Hamas चीफ की हत्या के बाद Iran के सुप्रीम लीडर ने दिया हमले का आदेश, Israel ने भी जवाब दिया है!

तेहरान हमास चीफ इस्माइल हानिया (Ismail Haniyeh) की मौत दुनियाभर में चर्चा में बनी हुई है. इजरायल ने सात अक्तूबर 2023 के हमले का बदला लेते हुए बुधवार को हानिया को मार गिराया था. जिस समय हानिया को निशाना बनाकर हमला किया गया, वह ईरान की राजधानी तेहरान में थे. ऐसे में अब ईरान ने इजरायल पर हमले का आदेश दे दिया है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में ईरान के तीन अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खामेनेई ने ईरानी सेना को इजरायल पर हमला करने का आदेश दिया है. ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की इमरजेंसी मीटिंग के बाद खामेनेई ने इस हमले का आदेश दिया. रिपोर्ट के मुताबिक, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह हमला किस तरह का होगा और ईरान कितनी ताकत से इजरायल पर हमला करेगा. लेकिन इतना तय है कि जिस तरह का हमला ईरान ने बीते अप्रैल में तेल अवीव और हाइफा में इजरायली सैन्य ठिकानों पर किया था. इस बार भी ईरान इसी तरह का ड्रोन और मिसाइल हमला कर सकता है. इसके साथ ही ईरान अपने सहयोगी देशों की मदद से भी हमला कर सकता है.  ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने हानिया की मौत की पुष्टि होने के बाद संकेत दिए थे कि ईरान इसका बदला लेते हुए सीधे तौर पर इजरायल पर हमला करेगा. खामेनेई ने कहा था कि हम उनके (हानिया) खून का बदला लेंगे क्योंकि यह हमारे क्षेत्र में हुआ है. ईरान और हमास ने हानिया की हत्या के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है. लेकिन इजरायल ने अभी तक ना तो इस हमले को स्वीकार किया है और ना ही इसे खारिज किया है. भारी कीमत चुकानी होगी! इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अगर उनके देश पर किसी भी तरह का कोई हमला होता है तो उसकी भारी कीमत चुकानी होगी. तेहरान में हवाई हमले में इस्माइल हनिया के मारे जाने के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक बयान है. इजरायल का अपने दुश्मनों का खात्मा करने का लंबा इतिहास रहा है. ईरान के परमाणु वैज्ञानिकों से लेकर सैन्य कमांडरों तक वह विदेश में अपने कई दुश्मनों का खात्मा कर चुका है. हानिया भी ईरान के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति पेजेश्कियान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए ईरान गए थे, जहां उन्हें निशाना बनाकर हमला किया गया. दोहा में रहता था हमास चीफ हानिया फिलिस्तीनी संगठन हमास की कई इकाइयां हैं, जो राजनीतिक, फौजी या सामाजिक कामकाज संभालती हैं. हमास की नीतियां एक कंसल्टेटिव बॉडी तय करती है. इसका मुख्यालय गाजा पट्टी इलाके में ही है. अब तक हमास की कमान इस्माइल हानिया के हाथों में थी, जो इसका चेयरमैन था. उसने 2017 से खालिद मेशाल के उत्तराधिकारी के तौर पर ये काम संभाला था. वो कतर की राजधानी दोहा में रहता था और वहीं से हमास का काम-काज देखता था. दरअसल, मिस्र ने उसके गाजा आने-जाने पर रोक लगा रखी थी ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान जारी कर कहा था कि इजरायल ने ईरान में हानिया को निशाना बनाकर हमला किया, जिसमें हमास चीफ के साथ-साथ उसका एक बॉडीगार्ड भी मारा गया था. इससे पहले अप्रैल में  इजरायली सुरक्षाबलों ने हानिया के तीन बेटों को भी मार गिराया था. इजरायल ने गाजा पट्टी पर एयरस्ट्राइक कर हानिया के तीन बेटों को मारा था. इजरायली सेना IDF ने बताया था कि हानिया के तीन बेटे आमिर, हाजेम और मोहम्मद गाजा में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने जा रहे थे, इस बीच तीनों हवाई हमलों की चपेट में आ गए.  