छत्तीसगढ़-मुख्यमंत्री विष्णु देव बोले-बच्चे की पहली पाठशाला है परिवार, मेगा पालक शिक्षक बैठक में पहुंचे

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बंदरचुंआ के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित मेगा पालक शिक्षक बैठक कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने पालक शिक्षक बैठक में शामिल होकर पालकों से कार्यक्रम को लेकर उनके अनुभव जाने। बच्चों के माता पिता के साथ कुछ बच्चों के दादा दादी भी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि  परिवार किसी भी बच्चे की पहली पाठशाला है और माता पिता पहले गुरु। शासकीय स्कूलों में पालक शिक्षक संवाद का कार्यक्रम शुरू किया गया है जिससे पालकों को उनके बच्चों के पढ़ाई लिखाई के बारे में जानकारी मिले और बच्चे के शैक्षणिक प्रगति में उनकी भी सहभागिता हो। उन्होंने बताया कि आज स्कूलों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत सी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने पालकों से अनुरोध किया कि अपने बच्चों के शिक्षकों से सतत संपर्क में रहें। इससे बच्चे के पढ़ाई लिखाई के बारे में जानकारी मिलेगी ही साथ ही आपकी सहभागिता से बच्चे के गलत संगत में जाने की आशंका भी नही होगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पालकों को सम्मानित भी किया। इस मौके पर स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी साढ़े पांच हजार संकुलों में मेगा पालक शिक्षक मीटिंग कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री महोदय ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में यह बात रखी कि प्राइवेट स्कूल में पीटीएम आयोजित होता है लेकिन सरकारी स्कूलों में यह नही होता है। इसे हमें लागू किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर यह पालक शिक्षक बैठक आयोजित किया जा रहा है। यह बच्चे के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाएगा। पालक शिक्षक बैठक का मुख्य उद्देश्य है पढ़ाई लिखाई और स्कूली गतिविधियों में शिक्षकों के साथ पालकों की सहभागिता हो। दादा ने बताया-मैं भी यहां से पढ़ा मेरा पोता भी यहीं से पढ़ रहा – डोंडापानी के श्री हरिसेवक चौहान ने बताया कि वे खुद इसी स्कूल से पढ़े हैं और अब उनका एक पोता यहां से पढ़कर अभी एमएससी कर रहा है। वहीं दूसरा पोता अभी जीव विज्ञान विषय के साथ कक्षा 11वीं में है। उन्होंने इस कार्यक्रम को शिक्षा गुणवत्ता बेहतर करने की दिशा में एक शानदार पहल बताया। उन्होंने कहा कि हमारे शिक्षक कहते थे मैं आपको तो पढ़ा ही रहा हूं आपके साथ आपके बच्चों की अच्छी शिक्षा का माध्यम भी बन रहा हूं क्योंकि आप शिक्षित होंगे तो आपका बच्चा भी निश्चित रूप से शिक्षित होगा। पालक शिक्षक के बीच संवाद से बच्चे के शिक्षा के स्तर की निरंतर मॉनिटरिंग होगी और उनकी नींव मजबूत होगी। इसी प्रकार फिलसिता कुजूर ने बताया कि मैं ज्यादा पढ़ी लिखी नही हूं लेकिन अपनी पोती को अच्छे से पढ़ाने लिखाने का प्रयास कर रहे हैं। पालक शिक्षक बैठक सभी पालकों को उनके बच्चों के बारे में जानकारी मिलेगी जिससे वे घर में भी बच्चों पर मेहनत कर पाएंगे। recent visitors 97

दूसरे देशों के साथ जर्मनी की वायु सेना भी पहली बार भारतीय जमीन पर सैन्य अभ्यास में शामिल हो रही है

