सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और हवाई अड्डों को निशाना बनाने में भारत को ‘स्पष्ट बढ़त’ हासिल थी – न्यूयॉर्क टाइम्स

नई दिल्ली अमेरिका के अंग्रेजी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में सैटेलाइट से मिली तस्वीरों के हवाले से कहा है कि ऐसा लगता है कि चार दिनों तक चले हालिया सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और हवाई अड्डों को निशाना बनाने में भारत को बढ़त हासिल थी. रिपोर्ट के अनुसार, हमलों से पहले और बाद की सैटेलाइट से मिली हाई-रिजॉल्यूशन की तस्वीरों में भारतीय हमलों से पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को नुकसान दिखाई देता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक चला सैन्य संघर्ष दो परमाणु संपन्न देशों के बीच आधी सदी में सबसे व्यापक लड़ाई थी. चूंकि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की एयर डिफेंस का टेस्ट करने और सैन्य ठिकानों पर हमला करने के लिए ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया, इसलिए उन्होंने गंभीर नुकसान पहुंचाने का भी दावा किया. पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को पहुंचा नुकसान इसमें कहा गया है कि सैटेलाइट से मिली तस्वीरों से संकेत मिलता है कि हमले व्यापक थे, लेकिन नुकसान दावे के मुकाबले कहीं ज्यादा सीमित था. खबर में कहा गया है कि ऐसा लगता है कि ज्यादातर नुकसान भारत ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को पहुंचाया. इसमें कहा गया है कि हाई-टेक युद्ध के नए युग में, तस्वीर में सत्यापित दोनों पक्षों के किए गए हमले सटीक रूप से टारगेटेड प्रतीत होते हैं. पाकिस्तान पर भारत की बढ़त रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों और हवाई क्षेत्रों को निशाना बनाने में स्पष्ट बढ़त मिली है, क्योंकि लड़ाई का दूसरा चरण एक-दूसरे की डिफेंस क्षमताओं पर हमलों में बदल गया. भारत के रक्षा अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के बंदरगाह शहर कराची से 100 मील से भी कम दूरी पर स्थित भोलारी एयर बेस पर एक विमान हैंगर पर सटीक हमला किया है. नूर खान एयर बेस पर हमला रिपोर्ट के मुताबिक तस्वीरों में हैंगर जैसी दिखने वाली चीज को साफ नुकसान दिखाई दे रहा है. इसके अलावा नूर खान एयर बेस शायद सबसे संवेदनशील सैन्य लक्ष्य था जिस पर भारत ने हमला किया. नूर खान एयर बेस पाकिस्तानी सेना के मुख्यालय और देश के प्रधानमंत्री के कार्यालय से लगभग 15 मील की दूरी पर है और पाकिस्तान के परमाणु शस्त्रागार की देखरेख और सुरक्षा करने वाली यूनिट से भी यह थोड़ी ही दूरी पर स्थित है. सैटेलाइट की तस्वीरों से खुली पोल भारतीय सेना ने कहा कि उसने विशेष रूप से पाकिस्तान के कुछ प्रमुख हवाई अड्डों पर रनवे और अन्य सुविधाओं को निशाना बनाया था और इस रिपोर्ट में भी कहा गया है कि सैटेलाइटसे मिली तस्वीरों से नुकसान दिखा. इसमें कहा गया है कि इसके मद्देनजर 10 मई को पाकिस्तान ने रहीम यार खान हवाई अड्डे के लिए एक नोटिस जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि रनवे क्रियाशील नहीं है. सरगोधा एयरपोर्ट रनवे के दो हिस्सों पर हमला भारतीय सेना ने कहा कि उसने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सरगोधा हवाई अड्डे पर रनवे के दो हिस्सों पर हमला करने के लिए सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया था. रिपोर्ट में कहा गया है, जिन स्थानों पर पाकिस्तान ने हमला करने का दावा किया है, उसकी सैटेलाइट से प्राप्त तस्वीरें सीमित हैं