बादल फटने से हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों में बड़ी तबाही, अब तक 50 लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों में बादल फटने से बड़ी तबाही हुई है। कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है। कई लोगों के लापता होने की खबर है। इन लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस बीच प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि इस घटना में करीब 50 लोगों के मारे जाने की आशंका है। उन्होंने कहा, आधिकारिक संख्या की घोषणा रेसक्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही की जा सकती है। बुधवार रात हिमाचल के कुल्लू, मंडी और शिमला में बादल फटने से बाढ़ आ गई जिसमें लोगों को काफी नुकसान हुआ। बाढ़ इतनी भीषण थी कि हिमाचल का समेज नाम का एक गांव पूरा बह गया। आधिकारिक तौर पर इस घटना में अब तक 8 लोगों के मारे जाने की खबर है लेकिन अब हिमाचल के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने दावा है कि इसमें 50 लोगों के मारे जाने की आशंका है। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा,  इस समय सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता शवों को निकालना और राज्य के बाढ़ प्रभावित हिस्सों में कनेक्टिविटी बहाल करना है। लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्कयू ऑपरेशन जारी उधर बाढ़ में लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), राज्य आपदा मोचन बल(एसडीआरएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), पुलिस और होमगार्ड की टीम के कुल 410 बचावकर्मी ड्रोन की मदद से खोज अभियान में शामिल हैं। विक्रमादित्य सिंह ने कहा, सरकार ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत के रूप में 50,000 रुपये देने की घोषणा की है और भविष्य में उन्हें और अधिक मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने बताया, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मामले में गृह मंत्री अमित शाह से भी बात की है। हमें केंद्र से भी समर्थन मिलना चाहिए और हम सरकार से भी यही मांग कर रहे हैं। विक्रमादित्य सिंह ने आगे कहा, बादल फटने की घटना 2-3 दिन पहले श्रीखंड पर्वत की चोटी पर हुई थी। इसके कारण रामपुर और कुल्लू के इलाकों में भारी तबाही हुई है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी इलाके का दौरा किया और जायजा लिया। हमने कई स्थानों पर बेली ब्रिज स्थापित करना शुरू कर दिया है। प्रशासन एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, राज्य पुलिस और होम गार्ड के जवानों के साथ समन्वय कर रहा है।   recent visitors 116

ताजमहल के अंदर दो युवक ने चढ़ाया गंगाजल, वीडियो वायरल

आगरा उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित ताजमहल के अंदर दो युवकों ने गंगाजल चढ़ाया है। सावन में शनिवार को दो युवक ताजमहल में गंगाजल चढ़ाने पहुंचे। दोनों युवकों ने मुख्य मकबरे में स्थित तहखाने के दरवाजे पर गंगाजल चढ़ाया। युवकों का वीडियो भी सामने आया है।  अखिल भारत हिन्दू महासभा ने दावा किया है कि तेजोमहालय शिव मंदिर पर गंगाजल चढ़ाया है। गंगाजल चढ़ाते हुए वीडियो बनाकर भी वायरल कर दिया। वहीं इस मामले में पुलिस उपायुक्त सूरज राय ने बताया कि ताजमहल घूमने आए दो युवकों द्वारा बोतल से ताजमहल के अन्दर जल गिराया गया। ये करतूत देखकर सीआईएसएफ द्वारा युवकों को हिरासत में लिया गया। मामले में थाना ताजगंज में दी गई है। तहरीर के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रवक्ता संजय जाट ने कहा कि महासभा के दो बब्बर शेर विनेश चौधरी और श्याम ने तेजा महालय में गंगाजल चढ़ाया है। ये हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है। ताजमहल नहीं ये तेजा महालय है, जहां आगे भी कांवड़ ले जाकर गंगाजल से शिवजी का