प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का लाभ लेने पत्नी के नाम पर धड़ाधड़ गैस कनेक्शन ट्रांसफर करवा रहे पति

भोपाल  मध्य प्रदेश में 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर पाने के लिए कनेक्शन पुरुष से महिला के नाम स्थानांतरित कराने से काम नहीं चलेगा। ऐसे किसी भी प्रकरण को मान्य नहीं किया जाएगा। योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलेगा, जिनके नाम योजना की शुरुआत के समय रसोई गैस कलेक्शन था। प्रदेश में अभी 40 लाख महिलाओं को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर दिलाने के लिए अंतर की राशि अनुदान के रूप में दी जा रही है। उज्जवला योजना की लाभार्थी हैं शामिल विधानसभा चुनाव के पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में शामिल महिलाओं को 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की योजना लागू की थी। इसमें प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की लाभार्थी भी शामिल की गईं। योजना सिर्फ लाड़ली बहना के लिए योजना का लाभ लेने के लिए कई उपभोक्ताओं ने अपने नाम के स्थान पर कनेक्शन महिलाओं के नाम पर करा लिए पर इसे मान्य नहीं किया जाएगा। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का कहना है कि योजना केवल उज्जवला योजना और मुख्यमंत्री लाड़ली बहना के लिए है। पुरुषों के नाम पर यदि रसोई गैस कनेक्शन है तो उसे मान्य नहीं किया जाएगा। कलेक्टरों को दिए गए निर्देश योजना लागू होने के बाद बड़ी संख्या में कनेक्शन स्थानांतरित कराने के प्रकरण सामने आए हैं। इसे देखते हुए सभी जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस बात का ध्यान रखें कि कनेक्शन महिला के नाम पर ही होना चाहिए। उल्लेखनीय है कि जुलाई 2023 से मार्च 2024 क 579 करोड़ रुपये का अनुदान दिया जा चुका है। अप्रैल और मई 2024 का 52.44 करोड़ रुपये अनुदान दिया जाना बाकी है। इसके लिए अब सरकार ने रसोई गैस सहायता योजना (उज्ज्वला) एवं रसोई गैस सहायता योजना (गैर उज्ज्वला) लागू की है। अब इसके माध्यम से ही आयल कंपनियों को अनुदान की राशि का भुगतान खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग करेगा। कंपनियां सीधे महिलाओं के खातों में अनुदान की राशि अंतरित करेंगी। recent visitors 59

अब हरेक बैंक खाताधारक एक खाते के लिए चार ‘नॉमिनी’ तक दर्ज करा सकेगा: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार (09 अगस्त) को लोकसभा में बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश किया है। इस विधेयक में ऐसा प्रावधान किया गया है कि हरेक बैंक खाताधारक एक खाते के लिए चार ‘नॉमिनी’ तक दर्ज करा सकेगा। अभी तक एक बैंक खाते में एक ही नॉमिनी का उल्लेख करने का नियम है। अगर यह बिल संसद से पारित होता है तो अब नॉमिनी को बढ़ाकर चार तक किया जा सकता है। हालांकि, यह वैकल्पिक प्रावधान होगा। प्रस्तावित विधेयक में एक और बड़े बदलाव की बात कही गई है। इसके तहत कंपनी के निदेशकों के सबस्टेंशियल इंटरेस्ट (substantial interest) को फिर से परिभाषित किया गया है और इसके तहत 5 लाख रुपये की वर्तमान सीमा को बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये तक किया गया है, जो लगभग छह दशक पहले तय की गई थी। लोकसभा में विपक्ष के कुछ सदस्यों ने सदन में यह विधेयक पेश किये जाने का विरोध किया। कांग्रेस के मनीष तिवारी ने कहा कि सहकारी समितियों और सहकारी बैंकों से जुड़े कानूनों में संशोधन का अधिकार राज्यों को है। उन्होंने इस संबंध में विधायी अधिकारों को लेकर अस्पष्टता की भी बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘सहकारी समितियों पर केंद्र नियंत्रण कर सकता है या नहीं, इस पर विरोधाभास है।’’ आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन ने कहा कि सरकार एक साथ चार कानूनों में संशोधन का प्रयास कर रही है और यह सदन की परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि आपस में जुड़े विषयों से संबंधित कानूनों को लेकर ही विधेयक लाया जाता है। तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने भी चार कानूनों को एक विधेयक के माध्यम से संशोधित करने पर आपत्ति जताई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्षी सदस्यों की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा कि बहु सहकारी बैंक से जुड़े कानून में पहले भी इस सदन के माध्यम से संशोधन किया जा चुका है और इससे छोटे खाता धारकों को राहत मिली है। उन्होंने कहा कि हम चार विधेयक भी ला सकते थे लेकिन जब एक समान तरह के कामकाज से जुड़े कानून हैं तो हम एक संशोधन विधेयक ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि बैंकिंग विनियमन अधिनियम और सहकारी बैंकों के बीच एक संबंध है और कोई भी संशोधन इसी रास्ते से लाना होगा। सीतारमण ने कहा, ‘‘सहकारी संस्थाओं, खासकर उन संस्थाओं को, जो बैंकों के अतिरिक्त अन्य सारे काम करती हैं, उन्हें कमजोर करने का कोई प्रयास नहीं है। बैंक और बैंकिंग गतिविधियों के लिए लाइसेंस रखने वाली सहकारी समितियों के लिए एक नियम होना चाहिए और इसीलिए हमने यह कदम उठाया है।’’ मंत्री के जवाब के बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक को पेश किए जाने की मंजूरी दी। विधेयक में वैधानिक लेखा परीक्षकों को भुगतान किया जाने वाला पारिश्रमिक तय करने में बैंकों को अधिक स्वतंत्रता देने का भी प्रावधान किया गया है। इस विधेयक में बैंकों के लिए विनियामक अनुपालन के लिए रिपोर्टिंग तिथियों को हर महीने के दूसरे और चौथे शुक्रवार के बजाय 15वें और आखिरी दिन को फिर से परिभाषित करने का भी प्रयास किया गया है। इस विधेयक को पिछले शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी, जिसके तहत भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934, बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949, भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम 1955, बैंकिंग कंपनियां (उपक्रमों का अधिग्रहण और हस्तांतरण) अधिनियम 1970 और बैंकिंग कंपनियां (उपक्रमों का अधिग्रहण और हस्तांतरण) अधिनियम 1980 में संशोधन का प्रस्ताव है। इसकी घोषणा वित्त मंत्री ने अपने 2023-24 के बजट भाषण में की थी। उन्होंने कहा था, ‘‘बैंक प्रशासन में सुधार और निवेशकों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए बैंकिंग विनियमन अधिनियम, बैंकिंग कंपनी अधिनियम और भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम में कुछ संशोधनों का प्रस्ताव है।’’ recent visitors 72

मध्य प्रदेश में आउटसोर्स कर्मियों को मिलेंगे सरकारी कर्मचारियों जैसे लाभ, ग्रैज्युटी के साथ-साथ बीमा की भी सुविधा

भोपाल  मध्य प्रदेश में तीन लाख से अधिक विभिन्न शासकीय-अर्द्धशासकीय विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों को खुशखबरी मिली है। अब आउटसोर्स एजेंसियों को श्रम कानूनों का लाभ देना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए एजेंसियों को श्रम विभाग में पंजीयन कराकर लाइसेंस लेने के साथ ही निर्धारित वेतन और सुविधाएं देनी होंगी। श्रम विभाग ने दिए निर्देश श्रम विभाग ने सभी विभागों को श्रम कानूनों के अंतर्गत व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने के आदेश दिए हैं। प्रदेश में विद्युत वितरण कंपनियों सहित विभिन्न विभागों में आउटसोर्स पर कर्मचारी रखकर काम चलाया जा रहा है। आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से इन कर्मचारियों