हिमाचल के मंडी में बादल फटने से तबाही, 50 लोग लापता, 1 की मौत, PM मोदी खुद कर रहे मॉनिटरिंग

मंडी हिमाचल प्रदेश में आज सुबह 3 जिलों में बादल फटने से भीषण तबाही मची। आज सुबह शिमला के रामपुर, कुल्लू के निरमंड और मंडी में बादल फटने से पानी के साथ मलबा आया। 50 से ज्यादा लोग लापता है और 3 लोगों की लाशें मिल चुकी हैं। NDRF-SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शिमला के रामपुर में बचाव अभियान का जायजा लेने पहुंचे और बैठक करके अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद हिमाचल में बादल फटने के बाद आई प्राकृतिक आपदा का खुद जायजा ले रहे हैं। हिमाचल में हो रही भारी बारिश से मनाली कुल्लू लेह हाईवे ब्लॉक हो गया है। पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। मलाणा में पावर प्रोजेक्ट-एक का डैम टूट गया है। मंडी जिले में सभी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग सेंटर बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। कुल्लू में भी कलेक्टर तोरुल एस रवीश ने सभी शिक्षण संस्थानों में आज और कल की छुट्टी घोषित कर दी है। लोगों को सतर्क रहने के आदेश भी दिए हैं। आधी रात को बादल फटने से आई बाढ़ ने मचाया कोहराम बता दें, प्रदेश की राजधानी शिमला जिला के रामपुर उपमण्डल के झाकड़ी इलाके में समेज खड्ड में हाइड्रो प्रोजेक्ट के नजदीक आधी रात को बादल फटने से आई बाढ़ ने कोहराम मचाया और 19 लोग लापता हो गए। इसी तरह मंडी जिला की चोहर घाटी के टिक्कन थलटू कोड में भारी बारिश के बाद आये सैलाब ने कई घरों को नुकसान पहुंचाया और बचने के लिए जंगल की ओर भागे लोगों में से करीब तीन लापता बताए जा रहे हैं। मंडी के जिलाधीश अपूर्व देवगन राहत एवं बचाव कार्यों के लिए रवाना हो गए हैं। हालांकि भारी वर्षा के कारण सड़क मार्ग भी अवरुद्ध हो गए हैं। शिमला के रामपुर में बादल फटने से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। बीती रात समेज खड्ड में आये सैलाब ने आसपास के गांवों में तबाही का मंजर ला दिया। गुरुवार तड़के बादल फटने की सूचना मिलने के बाद उपायुक्त अनुपम कश्यप और पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी भी रवाना हो गए है। एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच रही है। प्रभावित क्षेत्र से 19 लोगों के लापता होने की जानकारी उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि बादल फटने से प्रभावित क्षेत्र से 19 लोगों के लापता होने की जानकारी है। एसडीएम रामपुर निशांत तोमर घटना स्थल पर पहुंच रहे हैं। सड़क कई जगह बंद होने के कारण उन्हें दो किलोमीटर पैदल ही उपकरणों के साथ रास्ता तय करना पड़ा। अनुपम कश्यप ने कहा कि राहत कार्य तुरंत आरंभ कर दिया है। आईटीबीपी, स्पेशल होम गार्ड की टुकड़ी भी रेस्क्यू दल में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू कार्यों में सारी टीमें एक जुट होकर कार्य कर रही है। एंबुलेंस सहित सभी आधारभूत सुविधाएं रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल की गई है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर दिया गया है जिसमें पुलिस, होम गार्ड, अग्निशमन दल, सुन्नी डैम प्रबंधन सहित अन्य विभागों को शामिल किया गया। श्रीखण्ड की पहाड़ियों में बादल फटने से आया सैलाब श्रीखण्ड की पहाड़ियों में बादल फटने से आया सैलाब, कुल्लू जिला में भी मची तबाही शिमला के रामपुर इलाके में जहां बाढ़ से तबाही हुई, वो क्षेत्र कुल्लू जिला से सटा है। जानकारी अनुसार श्रीखण्ड की पहाड़ियों में बादल फटने से कुर्पण,समेज और गानवी खड्ड में आई भयंकर बाढ़ ने तबाही का मंजर लाया। करीब 2 दर्जन मकान एवं कई गाड़ियों के भी बहने की सूचना है। जानकारी अनुसार स्कूल भवन और औषधालय भी बाढ़ में बहे। शिमला जिला के गानवी और कुल्लू जिला के बागीपुल बाजार में साथ में बहती खड्ड ने भी तबाही मचाई और कई भवन क्षतिग्रस्त हो गए। श्रीखंड की पहाड़ियों पर नैन सरोवर के आसपास बादल फटने से तीन खड़ों यानी छोटी नदियों में पानी का बहाव बढ़ा जिस से नीचे आकर बाढ़ का रूप धारण किया। सैलाब से मलाणा प्रोजेक्ट डैम दो को भी नुकसान पहुंचा है।मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhwinder Singh Sukhu) ने इसकी जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि शिमला की रामपुर तहसील, मंडी ज़िले की पधर तहसील और कुल्लू के गांव जाओन, निरमंड में बादल फटने से 50 से ज़्यादा लोग लापता हैं. पीएम मोदी ने प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करने को कहा  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिमाचल प्रदेश के मंडी में भारी बारिश और बादल फटने के बाद स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। सूत्रों के अनुसार उन्होंने शीर्ष अधिकारियों से प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करने को कहा है। राहत कार्य पूरे जोर-शोर से चल रहे हैं।   5 अगस्त तक भारी वर्षा का अलर्ट वहीं दूसरी ओर मौसम विज्ञान विभाग ने अगले 24 घंटे भी राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। पांच अगस्त तक राज्य में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार प्रदेश में 27 जून को मानसून के दस्तक देने से लेकर अब तक सामान्य से 36 फीसदी कम बारिश हुई है। लाहौल-स्पीति में सामान्य से 79 फीसदी कम, किन्नौर में 49 फीसदी, उना में 47 फीसदी, चंबा में 45 फीसदी, हमीरपुर में 41 फीसदी, सिरमौर में 44 फीसदी, सोलन में 43 फीसदी, बिलासपुर व कुल्लू में 31 फीसदी, कांगड़ा में 15 फीसदी, मंडी में 17 फीसदी और शिमला में 14 फीसदी कम बारिश हुई है। मानसून सीजन में बारिश से 114 घर क्षतिग्रस्त राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान बारिश व भूस्खलन की वजह से 114 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें 19 घर पूर्ण रूप से ध्वस्त हुए, जबकि 95 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा पांच दुकानें व 87 पशुशालाएं भी धराशायी हुईं। राज्य में मानसून सीजन में 433 करोड़ की संपति को नुकसान पहुंचा है। इसमें लोकनिर्माण विभाग को 189 करोड़ की क्षति हुई है। पिछले करीब एक माह में राज्य में वर्षा जनित घटनाओं में 131 लोगों की मौत हुई है। इसमें सड़क हादसों में 66 लोगों की जान गई। जबकि 65 मौतें उंचाई से फिसलने, डूबने, बहने, करंट व सर्पदंश से हुई हैं। recent visitors 251

एससी/एसटी श्रेणियों को सब-कैटेगरी में दिया जा सकता है आरक्षण- सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण के मुद्दे पर बड़ा फैसला सुनाया है। इस फैसले के मुताबिक अनुसूचित जाति और जनजातियों में सब-केटेगरी बनाई जा सकती है। फैसला सुप्रीम कोर्ट की सात सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने 6/1 के मत से सुनाया है। यह सुनवाई CJI डीवाई चंद्रचूड़ कर रहे थे। उनके साथ 6 जजों ने इस पर सहमति जताई जबकि जस्टिस बेला त्रिवेदी इससे सहमत नहीं थीं। कोर्ट ने यह फैसला सुनाते हुए 2004 में दिए गए 5 जजों के फैसले को पलट दिया है। यह सुनवाई चीफ जस्टिस के साथ जस्टिस बी आर गवई, जस्टिस विक्रम नाथ,जस्टिस बेला एम त्रिवेदी, जस्टिस पंकज मिथल, जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा कर रहे थे। कोर्ट ने 2004 के फैसले को पलटा सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने 2004 में ईवी चिन्नैया मामले में पांच जजों के उस फैसले को पलट दिया है, जिसमें संविधान पीठ ने कहा कि केवल राष्ट्रपति ही यह अधिसूचित कर सकते हैं कि संविधान के अनुच्छेद 341 के अनुसार कौन से समुदाय आरक्षण का लाभ प्राप्त कर सकते हैं, और राज्यों को इससे छेड़छाड़ करने का अधिकार नहीं है। अब सुप्रीम कोर्ट इस बात की समीक्षा कर रहा था कि क्या राज्य कोटा के अंदर कोटा देने के लिए अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों को उप-वर्गीकृत कर सकते हैं?  सुप्रीम कोर्ट ने अब समीक्षा के बाद यह फैसला सुना दिया है। क्या है पूरा मामला…. दरअसल, 1975 में पंजाब सरकार ने आरक्षित सीटों को दो श्रेणियों में विभाजित करके अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण नीति पेश की थी. एक बाल्मीकि और मजहबी सिखों के लिए और दूसरी बाकी अनुसूचित जाति वर्ग के लिए. 30 साल तक ये नियम लागू रहा. उसके बाद 2006 में ये मामला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट पहुंचा और ईवी चिन्नैया बनाम आंध्र प्रदेश राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2004 के फैसले का हवाला दिया गया. पंजाब सरकार को झटका लगा और इस नीति को रद्द कर दिया गया. चिन्नैया फैसले में कहा गया था कि एससी श्रेणी के भीतर सब कैटेगिरी की अनुमति नहीं है. क्योंकि यह समानता के अधिकार का उल्लंघन है. बाद में पंजाब सरकार ने 2006 में बाल्मीकि और मजहबी सिखों को फिर से कोटा दिए जाने को लेकर एक नया कानून बनाया, जिसे 2010 में फिर से हाई कोर्ट में चुनौती दी गई. हाई कोर्ट ने इस नीति को भी रद्द कर दिया. ये मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. पंजाब सरकार ने तर्क दिया कि इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ में सुप्रीम कोर्ट के 1992 के फैसले के तहत यह स्वीकार्य था, जिसने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के भीतर सब कैटेगिरी की अनुमति दी थी. पंजाब सरकार ने तर्क दिया कि अनुसूचित जाति के भीतर भी इसकी अनुमति दी जानी चाहिए. 2020 में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने पाया कि ईवी चिन्नैया बनाम आंध्र प्रदेश राज्य के फैसले पर एक बड़ी बेंच द्वारा फिर से विचार किया जाना चाहिए, जिसमें कहा गया था कि एससी श्रेणी के भीतर सब कैटेगिरी की अनुमति नहीं है. उसके बाद सीजेआई के नेतृत्व में सात जजों की बेंच का गठन किया गया, जिसने जनवरी 2024 में तीन दिनों तक मामले में दलीलें सुनीं और उसके बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. संविधान में क्या प्रावधान है? संविधान ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को विशेष दर्जा देते समय जाति का वर्णन नहीं किया है कि कौन सी जातियां इसमें आएंगी. ये अधिकार केंद्र के पास है. अनुच्छेद 341 के अनुसार, राष्ट्रपति द्वारा अधिसूचित जातियों को एससी और एसटी कहा जाता है. एक राज्य में SC के रूप में अधिसूचित जाति दूसरे राज्य में SC नहीं भी हो सकती है. देश में कितनी अनुसूचित जाति? एक रिपोर्ट के मुताबिक, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 2018-19 में देश में 1,263 एससी जातियां थीं. अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, अंडमान और निकोबार एवं लक्षद्वीप में कोई समुदाय अनुसूचित जाति के रूप में चिह्नित नहीं किया गया. सिर्फ राष्ट्रपति को अधिकार 2005 में ईवी चिन्नैया बनाम आंध्र प्रदेश राज्य केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अनुसूचित जाति की सूची में जातियों को हटाने और जोड़ने का अधिकार सिर्फ राष्ट्रपति को है. संविधान सभी अनुसूचित जातियों को एकल सजातीय समूह मानता है. अगर सभी अनुसूचित जातियों को एक ग्रुप माना गया है तो उप वर्गीकरण कैसे हो सकता है. सामाजिक असमानता के आधार पर अनुसूचित जातियों को विशेष सुरक्षा प्रदान की गई है, क्योंकि इन जातियों के खिलाफ छुआछूत की भावना थी. आरक्षण का लाभ आरक्षित जातियों के जरूरतमंद यानी सबसे कमजोर तबके तक पहुंचे, इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने क्रीमी लेयर की अवधारणा को लागू किया. इसे 2018 में जरनैल सिंह बनाम लक्ष्मी नारायण गुप्ता केस के फैसले में लागू किया गया था. क्रीमी लेयर का नियम ओबीसी (अदर बैकवर्ड क्लास) में लागू होता है. जबकि यह अनुसूचित जाति पर 2018 में प्रमोशन के केस में लागू किया गया. केंद्र सरकार ने 2018 के इस फैसले पर रिव्यू करने की गुहार लगाई और इस पर फैसला अभी आना बाकी है.   recent visitors 272