अभिषेक करते रहेंगे। युवकों ने किया गंगाजल चढ़ाने का दावा हिंदू युवकों ने ताजमहल को तेजोमहालय मानते हुए मुख्य मकबरे के तहखाने के दरवाजे पर गंगाजल चढ़ाने का दावा किया है. दोनों युवकों को पानी की बोतल के साथ पकड़ लिया गया है. एक युवक पानी की बोतल लेकर ताजमहल के मुख्य मकबरे तक पहुंच गया और तहखाने के दरवाजे पर बोतल को उड़ेल दिया. सीआईएसफ कर्मियों ने युवक को देख लिया, उसे बोतल के साथ पकड़ा है. घटना के कुछ देर बाद ही वीडियो वायरल हो गए. सीआईएसएफ द्वारा ​पकड़े गए युवक मथुरा के रहने वाले बताए जा रहे हैं. मथुरा से कांवड़ लेकर पहुंचे आगरा इनके नाम वीनेश और श्याम बताए गए हैं. ये हिंदू महासभा से जुड़े बताए जा रहे हैं. दोनों कांवड़ लेकर मथुरा से सुबह आगरा स्थित ताजमहल पहुंच गए. हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारी सावन के महीने में कांवड और जल चढ़ाने के लिए ताजमहल पर जा रहे हैं. पिछले दिनों महिला कांवड लेकर ताजमहल के पश्चिमी गेट पर पहुंच गईं थी. सुरक्षा कर्मियों ने उसे रोक दिया था. अखिल भारत हिंदू महासभा द्वारा दोनों युवकों ने अंदर गंगाजल चढ़ाने का दावा किया जा रहा है. महासभा का दावा है कि तेजोमहालय शिव मंदिर पर गंगाजल चढ़ाया है. मथुरा से आगरा आए गंगाजल लेकर : दरअसल, ताजमहल या तेजोमहालय का विवाद लंबे समय से चल रहा है. सावन माह के चलते बीते सोमवार यानी 29 जुलाई 2024 को अखिल भारत हिंदू महासभा की आगरा जिलाध्यक्ष मीना राठौर भी कांवड़ लेकर ताजमहल के पश्चिमी गेट पर पहुंची थीं. इस दौरान ताज सुरक्षा पुलिस ने उन्हें रोक दिया था. इसके बाद समझाकर मीना राठौर से गंगाजल राजेश्वर महादेव मंदिर में अर्पण कराया था. मगर, अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने ऐलान किया था कि सावन माह में तेजोमहालय ताजमहल में गंगाजल चढ़ाएंगे. गंगाजल चढ़ाते ही सीआईएसएफ ने पुलिस को सौंपा : छाया गौतम का कहना है कि 31 जुलाई को अपने साथियों के साथ सोरों से डाक कांवड़ लेकर चली थीं. दो अगस्त की रात वह मथुरा पहुंची लेकिन उसके पहले ही प्रशासन ने रात 12 बजे निज निवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया था. हालांकि पदाधिकारी ने पुलिस को चकमा दे दिया. शनिवार सुबह 7 बजे वे ताजमहल पहुंच गए. अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ता व्यापार सभा के अध्यक्ष श्याम, जिला कार्यालय मंत्री वीनेश कुंतल ने ताजमहल में कांवड़ का गंगाजल चढ़ाया. गंगाजल चढ़ाते समय ही सीआईएसएफ ने श्याम और वीनेश को ताजमहल के अंदर ही हिरासत में ले लिया. इसके बाद दोनों को सीआईएसएफ ने ताजगंज पुलिस के हवाले कर दिया है. जलाभिषेक व दुष्धाभिषेक के मामले में सुनवाई 13 अगस्त को : हिंदुवादी नेताओं का दावा है कि, ताजमहल मकबरा नहीं है. ये शिव मंदिर है. इसका नाम तेजोमहालय है. इसलिए, लंबे समय से ताजमहल या तेजोमहालय का विवाद बना हुआ है. बीते दिनों कोर्ट में योगी यूथ ब्रिगेड की ओर से वाद दायर करके सावन माह में तेजोमहालय में जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक की मांग की गई है. ताजमहल के सर्वे और कोर्ट कमिश्नर की नियुक्ति का प्रार्थना पत्र भी दिया था. इसकी सुनवाई 13 अगस्त को होनी है. वहीं ताजमहल में गंगाजल चढ़ाने का मामला सुर्खियों में है. इस पूरे मामले में डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि दो युवकों ने बोतल में गंगाजल ले जाकर ताजमहल में चढ़ाने की बात कही है. अभी ये पुष्टि नहीं हुई है कि बोतल में गंगाजल था या पानी. पुलिस मामले की जांच की जा रही है. सीआईएसएफ से मांगी गई रिपोर्ट : एएसआई के पुरातत्वविद अधीक्षण डॉ. राजकुमार चाहर ने बताया कि ताजमहल में कुछ लोग नारेबाजी और हंगामा कर रहे थे. इस पर सीआईएसएफ और एएसआई के कर्मचारियों ने उन्हें पकड़ कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया. इस मामले की पूरी रिपोर्ट सीआईएसएफ से मांगी है. ताजमहल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था का काम सीआईएसएफ के जिम्मे है. रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी. एसीपी ताज सुरक्षा सैय्यद अरीब अहमद ने बताया कि सीआईएसएफ ने 2 युवक सौंपे हैं. उनसे पूछताछ की जा रही है. सीआईएसएफ या एएसआई की ओर से जो तहरीर मिलेगी. उसके आधार पर ही आरोपी युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी.   recent visitors 91

