प्रदेश के 7.5 लाख अधिकारी और कर्मचारियों के लिए मध्य प्रदेश सरकार बड़ा का ऐलान, महंगाई भत्ते को लेकर अपडेट

भोपाल  मध्य प्रदेश के सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों को अगस्त के महीने में बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है. प्रदेश के करीब 7.5 लाख अधिकारी और कर्मचारियों के लिए मध्य प्रदेश की मोहन सरकार बड़ा ऐलान कर सकती है. दरअसल, प्रदेश सरकार एमपी के कर्मचारियों का डीए (dearness allowance) केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर करने की घोषणा कर सकती है. लंबे समय से कर्मचारियों द्वारा ये मांग की जा रही थी, जिसे जल्द ही पूरा किया जा सकता है. केंद्रीय कर्मचारियों बराबर हो जाएगा डीए? लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मध्य प्रदेश के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाकर 46 प्रतिशत किया गया था. राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4% की बढ़ोतरी की गई थी. केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 50 प्रतिशत है, यही वजह है कि एमपी के कर्मचारी केंद्रीय कर्मचारियों बराबर डीए की मांग कर रहे हैं. ऐसे में जल्द ही मध्य प्रदेश सरकार द्वारा इस पर फैसला लिया जा सकता है. इतने महीनों का एरियर मिलेगा लोकसभा चुनाव से ठीक पहले डीए में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी. लेकिन डीए का एरियर जारी नहीं किया था, जो अब जारी किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक, 15 अगस्त तक  एक साथ चार माह की एरियर की राशि कर्मचारियों के खाते में पहुंच सकती है. जुलाई 2023 से लेकर फरवरी 2024 तक का एरियर क्रमशः जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने में दिया जा रहा है. इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है. फिर बढ़ेगा महंगाई भत्ता? मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने 15 मार्च 2024 को सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 4% की बढ़ोतरी की थी, जिसके आदेश भी जारी कर दिए गए थे. पहले महंगाई भत्ता 42% था, जो बढ़ाकर 46% किया गया था. अब इसमें 4 प्रतिशत की और बढ़ोतरी की जा सकती है और डीए 50 प्रतिशत हो सकता है. recent visitors 68

वंदे भारत की स्लीपर ट्रेन मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र के बीच चलाई जाएगी, यात्रियों की बल्ले-बल्ले

भोपाल वंदे भारत एक्सप्रेस को लेकर बड़ी खबर सामने आयी है. जल्द ही वंदे भारत की स्लीपर ट्रेन की शुरुआत होने वाली है. खास बात ये है कि मध्य प्रदेश वासियों को इससे बड़ा फायदा होने वाला है. दरअसल, वंदे भारत की स्लीपर ट्रेन मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र के बीच चलाई जाएगी.    दरअसल, फिलहाल देशभर में जो वंदे भारत ट्रेनें चलाई जा रही हैं, वे सभी सिटिंग हैं. ऐसे में लंबी दूरी का सफर तय करने वाले यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. यही वजह है कि अब भारतीय रेलवे ने वंदे भारत की स्लीपर ट्रेन चलाने का फैसला लिया है. भोपाल से चलेगी स्लीपर वंदे भारत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस और हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस की स्लीपर ट्रेन की शुरुआत होने वाली है. देशभर में कुल 10 वंदे भारत की स्लीपर ट्रेन चलाई जाएंगी. इन ट्रेनों के रूट भी सामने आ गए हैं. एक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मध्य प्रदेश से भी चलाई जाएगी. ये वंदे भारत ट्रेन एमपी की राजधानी भोपाल से मुंबई के बीच चलेगी. मुंबई से भोपाल के बीच के 822 किलोमीटर के सफर को वंदे भारत स्लीपर करीब 8 घंटे में पूरा करेगी. इससे महाराष्ट्र और एमपी के यात्रियों को खासा फायदा होगा. भोपाल-मुंबई  रूट पर चलेगी ट्रेन भोपाल – मुंबई क्राउड रूट है. इस ट्रेन रूट पर काफी भीड़ होती है और टिकट मिलने में काफी परेशानी होती है. ये रूट साउथ भारत को नॉर्थ से जोड़ता है. ऐसे में इस रूट पर वंदे भारत स्लीपर कोच की मांग ज्यादा थी. जल्द ही इस रूट पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का ट्रायल हो सकता है. फिलहाल वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का टाइम टेबल सामने नहीं आया है. ऐसा माना जा रहा है कि रेलवे बोर्ड जल्द ही इसका टाइम टेबल जारी कर सकता है. इसके साथ ही ये ट्रेन कब शुरू होगी इसकी तारीख भी जल्द ही सामने आ सकती है. जानें कैसी होगी स्लीपर वंदे भारत? वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बेहद खास होगी. इसके जरिए आप लंबी दूरी की यात्रा आराम से सोते हुए कर सकते हैं. वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे. 10 कोच 3rd AC, चार कोच 2nd AC, वहीं एक कोच 1st AC का होगा. स्लीपर वंदे भारत ट्रेन में दो SLR कोच भी होंगे. recent visitors 106