कृष्ण जन्मभूमि- शाही ईदगाह विवाद मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से मुस्लिम पक्ष को झटका लगा

 इलाहाबाद /मथुरा मथुरा स्थित कृष्ण जन्मभूमि- शाही ईदगाह विवाद मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट मुकदमों के रखरखाव को लेकर सुनवाई कर रहा है. कोर्ट से मुस्लिम पक्ष को झटका लगा है. मामले में अब ट्रायल चलेगा. कोर्ट ने हिंदू दावे को सुनवाई योग्य माना है. मुसलिम पक्ष की आपत्ति को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है. मुकदमों की रखरखाव के संबंध में मुस्लिम पक्ष द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन ने निर्णय सुरक्षित रख लिया था. मुकदमे शाही ईदगाह मस्जिद का ढांचा हटाकर जमीन का कब्जा देने के अलावा मंदिर का पुनर्निर्माण कराने की मांग को लेकर दायर किए गए हैं. बता दें कि हिंदू पक्ष ने जो याचिकाएं दायर की थीं, उनमें शाही ईदगाह मस्जिद की जमीन को हिंदुओं की बताया था और वहां पूजा का अधिकार दिए जाने की मांग की थी. वहीं, मुस्लिम पक्ष ने प्लेसिस ऑफ वर्शिप एक्ट, वक्फ एक्ट, लिमिटेशन एक्ट और स्पेसिफिक पजेशन रिलीफ एक्ट का हवाला देते हुए हिंदू पक्ष की याचिकाओं को खारिज किए जाने की दलील पेश की थी. इससे पहले 6 जून को सुनवाई पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था. दरअसल, हिंदू पक्ष की तरफ से 18 याचिकाएं दाखिल की गई थीं. वहीं, मुस्लिम पक्ष ने ऑर्डर 7 रूल, 11 के तहत इन याचिकाओं की पोषणीयता पर सवाल उठाए और इन्हें खारिज किए जाने की अपील की थी. दोनों पक्षों के लिए आज का दिन बेहद अहम था. आज श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह से संबंधित कुल 18 याचिकाओं को लेकर फैसला आया है. भगवान श्रीकृष्ण विराजमान कटरा केशव देव और सात अन्य की तरफ से दाखिल सिविल वाद की पोषणीयता को लेकर याचिकाएं दायर की गईं थी. उसके बाद शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने भी इलाहाबाद हाई कोर्ट में सीपीसी के ऑर्डर 7, रूल 11 के तहत याचिकाएं दाखिल की थीं. हिंदू पक्षकारों की दलील * ईदगाह का पूरा ढाई एकड़ एरिया श्रीकृष्ण विराजमान का गर्भगृह है। * शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी के पास भूमि का कोई ऐसा रेकॉर्ड नहीं है। * श्रीकृष्ण मंदिर तोड़कर शाही ईदगाह मस्जिद का निर्माण किया गया है। * बिना स्वामित्व अधिकार के वक्फ बोर्ड ने बिना किसी वैध प्रक्रिया के इस भूमि को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया है। मुस्लिम पक्षकारों की दलील •मुस्लिम पक्षकारों की दलील है कि इस जमीन पर दोनों पक्षों के बीच 1968 में समझौता हुआ है। 60 साल बाद समझौते को गलत बताना ठीक नहीं है। लिहाजा मुकदमा चलने योग्य नहीं है। •उपासना स्थल कानून यानी प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 के तहत भी मुकदमा सुनवाई योग्य नहीं है। 15 अगस्त, 1947 के दिन जिस धार्मिक स्थल की पहचान और प्रकृति जैसी है वैसी ही बनी रहेगी। यानी उसकी प्रकृति नहीं बदली जा सकती है। क्या है विवाद यह विवाद मुगल सम्राट औरंगजेब के समय की शाही ईदगाह मस्जिद से जुड़ा है जिसका निर्माण भगवान कृष्ण की जन्मस्थली पर बने मंदिर को कथित तौर पर ध्वस्त करने के बाद किया गया. recent visitors 95

वह भद्रजन थे: प्रधानमंत्री मोदी, गंभीर, हरभजन ने अंशुमन गायकवाड़ को याद किया

