रक्षाबंधन का उपहार देने का किया वादा, छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री ने बहनों से बांधवाई राखी

रायपुर. आज मुख्यमंत्री जनदर्शन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मिलने दो बहनें आईं। उन्होंने कहा कि  रक्षाबंधन से पहले जनदर्शन में आए हैं इसलिए पहले राखी बांधेंगी। रिशी अग्रवाल और सिद्धका गोस्वामी  बिलासपुर और बेमेतरा से मुख्यमंत्री के लिए राखी लेकर आई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। रिशी ने बताया कि उनके पिता डॉ जे पी वर्मा शासकीय महाविद्यालय बिलासपुर में प्रोफेसर के पद पर थे। उनका निधन हो गया उन्हें अनुकंपा नियुक्ति उनकी शिक्षा के मुताबिक मिले तो अच्छा लगेगा और उन्होंने तृतीय श्रेणी के पद के लिए आग्रह किया। इसी तरह सिद्धिका गोस्वामी ने बताया कि वे परपोडी बेमेतरा से हैं। उनके पिता गोडमर्रा विद्यालय में टीचर थे उनका निधन हो गया और अब अनुकंपा नियुक्ति के लिए उन्होंने आवेदन दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप राखी के पूर्व मेरे लिए राखी लेकर आई है और आपने मेरे हाथों में राखी बांध दिया। छत्तीसगढ़ की सभी बहनों का स्नेह मुझ पर है।रक्षाबंधन का तोहफा मैं आपको अनुकंपा नियुक्ति के रूप में जल्दी प्रेषित करूंगा। recent visitors 73

RBI ने FY25 के लिए इकनॉमिक ग्रोथ और इन्फ्लेशन के अनुमान को कायम रखा

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में हुई मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी के फैसलों का गुरुवार को ऐलान किया। आरबीआई ने इसके साथ ही देश की इकोनॉमी पर भी कई अहम जानकारी दी। आरबीआई ने सामान्य मानसून के पूर्वानुमान के बीच चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7.2 प्रतिशत पर कायम रखा है। रिजर्व बैंक ने खुदरा महंगाई दर के अनुमान को भी 4.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। शक्तिकांत दास ने कहा कि दीर्घकालिक भू-राजनीतिक तनाव, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और भू-आर्थिक विखंडन के कारण नकारात्मक जोखिम उत्पन्न हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2024-25 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पहली तिमाही में वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 7.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 7.3 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। मानसून में तेजी से महंगाई में कुछ राहत की उम्मीद आरबीआई गवर्नर ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। गवर्नर ने महंगाई पर कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून में तेजी से खाद्य महंगाई में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। बुवाई में अच्छी प्रगति हुई है और अनाज का भंडार (बफर स्टॉक) अपने स्टैंडर्ड से ज्यादा बना हुआ है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वैश्विक खाद्य कीमतों में मार्च, 2024 से बढ़ोतरी दर्ज करने के बाद जुलाई में कमी के संकेत मिले हैं। चालू वित्त वर्ष में 4.5 प्रतिशत महंगाई दर का अनुमान गवर्नर ने कहा कि सामान्य मानसून के पूर्वानुमान और पहली तिमाही में 4.9 प्रतिशत महंगाई को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2024-25 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति के 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। ये दूसरी तिमाही में 4.4 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 4.7 प्रतिशत तथा चौथी तिमाही में 4.3 प्रतिशत रहेगी। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति अपेक्षा से ज्यादा रहने के कारण जून, 2024 में मुख्य सीपीआई मुद्रास्फीति बढ़कर 5.1 प्रतिशत हो गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘ बैंकों और कॉरपोरेट का स्वस्थ बही-खाता, सरकार द्वारा पूंजीगत व्यय पर जोर तथा निजी निवेश में तेजी के स्पष्ट संकेत निश्चित निवेश को बढ़ावा देंगे। वैश्विक व्यापार की संभावनाओं में सुधार से बाहरी मांग में मदद मिलने की उम्मीद है।’’ दास ने कहा कि हालांकि, दीर्घकालिक भू-राजनीतिक तनाव, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में अस्थिरता तथा भू-आर्थिक विखंडन के कारण नकारात्मक जोखिम उत्पन्न हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2024-25 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। पहली तिमाही में वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 7.2 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 7.3 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत (दोनों ओर घट-बढ़ के साथ) रहने का अनुमान है। मुद्रास्फीति पर दास ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून में तेजी से खाद्य मुद्रास्फीति में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। बुवाई में अच्छी प्रगति हुई है और अनाज का भंडार (बफर स्टॉक) मानक से अधिक बना हुआ है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वैश्विक खाद्य कीमतों में मार्च, 2024 से वृद्धि दर्ज करने के बाद जुलाई में कमी के संकेत मिले हैं। गवर्नर दास ने कहा कि सामान्य मानसून के पूर्वानुमान और पहली तिमाही में 4.9 प्रतिशत मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए…वित्त वर्ष 2024-25 के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति के 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह दूसरी तिमाही में 4.4 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 4.7 प्रतिशत तथा चौथी तिमाही में 4.3 प्रतिशत रहेगी। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति 4.4 प्रतिशत (दोनों ओर घट-बढ़ के साथ) रहने का अनुमान है। दास ने कहा कि खाद्य मुद्रास्फीति अपेक्षा से अधिक रहने के कारण जून, 2024 में मुख्य सीपीआई मुद्रास्फीति बढ़कर 5.1 प्रतिशत हो गई। उन्होंने कहा कि ईंधन की महंगाई लगातार दसवें महीने कम हुई और मई तथा जून में कुल मुद्रास्फीति ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गई। खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतों का सिलसिला जुलाई में भी जारी रहने की संभावना है। हालांकि, अनुकूल आधार प्रभाव से माह के दौरान मुख्य मुद्रास्फीति में गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि दूध की कीमतों और मोबाइल शुल्क में संशोधन के प्रभाव पर नजर रखने की जरूरत है। दास ने कहा, ‘‘ हमें यह सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रहने की आवश्यकता है कि मुद्रास्फीति तय लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ती रहे, साथ ही वृद्धि को भी समर्थन मिले। यह दृष्टिकोण सतत उच्च वृद्धि के लिए सकारात्मक होगा।’’ ऐतिहासिक निचले स्तर पर आई कुल मुद्रास्फीति उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधन की महंगाई लगातार 10वें महीने कम हुई और मई-जून में कुल मुद्रास्फीति ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गई। खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतों का सिलसिला जुलाई में भी जारी रहने की संभावना है। हालांकि, अनुकूल आधार प्रभाव से महीने के दौरान मुख्य मुद्रास्फीति में गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि दूध की कीमतों और मोबाइल टैरिफ में संशोधन के प्रभाव पर नजर रखने की जरूरत है। recent visitors 77

नाग पंचमी का दिन के दिन पूजन का सबसे उत्तम मुहूर्त

सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस साल नाग पंचमी 9 अगस्त 2024, शुक्रवार को है। आमतौर पर यह त्योहार हरियाली तीज के दो दिन बाद आता है। इस पर्व में भगवान शिव, माता पार्वती व नाग देवता की पूजा की जाती है। इस साल नाग पंचमी पर सिद्ध व साध्य योग बनने से इस दिन का महत्व बढ़ रहा है। सिद्ध व साध्य योग का महत्व- सिद्ध योग नाग पंचमी के दिन दोपहर 01 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। इसके बाद साध्य योग शुरू होगा, जो कि 10 अगस्त को दोपहर 02 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगा। पंचमी तिथि कब से कब तक : पंचमी तिथि 09 अगस्त 2024 को सुबह 12 बजकर 36 मिनट से प्रारंभ होगी, जो कि 10 अगस्त 2024 को सुबह 03 बजकर 14 मिनट पर समाप्त होगी। नाग पंचमी पूजन मंत्र- सर्वे नागाः प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले। ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिवि संस्थिताः॥ ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिनः। ये च वापीतडगेषु तेषु सर्वेषु वै नमः॥ नाग पंचमी के दिन बनने वाले चौघड़िया मुहूर्त- लाभ – उन्नति: 07:26 ए एम से 09:06 ए एम अमृत – सर्वोत्तम: 09:06 ए एम से 10:46 ए एम शुभ – उत्तम: 12:26 पी एम से 02:05 पी एम नाग पंचमी पूजा मुहूर्त: नाग पंचमी के दिन पूजन के 02 घंटे 40 मिनट का मुहूर्त सबसे उत्तम माना जा रहा है। नाग पंचमी पूजन मुहूर्त सुबह 05 बजकर 46 मिनट से सुबह 08 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। नाग पंचमी के दिन इन कार्यों को करने से बचें: हिंदू धर्म मान्यताओं के अनुसार, नाग पंचमी के दिन जमीन की खुदाई करने से बचना चाहिए। इस दिन धरती पर हल भी नहीं चलाया जाता है। कहते हैं कि इस दिन तवा और कढ़ाई आग पर चढ़ाना अशुभ होता है। recent visitors 83

सिंधिया की जगह कौन जाएगा राज्यसभा ? 3 सितंबर को होगा चुनाव ?