सीएम मोहन यादव नगरीय निकायों की महिला जनप्रतिनिधियों से आज संवाद करेंगे, मुख्यमंत्री आवास में होगा कार्यक्रम

भोपाल  सावन के महीने में एमपी में सरकारी तौर पर नौ अगस्त से पंद्रह अगस्त पूरे हफ्ते ऐसे आयोजन होने जा रहे हैं. जो पूरी तरह से महिलाओं पर केंद्रित होंगे. 10 अगस्त को एक साथ 25 हजार स्थानों पर रक्षाबंधन सेलिब्रेशन और लाड़ली बहनों के खाते में 1900 करोड़ की राशि ट्रांसफर किए जाने के अलावा 9 अगस्त से 15 अगस्त तक पंचायत से लेकर नगरीय निकायों की जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर कार्यक्रम किए जाएंगे. सावन में शक्ति के उत्सव के तौर पर ये आयोजन होंगे.  रक्षाबंधन पर्व से पहले राज्य सरकार अलग-अलग महिलाओं के वर्ग का सम्मेलन कर रही है। इसी क्रम में 12 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास में नगरीय निकायों की महिला जनप्रतिनिधियों का सम्मेलन और रक्षा बंधन कार्यक्रम आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेशभर से सम्मेलन में आने वाली करीब तीन हजार महिला जनप्रतिनिधियों के संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री निवास में दोपहर 12 बजे होने वाले इस कार्यक्रम को देवी अहिल्या बाई होल्कर महिला जन-प्रतिनिधि सम्मेलन का नाम दिया गया है। सम्मेलन में ये होंगी शामिल सम्मेलन के माध्यम से समाज में महिला सम्मान और उनके योगदान को सराहने का संदेश दिया जाएगा। सम्मेलन में महिला उत्थान से संबंधित विषयों पर चर्चा भी की जाएगी। इसमें महिला महापौर, निकाय अध्यक्ष, सभापति एवं महिला पार्षदों की सहभागिता रहेगी। प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश के प्रत्येक नगरीय क्षेत्र की महिला जनप्रतिनिधि की सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा है। महिलाओं को दिए जाएंगे उपहार आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भरत यादव ने नगरीय निकायों के प्रशासनिक अधिकारियों को सम्मेलन की व्यवस्था के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए है। कार्यक्रम स्थल पर भाई के नाम बहन की पाती संबंधी हस्ताक्षर काउंटर की व्यवस्था की गई है। इस दौरान अतिथियों को महिला उद्यमियों द्वारा निर्मित प्रतीक चिह्न और उपहार दिए जाएंगे। महिला जन-प्रतिनिधियों के सम्मेलन में व्यवस्थित आवागमन और समुचित व्यवस्थाओं के लिए नगरीय निकायों के अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। सम्मेलन की थीम देवी अहिल्या बाई होल्कर नगरीय महिला जनप्रतिनिधि सम्मेलन तथा रक्षाबंधन कार्यक्रम पर रखी गई है। सम्मेलन में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम-स्वनिधि, प्रधानमंत्री आवास योजना और स्व-सहायता समूह के उत्पादों का प्रदर्शन और योजना की जानकारी दी जाएगी। बता दें कि पूर्व में यह कार्यक्रम में भोपाल के हंसध्वनि सभागार रविन्द्र भोपाल में होना प्रस्तावित था। अब यह सम्मेलन मुख्यमंत्री निवास में दोपहर 12 बजे से आयोजित किया जाएगा। recent visitors 72

