किसान नेता राकेश टिकैत भी कर चुके हैं पोस्ट, छत्तीसगढ़-दुर्ग में गेल-किसानों में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने करवाया समझौता

दुर्ग. दुर्ग जिले के किसानों और भारत सरकार के गेल (इंडिया) लिमिटेड कंपनी के बीच पाइप लाइन बिछाने को लेकर विवाद चला आ रहा था। किसानों का कहना था उन्हें पर्याप्त मुआवजा नहीं दिया गया है। साथ ही खड़ी फसल के बीच खेत की खुदाई कर दी गई है। यह पाइप लाइन बेमेतरा जिले के बेरला तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांव से 17 किमी व दुर्ग जिले के धमधा तहसील क्षेत्र से होकर गुजर रही है। बेमेतरा – दुर्ग जिले के किसानों ने इस समस्या को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पास शिकायत की थी। शनिवार देर शाम को भूपेश बघेल के भिलाई स्थित कार्यालय में गेल कंपनी व किसानों के बीच बैठक हुई। बैठक में पाइप लाइन बिछाने व किसानों की समस्या को लेकर कई निर्णय लिए गए। इसमें बारिश के तीन महीने यानी अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में पाइप लाइन बिछाने के लिए कोई खुदाई नहीं होगी, इस बीच मुआवजा दे दिया जाएगा। चूंकि भूमि का अधिग्रहण नहीं हो रहा है,  इसलिए पाइप लाइन बिछाए जाने वाली भूमि के लिए एक क्षतिपूर्ति मुआवजा दिया जाएगा। मुआवजा दर भूमि अधिग्रहण कानून में तय दर का 40 प्रतिशत होगा। किसानों को दो फसलों का मुआवजा दिया जाएगा। अगर गेल इन शर्तों का पालन नहीं करती है तो किसान किसी भी कीमत पर पाइप लाइन नहीं बिछने देंगे। गौरतलब है कि गेल को मुंबई से नागपुर होते हुए झारसुगड़ा तक पाइप लाइन बिछानी है। यह पाइप लाइन छत्तीसगढ़ के 11 जिले से गुजरेगी। बेमेतरा-दुर्ग के किसानों के साथ जो आपसी चर्चा से जो समझौता हुआ है, वह सभी 11 जिले में लागू होने की उम्मीद जताई है। बता दे कि किसानों की इस समस्या को लेकर केंद्रीय स्तर पर किसान नेता राकेश टिकैत ने भी ट्वीट किया था। recent visitors 121

रोहित-विराट के लिए अहम होगा दूसरा ODI, सचिन और धोनी हैं बड़ी वजह

कोलंबो भारत और श्रीलंका के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला आज (4 अगस्त) कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियमा में खेला जाएगा. दोनों देशों के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला टाई पर छूटा था. ऐसे में टीम इंडिया का लक्ष्य इस मुकाबले को जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाने पर है. भारतीय समयानुसार यह मुकाबला दोपहर 2.30 बजे से खेला जाएगा. मुकाबले में रोहित शर्मा भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे. वहीं चरिथ असलंका के कंधों पर श्रीलंकाई टीम की बागडोर होगी. ऋषभ पंत की होगी प्लेइंग-11 में एंट्री? इस मुकाबले के लिए दोनों टीमों की प्लेइंग-11 पर भी फैन्स की निगाहें हैं. मुकाबले के लिए भारतीय टीम की प्लेइंग-11 में ऋषभ पंत को शामिल किया जा सकता है, जिनका स्पिनर के खिलाफ अच्छा रिकॉर्ड रहा है. पंत अपरंपरात शॉट्स खेल कर उनकी लय बिगाड़ सकते हैं. पंत के इस मैच में खेलने की स्थिति में शिवम दुबे को बाहर बैठना पड़ सकता है. शिवम ने पहले वनडे में 19 रन देकर एक विकेट लिया था. शिवम ने बल्ले से जरूर 25 रन बनाए, लेकिन वह मैच फिनिश नहीं कर सके. दूसरी ओर श्रीलंकाई टीम में एक बदलाव होना तय है. वानिंदु हसारंगा इंजरी के चलते बाकी दो मैचों से बाहर हो गए हैं. भारत को अगर श्रीलंका के खिलाफ दबदबा बनाए रखना है तो उसे स्पिनर्स और