चित्रकूट में संभावित यूनेस्को ग्लोबल जियो पार्क की स्थापना के लिये शुरू हुई तीन दिवसीय कार्यशाला: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि चित्रकूट में भगवान श्रीराम का वनवास काल गुजरा है। यहां मानवीय सभ्यता और भारतीय सनातन, संस्कृति का अनूठा मेल दिखाई देता है। चित्रकूट की पावन धरा पर जियो पार्क की संभावना तलाशने का कार्य आरंभ किया गया है। जियो पार्क से इस क्षेत्र में रोजगार और विकास के अवसर खुलेंगे तथा सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को चित्रकूट के उद्यमिता परिसर के विवेकानंद सभागार में चित्रकूट संभावित यूनेस्को ग्लोबल जियो पार्क की स्थापना के लिए आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यूनेस्को ने 195 देशों में जियो पार्क की स्थापना की संभावनाएँ तलाशी है, जिसमें उन्होंने चित्रकूट की पावन धरती पर जियो पार्क की संभावना देखने के लिए यूनेस्को के प्रतिनिधियों का आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत रत्न नानाजी देशमुख ने सर्वाधिक पिछडे क्षेत्र में स्वावलंबन की अलख जगाई थी। इस क्षेत्र में रोजगार, पशुपालन, कृषि, सहित सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में भी प्रगति दीनदयाल शोध संस्थान का विशेष योगदान रहा है। प्रदेश में चित्रकूट ही ऐसा परम धाम है, जहां सभी संभावनाएँ फलीभूत होती हैं। उन्होंने कहा कि चित्रकूट में जियो पार्क की स्थापना से हमारी प्राचीन विरासत और अमूल्य भारतीय संस्कृति को संरक्षण मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चित्रकूट यूनेस्को जियो पार्क आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया। इस अवसर पर यूनेस्को के प्रतिनिधि ने जियो पार्क की स्थापना के उद्देश्य की जानकारी देते हुए बताया कि हमारी प्राकृतिक संपदा को संरक्षित करने की जरूरत है। जियो पार्क को उद्देश्य अपनी भू-वैज्ञानिक और सांस्कृतिक विरासत की खोज कर उसे और प्रभावी बनाना है। भारत में अब तक कोई जियो पार्क नहीं है। भगवान श्रीराम की तपो भूमि चित्रकूट में मानव जीवन का पुराना इतिहास मौजूद होने से यहां जियो पार्क की संभावना अत्यधिक है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद श्री गणेश सिंह, सांसद मुरैना श्री शिवमंगल सिंह तोमर, विधायक श्री सुरेन्द्र सिंह गहरवार, डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन, पद्म श्री उमाशंकर पाण्डेय, उत्तम बनर्जी कार्यक्रम के प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, श्री मुकेश पाण्डेय, कुलगुरू ए.के. सिंह, भरत मिश्रा सहित जन-प्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित थे।   recent visitors 105

70 लाख माताओं-बहनों को रक्षाबंधन पर महतारी वंदना की किश्त जारी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय पहुंचे जगदलपुर

रायपुर. रिमोट का बटन दबाकर महतारी वंदन योजना की 6वीं किश्त की राशि हितग्राहियों के खातों में हस्तांतरित की. रिमोट का बटन दबाकर महतारी वंदन योजना की 6वीं किश्त की राशि हितग्राहियों के खातों में हस्तांतरित की. रिमोट का बटन दबाकर महतारी वंदन योजना की 6वीं किश्त की राशि हितग्राहियों के खातों में हस्तांतरित की. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की 70 लाख माताओं-बहनों को जगदलपुर से दिया रक्षाबंधन का तोहफा. रिमोट का बटन दबाकर महतारी वंदन योजना की 6वीं किश्त की राशि हितग्राहियों के खातों में हस्तांतरित की. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन एप एवं एक पेड़ मां के नाम अभियान का भी हुआ शुभारंभ. 3061 महिला स्व-सहायता समूहों को स्वरोज़गार के लिए 100 करोड़ रूपए का ऋण का वितरण भी हुआ. recent visitors 123

किशन सूर्यवंशी ने कहा- शैक्षणिक संस्थान शहर के गौरव होते है, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भी हमारे शहर का गौरव है