देश का यूपीआई अब विदेशों में भी परचम लहरा रहा, नेपाल में 6 महीने में एक लाख से ज्यादा क्रॉस बॉर्डर UPI ट्रांजेक्शन हुआ

नई दिल्ली अपने देश का यूपीआई अब विदेशों में भी परचम लहरा रहा है। नेपाल में यूपीआई से ट्रांजेक्शन का तरीका लोगों को काफी पसंद आ रहा है। यही कारण है कि इसने नेपाल में ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड बना दिया है। नेपाल में 6 महीने से भी कम समय में एक लाख से ज्यादा क्रॉस बॉर्डर UPI ट्रांजेक्शन हुआ है। यह ट्रांजेक्शन पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) हुआ है। बता दें कि NIPL ने फोनेपे के साथ मिलकर यह सेवा मार्च 2024 में शुरू की थी। NIPL नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की एक अंतरराष्ट्रीय शाखा है। एक दिन पहले ही मालदीव ने भी UPI को लेकर भारत के साथ एक समझौता किया है। अब वहां भी लोग UPI के जरिए पेमेंट कर पाएंगे। भारतीय भी कर सकते हैं नेपाल में पेमेंट नेपाल के साथ समझौते के अनुसार भारतीय भी वहां यूपीआई के जरिए किसी भी मर्चेंट को पेमेंट कर सकते हैं। एनपीसीआई इंटरनेशनल के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि नेपाल आने वाले विदेशियों में सबसे ज्यादा संख्या भारतीयों की होती है। इस कारण नेपाल में यूपीआई ट्रांजेक्शन में काफी बढ़ोतरी हुई है। वहीं नेपाल से आने वाले लोग भी भारत में पेमेंट के लिए यूपीआई का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह इस्तेमाल किसी स्टोर पर पेमेंट करने, यात्रा बुकिंग करने, ऑनलाइन शॉपिंग, एंटरटेनमेंट, होटल आदि जगह पर किया जा सकता है। इससे पेमेंट पर कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगता। रुपे कार्ड को भी किया शुरू एनआईपीएल ने नेपाल में रुपे कार्ड को चालू करने के लिए नेपाल एसबीआई बैंक लिमिटेड (एनएसबीएल) के साथ सहयोग किया है। इससे दोनों देशों के बीच सीमा पार वित्तीय लेनदेन में और वृद्धि होगी। यूपीआई के जरिए कई देशों में लेन-देन यूपीआई को एनपीसीआई द्वारा विकसित किया गया है। यूपीआई मोबाइल फोन के माध्यम से बैंकों के बीच ट्रांजेक्शन को काफी आसान बना देता है। आप अपने अकाउंट से दूसरे अकाउंट में तुरंत पैसा भेज सकते हैं। भारत की UPI सर्विस कई देशों में चालू है। इनमें भूटान, नेपाल, मॉरीशस, सिंगापुर, फ्रांस, श्रीलंका और यूएई शामिल हैं। अब इस लिस्ट में मालदीव भी जुड़ गया है। यूपीआई पेमेंट में सालाना 45 फीसदी की वृद्धि एनपीसीआई की रिपोर्ट के अनुसार यूपीआई के माध्यम से पेमेंट में सालाना 45 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं ट्रांजेक्शन के मूल्य में भी 35 फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है। जुलाई में यह कुल 20.64 लाख रुपये हो गया है। यह लगातार तीसरा महीना है जब कुल लेनदेन करीब 20 लाख करोड़ रुपये के पार हुआ है। जून 2024 में कुल यूपीआई लेनदेन मूल्य 20.07 लाख करोड़ रुपये, मई में 20.44 लाख करोड़ रुपये था। जुलाई 2024 में यूपीआई के माध्यम से औसत दैनिक लेनदेन मूल्य करीब 66,590 करोड़ रुपये था। recent visitors 71

