मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने फहराया राष्‍ट्रध्वज, मुख्य समारोह महेश गार्ड लाइन स्थित आरएपीटीसी ग्राउंड पर मनाया

इंदौर शहर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्य समारोह महेश गार्ड लाइन स्थित आरएपीटीसी ग्राउंड पर मनाया गया। इसमें नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ध्वजारोहण कर और परेड की सलामी ली। मुख्य समारोह में विभिन्न विभागों के 14 दल परेड में शाम‍िल हुए। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर निर्देश जारी किए गए थे। इसके अनुसार राज्य स्तर, जिला, जनपद पंचायत तथा ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर कार्यक्रम हुए। जिला स्तर पर भी विधानसभा अध्यक्ष, मंत्री, कलेक्टर द्वारा ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान किया गया। समस्त देशवासियों को 78वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं। जिलेवार सूची सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी कर दी गई थी। इसके अनुसार इंदौर में नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ध्वजारोहण किया। पुलिस, होमगार्ड्स, एसएएफ, एनसीसी इत्यादि द्वारा परेड का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि द्वारा मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया गया। जनपद और पंचायत स्तर पर भी कार्यक्रम हुए। मन में तिरंगा, दिल में तिरंगा आओ लगाएं हर घर तिरंगा !!! आजादी की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी द्वारा आरंभ किए गए 'हर घर तिरंगा' अभियान के अंतर्गत आज अपने निवास पर भारत की आन, बान, शान का प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लगाया। संभागायुक्त और कलेक्टर ने किया ध्वजारोहण संभागायुक्त कार्यालय में संभागायुक्त दीपक सिंह ने ध्वजारोहण किया। इससे पहले संभागायुक्त ने रेसीडेंसी क्लब पर ध्वजारोहण किया। कलेक्टर आशीष सिंह ने कलेक्टर कार्यालय में ध्वजारोहण किया। recent visitors 89

PM नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लगातार 11वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया

नई दिल्ली भारत 78वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से देश को लगातार 11वीं बार संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को सेना के बलिदान और साहस का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि पहले यहां आतंकवादी मारकर चले जाते थे, लेकिन अब सेना सर्जिकल स्ट्राइक करती है। साल 2019 में हुए पुलवामा हमले के बाद भारतीय थल सेना और वायु सेना ने जवाबी कार्रवाई की थी। पीएम मोदी ने कहा, 'यही देश है, जो कभी आतंकी हमें मारकर चले जाते थे। जब देश की सेना सर्जिकल स्ट्राइक करती है, जब देश की सेना एयर स्ट्राइक करती है, तो देश के नौजवानों का सीना ऊंचा हो जाता है, तन जाता है। गर्व से भर जाता है। यहीं बातें हैं, जो 140 करोड़ देशवासियों का मन गर्व से भरा हुआ है। आत्मविश्वास से भरा हुआ है।' पीएम ने लाल किले की प्रचीर से कोरोनावायरस महामारी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'हम कैसे भूल सकते हैं कोरोना का वो संकटकाल, विश्व में सबसे तेज गति से करोड़ों लोगों को टीकाककरण का काम इसी देश में हुआ।' PM नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लगातार 11वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। 'विकसित भारत' का विषय उनके संबोधन में प्रमुखता से छाया रह सकता है। माना जा रहा है कि वह अपने संबोधन में बांग्लादेश में संकट की स्थिति, विशेष रूप से अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाए जाने का उल्लेख भी कर सकते हैं। recent visitors 91

हर किसी को होनी चाहिए पता, आंदोलन से ध्वजारोहण तक स्वतंत्रता दिवस की हैं 10 रोचक बातें