गुना केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya sindhiya) के राज्यसभा (Rajyasabha) से इस्तीफा देने के बाद राज्यसभा की एक सीट खाली हो गई थी. जिस पर अब निर्वाचन आयोग (election commission of india) जल्द ही चुनाव कराने वाला है. चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सवाल उठ रहा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) मध्य प्रदेश के कोटे से किसे राज्यसभा भेजती है. इस रेस में कई सारे नाम इस समय चल रहे हैं. लेकिन, दांव किस नाम पर लगेगा? ये बड़ा सवाल है. आइये इस सवाल को समझने की कोशिश करते हैं. आपको बता दें लोकसभा चुनाव में गुना लोकसभा सीट (Guna Loksabha) से ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya sindhiya0 को टिकिट दिया गया था. इस सीट से प्रचंड जीत के बाद उन्हें मोदी कैबिनेट में जगह मिली. जिसके बाद उन्होंने राज्यसभा सीट से इस्तीफा दे दिया. जिस सीट से सिंधिया राज्यसभा सांसद थे. उस सीट का कार्यकाल ढेड़ साल से भी अधिक का बचा हुआ है. ऐसे में इस सीट पर एक बार फिर चुनाव होने वाले हैं. अंक गणित में बीजेपी मजबूत है तो साफ तौर पर ये सीट एक बार फिर बीजेपी के पाले में जाएगी. बीजेपी किसे बनाएगी अपना प्रत्याशी? खाली हुई राज्यसभा सीट पर प्रदेश के कई दावेदार नजर आ रहे हैं. कई नाम काफी तेजी से चर्चा में हैं. लेकिन इन सब में सबसे ज्यादा मजबूती से केपी यादव (KP YADAV) का नाम सामने आ रहा है. ऐसा इसलिए क्योंकि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने गुना लोकसभा सीट से प्रत्याशी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पक्ष में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था, "गुना वालों को दो नेता मिलेंगे" "एक ज्योतिरादित्य सिंधिया और दूसरे केपी यादव, केपी की चिंता आप मुझ पर छोड़ दो" "अब केपी यादव को आगे बढ़ाने का काम हमारा है"   26 अप्रैल को गुना में एक चुनाव प्रचार रैली को संबोधित करते हुए, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संकेत दिया था कि केपी सिंह यादव के 'राजनीतिक भविष्य' के बारे में किसी को चिंतित होने की ज़रूरत नहीं है। शाह ने कहा कि बीजेपी यादव को बड़ी जिम्मेदारी देगी। केंद्रीय गृह मंत्री शाह का वादा राजनीतिक हलकों में कई लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि शायद सिंधिया और यादव के बीच साफ-सुथरी अदला-बदली होगी। सिंधिया लोकसभा में जाएंगे, जबकि यादव राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री का स्थान लेंगे। हालांकि, मध्य प्रदेश में बीजेपी के दावेदारों के लिए एक बड़ी बाधा है। हमारे सहयोगी समाचार पत्र टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए, राज्य के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, 'मध्य प्रदेश में 163 विधायकों के साथ हमारी सरकार है, राज्य के सभी 29 लोकसभा सांसद भाजपा से हैं और यहां से पांच केंद्रीय मंत्री हैं। तमिलनाडु, तेलंगाना जैसे ऐसे राज्य हैं जहां हमारा प्रतिनिधित्व बहुत कम है। साथ ही, हमारे स्मृति ईरानी और अर्जुन मुंडा जैसे पूर्व केंद्रीय मंत्री भी हैं जो हार गए। अभी यह अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की