PM Modi आज किसानों को दी बड़ी सौगात… 61 फसलों की 109 किस्मों का किया विमोचन

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर), पूसा में 109 उन्नत बीजों की किस्में जारी की। प्रधानमंत्री मोदी ने इन नई फसल किस्मों के विकास के लिए वैज्ञानिकों की सराहना की। उन्होंने किसानों और वैज्ञानिकों के साथ बातचीत करते हुए कृषि में मूल्य संवर्धन के महत्व पर जोर दिया। किसानों ने कहा कि ये नई किस्में उनके लिए बहुत लाभदायक होंगी, क्योंकि वे उनके खर्च को कम करेंगी और पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव डालेंगी। प्रधानमंत्री मोदी ने मिलेट्स के महत्व पर भी चर्चा की और बताया कि लोग पौष्टिक भोजन की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने प्राकृतिक खेती के लाभों और जैविक खाद्य की बढ़ती मांग पर भी चर्चा की। वैज्ञानिकों ने बताया कि वह प्रधानमंत्री मोदी के सुझाव के अनुसार अप्रयुक्त फसलों को मुख्यधारा में लाने के लिए काम कर रहे हैं। जारी की गई 109 किस्में 61 फसलों की हैं, जिसमें 34 खेती और 27 बागवानी फसलें शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने बाजरे के महत्व पर चर्चा की और इस बात पर जोर दिया कि किस तरह लोग पौष्टिक भोजन की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने प्राकृतिक खेती के लाभों और जैविक खेती के प्रति आम लोगों की बढ़ती दिलचस्पी के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि लोगों ने जैविक खाद्य पदार्थों का सेवन और मांग शुरू कर दिया है। उन्होंने इन नई फसल किस्मों के विकास के लिए वैज्ञानिकों की भी सराहना की। वैज्ञानिकों ने बताया कि वे अप्रयुक्त फसलों को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए सुझाव के अनुरूप काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री द्वारा जारी की गई 61 फसलों की 109 किस्मों में 34 खेत की फसलें और 27 बागवानी फसलें शामिल हैं। खेत में बाजरा, चारा, तिलहन, दलहन, गन्ना, कपास, फाइबर और अन्य संभावित फसलों सहित विभिन्न अनाज के बीज जारी किए गए। बागवानी फसलों में फलों, सब्जियों, बागानों, कंद फसलों, मसालों, फूलों और औषधीय फसलों की विभिन्न किस्में जारी की गईं।     recent visitors 118

बैंक मित्र एवं बैंक सखियों के माध्यम से वितरण, छत्तीसगढ़-बस्तर के हरा सोना संग्राहकों को दी पारिश्रमिक राशि

