ईरान का इजरायल पर होगाजोरदार हमला… एक्सपर्ट ने नेतन्‍याहू को दी चेतावनी, बड़ी तैयारी में शिया मुल्‍क

तेहरान  ईरान और इजरायल के बीच तनाव इस समय चरम पर है। हानिया पर हमले के बाद ईरान की से बदले की कार्रवाई हो सकती है। ईरान के हमले के अंदेशे को देखते हुए इजरायल और उसका खास सहयोगी अमेरिका तैयारी कर रहे हैं। इस बीच रक्षा एक्सपर्ट ने दावा किया है कि ईरान का इजरायल पर ये हमला इसी साल अप्रैल में हुए अटैक से बड़े स्तर पर होगा। ईरान ने इस साल अप्रैल में इजरायल पर सैकड़ों की तादाद में मिसाइल और ड्रोन दागे थे। दावा किया जा रहा है कि इस दफा ईरान इससे कहीं बड़े हमले की योजना बना रहा है। द सन की रिपोर्ट कहती है कि इस्माइल हानिया की बाद ईरान अपना बदला लेने की योजना बना रहा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आईडीएफ को उसके पड़ोसी देशों में ईरान की ओर से 170 ड्रोन, 30 क्रूज मिसाइल और 120 बैलिस्टिक मिसाइलें भेजे जाने की सूचना मिली है। एक्सियोस ने अमेरिकी जासूसों के हवाले से कगहा है कि ईरान कुछ ही दिनों में इजरायल पर हमला करेगा। लेबनान की राजधानी बेरूत में अपने वरिष्ठ कमांडर की हत्या के बाद हिजबुल्लाह भी इजरायल पर हमला कर सकता है और वह ईरान के साथ इसमें शामिल होगा। अमेरिका ने माना- आने वाले दिन हो सकते हैं मुश्किल रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका अपने सहयोगी इजरायल की सुरक्षा के लिए सावधानी बरत रहा है और उसे लगता है कि आने वाले दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं। इजरायल के अधिकारियों भी मानना है कि ईरान उनके देश पर बड़ा मिसाइल हमला करेगा। पूर्व इजरायली खुफिया अधिकारी एवी मेलमेड ने कहा कि हमला ईरान के किसी प्रॉक्सी जैसे हिजबुल्लाह, इराक में शिया मिलिशिया या यमन में हौथियों के माध्यम से हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमले में साइबर हमला शामिल हो सकता है।  ईरान की सेना अब इजरायल पर सबसे बड़े हमले की तैयारी कर रही है। इस हमले की जद में लेबनान भी आ सकता है जहां पर ह‍िज्‍बुल्‍ला के लड़ाके इजरायली इलाके में रॉकेट बरसा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरान, हिज्‍बुल्‍ला, हूती तीनों मिलकर इजरायल पर एक साथ मिसाइल, रॉकेट और विस्‍फोटक ड्रोन से हमला बोल सकते हैं। इस खतरे को देखते हुए इजरायल भी नागरिकों से बम शेल्‍टर को साफ करने और सभी जरूरी सामान रखने के लिए कहा गया है। वहीं इस बड़े खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने इजरायल और लेबनान में रह रहे भारतीय लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। दरअसल, इन 3 तीनों ही देशों में कुल मिलाकर 40 हजार भारतीय रहते हैं जो वहां नौकरी या पढ़ाई कर रहे हैं। दिल्‍ली से लेकर इजरायल तक भारत अलर्ट यही नहीं भारत में सभी राज्‍यों के पुलिस प्रमुखों को इजरायली नागरिकों और यहूदियों की सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इजरायल की राजधानी तेलअवीव में अमेरिका के दूतावास को भी ड्रोन से निशाना बनाया गया था। इस हमले में 1 आम नागरिक की मौत हो गई थी। साल 2021 में इजरायल के नई दिल्‍ली स्थित दूतावास के पास क्रूड बम का एक विस्‍फोट हुआ था। 