जगह किसे राज्यसभा भेजा जाएगा। संभावना यह है कि इस सीट का इस्तेमाल उस राज्य को प्रतिनिधित्व देने के लिए किया जा सकता है जहां भाजपा के पास ज्यादा सांसद नहीं हैं।' राज्यसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव की तारीख का ऐलान होने के साथ ही मध्यप्रदेश में इस बात की चर्चाएं जोर पकड़ने लगी हैं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की सीट पर आखिर कौन से नेता को राज्यसभा भेजा जाएगा? मध्य प्रदेश में वर्तमान में विधानसभा में सदस्य संख्या के हिसाब से देखा जाए तो खाली होने वाली राज्यसभा की सीट फिर भाजपा के खाते में जाना तय मानी जा रही है। सिंधिया की जगह कौन जाएगा राज्यसभा ?   ज्योतिरादित्य सिंधिया के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद राज्यसभा में रिक्त हुई सीट पर आखिर कौन राज्यसभा जाएगा ये सवाल अब मध्यप्रदेश के राजनीतिक गलियारों में तेजी से उठ रहा है। कुछ दिग्गज नेताओं के नाम की सुगबुगाहट भी चल रही है तो चलिए आपको बताते हैं उन दिग्गज नेताओं के बारे में जिनके नाम की चर्चाएं जोरों पर हैं। केपी यादव– सबसे पहला नाम केपी यादव का है। गुना-शिवपुरी सीट पर ज्योतरादित्य सिंधिया को चुनाव हराने वाले केपी यादव को 2024 के लोकसभा चुनावों ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए अपनी सीट खाली करनी पड़ी थी। लोकसभा चुनाव में गृहमंत्री अमित शाह ने गुना की जनसभा में केपी समर्थकों से निराश न होने की अपील करते हुए उनके नेता को उपयुक्त जिम्मेदारी देने का वादा किया था। ऐसे में उम्मीद है कि राज्यसभा का उपचुनाव शाह के वादे को पूरा करने का उपयुक्त समय साबित होगा। नरोत्तम मिश्रा– मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम भी इस सीट के लिए चर्चाओं में है। विगत विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के लाखों नेताओं और कार्यकर्ताओं को भाजपा में शामिल करने में अहम भूमिका निभाने वाले नरोत्तम मिश्रा को भी पार्टी हाईकमान बड़ी जिम्मेदारी दे सकता है। जयभान सिंह पवैया- भाजपा के वरिष्ठ नेता जयभान पवैया का नाम भी उन नेताओं में शामिल बताया जा रहा है जो कि राज्यसभा जा सकते हैं। हिंदुत्ववादी चेहरे क तौर पर पवैया संघ के करीबी भी हैं। सुरेश पचौरी– लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले कांग्रेस का हाथ छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले पूर्व मंत्री सुरेश पचौरी के नाम की चर्चाएं भी राजनीतिक गलियारों में उठ रही हैं। ये राज्यसभा सदस्य चुनकर पहुंचे लोकसभा राज्यसभा की जिन 12 सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान किया गया है बता दें कि उनमें से 10 सीटें तो राज्यसभा सांसदों के लोकसभा चुनाव जीतने के कारण खाली हुई हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (महाराष्ट्र), दीपेंद्र सिंह हुडा (हरियाणा), ज्योतिरादित्य सिंधिया (मध्य प्रदेश), कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल (राजस्थान), राजद की मीसा भारती (बिहार), भाजपा के नवादा से सांसद विवेक ठाकुर (बिहार), असम से कामाख्या प्रसाद तासा और सर्बानंद सोनोवाल हैं। इनके अलावा त्रिपुरा से बिप्लब कुमार देब भी लोकसभा चुनाव जीतने वालों में शामिल हैं। इनके इस्तीफे से ये सीटें खाली हुई हैं।इनके अलावा बीआरएस सांसद के.केशव राव ने 5 जुलाई को और बीजेडी सांसद ममता मोहंता ने 31 जुलाई को राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था। recent visitors 67