बस्तर/रायपुर. छत्तीसगढ़  में तेंदूपत्ता को हरा सोना माना जाता है, जो वनांचल के संग्राहकों की अतिरिक्त आय का मुख्य जरिया है। गर्मी के दिनों में जब ग्रामीणों के पास न तो खेतों में काम होता है और न ही घर में कुछ काम, तब इसी तेंदूपत्ता यानी हरा सोना का संग्रहण उन्हें मेहनत एवं संग्रहण के आधार पर भरपूर पारिश्रमिक देता है। वनांचल में रहने वाले ग्रामीणों के लिये तेंदूपत्ता के प्रति मानक बोरा की दर में हुई वृद्धि भी खुशियां जगा दी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा तेंदूपत्ता का प्रति मानक बोरा राशि 5500 रुपए किए जाने के बाद संग्राहकों में अपार खुशी है। वहीं तेंदूपत्ता संग्राहकों को तेंदूपत्ता पारिश्रमिक राशि स्थानीय स्तर पर बैंक सखियों के माध्यम से भुगतान होने के फलस्वरूप विशेषकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के संग्राहकों को बहुत सहूलियत हो रही है। बस्तर जिले के अंदरूनी ईलाके के संग्राहकों को तेंदूपत्ता पारिश्रमिक राशि का भुगतान बैंक मित्र और बैंक सखियों के माध्यम से किया जा रहा है। बस्तर में तेंदूपत्ता सीजन 2024 में संग्रहित तेंदूपत्ता का 36 हजार 229 संग्राहकों को 12 करोड़ 43 लाख 95 हजार 749 रुपए पारिश्रमिक राशि अपने गांव के बैंक मित्र एवं बैंक सखियों द्वारा भुगतान की गयी है। बैंक मित्र पखनार रामो कुंजाम ने बताया कि वह ईलाके के 05 ग्राम पंचायतों के 250 से ज्यादा तेंदूपत्ता संग्राहकों को तेंदूपत्ता पारिश्रमिक राशि का भुगतान कर चुके हैं। वहीं लोहण्डीगुड़ा ब्लॉक के कस्तूरपाल के बैंक मित्र सामू कश्यप ने 50 से अधिक संग्राहकों तथा बस्तर विकासखण्ड के भानपुरी की बैंक सखी जमुना ठाकुर ने 56 से ज्यादा संग्राहकों को भुगतान किया है। वहीं बकावंड ब्लॉक के डिमरापाल की बैंक सखी तुलेश्वरी पटेल अब तक डिमरापाल एवं छिंदगांव के 90 से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को डेढ़ लाख रुपए से ज्यादा का भुगतान कर चुकी हैं। जिले के 15 समितियों के तेंदूपत्ता संग्राहकों को बैंक सखियों ने किया भुगतान वनमंडलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक जिला सहकारी यूनियन जगदलपुर श्री उत्तम गुप्ता ने बताया कि जिले के सभी 07 विकासखण्डों के अंतर्गत 15 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के कुल 36 हजार 229 संग्राहकों को 12 करोड़ 43 लाख 95 हजार 749 रुपए पारिश्रमिक राशि अपने गांव के बैंक मित्र एवं बैंक सखियों से भुगतान किया जा रहा है। जिसके तहत लोहण्डीगुड़ा ब्लॉक के 13 ग्राम पंचायतों के 1947 संग्राहकों को 79 लाख 47 हजार 665 रुपए, तोकापाल विकासखण्ड के एक ग्राम पंचायत के 76 संग्राहकों को 03 लाख 36 हजार 193 रुपए,बास्तानार ब्लॉक के 22 ग्राम पंचायतों के 1831 संग्राहकों को 79 लाख 69 हजार 995 रुपए,बस्तर विकासखण्ड के 65 ग्राम पंचायतों के 10 हजार 78 संग्राहकों को 02 करोड़ 68 लाख 72 हजार 736 रुपए, दरभा ब्लॉक के 21 ग्राम पंचायतों के 1782 संग्राहकों को एक करोड़ 37 लाख 71 हजार 934 रुपए तथा बकावंड विकासखण्ड के 86 ग्राम पंचायतों के 16 हजार 510 संग्राहकों को 05 करोड़ 45 लाख 47 हजार 614 रुपए पारिश्रमिक राशि का भुगतान स्थानीय बैंक सखियों द्वारा किया जा रहा है। जिससे जहां ग्रामीण संग्राहकों को भुगतान प्राप्त करने में सुविधा हुई,वहीं इन बैंक सखियों को भी अच्छी कमीशन राशि मिली। recent visitors 129

हेलीपेड पर जनप्रतिनिधियों ने किया आत्मीय स्वागत, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री साय पहुंचे राजनांदगांव

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के आज राजनांदगांव पीटीएस हेलीपेड पहुंचने पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय सहित जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री के साथ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, विधायक गुरू खुशवंत साहेब भी राजनांदगांव पहुंचे। मुख्यमंत्री श्री साय तिरंगा रैली के कार्यक्रम तथा जिला सतनामी सेवा समिति राजनांदगांव द्वारा आयोजित ममतामयी मिनीमाता निर्वाण दिवस एवं जिला स्तरीय शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए राजनांदगांव पहुंचे हैं। recent visitors 76