हिजबुल्लाह ने इजरायल के सैन्य अड्डों पर किए ताबड़तोड़ हमले, साथ देने को आगे आया अमेरिका

गाजा मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर लगभग 30 प्रोजेक्टाइल मिसाइलें दागी गई हैं. इजरायल की सेना आईडीएफ ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि लेबनान की तरफ से बीती रात कई मिसाइलें दागी गईं. लेबनान के संगठन हिज्बुल्लाह ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उन्होंने इजरायल के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर ये हमला किया. इनमें से अधिकतर मिसाइलें खुले मैदानों में जाकर गिरी, जिससे किसी तरह के जान एवं माल का नुकसान नहीं हुआ. इस हमले के बाद अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने मिडिल ईस्ट में गाइडेड मिसाइल सबमरीन की तैनाती करने का आदेश दिया. उन्होंने इजरायल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट से बात की और उन्हें बताया कि उन्होंने मदद के लिए दो जहाज और एक सबमरीन की तैनाती के आदेश दिए हैं. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने जारी बयान में कहा कि रक्षा मंत्री ऑस्टिन ने अब्राहम लिंकन स्ट्राइक ग्रुप से मिडिल ईस्ट में हथियारों की सप्लाई और बढ़ाने को कहा है. गाजा में इजरायली हमलों से हालात भयावह होते जा रहे हैं. इजरायली सेना ने उत्तरी गाजा को एक बार फिर से खाली करने का आदेश दे दिया है. इसके बाद से मध्य और पूर्वी खान यूनिस समेत दक्षिण गाजा पट्टी से व्यापक स्तर पर पलायन शुरू हो गया है. बड़ी संख्या में लोग अपने-अपने सामानों के साथ चेतावनी वाली जगहों को छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने की कोशिश में जुटे हैं. इनमें से कई लोग तो तीसरी बार विस्थापित हो रहे हैं. पिछले दो दिनों में गाजा सिटी और खान यूनिस में 120 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इजरायली सेना का दावा है कि उसने हमास के 19 लड़ाकों को मार गिराया है. इजरायल डिफेंस फोर्सेस ने एक बयान में कहा है कि गाजा शहर में स्थित अल-तबाईन स्कूल परिसर में आतंकियों के सक्रिय होने की खुफिया सूचना मिली थी. इसके बाद आईडीएफ और आईएसए ने आतंकवादियों पर हवाई हमला किया, जिसमें 19 आतंकी मारे गए हैं. आईडीएफ ने हमास के उन 19 लड़ाकों की लिस्ट जारी की है, जिन्हें मार गिराया गया है… ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनानी ने इस हमले को नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराध बताया. उन्होंने कहा कि इजरायल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वो किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानून या नैतिक सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध नहीं है. इजरायल का सामना करने का एकमात्र तरीका यह है कि मुस्लिम देश एक साथ आएं और फिलिस्तीनी राष्ट्र का समर्थन करें. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कार्रवाई की मांग की गई है. उधर, हमास की कैद से इजरायली बंधकों की रिहाई के लिए तेल अवीव में एक बार फिर प्रदर्शन हुआ. सड़कों पर उतरे हजारों लोगों ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बंधकों को छोड़ाने के लिए हमास से शांति समझौता करने की अपील की है. बंधक बनाए गए लोगों के परिजनों को डर है कि गाजा में युद्ध लंबा खींचता है तो ज्यादा बंधक मारे जाएंगे. इस प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों प्रधानमंत्री नेतन्याहू से इस्तीफा भी मांगा है. तेल अवीव में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों का दावा है कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनकी सरकार बंधकों को छुड़ाने और देश को चलाने में पूरी तरह से असमर्थ है. ऐसे में नेतन्याहू को तुरंत इस्तीफा देकर देश में आम चुनाव कराना चाहिए.. पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर हमला कर 250 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया था, करीब आधे बंधकों को हमास अब तक छोड़ चुका है. लेकिन अभी भी 100 इजरायली उसकी कैद में है. बताते चलें कि ईरान की राजधानी तेहरान में इस्माइल हानिया की हत्या के बाद हमास के नए चीफ का चुनाव कर लिया गया. अब याह्या सिनवार हमास का नया प्रमुख होगा, जिसे बेहद खूंखार माना जाता है. 