26 दिसंबर 2023 को इजरायली दूतावास के पास एक और धमाका हुआ था। इन हमलों के पीछे ईरानी गुटों पर आशंका जताई गई थी लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई थी। मिडिल ईस्ट में अमेरिका कर रहा हथियारों की तैनाती पिछले हफ्ते मिडिल ईस्ट में क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बाद पेंटागन ने शुक्रवार को ऐलान किया कि अमेरिका मध्य पूर्व में एक अतिरिक्त लड़ाकू स्क्वाड्रन तैनात कर रहा है. साथ ही ऐलान किया गया है कि इजराइल की रक्षा और अमेरिकी सेना की सुरक्षा में मदद के लिए अतिरिक्त क्रूजर और विध्वंसक जहाज की भी तैनाती किया जाएगा. पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा कि यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत मध्य पूर्व में यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट की जगह लेगा. हिज्बुल्लाह ने भी दी है अटैक की चेतावनी यूएन में ईरान के स्थायी मिशन ने चेतावनी दी है कि मंगलवार को लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह के एक टॉप कमांडर फुआद शुक्र की हत्या के जवाब में समूह इजरायल के अंदर "और बड़े और गहरे" नागरिक और सैन्य ठिकानों पर हमला कर सकता है. यह अभी स्पष्ट नहीं है कि क्या हिजबुल्लाह फिर से ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों द्वारा इजरायल पर एक साथ किए जाने वाले जवाबी हमले का हिस्सा होगा, या फिर वह अपना अलग हमला करेगा. कितना ताकतवर है हिज्बुल्लाह? माना जाता है कि हिजबुल्लाह के पास 150,000 मिसाइलों और रॉकेटों का भंडार है, जिनमें से कुछ लंबी दूरी तक मार करने वाली हैं. मसलन, अगर इतनी बड़ी संख्या में मिसाइलें छोड़ी जाती हैं तो इजरायल के आयरन डोम के लिए इसे इंटरसेप्ट करना मुश्किल हो जाएगा. लंबी दूरी की मिसाइलें इजरायल के अंदर ठिकानों को निशाना बनाने में कारगर है. इजरायली सेना, जो कि फिलहाल गाजा में है, ने दक्षिण और उत्तर में एक साथ दो मोर्चे पर जंग लड़ने में सक्षम नहीं होगी. recent visitors 88

वायनाड में वन अधिकारियों ने 8 घंटे के अथक अभियान के बाद एक दूरदराज के आदिवासी बस्ती से 6 बच्चों को रेस्क्यू किया गया

वायनाड केरल के वायनाड में आए विनाशकारी भूस्खलन में अभी तक 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं. इस भयानक आपदा के बीच एक सुखद खबर भी सामने आई है जहां भूस्खलन प्रभावित वायनाड में केरल के वन अधिकारियों द्वारा 8 घंटे के अथक अभियान के बाद एक दूरदराज के आदिवासी बस्ती से 6 बच्चों को रेस्क्यू किया गया. इस रेस्क्यू अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने कहा, "वन अधिकारियों का ये जज्बा हमें याद दिलाता है कि संकट की घोर घड़ी में भी केरल की जीवटता चमकती रहती है. हम एकजुट होकर पुनर्निर्माण करेंगे तथा और मजबूत होकर उभरेंगे." कलपेट्टा रेंज के वन अधिकारी के. हशीस के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने गुरुवार को एक आदिवासी परिवार को बचाने के लिए जंगल के अंदर एक खतरनाक रास्ते को पार करते हुए इस रेस्क्यू अभियान को अंजाम दिया. बचाए गए बच्चों में आदिवासी समुदाय के एक से चार साल की उम्र के चार बच्चे शामिल हैं. जंगल के अंदर पहाड़ी पर फंसा था परिवार वायनाड के पनिया समुदाय से ताल्लुक रखने वाला यह परिवार एक पहाड़ी की चोटी पर एक गुफा में फंसा हुआ था, जिसके ऊपर एक गहरी खाई है और टीम को वहां पहुंचने में साढ़े चार घंटे से अधिक का समय लगा. पीटीआई