अब रेलवे कराएगा पिंडदान प्रदेश से चलेगी स्पेशल ट्रेन, पुरोहित भी होंगे साथ

भोपाल भारतीय रेलवे ने यात्रियों की धार्मिक संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। श्राद्ध पक्ष के दौरान बड़ी संख्या में लोग बिहार के गयाजी पिंडदान के लिए जाते हैं। ऐसे में रेलवे ने निर्णय लिया है कि अब इच्छुक यात्रियों को रेलवे टिकट के साथ पुरोहित की सुविधा भी रेलवे ही उपलब्ध कराएगा। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल रेल मंडल के वरिष्ठ डीसीएम सौरभ कटारिया और आईआरसीटीसी के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र बोरवन का कहना है कि टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ये स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। एक ट्रेन 20 सितंबर को रवाना होगी। जो सनातन संवेदनाओं को देखते हुए गंगा सागर और गयाजी भी जाएगी।   इसे देखते हुए रेलवे ने एक अनोखी सुविधा शुरू की है। अब गयाजी जाने वाले यात्रियों को न केवल यात्रा की सुविधा मिलेगी, बल्कि रेलवे टिकट के साथ पुरोहित (पंडित) की सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी। भोपाल में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस इस सुविधा की जानकारी भोपाल में हुई एक ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई। भोपाल रेल मंडल के वरिष्ठ डीसीएम सौरभ कटारिया और IRCTC के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र बोरवन ने बताया कि इस पहल के तहत रेलवे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्पेशल ट्रेनें चला रहा है। सनातन परंपराओं का सम्मान 20 सितंबर को एक स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी, जो गंगा सागर और गयाजी जैसे धार्मिक स्थलों का दौरा करेगी। इस ट्रेन की सबसे खास बात यह है कि यह पितृपक्ष के दौरान 26 सितंबर को गया पहुंचेगी, जहां यात्री अपने पितरों का पिंडदान कर सकेंगे। इस पूरे आयोजन के लिए IRCTC ने पंडितों की व्यवस्था कर रखी है। दान-दक्षिणा भी होगी तय रेलवे ने यात्रियों को पिंडदान के दौरान अनावश्यक धन खर्च से बचाने के लिए पंडितों को दी जाने वाली दक्षिणा भी पहले से निर्धारित कर दी है। हर पिंडदान के लिए यात्रियों को 501 रुपये दक्षिणा देनी होगी, जिसे IRCTC ने तय किया है। भारत गौरव पर्यटक ट्रेन: नई शुरुआत आईआरसीटीसी, जो रेलवे की टिकटिंग और यात्रियों की सुविधा का काम देखता है, भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन शुरू कर रहा है। सितंबर से शुरू हो रहे दूसरे चरण में देशभर से 11 ट्रेनें रवाना होंगी। इसी कड़ी में, भोपाल रेल मंडल ने भी दो स्पेशल ट्रेनें चलाने की तैयारी कर ली है, और यात्रियों की बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। किस दिन कौन सी ट्रेन चलेगी? पहली ट्रेन 4 सितंबर को दक्षिण दर्शन यात्रा के लिए निकलेगी । यह ट्रेन मध्य प्रदेश के इंदौर, देवास, उज्जैन, भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन, इटारसी और नागपुर स्टेशनों से होकर गुजरेगी। 9 रात और 10 दिन की इस यात्रा में तिरुपति, रामेश्वरम, मदुरई, कन्याकुमारी और त्रिवेंद्रम के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। खर्च और श्रेणियां इस यात्रा के लिए स्लीपर क्लास में प्रति व्यक्ति 18,200 रुपये खर्च करने होंगे। थर्ड एसी में 30,250 रुपये और सेकंड एसी में 40,000 रुपये प्रति व्यक्ति का खर्च आएगा। दूसरी ट्रेन: पितृपक्ष में गयाजी का दौरा दूसरी ट्रेन 20 सितंबर को पुरी गंगासागर भव्य काशी यात्रा के नाम से निकलेगी। यह ट्रेन भी मध्य प्रदेश के कई स्टेशनों से गुजरेगी। इस यात्रा में पुरी, गंगा सागर, गया, वाराणसी और अयोध्या के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। खास बात यह है कि यह ट्रेन पितृपक्ष के दौरान 26 सितंबर को गयाजी पहुंचेगी, जहां यात्री पिंडदान कर सकेंगे। भारतीय रेलवे की यह पहल उन यात्रियों के लिए बहुत सुविधाजनक साबित होगी, जो श्राद्धपक्ष में अपने पितरों का पिंडदान करना चाहते हैं। टिकट के साथ पुरोहित की सेवा, तय दक्षिणा और धार्मिक स्थलों की यात्रा, यह सब कुछ यात्रियों के लिए एक शानदार अनुभव बनने वाला है। recent visitors 76