स्कूल के पास जर्जर दीवार गिरी, 4 बच्चों की मौत, कई गंभीर रूप से घायल

रीवा  जिले के गढ़ कस्बे में सन राइज स्कूल के पास जर्जर दीवार गिरने से कई स्कूली बच्चे उसके चपेट में आ गए। मलबे में दबने से 4 बच्चों की मौत हो गई, जबकी एक महिला सहित अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार लाल और पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह भी घटना स्थल पर पहुंच चुके हैं। यह हादसा प्राथमिक विद्यालय के पास एक जर्जर इमारत कच्ची दीवार गिरने के कारण हुआ। स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चे घर जानें के लिए निकल रहे थे, उसी समय जर्जर दीवार बच्चों के ऊपर गिर गई। जिसमें कुल 8 बच्चे और एक महिला भी दब गई। इनमें से चार की मौत हो गई है और महिला समेत चार को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिले के गढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़ में नईगढ़ी मोड़ पर संचालित निजी सनराइज पब्लिक स्कूल के पास दीवार ढहने से चार बच्चों की मौत हुई है और कई बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जान गंवाने वाले बच्चों में     अंशिका गुप्ता, 5 वर्ष, पिता सुरेंद्र गुप्ता     मान्या गुप्ता, 7 वर्ष, पिता वीरेंद्र गुप्ता     सिद्धार्थ गुप्तास, 5 वर्ष, पिता वीरेंद्र गुप्ता     अनुज प्रजापति, पिता इंद्रपाल प्रजापति घायलों में रक्षा गुप्ता, 7 वर्ष, पिता सुरेंद्र गुप्ता अभिवावक रानी प्रजापति, पति इंद्रपाल प्रजापति पुराने घर की दीवार थी जर्जर विद्यालय के पास एक अन्य घर की दीवार पुरानी होने के कारण दीवारों में नमी थी। स्कूल की छुट्टी होने के बाद बच्चे घर के लिए निकल रहे थे, दौरान दीवार धराशाई हो गई जिसमें नौनिहाल बच्चे दब गए। हादसे में 4 बच्चों की मौत हो गई, जबकी कई बच्चे घायल हुए हैं, इस घटना के बाद क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल है। घटना की सूचना पुलिस और जिला प्रशासन को दी गई जहां मौके पर रीवा से पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं तो वहीं इस भीषण हादसे के बाद स्थानीय प्रशासनिक अमला पुलिस और आम जनों द्वारा राहत बचाव करके मृतक बच्चों का शव मलबे से बाहर निकला गया और गंभीर रूप से घायल बच्चों को अस्पताल उपचार के लिए भेजा गया है। हालांकि इस घटना में चार बच्चों की मौत हुई है इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। चार बच्चों की मौत हो चुकी है और कई गंभीर रूप से घायल है सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंगेव लाया गया है। जहां डॉक्टरों द्वारा घायल बच्चों का उपचार किया जा रहा है और गंभीर रूप से घायल बच्चों को रीवा संजय गांधी अस्पताल रेफर किया गया है। recent visitors 103

पत्थलगांव से गुमला तक हाई-स्पीड फोरलेन रोड की मिली स्वीकृति, छतीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा रायपुर से रांची नेशनल हाईस्पीड कारीडोर प्रोजेक्ट अंतर्गत पत्थलगांव, जशपुर (छत्तीसगढ़) से गुमला (झारखंड) तक के लिए हाई-स्पीड फोरलेन रोड की स्वीकृति दिए जाने पर प्रधानमंत्री श्री मोदी जी को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण सड़क परियोजना दोनों राज्यों छत्तीसगढ़ एवं झारखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों के साथ जशपुर निवासियों को इस हाई-स्पीड फोरलेन रोड परियोजना की स्वीकृति की विशेष रूप से बधाई देते हुए कहा कि पत्थलगांव से गुमला तक फोरलेन सड़क के निर्माण से रायपुर और रांची के मध्य यात्रा सुगम होने के साथसाथ यात्रा में समय की भी बचत होगी। सड़क परियोजना पूर्ण होने से दोनो राज्यों में विकास कार्यों की गति में भी तेजी आएगी। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय कैबिनेट में 50 हजार 655 करोड़ रूपए लागत और लगभग 936 किलोमीटर लंबाई  की आठ राष्ट्रीय हाई-स्पीड रोड परियोजनाओं की स्वीकृति दिए जाने की जानकारी ट्वीटर पर साझा की है। उन्होंने कहा है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से  आर्थिक उन्नति के साथ-साथ देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। रायपुर रांची कॉरिडोर के पूरा होने के  से झारखंड और छत्तीसगढ़ के विकास को अनलॉक हो सकेगा। रायपुर-रांची राष्ट्रीय हाईस्पीड कॉरिडोर के पत्थलगांव और गुमला के बीच 4-लेन एनएच होगा। रायपुर रांची कॉरिडोर के 137-केआरएन 4-लेन एक्सेस-नियंत्रित पत्थलगांव – गुमला खंड को 4473 करोड़  रुपये की कुल लागत पर हाइब्रिड वार्षिकी मोड (एचएएम) में विकसित किया जाएगा। पूरे गलियारे को पूरा करने के लिए. यह गुमला, लोहरदगा, रायगढ़, कोरबा और धनबाद में खनन क्षेत्रों और रायपुर, दुर्ग, कोरबा, बिलासपुर, बोकारो और धनबाद में स्थित औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग-43 का पत्थलगांव-कुनकुन-छत्तीसगढ़/झारखंड सीमा-गुमला-भरदा खंड तुरुआ अमा गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-130ए के अंतिम बिंदु से शुरू होगा और भरदा गांव के पास पलमा-गुमला रोड के चैनेज 82+150 पर समाप्त होगा।  साय के सीएम बनने के बाद सडक़ की स्थिति में बड़ा सुधार  यह हाईवे पत्थलगांव,लुड़ेग, कांसाबेल बंदरचूआ, कुनकुरी, चराईडांड,पतराटोली, लोरो, काई कछार,जशपुर,लोदाम,  माझा टोली, गुमला  ,सिसई ,बेडो ,रांची तक बनेगी। अभी पत्थलगांव से बस में जाने से 6 घंटे लगते हैं और अपनी गाड़ी से 3: 30 घंटे में पहुंच सकते हैं। सडक़ की स्थिति कुछ ठीक है। विष्णु देव साय के सीएम बनने के बाद से बीते सात महीनों में पत्थलगांव से कुनकुरी तक की सडक़ की स्थिति पहले से काफी सुधार हो चुकी है।इस बीच में पढऩे वाली सबसे बड़ी नदी ईब, शंख  है। और सडक़ मार्ग पर दो बड़े घाट  बेला घाट, और लोरोघाट पड़ते हैं। मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  हाई-स्पीड फोरलेन रोड की स्वीकृति दिए जाने पर प्रधानमंत्री श्री मोदी  को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण सडक़ परियोजना दोनों राज्यों के विकास में मील का पत्थर साबित होगी ।  श्री साय ने प्रदेशवासियों के साथ जशपुर निवासियों को इस हाई-स्पीड फोरलेन रोड परियोजना की स्वीकृति की विशेष रूप से बधाई देते हुए कहा कि पत्थलगांव से गुमला तक फोरलेन सडक़ के निर्माण से रायपुर और रांची के मध्य यात्रा सुगम होने के साथसाथ यात्रा में समय की भी बचत होगी। सडक़ परियोजना पूर्ण होने से दोनो राज्यों में विकास कार्यों की गति में भी तेजी आएगी।  स्वीकृति की जानकारी ट्वीटर पर साझा करते हुए  कहा है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से आर्थिक उन्नति के साथ-साथ देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।   recent visitors 94

मानसून फिर पड़ा कमजोर, अच्छी बारिश के लिए अगले दो से दिन फिर इंतजार