भोपाल निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी ने कहा है कि शैक्षणिक संस्थान शहर के गौरव होते है। हमारा बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भी हमारे शहर का गौरव है और मैं अपने इस विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस समारोह में सम्मिलित होकर अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। यह विचार श्री सूर्यवंशी ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के 54वें स्थापना दिवस समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए व्यक्त किए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरू श्री एस. के. जैन, रजिस्ट्रार श्री एस.आई. मंसूरी, प्रसिद्ध कवि श्री सुमित ओरछा, विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री हरदेव सिंह, महासचिव श्री धीरेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह सहित विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यगण व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। राजधानी भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर गुरूवार को आयोजित समारोह में श्री सूर्यवंशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि मैं इसी विश्वविद्यालय का छात्र रहा हूँ, इसलिए यहां आकर प्रफुल्लित हूँ। इस विश्वविद्यालय ने 54 वर्षों की यात्रा में एक से बढ़कर एक कीर्तिमान स्थापित किए है। इस विश्वविद्यालय की कुशल टीम के प्रयास और विश्वविद्यालय के सफल प्रशासनिक प्रबंधन का ही परिणाम है कि इस विश्वविद्यालय ने प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। श्री सूर्यवंशी ने विश्वविद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि यहां के छात्रों ने एक से बढ़कर एक शोध करके इस विश्वविद्यालय की गरिमा को बढ़ाया है। श्री सूर्यवंशी ने कहा कि भारत के छात्रों में टेलेन्ट की कोई कमी नहीं है वह इतनी कुशाग्र बुद्धि के कि उन्होंने अमेरिका में भी जाकर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। इसकी नीव हमारे शैक्षणिक संस्थानों में ही तैयार होती है। श्री सूर्यवंशी ने कहा कि हमारे शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षा का जो स्तर हो उसमें सकारात्मक परिवर्तन करते हुए इसे आगे ले जाने पर भी मंथन होना चाहिए। श्री सूर्यवंशी ने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि उन्होंने 34 वर्षों बाद नवीन शिक्षा नीति लाकर देश के शिक्षा जगत में अमूलचूल परिवर्तन किया है। श्री सूर्यवंशी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा संस्थानों में आस्था के केन्द्र प्रमुख पदों की गरिमानुरूप कुलगुरू जैसे शब्दों से सुशोभित करने पर धन्यवाद दिया। इस मौके पर श्री सूर्यवंशी ने विश्वविद्यालय से जुड़े अपने उद्गार भी व्यक्त किए। इससे पहले श्री सूर्यवंशी व अन्य अतिथियों ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर समारोह का शुभारंभ किया। समारोह में विश्वविद्यालय द्वारा श्री सूर्यवंशी का सम्मान भी किया गया। recent visitors 99

Mahadev Book App :प्रमोटर्स ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी से हर महीने करीब 450 करोड़ रुपए की कमाई – चार्जशीट में दावा

रायपुर छत्तसीगढ़ आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने कोर्ट में दायर चार्जशीट में दावा किया कि महादेव सट्टा  ऐप अब भी काम कर रहा है। चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि महादेव बुक ऐप के मालिकों को पुलिस, प्रशासनिक अफसरों और कई प्रभावशाली राजनीतिक शख्सियतों का संरक्षण हासिल था। इनके प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए वे अवैध सट्टेबाजी से जुड़ी गतिविधियां करते रहे और कानूनी कार्रवाई से बचते रहे। 19 जुलाई को दायर चार्जशीट में EOW ने यह भी दावा किया कि 2020 में लॉकडाउन के समय से प्रमोटर्स  ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी से हर महीने करीब 450 करोड़ रुपए की कमाई की। EOW ने 3 मार्च 2024 को प्रिवेंशन ऑफ करप्शन ऐक्ट, छत्तीसगढ़ गैंबलिंग (प्रोहिबिशन) ऐक्ट और पब्लिक गैंबलिंग ऐक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। EOW ने बिना किसी नेता का नाम लिए चार्जशीट में कहा, 'अवैध धन को जुटाने और बंटवारे का काम हवाला ऑपरेटर्स के जरिए किया जा रहा था और पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी प्रोटक्शन मनी के बंटवारे में शामिल थे।' चार्जशीट में कहा गया है कि प्रोटेक्शन मनी हवाला ऑपरेटर्स के जरिए पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों को दिया जाता था। यह प्रभावशाली राजनीतिक शख्सियतों तक भी पहुंचता था। EOW ने कहा, 'कई पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और प्रभावशाली नेताओं ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया और अवैध धन और संपत्ति हासिल की।' EWO की तरफ से महादेव बुक ऐप के प्रमोटरों-रवि उप्पल, शुभम सोनी, सौरभ चंद्राकर और अनिल कुमार अग्रवाल के खिलाफ लाइव गेम के जरिए अवैध सट्टेबाजी का आरोप लगाया गया है। जांच एजेंसी का कहना है कि ऑफलाइन सट्टेबाजी के बजाय उन्होंने एक ऑनलाइन प्लैटफॉर्म बनाया था। वॉट्सऐप, फेसबुक, टेलीग्राम और अन्य वेबसाइट्स की मदद भी ली जा रही थी। जांच में पाया गया कि महादेव बुक असल में विभिन्न वेबसाइटों के साथ अवैध सट्टेबाजी की पेशकश करने वाला प्लैटफॉर्म है। चार्जशीट में कहा गया है कि यह डिजिटल प्लैटफॉर्म लोगों को पोकर, कार्ड गेम्स, चांस गेम्स, क्रिकेट, बैडमिंट, टेनिस, फुटबॉल जैसे खेलों में सट्टेबाजी की सुविधा देता है। इसमें वर्चुअल क्रिकेट और चुनाव परिणाम पर भी सट्टेबाजी की सुविधा है। महादेव बुक के अलावा इसके प्रमोटर्स ने Reddy Anna और Fair Play जैसे ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लैटफॉर्म भी तैयार किए थे।' मौजूदा समय में महादेव बुक ऐप के 3500-4000 पैनल/ब्रान्च दुनियाभर में हैं।   recent visitors 101