जर्मनी प्रयोगशालाओं की जांच में पाकिस्तान से आई बासमती में जेनेटिकली मॉडिफाइड चावल पाया गया

नई दिल्ली  पाकिस्तान की बासमती पर यूरोप में सवाल उठ रहे हैं। पाकिस्तान से भेजी गई ऑर्गेनिक बासमती की एक खेप में जर्मनी में जेनेटिकली मॉडिफाइड चावल पाया गया है। यूरोपीय यूनियन की जांच में यह बात सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल में जारी एक अलर्ट में कहा गया है कि नीदरलैंड के जरिए बासमती की यह खेप जर्मनी पहुंची थी। जर्मनी और लग्जमबर्ग में सरकारी प्रयोगशालाओं में जांच के दौरान पाकिस्तान से आई बासमती में जेनेटिकली मॉडिफाइड चावल पाया गया है। इससे भारत को ईयू में बासमती चावल की एक्सक्लूसिव मार्केटिंग के लिए जीआई टैग मिलने में मदद मिल सकती है। भारत में जुलाई 2018 में इसके लिए आवेदन किया था जबकि पाकिस्तान ने भी इस साल की शुरुआत में इसके लिए याचिका डाली थी। जून 2021 में भारत से भेजी गई चावलों की एक खेप में भी 500 टन जीएम राइस पाया गया था लेकिन वह बासमती चावल नहीं था। एक बार जीएम के अंश कमर्शियल बीजों में आ जाते हैं तो उसे साफ करना मुश्किल होता है। अमेरिका के चावल उद्योग को LibertyLink GM चावल से छुटकारा पाने में 10 साल का समय लग गया था। जानकारों का कहना है कि चीन के वैज्ञानिक पाकिस्तान में जीएम राइस की वेराइटीज पर प्रयोग कर रहे हैं। शायद वहीं से यह बासमती में आया होगा। यूरोपियन यूनियन जीएम प्रॉडक्ट्स को लेकर काफी संवेदनशील है। बासमती की खेप में जीएम राइस मिलना इस बात का संकेत हैं कि पाकिस्तान से एक्सपोर्ट के दौरान सर्विलांस में कमी है। इससे यूरोप नियमों को सख्त कर सकता है। सोना मसूरी ब्राउन का एक्सपोर्ट इस बीच हिंदू बिजनसलाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक एगटेक स्टार्टअप स्वस्थ ईकोहारवेस्ट देश से सोना मसूरी ब्राउन चावल की पहली खेप यूरोप को भेजने की तैयारी कर रहा है। कंपनी का कहना है कि सबकुछ सही रहा तो इस महीने के अंत तक इसकी पहली खेप यूरोप भेजी जा सकती है। इस चावल को एआई कंट्रोल्ड क्वालिटी कंट्रोल प्रोग्राम के तहत तमिलनाडु में उगाया जा रहा है। अगले पांच साल में 1.5 लाख टन चावल निर्यात का लक्ष्य है।   recent visitors 106

वक्फ संशोधन विधेयक के लिए संयुक्त संसदीय कमेटी में ओवैसी और इमरान मसूद समेत होंगे 31 सदस्य, हुआ एलान