धीमी पिच से निपटने का तरीका ढूंढना होगा. भारत पहले वनडे मैच में 231 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय तीन विकेट पर 130 रन बनाकर अच्छी स्थिति में दिख रहा था, लेकिन इसके बाद श्रीलंका के स्पिनर्स हावी हो गए और भारतीय टीम 230 रन पर आउट हो गई जिससे यह मैच टाई रहा. रोहित शर्मा ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की, लेकिन इसके बाद श्रीलंका के स्पिनर्स ने अपनी रणनीति पर अच्छी तरह से अमल किया. भारत और श्रीलंका के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज की खेली जा रही है. इसका पहला मैच कोलंबो में खेला गया था, जो बेहद रोमांचक रहा और टाई पर खत्म हुआ. इस मुकाबले में कई रिकॉर्ड्स भी बने. इस सीरीज का दूसरा मुकाबला भी कोलंबो में ही 4 अगस्त को खेला जाएगा और ये कोई साधारण मैच नहीं होने वाला है. दूसरे मैच में महेंद्र सिंह धोनी और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गज क्रिकेटर्स के रिकॉर्ड्स दांव पर होंगे. भारतीय टीम के मौजूदा दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली के पास इन सभी को तोड़ने का मौका होगा. इसलिए ये मैच उनके लिए खास होने वाला है. वहीं टीम इंडिया भी इस मुकाबले को जीतकर किसी टीम के खिलाफ 100 मैच जीतने का कारनामा कर सकती है. रोहित के निशाने पर धोनी का रिकॉर्ड रोहित शर्मा ने पहले मुकाबले में भी कई रिकॉर्ड अपने नाम किए थे. दूसरे मुकाबले में उनके निशाने पर भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का रिकॉर्ड निशाने पर होगा. धोनी ने अपने वनडे करियर में कुल 10773 रन बनाए हैं, वहीं रोहित 10767 रन बना चुके हैं. 7 रन बनाते ही वो धोनी को वनडे में रन बनाने के मामले में पीछे कर देंगे. दूसरे वनडे मैच में रोहित के निशाने पर सिर्फ धोनी नहीं बल्कि क्रिस गेल का भी रिकॉर्ड होगा. उनके पास वनडे क्रिकेट का ‘सिक्सर किंग’ बनने का मौका होगा. क्रिस गेल ने अपने 301 मैच के वनडे करियर के दौरान 331 छक्के लगाए. वहीं भारतीय कप्तान 263 मुकाबलों में अब तक 326 छक्के लगा चुके हैं. अगर रोहित दूसरे मैच में 6 छक्के लगा देते हैं, तो वो गेल को पीछे छोड़ देंगे. विराट भी कर सकते हैं कारनामा विराट कोहली को भारतीय टीम का रन मशीन कहा जाता है. ऐसे में रोहित शर्मा जब इतने रिकॉर्ड्स तोड़ रहे हैं, तो वो भला कहां पीछे रहने वाले हैं. दूसरे वनडे में उनके पास दो रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका होगा. 293 वनडे मुकाबलों में विराट 58 की औसत 13872 रन ठोक चुके हैं. अगर वो अगले मैच में 128 रन बना देते हैं, तो 14 हजार रन के आंकड़े पर पहुंच जाएंगे. ऐसा करने वाले वो दूसरे भारतीय और दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बन जाएंगे. ये कारनामा अभी तक केवल सचिन तेंदुलकर और कुमार संगकारा ही कर सके हैं. इसके अलावा विराट इंटरनेशनल क्रिकेट में 27 हजार रन के आंकड़े तक पहुंचने से केवल 92 रन दूर हैं. दूसरे मैच में इस रिकॉर्ड तक पहुंचने का मौका होगा. 