ईरान के सर्वोच्‍च नेता अयातुल्‍ला अली खामनेई ने इजरायल से सीधे बदला लेने का आदेश दे दिया है। वहीं सूत्रों का कहना है कि ईरान खुद और अपने प्रॉक्‍सी संगठन हमास, हूती और हिज्‍बुल्‍ला की मदद से इजरायल पर बड़ा मिसाइल हमला कर सकता है। इन सब आशंकाओं के बीच ईरान ने अमेरिका पर बड़ा हमला बोला है। ईरान की सरकार ने आरोप लगाया है कि इजरायल ने बिना अमेरिका की अनुमति और खुफिया मदद के यह हमला नहीं किया है। वहीं अमेरिका ने एक बार फिर से कहा है कि हमास नेता के ऊपर हुए हमले में उसकी कोई भूमिका नहीं है। वहीं अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर इजरायल पर हमला किया गया तो वह तेलअवीव की पूरी ताकत से रक्षा करेगा। संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद में ईरानी प्रतिनिधि ने कहा, 'यह अमेरिका की जिम्‍मेदारी है कि वह अपने रणनीतिक सहयोगी और क्षेत्र में इजरायली सरकार की मुख्‍य समर्थक उसके खौफनाक अपराधों को अनदेखा नहीं करे।' उन्‍होंने कहा कि इजरायल इस हमले के जरिए राजनीतिक लक्ष्‍य का पीछा कर रहा है। उसका ईरान की नई सरकार को नाकाम करने का इरादा था।' ईरान के इस बयान के बाद विश्‍लेषकों की ओर से आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका के साथ उसका तनाव भड़क सकता है। अब तक ईरान के प्रॉक्‍सी संगठन हूती और इराकी मिलिश‍िया के लोग अमेरिका के युद्धपोतों और ठिकानों को निशाना बनाते रहे हैं। 7 अक्टूबर को क्या हुआ था? बता दें कि इजरायल और हमास के बीच जंग 7 अक्टूबर 2023 से जारी है. तब हमास ने इजरायल पर हमला कर दिया था, जिसमें 1200 लोग मारे गए थे. हमास ने 250 नागरिकों को बंधक भी बना लिया था. दावा है कि अब भी 150 बंधक हमास के कब्जे में है. वहीं, हमास दावा करता है कि इजरायली हमलों में अब तक 39 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो चुकी है. इजरायल का कहना है कि उसने इस ऑपरेशन में हमास और उसके सहयोगियों के 14 हजार से ज्यादा लड़ाकों को मार गिराया है.   recent visitors 214

दिल्ली में बारिश के बाद सड़कों पर भरा पानी, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट, NCR में 7 लोगों की मौत

नई दिल्ली दिल्ली के लिए बारिश एक बार फिर आफत बनकर सामने आई है. बुधवार शाम से दिल्ली में शुरू हुई बारिश रातभर हुई, जिसके बाद सरिता विहार, दरियागंज, प्रगति मैदान और आईटीओ सहित दिल्ली के कई इलाके तालाब बन गए. इसका असर गुरुवार सुबह भी नजर आया और आज भी दिल्ली के कई इलाकों में सड़कें जलमग्न दिखीं. गुरुवार सुबह से ही सड़कों पर पानी भारने के कारण गाड़ियां रेंगकर चलती हुई दिखाई दीं. बारिश से हालात खराब होने के चलते आज दिल्ली में स्कूलों की छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है. कुछ कॉलेज भी इस दौरान बंद रहेंगे. दिल्ली में देर रात हुई बारिश के कारण दो लोगों की मौत हो गई है. पुलिस के मुताबिक 22 साल की तनुजा और उनका तीन साल का बेटा प्रियांश गाजीपुर क्षेत्र की खोड़ा कॉलोनी के पास साप्ताहिक बाजार में गए थे. इस दौरान वह फिसल गए और एक नाले में गिर गए. अधिकारी ने कहा कि दोनों को गोताखोरों और क्रेन की मदद से निकाला गया और लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके अलावा तेज बारिश के बाद हाई टेंशन तार की चपेट में आने से गुरुग्राम में 3 लोगों की मौत हो गई है. घटना बुधवार देर रात 10 बजे की है. ग्रेटर नोएडा के दादरी कस्बे में दीवार गिरने से एक महिला और एक शख्स की मौत हो गई. यानी पिछले 24 घंटे में दिल्ली-एनसीआर में 7 लोगों की मौत हो चुकी है. घर ढहने से घायल हुआ शख्स उत्तरी दिल्ली के सब्जी मंडी क्षेत्र में एक शख्स मकान ढहने से घायल हो गया. दिल्ली फायर सर्विसेज के एक अधिकारी ने कहा कि रॉबिन सिनेमा के पास गांता घर के करीब सब्जी मंडी इलाके में एक घर ढह गया. पांच फायर ब्रिगेड मौके पर भेजी गईं. एक आदमी को मलबे से बचाया गया. अधिकारी ने कहा कि उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, वहीं एक महिला दक्षिण पश्चिम दिल्ली के वसंत कुंज क्षेत्र में एक दीवार के ढहने से घायल हो गई. आज बंद रहेंगे दिल्ली के सभी स्कूल राजधानी दिल्ली में भीषण बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव हो गया. इसके बाद सरकार ने यह फैसला लिया कि दिल्ली के सभी स्कूल आज यानी की गुरुवार को बंद रहेंगे. इसके अलावा दिल्ली में बारिश का रेड अलर्ट भी जारी किया गया है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है. 