7 अक्टूबर को इजरायल में हुए कत्लेआम का मास्टरमाइंड सिनवार को ही माना जाता है. उसके नेतृत्व में हमास के लड़ाकों ने 1200 इजरालियों को मौत की नींद सुला दिया था. उसके बाद से ही आईडीएफ उसकी तलाश में है. इजरायल से ईरान और लेबनान क्यों हैं खफा? बीते महीने ईरान की राजधानी तेहरान में हमास चीफ इस्माइल हानिया की हत्या के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा है. हानिया की हत्या में इजरायल का हाथ बताया गया है. इस घटना से एक दिन पहले लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह के शीर्ष सैन्य कमांडर फउद शुकर की हत्या कर दी गई थी. हानिया, गाजा में हमास का चीफ था और वो ईरान के नए राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने तेहरान गया था. हानिया की हत्या के बाद ईरान ने इजरायल को अंजाम भुगतने की चेतावनी भी दी थी. इसके बाद से हिजबुल्लाह ने इजरायल को टारगेट बनाना शुरू कर दिया. इससे पहले भी हिजबुल्लाह ने इजरायल पर करीब 50 रॉकेट दागे थे. हालांकि इजरायल के आयरन डोम ने इस हमले को नाकाम कर दिया था. ईरान और हिजबुल्लाह की ओर से बदला लिए जाने का ऐलान करने पर मिडिल ईस्ट में बड़े स्तर युद्ध की आशंका बढ़ गई है. इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मौजूदा स्थिति पर चर्चा के लिए इमरजेंसी मीटिंग की थी. पेंटागन ने आगे की स्थिति को रोकने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य बलों की तैनाती का ऐलान किया है.   recent visitors 90

मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में किया विशाल तिरंगा यात्रा का शुभारंभ, , विवेक सागर व एश्वर्य प्रताप सिंह मौजूद

भोपाल  प्रभात चौराहे पर सोमवार को तिरंगा यात्रा का मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने शुभारंभ किया। मुख्यंमत्री ने यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा में वे शामिल भी हुए है। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, खेलमंत्री विश्ववास कैलाश सारंग, महापौर मालती राय व भाजपा जिला अध्यक्ष सुमित पचोरी मौजूद है। यात्रा धीरे धीरे आगे बढ़ रही है। सड़क के दोनों तरफ भारी संख्या में लोग खडे नजर आ रहे है। इसमें पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक दिलाने वाले हाकी के खिलाड़ी विवेक सागर, अंतरराष्ट्रीय शूटर एश्वर्य प्रताप सिंह शामिल है। यात्रा में सीएम खुली जीप में सवार होकर हाथ में तिरंगा थामे आगे-आगे चल रहे हैं। पीछे से कई युवा साइकिल और पैदल भी चल रहे हैं। बारिश में लोगों का जोश कम नहीं हुआ है। बरसते पानी में लोग डीजे की धुन पर नाचते-गाते चल रहे हैं। इस मौके पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा और महापौर मालती राय भी मौजूद हैं। मौके पर हजारों लोग हाथों में तिरंगा लिए पहुंचे हैं। यात्रा में बच्चे, बुजुर्ग, युवा और महिलाएं शामिल हैं। सभी में उत्साह नजर आ रहा है। यात्रा में देशभक्ति गीत गूंज रहे हैं। इस मौके पर कई स्कूलों, कॉलेज के छात्र-छात्राएं भी पहुंचे हैं। यात्रा के कारण तीन ओर से ट्रैफिक बंद किया गया। यात्रा के स्वागत के लिए 101 मंच लगाए गए हैं, जिनसे सभी समाजों, सभी वर्ग के लोग पुष्प वर्षा कर स्वागत कर रहे हैं। तिरंगा यात्रा में भाग लेने के लिए ऑनलाइन पंजीयन करने वालों को डिजिटल प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। तिरंगा यात्रा के दौरान परिवर्तित रहेंगे कई मार्ग -आईटीआई तिराहा से प्रभात की ओर, बोगदापुल से प्रभात