नोएडा उत्तर प्रदेश में सक्रिय मानसून फिलहाल दोबारा कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। शुक्रवार के लिए मौसम विभाग की ओर से अच्छी बारिश का पूर्वानुमान था। बृहस्पतिवार की रात पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई इलाकों में अच्छी बारिश हुई लेकिन शुक्रवार को दिन में मानसूनी बारिश पश्चिमी यूपी के कुछ इलाकों में सिमट कर रह गई। शुक्रवार को मुजफ्फरनगर में 14.8 मिमी. और बुलंदशहर में 8 मिमी बारिश दर्ज की गई। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक लो प्रेशर बेल्ट के दक्षिणी यूपी की ओर खिसकने से सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी आदि में हल्की बारिश की संभावना है। अच्छी बारिश के लिए अगले दो से दिन इंतजार करना होगा। दिन के अधिकतम तापमान की बात करें तो शुक्रवार को प्रदेश में बस्ती में सर्वाधिक 37 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। ओरई में 36.2 डिग्री और नजीबाबाद और बुलंदशहर में 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं रात में गाजीपुर में सबसे कम 21.5 डिग्री सेल्सियस तो गोरखपुर में 23.6 डिग्री और बाराबंकी में 23.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।   दो दिन रुक-रुक हो रही बारिश से गिरा तापमान फिर चढ़ा दो दिन ठीकठाक हुई बारिश से जहां तापमान में कमी आई, गोरखपुर में शुक्रवार को तीखी धूप के चलते 24 घंटे में अधिकतम तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम के इस उतार-चढ़ाव से सेहत पर असर पड़ सकता है। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम का रुख छह अगस्त तक ऐसे ही बना रहेगा। बृहस्पतिवार की रात रुक-रुक कर बारिश होती रही। मौसम विभाग ने शुक्रवार की सुबह तक 29 मिमी बारिश दर्ज की। लेकिन पूरे दिन तीखी धूप लोगों को परेशान करती रही। मौसम विशेषज्ञ अश्वनी कुमार ने बताया कि औसत समुद्र तल पर मानसून ट्रफ फिरोजपुर, रोहतक, दिल्ली, हरदोई, वाराणसी, डेहरी, बांकुरा, कोलकाता और वहां से दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी से गुजर रहा है।गोरखपुर के पास वाराणसी से मानसून ट्रफ गुजरने से कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसका असर अभी छह अगस्त तक देखने को मिलेगा। इस दौरान बादल छाए रहने के साथ हल्की से माध्यम बारिश होगी। बृहस्पतिवार की रात करीब 10 बजे बारिश शुरू हुई तो भोर तक क्रम बना रहा। इसके चलते रात में ही केवल 21 मिमी बारिश दर्ज की गई। हालांकि सुबह होते ही आसमान साफ होने से तीखी धूप परेशान करने लगी। धूप निकलने के चलते दिन का अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान में पिछले चौबीस घंटा में तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इन इलाकों में है भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने शनिवार को दक्षिणी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर एवं आसपास इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, महोबा, ललितपुर व आसपास के इलाकों में भी बारिश की चेतावनी जारी किया है। इन इलाकों में है वज्रपात की चेतावनी मौसम विभाग ने शनिवार के लिए बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुर, गौतम बुद्ध नगर, बुलन्दशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनोर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आसपास के इलाकों में गरज चमक के साथ वज्रपात की चेतावनी जारी किया है। recent visitors 99

उप मुख्यमंत्री देवडा ने वाणिज्यिक कर निरीक्षक से अपील की राजस्व वृद्धि बकाया की रिकवरी में स्वयं प्रेरित रहकर कार्य करें

जीएसटी संग्रहण कार्य में वाणिज्यिक कर निरीक्षक की अहम भूमिका : उप मुख्यमंत्री देवड़ा जीएसटी संग्रहण का कार्य कर रहे वाणिज्यिक कर निरीक्षकों की राजस्व वृद्धि में अहम भूमिका होती है-देवड़ा उप मुख्यमंत्री देवडा ने वाणिज्यिक कर निरीक्षक से अपील की राजस्व वृद्धि बकाया की रिकवरी में स्वयं प्रेरित रहकर कार्य करें म.