92 रन बनाते ही वो ऐसा करने वाले दुनिया के केवल चौथे बल्लेबाज बन जाएंगे. उनके पहले ये इस कीर्तिमान तक सिर्फ सचिन तेंदुलकर, कुमार संगकारा और रिकी पॉन्टिंग ही पहुंच सके हैं. रोहित ने बनाए हैं 10768 रन रोहित शर्मा ने अपने करियर में अब 263 वनडे मैच खेले हैं। इस दौरान 255 पारियों में उन्‍होंने 49.16 की औसत और 92.09 की स्‍ट्राइक रेट से 10767 रन बनाए हैं। वह वनडे में 5वें सबसे ज्‍यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्‍लेबाज हैं। इस लिस्‍ट में चौथे नंबर पर राहुल द्रविड़ हैं। पर्व भारतीय कोच ने अपने करियर में 340 वनडे खेले। इस दौरान 314 पारियों में उन्‍होंने 39.15 की औसत और 71.18 की स्‍ट्राइक रेट से 10768 रन बनाए थे। ऐसे में रोहित 2 रन बनाते ही राहुल द्रविड़ को पीछे छोड़कर वनडे में चौथे सबसे ज्‍यादा रन बनाने वाले बल्‍लेबाज बन सकते हैं। वनडे में सबसे ज्‍यादा रन बनाने वाले भारतीय     सचिन तेंदुलकर: 18426 रन     विराट कोहली: 13872 रन     सौरव गांगुली: 11221 रन     राहुल द्रविड़: 10768 रन     रोहित शर्मा: 10767 रन पहले वनडे में रोहित का प्रदर्शन सीरीज के पहले वनडे में रोहित शर्मा ने शानदार बल्‍लेबाजी की थी। उन्‍होंने 33 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया था। भारतीय कप्‍तान ने 123.4 की स्‍ट्राइक रेट से 47 गेंदों पर 58 रन बनाए थे। अपनी इस पारी में उन्‍होंने 7 चौके और 3 छक्‍के भी लगाए थे। डुनिथ वेललेज ने उनका विकेट चटकाया था। मुकाबले की बात करें तो यह ड्रॉ रहा था। recent visitors 123

मंडला में नर्मदा उफान पर, 19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, इंदौर भोपाल ग्वालियर जबलपुर समेत इन जिलों में रेड अलर्ट

भोपाल प्रदेश में वर्षा का मजबूत सिस्टम फिर सक्रिय हो गया गुरुवार को राजधानी भोपाल समेत 20 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले चार दिन तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मंडला में नर्मदा नदी उफान पर है। रामनगर और छोटा पुल डूब गया है। मौसम विभाग ने भोपाल, सागर, जबलपुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के 19 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। भोपाल में गुरुवार सुबह से ही बारिश का दौर शुरू हो गया था। इससे पुराने भोपाल में कुछ इलाकों में सड़कें पानी में डूब गईं। स्कूल से बच्चों को लेकर लौट रही स्कूल वैन नाले में फंस गई। हालांकि, जेसीबी की मदद से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। मध्यप्रदेश में एक्टिव दाे बड़े सिस्टम की वजह से आज रविवार को भी बारिश हो रही है। भोपाल में छोला इलाके के मकानों में पानी भर गया है। विदिशा में बेतवा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। नर्मदापुरम में तवा डैम के गेट शनिवार रात में बंद कर दिए गए थे अतिभारी बारिश की इन जिलों में चेतावनी रविवार को भी मौसम विभाग ने कई जिलों में अतिभारी बारिश की चेतावनी जताई है। इन जिलों में बालाघाट, मैहर, शहडोल, कटनी, उमरिया, शामिल हैं।जबकि पन्ना, डिंडौरी, जबलपुर, सतना, सीधी, सिंगरौली, दमोह छतरपुर अनूपपुर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, मंडला, सिवनी, टीकमगढ़ शिवपुरी,नरसिंहपुर, विदिशा, रायसेन, खंडव हरदा नीमच, मंदसौर, रतलाम,निवाड़ी, सागर, बैतूल, सिवनी, झाबुआ, अलीराजपुर, शाजापुर, बुरहानपुर, आगर, गुना, अशोकनगर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, उज्जैन, बड़वानी, खरगोर, देवास, नर्मदापुरम, राजगढ़, दतिया, भोपाल में भी पानी गिर सकता है। शनिवार सुबह 8:30 से शाम के 5:30 तक सागर में 17, सतना में 0.7, शिवानी में पांच, सीधी में 19, टीकमगढ़ में तीन, उमरिया में 6, मलाजखंड में 29, छिंदवाड़ा में चार, दमोह में 18, जबलपुर में 35, मंडला में 20, नरसिंहपुर में 69, रीवा में 37, बैतूल में पांच, भोपाल में 0.4, धार में सात, गुना में 0.2 नर्मदापुरम में सात, इंदौर में पांच, खंडवा में तीन, खरगोन में पचमढ़ी में 6, रतलाम में 6, शिवपुरी में 6 और उज्जैन में 0.6 मिली मीटर बारिश दर्ज हुई। 