10 फ्लाइट्स का रूट परिवर्तित किया दिल्ली एयरपोर्ट पर खराब मौसम के कारण 10 उड़ानों का रूट बदल दिया गया है. अधिकारी ने बताया कि खराब मौसम के कारण बुधवार शाम साढ़े सात बजे के बाद एयरपोर्ट पर कम से कम 10 उड़ानों का रूट परिवर्तित किया गया है. इनमें से आठ को जयपुर और दो उड़ानों को लखनऊ भेजा गया है. राजधानी दिल्ली में गुरुवार को बंद रहेंगे सभी स्कूल – दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश – भारी बारिश के कारण करोल बाग मेट्रो स्टेशन और मार्केट एरिया में भरा पानी – Rau's कोचिंग वाले इलाके में फिर भरा कमर तक पानी – गुरुग्राम में सुभाष नगर-ओल्ड रेलवे रोड की सड़क पर भी भरा पानी – प्रगति मैदान के पास भैरव मार्ग रेलवे अंडर पास पर जलभराव, कई गाड़ियां फंसी – भैरव मार्ग रेलवे अंडर पास से सराय काले खान की तरफ जाने वाली टनल बंद – सरिता विहार मेट्रो स्टेशन के पास भारी जलजमाव, ट्रैफिक प्रभावित – दिल्ली के दरियागंज इलाके में एक स्कूल की दीवार गिर गई, कई गाडियां डैमेज – जयपुर के लिए 8 फ्लाइट और लखनऊ के लिए 2 फ्लाइट को डायवर्ट किया गया है.  – अपोलो अस्पताल से बदरपुर की ओर मथुरा रोड पर यातायात प्रभावित – पुल प्रह्लादपुर रेलवे अंडरपास पर जलजमाव के कारण ट्रैफिक डाइवर्जन – राजधानी दिल्ली में आईटीओ के पास जलभराव के कारण ट्रैफिक फ्लो प्रभावित – ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क के, तुगलपुर के पास Pump Up Arena जिम की छत गिरी, दो घायल भारी बारिश के चलते राष्ट्रीय राजधानी में तीन मकान भी गिर गए. सूचना मिलते ही आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया है. बताया जा रहा है कि ये मकान पुराने थे और इनमें कोई नहीं रहता था. वहीं भारी बारिश के चलते आईटीओ से लक्ष्मी नगर का रास्ता पानी भरने से बंद हो गया है. पुलिस के मुताबिक दिल्ली सब्जी मंडी इलाके से मकान ढहने की सूचना मिली. घटना के बाद दमकल विभाग की 5 गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. अभी अधिक जानकारी का इंतजार है. दिल्ली के किन इलाकों में जलभराव 1. करोल बाग मेट्रो स्टेशन और मार्केट एरिया में भरा पानी. 2. Rau's कोचिंग वाले इलाके में फिर भरा पानी. 3. प्रगति मैदान के पास भैरव मार्ग रेलवे अंडर पास पर जलभराव. 4. भैरव मार्ग रेलवे अंडर पास से सराय काले खान की तरफ जाने वाली टनल बंद. 5. सरिता विहार मेट्रो स्टेशन के पास भारी जलजमाव, ट्रैफिक प्रभावित. 6. दिल्ली के दरियागंज इलाके में एक स्कूल की दीवार गिर गई, कई गाडियां डैमेज. 7. पुल प्रह्लादपुर रेलवे अंडरपास पर जलजमाव के कारण ट्रैफिक डाइवर्जन. 8. राजधानी दिल्ली में आईटीओ के पास जलभराव के कारण ट्रैफिक प्रभावित. दिल्ली के किस इलाके में कितनी बारिश? 9. झंडेवालान इलाके में भारी बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया. 10. दिल्ली के दरियागंज इलाके में एक स्कूल की दीवार गिर गई. राजधानी दिल्ली के सभी स्कूल गुरुवार को बंद राजधानी दिल्ली और एनसीआर में बुधवार शाम को भारी बारिश हुई. राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में बारिश के कारण जलभराव हो गया है. इसी बीच सामने आया है कि दिल्ली के सभी स्कूल गुरुवार को बंद रहेंगे. इसके अलावा दिल्ली में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की है. करोल बाग में फिर भरा पानी ये हाल राजधानी दिल्ली के उन इलाकों का है, जो पॉश कहे जाते हैं. बीते चार-पांच दिनों से करोल बाग चर्चा में है. यहां एक IAS कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने तीन स्टूडेंट्स की मौत हो गई थी. कोचिंग संचालक और शासन-प्रशासन अभी तक अपने-अपने तर्क देकर लीपापोती में लगे हुए हैं. स्टूडेंट्स अपने साथियों के लिए न्याय की मांग करते हुए प्रोटेस्ट … Read more