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर और कोच अंशुमन गायकलाड़ अब नहीं रहे। अंशुमन लंबे समय से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे। उनकी हालत को देख कपिल देव ने मदद के लिए पूरा सपोर्ट किया। कपिल देव ने उनकी मदद के लिए अपनी पेंशन डोनेट करने का फैसला किया था। वहीं, बीसीसीआई ने भी मदद करते हुए उनके इलाज के लिए 1 करोड़ रुपये देने का एलान किया था, लेकिन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को अंशुमान मात नहीं दे सके और 71 साल की उम्र में वह दुनिया छोड़कर चले गए। अंशुमन गायकवाड़ के निधन पर गौतम गंभीर समेत कई बड़ी हस्तियों ने दुख का इजहार किया है। दरअसल, पूर्व भारतीय कोच अंशुमन गायकवाड़ का 71 साल की उम्र में ब्लड कैंसर की वजह से निधन हो गया। 12 साल के करियर में गायकवाड़ ने 40 टेस्ट और 15 वनडे मैच खेले, जिसमें उन्होंने 2254 रन बनाए। 1983 में जालंधर में पाकिस्तान के खिलाफ 201 रन उनके करियर का सर्वोच्च स्कोर रहा। अंशुमन की बीमारी का सबसे पहले उजागर पूर्व क्रिकेटर संदीप पाटिल ने किया था। पाटिल ने बताया था कि गायकवाड़ एक साल से ज्यादा समय से अपनी बीमारी से बहादुरी से लड़ रहे हैं और लंदन में उनका इलाज चल रहा है। अंशुमन की बीमारी की जानकारी मिलने के बाद 1983 विश्व विजेता कप्तान कपिल देव ने उनकी मदद के लिए हाथ बढ़ाया। मोहिंदर अमरनाथ, सुनील गावस्कर, संदीप पाटिल, दिलीप वेंगसरकर, मदन लाल, रवि शास्त्रा और कीर्ति आजाद जैसे पूर्व दिग्गजों ने भी उनकी बीमारी के इलाज के लिए पैसे जुटाने में मदद की। लेकिन अंशुमन कैंसर जैसी बीमारी से लड़ते-लड़ते दुनिया को अलविदा कह गए। उनके निधन के बाद क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ पड़ी। पीएम मोदी से लेकर भारत के नए कोच गौतम गंभीर समेत कई क्रिकेटर्स उनके निधन पर दुख जता रहे हैं। वह भद्रजन थे: प्रधानमंत्री मोदी, गंभीर, हरभजन ने अंशुमन गायकवाड़ को याद किया  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और हरभजन सिंह ने अंशुमन गायकवाड़ के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें वास्तविक भद्रजन बताया। एक खिलाड़ी, कोच और चयनकर्ता के रूप में भारतीय क्रिकेट की सेवा करने वाले गायकवाड़ का रक्त कैंसर के कारण शनिवार को निधन हो गया। उन्होंने भारत की तरफ से 40 टेस्ट और 15 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेले। प्रधानमंत्री मोदी ने गायकवाड़ के निधन पर शोक व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट में बहुत बड़ा योगदान दिया है। मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, ‘‘अंशुमन गायकवाड़ जी को क्रिकेट में उनके योगदान के लिए याद किया जाएगा। वह एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी और उत्कृष्ट कोच थे। उनके निधन से दुख हुआ। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ओम शांति।’’ भारत की सीमित ओवरों की श्रृंखला के लिए अभी श्रीलंका गए गंभीर ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, ‘‘अंशुमन गायकवाड़ जी के निधन की खबर से दुखी हूं। भगवान उनके परिवार और प्रियजनों को शक्ति दे।’’ हरभजन के गायकवाड़ के साथ बहुत अच्छे संबंध थे। उन्होंने 1998 में जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था तब गायकवाड टीम के कोच थे। हरभजन ने कहा, ‘‘अंशुमन गायकवाड़ का निधन दिल तोड़ने वाली खबर है। उनके कोच रहते हुए टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण की मेरे साथ सुखद यादें जुड़ी हैं। वह वास्तव में भद्रजन थे। उनके निधन से भारतीय क्रिकेट को बड़ी क्षति पहुंची है। उनकी आत्मा को शांति मिले। परिवार के प्रति संवेदना।’’ गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘‘अंशुमान गायकवाड़ जी के निधन से गहरा दुख हुआ, एक महान क्रिकेटर, जिनके क्रिकेट कौशल ने भारतीय क्रिकेट का गौरव बढ़ाया। दुख की इस घड़ी में उनके परिजनों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। ओम शांति।’’ भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव जय शाह ने कहा, ‘‘अंशुमन गायकवाड़ के परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। पूरे क्रिकेट जगत के लिए यह दुखद है। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।’’ बीसीसीआई ने हाल में गायकवाड़ के उपचार के लिए एक करोड़ रुपये दिए थे, जिनका लंदन के किंग्स कॉलेज अस्पताल में इलाज चल रहा था। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान रमीज़ राजा ने भी गायकवाड़ को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, ‘‘अंशुमान गायकवाड़ के निधन से बहुत दुखी हूं। एक मिलनसार, विनम्र सज्जन व्यक्ति। वह मेरे दिवंगत भाई के दोस्त थे, जिससे मैं उनका प्रशंसक बन गया। कैंसर के खिलाफ बहादुरी से लड़े और अपनी बल्लेबाजी की तरह अपना सब कुछ झोंक दिया।’’   recent visitors 110