की ओर, मेहता मार्केट से प्रभात की ओर आवागमन परिवर्तित रहेगा। – रायसेन की ओर से आने वाले वाहन आइटीआइ रोड तिहारा से बाये तरफ मुड़कर केरियर कालेज होकर अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे। – शहर से प्रभात चौराहा की ओर जाने वाले वाहन बोगदा पुल से जिंसी, नर्मदापुरम रोड होते हुए अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे। – मेहता मार्केट से प्रभात चौराहा की ओर जाने वाले वाहन अण्डर ब्रिज का उपयोग कर आवागमन कर सकेंगे। तिरंगा यात्रा के दौरान मार्ग परिवर्तन व्यवस्था इस तरह रहेगी तिरंगा यात्रा मार्ग – प्रभात चौराहा से प्रारंभ होकर अशोक बिहार, परिहार चौराहा, अशोका गार्डन थाना, पुष्पानगर से होते हुये भोपाल रेलवे स्टेशन (प्लेटफार्म नम्बर-एक) पर समाप्त होगी। इस मार्ग पर यातायात का दबाव अधिक रहेगा। इसलिये यात्रा के समय में इस मार्ग में कुछ वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा। वाहन चालकअसुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्ग का प्रयोग करें। – प्रभात चौराहा से 80 फीट रोड होकर रेलवे स्टेशन (प्लेटफार्म नम्बर-एक) की ओर सभी प्रकार के व्यावसायिक वाहन, भारी वाहन, अनुमति प्राप्त वाहन, सिटी बस, आदि मालवाहक वाहनों का आवागमन सुबह आठ बजे से दोपहर 12 बजे तक परिवर्तित रहेगा। वैकल्पिक मार्ग : यह वाहन प्रभात चौराहा से आइटीआइ जेके रोड, मिनाल, भानपुर ब्रिज होकर आवागमन कर सकेंगे। इसी तरह प्रभात चौराहा से बोगदा पुल, ऐशबाग, भारत टाकिज होकर आवागमन कर सकेंगे। रेल यात्रियों के लिए सुझाव: रेल्वे स्टेशन जाने वाले यात्री असुविधा से बचने के लिए बोगदा पुल भारत टाकीज, संगम टाकीज होकर भोपाल रेल्वे स्टेशन (प्लेटफार्म नम्बर-पांच-छह) या रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का उपयोग करें। आवश्यक होने पर प्लेटफार्म क्रमांक-एक की जगह प्लेटफार्म नंबर-पांच का उपयोग करें। समस्या होने पर 0755-2677340, 2443850 पर संपर्क करें स्थानीय लोगों के लिए ये वैकल्पिक रास्ते प्रभात चौराहा से आईटीआई जेके रोड, मिनाल, भानपुर ब्रिज होकर आ- जा सकेंगे। प्रभात चौराहा से बोगदा पुल, ऐशबाग, भारत टॉकिज होकर आ-जा सकेंगे रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्री बोगदा पुल भारत टाकीज़, संगम होकर भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 6 जा सकते हैं। समस्या होने पर 0755-2677340, 2443850 पर संपर्क कर सकते हैं। recent visitors 68

मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाड़ली बहनों के आभार सह उपहार कार्यक्रम में हुए शामिल

मंडला से भी प्रारम्भ होगी पीएमवायु सेवा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव बम्हनी को तहसील का दर्जा दिया जाएगा, 6 करोड़ की लागत से विकसित होगी ग्वारा हवाई पट्टी मंत्री श्रीमती उइके ने जिले की बहनों की ओर से सीएम को बांधी राखी, पहनाया साफा मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाड़ली बहनों के आभार सह उपहार कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने मंडला प्रवास के दौरान अनेक सौगातें देते हुए ग्वारा में हवाई पट्टी विकसित करने के लिए 6 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मंडला से भी शीघ्र ही पीएमवायुसेवा प्रारंभ की जाएगी। साथ ही बम्हनी के महाविद्यालय में पीजी कोर्सेस प्रारंभ किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बम्हनी को उप तहसील से तहसील का दर्जा देने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि गेहूं की तरह अब धान की खरीदी पर भी बोनस दिया जायेगा। साथ ही दुग्ध उत्पादक किसानों को भी बोनस राशि दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज मंडला जिले के बम्हनी में रक्षाबंधन सह श्रावण उत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंद्र देव के आशीर्वाद के बीच बम्हनी की बहनों