को रखा जाता है पर श्रम कानूनों के तहत लाभ नहीं दिए जाने की शिकायतें लगातार सामने आती हैं। आउटसोर्स एजेंसियों को पंजीयन लाइसेंस जरूरी इस समस्या को देखते हुए श्रम विभाग ने सभी विभाग प्रमुखों को आदेश दिए हैं कि आउटसोर्स एजेंसियों का पंजीयन कर लाइसेंस लेना अनिवार्य किया जाए। ताकि श्रम कानूनों का उल्लंघन हो तो कार्रवाई की जा सके। नहीं मिल रहा सभी को लाभ वहीं, प्रदेश के शासकीय और अर्द्धशासकीय कार्यालयों में आउटसोर्स कर्मचारियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। नए आदेश से आउटसोर्स कर्मचारी एवं श्रमिकों को श्रम आयुक्त के दर से वेतन मिलेगा। ग्रेच्युटी, बोनस, ओवरटाइम, बीमा कर्मचारी भविष्य निधि सुविधा का लाभ भी मिलेगा। कर्मचारियों ने इस फैसले को सराहनीय बताया है। गौरतलब है कि श्रम विभाग ने न्यूनतम मजदूरी की दर तय की हुई है। अकुशल श्रेणी को 9650 मासिक वेतन तय किया गया है, वहीं अर्द्धकुशल श्रेणी को 10507 मासिक, कुशल श्रेणी को 11885 मासिक जबकि उच्च कुशल श्रेणी को 13185 मासिक वेतन दिये जाने के नियम तय हैं। 3.25 लाख आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगी सरकारी कर्मचारी वाली सुविधाएं मध्य प्रदेश के सरकारी विभागों, उपक्रमों, निगम, मंडल, बिजली कंपनियों, दुग्ध सहित अन्य विभागों में कार्यरत प्रदेशबर में 3.25 लाख ठेका श्रमिकों, आउटसोर्स कर्मियों को बीमा, ग्रेच्युटी, बोनस, ओवरटाइम, भविष्य निधि (पीएफ), साप्ताहिक अवकाश समेत सभी सुविधाएं दी जाएंगी। श्रम विभाग ने इसकी गाइडलाइन तक जारी कर दी है। विभाग ने सभी विभागों, सभी संभाग आयुक्त, कलेक्टरों को निर्देश भी जारी कर दिए हैं। निर्देश न माने कंपनी तो कोर्ट जा सकेंगे कर्मचारी गाइडलाइन में विभागों को नसीहत दी गई है कि इन कर्मचारियों को सभी सुविधाएं देना अनिवार्य किया गया है। अगर कंपनी निर्देश न माने तो कर्मचारी कोर्ट जा सकेंगे। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार लगातार आउटसोर्स कर्मचारियों के हित में निर्णय ले रही है। इस नए निर्देश से ठेका और आउटसोर्स कर्मियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता और सुरक्षा का भरोसा मिलेगा। recent visitors 153

पीएम मोदी ने किया ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का आगाज, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्ट पर बदली DP

नईदिल्ली हमारा राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस बस आने को है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत कर दी है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर अपनी प्रोफ़ाइल फोटो के स्थान पर हमारे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की तस्वीर लगा दी है। इसी के साथ सबसे अपील की है कि एक बार फिर इसे जन आंदोलन का रूप दें और तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी अपलोड करें। पीएम मोदी ने देशवासियों से की अपील पीएम मोदी ने आज अपने एक्स अकाउंट पर प्रोफ़ाइल फोटो के स्थान पर तिरंगे की तस्वीर लगाकर इस साल के अभियान का आगाज़ कर दिया है। उन्होंने लोगों से इस बार भी अभियान को यादगार बनाने की अपील करते हुए लिखा है कि ‘इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस नजदीक आ रहा है, आइए फिर से हर घर तिरंगा को एक यादगार जन आंदोलन बनाएं। मैं अपनी प्रोफ़ाइल तस्वीर बदल रहा हूं और आप सभी से आग्रह करता हूं कि आप भी ऐसा करके हमारे तिरंगे का जश्न मनाने में मेरे साथ शामिल हों। और हां, अपनी सेल्फी https://hargartiranga.com पर जरूर शेयर करें।’ हर घर तिरंगा अभियान का उद्देश्य हर घर तिरंगा अभियान का मुख्य उद्देश्य देशभक्ति की भावना को जागृत करना और राष्ट्रीय ध्वज के महत्व को लोगों के दिलों में और गहरा करना है। तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं है, बल्कि यह हमारी स्वतंत्रता, संप्रभुता और लोकतंत्र का प्रतीक है। इस अभियान के तहत, लोगों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे देश के हर कोने में एकता, अखंडता और देशभक्ति का संदेश फैल सके। स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ पर हुई शुरूआत बता दें कि भारत की स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर, भारत सरकार ने एक विशेष अभियान की शुरुआत की थी, जिसका नाम “हर घर तिरंगा” है। इसके तहत प्रत्येक नागरिक से अपने घर पर तिरंगा फहराने की अपील की गई। अभियान का उद्देश्य देश के हर नागरिक को राष्ट्रीय ध्वज के प्रति गर्व और सम्मान की भावना से जोड़ना है। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस अभियान की शुरुआत 13 अगस्त 2022 को हुई और यह 15 अगस्त 2022 तक चला। इस अवधि में देशवासियों को तिरंगा खरीदने, उसे अपने घरों पर फहराने और सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। अभियान को लोगों का व्यापक समर्थन मिला और पूरे देश में लोगों ने उत्साह के साथ इसमें भाग लिया। सरकारी दफ्तरों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों ने भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हर घर तिरंगा अभियान एक सफल और प्रभावी पहल साबित हुई, जिसने देश के हर नागरिक को तिरंगे के साथ जोड़ा और उन्हें स्वतंत्रता संग्राम की उन महान कहानियों की याद दिलाई, जिन्होंने हमें आजादी दिलाई। recent visitors 116

राजा भोज एयरपोर्ट पर 1 अक्टूबर से 24 घंटे परिचालन शुरू, भोपाल से पुणे के लिए यात्रियों को नाइट फ्लाइट्स की सौगात

भोपाल  एमपी में हवाई यात्रा करने वालों को एक और सौगात मिलने वाली है। एक ओर जहां 1 अक्टूबर से भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर 24×7 परिचालन शुरू हो रहा है, वहीं यात्रियों को जल्द ही पहले दिन से ही पुणे के लिए रात के समय उड़ान सेवा की सौगात मिलेगी। उद्घाटन वाली फ्लाइट 1 और 2 अक्टूबर की रात को 1:10 बजे भोपाल में उतरने वाली है। इस मामले में भोपाल एयरपोर्ट के निदेशक रामजी अवस्थी ने बताया कि सीधी उड़ान यहां से 1:40 बजे उड़ान भरेगी। यह उड़ान सप्ताह में सातों दिन संचालित होगी। जल्द ही भोपाल को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सौगात भी मिलेगी। इस नई उड़ान की शुरुआत भोपाल और भारत के अन्य प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समय अनुसार कर सकेंगे सफर अवस्थी ने आगे कहा कि राजा भोज एयरपोर्ट से पुणे के लिए रात्रि उड़ान सेवा की शुरुआत एयरपोर्ट के चौबीसों घंटे परिचालन में बदलाव का परिणाम है। इस कदम से भोपाल और उसके आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन और व्यापार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा है। देर रात की उड़ानों की उपलब्धता यात्रियों को उनकी यात्रा योजनाओं में अधिक सुविधा प्रदान करेगी। इससे वे अपने समय के अनुसार सफर कर सकेंगे। इन यात्रियों को मिलेगा फायदा पुणे एक प्रमुख औद्योगिक और शैक्षिक केंद्र होने के नाते, देश भर से बड़ी संख्या में यात्रियों को आकर्षित करता है। नई उड़ान सेवा शहर में अक्सर आने वाले व्यापारियों, छात्रों और पर्यटकों की जरूरतों को पूरा करेगी। यह मेडिकल कारणों से पुणे की यात्रा करने वालों के लिए भी एक सुविधाजनक विकल्प प्रदान करेगा। पुणे शहर अपनी उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जाना जाता है। व्यापार और पर्यटने को मिलेगा बढ़ावा अवस्थी के अनुसार राजा भोज हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत भोपाल के लिए एक और आशाजनक विकास है। यह न