से बात करते हुए, हशीस ने कहा कि उन्होंने गुरुवार को मां और चार साल के बच्चे को वन क्षेत्र के पास भटकते हुए देखा और पूछताछ करने पर पता चला कि उसके तीन अन्य बच्चे और उनके पिता बिना भोजन के एक गुफा में फंसे हुए हैं. हशीस ने कहा कि परिवार आदिवासी समुदाय के एक विशेष वर्ग से ताल्लुक रखता है, जो आम तौर पर बाहरी लोगों से बातचीत करने से बचता है. उन्होंने कहा, "वे आम तौर पर वन उत्पादों पर आश्रित रहते हैं और उन्हें स्थानीय बाजार में बेचकर चावल खरीदते हैं. हालांकि, ऐसा लगता है कि भूस्खलन और भारी बारिश के कारण वे कोई भोजन प्राप्त करने में असमर्थ थे." चट्टानों पर चढ़ने के लिए लिया था रस्सियों का सहारा वन रेंज अधिकारी ने अपनी खतरनाक यात्रा के बारे में बताया, जिसमें उन्हें भारी बारिश के बीच फिसलन भरी और खड़ी चट्टानों से होकर गुजरना पड़ा. हशीस ने कहा, 'बच्चे थके हुए थे, और हम अपने साथ खाने-पीने का जो भी सामान ले गए थे उन्हें खिलाया. बाद में, बहुत समझाने के बाद, उनके पिता हमारे साथ आने के लिए राजी हो गए, और हमने बच्चों को अपने शरीर से बांध लिया और वापस अपनी यात्रा शुरू कर दी.'  अधिकारियों को फिसलन भरी चट्टानों पर चढ़ने के लिए पेड़ों और चट्टानों से रस्सियां बांधनी पड़ीं. वे अट्टामाला के अपने स्थानीय दफ्तर में वापस आ गए, जहां बच्चों को खाना खिलाया गया और कपड़े और जूते दिए गए. उन्होंने बताया कि फिलहाल उन्हें वहां रखा गया है औरबच्चे अब सुरक्षित हैं. केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने वन अधिकारियों के चुनौतीपूर्ण प्रयास की सराहना करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया और तस्वीरे साझा कीं. सीएम विजयन ने की तारीफ विजयन ने शुक्रवार को 'एक्स' पर लिखा, "भूस्खलन प्रभावित वायनाड में हमारे साहसी वन अधिकारियों द्वारा 8 घंटे के अथक अभियान के बाद एक सुदूर आदिवासी बस्ती से छह कीमती जानें बचाई गईं. वन अधिकारियों का ये जज्बा हमें याद दिलाता है कि संकट की घोर घड़ी में भी केरल की जीवटता चमकती रहती है. हम उम्मीद के साथ एकजुट होकर पुनर्निर्माण करेंगे और मजबूत होकर उभरेंगे." हशीश के साथ, खंड वन अधिकारी, बी एस जयचंद्रन, बीट वन अधिकारी, के अनिल कुमार और आरआरटी ​​(रैपिड रिस्पांस टीम) के सदस्य अनूप थॉमस ने परिवार को बचाने के लिए सात किलोमीटर से अधिक लंबी यात्रा की. जैसे ही बारिश तेज हुई, वन विभाग ने वायनाड में आदिवासी समुदायों के अधिकांश सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था. अधिकारी ने बताया कि यह परिवार कुछ समय से जंगल के अंदर रह रहा था. recent visitors 122

अयोध्या रेप मामला : पीड़ित परिवार को मिली धमकी, सपा नेता राशिद, जय सिंह राणा पर FIR दर्ज

    अयोध्या   अयोध्या में 12 साल की बच्ची से रेप मामले में पीड़ित परिवार को धमकी देने की बात सामने आई हैं. आरोप है कि पीड़ित परिवार द्वारा मामले में सुलह नहीं करने पर परिजनों को मारने की धमकी दी गई है. सपा नेता और नगर पंचायत भदरसा के चेयरमैन मोहम्मद राशिद पर पीड़ित परिवार को धमकी देने का आरोप लगाया है, जिसके बाद ये मामला और गरमा गया है. पुलिस ने इस मामले में आरोपी चेयरमैन मोहम्मद राशिद, सपा नेता जय सिंह राणा और एक अन्य आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है. ये केस कोतवाली नगर थाने में दर्ज किया