का स्नेह और प्यार अद्भुत है। यहां पर हर घर से राखी बंधकर आयी है। यह बहनों का प्यार बड़ा ही स्मरणीय हो गया है। उन्होंने कहा कि 10 अगस्त को बहनों के खातों में राशि प्रदान की गई है। बात सिर्फ रुपये पैसों की नहीं है, बल्कि बहनों की सुविधाओं की है। बहनें योजना से मिली इस राशि से राखी के अलावा कई सामग्री खरीदती है। परिवार में जब भी रुपये आते है बहनें रुपयों का सदैव सद्उपयोग करना जानती है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम है। श्रावण मास त्यौहारों की श्रृंखला का पर्व है। उन्होंने कहा कि वे पहले सिर्फ एक विधानसभा की बहनों के साथ राखी पर्व मनाते रहे हैं, अब से पूरा प्रदेश उनका ही परिवार हो गया है। घरों पर फहराएं तिरंगे, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के लिए होगी श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश रानी दुर्गावती का 500वाँ जन्मदिन मना रहा है। मंडला की धरती पर ऐसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हुए हैं जिन्होंने हमेशा इस भूमि की रक्षा की है। यहां की भूमि पर रानी दुर्गावती और अवंती बाई ने मुगलों, पठानों और सुल्तानों से लड़ाईयाँ लड़ी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शंकरशाह व रघुनाथ शाह जैसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी हर घर तिरंगा अभियान चल रहा है। इस अभियान में सभी नागरिक अपने-अपने घरों पर तिरंगा जरूर फहराए। जो चन्द्रशेखर आज़ाद, भगत सिंह, मंगल पांडे, शंकरशाह, रघुनाथ शाह, रानी दुर्गावती सहित अनेक स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को आपकी ओर से श्रृद्धांजलि होगी। मुख्यमंत्री ने 11 हजार राखियों का संग्रह किया स्वीकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी बांधने के लिए मंडला जिले की बहनों ने 11 हजार राखियां संग्रहित की, जिन्हें मंच से कार्यक्रम स्थल के छोर तक रेशम की एक डोर से बांधा गया था। इस डोर में बहनों की 11 हजार राखियां बांधी गई थी, जिसे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से अपनी ओर खींचा। साथ ही बहनों ने मुख्यमंत्री को आभार देने के लिए 1लाख 11 हजार आभार-पत्र लिखे, जिनका संग्रह मुख्यमंत्री डॉ. यादव को एनआरएलएम की दीदियों ने सौंपा। आरोही, सुनिता और गौरा बाई को किया लाभान्वित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाड़ली लक्ष्मी योजना से आरोही जोगी, एनआरएलएम की लखपति दीदी सुनिता चौहान और मुद्रा योजना से गोरा बाई को लाभान्वित किया। मुख्यमंत्री ने तनुपाठक को अनुकंपा नियुक्ति-पत्र भी प्रदान किया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि मंडला जिले के हृदय स्थल पर रक्षाबंधन का यह आयोजन गौरवान्वित कर रहा है। बम्हनी कॉलेज में पीजी कोर्स प्रारंभ करने और वायु सेवा प्रारंभ करने की मांग रखी थी, जिसे मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा पूरी करने की घोषणा कार्यक्रम के दौरान ही की गई। सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में जन-प्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें मौजूद रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तिरंगा यात्रा में हुए शामिल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को मंडला जिले की हवाई पट्टी ग्वारा में “हर घर तिरंगा अभियान” के तहत तिरंगा बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, मंत्री श्रीमती संपतिया उईके और सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते तिरंगा रथ में सवार होकर तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने नागरिकों का अभिवादन स्वीकार किया। नागरिकों ने पुष्प-वर्षा कर तिरंगा यात्रा का स्वागत किया। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह बैंड बाजे, लोक गीत और लोक नृत्य कर यात्रा का स्वागत किया गया।   recent visitors 83