हमारे लिए पैसे का महत्व नहीं है, संबंधों का महत्व है – सीएम यादव

चित्रकूट सीएम डॉ. मोहन यादव आज सतना के चित्रकूट में आयोजित प्रदेश स्तरीय आभार सह-उपहार कार्यक्रम में सम्मिलित हुए और लाड़ली बहनों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन के पावन पर्व पर सरकार बहनों को 250 रुपए अतिरिक्त देगी और ये राशि प्रतिमाह जारी होने वाली 1250 रुपए की राशि से अलग है। इसी के उज्जवला योजना की हितग्राही लाड़ली बहनों को गैस सिलेंडर के लिए 450 रूपये भी दिए जाएँगे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मंच से बहनों के लिए गीत भी गाया। मुख्यमंत्री ने मंच से गाया ‘एक हज़ारों में मेरी बहना है’ सतना में आयोजित कार्यक्रम में लाड़ली बहनों ने एक विशाल राखी मुख्यमंत्री को भेंट की। इसके बाद सीएम मोहन यादव ने मंच से ‘फूलों का तारों का सबका कहना है..एक हज़ारों में मेरी बहना है’ गीत गाकर उनसे प्रति अपनी स्नेहासिक्त भावनाओं का इज़हार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘रक्षाबंधन का त्योहार हमारे परस्पर संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है। हमारे हज़ारों साल से ये परंपरा रही है कि त्योहारों के माध्यम से हम समाज में अंतिम पंक्ति में बैठे लोगों के साथ भी संबंधों का निर्वाह कर सकें। हमने मकर संक्रांति का पर्व भी मनाया था। गुड़ी पड़वा भी मनाया। इसके बाद गुरु पूर्णिमा का पर्व आया। अब राखी का त्योहर आया है। हमारी बहनें माता पिता के बाद सबसे अधिक हमसे प्रेम करती हैं। ये हमारी संस्कृति है। हमारे परिवार में एक दूसरे को लेकर चलने का भाव सदा रहा है। बहनें शादी से पहले भी और बाद में भी अपने भाई के साथ सदैव अपने संबंध बनाए रखती हैं।’ ‘किसी हाल में बंद नहीं होगी लाड़ली बहना योजना’ इस अवसर पर सीएम ने कहा कि ‘बहुत सारे लोग सरकार बनने के बाद कह रहे थे कि ये योजना बंद हो जाएगी…तुम्हारी पार्टी बंद हो जाएगी लेकिन हमारी योजना बंद नहीं होगी। ये भाई और बहनों के बीच का रिश्ता है। तुम बोलते बोलते रहो..हम देते रहेंगे देते रहेंगे। जो रोते रहेंगे वो रोते रहेंगे..उससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता। पैसे का महत्व नहीं है..संबंधों का महत्व है। 1 करोड़ 39 लाख बहनों से हमें असीम प्यार मिला है।’ सीएम ने कहा कि राखी 19 अगस्त की है लेकिन हम पूरे महीने इस त्योहार को मनाएँगे क्योंकि हमें तो प्रदेश की लाखों करोड़ों बहनों से राखी बँधवाना है।’ उन्होंने कहा कि ‘आज बहनों ने जो विशाल राखी दी है उस स्नेह से मैं गद्गद हूँ। जिसकी इतनी बहनें हों वो कितना भाग्यशाली है। आज से ये उत्सव प्रारंभ हुआ है पूरे महीने चलेगा। दस तारीख को एक साथ सिंगल क्लिक के जरिए 1250 और 250 रूपये दोनों राशि मिलाकर 1500 रूपये दिए जाएँगे। ये राशि रक्षाबंधन पर्व के दस दिन पहले ही लाड़ली बहनों के खाते में आ जाएगी ताकि आप सभी अच्छे से अपना त्योहार मना सकें। इसी के साथ जो भी बहनें उज्जवला गैस कनेक्शन की हितग्राही हैं और जिन्होंने लाड़ली बहना ने उज्जवला योजना के फ़ॉर्म भरे थे..उन सबके खाते में 450 रूपये भी डाले जाएँगे।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि हम रोज़गार कि दिशा में भी लगातार काम कर रहे हैं और बड़े पैमाने पर रोज़गार स्थापित करेंगे। recent visitors 106

भारत को ओलंपिक में मिला तीसरा मेडल! शूटिंग में स्वप्निल कुसाले ने कांस्य पदक जीतकर रचा इतिहास