नई दिल्ली भारतीय वायु सेना पहली बार कई देशों के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रही है. इसमें दूसरे देशों के साथ जर्मनी की वायु सेना भी पहली बार भारतीय जमीन पर सैन्य अभ्यास में शामिल हो रही है. दुनिया के कई हिस्सों से दर्जनों युद्धक विमानों का बेड़ा दक्षिण भारत के सुलुर एयरबेस पर पहुंच चुका है. मंगलवार से शुरू हो रहा यह सैन्य अभ्यास कई मामलों में अनोखा है. इसे तरंग शक्ति नाम दिया गया है. इसमें जर्मनी समेत 10 देश अपने विमानों के साथ हिस्सा ले रहे हैं. इस मौके पर जर्मन रक्षा मंत्री भी भारत आए हैं. पर्यवेक्षकों को भी मिला दें तो कुल 18 देशों की इसमें भागीदारी है. दक्षिण एशिया में इस तरह के सैन्य अभ्यास कम ही होते हैं. भारतीय वायु सेना ने 51 मित्र देशों को इस सैन्य अभ्यास के लिए निमंत्रण भेजा था. यह अभ्यास दो चरणों में हो होगा. पहला चरण मंगलवार, 6 अगस्त से 14 अगस्त तक है. इसमें जर्मनी, फ्रांस, स्पेन और ब्रिटेन भारत के साथ युद्ध की अलग-अलग स्थितियों का अभ्यास करेंगे. भारत और जर्मनी रक्षा संब्ध बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं तरंग शक्ति का दूसरा चरण इसी महीने के आखिर में होना है. इसके लिए राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर तैयारी चल रही है. इसमें ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, सिंगापुर, ग्रीस, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका हिस्सा लेंगे. पिछले हफ्ते भारतीय वायु सेना के वाइस चीफ एयर मार्शल एपी सिंह ने पत्रकारों से कहा, "इस अभ्यास का मकसद अंतरराष्ट्रीय समुदाय के हमारे मित्रों के साथ रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करना है." जर्मन विमानों पर रहेगी नजर पहली बार जर्मनी के विमान इस अभ्यास के लिए भारत आए हैं. इस अभ्यास से पहले ही दोनों देश अपने रक्षा संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में बढ़ने का एलान कर चुके हैं. जर्मन वायु सेना लुफ्तवाफे यूरोफाइटर टायफून जेट विमानों का बेड़ा ले कर आई है. इसके साथ ही एयरबस ए400एम परिवहन विमान को भी भारतीय अभ्यास में तैनात किया गया है. भारतीय सेना अंतरराष्ट्रीय बाजार में मध्यम आकार के परिवहन विमानों की तलाश में है. वायु सेना के रिटायर हो चुके एयर मार्शल अनिल चोपड़ा ने डीडब्ल्यू को बताया, "भारतीय वायु सेना मध्यम आकार के परिवहन विमानों की तलाश में है. इसके लिए तीन विमानों पर नजर हैः ब्राजील का एमब्रेयर सी-390, एयरबस ए400एम जिसमें जर्मनी साझीदार है और लॉकहीड सी-130 जो अमेरिका की ओर से पहले ही उड़ान भर रहे हैं." चोपड़ा ने यह भी कहा, "हमने जर्मनों और फ्रांसीसियों के साथ मध्यपूर्व में कुछ अभ्यासों के दौरान एयरबस ए400एम को पहले उड़ाया है, वहां इन देशों ने हमें ये विमान दिखाए थे. देखते हैं आगे यह कैसे बढ़ता है." भारत को लेकर जर्मन कंपनियों की उम्मीद बढ़ी रक्षा पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह अभ्यास भारत को यूरो फाइटर और ए400एम को वास्तविक परिस्थितियों में परखने का एक अच्छा मौका देगा. दिल्ली में मनोहर पर्रिकर इंस्टिट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस की एसोसिएट फेलो स्वास्ति राव का कहना है, "जर्मनी के ए400एम की भार उठाने की क्षमता 37 टन है, अगर आप भारत के