प्र. वाणिज्यिक कर निरीक्षक संघ के वार्षिक अधिवेशन समारोह में हुए शामिल भोपाल उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि जीएसटी संग्रहण का कार्य कर रहे वाणिज्यिक कर निरीक्षकों की राजस्व वृद्धि में अहम भूमिका होती है, जिसका राष्ट्र की अर्थ-व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान है। यह विभाग न केवल जीएसटी के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करता है, बल्कि करदाताओं को आवश्यक मार्ग दर्शन और सहायता भी प्रदान करता है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने इस महती कार्य में संलग्न सभी अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएँ दी। देवड़ा रवीन्द्र भवन भोपाल में मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर निरीक्षक के वार्षिक अधिवेशन एवं स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प 2047 में हमारा राष्ट्र विकसित राष्ट्रों में नबंर 1 पर होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राजस्व वृद्धि में अद्भुत कार्य हुआ है। प्रदेश के सभी नागरिकों को कर संग्रहण के लिये मिलकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि राजस्व निरीक्षकों की समस्या और उसके समाधान को गंभीरता से लेना चाहिये। जिसे पूरी ईमानदारी से उनका हल करना होगा। उप मुख्यमंत्री देवडा ने वाणिज्यिक कर निरीक्षक से अपील की है कि राजस्व वृद्धि के लिये बकाया की रिकवरी में स्वयं प्रेरित रहकर कार्य करें, डीलर बेस बढ़ाये, टैक्स इवेजन पर प्रभावी कार्रवाई करें। फील्ड वर्क से प्राप्त जानकारी के द्वारा राजस्व में वृद्धि करें। उन्होंने यह भी कहा कि अपनी क्षमताओं को उन्नत करने के लिये प्रशिक्षण और विकास के साथ बेहतर सहयोग और समन्वय स्थापित करें। उन्होंने कहा कि अच्छे कार्य के लिये निरीक्षकों को प्रेरित और उत्साहवर्धन के साथ पुरस्कार और सम्मान भी देना चाहिए। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा राज्य के मंत्री होने के नाते मैं खुद अपने विभागों के प्रति संवेदनशील रहता हूँ एवं राष्ट्र को सामने रखकर कार्य करने का प्रयास करता हूँ। उन्होंने कहा कि मैं सभी साथियों का स्वागत करता हूँ तथा सभी से उम्मीद करता हूँ कि पूरे उत्साह के साथ अपना कार्य करें। जो भी मांगें है उसे नियमानुसार पूरी करने का प्रयास किया जायेगा। उन्होंने सभी राजस्व निरीक्षकों को रक्षाबंधन और 15 अगस्त की शुभकामनाएँ दी। आयुक्त वाणिज्यिक कर धनराजू एस ने कहा कि कर संग्रहण बढ़ा पुराना कार्य है। समय के साथ इसमें बदलाव एवं अपेक्षा भी बदली है। विभागीय मांग पत्र को समझ कर उसे पूरा किया जायेगा। हम सब मिलकर राजस्व कलेक्शन का दायित्व जिम्मेदारी से निभायेंगे। "एक देश-एक कर-एक समान कर्त्तव्य एवं दायित्व" निरीक्षक संघ के अध्यक्ष संदीप मीणा ने बताया प्रदेश के सभी जिला के निरीक्षक आज यहाँ उपस्थित है। यह संगठन 400 निरीक्षकों का समूह है। आज हम 50 वर्ष पूर्ण कर रहे है। हम "एक देश-एक कर-एक समान कर्त्तव्य एवं दायित्व" के सिद्धांत पर कार्य कर रहे है। उन्होंने उप मुख्यमंत्री एवं आयुक्त वाणिज्यिक कर को विभागीय कार्य सुचारू रूप से चलाने की आवश्यकताओं से अवगत करवाया और समाधान का आग्रह किया। इस अवसर पर आयुक्त, वाणिज्यिक कर धनराजू एस, अपर आयुक्त प्रदीप दुबे, पूर्व अपर आयुक्त आर.पी. श्रीवास्तव एवं मध्यप्रदेश वाणिज्यिक कर निरीक्षक संघ के पदाधिकारी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 100

प्रदेश में Horticulture के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, CM Yadav ने कहा-मसालों की अलग मंडी की जरुरत