वायनाड से पहाड़ों तक बारिश का कहर! कुल्लू में बिल्डिंग गिरी, मंडी और उत्तराखंड के घंसाली में बादल फटने से कोहराम, 28 लोग लापता

नईदिल्ली   दिल्ली समेत देश के कई शहरों से बारिश से बर्बादी की खबरें आ रही हैं. देश के बड़े इलाकों में मॉनसूनी आफत बरस रही है. दिल्ली में कल (31 जुलाई) रिकार्डतोड़ बारिश हुई है, आज भी भारी बारिश का अनुमान है. हिमाचल में कुल्लू और शिमला जिले के करीब बादल फटा है, इसमें करीब 19 लोग लापता बताए जाते हैं. उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल में भी बादल फटने की घटना हुई है और केरल के वायनाड में लैंडस्लाइड में मरने वालों का आंकड़ा 256 पहुंच गया है. यानी मैदान से पहाड़ों तक बारिश का कहर जारी है. कुल्लू और मंडी में बादल फटने से कोहराम हिमाचल प्रदेश के दो जिलों में बादल फटने से भारी तबाही की खबर है. बादल फटने की घटना कुल्लू और मंडी जिले में हुई है. कुल्लू के रामपुर क्षेत्र के समेज स्थित एक पॉवर प्लांट प्रोजेक्ट के 19 लोग बादल फटने के बाद से लापता हैं.  20 से ज्यादा मकान जमींदोज हो गए हैं और कई गाड़ियां बह गईं हैं, इलाके का स्कूल भी बाढ़ में बह गया. वहीं मंडी जिले में बादल फटने के बाद एक शव बरामद हो चुका है जबकि नौ लोग लापता हैं. मंडी जिला प्रशासन ने रेस्क्यू के लिए एयरफोर्स को अलर्ट किया है. मौके पर मौजूद स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटे हैं. कई लोग लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन मुश्किल एयरफोर्स के साथ एनडीआरएफ से भी मदद की मांग की गई है. थलटूखोड में फंसे हुए लोगों तक पहुंच पाना संभव नहीं हो पा रहा है इसलिए अब एयरफोर्स और एनडीआरएफ की मदद से लोगों को निकाला जाएगा. हिमाचल प्रदेश के शिमला और कुल्लू जिला के रामपुर से सटे पंद्रह बीस इलाकों में बादल फटने से भारी तबाही हुई है. जानकारी के मुताबिक श्रीखंड की पहाड़ियों पर नैन सरोवर के आसपास बादल फटने से कुर्पण, समेज़ और गानवी खड्ड में भयंकर बाढ़ आई है. शिमला जिले के गानवी और कुल्लू जिले के बागीपुल बाज़ार में नाले में उफान से तबाही हुई है. घंसाली में बादल फटने से तबाही, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत उत्तराखंड में मंगलवार से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जमकर तबाही मचाई है. टिहरी में पहले भारी बारिश हुई और उसके बाद बादल फट गया, जिससे दो लोगों की मौत हो गई. केदारनाथ मार्ग पर भी बादल फटा और नेशनल हाईवे का एक हिस्सा सैलाब की भेंट चढ़ गया. इसके अलावा हरिद्वार, नैनीताल और बागेश्वर से भी जल प्रलय की तस्वीरें सामने आ रही हैं. टिहरी जिले के घंसाली केदारनाथ मोटर मार्ग पर जखनियाली के पास बादल फटने से दो लोग मलबे में जिंदा दफन हो गए और एक अन्य लापता है. घंसाली के जखनयाली गांव में कल देर रात हुई आपदा की घटना के बाद उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने जखनियाली निवासी प्रधान प्रतिनिधि दीपक श्रीयाल से फोन के माध्यम से बात कर स्थिति का जायजा लिया. सीएम में कहां कि वह सभी अधिकारियों से बात कर आवश्यक निर्देश दे रहे हैं. जखनियाली आपदा में अब तक एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई वहीं एक साधु अभी भी लापता बताया जा रहा है. कुल्लू में नदी में समा गई पूरी इमारत कुल्लू में भारी बारिश के बाद व्यास और पार्वती नदी उफान पर हैं. जिसका असर वहां किनारे बसे इलाकों पर दिख रहा है. व्यास नदी की उफनती लहरों ने एक निर्माणाधीन इमारत को जमींदोज कर दिया. नदी में उफान के बाद कुल्लू-मनाली NH 3 बाधित हो गया है. ग्रेटर