मुख्यमंत्री निवास पर आज रक्षाबंधन थीम पर होगा महिला जन-प्रतिनिधि सम्मेलन

भोपाल प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण और सम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आतिथ्य में 12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास में दोपहर 12 बजे देवी अहिल्या बाई होल्कर महिला जन-प्रतिनिधि सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव महिला जन-प्रतिनिधियों से संवाद करेंगे। सम्मेलन के माध्यम से समाज में महिला सम्मान और उनके योगदान को सराहने का संदेश दिया जायेगा। सम्मेलन में महिला उत्थान से संबंधित विषयों पर चर्चा भी की जायेगी। सम्मेलन में महिला महापौर, निकाय अध्यक्ष, सभापति एवं महिला पार्षदों की सहभागिता रहेगी। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश के प्रत्येक नगरीय क्षेत्र की महिला जनप्रतिनिधि की सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा है। आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भरत यादव ने नगरीय निकायों के प्रशासनिक अधिकारियों को सम्मेलन की व्यवस्था के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये है। सम्मेलन में रक्षाबंधन पर केन्द्रित होंगे कार्यक्रम रक्षाबंधन के पर्व को देखते हुए सम्मेलन में विविध कार्यक्रम होंगे। कार्यक्रम स्थल पर "भाई के नाम बहन की पाती" संबंधी हस्ताक्षर काउंटर की व्यवस्था की गई है। इस दौरान अतिथियों को महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित प्रतीक चिन्ह और उपहार दिये जायेंगे। महिला जन-प्रतिनिधियों के सम्मेलन में व्यवस्थित आवागमन और समुचित व्यवस्थाओं के लिये नगरीय निकायों के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सम्मेलन की थीम "देवी अहिल्या बाई होल्कर नगरीय महिला जनप्रतिनिधि सम्मेलन तथा रक्षाबंधन कार्यक्रम" पर रखी गई है। प्रदर्शनी सम्मेलन में राष्ट्रीय शहरी आजिविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम-स्वनिधि, प्रधानमंत्री आवास योजना और स्व-सहायता समूह के उत्पादों का प्रदर्शन और योजना की जानकारी दी जायेगी। पूर्व में यह कार्यक्रम में भोपाल के हंस ध्वनि सभागार रविन्द्र भोपाल में होना प्रस्तावित था। अब यह सम्मेलन 12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास में दोपहर 12 बजे आयोजित किया जा रहा है।   recent visitors 135

परमाणु-संचालित मिसाइलों से लैस भारत दूसरी पनडुब्बी को बेड़े में शामिल होने को रेडी

नई दिल्ली भारतीय नौसेना लगातार समंदर में अपनी ताकत बढ़ाने में जुटी है। चीन की ओर से बढ़ते खतरे को देखते हुए इंडिया भी अपनी नौसैनिक पावर को मजबूत करना चाहता है। यही वजह है कि देश को जल्द ही दूसरी परमाणु मिसाइल पनडुब्बी मिलने जा रही। न्यूक्लियर पावर से लैस ये सबमरीन जल्द ही तैनाती के लिए तैयार है। सिर्फ यही नहीं देश में दो और न्यूक्लियर पावर अटैक सबमरीन के निर्माण से प्रोजेक्ट को भी अंतिम मंजूरी मिलने वाली है। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती नौसैनिक धमक पर लगाम लग सकती है। जानिए आईएनएस अरिघाट की पावर, जिसके आने से चीन को समंदर में मिलेगी कड़ी चुनौती। INS अरिघाट कमीशनिंग के लिए तैयार विशाखापत्तनम के शिप-बिल्डिंग सेंटर (SBC) में निर्मित 6,000 टन की आईएनएस अरिघाट कमीशन के लिए तैयार है। समंदर में इसकी तैनाती से पहले सभी जरूरी ट्रायल्स पूरे हो चुके हैं। इन ट्रायल्स में सफलता के बाद अब ये औपचारिक तौर पर कमीशनिंग के लिए पूरी तरह से तैयार है। इन परीक्षणों में कुछ तकनीकी मुद्दों को दूर किया गया। टीओआई से बातचीत में एक सोर्स ने बताया कि एसएसबीएन को एक या दो महीने के भीतर कमीशन कर दिया जाएगा। इसके बाद आईएनएस अरिघाट अपनी सहयोगी आईएनएस अरिहंत के साथ मिलकर भारतीय नौसेना को मजबूती देगी। आईएनएस अरिहंत 2018 से पूरी तरह ऑपरेशनल है। INS अरिघाट की खूबियां जानिए आईएनएस अरिघाट भी आईएनएस अरिहंत की तरह 750 किलोमीटर रेंज की K-15 मिसाइलों से लैस होगी। हालांकि, तीसरा SSBN आने से इंडियन नेवी और मजबूत होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 7,000 टन का INS अरिदमन 3,500 किलोमीटर रेंज की K-4 मिसाइलों के साथ अगले साल शुरू होगा। चौथा SSBN, जो अधिक K-4 मिसाइलों को ले जाने में सक्षम होगा, इसका निर्माण भी दशकों पहले शुरू की गई गुप्त 90,000 करोड़ रुपये की उन्नत प्रौद्योगिकी पोत (ATV) परियोजना के तहत किया जा रहा है। 