महिला से ऐसे बर्ताव पर आपको शर्म नहीं आती? मालीवाल से बदसलूकी मामले में SC ने बिभव को लगाई फटकार

नई दिल्ली स्वाति मालीवाल पिटाई कांड में बिभव कुमार की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़ी टिप्पणियां की हैं। देश की सबसे बड़ी अदालत ने सीएम आवास में मालीवाल के साथ हुई घटना पर हैरानी जाहिर करते हुए बिभव कुमार को जमकर फटकार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'उसने (बिभव कुमार) गुंडे की तरह काम किया और मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास में घुसा। उसने तब भी महिला पर हमला किया जब उसने अपनी शारीरिक स्थिति बता दी थी।' कोर्ट ने पूछा कि एक महिला पर इस तरह हमला करते हुए शर्म नहीं आई? जस्टिस दीपांकर दत्ता, जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस उज्जल भुइंया की बेंच ने गुरुवार को बिभव कुमार की जमानत याचिका पर सुनवाई की। बिभव कुमार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अपने मुवक्किल के लिए राहत की मांग करते हुए कहा कि शिकायत तीन दिन बाद दर्ज की गई। उन्होंने यह भी कहा कि मालीवाल के आरोप मनगढंत और झूठे हैं। कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाते हुए कई तीखी टिप्पणियां की। अदालत ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। जस्टिस सूर्यकांत की अगुआई वाली बेंच ने कहा, 'सवाल यह नहीं है कि जख्म छोटे हैं या बड़े। हम हैरान हैं कि सीएम आवास में जाने पर किस तरह यह सब हुआ।' हालांकि, कोर्ट जमानत याचिका पर सुनवाई को सहमत हो गया और पुलिस को जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होगी। बिभव कुमार ने 12 जुलाई को हाई कोर्ट से जमानत याचिका खारिज किए जाने के फैसले को सर्वोच्च अदालत में चुनौती दी है। सिंघवी ने कहा कि मालीवाल इस आवास पर आईं थीं ना कि कोई उनके घर गया था, इस पर बेंच ने कहा, क्या सीएम का दफ्तर निजी आवास है? क्या इस तरह के नियम की आवश्यकता है।' सिंघवी ने कहा, 'पहले दिन वह पुलिस के पास गईं लेकिन कोई शिकायत नहीं दी। फिर तीन दिन बाद ऐसा किया।' इस पर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ' इस पर क्या कहें कि उन्होंने 112 पर कॉल किया? यह आपके दावे को झुठलाता है कि उन्होंने मनगढ़ंत कहानी रची।' सिंघवी ने बिभव को जमानत दिए जाने की मांग करते हुए कहा कि यह हत्या का मामला नहीं है। इस पर एक बार फिर जस्टिस सूर्य कांत ने फटकार लगाई। उन्होंने कहा, 'आप सही कह रहे हैं हम हत्यारों को भी जमानत देते हैं। लेकिन यहां एफआईआर को देखिए। वह शारीरिक हालत पर रो रही थी। क्या आपको ऐसा करने का अधिकार है? यदि इस तरह का व्यक्ति गवाहों को प्रभावित नहीं कर सकता तो कौन करेगा? क्या आप मानते हैं कि ड्रॉइंग रूम में मौजूद कोई उसके खिलाफ बयान देगा। क्या उसे ऐसा करते हुए शर्म नहीं आई। बेंच ने यह भी पूछा कि कुमार सीएम का पूर्व सहयोगी था या सरकारी कर्मचारी। सिंघवी ने साफ किया कि वह पूर्व सरकारी सेवक हैं, लेकिन मौजूदा समय में राजनीतिक सहयोगी के तौर पर काम कर रहे हैं जो मुख्यमंत्री के अपॉइंटमेंट फिक्स करते हैं। इस पर कोर्ट ने पूछा, 'एफआईआर कहता है कि वह पूर्व निजी सचिव हैं। सीएम के दफ्तर में जाने का आपके पास कौन सा अधिकार है, जो पीड़िता के पास नहीं।' गौरतलब है कि मालीवाल ने आरोप लगाया था कि 13 मई को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास में बिभव कुमार ने उनकी पिटाई की थी। बिभव कुमार इस समय जेल में बंद हैं।   recent visitors 228