नई दिल्ली. स्वतंत्रता दिवस भारत का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय त्योहार है, जो हर साल 15 अगस्त के दिन मनाया जाता है। इस दिन भारत ने ब्रिटिश शासन से आजादी हासिल की थी। स्वतंत्रता दिवस भारत के लिए गर्व और एकता का प्रतीक है। यह दिन हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों की कड़ी मेहनत और बलिदान की याद दिलाता है और एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक भारत के निर्माण के हमारे दायित्व को दोहराने का अवसर देता है। स्वतंत्रता दिवस से जुड़ी कई ऐसी रोचक बाते हैं, जो हर भारतीय को पता होनी चाहिए। हर साल जब हम स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाते हैं तो ये जानकारियां हमें एक आदर्श नागरिक बनने में मदद करती है। इसमें राष्ट्रध्वज, राष्ट्रगान, ध्वजारोहण समेत कई ऐसी जरूरी जानकारियां हैं, जिनको जानकर आप अपने देश के और करीब खुद को महसूस कर सकते हैं। बच्चों को भी स्वतंत्रता दिवस से जुड़ी ये अहम और रोचक बातें जरूर बताएं। यहाँ स्वतंत्रता दिवस से जुड़ी 10 रोचक बातें दी गई हैं- पहला आंदोलन सदियों तक अंग्रेजी हुकूमत ने भारत पर राज किया लेकिन जब अंग्रेजों का उत्पीड़न बढ़ने लगा तो देश की अलग अलग जगहों पर विरोध शुरू हुआ। ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ और आजादी की मांग को लेकर सबसे पहला और बड़ा विरोध 1857 की क्रांति थी। इस क्रांति की आग पूरे देश में फैली और पूरे देश में आंदोलन शुरू हो गए। पहला ध्वजारोहण 15 अगस्त 1947 को भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लाल किले पर पहली बार ध्वजारोहण किया था। यह परंपरा तब से हर साल जारी है और हर प्रधानमंत्री इस दिन लाल किले पर झंडा फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं। तिरंगे का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के डिजाइन को पिंगली वेंकैया ने तैयार किया था। मूल डिजाइन 1921 में महात्मा गांधी को प्रस्तुत किया गया था और वर्तमान तिरंगे को 22 जुलाई 1947 को भारत की संविधान सभा द्वारा अपनाया गया। राष्ट्र ध्वज से जुड़े रोचक तत्व भारतीय राष्ट्रीय ध्वज में शामिल केसरिया रंग साहस का प्रतीक है। श्वेत रंग सत्य और शांति का प्रतीक है। हरी पट्टी उर्वरता, वृद्धि और भूमि की पवित्रता का प्रतीक है। इसमें मौजूद अशोक चक्र में 24 तीलियां होती है। राष्ट्रगान स्वतंत्रता दिवस पर 'जन गण मन' को राष्ट्रगान के रूप में गाया जाता है। इसे पहली बार 1911 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता (अब कोलकाता) अधिवेशन में गाया गया था। रवींद्रनाथ टैगोर राष्ट्रीय गान के रचयिता हैं। राष्ट्रगान के नियम राष्ट्रगान गाए और बजाए जाते समय हमेशा सावधान की मुद्रा में खड़े रहना चाहिए। उच्चारण सही और 52 सेकेंड की अवधि में ही गाया जाना चाहिए राष्ट्रीय प्रतीक स्वतंत्रता के बाद 26 जनवरी 1950 को भारत का राष्ट्रीय प्रतीक, अशोक स्तंभ का सिंह, अपनाया गया। यह प्रतीक सारनाथ के अशोक स्तंभ से लिया गया है। स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश भर में स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी जाती है। इस दिन को महात्मा गांधी, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे महान नेताओं और अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने का दिन माना जाता है। recent visitors 92

जेट इंजन की डिलिवरी में देरी फिर भी स्वदेशी लड़ाकू विमान के उत्पादन में तेजी से आगे बढ़ रहा