टेंडर को देखें तो, हमारी जो जरूरत है, जर्मनी उससे थोड़ा ज्यादा दे रहा है जो भारत के लिए अच्छा है." राव ने ध्यान दिलाया कि भारत को मध्यम आकार के परिवहन विमान की जरूरत लद्दाख इलाके में चीन के साथ चल रहे तनाव की वजह से है. राव का कहना है, "अगर आप जानते हैं कि बेहद ऊंचाई वाले ये इलाके कितने अहम हैं और कठिन हैं तो उन परिस्थितियों में ऐसे भार उठाने की क्षमता वाले विमान हमारे हक में होंगे और हम बेहतर योजना बना सकेंगे." राव के मुताबिक समय की भूमिका अहम होती है और 2-3 विमानों के बार-बार चक्कर लगाने से ऐसे हालात में काम नहीं बनता. इसकी बजाय एक ही साथ सब कुछ ले जाने की क्षमता काफी फायदेमंद साबित हो सकती है. भारत क्या हासिल करना चाहता है बड़े अंतरराष्ट्रीय अभ्यास के साथ भारत अपने आपको भारत प्रशांत श्रेत्र में एक मजबूत ताकत के रूप में दिखाना चाहता है. विशेषज्ञों का कहना है कि रूस पर निर्भर रही भारतीय वायु सेना में इस विशाल सैन्य अभ्यास के जरिए पश्चिमी देशों के ज्यादा उन्नत हथियारों के शामिल होने से आए बदलाव को भी दिखाने की कोशिश हो रही है. दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना ने इस अभ्यास के जरिए अपनी बढ़ती ताकत का भी प्रदर्शन किया है. चोपड़ा का कहना है, "इस तरह के जटिल और कई तरह की ताकत वाले अभ्यास में बड़ी योजना बनानी पड़ती है. कई सारे बड़े ताकत वाले विमान उड़ान भरेंगे. कई कई महीनों तक योजना बनाने और वायु शक्ति के मामले में आपसी समझ को बढ़ाने के साथ ही वास्तविक अभियानों पर हमारा ध्यान है. यह सब सुलुर में दिखेगा." जर्मनी का क्या फायदा है? जर्मनी का भारत के प्रति रुख बदल रहा है. खासतौर से यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद जर्मनी भारत के साथ रक्षा संबंधों को आगे बढ़ा रहा है. जर्मनी की दिलचस्पी भारत प्रशांत क्षेत्र में भी है क्योंकि चीन उस इलाके में अपना प्रभाव बढ़ा रहा है और इलाके के देशों पर उसने दबाव बढ़ाने की नीति अपनाई है. इस स्थिति में भारत के साथ रक्षा समझौते काफी अहम साबित होंगे. विशेषज्ञों का कहना है कि बहुत दिलचस्पी होते हुए भी भारत प्रशांत क्षेत्र में जर्मनी के लिए अकेले बहुत कुछ करना संभव नहीं होगा क्योंकि जर्मन मॉडल डिफेंस प्लेयर का मॉडल नहीं है. जर्मनी के पास बेहतहीन रक्षा उद्योग है लेकिन मजबूत सेना नहीं.   recent visitors 91

22 से 30 अगस्त तक भोपाल में एयरफोर्स की होने वाली अग्निवीर भर्ती की भर्ती, , साढ़े सात हजार युवा होंगे शामिल

भोपाल राजधानी Bhopal के मोतीलाल नेहरू Police स्टेडियम में आगामी 22 अगस्त से 30 अगस्त तक प्रदेश के 15 जिलों Bhopal , अशोकनगर, बैतूल, छिंदवाड़ा, दमोह, गुना, हरदा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, पन्ना, पांढुर्ना, रायसेन, राजगढ़, सीहोर और विदिशा के पुरूष उम्मीदवारों के लिए अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर ऑफिस सहायक एवं अग्निवीर ट्रेड्समैन रैली का आयोजन किया जाएगा. साथ ही Madhya Pradesh एवं छतीसगढ़ के सभी जिलों के लिए सिपाही फार्मा, सिपाही तकनीकी नर्सिंग सहायक और धर्मगुरू की भी सेना भर्ती रैली का आयोजन साथ में किया जाएगा. रोजगार तलाश रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है. राजधानी भोपाल में 22 से 30 अगस्त तक सेना में भर्ती का आयोजन