14 प्रतिशत से अधिक बारिश वहीं, रविवार को 5 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। नर्मदापुरम में तवा डैम के 9 गेट खोलने से नदी में बहाव तेज हो गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 1 जून से 3 अगस्त तक के मानूसनी सीजन में अब तक प्रदेश में औसत से 14 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड हो चुकी है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 6% अधिक जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 21% अधिक पानी गिर चुका है। भोपाल में शनिवार भदभदा के 2, कलियासोत डैम के 4 गेट खुले भोपाल में शनिवार रात से हो रही बारिश सुबह भी जारी रही। कई इलाकों में एक फीट तक पानी भर गया है। रात में ही शहर में ढाई इंच पानी गिर गया। बड़ा तालाब अपने फुल टैंक लेवल 1666.80 फीट तक पहुंच गया है। भदभदा डैम के 2 गेट खोल दिए गए। कलियासोत डैम के 4 गेट खोले गए हैं। आज कोलार डैम के गेट भी खुल सकते हैं। भोपाल में अब तक 30 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है, जो सीजन की 80 प्रतिशत तक है। recent visitors 205

एक और ट्रेन हादसे की शिकार,कोरबा एक्सप्रेस ट्रेन की 4 बोगियों में लगी भीषण आग, बाल-बाल बचे यात्री

विशाखापट्टनम छत्तीसगढ़ के कोरबा से विशाखापट्टनम पहुंची कोरबा एक्सप्रेस (18517) ट्रेन की बोगियों में रविवार को अचानक से भीषण आग लग गई. यह ट्रेन कोरबा से तिरुमाला जा रही थी. जब ट्रेन स्टेशन पर रूकी तो इसी दौरान इसमें अचानक से आग लग गई. आग लगने की यह घटना स्टेशन के चौथे नंबर के प्लेटफॉर्म पर हुई. इस दौरान तीन एसी बोगियां पूरी तरह जल गई हैं. हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. आग लगने की यह घटना सुबह करीब 10 बजे हुई. रेलवे अधिकारियों ने शुरू में पाया कि यह दुर्घटना B7 बोगी के शौचालय में शॉर्ट सर्किट के कारण हुई. नतीजतन, B7 बोगी पूरी तरह जल गई, जबकि B6 और M1 बोगियां आंशिक रूप से जल गईं हैं,. गनीमत यह रही कि घटना के समय ट्रेन में कोई यात्री नहीं था, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई. रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंच गए हैं और आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटे हुए हैं. सवारियां उतरकर जा चुकी थीं। इस वजह से जानी नुकसान होने से बच गया, लेकिन ट्रेन को काफी नुकसान पहुंचा। ट्रेन में अग्निकांड की जानकारी मिलते ही GRP, शहरी पुलिस और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। आग लगने के कारण तलाशने और जांच करने के आदेश जारी हो गए हैं। प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। कोरबा एक्सप्रेस के B-7 कोच में आग लगी और यह आसपास की B5, M7 समेत चार बोगियों में भी फैल गई। बताया जाता है कि शॉर्ट सर्किट के कारण B-7 कोच के शौचालय में आग लगी और यह अन्य बोगियों तक जा फैली। आग लगते ही स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। यात्री ट्रेन से नीचे उतर गये। सूचना पर पहुंची दमकल की टीम कोरबा एक्सप्रेस में लगी आग पर काबू पाने में जुट गई। घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। आग के कारणों का पता लगाया जा रहा है। recent visitors 127

सागर में मंदिर की दीवार ढहने से 8 बच्चों की मौत, कई लोगों के दबे होने की आशंका

