई जानी है। यह ट्रेन मुंबई से भोपाल के बीच के 822 किलोमीटर के सफर को महज 8 घंटे में पूरा कर देगी। गौरतलब है कि भोपाल से राजधानी दिल्ली के लिए तो कई ट्रेनें हैं, लेकिन भोपाल-मुंबई के लिए कम होने से यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ता है। मुंबई वाला यह रास्ता दक्षिण भारत को उत्तरी राज्यों से जोड़ता है। ऐसी होगी नई वंदे भारत स्लीपर वाली वंदे भारत एक्सप्रेस का रंग भगवा और ग्रे कलर को मिलाकर बनाया गया है। इससे यात्री लंबी दूरी की यात्रा आराम से सोते हुए कर सकेंगे। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 20 कोच होंगे। इनमें से 10 कोच एसी थ्री क्लास, 4 कोच सेकंड क्लास एसी, और एक कोच फर्स्ट क्लास एसी वाला होगा। दिलचस्प बात यह है कि इसमें 4 कोच द्वितीय क्लास स्लीपर श्रेणी के भी होंगे। 8 घंटे में पूरा हो जाएगा सफर मुंबई से भोपाल के बीच की दूरी करीब 800 किलोमीटर है.आम ट्रेन से भोपाल से मुंबई के बीच का सफर तय करने में करीब 15 घंटे का समय लगता है. लेकिन स्लीपर वंदे भारत ट्रेन से ये सफर महज 8-9 घंटे में पूरा हो जाएगा.   भोपाल-मुंबई रूट पर चेलगी ट्रेन फिलहाल देशभर में जो वंदे भारत ट्रेनें चलाई जा रही हैं, वे सभी सिटिंग हैं. ऐसे में लंबी दूरी का सफर तय करने वाले यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. यही वजह है कि अब भारतीय रेलवे ने वंदे भारत की स्लीपर ट्रेन चलाने का फैसला लिया है. भोपाल-मुंबई रूट पर यात्रियों की भीड़ देखते हुए इस रूट पर भी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलाने का फैसला लिया गया है. भोपाल-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का टाइम टेबल फिलहास सामने नहीं आया है. जानकारी के मुताबिक, रेलवे बोर्ड जल्द ही स्लीपर वंदे भारत के शेड्यूल और शुरू होने की तारीख जारी कर सकता है.  recent visitors 91

शिवराज सिंह चौहान की लाड़ली बहना योजना, अपना रहे देश के अन्य राज्य, खोला खजाना

भोपाल बीते साल मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले माना जा रहा था कि भाजपा की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। लेकिन जब नतीजे आए तो उसने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। 48 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल करते हुए भाजपा ने कुल 163 सीटों पर जीत हासिल की। इन शानदार नतीजों के पीछे पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की ओर से घोषित की गई लाडली बहना योजना का योगदान माना गया था। उन्होंने महिलाओं को हर महीने 1250 रुपये की रकम देने का वादा किया था। इस स्कीम के ऐलान से महिलाओं पर बड़ा असर हुआ और भाजपा को बड़ी जीत मिली। भले ही शिवराज सिंह चौहान को फिर से सीएम नहीं बनाया गया, लेकिन इस स्कीम का श्रेय उन्हें ही मिलता रहा है। अब इस स्कीम को कई राज्य दोहरा रहे हैं। खासतौर पर चुनावी राज्यों में ऐसी स्कीम की बहार है। महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार पहले ही लड़की बहिन योजना का ऐलान कर चुकी है। इसके तहत हर महीने 1500 रुपये की रकम दी जानी है। 21 से 60 साल तक की महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलना है और इसकी पहली और दूसरी किश्त एक साथ ही रक्षाबंधन से पहले ट्रांसफर की जानी है। शिंदे सरकार ने इस योजना के लिए 25000 करोड़ रुपये का बजट पहले ही तय कर दिया है। इस साल रक्षाबंधन 19 अगस्त को है। चर्चा है कि अब ऐसी ही योजना हरियाणा की भाजपा सरकार भी चुनाव से पहले घोषित कर सकती है। अब तक महाराष्ट्र में 1 करोड़ 29 लाख महिलाओं का इस योजना के लिए वेरिफिकेशन हो चुका है। राज्य सरकार चाहती है कि विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को कम से कम तीन किस्तें इस स्कीम के तहत मिल जाएं। बता दें कि झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार भी मुख्यमंत्री मैया सम्मान योजना का ऐलान कर चुकी है। इसके तहत 21 से 50 साल तक की उम्र की महिलाओं को 1000 रुपये की रकम मिलनी है। वहीं 50 साल से अधिक आयु की महिलाओं को प्रति माह 1 हजार रुपये की ही पेंशन मिलनी है। झारखंड में नई स्कीम के लिए फिलहाल रजिस्ट्रेशन चालू है और करीब 30 लाख महिलाएं अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं। सरकार ने इस स्कीम के तहत 45 लाख महिलाओं को लाभ देने का फैसला लिया है। इसके लिए 4500 करोड़ रुपये का बजट भी तय किया गया है। अब हरियाणा की बात करें तो हर घर हर गृहिणी स्कीम के तहत महिलाओं के नाम पर 500 रुपये में ही एलपीजी सिलेंडर देने का प्रस्ताव है। चर्चा है कि सीधे कुछ रकम ट्रांसफर करने जैसी स्कीम भी हरियाणा सरकार घोषणा कर सकती है। recent visitors 92