नई दिल्ली भारतीय वायुसेना जेट इंजन की डिलिवरी में देरी के बावजूद स्वदेशी लड़ाकू विमान (एलसीए) के उत्पादन में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस वित्तीय वर्ष में 14 विमानों और उनके सिस्टम को पूरा करने की उम्मीद है। एयरक्राफ्ट के नए मॉडल, एलसीए एमके 1ए का अभी पूरी तरह से परीक्षण किया जा रहा है। उम्मीद है कि पहले विमान को अगले दो महीनों के अंदर दिया डिलेवर कर दिया जाएगा। वायु सेना ने इस विमान के 83 मॉडल का ऑर्डर दिया है। हालांकि विमान का ढांचा बनकर तैयार है और बाकी के पुर्जे भी लगाए जा रहे हैं, लेकिन अमेरिकी कंपनी जीई से 404 इंजन की आपूर्ति में देरी हो रही है, जिसकी वजह से विमान की डिलिवरी में भी देरी हो रही है। पहले यह तय था कि पहला एलसीए एमके 1ए जुलाई में दिया जाएगा। यह है पूरा प्लान सूत्रों के मुताबिक, जीई कंपनी को भी इंजन बनाने वाली दूसरी कंपनियों को कोरोना के कारण दिक्कतें हुई हैं, जिसकी वजह से उन्हें इंजन बनाने में देरी हो रही है। उम्मीद है कि यह कंपनी इस साल अक्टूबर से इंजन की आपूर्ति शुरू करेगी। यह पता चला है कि विमान बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को इस वित्तीय वर्ष में 16 विमान देने का काम दिया गया था। कंपनी ने एक योजना बनाई है जिसके तहत विमान का ढांचा और बाकी के पुर्जे पहले ही तैयार कर लिए जाएंगे, और इंजन बाद में लगाया जाएगा जब जीई कंपनी इंजन की आपूर्ति ठीक से कर पाएगी। अनुमान के मुताबिक, इस वित्तीय वर्ष के अंत तक कम से कम 14 विमान तैयार हो जाएंगे। अभी के लिए, विमान बनाने वाली कंपनी अपने पास रखे हुए पुराने इंजनों का इस्तेमाल करके विमान बनाएगी और उनका परीक्षण करेगी। जब इंजन की आपूर्ति शुरू होगी, तो उन्हें तैयार विमानों में लगाया जाएगा, जिसमें कुछ हफ्ते लग सकते हैं, और फिर विमान को वायु सेना को दिया जाएगा। हर लाइन साल में आठ विमान बना सकती है एलसीए एमके 1ए के लिए दो उत्पादन लाइनें अभी बेंगलुरु में चल रही हैं और तीसरी लाइन नासिक में अक्टूबर तक शुरू हो सकती है। नासिक लाइन से पहला विमान इस वित्तीय वर्ष में ही तैयार हो जाने की उम्मीद है। हर लाइन साल में आठ विमान बना सकती है। इंजन में देरी होने के बावजूद, ऑर्डर किए गए सभी 83 जेट विमानों की डिलीवरी 2028 की समय सीमा के भीतर पूरी होने की उम्मीद है। सूत्रों ने बताया कि अभी पहला एलसीए एमके 1ए विमान उड़ान परीक्षण कर रहा है और जल्द ही इसमें स्वदेशी हथियारों जैसे हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण किया जाएगा। दूसरे उत्पादन विमान का अंडरग्राउंड ट्रायल चल रहा है और चार और विमान बनने के अंतिम चरण में हैं। भारत पहले से ही जीई से बातचीत कर रहा है ताकि जीई 404 इंजन के ऑर्डर में काफी बढ़ोतरी की जा सके। सरकार ने 97 और एलसीए एमके 1ए विमानों के ऑर्डर को मंजूरी दे दी है, जिसके लिए इन इंजनों की जरूरत होगी। ऐसा करने का मकसद है कि समय से पहले ऑर्डर देकर डिलीवरी में देरी न हो। recent visitors 135

भोपाल में एयरफोर्स की होने वाली अग्निवीर भर्ती की भर्ती, , साढ़े सात हजार युवा होंगे शामिल, जाने तारीख