सागर सागर जिले के शाहपुर में मकान की दीवार गिरने से 8 बच्चों की मौत हो गई। आधा दर्जन बच्चे घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए सागर जिला चिकित्सालय में कराया गया भर्ती। शाजापुर में हरदौल मंदिर में शिवलिंग का निर्माण किया जा रहा था। इसी दौरान मंदिर परिसर के पास बने मकान की दीवार अचानक गिर गई। इसी दीवार के नीचे कई बच्चे दब गए। इनमें से आठ की मौत हो गई, जबकि छह घायल हैं और उनका इलाज कराया जा रहा है। हादसे में 8 बच्चों की मौत, कई बच्चे घायल आपको बता दें कि सागर के शाहपुर  में रविवार सुबह बच्चे एक जर्जर दीवार के पास मिट्टी से शिवलिंग बनाने के लिए इकट्ठे हुए थे। कई बच्चे पहले से ही वहां खेल रहे थे। इसी दौरान जर्जर दीवार अचानक से गिर गई, जिसमें पास ही में खेल रहे बच्चे बुरी तरह दब गए। हादसे में आठ बच्चों की मौत हो गई। कई बच्चे घायल हो गए हैं, जिनको इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पूर्व मंत्री और रहली विधायक गोपाल भार्गव पहुंचे घटनास्थल हादसे की जानकारी मिलते ही पूर्व मंत्री और रहली के विधायक गोपाल भार्गव घटनास्थल पहुंचे। मौके पर बच्चों के परिजनों से मुलाकात की। बारिश नहीं झेल पाई दीवार जानकारी के मुताबिक मंदिर परिसर के बाजू में पचास साल पुरानी यह दीवार जर्जर हो चुकी थी। इसके बाद भी इसे गिराया नहीं गया। सागर में इन दिनों भारी वर्षा हो रही है। 24 घंटे के अंदर ही यहां 104 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। ऐसे में कच्चे व जर्जर मकानों को खतरा बना हुआ है। मंदिर के पास स्थित भी मिट्टी की दीवार लगातार वर्षा में गिर गई, जिससे यह हादसा हो गया। अस्पताल के बाहर भीड़, व्यवस्था न मिलने से लोग नाराज हादसे के बाद लोग घायलों को लेकर शाहपुर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन अस्पताल में एक भी डॉक्टर नहीं मिला। केवल एक कर्मचारी यहां मौजूद था। इसको लेकर क्षेत्रवालों ने इस पर नाराजगी जाहिर की। लोगों ने कहा कि यहां जो डॉक्टर हैं, वे कभी-कभार भी आते हैं जो दस्तखत करके चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में जब बच्चों को लाया गया तो मरहम-पट्टी करने वाला भी मौजूद नहीं था। रीवा में स्कूली बच्चों पर गिरी दीवार, 4 की मौत एक दिन पहले शनिवार (3 अगस्त) को रीवा में भी ऐसा ही हादसा हुआ था। जहां गढ़ कस्बे में एक निजी स्कूल के पास जर्जर दीवार गिरने से कई बच्चे उसकी चपेट में आ गए। मलबे में दबने से 4 बच्चों की मौत हो गई, जबकी अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकरी मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल भेजा। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर दुख जताया। उन्होंने मृतक बच्चों के परिजन को 2-2 लाख रुपए की मदद की घोषणा की। जानकारी के मुताबिक, ग्राम गढ़ नईगढ़ी मोड़ पर सनराइज पब्लिक स्कूल के पास दीवार ढही। स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चे घर जाने के लिए निकल रहे थे उसी वक्त जर्जर दीवार बच्चों के ऊपर गिरी। मलबे में 8 बच्चे और एक महिला दब गई। इनमें से 4 की मौत हो गई, जबकि चार बच्चों और एक महिला को सुरक्षित निकाला गया। बताया जा रहा है कि इमारत पुरानी थी, जर्जर दीवार बारिश और नमी को झेल नहीं पाई। recent visitors 87

बिडेन और नेतन्याहू के रिश्ते में गहराते युद्ध का तनाव, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध छिड़ने की आशंका