पेरिस पेरिस ओलंपिक 2024 में गुरुवार (1 अगस्त) को शूटिंग मे भारत ने इतिहास रच दिया। स्वप्निल कुसाले ने 50 मीटर राइफल 3पोजीशन में कांस्य पदक जीता। पहली बार ओलंपिक में ऐसा हुआ है कि एक ही खेल में भारत को 3 मेडल मिले हैं। 50 मीटर राइफल 3पोजीशन में पहली बार कोई भारतीय ओलंपिक फाइनल में पहुंचा और मेडल जीता। भारतीय दल अबतक 3 मेडल जीता है। तीनों ही मेडल शूटिंग में आए हैं। तीनों ही मेडल ब्रॉन्ज हैं। 22 साल की शूटर मनु भाकर 10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य पदक जीतकर पेरिस खेलों में भारत का खाता खोला था। इसके बाद मनु भाकर- सरबजोत सिंह की जोड़ी 10 मीटर मिक्सड टीम ब्रॉन्ज मेडल इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीती। अब स्वप्निल कुसाले ने 50 मीटर राइफल 3पोजीशन में कांस्य पदक जीता। वह ओलंपिक में शूटिंग में मेडल जीतने वाले 7वें भारतीय बने। पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने से पहले स्वप्निल मामूली अंतर से विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों में पदक से चूक गए थे। दोनों में वह चौथे स्थान पर रहे थे। फाइनल में स्वप्निल कुसाले का प्रदर्शन 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन इवेंट के फाइनल में, स्वप्निल कुसाले निलिंग स्टेज के बाद 153.3 पर छठे स्थान पर थे। प्रोन स्टेज के बाद वह 310.1 के स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर थे। इस समय तीसरे स्थान पर मौजूद यूक्रेन के सेरही कुलिश और कुसाले के बीच 0.6 का अंतर था। पहले स्टैंडिंग शॉट्स में कुसाले ने 51.1 का स्कोर के साथ चौथे स्थान पर पहुंच गए। वह तीसरे स्थान से 0.4 से दूर थे। स्वप्निल कुसाले का करियर 2015 में स्वप्निल कुसाले ने कुवैत में 2015 एशियाई शूटिंग चैंपियनशिप में जूनियर वर्ग में 50 मीटर राइफल प्रोन 3 में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 50 मीटर राइफल प्रोन स्पर्धा में गगन नारंग और चैन सिंह से आगे रहकर तुगलकाबाद में आयोजित 59वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप भी जीती। उन्होंने तिरुवनंतपुरम में 61वीं राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में स्वर्ण पदक जीतकर इ प्रदर्शन को दोहराया। शूटर इवेंट मेडल ओलंपिक राज्यवर्धन सिंह राठौड़ पुरुषों की डबल ट्रैप सिलव्र एथेंस अभिनव बिंद्रा पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल ब्रॉन्ज बीजिंग 2008 गगन नारंग पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल ब्रॉन्ज लंदन 2012 विजय कुमार पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल ब्रॉन्ज लंंदन 2012 मनु भाकर महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल ब्रॉन्ज पेरिस 2024 मनु भाकर, सरबजोत सिंह मिश्रित टीम 10 मीटर एयर पिस्टल ब्रॉन्ज पेरिस स्वप्निल कुसाले 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन ब्रॉन्ज पेरिस 2024 ओलंपिक में मेडल जीतने वाले भारतीय शूटर्स   ओलंप‍िक इत‍िहास में भारत के हुए 38 मेडल, पेर‍िस में तीसरा भारत के ओलंप‍िक मेडल‍िस्ट की पूरी ल‍िस्ट, जानें कौन, कब बना व‍िजेता एथलीट/खेल  मेडल  इवेंट  ओलंप‍िक सीजन नॉर्मन प्रिचर्ड*  स‍िल्वर  पुरुषों की 200 मीटर रेस पेरिस 1900 नॉर्मन प्रिचर्ड**  स‍िल्वर पुरुषों का 200 मीटर बाधा दौड़ (हर्डल रेस) पेर‍िस 1900 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड  पुरुष हॉकी एम्स्टर्डम 1928 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड पुरुष हॉकी लॉस एंजिल्स 1932 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड पुरुष हॉकी बर्लिन 1936 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड पुरुष हॉकी लंदन 1948 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड पुरुष हॉकी हेल्सिंकी 1952 भारतीय हॉकी टीम गोल्ड पुरुष हॉकी मेलबर्न 1956 केडी जाधव ब्रॉन्ज पुरुषों की बेंटमवेट कुश्ती हेल्सिंकी 1952 भारतीय हॉकी टीम  स‍िल्वर  पुरुष हॉकी रोम 1960 भारतीय हॉकी टीम  गोल्ड  पुरुष हॉकी टोक्यो 1964 भारतीय हॉकी टीम  ब्रॉन्ज