केवल शहर को वैश्विक मानचित्र पर लाएगा बल्कि व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए नए रास्ते भी खोलेगा। उन्होंने आगे कहा कि अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी भोपाल को विदेशी पर्यटकों के लिए और अधिक सुलभ बनाएगी। पर्यटक आसानी से आकर शहर की समृद्ध विरासत और प्राकृतिक सुंदरता का पता लगा सकेंगे। जैसे-जैसे हवाई अड्डा अपनी सुविधाओं और सेवाओं को बढ़ाना जारी रखता है, भविष्य में इससे और अधिक एयरलाइनों और डेस्टिनेशनों को आकर्षित करने की उम्मीद है। recent visitors 127

सीएम मोहन महिला सरपंच सम्मेलन में बोले, बहनों को उनके अधिकार देने का काम कर रही सरकार

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम हाउस में आयोजित ‘रानी दुर्गावती महिला सरपंच सम्मेलन एवं रक्षाबंधन कार्यक्रम’ में भाग लिया। इस अवसर पर महिला सरपंचों ने उन्हें विशाल राखी भेंट कर पर्व की शुभकामनाएँ दी। साथ ही उनकी कलाई पर भी बांधी। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद पटेल, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, राज्य मंत्री राधा यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिला सरपंच उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री निवास में हुआ रक्षाबंधन कार्यक्रम ‘रक्षाबंधन कार्यक्रम’ में सीएम डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास में सभी बहनों का स्वागत करते हुए कहा कि आज हम सब महारानी दुर्गावती के नाम पर इकट्ठे हुए हैं और बीजेपी सरकार सभी महिलाओं को उन्हीं की तरह सशक्त और मज़बूत बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘कल दस तारीख को एक साथ पूरे प्रदेश में सिंगल क्लिक के जरिए 1250 और 250 रूपये दोनों राशि मिलाकर बहनों के खाते में 1500 रूपये खाते में अंतरित किए जाएँगे। 1 करोड़ 49 लाख लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन का उपहार दिया जाएगा। ये उनके मुँह पर तमाचा है जो कहते थे कि योजना बंद हो जाएगी। हम योजना बंद नहीं कर रहे बल्कि राखी का त्यौहार मनाने के लिए बहनों को 250 रूपए अतिरिक्त राशि दी जा रही है। हमने अपने संकल्प पत्र में जो जो वादे किए थे, वो सब पूरे किए जाएँगे। हमारे सारे जनप्रतिनिधि कल से लेकर रक्षाबंधन तक प्रदेशभर में बहनों से राखी बंधवाएँगे।‘ मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती के वीरता के इतिहास का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बहनों के लिए विभिन्न योजनाएं लाए। उज्ज्वला से लेकर तमाम ऐसी योजनाएं हैं। 450 रुपये में गैस सिलेंडर दिया जा रहा है। 11500 करोड़ रूपये की राशि लाडली बहनों के खाते में दिए। लाडली बहना के 1250 रूपये और 250 रूपये रक्षा बंधन मानने के लिए बहनों को देंगे। जो संकल्प पत्र ने कहा है वह सभी वादे पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व में केवल भारत ही है जो भारत माता धरती माता को पूजता है। उल्लेखनीय है कि प्रदेशभर में सरकार रक्षाबंधन की थीम पर विभिन्न महिला सम्मेलनों का आयोजन कर रही है। मुख्यमंत्री आवास में भी अलग-अलग समूहों को बुलाया जा रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को महिला सरपंच आई हैं। महिला सरपंचों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से संवाद किया। इस मौके पर महिला सरपंच मुख्यमंत्री को राखी भी बांधेंगी। कयास लगाए जा रहे हैं कि सम्मेलन के दौरान मंच से सीएम डॉ. मोहन यादव महिला सरपंचों के हित में कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं। ‘शादी या अन्य अवसर पर अनावश्यक खर्च न करें’ इस दौरान उन्होंने उपस्थित महिलाओं सहित सभी लोगों से कहा कि अनावश्यक खर्चों में कटौती करें।  मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सरकार की भावना ये है कि गरीब से गरीब बहनों के घर में भी सभी सरकारी योजनाएँ पहुँचे। सभी ये आह्वान करें कि हमें फ़ालतू खर्च भी कम करने का संकल्प लेना है। कई बार हम ज़मीन बेचकर भी तेरहवीं जैसे आयोजन करते हैं। लेकिन हमें ये नहीं करना है। पैसा बचाकर अपनी बहन बेटी बेटे को पढ़ाए। शादी में भी हमें अनावश्यक खर्च नहीं करना है।’ सीएम मोहन यादव ने उदाहरण देते हुए कहा कि ‘मेरे बेटे की शादी में भी वर वधू दोनों पक्ष मिलाकर सिर्फ़ सौ लोग ही मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि विवाह में फ़ालतू खर्च रोकना चाहिए। जब चुने हुए जनप्रतिनिधि ये करेंगे तो समाज में नीचे तक ये संदेश जाता है। इस अवसर पर उन्होंने सरपंचों से कहा कि देवउठवी एकादशी के बाद आप पंचायत में जनपद में बड़े सामूहिक विवाह का आयोजन करें। सरकारी पैसे से विवाह कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ ताकि लोगों की मेहनत का पैसा बचे और वो अनावश्यक खर्च न करें और उनपर क़र्ज़ न हो।’ उन्होंने कहा कि आज हमें ये संकल्प लेना है कि शादी-ब्याह या मृत्यु होने पर अनावश्यक खर्च नहीं करना है। अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए खर्च करना है और इसमें सरकार भी सहयोग करेगी। हमारे बाद की पीढ़ी आगे बढ़ना चाहिए। हम सब संकल्प लें कि अपने परिवार में ये माहौल बनाएँगे और इसे आंदोलन का रूप देंगे। बहनों ने मुख्यमंत्री को भेंट की 40 फीट की राखी मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सभी से ‘हर घर तिरंगा अभियान’ को सफल बनाने का आह्नान भी किया। उन्होंने कहा कि सब अपने अपने क्षेत्र में सभी जगह तिरंगा लगवाएँ और सुनिश्चित करें कि उनकी पंचायत में हर घर में तिरंगा लगे। सीएम ने कहा कि रक्षाबंधन के बाद हम जन्माष्टमी भी धूमधाम से मनाएँगे। श्रीकृष्ण के जन्म का पर्व हम सब मिलकर वृहद् स्तर पर मनाएँगे। इस रक्षाबंधन कार्यक्रम में वहाँ मौजूद बहनों ने सीएम मोहन यादव को 40 फीट की राखी भेंट की। इसी के साथ महिलाओं ने उनकी कलाई पर भी राखी बांधी। recent visitors 92

हॉकी प्लेयर विवेक सागर को ₹1 करोड़ देगी मोहन सरकार, सीएम डॉ. मोहन ने वीडियो कॉल पर की बात

भोपाल  मध्‍य प्रदेश सरकार ओलंपिक खेलों में कांस्‍य पदक विजेता भारतीय हाॅकी टीम के सदस्‍य विवेक प्रसाद सागर को एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। उल्‍लेखनीय है कि विवेक प्रसाद सागर मध्‍य प्रदेश के इटारसी के निवासी हैं। मुख्‍यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज ओलंपिक खेलों में कांस्य पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी मध्यप्रदेश के गौरव विवेक प्रसाद सागर से वीडियो कॉल के माध्यम से बात कर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्‍होंने इस दौरान कहा कि मध्य प्रदेश सरकार की ओर से विवेक को एक करोड़ रुपए दिए जाएंगे। मुख्‍यमंत्री ने यह भी कहा कि जिस लगन और परिश्रम से टीम ने देश को गौरवान्वित किया है, वह प्रशंसनीय है। उल्‍लेखनीय है कि कल पेरिस में ओलंपिक खेलों की हॉकी स्‍पर्धा में भारतीय टीम ने स्‍पेन को 2-1 से पराजित कर कांस्‍य पदक अपने नाम किया। विवेक भी इस टीम के सदस्‍य थे। भारतीय टीम ने लगातार दूसरी बार ओलंपिक खेलों में हॉकी का कांस्‍य पदक अपने नाम किया है। मप्र पुलिस में डीएसपी विवेक प्रसाद सागर इटारसी से 15 किलोमीटर दूर गांव शिवनगर चांदौन के निवासी हैं। कल उनके गांव में भी जीत का जश्‍न मनाया गया। विवेक दूसरी बार ओलिंपिक में मध्यप्रदेश से प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इससे पहले टोक्यो ओलिंपिक 2020 में भी भारतीय हॉकी टीम ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। भारत