13,500 टन के SSBN को और अधिक शक्तिशाली 190 मेगावाट रिएक्टरों के साथ बनाने की योजना है। लंबी दूरी की मिसाइलों वाले बड़े SSBN भारत के प्रतिरोध को अधिक विश्वसनीयता प्रदान करेंगे। नौसेना की और बढ़ेगी ताकत इसके साथ ही, भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफे के लिए कुछ और प्रोजेक्ट को मंजूरी का इंतजार है। इसमें पारंपरिक (नॉन न्यूक्लियर) वारफेयर फ्रंट, टॉरपीडो, एंटी शिप और लैंड अटैक मिसाइलों से लैस, दो परमाणु-ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियों की भी तैयारी है। इसके स्वदेश में निर्माण के लिए लगभग 40,000 करोड़ रुपये की परियोजना अंतिम मंजूरी के लिए पीएम की अध्यक्षता वाली सुरक्षा पर कैबिनेट समिति के समक्ष रखा गया है। समंदर में मजबूत दावेदारी का प्लान एसबीसी में 'प्रोजेक्ट-77' के तहत शुरुआत में छह ऐसी 6,000 टन 'हंटर-किलर' सबमरीन, जिसे एसएसएन कहा जाता है, को बनाने की प्लानिंग थी। हालांकि, इसे पहले घटाकर तीन कर दिया गया और अब यह दो जहाजों पर आ गया है। पहले दो SSN के निर्माण में कम से कम एक दशक लगेगा, जो लगभग 95 फीसदी स्वदेशी होंगे, जबकि अगले चार को बाद के फेज में मंजूरी दी जाएगी। लंबे समय से स्वीकृत योजनाओं के अनुसार, भारत को चीन और पाकिस्तान से दोहरे खतरे से निपटने के लिए कम से कम 18 डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों, चार एसएसबीएन और छह एसएसएन की आवश्यकता है। समंदर में इंडिया Vs चीन मौजूदा स्थिति पर गौर करें तो देश में इस समय आईएनएस अरिहंत में केवल एक एसएसबीएन है। जो इसके मूल में 83 मेगावाट के प्रेसराइज्ड रिएक्टर से संचालित है। इसके अलावा 16 डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियां हैं। वहीं पारंपरिक पानी के नीचे के लड़ाकू बेड़े में छह पुरानी रूसी और चार जर्मन HDW पनडुब्बियां शामिल हैं। इसके अलावा छह नए फ्रांसीसी मूल के स्कॉर्पीन भी शामिल हैं। दूसरी ओर, चीन के पास पहले से ही 60 पनडुब्बियां हैं। वह तेजी से और अधिक निर्माण कर रहा है। इसके बेड़े में छह जिन-श्रेणी के एसएसबीएन शामिल हैं, जो JL-3 मिसाइलों से लैस हैं जिनकी स्ट्राइक रेंज 10,000 किमी है, और छह एसएसएन हैं। आईएनएस अरिघाट के आने से भारत की समंदर में न्यूक्लीयर सबमरीन की पावर में इजाफा होगा। इससे जमीन, हवा और समुद्र से परमाणु हथियार दागने की क्षमता को मजबूती मिलेगी। recent visitors 105

भारत में 60% लोग अपने धर्म के अनुसार रोजाना प्रार्थना करते, इंडोनेशिया के सबसे अधिक जबकि जापान के लोग सबसे कम धार्मिक

नई दिल्ली भारत में 60 फीसदी लोग अपने धर्म के अनुसार रोजाना प्रार्थना करते हैं। प्यू रिसर्च सेंटर की ओर से दुनिया के सौ से अधिक देशों में धर्म के महत्व पर किए गए अध्ययन में यह बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, इंडोनेशिया के लोग सबसे अधिक जबकि जापान के लोग सबसे कम धार्मिक हैं। वर्ष 2008 से 2023 के बीच किए गए अध्ययन के अनुसार, सबसे अधिक लैटिन अमेरिकियों ने प्रतिदिन प्रार्थना करने की बात कही। ग्वाटेमाला और पैराग्वे में 82 फीसदी जबकि कोस्टा रिका और होंडुरास में 78 प्रतिशत ने यह बात मानी। अमेरिका के 45 फीसदी व्यस्कों ने कहा कि नियमित प्रार्थना करते हैं। सर्वेक्षण में शामिल पूर्वी एशियाई देशों (जापान, चीन, मंगोलिया, उत्तर एवं दक्षिण कोरिया और