नई दिल्ली वक्फ अधिनियम (संशोधन) विधेयक के लिए संयुक्त संसदीय कमेटी (JPC) का एलान कर दिया गया है। इसमें लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य शामिल होंगे। असदुद्दीन ओवैसी, निशिकांत दुबे, तेजस्वी सूर्या, जगदंबिका पाल, इमरान मसूद और गौरव गोगोई समेत कुल 31 सदस्य होंगे। बता दें कि शुक्रवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई। इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ (संशोधन) विधेयक- 2024 के लिए जेपीसी के 21 लोकसभा सदस्यों और राज्यसभा से 10 सदस्यों के नामों की सिफारिश करने को कहा। इसके बाद सदन ने प्रस्ताव पारित किया। बता दें कि गुरुवार को किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया था। विपक्ष के भारी हंगामे के बाद सरकार ने विधेयक को जेपीसी को भेजने की सिफारिश की थी। लोकसभा के वो 21 सांसद जो जेपीसी के सदस्य होंगे     जगदंबिका पाल     निशिकांत दुबे     तेजस्वी सूर्या     अपराजिता सारंगी     संजय जयसवाल     दिलीप सैकिया     अभिजीत गंगोपाध्याय     डीके अरुणा     गौरव गोगोई     इमरान मसूद     मोहम्मद जावेद     मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी     कल्याण बनर्जी     ए राजा     लावु श्री कृष्ण देवरायलू     दिलेश्वर कामत     अरविंद सावंत     सुरेश गोपीनाथ     नरेश गणपत म्हस्के     अरुण भारती     असदुद्दीन ओवैसी ये राज्यसभा सदस्य होंगे जेपीसी का हिस्सा     बृज लाल     डॉ. मेधा विश्राम कुलकर्णी     गुलाम अली     डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल     सैयद नसीर हुसैन     मोहम्मद नदीम उल हक     वी विजयसाई रेड्डी     एम. मोहम्मद अब्दुल्ला     संजय सिंह     डॉ. वीरेंद्र हेगड़े   recent visitors 96

स्किन बैंक प्रदेश का दूसरा और भोपाल का पहला बैंक है, भोपाल के कमला नेहरू अस्पताल में शुरू होगी

भोपाल गांधी मेडिकल कालेज से सबंद्ध हमीदिया अस्पताल के बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी विभाग में स्किन बैंक की सुविधा शुरू हो चुकी है।यह प्रदेश की दूसरी स्किन बैंक होगी। इसे कमला नेहरू की बिल्डिंग के पहली मंजिल पर शुरू किया गया है। इसके लिए अभी तक चार केडेवरिक ग्राफ्ट भी लगाई गई है, जिसका उपयोग गंभीर रूप से जले मरीजों एवं दुर्घटना में चोट लगने वाले मरीजों के घाव को भरने में किया जाएगा। इस स्किन बैंक की लागत 15 लाख रुपये आई है। इस बैंक में स्किन को छह माह तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। यह स्किन बैंक प्रदेश का दूसरा और भोपाल का पहला बैंक है, इससे पहले यह सुविधा जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद बोस मेडिकल अस्पताल में थी। इसका उद्घाटन डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन डा. एके श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक सुनीत टंडन, जीएमसी डीन डा. कविता एन सिंह, प्रो. एचओडी डा. अरुण भटनागर, डेसिगेटेड प्रोफेसर डा. आनंद गौतम, सहायक प्राध्यापक डा. हरि शंकर सिंह आदि मौजूद रहे। प्रो. एचओडी डा. अरुण भटनागर ने बताया कि इस बैंक में स्किन को माइनस 20 डिग्री पर रखते हैं तो तीन माह तक जबकि -80 डिग्री पर रखते हैं तो छह माह के बाद भी स्किन का इस्तेमाल किया जा सकता है। जब हम स्किन निकालते हैं तो उसके पीस को कल्चर टेस्ट करते हैं। फिर इसका इस्तेमाल किया जाता है, इसके लिए डीप फ्रीजर भी है और कूलिंग कैबिनेट भी हैं। इसकी करीब 15 लाख की लागत है। नौ माह पहले तैयार किया था प्रपोजल प्रो. एचओडी डा. अरुण भटनागर ने बताया कि दुर्घटनाओं में झुलसे लोगों के इलाज के लिए स्किन की जरूरत होती है। अभी तक स्किन बैंक नहीं होने के कारण स्किन डोनेशन की व्यवस्था हमीदिया अस्पताल में नहीं थी। करीब नौ महीने पहले बर्न एंड प्लास्टिक विभाग द्वारा इसके लिए प्रपोजल तैयार किया था। बजट मिलने पर स्किन बैंक के लिए जरूरी उपकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर जुटाकर स्किन बैंक शुरू करने के लिए कार्रवाई शुरू हुई। डा. भटनागर ने बताया कि बैंक में डीप फ्रीज दो हजार लीटर, कूलिंग कैबिनेट तीन हजार लीटर के हैं। इसमें 100 मि.ली. के 60 से अधिक बाटल रख सकते हैं। हर माह आते हैं 60 से अधिक मरीज हमीदिया अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यहां आने वाले अधिकतर मरीज 30 से 60 प्रतिशत बर्न होते हैं या उससे अधिक भी जाते हैं, ऐसे में इन मरीजों को स्किन की आवश्यकता होती है। ऐसे मरीजों में सक्रमण न हो इसके लिए स्किन की जरूरत होती है। हमीदिया में महीने भर में 60 से अधिक ऐसे मरीज आते हैं। जिसमें से करीब 40 के करीब मरीजों में स्किन की आवश्यकता होती है।   दो प्रकार से स्किन कर सकते हैं दान इस बैंक में जीवित और मृत व्यक्ति की त्वचा को डोनेट किया जा सकेगा। इस स्किन को किसी भी मरीज के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। मेजर बर्न के मरीजों की जान बचाई जा सकेगी। इससे संक्रमण का खतरा कम होगा। इसमें खून ज्यादा नहीं निकलता। व्यक्ति के शरीर हाथ और पैरों के हिस्से ही स्किन निकाली जाती है। recent visitors 121