होने जा रहा है. भोपाल के मोतीलाल नेहरू पुलिस स्टेडियम में सेना भर्ती का आयोजन किया जाएगा. इस भर्ती प्रक्रिया में मध्य प्रदेश के 15 जिलों के युवा शामिल हो सकेंगे. सेना भर्ती कार्यालय भोपाल से प्राप्त जानकारी अनुसार, 22 अगस्त से 27 अगस्त तक अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्नि वीर तकनीकी, अग्निवीर ऑफिस सहायक और अग्निवीर ट्रेड्समैन भर्ती का आयोजन होगा. युवा इस भर्ती प्रक्रिया में ले सकेंगे भाग इसी तरह 29 अगस्त को सिपाही फार्मा, सिपाही तकनीकी, नर्सिंग सहायक की रैली का आयोजन किया जाएगा. उल्लेखनीय है कि सेना के जरिये अप्रैल 2024 में सामान्य ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया गया था. ऑनलाइन परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले उम्मीदवार शारीरिक दक्षता सहित अन्य भर्ती प्रक्रियाओं के लिए भर्ती रैली में भाग ले सकेंगे.  15 जिलों के युवा हो सकेंगे शामिल सेना भर्ती के लिए मध्य प्रदेश के 15 जिलों के युवा शामिल हो सकेंगे. इन जिलों में अशोक नगर, भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा, दमोह, गुना, हरदा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, पन्ना, पांढुर्णा, रायसेन, राजगढ़, सीहोर और विदिशा के पुरुष उम्मीदवारों के लिए भर्ती आयोजन किया जाएगा. इसके तहत अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर ऑफिस सहायक एवं अग्निवीर ट्रेड्समैन के लिए भर्ती रैली का आयोजन किया जाएगा. इसके साथ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के लिए सिपाही फार्मा, सिपाही तकनीकी, नर्सिंग सहायक और सेना भर्ती रैली का आयोजन साथ में ही किया जाएगा. एक दिन पहले तक प्रवेश भर्ती रैली में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र पर अंकित तारीख के एक दिन पहले विश्राम स्थली में रात 9 बजे तक ही प्रवेश दिया जाएगा. भर्ती रैली के लिए अभ्यर्थियों की दौड़ का आयोजन रात्रि 2 बजे से प्रारंभ होगा. ये डॉक्यूमेंट्स लाना जरूरी भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए प्रवेश पत्र और सभी दस्तावेज रैली अधिसूचना के अनुसार, साथ में आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर भी लेकर आना अनिवार्य है. भर्ती रैली में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र संबंधितों को ईमेल पर भेज दिया गया है. recent visitors 132

केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम से दिल्ली प्रवास के दौरान मंत्री रामविचार नेताम ने की मुलाकात

रायपुर प्रदेश के आदिम जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विकास मंत्री रामविचार नेताम ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय जनजाति कार्य मंत्री जुएल ओराम से मुलाकात की। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री ओराम से छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जाति-जनजाति सहित कमजोर व पिछड़े वर्गाें के विकास के संबंध में विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री से प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत वर्ष 2022-23 शेष राशि 74 करोड़ 69 लाख 27 हजार रुपए जारी करने का अनुरोध किया। इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 1653 करोड़ 71 