भोपाल  सेना भर्ती कार्यालय भोपाल द्वारा 22 से 30 अगस्त 2024 तक मोतीलाल नेहरू पुलिस स्टेडियम भोपाल में मध्यप्रदेश के 15 जिलों अशोकनगर, भोपाल, बैतूल, छिंदवाडा, दमोह, गूना, हरदा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, पन्ना, पांढुर्णा, रायसेन, राजगढ, सिहोर और विदिशा के पुरूष उम्मीदवारों के लिए अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर ऑफिस सहायक व अग्निवीर ट्रेड्समैन रैली का आयोजन किया गया है तथा मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के लिए सिपाही फार्मा, सिपाही तकनीकी, नर्सिंग सहायक और धर्म गुरू की भी सेना भर्ती रैली का आयोजन साथ में किया जा रहा हैं। राजधानी Bhopal के मोतीलाल नेहरू Police स्टेडियम में आगामी 22 अगस्त से 30 अगस्त तक प्रदेश के 15 जिलों Bhopal , अशोकनगर, बैतूल, छिंदवाड़ा, दमोह, गुना, हरदा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, पन्ना, पांढुर्ना, रायसेन, राजगढ़, सीहोर और विदिशा के पुरूष उम्मीदवारों के लिए अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर ऑफिस सहायक एवं अग्निवीर ट्रेड्समैन रैली का आयोजन किया जाएगा. साथ ही Madhya Pradesh एवं छतीसगढ़ के सभी जिलों के लिए सिपाही फार्मा, सिपाही तकनीकी नर्सिंग सहायक और धर्मगुरू की भी सेना भर्ती रैली का आयोजन साथ में किया जाएगा. रोजगार तलाश रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है. राजधानी भोपाल में 22 से 30 अगस्त तक सेना में भर्ती का आयोजन होने जा रहा है. भोपाल के मोतीलाल नेहरू पुलिस स्टेडियम में सेना भर्ती का आयोजन किया जाएगा. इस भर्ती प्रक्रिया में मध्य प्रदेश के 15 जिलों के युवा शामिल हो सकेंगे. सेना भर्ती कार्यालय भोपाल से प्राप्त जानकारी अनुसार, 22 अगस्त से 27 अगस्त तक अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्नि वीर तकनीकी, अग्निवीर ऑफिस सहायक और अग्निवीर ट्रेड्समैन भर्ती का आयोजन होगा. युवा इस भर्ती प्रक्रिया में ले सकेंगे भाग इसी तरह 29 अगस्त को सिपाही फार्मा, सिपाही तकनीकी, नर्सिंग सहायक की रैली का आयोजन किया जाएगा. उल्लेखनीय है कि सेना के जरिये अप्रैल 2024 में सामान्य ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया था. ऑनलाइन परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले उम्मीदवार शारीरिक दक्षता सहित अन्य भर्ती प्रक्रियाओं के लिए भर्ती रैली में भाग ले सकेंगे.  15 जिलों के युवा हो सकेंगे शामिल सेना भर्ती के लिए मध्य प्रदेश के 15 जिलों के युवा शामिल हो सकेंगे. इन जिलों में अशोक नगर, भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा, दमोह, गुना, हरदा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, पन्ना, पांढुर्णा, रायसेन, राजगढ़, सीहोर और विदिशा के पुरुष उम्मीदवारों के लिए भर्ती आयोजन किया जाएगा. इसके तहत अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर ऑफिस सहायक एवं अग्निवीर ट्रेड्समैन के लिए भर्ती रैली का आयोजन किया जाएगा. इसके साथ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के लिए सिपाही फार्मा, सिपाही तकनीकी, नर्सिंग सहायक और सेना भर्ती रैली का आयोजन साथ में ही किया जाएगा. एक दिन पहले तक प्रवेश भर्ती रैली में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र पर अंकित तारीख के एक दिन पहले विश्राम स्थली में रात 9 बजे तक ही प्रवेश दिया जाएगा. भर्ती रैली के लिए अभ्यर्थियों की दौड़ का आयोजन रात्रि 2 बजे से प्रारंभ होगा. ये डॉक्यूमेंट्स लाना जरूरी भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए प्रवेश पत्र और सभी दस्तावेज रैली अधिसूचना के अनुसार, साथ में आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर भी लेकर आना अनिवार्य है. भर्ती रैली में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र संबंधितों को ईमेल पर भेज दिया गया है. recent visitors 102

भोपाल बनेगा Rose City, हर जगह महकेगी गुलाब की खुशबू, 150 से अधिक पार्क और सड़कों के किनारे रोपे जाएंगे गुलाब के पौधे