गया है. बताया जा रहा है कि आरोपियों ने रात 11:00 बजे जिला महिला अस्पताल गए. जहां उन्होंने पीड़ित परिवार पर सुलह करने का दबाव बनाया और ऐसा नहीं करने पर उन्हें धमकी दी. इस अस्पताल में नाबालिग पीड़िता भर्ती है. पीड़िता को जान से मारने की धमकी इस मामले में थाना पूराकलंदर के पिपरी भरतकुंड निवासी रामसेवकदास ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. वहीं दूसरी तरफ अयोध्या गैंगरेप कांड मामले में प्रशासन भी एक्शन मोड में दिखाई दे रहा है. खाद्य सुरक्षा उपायुक्त ने गैंगरेप के मुख्य आरोपी सपा नेता मोहन खान की बेकरी पर रेड की है. टीम ने सपा नेता की बेकरी में बने सामानों की जांच की. आरोपी मोईन खान भदरसा में एवन बेकरी के नाम से बेकरी चलाता है. वहीं दूसरी तरफ आरोपी मोहन खान के घर पर बुलडोजर की कार्रवाई करने की तैयारी की गई है. उस पर तालाब, कब्रिस्तान की जमीन कब्जाने का आरोप है. दो दिन पहले ही राजस्व विभाग ने इसकी जांच की थी, जिसके बाद अब बुलडोजर रवाना कर दिए गए हैं.    अयोध्या गैंगरेप कांड पर सियासत गरम अयोध्या में नाबालिग से गैंगरेप का मामला सामने आने के बाद सियासत गर्मा गई है. इस मामले में सपा नेता मोहन खान मुख्य आरोपी है. मोईन खान ने अपने नौकर के साथ मिलकर 12 साल की बच्ची से कई बार गैंगरेप किया. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब बच्ची गर्भवती हो गई. आरोप है शुरुआत में पुलिस ने भी इस मामले को दबाने की कोशिश की. लेकिन हिन्दू संगठनो ने विरोध के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया.   इस मामले की गूंज यूपी विधानसभा में भी सुनाई दी थी. जब सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी को घेरते हुए अब तक आरोपी पर पार्टी की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाया और साफ कर दिया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों के बख्शा नहीं जाएगा. अस्पताल जाकर दी धमकी आरोप है ये सपा नेता नाबालिग रेप पीड़िता से सुलह न करने पर धमकी देने के लिए अस्पताल गए थे. एफआईआर में कहा गया है कि सपा नेता व नगर पंचायत भदरसा के चेयरमैन मोहम्मद राशिद, सपा नेता जय सिंह राणा व एक अन्य के खिलाफ कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया है गया है. आरोपी रात 11:00 बजे जिला महिला अस्पताल जाकर पीड़ित परिवार को सुलह करने की दी धमकी दी. पिपरी भरतकुंड निवासी रामसेवकदास ने यह मुकदमा दर्ज कराया है. पीड़िता फिलहाल जिला महिला अस्पताल भर्ती है. क्या है मामला दरअसल, गैंगरेप की ये घटना अयोध्या के पूरा कलंदर थाना क्षेत्र की है, जहां एक नाबालिग से दुष्कर्म के बाद आरोपियों ने उसका अश्लील वीडियो बना लिया फिर लंबे समय तक उसे ब्लैकमेल करके बारी-बारी रेप करते रहे. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता दो महीने की गर्भवती हो गई. 12 वर्षीय बच्ची चार बहनों में सबसे छोटी है ,पिता की दो साल पहले ही मृत्यु हो गई है. घर का गुजारा उसकी मां और बहनों के द्वारा मजदूरी से मिले पैसे से चलता है. आरोप है कि लगभग ढाई महीने पहले पीड़िता खेत से मजदूरी करके लौट रही थी. तभी रास्ते में उसे राजू नामक एक शख्स मिला जिसने उससे कहा कि बेकरी मालिक मोईद खान उसे बुला रहा है. आरोप है कि मोईद ने उसका बलात्कार किया और राजू ने इसका वीडियो बना लिया. फिर राजू ने भी बच्ची के साथ दुष्कर्म किया. लंबे समय तक दोनों वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल करके उसके साथ गंदा काम करते रहे.