कुंभराज रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा टला, 60 वर्ष पुरानी बिल्डिंग गिरी

गुना  गुना जिले में गुरुवार सुबह 5 बजे कुंभराज रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग गिर गई. गनीमत रही कि बिल्डिंग गिरने से कोई यात्री हताहत नहीं हुआ वरना बड़ा हादसा हो सकता था. कुंभराज स्टेशन भवन क्षतिग्रस्त होने के बाद से यात्री सुबह से बिना टिकट यात्रा कर रहे है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बिल्डिंग क्षतिग्रस्त होने से टिकट वितरण का काम रुक गया है. करीब 60 साल पुराने कुंभराज रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग गुरुवार को अचानक भरभराकर गिर गई. हादसे में किसी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है. हालांकि हादसे के बाद से कुंभराज स्टेशन से साबरमती, कोटा-इंदौर, नागदा-बीना जैसी ट्रेनों में रेल यात्री बिना टिकट यात्रा कर रहे हैं. टिकट काउंटर बंद होने की वजह से यात्री बिना टिकट के ही यात्रा करने पर मजबूर हैं। इंदौर से गुना आने-जाने वाली ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्री टिकट नहीं ले पा रहे हैं। सूचना मिलने पर रेलवे के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। फिलहाल बिल्डिंग को खाली कराया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक सुबह 5 बजे हादसे से रेल स्टेशन पर पहुंचने वाले सकते में आ गए. कुंभराज स्टेशन से विभिन्न स्टेशनों की ओर यात्रा करने वाले रेल यात्री स्टेशन बिल्डिंग गिरने के बाद भी यात्री जारी रखी, लेकिन टिकट वितरण केंद्र बिल्डिंग के साथ क्षतिग्रस्त हो गया इसलिए सभी यात्रियों ने बिना टिकट अपने गंतव्य की ओर गए. recent visitors 88

Uzbekistan-Sri Lanka के साइबर ठगों के निशाने पर MP के कलेक्टर और IAS

भोपाल मध्यप्रदेश के कलेक्टर (आईएएस अफसर) साइबर ठगों के निशाने पर हैं। बीते दो दिन में साइबर ठगों ने प्रदेश के 6 कलेक्टरों के नाम पर ठगी करने की कोशिश की है। ये कलेक्टर जबलपुर, धार, सिवनी, उमरिया, शहडोल और शिवपुरी के हैं।  सायबर फ्रॉड के नए-नए तरीके ईजाद कर ये ठग किसी को भी चपत लगा सकते हैं. पिछले कुछ समय से व्हाट्सएप नंबर से कॉल करने लोगों को झांसा देकर रुपयों की डिमांड कर राशि ऐंठी जा रही है. अब सायबर ठगों के निशाने पर शहडोल कलेक्टर भी आ गए. शहडोल कलेक्टर तरुण भटनागर के नाम से फर्जी व्हाट्सएप डीपी लगाकर लोगों से पैसों की डिमांड की जा ही है. जबलपुर कलेक्टर का पहले भी फेसबुक अकाउंट हैक हो चुका है। इससे पहले लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के नाम से भी फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर ठगी करने की कोशिश की गई थी। 