ताइवान) के महज 21 फीसदी वयस्कों ने कहा कि वे रोजाना प्रार्थना करते हैं। इसमें हांगकांग के 13 फीसदी जबकि जापान के 19 फीसदी लोग शामिल हैं। इसी तरह दुनिया में 80 फीसदी से अधिक लोगों ने माना कि उनकी जिंदगी में धर्म का महत्वपूर्ण स्थान है। उप सहारा अफ्रीका के सेनेगल, माली, तंजानिया, जाम्बिया में 90 फीसदी से अधिक लोगों की राय में धर्म का उनके जीवन में बेहद अहम है। इससे उन्होंने अपने रोजमर्रा के जीवन में कई बदलाव महसूस किए हैं। इसके उलट सर्वेक्षण में शामिल लगभग सभी यूरोपीय देशों में लोगों ने धर्म को ज्यादा अहमियत नहीं दी। एस्टोनिया, चेक गणराज्य, डेनमार्क, स्विट्जरलैंड, यूनाइटेड किंगडम, स्वीडन, लातविया और फिनलैंड में 10 फीसदी या इससे भी कम वयस्कों ने इस बात को स्वीकार किया। हालांकि, दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया में लोग उप-सहारा अफ्रीका और यूरोप की तरह नहीं सोच नहीं रखते। इस क्षेत्र में कई स्थानों पर वयस्कों ने धर्म को बहुत अधिक महत्व देने की बात कही। उदाहरण के लिए, इंडोनेशिया में लगभग हर वयस्क ने कहा कि धर्म उनके जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है। वहीं, सिंगापुर में महज 36% और वियतनाम में 26% ने इसका जवाब हां में दिया। वहीं 42 फीसदी अमेरिकियों ने इस बारे में सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। भारतीय खान-पान को लेकर ज्यादा सतर्क भारत में करीब 30 हजार वयस्कों से धर्म से संबंधित आहार विकल्पों के बारे में पूछा गया। सर्वे में पाया गया कि खाने-पीने को लेकर यहां के लोग ज्यादा सतर्क हैं। 67 फीसदी जैन समुदाय के लोग जड़ वाली सब्जियां खाने से परहेज करते हैं। 50 फीसदी लोगों ने ही कहा कि वे कभी किसी ऐसे व्यक्ति के घर खाना खाएंगे जिनके धर्म में भोजन के बारे में अलग नियम हैं। पूर्वजों के लिए अनुष्ठान भी महत्वपूर्ण सर्वेक्षण में पाया गया कि जहां कुछ पूर्वी एशियाई लोग धर्म को अपने जीवन में बहुत महत्वपूर्ण मानते हैं या दैनिक प्रार्थना करते हैं, वहीं पूरे एशिया क्षेत्र में अधिकांश लोग आध्यात्मिक विश्वास रखते हैं और पारंपरिक अनुष्ठान करते हैं। उदाहरण के लिए पूर्वी एशिया में लोग अपने पूर्वजों के सम्मान में अनुष्ठान आयोजित करते हैं। recent visitors 79

विद्यालय-महाविद्यालयीन छात्राओं के सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखा जाएगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे हैं ठोस प्रयास सैनिटेशन एवं हाइजीन योजना की 57.18 करोड़ रूपये की राशि छात्राओं के खाते में अंतरित की विद्यालय-महाविद्यालयीन छात्राओं के सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय महिलाएं प्रारंभ से शौर्य और पराक्रम का महत्वपूर्ण उदाहरण रही हैं। भारत का इतिहास महिलाओं के साहस से भरा हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बदलते दौर में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इस क्रम में भारत की संसद और विधानसभा में एक तिहाई स्थान पर महिलाओं के निर्वाचन के प्रावधान के प्रयास ऐतिहासिक होंगे। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आने वाले दो-तीन वर्ष में देश में महिला कल्याण और महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय लिखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज भोपाल के रवीन्द्र भवन में उच्च शिक्षा और स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित छात्राओं के संवाद एवं सम्मान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत का पिछले 500 वर्ष का इतिहास देखें तो वह महिलाओं के गौरव और शौर्य से परिपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का 500वां वर्ष चल रहा है। आज की युवा पीढ़ी को उनके शौर्य के बारे में जानकारी होना चाहिए। मध्यप्रदेश की बेटी रानी दुर्गावती ने अपने शासन काल में 51 लड़ाईयां लड़ीं। रानी