नोएडा में दीवार गिरने से दो लोगों की मौत ग्रेटर नोएडा में भी बारिश से कहर जारी है. दादरी कस्बे में बारिश के बाद बड़ा हादसा हुआ. यहां दीवार गिरने से एक महिला और पुरुष की मौत हो गई. बारिश के बाद अचानक गिरी दीवार से दो लोगों की मौत हो गई, फिलहाल मौके पर पुलिस पहुंच गई है और जांच जारी है. भरभरा कर गिरी रेलवे की पुरानी बाउंड्री वॉल बारिश के चलते उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रामबाग में रेलवे की पुरानी बाउंड्री वॉल भरभरा कर गिर गई. बाउंड्री वॉल गिरने की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. करीब 14 फीट ऊंची बाउंड्री वॉल गिरने से कई वाहन मलबे के नीचे दब गए. बाउंड्री वॉल गिरने से बिजली का खंबा भी क्षतिग्रस्त हो गया. राज्य सरकार की अपील पर सेना बचाव अभियान में जुटी है। सेना, नेवी और एनडीआरएफ की टीमें फिलहाल सघन अभियान चला रही हैं, लेकिन मलबे में दबे लोगों को निकालना आसान नहीं है। खासतौर पर बारिश जारी रहने के चलते मुश्किल हो रही है। कुछ गांव ऐसे हैं कि बाढ़ के चलते उनसे संपर्क ही कट गया है। सेना के प्रवक्ता ने बयान जारी कर बताया कि मुंडक्काई और आसपास के इलाकों में सैनिक जुटे हैं। अब तक करीब 1000 लोगों को बचाकर सेना ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। इसके अलावा वायुसेना के हेलिकॉप्टरों को इलाके के सर्वे में लगाया गया है। उन इलाकों में सेना अस्थायी पुल भी बना रही है, जहां से संपर्क कट गया है। एक रेडीमेड पुल को तो वायुसेना के सी-17 एयरक्राफ्ट के जरिए दिल्ली से कन्नूर ले जाया गया है। इसके अलावा तीन सर्च और रेस्क्यू डॉग भी ले जाए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने आपदा के बाद से गायब लोगों की लिस्ट जारी की है। इन लोगों में सबसे कम उम्र का आदम सायन है, जिसकी उम्र 14 साल है। वहीं सबसे बुजुर्ग 85 साल के अब्दुर्रहमान मुसलियार हैं, जिनकी आयु 85 साल है।  लापता लोगों उत्तर प्रदेश के भी 4 लोग हैं- जिनमें से 2 के नाम पिंटू चौहान और बॉबी चौहान हैं। इसके अलावा ओडिशा के स्वाधीन पांडा भी लापता हैं।   मंडी के जिलाधीश अपूर्व देवगन भी घटना स्थल में राहत एवम बचाव कार्यों के लिए रवाना हो गए हैं। हालांकि भारी वर्षा के कारण सड़क मार्ग भी अवरूद्ध हो गए हैं। शिमला के रामपुर में बादल फटने से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। बीती रात समेज खड्ड में आये सैलाब ने आसपास के गांवों में तबाही का मंजर ला दिया। वीरवार तड़के बादल फटने की सूचना मिलने के बाद उपायुक्त अनुपम कश्यप और पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी भी रवाना हो गए … Read more

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का शाहजहां की बहू की संपत्ति पर बड़ा फैसला, ‘वक्फ बोर्ड का हिस्सा नहीं …’

 बुरहानपुर  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि वक्फ बोर्ड बुरहानपुर के किले में मौजूद उन स्मारकों पर मालिकाना हक नहीं जता सकता, जिन्हें केंद्र सरकार पहले ही 'प्राचीन और संरक्षित' घोषित कर चुकी है। यह विवाद शाह शुजा के मकबरे, नादिर शाह के मकबरे और किले में स्थित बीबी साहिबा मस्जिद को लेकर था। जस्टिस गुरपाल सिंह अहलूवालिया की बेंच ने अपने फैसले में कहा कि विवादित स्मारकों को प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम, 1904 की धारा 1(1) (प्राचीन स्मारक घोषित) और धारा 3(1) (संरक्षित स्मारक घोषित) के तहत संरक्षण दिया गया था। केंद्र सरकार की है संपत्ति ऐसे में वक्फ बोर्ड वक्फ अधिनियम, 1995 की धारा 5 (2) के तहत इन्हें वक्फ संपत्ति घोषित करते हुए कोई और अधिसूचना जारी नहीं कर सकता। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि विवादित संपत्ति को पहले ही वर्ष 1913 और 1925 में प्राचीन स्मारक और संरक्षित स्मारक घोषित किया जा चुका था। इस प्रकार, उक्त अधिसूचना जारी होने के बाद, संपत्ति अब आयुक्त की संरक्षकता में है और संपत्ति केंद्र सरकार की है । साथ ही यह भी कहा कि 1995 का कानून लागू होने पर ये संपत्तियां 'मौजूदा वक्फ संपत्तियां' नहीं थीं। वक्फ बोर्ड की नहीं है संपत्ति सिंगल बेंच ने आगे कहा कि जब तक 1904 के अधिनियम की धारा 14 के तहत मुख्य आयुक्त संपत्ति पर अपनी संरक्षकता नहीं छोड़ देते, तब तक बोर्ड की अधिसूचना प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम के तहत जारी की गई अधिसूचनाओं को रद्द नहीं करेगी। अदालत ने आगे कहा कि उस संपत्ति के संबंध में जारी की गई एक गलत अधिसूचना, जो वक्फ अधिनियम के प्रारंभ होने की तारीख को मौजूदा वक्फ संपत्ति नहीं है, उसे वक्फ संपत्ति नहीं बनाएगी। साथ ही यह भी कहा कि ऐसी अधिसूचना अपने आप 1904 के अधिनियम के तहत जारी की गई अधिसूचनाओं को रद्द नहीं करेगी। केंद्र का ही रहेगा कब्जा इसलिए, अदालत ने यह व्यवस्था दी कि बोर्ड विवादित प्राचीन और संरक्षित स्मारकों से केंद्र सरकार को बेदखल करने की मांग सही तरीके से नहीं कर सकता है। शाहजहां की बहू का है मकबरा ऐसा कहा जाता है कि शाह शुजा का मकबरा बेगम बिलकिस का मकबरा है जो शाहजहां की बहू थीं। प्रत्न समीक्षा, पुरातत्व का एक जर्नल, खंड 11 के अनुसार, फारुकी वंश के दसवें सुल्तान मुहम्मद शाह फारुकी II के मकबरे को गलती से नादिर शाह का मकबरा बताया जाता है। इसी तरह, बीबी साहेबा मस्जिद संभवतः गुजरात के सुल्तान की बेटी रानी बेगम रुकैया ने बनवाई थी। मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के सीईओ ने 2013 में एक आदेश जारी कर इन स्मारकों को 1995 के अधिनियम के आधार पर वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया था। केंद्र सरकार ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हालांकि बोर्ड की ओर से पेश हुए वकील ने तर्क दिया कि इस मामले को पहले वक्फ ट्रिब्यूनल के समक्ष अपील में सुना जाना चाहिए था। इन तीन इमारतों पर विवाद एएसआई की तरफ से कहा गया है कि शाह शुजा स्मारक, नादिर शाह का मकबरा और बुरहानपुर के किले में स्थित बीबी साहिबा की मस्जिद भी प्राचीन और संरक्षित स्मारक हैं. शाह शुजा स्मारक मुगल सम्राट शाहजहां के बेटे शाह शुजा की पत्नी बेगम बिलकिस की कब्र है. बेगम बिलकिस की बेटी के जन्म देते समय मौत हो गई थी, जिसे बुरहानपुर में दफनाया गया था. एएसआई ने कहा कि जब इन स्मारकों से प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम 1904 के तहत संरक्षणकता छोड़ी नहीं गई तो इसे वक्फ बोर्ड कैसे अपनी संपत्ति घोषित कर सकता है. इसपर दूसरे पक्ष की तरफ से जवाब दिया गया कि जब सीईओ ने संपत्ति को वक्फ बोर्ड की संपत्ति घोषित कर दिया था तो उनके पास इसे खाली कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं था. कोर्ट की तरफ से कहा गया कि इस संपत्ति के संबंध में गलत अधिसूचना जारी की गई. वक्फ बोर्ड की अधिसूचना विवादित संपत्ति पर केंद्र सरकार का स्वामित्व नहीं छीनेगी. वक्फ बोर्ड ने 2013 में इन्हे घोषित किया था अपनी संपत्ति : मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड द्वारा, साल 2013 में इन स्मारकों को आदेश जारी अपनी संपत्ति घोषित की थी। केंद्र सरकार ने वक्फ बोर्ड के इस आदेश को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट का रुख किया था। recent visitors 116

जर्मनी की इकॉनमी के सुस्त पड़ना भारत के लिए अच्छी बात, तीसरी बड़ी इकॉनमी बनने में ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा

नई दिल्ली  यूरोप की सबसे बड़ी इकॉनमी जर्मनी के लिए अच्छी खबर नहीं है। दूसरी तिमाही में देश की इकॉनमी में अप्रत्याशित गिरावट देखने को मिली है। मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक जून तिमाही में जर्मनी की जीडीपी में पहली तिमाही की तुलना में 0.1 फीसदी गिरावट देखने को मिली। इस दौरान जीडीपी के 0.1 फीसदी बढ़ने की उम्मीद की जा रही थी। पहली तिमाही में जर्मनी की इकॉनमी में मामूली तेजी देखने को मिली थी जिससे यह उम्मीद जगी थी कि यह पटरी पर लौट रही है। लेकिन दूसरी तिमाही के प्रदर्शन ने एक बार फिर देश में मंदी की आशंका को बल दे दिया है। तकनीकी रूप से लगातार दो तिमाहियों में गिरावट को मंदी कहा जाता है। दिलचस्प बात है कि दूसरी तिमाही में यूरोजोन की जीडीपी में 0.3 फीसदी की तेजी आई है। इस दौरान जर्मनी के पड़ोसी देशों का प्रदर्शन अच्छा रहा। जानकारों का कहना है कि जर्मनी की इस स्थिति के लिए काफी हद तक चीन की इकॉनमी जिम्मेदार है। चीन की इकॉनमी कई मोर्चों पर संघर्ष कर रही है। जर्मनी का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। लेकिन जर्मनी की अपनी भी कई समस्याएं हैं। देश को स्किल्ड लेबर की कमी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही देश में एनर्जी की कीमतें हाई लेवल पर पहुंच गई है। भारत के लिए गुड न्यूज हालांकि जर्मनी की इकॉनमी के सुस्त पड़ना भारत के लिए अच्छी बात है। जर्मनी अभी अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी है जबकि जापान चौथे नंबर पर है। भारत पांचवें नंबर पर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा था कि उनके तीसरे कार्यकाल में भारत दुनिया की तीसरी बड़ी इकॉनमी बन जाएगा। लेकिन जर्मनी की हालत जिस तरह से खराब हो रही है, उससे लगता है कि भारत को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से विकास कर रहा है। Forbes के मुताबिक अभी अमेरिका 28.783 ट्रिलियन डॉलर के साथ दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी है। चीन 18.536 ट्रिलियन डॉलर के साथ दूसरे नंबर पर है। जर्मनी (4.590 ट्रिलियन डॉलर) तीसरे और जापान (4.112 ट्रिलियन डॉलर) के साथ चौथे नंबर पर है। भारत की इकॉनमी का साइज अभी 3.942 ट्रिलियन डॉलर है। माना जा रहा है कि भारत 2027 तक दुनिया की तीसरी बड़ी इकॉनमी बन जाएगा। लेकिन जिस तरह जापान और जर्मनी की इकॉनमी संघर्ष कर रही है, उससे लगता है कि जल्दी ही भारत को गुड न्यूज मिल सकती है। recent visitors 116

CM मोहन यादव 1.29 करोड़ लाड़ली बहनों को आज रक्षाबंधन पर देंगे ये बड़ा गिफ्ट, आज मिलेंगे 250 रुपये

भोपाल  मध्य प्रदेश में लाडली बहनों को हर महीने में 1250 रुपए मिलते हैं। वहीं, राखी से पहले मोहन सरकार ने लाडली बहनों को बड़ी सौगात दे दी है। कैबिनेट की मीटिंग में सीएम मोहन यादव ने इसकी घोषणा कर दी है। सावन के महीने में लाडली बहनों को मध्य प्रदेश में 250 रुपए अतिरिक्त मिलेंगे। इस महीने प्रदेश की एक करोड़ से अधिक लाडली बहनों को सरकार 1500 रुपए देगी।     सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया साइड X पर लिखा " श्रावण माह में लाडली बहनों को "शगुन" मेरी लाडली बहनों के खाते में श्रावण माह में आज 1 अगस्त को रक्षाबंधन के ₹250 का "शगुन" डालने जा रहा हूं, ताकि प्रदेश की प्रत्येक लाडली बहन का रक्षाबंधन का त्यौहार खुशियों से सजे." लाड़ली बहनों को कल मिलेंगे 250 रूपये आपको बता दें लाड़ली बहनों को पहले से ही 1250 रूपये की राशि हर माह दी जा रही है. इस माह रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए 250 रूपये अतिरिक्त दिए जाने का ऐलान सीएम मोहन ने किया है. सीएम मोहन के अनुसार कल यानि कि 1 अगस्त को लाड़ली बहनों के खातों में 250 रूपये की राशि भेज दी जाएगी. सीएम मोहन यादव का कहना है कि लाडली बहनों को ये अतिरिक्त राशि रक्षाबंधन पर्व पर साड़ी खरीदने के लिए दी जा रही है.  