लाख 20 हजार रुपए का प्रावधान किया गया था। मंत्री नेताम ने इस मौके पर केन्द्रीय मंत्री ओराम से आदिवासी उप योजना के विशेष केन्द्रीय सहायता योजना के तहत 162 करोड़ रुपए और छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में गुणात्मक शिक्षा के लिए 55 करोड़ 14 लाख 35 हजार रुपए के प्रस्तावों को वर्ष 2024-25 में शामिल कर स्वीकृति प्रदान करने का भी अनुरोध किया। मंत्री नेताम ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विशेष तौर पर बस्तर संभाग के माओवाद से प्रभावित पांच जिलों में चलाए जा रहे नियद नेल्लानार योजना, प्रदेश के विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदाय को समाज के मुख्य धारा में लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंशा अनुरूप संचालित प्रधानमंत्री जनमन योजना की प्रगति सहित इन वर्गाें के लिए केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। recent visitors 95

गुजरात के हीरा उद्योग पर मंदी असर डाला, बड़ी फर्म ने 10 दिन की छुट्‌टी का ऐलान

 सूरत  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल अगस्त में दुनिया के सबसे ऑफिस स्पेस सूरत डायमंड बोर्स (SDB) का शुभारंभ किया था। इसके बाद सूरत डायमंड उद्योग के नई ऊंचाई पर जाने की उम्मीद की गई थी, लेकिन वैश्विक हालात में तनाव के चलते हीरा बाजार को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा रहा है। अमेरिका में 75 फीसदी तक निर्यात गिर गए या है। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के अनुसार बीते तीन महीने में हालात और बिगड़े हैं। इसके चलते सूरत से होने वाले डायमंड का निर्यात 82 फीसदी गिर गया है। 10 दिन की छुट्‌टी का ऐलान सूरत के डायमंड का निर्यात घटने का असर अब उद्योग पर दिखने लगा है। सूरत हीरा उद्योग के इतिहास में पहली बार छुट्‌टी घोषित की गई है। सूरत के बड़ी हीरा फर्म किरण जेम्स ने सावन के महीने में 10 दिन की छुट्‌टी का ऐलान किया है। किरण फर्म के ऐलान को हीरा उद्योग में बड़ी हलचल और मंदी से जोड़कर देखा जा रहा है। किरण जेम्स ने 10 अगस्ते से 27 अगस्त छुट्‌टी का ऐलान कर दिया है। डायमंड वर्कर्स यूनियन उपाध्यक्ष भावेश टांक ने सरकार से मांग की है कि सरकार ज्वैलर्स के लिए आर्थिक पैकेज और रत्नदीप योजना लागू करे। मंदी से निपटने के लिए ज्वैलर्स के लिए यही एकमात्र विकल्प है। कंपनी के छुट्‌टी घोषित करने से 50 हजार कर्मचारी अवकाश पर रहेंगे। किरण जेम्स की गिनती दुनिया की बड़ी प्राकृतिक हीरा कंपनियों में होती है। क्यों आई है यह नौबत? अमेरिका द्वारा रूसी मूल के हीरों पर प्रतिबंध लगाए जाने और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद जी-7 देशों द्वारा इस पर प्रतिबंध लगाए जाने की घोषणा के बाद हीरा निर्माताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।किरण जेम्स के चेयरमैन वल्लभभाई लखानी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा किफिलहाल हीरा उद्योग बुरे दौर से गुजर रहा है। यह मंदी का दौर है क्योंकि वैश्विक स्तर पर पॉलिश किए गए हीरों की मांग नहीं है। हमने 10 दिन की छुट्टी घोषित की है ताकि हीरों के उत्पादन को नियंत्रित किया जा सके। कंपनी के इतिहास में ऐसा फैसला पहली बार लिया गया है। उन्होंने कहा कि पॉलिश किए गए हीरों की कीमत वैश्विक स्तर पर कम हो गई है और हीरा निर्माताओं के लिए अपना कारोबार चलाना मुश्किल हो गया है। अगर आपूर्ति नियंत्रित होती है, तो मांग बढ़ेगी और इससे उद्योग को फायदा होगा। दीवाली पर होता है अवकाश आमतौर पर हीरा कारखाने दिवाली के दौरान लंबी छुट्टियों पर चले जाते हैं। 