बच्ची जब 2 महीने की गर्भवती हो गई तब मामला खुला. पीड़ित परिवार का आरोप पीड़िता के परिजनों ने पुलिस से इस मामले की शिकायत की लेकिन आरोप है कि शुरू में इसपर कोई एक्शन नहीं लिया गया. बाद में जब हिंदु संगठनों के साथ निषाद पार्टी के लोगों ने आक्रोश जताया तो पुलिस ने सपा के भदरसा नगर अध्यक्ष मोईद खान और उसकी बेकरी पर काम करने वाले राजू को गिरफ्तार किया.  पीड़िता की मां ने बताया कि जब हम शिकायत लेकर चौकी पर गए तो दरोगा ने हमसे कहा कि राजू का नाम रखिए लेकिन दूसरा नाम हटा दीजिए. फिर एसपी के दखल के बाद हमारा मामला लिखा गया. हमें आरोपियों के लिए फांसी की सजा चाहिए. पीड़ित नाबालिग लड़की की मां ने शुक्रवार (2 अगस्त) को लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. इस दौरान सीएम ने सपा नेता मोईद खान समेत अन्य आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया. इसके बाद अब थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी पर भी एक्शन हुआ है और आरोपी की संपत्ति की जांच शुरू कर दी गई है.   recent visitors 110

अभिनेता मोहनलाल भी जायजा लेने पहुंचे, केरल के वायनाड भूस्खलन में मृतकों का आंकड़ा 300 के पार

वायनाड. केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन के बाद राहत और बचाव कार्यों का आज पांचवां दिन है। अब तक मृतकों का आंकड़ा 308 हो चुका है। अभी भी शवों की तलाश जारी है। भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल विकास राणा ने बताया कि आज भी कल की ही तरह विभिन्न जोन्स के लिए अलग-अलग टीमें बनाई जाएंगी। टीमों के साथ वैज्ञानिक और स्निफर डॉग्स भी मौजूद रहेंगे। सेना के अधिकारी ने बताया कि स्थानीय लोग भी राहत और बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं। केरल सरकार की अपील पर सेना की नॉर्दर्न कमांड से एक जावेर रडार और तिरंगा माउंटेन रेस्क्यू ऑर्गेनाइजेशन से चार रेकी रडार और इनके ऑपरेटर्स आज दिल्ली से वायनाड के लिए रवाना होंगे। इनका इस्तेमाल राहत और बचाव कार्यों में किया जाएगा। वायनाड भूस्खलन वाली जगह पहुंचे मोहनलाल वायनाड में भूस्खलन प्रभावित जगह पर मशहूर अभिनेता मोहनलाल भी पहुंचे। मोहनलाल भारतीय सेना की टेरिटोरियल आर्मी में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। ऐसे में भूस्खलन वाली जगह पर मोहनलाल सेना की वर्दी में पहुंचे और वहां सेना के अधिकारियों और जवानों से मुलाकात की और उनके द्वारा किए जा रहे कामों की तारीफ की। साथ ही मोहनलाल ने राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया। वायुसेना द्वारा हवाई सर्वे किया जा रहा है सेना पुंचिरिमत्तम इलाके में एक अस्थायी पुल का निर्माण कर रही है ताकि उससे मशीनों को गुजारकर भूस्खलन प्रभावित इलाकों में ले जाया जा सके और वहां तलाशी अभियान चलाया जा सके। वायुसेना द्वारा प्रभावित इलाकों हवाई सर्वे किया जा रहा है। लापता लोगों की तलाश के लिए स्निफर डॉग्स की ली जा रही मदद चूरालमाला इलाके में राहत और बचाव कार्य अभी भी जारी है। स्निफर डॉग्स की मदद से शवों की तलाश की जा रही है। भारतीय सेना के जवान खोज और बचाव अभियान को सुविधाजनक बनाने के लिए