6 अफसरों से कैसे ठगी की कोशिश की गई…पढ़िए ये रिपोर्ट भोपाल में पदस्थ एडीएम रघुवंशी को भेजा मैसेज 7 अगस्त को ‎शिवपुरी कलेक्टर चौधरी के नाम से बने फेक वाट्सएप‎ अकाउंट से भोपाल में पदस्थ एवं तत्कालीन शिवपुरी एडीएम ‎विवेक रघुवंशी के पास मैसेज पहुंचा। हाय, हैलो का मैसेज‎ दूसरे वाट्सएप नंबर से मिला तो एडीएम रघुवंशी ने तुरंत ही ‎कलेक्टर चौधरी से उनके व्यक्तिगत नंबर पर संपर्क किया। इस ‎बात का कलेक्टर शिवपुरी काे पता चला तो उन्होंने कहा कि‎ उन्होंने दूसरा कोई वाट्सएप अकाउंट नहीं बनाया है। कलेक्टर ने कहा कि मेरे नाम से किसी‎ ने फर्जी अकाउंट बना लिया है।‎ यदि किसी को मैसेज रिसीव होता है तो ‎तुरंत रिपोर्ट करें और नंबर को ब्लॉक कर‎ दें।‎ अब बात जबलपुर कलेक्टर की 7 अगस्त को जालसाजों ने कलेक्टर दीपक सक्सेना के नाम से उनके रिश्तेदार से 25 हजार की ठगी की है। ठग ने साइबर फ्रॉड करते हुए वाट्सएप पर कलेक्टर दीपक की फोटो लगाई। फिर कई रिश्तेदारों को मैसेज किया। झांसे में आकर एक रिश्तेदार ने 25 हजार ट्रांसफर भी कर दिए गए। दीपक सक्सेना को ठगी का पता चला तो हैरान हो गए। सक्सेना ने फर्जी फेसबुक आईडी ब्लॉक कर आरोपी की तलाश के निर्देश साइबर सेल को दिए हैं। कलेक्टर ने अपनी फेसबुक आईडी पर फेक लिखते हुए कहा है कि अज्ञात नंबर से उनकी प्रोफाइल फोटो लगाकर लोगों से संपर्क किया जा रहा है। जिससे लोगों को धोखा हो रहा है। उन्होंने कहा है कि इन नंबरों का कलेक्टर जबलपुर से कोई संबंध नहीं है। नंबर फर्जी हैं। शहडोल कलेक्टर ने अपील में क्या कहा यह मामला जब कलेक्टर के सामने आया तो उन्होंने ने लोगों से विशेष अपील की. शहडोल कलेक्टर तरुण भटनागर ने फर्जी व्हाट्सएप नंबर के माध्यम से पैसों की डिमांड करने के मामले में संज्ञान लेकर सोशल मीडिया पर हुई चैटिंग पोस्ट की और जिले के नागरिकों से अपील की है "यदि कोई मैसेज आता है तो सतर्क रहें. उनकी बातों में नहीं आए. अपने बैंक खाता एवं पहचान से संबंधित जानकारी बिल्कुल भी साझा ना करें." इसकी जानकारी कलेक्टर ने जनसंपर्क विभाग में भी साझा की. सायबर ठगों से सावधान रहने की जरूरत गौरतलब है कि इन दिनों सोशल मीडिया और ऑनलाइन के माध्यम से नए तरीके के क्राइम सामने आ रहे हैं. सायबर फ्रॉड की घटनाएं रोज सामने आ रही हैं. फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर पैसे मांगने का यह मामला नया नहीं है लेकिन जिस तरह से अब अधिकारी भी निशाने पर आ रहे हैं, यह मामला काफी गंभीर है. इसलिए लोगों को बहुत सचेत रहने की जरूरत है. क्योंकि जरा सी असावधानी आपके बैंक अकाउंट को साफ कर सकती है. ऐसे ठगी को दिया गया अंजाम वाट्सएप नंबर (94785265198) पर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा का फोटो लगा हुआ था। साथ ही नंबर पर नाम IAS मिश्रा लिखा था। इसके बाद कुछ लोगों को मैसेज भी किए गए। इसमें लिखा था कि मुझे कुछ पैसे चाहिए। कृपया आप मेरे लिए तत्काल करें क्योंकि मैं वर्तमान में सीमित फोन कॉल के साथ एक बहुत ही अहम बैठक में भाग ले रहा हूं। इस तरह के मैसेज आने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। कलेक्टर मिश्रा ने इसको लेकर एक अलर्ट जारी करवाया हैं। कलेक्टर के अनुसार वाट्सएप के माध्यम से लोगों से अज्ञात व्यक्ति के द्वारा मैसेज किए जा रहे है। इस तरह की धोखाधड़ी से सावधान रहे। पैसे ट्रांसफर करने के मैसेज