17,000 करोड़ रुपये के सालाना कारोबार वाली किरण जेम्स, वैश्विक स्तर पर अग्रणी हीरा कंपनियों में से एक डी बीयर्स के साइट होल्डर्स (कच्चे हीरों के अधिकृत खरीदार) में से एक है। डी बीयर्स ने पहले इस साल जून में समाप्त होने वाली दूसरी तिमाही में कच्चे हीरे के उत्पादन में पहली तिमाही की तुलना में 15 प्रतिशत की कमी की सूचना दी थी, जिसका एक कारण सामान्य से अधिक इन्वेंट्री को बताया गया था। लखानी ने कहा कि मेरी फर्म में 50,000 से अधिक हीरा पॉलिशर काम करते हैं, जिनमें से 40,000 प्राकृतिक हीरे काटते और पॉलिश करते हैं, जबकि 10,000 लैब-ग्रोन डायमंड यूनिट में काम करते हैं। मुआवज देने पर विचार: लखानी लखानी ने कहा कि हम हीरा पॉलिशरों को छुट्टी के दिनों के लिए मुआवजा देने पर भी विचार कर रहे हैं। लखानी अपने कार्यालय को मुंबई से सूरत डायमंड बोर्स (एसडीबी) में स्थानांतरित करने वाले पहले लोगों में से थे। सूरत में कारोबार ठीक से न चलने के कारण मार्च में इस्तीफा देकर मुंबई लौटने से पहले वे एसडीबी के चेयरमैन भी थे। हालांकि वे कोर कमेटी का हिस्सा बने हुए हैं। recent visitors 106

हसीना तो उड़ गईं, अब हमें भी शरण दें; भारत से गुहार लगा रहे बांग्लादेशी नेता

ढाका शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने और देश छोड़ने के बाद भी बांग्लादेश में हिंसा रुक नहीं रही है. अब उपद्रवी अल्पसंख्यक हिंदुओं, शेख हसीना और उनकी पार्टी आवामी लीग के समर्थकों और उनके प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहे हैं. सोमवार को जेसोर में एक होटल में उपद्रवियों ने आग लगा दी, जिसमें आठ लोगों की जलकर मौत हो गई और 84 अन्य घायल हो गए. जिस होटल में आगजनी हुई वह आवामी लीग के नेता शाहीन चकलादार का है. चकलादार जेसोर जिले के आवामी लीग महासचिव हैं. डिप्टी कमिश्नर अबरारुल इस्लाम ने आगजनी की खबर की पुष्टि की. मृतकों में से दो की पहचान 20 वर्षीय चयन और 19 वर्षीय सेजन हुसैन के रूप में हुई है. जशोर जनरल अस्पताल के एक कर्मचारी हारुन-या-रशीद ने बताया कि कम से कम 84 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिनमें से अधिकांश छात्र हैं. बांग्लादेश के 27 जिलों में हिंदुओं को बनाया निशाना बांग्लादेश के प्रमुख अखबार डेली स्टार ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि देश में हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं. कल कम से कम 27 जिलों में भीड़ द्वारा हिंदू घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर हमला किया गया, जबकि उनका कीमती सामान भी लूट लिया गया. उपद्रवियों ने लालमोनिरहाट के तेलीपारा गांव में पूजा उद्जापन परिषद के सचिव प्रदीप चंद्र रॉय के घर में तोड़फोड़ और लूटपाट की. उन्होंने थाना रोड पर जिले के पूजा उद्जापन परिषद के नगर पालिका सदस्य मुहिन रॉय की एक कंप्यूटर दुकान में भी तोड़फोड़ और लूटपाट की. इसके अलावा, जिले के कालीगंज उपजिला के चंद्रपुर गांव में चार हिंदू परिवारों के घरों में