पंचिरिमट्टम इलाके में मशीनरी को गुजारने के लिए एक अस्थायी पुल का निर्माण कर रहे हैं। एक परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बचाए गए वायनाड भूस्खलन के बाद एक परिवार के चार सदस्य सुरक्षित बचाए गए हैं। भूस्खलन में इनका घर बच गया था, लेकिन बाकी इलाके से इनका संपर्क टूट गया था, जिसकी वजह से वह अपने घर में ही फंसकर रह गए थे। बचाए गए लोगों की पहचान जॉन के जे, जोमोल जॉन, क्रिस्टीन जॉन और अब्राहम जॉन के रूप में हुई है। वायनाड भूस्खलन में बचाई गई 40 दिन की बच्ची वायनाड भूस्खलन में एक 40 दिन की बच्ची और उसके छह साल के भाई को बचाव दल को सकुशल बचा लिया गया। केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन में एक परिवार के छह सदस्य बाढ़ में बह गए। उनका घर भी नष्ट हो गया। जबकि परिवार की 40 दिन की बच्ची अनारा और उसका छह साल का भाई मोहम्मद हयान सकुशल बच गए। बचाव दल के मुताबिक अनारा और हयान को बचाने के लिए उसकी मां तनजीरा एक घर की छत पर चिपकी रही। इस दौरान पानी के तेज बहाव में हयान अचानक बह गया। छह साल का हयान 100 मीटर दूर जाकर कुएं के पास से गुजर रहे तार के सहारे लटका रहा। बचाव दल ने उसे बचाया। recent visitors 96

मध्य प्रदेश सरकार ने महिला एवं बालिका सशक्तीकरण नीति बनाने के लिए जनता से लेगी सुझाव

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार महिला एवं बालिका सशक्तीकरण के लिए नीति बनाने जा रही है। नीति बनाने के लिए राज्य सरकार जनता से सुझाव लेगी। वहीं प्रदेश के समस्त विभागों को भी नीति बनाने के लिए सहयोग करने को कहा गया है। इसके लिए विभागवार एक महिला अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। ये महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ नीति बनाने के लिए अपने-अपने विभागों में महिला एवं बालिका संबंधित संचालित विभागीय योजनाओं की जानकारी साझा करेंगे। इसके साथ ही नीति बनाने में सहयोग करेंगे। वहीं जनता से भी ई-मेल और पत्र के माध्यम से सुझाव लिए जाएंगे। मैदानी अधिकारी भी अपने-अपने क्षेत्र में जनता से संपर्क कर उनके सुझाव लेंगे और सरकार को भेजेंगे। इन सुझावों के आधार पर महिला एवं बालिका सशक्तीकरण नीति तैयार की जाएगी। बता दें कि इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जून माह में दो दिवसीय राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन भी किया गया था। 45 से अधिक विभागों के प्रतिनिधियों ने इसमें सहभागिता की थी। कार्यशाला में आए सुझावों के आधार पर बालिकाओं की सुरक्षा, कानून, आजीविका और कौशल विकास के अवसर, जेंडर, पंचायत आदि को लेकर समग्र नीति तैयार की जा रही है। इस कार्य में एनजीओ तथा सामाजिक संस्थाओं को भी जोड़ना जाएगा। समान अधिकार प्राप्त करने करना पड़ता है संघर्ष सरकार का मानना है कि महिलाओं को आज सभी क्षेत्रों में वैधानिक रूप से समान अधिकार प्राप्त है लेकिन समाज में उन्हें आज भी इसके लिए संघर्ष करना पड़ता है। महिलाओं का आर्थिक रूप से सशक्त होना उनके पूरे भविष्य को तय करता है। महिला सशक्तीकरण एक बहुआयामी दृष्टिकोण है जिसमें आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, विधिक और स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं का समावेश है। इधर, महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि महिला नीति मात्र कागजी दस्तावेज न बने, इसे मेनिफेस्टो के रूप में तैयार करें। सभी ऐसे विभाग जो महिला सशक्तीकरण के पहलुओं से अनछुए है, उन्हें भी शामिल करें। महिला सशक्तीकरण के कई घटक है जैसे शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, कानून आदि। नीति में महिलाओं के मानव अधिकार, उनकी भागीदारी, हिंसा जैसी कुरीतियों को कैसे दूर किया जा सकता है, उसका भी समावेश होगा। recent visitors 97