की रिपोर्ट करें। श्रीलंका का नंबर इस्तेमाल किया गया बुधवार दोपहर के समय नंबर को लेकर सूचना साइबर क्राइम ब्रांच को मिली हैं। जिसमें एक स्क्रीनशॉट्स भी दिया गया है। मामला कलेक्टर से जुड़ा होने के कारण तुरंत पुलिस हरकत में आई और नंबर की जानकारी जुटाई जा रही है। जानकारी सामने आई हैं कि नंबर श्रीलंका से चलाया जा रहा है। साइबर क्राइम ब्रांच पुलिस कर रही जांच इस मामले में साइबर क्राइम ब्रांच पुलिस टीम जांच कर रही है। पुलिस को तकनीकि संसाधनों का उनयोग करने पर जानकारी मिली थी कि उक्‍त नंबर श्रीलंका से संचालित किया जा रहा है। अज्ञात व्यक्ति ने लोगों को सिर्फ नार्मल मैसेज ही किया था, कोई रुपयों की मांग की बात अभी तक जांच में सामने नहीं आई है। ऐसे में साइबर क्राइम ब्रांच टीम ने व्हाटसअप के ऑफिस पर संपर्क किया हैं, अब उक्‍त नंबर से बने व्हाटसअप के अकाउंट को ही ब्लॉक करवाया जा रहा हैं, ताकि उक्‍त नंबर को उपयोग आगे नहीं हो सके। साथ ही साइबर क्राइम ब्रांच टीम ने लोगों को जागरुक करने के लिए एडवाईजरी भी जारी की है। ऐसी ठगी को दिया अंजाम ठगों ने +9989542 229570 वाट्सएप नंबर पर कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना की फोटो लगाई। WhatsApp नंबर से कलेक्टर के कई रिश्तेदारों को मैसेज किया। मैसेज में लिखा है कि मैं जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना बोल रहा हूं। पहचान गए होंगे मुझे आप। मुझे अचानक ही 25,000 की जरूरत पड़ गई है। क्या? आप मेरी मदद कर देंगे। कलेक्टर के एक रिश्तेदार ने झांसे में UPI के जरिए 25,000 रुपए ट्रांसफर कर दिए गए।   धार कलेक्टर का मामला 7 अगस्त को ही धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के नाम से वाट्सएप पर अकाउंट बनाने का मामला सामने आया है। जिसमें अज्ञात व्यक्ति ने कलेक्टर की फोटो लगाकर कुछ मैसेज भी … Read more

RBI ने नहीं बदली आपके लोन की EMI, रेपो रेट ज्यों की त्यों

नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने रेपो रेट में एक बार फिर कोई बदलाव नहीं किया है। यह लगातार नौवां मौका है जब इसे यथावत रखा है। मंगलवार को शुरू हुई एमपीसी की मीटिंग में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रेपो रेट को एक बार फिर 6.5% पर बरकरार रखने का फैसला लिया गया है। केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार सरकार बनने के बाद एमपीसी की यह पहली बैठक और कुल 50वीं बैठक थी। दास ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति के छह सदस्यों में से चार ने नीतिगत दर को यथावत रखने के निर्णय के पक्ष में मत दिया। रेपो रेट के यथावत रहने का मतलब है कि आपके लोन की किस्त में कोई बदलाव नहीं होगा। रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई बैंकों को लोन देता है। इसके कम होने से आपके होम लोन, पर्सनल लोन और कार लोन की किस्त कम होती है। आरबीआई ने रेपो रेट आखिरी बार बदलाव पिछले साल फरवरी में किया था। तब इसे 0.25% बढ़ाकर 6.50% किया गया था। दास ने कहा कि समिति ने ग्रोथ को सुनिश्चित करने के लिए महंगाई पर फोकस करने और कीमतों में स्थिरता को सपोर्ट करने का फैसला किया है। मुख्य महंगाई के अप्रैल-मई