बांग्लादेश में हालात के मद्देनजर सरकार ने सीमा पर मौजूदा हालात पर नजर रखने के लिए एक समिति गठित की: अमित शाह

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को घोषणा करते हुए कहा है कि मोदी सरकार ने बांग्लादेश में चल रहे हालात को देखते हुए भारत-बांग्लादेश सीमा (IBB) पर मौजूदा स्थिति की निगरानी के लिए एक समिति का गठन किया है। यह समिति बांग्लादेश में अपने समकक्ष अधिकारियों के साथ बातचीत बनाए रखेगी ताकि वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों, हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अमित शाह ने ट्वीट करते हुए लिखा, “बांग्लादेश में जारी हालात के मद्देनजर मोदी सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा (आईबीबी) पर मौजूदा हालात पर नजर रखने के लिए एक समिति गठित की है। यह समिति बांग्लादेश में अपने समकक्ष अधिकारियों के साथ संवाद बनाए रखेगी ताकि वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों, हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस समिति की अध्यक्षता एडीजी, सीमा सुरक्षा बल, पूर्वी कमान करेंगे।” गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार हरसंभव प्रयास करेगी ताकि बांग्लादेश में भारतीय और हिंदू समुदायों के हितों की रक्षा की जा सके। इस समिति को विशेष रूप से भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा और स्थिति पर नजर रखने का कार्य सौंपा गया है। यह कदम हाल ही में बांग्लादेश में मची उथल-पुथल के बीच उठाया गया है, जिनमें भारतीय नागरिकों और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही थी। सोमवार को प्रधानमंत्री शेख हसीना के पद से इस्तीफा देने और देश छोड़कर भारत आ जाने के बाद से जारी हिंसा में कई हिंदू मंदिरों, घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की गई है और अवामी लीग से जुड़े कम से कम दो हिंदू नेताओं की हत्या कर दी गई। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमलों की घटनाओं के बीच, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस के एक प्रवक्ता ने कहा कि वह नस्ली आधार पर होने वाले किसी भी तरह के हमले या हिंसा भड़काने के खिलाफ हैं। वह बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर हो रहे हमलों के संबंध में महासचिव की प्रतिक्रिया से जुड़े सवालों के जवाब दे रहे थे। बता दें कि नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर बृहस्पतिवार को शपथ ली। देश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्रणाली के खिलाफ और फिर सरकार विरोधी व्यापक प्रदर्शनों के बीच शेख हसीना ने सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और देश छोड़कर चली गई थीं। बांग्लादेश में अफरा-तफरी के माहौल के बीच यूनुस ने देश की बागडोर संभाली है और उनके सामने फिलहाल देश में शांति बहाल करने और चुनाव कराने का जिम्मा है। recent visitors 89