तेलअवीव ईरान की राजधानी तेहरान में हमास के राजनीतिक ब्यूरो प्रमुख इस्माइल हानिया की हत्या के बाद, पश्चिमी एशिया में संषर्घ बढ़ने की आशंका है. हमास और ईरान दोनों ने टारगेटेड अटैक में हानिया की मौत के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है. हालांकि, इजरायल ने न तो इस हमले की जिम्मेदारी ली है और न ही इससे इनकार किया है. इस बीच खबर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से अपनी बातचीत में हानिया के मामले को लेकर नाराजगी जताई है. चैनल 12 न्यूज ने बिना किसी आधिकारिक स्रोत का हवाला दिए अपनी रिपोर्ट में कहा है, 'टेलीफोनिक कंवर्शेसन में बाइडेन ने चिढ़कर नेतन्याहू से कहा- आप मुझसे बकवास करना बंद कीजिए'. जो बाइडेन की यह टिप्पणी तब आई जब बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें सूचित किया कि इजरायल हमास के साथ बंधकों के बदले युद्धविराम समझौते पर बातचीत को आगे बढ़ा रहा है और जल्द ही अपना एक प्रतिनिधिमंडल भेजेगा. चैनल 12 न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार बाइडेन ने यह कहकर नेतन्याहू के साथ अपनी बातचीत समाप्त की कि वह 'राष्ट्रपति को हल्के में न लें.' इजरायल और ईरान के बीच युद्ध छिड़ने की आशंका रिपोर्ट के अनुसार, बाइडेन द्वारा यह टिप्पणी ईरान और उसके द्वारा समर्थित संगठनों (हिजबुल्लाह और हूती) के साथ युद्ध की आशंका के बीच इजरायल-अमेरिका सहयोग के संदर्भ में की गई थी. बता दें कि पश्चिमी एशिया में पहले से जारी संघर्ष के और बढ़ने की आशंका है, क्योंकि ईरान और तेहरान समर्थित समूहों ने अपने कई नेताओं की हालिया हत्याओं का बदला लेने की कसम खाई है. बता दें कि राष्ट्रपति बाइडेन ने 13-14 अप्रैल की रात के दौरान इजरायल पर ईरान के अभूतपूर्व मिसाइल और ड्रोन हमले को विफल करने में सहायता के लिए क्षेत्रीय शक्तियों को एकजुट किया था. द टाइम्स ऑफ इजरायल की एक रिपोर्ट के मुताबिक इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने शनिवार को नेतन्याहू के साथ बाइडेन की फोन पर हुई बातचीत के बाद एक आधिकारिक बयान जारी किया. इसमें कहा गया, 'प्रधानमंत्री अमेरिकी राजनीति में हस्तक्षेप नहीं करते हैं और जो भी राष्ट्रपति चुना जाएगा, उसके साथ काम करेंगे. साथ ही वह अमेरिकियों से भी अपेक्षा करते हैं कि वे इजरायल के मामलों में हस्तक्षेप न करें.' एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने द टेलीग्राफ को बताया कि राष्ट्रपति जो बाइडेन के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से बाहर होने के फैसले के बाद, बेंजामिन नेतन्याहू ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए उत्साहित महसूस कर रहे हैं. अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन आगामी चुनाव की दौड़ में बने रहने के दौरान बेंजामिन नेतन्याहू के निर्णयों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे. द टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में अधिकारी के हवाले से कहा, 'बाइडेन ने नेतन्याहू से कहा था कि ईरान के हमलों पर बहुत कठोर प्रतिक्रिया न दें. और ईरान यह जानता था, यही कारण है कि उसने इजरायल पर हमला करने के लिए स्थिति का फायदा उठाया. लेकिन राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से बाहर होने के बाद जो बाइडेन अब वही करेंगे जो उन्हें सही लगता है.' द टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में इजरायली अधिकारे के हवाले से कहा, 'अमेरिका का असली एजेंडा इजरायल का पूर्ण समर्थन करना है