 भोपाल  भोपाल जिसे सिटी ऑफ लेक्स के नाम से जाना जाता है, वह अब सिटी ऑफ रोज भी बनने जा रहा है। भोपाल में सात से 13 जनवरी, 2028 के बीच भारत का पहला और 21 वां वर्ल्ड रोज कन्वेंशन आयोजित किया जाना है, जिसमें करीब 40 देश शामिल होंगे। इस आयोजन की तैयारी की जा रही है। यहां अगले तीन वर्षों में हर छोटे-बड़े पार्क से लेकर सड़कों के किनारे गुलाब के पौधे रोपे जाएंगे। सिटी ऑफ रोज की तर्ज पर सजेगा भोपाल एमपी रोज सोसायटी और इंडियन रोज फेडरेशन के इस भव्य आयोजन के लिए होस्ट सिटी भोपाल को सिटी ऑफ रोज की तर्ज पर सजाया जाएगा। भोपाल नगर निगम और जिला प्रशासन ने हाल ही में एमपी रोज सोसायटी के पदाधिकारियों साथ बैठक करके कार्य योजना पर विचार-विमर्श किया।     भोपाल में फिलहाल तीन बड़े रोज गार्डन हैं। इनमें नेहरू रोज गार्डन बरखेड़ा, विधानसभा गार्डन और लिंक रोड स्थित रोज गार्डन शामिल हैं।     एमपी रोज सोसायटी के सदस्य एसएस गदरे ने बताया कि शहर के कई रोज गार्डन आज मृतप्राय: अवस्था में हैं, पहले उन्हें जीवंत किया जाएगा।     इसके बाद नगर निगम के 140 छोटे-बड़े गार्डन तथा पीडब्ल्यूडी के कुछ बड़े गार्डनों में गुलाब के पौधे बडिंग ग्राफ्टिंग प्रक्रिया से रोपे जाएंगे। ऐसे 150 से अधिक गार्डन गुलाबों से महकेंगे।     इसके साथ ही तीनों लिंक रोड, एयरपोर्ट रोड और वीआइपी रोड के सेंट्रल वर्ज में भी गुलाब के पौधे रोपे जाएंगे। हालांकि इसके लिए करीब एक वर्ष का समय लग सकता है। कलकत्ता, बेंगलुरु से आएंगे सबसे ज्यादा गुलाब शहर को रोज सिटी बनाने के लिए देशभर से गुलाब की खास किस्म भोपाल लाकर लगाई जाएगी। इसमें भी कोलकाता, बेंगलुरू और हिमाचल के तराई क्षेत्रों से सबसे ज्यादा गुलाब की किस्में आएंगी। इनके रोपण व रोज गार्डनों की देखरेख के लिए नगर निगम के 700 में से करीब 400 गार्डनरों को रोज सोसायटी द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। चीन को पछाड़कर भोपाल का चयन एमपी रोज सोसायटी के सदस्य एसएस गदरे के अनुसार, वर्ष 2022 में ऑस्ट्रेलिया में वर्ल्ड रोज कनवेंशन हुआ था, तब अगले आयोजन के लिए भारत और चीन ने दावेदारी की थी। 40 में 39 देशों ने वोटिंग में भाग लिया था। इनमें से 33 ने भारत के पक्ष में वोट दिया, जबकि छह वोट चीन को मिले। भारत को मिली मेजबानी इस तरह भारत को वर्ष 2028 में होने वाले वर्ल्ड रोज कनवेंशन की मेजबानी मिली। एमपी रोज सोसाइटी ने इंडियन रोज एसोसिएशन के समक्ष भोपाल में यह आयोजन करने का प्रस्ताव रखा, जिसे स्वीकार कर लिया गया। आयोजन में भोपाल में विश्व के 40 देशों के प्रतिनिधि आकर यहां गुलाब की सुंदरता को निहारेंगे। recent visitors 87

आज से लागु होगी सॉफ्टवेयर संपदा-2, प्रशासन ने कसी कमर

भोपाल सभी जिलों में कृषि भूमि के खसरे के अंतरण के दस्तावेज पंजीकृत होने पर संपदा एप्लीकेशन से राजस्व विभाग के रेवेन्यू केस मैनेजमेंट सिस्टम के उपयोग से साइबर तहसीलों में स्वतः नामांतरण होना शुरू हो गया है। जल्दी ही इस संपदा सॉफ्टवेयर-2 का उपयोग शुरू हो जाएगा। इसे 15 अगस्त से शुरू करने की तैयारियाँ जारी हैं। सॉफ्टवेयर संपदा-2 का पायलट परीक्षण 4 जिलों – गुना, रतलाम, हरदा और डिंडोरी मुख्यालयों में उप पंजीयन कार्यालयों में सफलतापूर्वक किया गया। इस सॉफ्टवेयर में कई ऐसी विशेषताएं हैं, जो देश में पहली बार क्रियान्वित होंगी। उप मुख्यमंत्री  जगदीश देवड़ा ने  मंत्रालय में गत दिवस पंजीयन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए नागरिकों द्वारा इस सॉफ्टवेयर के आधिकारिक उपयोग करने की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिये। संपदा सॉफ्टवेयर से उप पंजीयन कार्यालय में उपस्थित होने की अनिवार्यता नहीं रहेगी। पंजीबद्ध दस्तावेज डीमैट दस्तावेज में परिवर्तन हो जाएंगे और फेसलेस पंजीयन होगा। इलेक्ट्रॉनिक रूप से पंजीबद्ध दस्तावेज व्हाट्सएप एवं ईमेल के माध्यम से तत्काल हितग्राही को मिल जायेंगे। सभी जिलों में भौतिक रूप से पंजीकृत दस्तावेज को भी डिजिटाइज करने की प्रक्रिया चल रही है । इसके अंतर्गत 7 जिलों हरदा, डिंडोरी, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, सिंगरौली और बुरहानपुर में 100% दस्तावेज 2004-05 से डिजिटल किया जा चुके हैं । वर्ष 2005-06 तक के लगभग 1.1 करोड़ दस्तावेज में से 28 लाख दस्तावेज को डिजिटल किया जा चुका है। बताया गया कि 67 जिला मुख्यालयों और राजस्व के लिए महत्वपूर्ण उप पंजीयन कार्यालयों का आधुनिकीकरण किया गया है।   recent visitors 94