बहनों के सम्मान में प्रदेश में कल 25 हजार स्थानों पर होंगे कार्यक्रम, लाड़ली बहनों के खातों में जारी होंगे 1250 रूपए

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गरीब से गरीब बहन के घर तक नारी सशक्तिकरण के माध्यम से शासन की सभी योजनाओं का लाभ पहुंचाना राज्य शासन की भावना भी है और प्रतिबद्धता भी। भारतीय संस्कृति में बहनों को यश देने वाली माना गया है, वे परिवारों में सम्माननीय हैं। माता-पिता के समान प्रेम और स्नेह के साथ संस्कारों को बनाए रखते हुए परिवार के दायित्व निर्वहन की क्षमता भी उनमें है। मंत्रि-परिषद ने बहनों के सम्मान और स्नेह के प्रतीक, रक्षाबंधन पर्व को पूरे उल्लास के साथ मनाने का निर्णय लिया है। संपूर्ण प्रदेश में 25 हजार स्थान पर 10 अगस्त को कार्यक्रम होंगे और सिंगल क्लिक से लाड़ली बहनों के खातों में 1250 रुपए तथा रक्षाबंधन के शगुन 250 रूपए अलग से जारी किए जाएंगे। राज्य सरकार द्वारा कोई योजना बंद नहीं की जाएगी, अपितु संकल्प पत्र में जो कहा गया है वे सभी योजनाएं व कार्यक्रम लागू होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास में रानी दुर्गावती महिला सरपंच सम्मेलन और रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। महिला सरपंचों ने मंगल गीतों के साथ पुष्प-वर्षा कर किया मुख्यमंत्री का स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम का कन्या-पूजन और दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। उनके कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर महिला सरपंचों ने मंगल गीतों के साथ पुष्प-वर्षा कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने बहनों के जीवन को आसान और खुशहाल बनाने के लिए कई योजनाएं व कार्यक्रम लागू किए हैं। इसी क्रम में घर-घर रसोई गैस की सुविधा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस कनेक्शन प्रदान किए गए। राज्य सरकार ने लाड़ली बहनों और जिनके पास उज्ज्वला कनेक्शन हैं उन्हें 450 रुपए में गैस सिलेण्डर उपलब्ध कराने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागपंचमी की शुभकामनाएं देते हुए बहनों से सावन माह धूमधाम से मनाने का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को महिला सरपंचों ने बांधी राखी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई बहनों ने 40 फीट लंबी राखी भेंट की। बहनों ने मुख्यमंत्री भैया डॉ. यादव को पृथक से भी राखियां बांधी, जिस पर मुख्यमंत्री ने बहनों को शगुन स्वरूप भेंट भी प्रदान की। रानी दुर्गावती के शौर्य और पराक्रम को समर्पित है महिला सरपंचों का सम्मेलन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति में त्यौहारों का विशेष महत्व है, जो लंबी गुलामी के परिणामस्वरूप प्रभावित हुआ। अपनी धरोहर, संस्कृति और सम्मान के लिए रानी दुर्गावती ने जिस शौर्य और पराक्रम से संघर्ष किया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा। रानी दुर्गावती की जयंती का वर्तमान में 500वां वर्ष चल रहा है। महिला सशक्तिकरण की प्रतीक महिला सरपंचों का सम्मेलन रानी दुर्गावती की स्मृति में ही आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के बाद जन्माष्टमी भी आने वाली है। इस पर्व पर पंचायतों में बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं और जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाए। राष्ट्रीय पर्व के समान हो "हर घर तिरंगा अभियान" का आयोजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से "हर घर तिरंगा अभियान" आरंभ हो रहा है। सभी सरपंच सुनिश्चित करें कि उनकी पंचायतों में सभी घरों पर तिरंगा लहराया जाए। देश की आजादी के लिए शहीद होने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और क्रांतिकारियों के योगदान के लिये यह सच्ची श्रद्धांजलि होगी। राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त और 26 जनवरी के समान ही हर घर तिरंगा अभियान का आयोजन गरिमामय तरीके से किया जाए। व्यर्थ के खर्चों को कम कर परिवार के संसाधनों को बच्चों की पढ़ाई में लगाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रक्षाबंधन के पवित्र अवसर पर सभी बहनें परिवारों में व्यर्थ के खर्चों को कम करने का संकल्प लें। तेरहवीं और मृत्य भोज इत्यादि पर अनावश्यक व्यय से बचा जाए, विवाह भी सादगीपूर्ण तरीके से किए जाएं। इन गतिविधियों में कर्ज लेकर या अचल सम्पत्ति बेचकर भी पैसा लगाया जाता है, ऐसी स्थिति से बचने के लिए लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता है। इस प्रकार की गतिविधियों को हतोत्साहित कर तथा सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में परिवार के युवाओं का विवाह कर जमा पूंजी बचाई जा सकती है। परिवार के संसाधनों का उपयोग बच्चों की पढ़ाई-लिखाई तथा परिवार की बेहतरी के लिए किया जाए। प्रदेश की 50 प्रतिशत से अधिक पंचायतों में महिला सरपंच : मंत्री श्री पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि प्रदेश में 23 हजार 11 पंचायतें हैं और महिला सरपंचों की संख्या 12 हजार 920 है, जो 50% से अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा अपने निवास पर बहनों को आमंत्रित कर रक्षाबंधन पर्व मनाने की पहल करना उनकी संवेदनशीलता और बहनों के प्रति सम्मान व स्नेह का प्रतीक है। यह समारोह सांस्कृतिक संस्कारों के अटूट बंधन को और मजबूत करेगा। recent visitors 75