सीएम डॉ यादव ने कहा लाड़ली बहनों के खाते में 10 अगस्त को सिंगल क्लिक से जारी होगी 1500 रुपए की राशि

चित्रकूट सीएम मोहन यादव ने ऐलान किया है कि इस बार का रक्षाबंधन का त्यौहार मप्र की बहनों के लिए खास रहने वाला है. सीएम मोहन यादव के अनुसार इस बार लाड़ली बहनों के खाते में 1250 रुपए नहीं बल्कि 1500 रुपए आएंगे. यह बड़ा ऐलान सीएम मोहन यादव ने सतना जिले के चित्रकूट में किया. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, "मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि सरकार बहनों के सशक्तिकरण के लिए काम कर रही है. हमारी सरकार ने तय किया है कि चुनाव के समय हमने जो-जो घोषणाएं की थी उसे हम पूरा करेंगे. हमने लाड़ली बहना और उज्ज्वला योजना की बहनों को 450 में सिलेंडर देने की घोषणा की थी, हम वह देने जा रहे हैं और साथ ही रक्षाबंधन पर बहनों को 1500 रुपये दिए जाएंगे." 131 करोड से अधिक लागत के कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 अगस्त को चित्रकूट प्रवास के दौरान सतना जिले के 131 करोड 97 लाख रूपये लागत के कुल 36 विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन लोकार्पण किया. चित्रकूट में उद्यमिता परिसर स्थित विवेकानंद सभागार में आयोजित लाडली बहना योजना के कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव 27 करोड 75 लाख रूपये लागत के 27 विकास कार्यों का लोकार्पण किया. इसी तरह मुख्यमंत्री 104 करोड 21 लाख रूपये लागत के 9 विकास कार्यों का शिलान्यास और भूमिपूजन किया. एक करोड़ 39 लाख बहनों ने हमारी पार्टी को प्रेम दिया मुख्यमंत्री ने कहा -हमने जब तय किया कि सावन महोत्सव और रक्षाबंधन उत्सव मनाना चाहिए, लेकिन कहां से। तब ध्यान में आया कि चित्रकूट से धाम से मनाना चाहिए। यह वही धाम है, जहां भगवान कामतानाथ, माता मंदाकिनी, गुप्त गोदावरी हैं। 17 लाख साल पहले भगवान राम और भरत के अश्रुओं से ये धरती भीगी है। ये पावन धरती है। इससे बढ़िया स्थान इस कार्यक्रम की शुरुआत के लिए कोई और नहीं हो सकता। आज मौसम से हमारी कुश्ती हो रही थी, लगा कि पहुंच नहीं पाएंगे, लेकिन हमने कहा- बहनों का कार्यक्रम है, जाना जरूरी है। भगवान ने भी साथ दिया और मैं यहां पहुंचा। हजारों साल से ऋषि मुनियों ने त्याग, तपस्या से त्योहारों की श्रृंखला शुरू की। ये त्योहार प्रेम बांटते हैं। हमारे देश को देखने वाले लोग तो समझते हैं, लेकिन दूर रहने वालों को जरूर यह अटपटा लगता है, लेकिन जब वे आते हैं तो यहीं के हो के रह जाते हैं। होली, संक्रांति, बसंत, गुड़ी पड़वा, गुरु पूर्णिमा के महत्व को रेखांकित करते हुए सीएम ने कहा कि सावन के महीने का आनंद अनूठा होता है। बहनें मां-बाप के बाद