में स्थिर रहने के बाद जून में इसमें तेजी आई। तीसरी तिमाही में महंगाई में कमी आने की उम्मीद है। ग्लोबल इकनॉमिक आउटलुक में अनईवन एक्सपेंशन दिख रहा है। कुछ देशों के केंद्रीय बैंकों में अपना पॉलिसी रुख सख्त किया है। डेमोग्राफिक शिफ्ट, जियोपॉलिटिकल तनाव और सरकारों के बढ़ते कर्ज से नई तरह की चुनौतियां पैदा हो रही हैं। उन्होंने कहा कि 2024-25 में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 फीसदी रहने का अनुमान है। इसके पहली तिमाही में 7.1%, दूसरी तिमाही में 7.2%, तीसरी तिमाही में 7.3% और चौथी तिमाही में 7.2% रहने की उम्मीद है। कब कम होगी महंगाई दास ने कहा कि एमपीसी ने उदार रुख को वापस लेने का रुख बरकरार रखा है। उन्होंने कहा कि महंगाई में व्यापक रूप से गिरावट का रुख दिख रहा है। तीसरी तिमाही में आधार प्रभाव के लाभ से कुल महंगाई नीचे आ सकती है। हालांकि उन्होंने साथ ही कहा कि महंगाई में खाने-पीने की चीजों की कीमत में तेजी अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। परिवारों की खपत से मांग में सुधार को समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि खुदरा महंगाई चालू वित्त वर्ष में 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून में तेजी से खुदरा महंगाई में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। घरेलू मांग बढ़ने से विनिर्माण गतिविधियों में तेजी जारी है और सेवा क्षेत्र की रफ्तार भी बरकरार है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम मेधा (AI) जैसी नई प्रौद्योगिकियां वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए नई चुनौतियां पेश करती हैं। क्या होता है रेपो रेट हालांकि महंगाई से जुड़ी चिंताओं और आर्थिक वृद्धि की मजबूत रफ्तार को देखते हुए इस बार भी नीतिगत ब्याज दर में किसी बदलाव की कम ही संभावना थी। ब्लूमबर्ग के एक सर्वे में भी 43 में से 42 अर्थशास्त्रियों ने रेपो रेट के यथावत रहने की बात कही थी। जून में खुदरा महंगाई चार महीनों के उच्च स्तर 5.08% पर पहुंच गई थी। खासकर सब्जियों एवं अन्य कुछ प्रमुख खाद्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से खुदरा महंगाई बढ़ी है। जुलाई में घर का बना खाना महंगा हो गया है। शाकाहारी यानी वेज थाली 11% महंगी हुई है। वहीं, नॉन-वेज थाली की कीमत में 6% की बढ़ोतरी हुई। प्याज, टमाटर और आलू जैसी सब्जियों के दाम बढ़ने से घर के खाने का खर्च बढ़ा है। जिस तरह से आप बैंकों से अपनी जरूरतों के लिए लोन लेते हैं, उसी तरह से पब्लिक और कमर्शियल बैंकों भी अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए रिजर्व बैंक से लोन लेते हैं। जिस तरह से आप कर्ज पर ब्याज चुकाते हैं, उसी तरह से बैंकों को भी ब्याज चुकाना होता है। यानी भारतीय रिजर्व बैंक की जिस ब्‍याज दर पर बैंकों को लोन देता है, वो रेपो रेट कहलाता है। रेपो रेट कम होने का मतलब बैंकों को सस्ता लोन मिलेगा। अगर बैंकों को लोन सस्ता मिलेगा तो वो अपने ग्राहकों को भी सस्ता लोन देंगे। यानी अगर रेपो रेट कम होता है तो इसकी सीधा फायदा आम लोगों को मिलता है। अगर रेपो रेट बढ़ता है तो आम आदमी के लिए भी मुश्किलें बढ़ती है। recent visitors 102