हरियाणा सरकार का आदेश जारी, अब सभी स्कूलों में गुड मॉर्निंग नहीं, जय हिन्द चलेगा

हरियाणा हरियाणा में इस स्वतंत्रता दिवस से सभी स्कूलों में 'गुड मॉर्निंग' के स्थान पर अब 'जय हिंद' का प्रयोग किया जाएगा। एक सरकारी आदेश में इसकी जानकारी दी गई है। प्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से गुरुवार को जारी आदेश में कहा गया है कि हरियाणा सरकार द्वारा शुरू किए गए इस कदम का उद्देश्य छात्रों में 'देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की गहरी भावना उत्पन्न करना' है । आदेश में कहा गया है कि 'जय हिंद' का नारा सुभाष चंद्र बोस ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान दिया था और स्वतंत्रता के बाद सशस्त्र बलों द्वारा इसे सलामी के रूप में स्वीकार किया गया था । स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों, जिला खंड शिक्षा अधिकारियों, खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों, प्रधानाचार्यों और प्रधानाध्यापकों को यह परिपत्र भेजा है। आदेश में कहा गया है कि स्कूलों में अब 'गुड मॉर्निंग' की जगह 'जय हिंद' का उपयोग किया जाएगा, ताकि हर दिन छात्रों को 'राष्ट्रीय एकता की भावना से प्रेरित किया जा सके' और देश के 'समृद्ध इतिहास के प्रति सम्मान' व्यक्त किया जा सके। इसमें कहा गया है कि देशभक्तिपूर्ण अभिवादन 'जय हिंद' छात्रों को देश की आजादी के लिए किए गए बलिदानों की सराहना करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। इसमें कहा गया है कि 'जय हिंद' क्षेत्रीय, भाषाई और सांस्कृतिक मतभेदों से परे है और विविध पृष्ठभूमि के छात्रों के बीच एकता को बढ़ावा देता है।   recent visitors 137