भाई के लिए उस प्रेम की पूर्ति करती हैं। हम एक मात्र देश हैं, जहां माता का संबंध हमारी संस्कृति से जुड़ता है। हम मातृ संस्था को आदर देते हैं। भाई भले मुंह मोड़ ले, लेकिन बहन सारी जिंदगी प्रेम लुटाती है। कांग्रेसियों पर तंज, बोले- लोग कहते थे योजना बंद हो जाएगी हमारी लाड़ली बहना योजना को लेकर लोग कहते थे, बंद हो जाएगी, लेकिन भाई तुम्हारी पार्टी बंद हो जाएगी, लेकिन हमारी योजना बंद नहीं होगी। तुम बोलते रहो, हम देते रहेंगे। पैसे नहीं संबंध महत्वपूर्ण है। एक करोड़ 39 लाख बहनों ने हमारी पार्टी को प्रेम दिया है। आज जो राखी मुझे यहां बहनों ने दी, उससे मुझे ऐसा लगा कि सभी ने राखी बांध दी। राखी का धागा प्रेम का संबंध हमारी संस्कृति से जोड़ता है, आशीर्वाद देता है। सतना में 3 लाख 84 हजार 259 बहनें लाड़ली हैं, 627 करोड़ की राशि हम दे चुके हैं। आज ये यह उत्सव शुरू हो गया है। 10 तारीख तक प्रदेश के 25 हजार केंद्रों पर रक्षाबंधन उत्सव के आयोजन होते रहेंगे। 10 जुलाई को इस बार साढ़े 12 नहीं, एक साथ 1500 रुपए सभी बहनों के खाते में डालेंगे। ये 250 रुपए राखी के त्योहार के लिए हैं। जब बहनें अपने भाई को राखी बांधेंगी तो मैं समझूंगा मेरे भी माथे पर तिलक लग गया, आनंद महसूस करेंगे। उज्जवला योजना के तहत 450 रुपए भी डालेंगे हमने एक और घोषणा की है, उज्ज्वला योजना के तहत बहनों के खाते में 450 रुपए भी डालेंगे। इनमें उज्जवला गैस कलेक्शन जितनी बहनों के नाम से हैं और जिन्होंने लाड़ली बहना के फार्म भरें हैं… यानी 20 लाख उज्जलवा योजना की बहनें और 10 लाख लाड़ली बहनों के खाते में ये रुपए डाले जाएंगे। रीवा संभाग में अभी हम समिट करेंगे और सतना के युवाओं के लिए भी रोजगार के प्रबंध करेंगे, ताकि सभी के कष्ट दूर हों और जीवन खुशहाल हो। 104 करोड़ रुपए के कार्यों का किया शिलान्यास सीएम ने 104 करोड़ के 9 कार्यों का शिलान्यास और 27 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण किया। सीएम डॉ. यादव चित्रकूट में उद्यमिता परिसर के विवेकानंद सभागार में चित्रकूट यूनेस्को जियो पार्क स्थापना की कार्यशाला में भी शामिल हुए। मंच पर नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह, चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल, महापौर योगेश ताम्रकार, भाजपा के जिला संगठन प्रभारी अभय सिंह यादव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुष्मिता सिंह, नगर निगम स्पीकर राजेश चतुर्वेदी पालन, चित्रकूट नगर पंचायत अध्यक्ष साधना पटेल, मझगवां जनपद पंचायत अध्यक्ष रेणुका जायसवाल भी मौजूद रहीं। recent visitors 124

भोपाल की कलियासोत नदी की बदलेगी सूरत, केन्द्रीय मंत्री खट्टर से मिले विधायक शर्मा