इसके साथ ही जो हर माह राशि दी जाती है उसे भी तय समय अनुसार डाला जाएगा. पहला उपहार : 250 रुपए रक्षाबंधन का शगुन आपको बता दे कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पहले उपहार के तौर पर 250 रुपए मध्य प्रदेश की 1.29 करोड़ लाडली बहनों को रक्षाबंधन के शगुन के रूप में देने का फैसला किया है यह राशि मध्य प्रदेश की 1.29 करोड़ लाडली बहनों के सीधे बैंक खाते में डाली जाएगी और इसके लिए लाडली बहनों को ज्यादा दिन तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा क्योंकि यह राशि मध्य प्रदेश की लाडली बहनों के खाते में 1 अगस्त 2024 को ही ट्रांसफर कर दी जाएगी. दूसरा उपहार : लाडली बहना योजना की किस्त 1250 रुपए दूसरे उपहार के बारे में बात करें तो मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव मध्य प्रदेश की 1.29 करोड़ लाडली बहनों को लाडली बहना योजना के अंतर्गत मिलने वाली 1250 रुपए की किस्त को भी ट्रांसफर करेंगे यह राशि संभवत 10 अगस्त को लाडली बहनों के सीधे बैंक खाते में पहुंच जाएगी जो कि रक्षाबंधन से पहले दूसरे उपहार के रूप में देखी जा रही है. तीसरा उपहार : 450 रुपए में गैस सिलेंडर आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया है और बीजेपी के घोषणा पत्र के अनुसार 450 रुपए में लाडली बहनों को गैस सिलेंडर देने का फैसला कर लिया है यह लाडली बहनों के लिए रक्षाबंधन से पहले तीसरे उपहार के रूप में देखा जा रहा है. रक्षाबंधन से पहले बहनों की बल्ले-बल्ले कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि लाडली बहना योजना की लाभार्थी महिलाओं को अब 450 रुपये में रसोई गैस सिलेंडर मिलेगा, अभी गैस सिलेंडर 848 रुपए का है. जिसमें से 450 लाडली बहना को देना होगा. बाकी 398 रुपये सरकार देगी. इसके लिए 160 करोड़ का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा पीएम बीमा योजना के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का बीमा सरकार कराएगी, जिसकी प्रीमियम सरकार भरेगी. 2 लाख का बीमा जो मिलेगा. उसमें 1 लाख एक्सीडेंटल की स्थिति में मिलेगा. इससे 57 हजार से ज्यादा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लाभ मिलेगा.   सभी जनप्रतिनिधि बंधवाएंगे राखी मुख्यमंत्री यादव ने जनप्रतिनिधियों से रक्षाबंधन के पर्व पर सावन माह में अपने-अपने क्षेत्र की बहनों से राखी बंधवाने का आव्हान भी किया। मध्य प्रदेश में करीब 1.29 करोड़ से अधिक लाडली बहनों की संख्या है। लाडली बहनों को राज्य की सरकार 450 रुपए में गैस सिलेंडर भी देती है। recent visitors 106

दिल्ली मेट्रो इंदौर से उज्जैन – पीथमपुर तक मेट्रो रेल कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करेगी

इंदौर दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) इंदौर से उज्जैन और धार जिले के पीथमपुर तक दो मेट्रो रेल कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगी. बुधवार को अधिकारी ने बताया कि कुल 84 किलोमीटर की अनुमानित दूरी वाले इंदौर-उज्जैन और इंदौर-पीथमपुर दो कॉरिडोर में मेट्रो रेल सेवा के लिए तकनीकी सलाह डीएमआरसी देगी. आधिकारिक बयान में कहा गया है कि उज्जैन, इंदौर, पीथमपुर लाइन के पहले चरण के रूप में श्री महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन-नानाखेड़ा बस स्टैंड से लवकुश चौराहा, इंदौर को जोड़ने के लिए डीपीआर तैयार करने का काम डीएमआरसी करेगी. इस संबंध में मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने एक पत्र जारी किया है. इंदौर-उज्जैन और इंदौर-पीथमपुर के बीच मेट्रो रेल की सौगात इससे पहले राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि सिंहस्थ से पहले मध्य प्रदेश के इंदौर और उज्जैन शहरों के बीच मेट्रो रेल लाइन बिछाई जाएगी. उज्जैन में 12 साल में एक बार आयोजित होने वाला विशाल हिंदू समागम सिंहस्थ 2028 में आयोजित किया जाएगा. अधिकारियों के अनुसार, भोपाल में मेट्रो रेल के पहले चरण का प्रायोगिक परीक्षण पिछले साल अक्टूबर में पूरा हो गया था. अब दूसरे और तीसरे चरण का क्रियान्वयन जल्द शुरू होने वाला है. इसके अलावा, इंदौर में करीब 31 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन बिछाने का काम चल रहा है. recent visitors 117