सुनीता विलियम्स की वापसी में एक ओर नई मुश्किल आई ! नासा का एक नया अंतरिक्ष यान जल्द स्पेस में जाने वाला है

वॉशिंगटन नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स स्पेस में अभी भी फंसी हुई है। अपने साथी बुच विल्मोर के साथ वह इंटरनेशनल स्पेस स्टेश (ISS) में मौजूद हैं। लेकिन अब दोनों अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने के लिए नासा के पास बेहद कम समय बचा है। बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान के जरिए दोनों स्पेस में गए थे। उन्हें अंतरिक्ष में एक सप्ताह ही रुकना था। लेकिन वह 50 दिनों से ज्यादा समय से अंतरिक्ष में फंसी हैं। बोइंग स्टारलाइनर के थ्रस्टर में खराबी और हीलीयम लीक के कारण समस्या देखने को मिली है। लेकिन अब नासा के पास इस समस्या को सुलझाने के लिए सिर्फ 18 दिन बचे हैं। क्योंकि 18 दिनों बाद क्रू-9 मिशन आ जाएगा। क्या आई थी खराबी? 5 जून को दोनों अंतरिक्ष यात्री फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से अंतरिक्ष में गए थे। उनका मिशन बोइंग स्टारलाइनर की पहली मानव उड़ान के साथ परखना था। अंतरिक्ष यान सफलतापूर्वक ISS के साथ जुड़ा गया। हालांकि करीब जाने के दौरान इसके 28 थ्रस्टर्स में से पांच बंद हो गए। इसके अतिरिक्त इंजीनियरों ने अंतरिक्ष यान के सर्विस मॉड्यूल में पांच छोटे हीलियम लीक की खोज की। जिस कारण बोइंग स्टारलाइनर अनडॉक होकर धरती पर नहीं आ पाया है। नासा और बोइंग के इंजीनियर समस्या सुलझाने में लगे हैं। हालांकि अभी तक नासा वापसी की तारीख नहीं तय कर पाया है। अंतरिक्ष यान के थ्रस्टर्स और हीलियम सिस्टम वापसी के लिए महत्वपूर्ण हैं। अगर कोई खराबी आती है तो यह अंतरिक्ष यात्रियों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। अब क्या होगी मुश्किल ISS के लिए क्रू-9 मिशन जल्द ही लॉन्च होने वाला है। इसके स्पेस स्टेशन से जुड़ने के लिए पहले स्टारलाइनर को डॉकिंग पोर्ट से हटाना होगा। यह स्थिति को और भी जटिल बनाता है। क्रू-9 मिशन 18 अगस्त से पहले लॉन्च होगा। स्पेसएक्स का ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष यात्रियों जेना कार्डमैन, निक हेग और स्टेफनी विल्सन के साथ-साथ रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोर्बुनोव को स्पेस में ले जाएगा। यदि स्टारलाइनर निष्क्रिय रहता है तो नासा को विलियम्स और विल्मोर को पृथ्वी पर लाने के नए तरीके के बारे में विचार करना पड़ेगा। संभव है कि स्पेसएक्स ड्रैगन कैप्सूल का इस्तेमाल किया जाए। हालांकि स्पेस स्टेशन में 6 डॉकिंग पोर्ट हैं, जिनका इस्तेमाल नासा कर सकता है। recent visitors 90

ईरान इजरायल पर हजारों रॉकेट और ड्रोन की बारिश करेगा ! नेतन्याहू घातक पलटवार को तैयार