ने लगातार दूसरे ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने का रिकॉर्ड 52 साल बाद बनाया है। जीत के बाद विवेक सागर ने सभी के सपोर्ट के लिए धन्यवाद किया है। भारतीय हॉकी टीम ने पेरिस ओलिंपिक 2024 में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा, ''पेरिस ओलंपिक्स में कांस्य पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी, हमारे मध्य प्रदेश के गौरव श्री विवेक सागर प्रसाद जी को वीडियो कॉल के माध्यम से बातकर बधाई और शुभकामनाएं दीं. मध्य प्रदेश सरकार की ओर से विवेक को 1 करोड़ रुपए दिए जाएंगे.'' बता दें कि ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी हॉकी टीम के लिए प्राइज मनी की घोषणा की है. उन्होंने भारतीय टीम के डिफेंडर अमित रोहिदास को 4 करोड़ रुपए की प्राइज मनी देने का ऐलान किया है. इसके साथ बाकी टीम के खिलाड़ियों को 15-15 लाख रुपए देने की घोषणा की है. सपोर्ट स्टाफ को भी 10 लाख रुपए मिलेंगे. विवेक की मां ने शिव मंदिर में की पूजा चांदौन में विवेक सागर प्रसाद के घर जश्र मनाने के बाद उनकी मां कमलादेवी शिव मंदिर पहुंचीं और पूजा-अर्चना की। बहन पूजा की खुशी का ठिकाना नहीं है। भाई विद्यासागर ने बताया कि विवेक को वीडियो कॉल किया था। शोर बहुत था, बात नहीं हो सकी, केवल वीडियो कॉल पर खुशियां शेयर कीं, रात में बात हो सकेगी। पिता बोले- पहले मैं उसे आगे जाने नहीं दे रहा था हॉकी टीम की जीत में विवेक की कितनी मेहनत रही? इस पर उनके पिता रोहत सागर ने कहा कि विवेक ने मेहनत की है। पहले मैं उसे हॉकी के लिए आगे जाने नहीं दे रहा था फिर एमपी अकादमी में उसका चयन के बाद विवेक को सपोर्ट करने लगा। भारतीय टीम के जीतने से वह बेहद खुश हैं। उनके गांव और शहर में हॉकी खिलाड़ियों में भारत की जीत को लेकर उत्साह है। भाई ने कहा- सोचा था, इस बार मेडल का रंग बदलेगा विवेक सागर के भाई विद्या सागर ने कहा कि ब्रॉन्ज मेडल जीता है, खुशी की बात है। इस बार सोचा था मेडल का रंग बदलेगा, लेकिन सेमीफाइनल को अचीव नहीं कर पाए। सेमीफाइनल में एक गोल से हार मिली। कल का मैच में पेनाल्टी शूट के बाद जीत मिली है। लगातार दूसरी बार ब्रॉन्ज मेडल मिला है। विवेक ने कहा था- हॉकी में मेहनत के साथ अनुशासन जरूरी 2020 में तत्कालीन सीएम शिवराज ने भोपाल में विवेक को डीएसपी बनाने की घोषणा की। इसके बाद विवेक ने कहा था- मैं अपने माता-पिता के लिए पक्की छत का इंतजाम करना चाहता हूं। मप्र की हॉकी अकादमी विश्व की सबसे अच्छी अकादमी है। मैं 2013 में यहां छोटे से गांव से आया था। आप लोग भी आगे जा सकते हैं। मेहनत के अलावा अनुशासन भी जरूरी है। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए पिता पढ़ाना चाहते थे इटारसी के चांदौन गांव के रहने वाले विवेक जब छोटा था। तब परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए पिता को विवेक का हॉकी खेलना पसंद नहीं था। वे चाहते थे कि विवेक पढ़ाई पर ध्यान लगाए और पढ़-लिखकर इंजीनियर बने, लेकिन विवेक को हॉकी खेलने का जुनून चढ़ चुका था। वह चांदौन से इटारसी आते और ग्राउंड पर हॉकी खेलना सीखने लगे। कई बार तो दोस्तों से स्टिक लेकर प्रैक्टिस करते। उनकी इस लगन को देखते हुए मां कमला देवी, बड़े भाई विद्या सागर, बहन पूनम और पूजा सपोर्ट करने लगे। अकोला टूर्नामेंट में हॉकी खेलते समय विवेक पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के बेटे अशोक कुमार की नजर पड़ी थी। उन्होंने विवेक के खेल को देखकर एमपी एकेडमी जॉइन करने का ऑफर दिया था। 13 साल की उम्र में विवेक ने हॉकी एकेडमी जॉइन कर ली थी। हालांकि, बाद में पिता ने भी विवेक का खूब साथ दिया। इसके बाद अकेडमी में आकर विवेक का खेल और निखरने लगा। recent visitors 131