पुरुष हॉकी मेक्सिको सिटी 1968 भारतीय हॉकी टीम  ब्रॉन्ज  पुरुष हॉकी म्यूनिख 1972 भारतीय हॉकी टीम  गोल्ड पुरुष हॉकी मास्को 1980 लिएंडर पेस ब्रॉन्ज पुरुष एकल टेनिस  अटलांटा 1996 कर्णम मल्लेश्वरी ब्रॉन्ज भारोत्तोलन (महिलाओं का 54 किग्रा सिडनी 2000 राज्यवर्धन सिंह राठौड़ स‍िल्वर पुरुषों की डबल ट्रैप शूटिंग  एथेंस 2004 अभिनव बिंद्रा गोल्ड पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग बीजिंग 2008 विजेंदर सिंह ब्रॉन्ज पुरुषों की मिडिलवेट बॉक्सिंग (मुक्केबाजी) बीजिंग 2008 सुशील कुमार ब्रॉन्ज पुरुषों की 66 किग्रा कुश्ती बीजिंग 2008 सुशील कुमार स‍िल्वर पुरुषों की 66 किग्रा कुश्ती लंदन 2012 विजय कुमार स‍िल्वर पुरुषों की 25 मीटर रैपिड पिस्टल शूटिंग लंदन 2012 साइना नेहवाल ब्रॉन्ज महिला एकल बैडमिंटन लंदन 2012 मैरी कॉम ब्रॉन्ज महिला फ्लाइवेट मुक्केबाजी लंदन 2012 योगेश्वर दत्त ब्रॉन्ज पुरुष 60 किग्रा कुश्ती लंदन 2012 गगन नारंग ब्रॉन्ज 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग लंदन 2012 पीवी सिंधु स‍िल्वर महिला एकल बैडमिंटन रियो 2016 साक्षी मलिक ब्रॉन्ज महिला 58 किग्रा कुश्ती रियो 2016 मीराबाई चानू  स‍िल्वर महिला 49 किग्रा भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) टोक्यो 2020 लवलीना बोरगोहेन ब्रॉन्ज महिला वेल्टरवेट बॉक्स‍िंंग (64-69 किग्रा) टोक्यो 2020 पीवी सिंधु  ब्रॉन्ज महिला एकल बैडमिंटन टोक्यो 2020 रवि कुमार दहिया  स‍िल्वर पुरुष फ्रीस्टाइल 57 किग्रा कुश्ती टोक्यो 2020 भारतीय हॉकी टीम  ब्रॉन्ज पुरुष हॉकी टोक्यो 2020 बजरंग पुनिया ब्रॉन्ज पुरुष 65 किग्रा कुश्ती टोक्यो 2020 नीरज चोपड़ा गोल्ड पुरुषों का भाला फेंक (जेवल‍िन थ्रो) टोक्यो 2020 मनु भाकर ब्रॉन्ज  वूमेन्स 10 मीटर एयर पिस्टल पेरिस 2024 मनु भाकर-सरबजोत स‍िंंह  ब्रॉन्ज  म‍िक्स्ड 10 मीटर एयर प‍िस्टल  पेर‍िस 2024  स्वप्निल कुसाले ब्रॉन्ज 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस पेर‍िस 2024    recent visitors 110

दिल्ली कोचिंग जैसा हुआ हादसा, अब राजस्थान-जयपुर के बेसमेंट में बारिश का पानी भरने से पिता और दो बेटों की मौत

जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर में दिल्ली के कोचिंग सेंटर जैसा मामला सामने आया है। शहर में बुधवार देर रात आई बारिश के बाद विद्याधरनगर के ध्वज नगर में एक मकान के बेसमेंट में पानी भर गया। जिसमें डूबने से पिता और दो बेटों समेत तीन की मौत हो गई। करीब 6 घंटे के चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोपहर 12 बजे तीनों के शव बाहर निकाले गए। स्थानीय पार्षद ने बताया कि ध्वज नगर में लोगों ने अवैध मकान बना रखे हैं। तेज बरसात के कारण मकानों की मिट्टी ढह गई। जानकारी के अनुसार जयपुर में बुधवार रात को शुरू हुई बारिश के बाद विद्याधरनगर के ध्वज नगर में स्थित एक मकान के बेसमेंट में पानी भर गया। तेज बारिश के कारण मकान की दीवार ढहने से पिता और उसके दोनों बेटे बेसमेंट में फंस गए थे। सूचना प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। करीब छह घंटे चले ऑपरेशन के बाद तीनों के शव बाहर निकाले गए। बताया जा रहा है कि मृतक बिहार के आरा जिले के रहने वाले थे। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों से संपर्क कर लिया है। उपमुख्यमंत्री और विद्याधरनगर विधायक दिया कुमारी ने जयपुर कलेक्टर से बात कर मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली हादसे में क्या हुआ था? 29 जुलाई को दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित RAU'S IAS कोचिंग सेंटर में इसी तरह के हादसे में तीन छात्रों की मौत हो गई थी। करीब 35 छात्र कोचिंग में बने बेसमेंट में बैठकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान शुरू हुई बारिश के बाद दो-तीन मिनट में ही बेसमेंट में 10-12 फीट पानी भर गया था। जिसमें डूबने से तीन छात्रों की मौत हो गई थी। recent visitors 149