और उसने दशकों तक ऐसा किया है. नेतन्याहू यह जानते हैं, यही कारण है कि वह अधिक साहसी हो रहे हैं. उन्हें विश्वास है कि वह इजरायल के दुश्मनों पर हमला कर सकते हैं और उन्हें अब भी अमेरिका का पूरा समर्थन प्राप्त है. जो बाइडेन के दोबारा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला मध्य पूर्व में बड़ा गेम चेंजर साबिह होगा. क्योंकि ईरान उनके चुनाव अभियान का लाभ उठाने की योजना बना रहा था.' इजरायल के समर्थन में अमेरिका ने तैनात किए जंगी जहाज बता दें कि इजरायल 31 जुलाई को तेहरान में हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या के बाद ईरानी प्रतिक्रिया की तैयारी कर रहा है. देश भर में संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अस्पतालों में अतिरिक्त वार्ड खोले जा रहे हैं. इजरायल को आशंका है कि ईरान के साथ उसका युद्ध छिड़ सकता है. इसे देखते हुए अमेरिका ने हाल के दिनों में इजरायल के लिए अपना सैन्य समर्थन बढ़ा दिया है. ईरान और क्षेत्र में उसके द्वारा समर्थित संगठनों जैसे हिजबुल्लाह और हूती, की बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से इजरायल का बचाव में मदद के लिए अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपने जंगी जहाज तैनात किए हैं.   recent visitors 126

सरकारी स्कूल में डमी शिक्षकों से अध्यापन पर होगी बर्खास्तगी, दर्ज होगी एफआईआर

जयपुर  राजस्थान हाई कोर्ट ने शिक्षा विभाग से लिए एक बेहद चौंकाने वाला आदेश जारी किया है। इसके तहत सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की फोटो लगाने का निर्देश दिया गया है। ऐसा हुआ तो पूरे देश में पहली बार होगा, जब टीचर की फोटो प्रिंसिपल ऑफिस के बाहर टंगी हुई मिलेगी। ऐसा खास तरीका स्कैम से बचने के लिए किया जा रहा है।‌ बता दें कि राज्य में डमी टीचर से जुड़े दो बड़े मामले सामने आए थे, 70 से 90 हजार सरकारी पगार पाने वाले शिक्षक अपनी जगह पर महज 3 हजार देकर दूसरों को पढ़ाने के लिए भेज रहे थे। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के फोटो वाला तरीका ढूंढा है। डमी शिक्षक से जुड़े मामले में सरकार ने कार्रवाई करते हुए दोषी टीचरों से  2 करोड़ रुपए वसूल किए थे। घोटाले से जुड़े दंपत्ति ने 30 साल के करियर में अपनी जगह है दूसरे लोगों को पढ़ाने के लिए रखा था और खुद लाखों की सैलरी रखते थे। राजस्थान हाई कोर्ट ने जब मामले पर संज्ञान लिया तो उन्होंने शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए दिशा निर्देश जारी कर कहा-"स्कूलों में शिक्षकों के फोटो लगाया जाए ताकि बच्चे और उनके परिजन यह समझ सके असली टीचर कौन हैं। इसके अलावा हर महीने बिना तारीख बताएं संदिग्ध स्कूलों में रेड करें ताकि सच सामने आ सके।" HC ने सुझाव दिया कि जनता के लिए एक वेबसाइट बनाई जाए, जिस पर शिकायत लिखकर शिक्षा विभाग को भेजा जाए। बता दें कि ऐसे दिशा निर्देश को अगले सप्ताह से शिक्षा विभाग लागू करने जा रहा है। राजस्थान में  शिक्षकों की संख्या राजस्थान में करीब 65000 से भी ज्यादा सरकारी स्कूल है, जहां 60 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं। 3 लाख से ज्यादा शिक्षक है। इसके अलावा संविदा पर काम करने वाले भी मौजूद है। सरकारी टीचर्स को तीन कैटेगरी में डिवाइड किया गया है। फर्स्ट ग्रेड,सेकंड ग्रेड और थर्ड ग्रेड शामिल है। इनमें एक सबसे निचली कैटगरी है, जिनमें प्रायमरी टीचर्स है।  राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश की सरकारी स्कूलों में खुद के बजाए डमी शिक्षकों से अध्यापन कराने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मंशा जताते हुए मुख्य सचिव और शिक्षा विभाग को जीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाने के लिए कहा है. अदालत ने मुख्य सचिव और शिक्षा सचिव को कहा है कि वे इस संबंध में सभी संस्थाओं के प्रमुख व अफसरों को निर्देश जारी करें. ऐसे मामले की जांच में शिक्षक दोषी पाए जाएं तो उन्हें बर्खास्त और निलंबित करते हुए जरूरी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही डमी शिक्षक और अन्य दोषियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए. जस्टिस अनूप कुमार ढंड ने यह आदेश डमी शिक्षक मामले में बारां के राजपुरा ग्राम के प्राथमिक स्कूल की शिक्षिका मंजू गर्ग की याचिका खारिज करते हुए दिए. अदालत ने की टिप्पणीः अदालत ने कहा कि सरकारी स्कूलों में डमी शिक्षकों की यह प्रथा शिक्षक के इस पेशे के लिए भी बड़ा प्रहार है. यह बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने से वंचित करती है. ऐसे में सरकारी स्कूलों में डमी शिक्षकों की मौजूदगी शर्मनाक है. इस पर अंकुश लगाना जरूरी है. हर छात्र के जीवन में शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. पौराणिक कथाओं में शिक्षक का महत्व भगवान से भी अधिक बताया गया है. शिक्षा प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है और इसमें गुणवत्ता युक्त शिक्षा भी शामिल है. याचिका में याचिकाकर्ता ने शिक्षा विभाग के 22 दिसंबर 2023 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसे निलंबित करते हुए उसका मुख्यालय बारां से बदलकर बीकानेर कर उसे चार्जशीट भी दे दी थी. याचिकाकर्ता पर आरोप है कि उसने खुद की जगह पढ़ाने के लिए डमी शिक्षक लगा रखा था. मुख्य सचिव और शिक्षा विभाग को यह दिए निर्देश     प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों का नियमित आधार पर आकस्मिक निरीक्षण करने के लिए कमेटी का गठन किया जाए. इससे पता चल सके कि स्कूलों में वास्तविक शिक्षकों की जगह कहीं डमी शिक्षक तो नहीं पढ़ा रहे.     कोई डमी शिक्षक बच्चों को पढ़ाता हुआ मिला तो ऐसे गैर हाजिर शिक्षकों व डमी शिक्षकों को सुनवाई का मौका देते हुए उनके खिलाफ जांच की जाए. इसमें दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जाए. वहीं, नियमानुसार राशि की रिकवरी भी की जाए.     स्कूलों में पढ़ाने के लिए नियुक्त किए गए शिक्षकों के फोटो भी लगाए जाएं, ताकि वास्तविक व डमी शिक्षकों की पहचान आसानी से हो सके.     सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों सहित प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा अधिकारियों को परिपत्र जारी किए जाएं, जिससे यह सुनिश्चित हो कि उनके संस्थान में कोई डमी शिक्षक नहीं पढ़ा रहा. वहीं, ऐसा होने पर शिक्षकों के अलावा, प्रत्येक दोषी अधिकारी और स्कूल के प्रधानाचार्य के साथ-साथ उस अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए, जिसके क्षेत्राधिकार में ऐसा हुआ है.     डमी शिक्षकों के खिलाफ आम जनता की ओर से शिकायत दर्ज करवाने के लिए एक वेबसाइट व पोर्टल शुरू करें. इसमें प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों व मुख्य कार्यकारी अधिकारी का विवरण मौजूद हो. वहीं, इस पर एक टोल फ्री नंबर भी हो.     अदालती आदेश की साल में चार बार अदालत में पालना रिपोर्ट पेश की जाए. recent visitors 116