तेल अवीव  ईरान और इजरायल के बीच बीते कई वर्षों से तनातनी चल रही है। ये तनातनी इस समय चरम पर पहुंच गई है, इसकी वजह तेहरान में हमास नेता इस्माइल हानिया की मौत है। हानिया पर हमले के लिए ईरान ने इजरायल को जिम्मेदार बताया है और बदला लेने की कसम खाई है। इस्माइल के अलावा हिजबुल्लाह कमांडर फुआद शुकर को भी बेरूत में एक हवाई हमले में मार दिया गया है। कुछ घंटे के भीतर शुकर और हानिया की मौत ने ईरान और हिजबुल्लाह को भड़का दिया है। हमले के अंदेशे को देखते हुए कई एयरलाइंस ने इजरायल और लेबनान के लिए उड़ानें रद्द कर दी हैं और कई देशों ने अपने नागरिकों से तुरंत इस क्षेत्र को छोड़ने के लिए कहा है। इजरायल बीते साल अक्टूबर से गाजा में हमास के साथ लड़ रहा है। इस जंग में हमास के समर्थन में लेबनान सीमा पर हिजबुल्लाह और यमन में हूती विद्रोही भी शामिल हैं। इन तीनों ही संगठनों को ईरान का समर्थन है। माना जाता है इजरायल को चौतरफा घेरने के लिए ईरान इन समूहों को वित्तपोषित और प्रशिक्षित करता है। हालिया घटनाक्रम के बाद ईरान की ओर से इजरायल को निशाना बनाया जा सकता है। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इसका इशारा करते हुए कहा कि हमारे सामने चुनौतीपूर्ण दिन हैं। हम सभी तरफ से धमकियां सुन रहे हैं। हम किसी भी परिदृश्य के लिए तैयार हैं। किसी भी खतरे के खिलाफ एकजुट और दृढ़ से लड़ेंगे। ईरान के पास जवाबी कार्रवाई के कई विकल्प यरुशलम पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, मिसगाव इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी के ब्रिगेडियर जनरल (सेवानिवृत्त) योसी कुपरवासेर ने ईरान की ओर से हमले के अंदेशे पर कहा कि ईरान के पास जवाबी कार्रवाई के लिए कई विकल्प हैं और इस संघर्ष के एक बड़े पैमाने पर क्षेत्रीय युद्ध में बदलने की संभावना है। तेल अवीव विश्वविद्यालय में ईरान विशेषज्ञ डॉक्टर रज जिम्ट का कहना है कि ईरान की धरती से सीधे इजरायल पर हमले के साथ यह इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष का एक नया चरण शुरू हो सकता है। रिपोर्ट कहती है कि इजरायली खुद को ईरानी हमले के लिए तैयार कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप एक बड़ा क्षेत्रीय संघर्ष हो सकता है। जिम्ट का कहना है कि ये बहुत संभावना है कि ईरान हमला करेगा। सवाल यह है कि इस तरह के हमले के क्या परिणाम होंगे और क्या इस साल अप्रैल की तरह ये नियंत्रित हो पाएगा। अगर इजरायल व्यापक संघर्ष में उतरा तो फिर उसे बड़ा खतरा हिजबुल्लाह से है। वह निश्चित ही खुद को एक बहु-मोर्चे पर टकराव की स्थिति में पाएग। ईरान के साथ कई गुट भी करेंगे हमला! जिम्ट का कहना है कि इजरायल को इस दफा ईरान और उसके प्रॉक्सी मिलिशिया की ओर से संयुक्त हमला देखने को मिल सकता है। ईरान संभवत यूएवी और क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल इजरायल पर करेगा, जैसे ईरान इसी साल अप्रैल में कर चुका है। उसके साथ हिजबुल्लाह भी इजरायल की जमीन पर रॉकेट दाग सकता है। इससे इजरायल के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। रक्षा विश्लेषकों का अनुमान है कि हिजबुल्लाह के पास करीह 150,000 रॉकेट जमा हैं। साथ ही उसने अपनी मिसाइल क्षमताओं में भी सुधार किया है और इजरायल पर हमला करने के लिए उसके पास लड़ाकों की बड़ी तादाद है। ईरान और हिजबुल्लाह के अलावा इजरायल के लिए खतरों में हूती विद्रोही भी शामिल हैं। recent visitors 107