तोड़फोड़ और लूटपाट की गई. उपद्रवियों का जेल पर धावा, 500 कैदियों को छुड़ाया बांग्लादेश के शेरपुर जिला जेल में उपद्रवियों ने धावा बोल दिया और करीब 500 कैदियों को जेल से भगाने में मदद की. सोमवार को कर्फ्यू के बीच लाठी-डंडों और हथियारों से लैस स्थानीय भीड़ ने जुलूस निकाला. इस दौरान भीड़ ने शहर के दमदमा-कालीगंज इलाके में स्थित डिस्ट्रिक्ट जेल पर धावा बोल दिया. उपद्रवियों ने जेल का गेट तोड़ दिया और आग लगा दी. उपद्रवियों ने क्रिकेटर मशरफे मुर्तजा का घर जलाया उपद्रवियों ने अवामी लीग के सांसद काजी नबील के आवास पर भी तोड़फोड़ की और आग लगा दी. बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मशरफे मुर्तजा के घर को भी आग के हवाले कर दिया गया. बता दें कि मुर्तजा आवामी लीग के नेता हैं. उन्होंने जनवरी में हुए आम चुनावों में शेख हसीना की पार्टी से चुनाव लड़ा था और संसद सदस्य बने थे. राजधानी ढाका में विभिन्न स्थानों पर हजारों लोग प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे का जश्न मनाते देखे गए. जश्न के दौरान कुछ लोगों ने चित्तरमोर इलाके में जाबिर होटल में आग लगा दी और उसके फर्नीचर को तोड़-फोड़ दिया. इसके अतिरिक्त, जिला अवामी लीग कार्यालय और शरशा और बेनापोल क्षेत्रों में तीन और अवामी लीग नेताओं के घरों पर उपद्रवियों द्वारा हमला किया गया. बांग्लादेश में 4 अगस्त को मारे गए थे 98 प्रदर्शनकारी पुलिस ने 4 अगस्त को पीएम शेख हसीना के इस्तीफे की मांग कर रहे हजारों लोगों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस और रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया. इस बल प्रयोग में कम से कम 98 लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हो गए. 4 अगस्त की यह हिंसा बांग्लादेश में सिविल अनरेस्ट के हालिया इतिहास में सबसे घातक दिनों में से एक है. इससे पहले गत 19 जुलाई को 67 लोगों की मौत हो गई थी, जब छात्रों ने सरकारी नौकरियों में कोटा सिस्टम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था. उपद्रवियों ने बांग्लादेश के पीएम आवास में की लूटपाट इससे पहले 5 अगस्त को बांग्लादेश में बिगड़ते हालातों के बीच शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और देश छोड़ने पर मजबूर हुईं. फिलहाल सेना ने बांग्लादेश में शासन संभाला है और अंतरिम सरकार के गठन की प्रक्रिया चल रही है. हसीना वायुसेना के विशेष विमान से भारत के हिंडन एयरबेस पहुंचीं. वह यहां एक सेफ हाउस में ठहरी हैं. हजारों उपद्रवियों की भीड़ ने 5 अगस्त को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री आवास 'गणभवन' पर धावा बोल दिया और जमकर लूटपाट की. पीएम आवास में जो भी मिला, उपद्र​वी अपने साथ उठा ले गए. कुछ किचन में मौजूद चीजें खाते दिखे, कुछ बेडरूम में सोये देखे गए. यहां तक की शेख हसीना और उनकी बेटी के कपड़े समेत अन्य सामान भी उपद्रवी लूट ले गए. इंटरनेट पर वायरल वीडियो में लोगों को प्रधानमंत्री आवास से सोफा, बकरी, खरगोश, मछली, कुर्सियां इत्यादि ले जाते देखा गया. ऐसी ही कुछ स्थिति अफगानिस्तान में देखने को मिली थी, जब तालिबान ने सत्ता पर कब्जा किया था. श्रीलंका में भी एक साल पहले आंदोलनकारी राष्ट्रपति आवास में घुस गए थे. विवादित कोटा सिस्टम के खिलाफ शुरू हुआ था प्रोटेस्ट कोटा सिस्टम