दुर्गावती ने अकबर की सेना को पूरी वीरता के साथ तीन बार पराजित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने झांसी की रानी की वीरता का भी उल्लेख किया। उन्होंने देवी अहिल्या बाई के शासन व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि देवी अहिल्या बाई ने अपने कार्यकाल में देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों सोमनाथ, उज्जैन, बनारस में विशाल मंदिरों का निर्माण कराया। उनकी धर्म के प्रति सच्ची निष्ठा को पूरे सम्मान के साथ याद किया जाता है। प्रदेश की बेटियों की प्रतिभा की चर्चा करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि हमारी बेटियों ने हर क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। प्रतिभाशाली बेटियों ने देश और दुनियां में मध्यप्रदेश का नाम रौशन किया है। राज्य सरकार प्रदेश की महिलाओं और बेटियों के कल्याण के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्राओं से आग्रह किया की वे देश की महान महिला विभूतियों से प्रेरणा लें। उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारें। भारतीय संस्कृति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति को दुनिया में श्रेष्ठ संस्कृति के रूप में पहचाना जाता है। 19 लाख छात्राओं को अंतरित की गई राशि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस मौके पर समग्र शिक्षा के अंतर्गत सैनिटेशन एवं हाइजीन योजना में 19 लाख छात्राओं को 57 करोड़ 18 लाख रुपये की राशि अंतरित की। इस कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालयों और महाविद्यालय की छात्राओं को स्वच्छता के महत्व और उनके उपायों के बारे में जानकारी दी जाती है। मुख्यमंत्री को छात्राओं ने बांधी राखी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को छात्राओं द्वारा "विशाल राखी" भेंट की गई। इसके बाद छात्राओं ने मुख्यमंत्री को राखी भी बांधी। डॉ. यादव ने छात्राओं को उपहार भेंट किए। मुख्यमंत्री ने गणतंत्र दिवस परेड नई दिल्ली-2024 और राष्ट्रीय सेवा योजना में मध्यप्रदेश का नेतृत्व करने वाली छात्राओं, महाविद्यालय में विभिन्न संकायों में अव्वल रहने वाली छात्राओं का सम्मान किया। साथ ही यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम में जिन छात्राओं ने भागीदारी की, उनका भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मान किया। सम्मान की श्रृंखला में कक्षा बारहवीं बोर्ड परीक्षा के विभिन्न संकायों में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली प्रतिभावान छात्राओं का भी सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने उन छात्राओं को भी सम्मानित किया जिन्होंने खेल गतिविधियों में अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। प्रारंभ में प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा सुखवीर सिंह ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी का कॉलेज और स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता सुधार में निरंतर प्रयास किए जाने पर जोर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता राष्ट्रीय स्तर के औसत से ज्यादा रही है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में प्रधानमंत्री ऑफ एक्सीलेंस कॉलेज प्रारंभ किए जाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही सीएम राइज स्कूलों से भी शिक्षा में गुणात्मक सुधार देखने को मिल रहा है। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल ने आभार व्यक्त किया। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता, आयुक्त उच्च शिक्षा निशांत वरबडे और संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिंदर सिंह, वरिष्ठ अधिकारी सहित बड़ी संख्या में विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन छात्राएं उपस्थित रही।   recent visitors 73