भोपाल  मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Dr. Mohan Yadav) ने उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग (Department of Horticulture and Food Processing) की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों से किसान और उद्योगपति दोनों लाभान्वित होंगे. इनके माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में उद्यमिता और औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा सकता है. इसलिए खाद्य प्रसंस्करण और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के परस्पर समन्वय से रोजगार के अवसरों और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने में मदद मिलेगी. इस बारे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ उनके परिवारों को जोड़ने के लिए स्व-सहायता समूहों का भी गठन किया जाए। प्रदेश में संभाग स्तर पर हाईटेक नर्सरियां स्थापित कर आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण विभाग का बजट बढ़ाकर बाजार की मांग के अनुसार गतिविधियां संचालित की जाएं। इस दिशा में हार्टिकल्चर प्रमोशन एजेंसी स्थापित कर समय-सीमा व रोडमैप निर्धारित करते हुए कार्य किया जाए। बैठक में मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मप्र के संतरा, केला, पान, लहसुन की अंतरराष्ट्रीय पहचान के लिए हों प्रयास मुख्यमंत्री डा. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश मसालों की पृथक मंडी विकसित की जाए। मसालों की खेती का अन्य जिलों में भी विस्तार किया जाए। प्रदेश में बड़े पैमाने पर फल, सब्जी, मसालों आदि का उत्पादन होता है। अत: मध्य प्रदेश के संतरा, केला, पान, लहसुन आदि की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान स्थापित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में जारी पौधारोपण अभियान में फलदार पौधे लगाने को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए। प्रदेश में फल, सब्जियों, औषधीय पौधों आदि के आर्गेनिक प्रोडक्शन, उनके डिहाइड्रेशन प्लांट व गामा रेडिएशन जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए। मप्र के संतरा, केला, पान, लहसुन की अंतरराष्ट्रीय पहचान के लिए हों प्रयास मुख्यमंत्री डा. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश मसालों की पृथक मंडी विकसित की जाए। मसालों की खेती का अन्य जिलों में भी विस्तार किया जाए। प्रदेश में बड़े पैमाने पर फल, सब्जी, मसालों आदि का उत्पादन होता है। अत: मध्य प्रदेश के संतरा, केला, पान, लहसुन आदि की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान स्थापित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में जारी पौधारोपण अभियान में फलदार पौधे लगाने को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए। प्रदेश में फल, सब्जियों, औषधीय पौधों आदि के आर्गेनिक प्रोडक्शन, उनके डिहाइड्रेशन प्लांट व गामा रेडिएशन जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश भी दिए गए। बेहतर कार्य करने वालों को शासकीय कार्यक्रमों में सम्मानित किया जाए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि किसान को उसकी मेहनत और निवेश का पूरा लाभ मिले व परिस्थितिवश किसी भी स्थिति में उन्हें नुकसान न उठाना पड़े। आधुनिकतम तकनीक और शासकीय योजनाओं की जानकारी देने के लिए जिला स्तर पर कार्यशाला आयोजित की जाएं। बेहतर कार्य करने वालों को शासकीय कार्यक्रमों में सम्मानित करें, जिससे अन्य किसान व उद्यमी प्रेरणा प्राप्त कर सकें। किसानों की अतिरिक्त आय सुनिश्चित करने तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत प्रदेश में विभाग द्वारा 18 लाख फलदार पौधे रोपे गए। बेहतर कार्य करने वालों को शासकीय कार्यक्रमों में सम्मानित किया जाए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि किसान को उसकी मेहनत और निवेश का पूरा लाभ मिले व परिस्थितिवश किसी भी स्थिति में उन्हें नुकसान न उठाना पड़े। आधुनिकतम तकनीक और शासकीय योजनाओं की जानकारी देने के लिए जिला स्तर पर कार्यशाला आयोजित की जाएं। बेहतर कार्य करने वालों को शासकीय कार्यक्रमों में सम्मानित करें, जिससे अन्य किसान व उद्यमी प्रेरणा प्राप्त कर सकें। किसानों की अतिरिक्त आय सुनिश्चित करने तथा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत प्रदेश में विभाग द्वारा 18 लाख फलदार पौधे रोपे गए। recent visitors 169