के खिलाफ हाई कोर्ट के आदेश के बाद पिछले महीने के अंत में शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन तब नाटकीय रूप से बढ़ गया जब देश के सबसे बड़े ढाका विश्वविद्यालय में आंदोलनकारी छात्रों की पुलिस और सरकार समर्थक प्रदर्शनकारियों के साथ हिंसक झड़प हो गई. इन विरोध प्रदर्शनों की जड़ें उस विवादास्पद कोटा सिस्टम में निहित हैं, जो पाकिस्तान के खिलाफ बांग्लादेश के 1971 के स्वतंत्रता संग्राम में लड़ने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार के सदस्यों के लिए 30 प्रतिशत तक सरकारी नौकरियों को आरक्षित करता है. हालांकि, आंदोलन के बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में इस कोटा सिस्टम को खत्म करके 93 फीसदी भर्तियां मेरिट के आधार पर कर दीं और ​आरक्षण का दायरा सिर्फ 7 प्रतिशत तक सीमित कर दिया. पीएम पद से इस्तीफा दिया और फिर हेलिकॉप्टर के जरिए भारत आ गईं। फिलहाल वह भारत में ही हैं और यहां से ब्रिटेन जाने की राह तक रही हैं। ब्रिटेन से राजनीतिक शरण की मंजूरी मिलने के बाद वह लंदन जाकर रहना चाहेंगी। इस तरह बांग्लादेश में मचे कोहराम से किसी तरह निकलकर शेख हसीना भारत आई हैं। इस बीच उनकी पार्टी अवामी लीग के नेताओं के घरों पर बांग्लादेश में हमले जारी हैं। हालात इतने विकट हैं कि ये नेता भागे-भागे घूम रहे हैं और जान बचाने के लिए … Read more

मध्यप्रदेश बोर्ड ने 10वीं 12वीं का टाइम टेबल किया घोषित, जाने कब होगी परीक्षा, देखें पूरा टाइम टेबल

नई दिल्ली एमपी बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की वार्षिक मुख्य परीक्षाओं की डेटशीट जारी कर दी है। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ( एमपीबीएसई ) की ओर से जारी टाइम टेबल के मुताबिक 10वीं की परीक्षा 27 फरवरी से 19 मार्च तक चलेंगी। वहीं 12वीं की परीक्षाएं 25 फरवरी से शुरू होगी और 25 मार्च को संपन्न होगी। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं एक ही शिफ्ट में सुबह 9 बजे से 12 बजे तक होंगी। एमपी बोर्ड 10वीं 12वीं दोनों परीक्षाओं में इस बार 18 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों के शामिल होने की संभावना है। वर्ष 2024 में परीक्षा 5 फरवरी से शुरू हुई थी। एमपी बोर्ड 10वीं की परीक्षा तिथियां – 27 फरवरी 2025 – हिंदी – 28 फरवरी 2025 – उर्दू – 1 मार्च 2025 – NSQF के समस्य विषय व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस – 03 मार्च 2025 – अंग्रेजी – 5 मार्च 2025 – मराठी, गुजराती, पंजाबी, सिंधी – 06 मार्च 2025 – संस्कृत – 10 मार्च 2025- गणित – 13 मार्च 2025 – सामाजिक विज्ञान – 19 मार्च 2025- विज्ञान एमपी बोर्ड 12वीं की परीक्षा तिथियां 25 फरवरी – हिन्दी 28 फरवरी – अंग्रेजी 1 मार्च – उर्दू, मराठी 4 मार्च – फिजिक्स, इकोनॉमिक्स, भारतीय कला का इतिहास 5 मार्च – बायोटेक्नोलॉजी 6 मार्च – ड्राइंग एंड डिजाइन 7 मार्च – भूगोल 8 मार्च – बायोलॉजी 10 मार्च – मनोविज्ञान 11 मार्च – इंफोर्मेटिक प्रैक्टिस 12 मार्च – संस्कृत 17 मार्च – केमिस्ट्री, इतिहास, बिजनेस स्टडीज, ड्राइंग पेंटिंग 19 मार्च – शारीरिक शिक्षा, एनएसक्यूएफ 20 मार्च – समाजशास्त्र 22 मार्च – एग्रीकल्चर, होम साइंस, बुक कीपिंग 24 मार्च – राजनीति शास्त्र 25 मार्च – गणित   recent visitors 92