भोपाल भोपाल की हुजूर विधानसभा के विधायक रामेश्वर शर्मा ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान  केन्द्रीय नगरीय विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर कोलार की कलियासोत नदी को बारहमासी बनाने के साथ-साथ साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित करने एवं उसके घाटों को विकसित कर पर्यटन केन्द्र बनाने की मांग को लेकर निवेदन पत्र सौंपा है। इस निवेदन पत्र में उन्होंने भोपाल की जीवन रेखा कहीं जाने वाली कलियासोत नदी के सालभर सूखे रहने की चिंता तथा उससे होने वाली नागरिक असुविधा को व्यक्त किया, साथ ही उसे बारहमासी बनाने के उपाय एवं उससे होने वाले लाभ को भी विधायक शर्मा ने मांग पत्र में उल्लेखित किया। गौरतलब है कि कलियासोत नदी कोलार से होते हुए बेतवा नदी में मिलती है। जो कि वर्तमान में कलियासोत डेम पर पूर्णरूपेण निर्भर करती है। डेम के गेट खुलने के बाद ही इस नदी में पानी आता है बाकि वर्ष भर यह सूखी रहती है। विधायक शर्मा ने केंद्रीय मंत्री की ये मांगे – कलियासोत नदी को बारहमासी बनाया जाए, इसके लिए तकनीकी आधार पर सुनिश्चित स्थानों पर स्टॉप डेम का निर्माण कराया जाए। इससे बहुत बड़ी आबादी के जलसाधन – ट्यूबेल, बावड़ी आदि के जल स्तर में वृद्धि होगी। – गुजरात के मुख्यमंत्री रहते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने जिस तरह साबरमती नदी पर रिवर फ्रंट का निर्माण कराकर उसे न केवल स्वच्छ और सुंदर बनाया, बल्कि चर्चित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित भी कराया। उसी तर्ज पर कलियासोत नदी को बारहमासी नदी बनाते हुए, साबरमती रिवर फ्रंट की तरह विकसित किया जाए। – कलियासोत नदी पर घाटों का निर्माण हो जिससे कि सनातनी परम्पराओं का निर्वहन किया जा सके। यहां पाथ-वे, आकर्षक पार्क, वाटर स्पोर्ट्स गतिविधि, फूड कोर्ट का निर्माण कराया जाए, जिससे कलियासोत नदी के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय रोजगार के नये अवसर उपलब्ध होंगे। – कलियासोत नदी के सम्पूर्ण आबादी क्षेत्र के यथास्थिति दोनों ओर रिटेनिंग वॉल अथवा पीचींग कर इसमें होने वाले अतिक्रमण को रोका जाए। – समय-समय पर माननीय NGT एवं विभिन्न पर्यावरण प्रेमियों द्वारा कलियासोत नदी के संरक्षण संवर्धन की दिशा में चिंता व्यक्त की जाती रही है। कलियासोत नदी के बारहमासी बनने एवं पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित होने के बाद इस पर होने वाले अतिक्रमण एवं प्रदूषण की चिंता पूर्णतः समाप्त हो जाएगी। – चूंकि कलियासोत नदी वृहद क्षेत्र में फैली हुई है, इसलिए इसके पर्यटन एवं संरक्षण व संवर्धन की विस्तृत रूप रेखा के लिए आगामी वर्षों के लिए इसका मास्टर प्लान भी बनाया जाए। – कलियासोत डेम से नहर के माध्यम से भोपाल एवं रायसेन जिले की हजारों हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाती है। इस नदी पर स्टॉप डेम बनने से सिंचाई क्षेत्र का रकबा भी बढ़ेगा। कलियासोत नदी भोपाल की है जीवन रेखा केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात को लेकर विधायक रामेश्वर शर्मा ने बताया कि  कलियासोत नदी भोपाल की जीवन रेखा है। उसे बचाने का दायित्व हम सबका है। और केवल बचाना नहीं है, उसका संवर्धन भी करना है। इसको लेकर कल माननीय केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी से भेंट कर उनको कलियासोत नदी की यथास्थिति से अवगत कराया। साथ ही उनकी विकास योजना को लेकर भी सुझाव प्रस्तुत किए। उन्हें गुजरात की साबरमति रिवर फ्रंट की कार्य योजना की भी जानकारी दी। जिसके मूल स्वरूप एवं पर्यावरण के अनुरूप CEPT अहमदाबाद (Center for Environmental Planning and Technology) द्वारा विकसित किया गया था। कलियासोत के सौंदर्गीकरण हेतु भी इसी तरह के  अनुभवी संस्थान के द्वारा कार्य योजना बनवाई जा सकती है। उन्होंने आगे कहा कि केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री कलियासोत नदी के संरक्षण की दिशा में साबरमती नदी की तर्ज पर विकसित करने हेतु सार्थक निर्देश सम्बन्धितों को दिए । जिसके लिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया । recent visitors 111