और अभी तक पाकिस्तानी हमलों से हुए नुकसान को स्पष्ट रूप से नहीं दिखा पा रही हैं, यहां तक कि उन ठिकानों पर भी जहां सैन्य कार्रवाई के पुख्ता सबूत थे. पाकिस्तान के दावे गलत पाकिस्तानी अधिकारियों के इस दावे पर कि उनकी सेना ने भारत के उधमपुर एयर बेस को नष्ट कर दिया है, रिपोर्ट में कहा गया है कि 12 मई की तस्वीर में नुकसान नहीं दिख रहा है. भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में सात मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवादी बुनियादी ढांचे पर सटीक हमले किए थे. पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से ज्यादातर पर्यटक थे. पाकिस्तान के पसरूर और सियालकोट स्थित एयर बेस के रडार स्थलों को भी सटीक हथियारों से निशाना बनाया गया, जिससे भारी क्षति हुई. भारत रहा हावी- रिपोर्ट न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है कि सैटेलाइट तस्वीरों से साफ़ पता चलता है कि भले ही दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर नुकसान पहुंचाने का दावा किया, लेकिन असली और प्रमुख नुकसान भारत द्वारा पाकिस्तान को ही पहुंचाया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि आधुनिक युद्ध प्रणाली और सटीक हथियारों के इस युग में दोनों देशों ने अपने हमलों को रणनीतिक रूप से अंजाम दिया, लेकिन भारत ने खासतौर पर पाकिस्तान की वायुसेना की क्षमताओं और एयरफील्ड्स को निशाना बनाया. भोलारी एयरबेस पर हमला सबसे महत्वपूर्ण हमलों में से एक कराची के निकट भोलारी एयर बेस पर किया गया हमला था, जहां सैटेलाइट से प्राप्त तस्वीरों में विमान हैंगर को पहुंचा नुकसान साफ दिख रहा है. पाकिस्तान के कराची से करीब 100 मील दूर स्थित भोलारी एयरबेस पर भारत ने एयरक्राफ्ट हैंगर को टारगेट किया.   नूर खान एयरबेस: सबसे संवेदनशील लक्ष्य रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का सबसे संवेदनशील हमला नूर खान एयरबेस पर था, जो पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के पास स्थित है और सेना के मुख्यालय व प्रधानमंत्री कार्यालय के करीब है. यही यूनिट पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की सुरक्षा देखती है. यहां की सुविधाओं को भारत ने सटीक हथियारों से नुकसान पहुंचाया. सरगोधा और रहीम यार खान एयरबेस पर हमले भारत ने यह भी दावा किया कि उसने पाकिस्तान के प्रमुख हवाई अड्डों को निशाना बनाया है, जिसमें रहीम यार खान और सरगोधा बेस के रनवे सेक्शन भी शामिल हैं.  सैटेलाइट इमेज ने इन दावों का समर्थन किया , जिसमें प्रभावित बुनियादी ढांचे को दिखाया गया है.   पाकिस्तान के सरगोधा एयरबेस की दो रनवे स्ट्रिप्स को भी भारतीय सेना ने सटीक हथियारों से निशाना बनाया. भारतीय सेना ने कहा कि उसने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सरगोधा हवाई अड्डे पर रनवे के दो हिस्सों पर हमला करने के लिए सटीक हथियारों का इस्तेमाल किया था. वहीं रहीम यार खान में पाकिस्तान ने खुद 10 मई को नोटिस जारी किया कि रनवे अब “ऑपरेशनल नहीं” है. इसके अलावा पसरूर और सियालकोट एविएशन बेस पर मौजूद रडार सिस्टम को भी निशाना बनाया गया जिससे पाक … Read more

PM शरीफ ने टैंक के ऊपर ही असीम मुनीर और एयर मार्शल बाबर की पीठ ठोकी, तो सेना के अधिकारी उन्हें सैल्यूट दागे

इस्लामाबाद  भारतीय सशस्त्र बलों के हाथों चार दिनों तक लगातार पिटाई के बाद अब पाकिस्तान डींगे मार रहा है। ये तब है जब पूरी दुनिया में इस बात की चर्चा है कि भारत ने किस तरह से पाकिस्तान में घुसकर उसे नुकसान पहुंचाया है। कई दिनों के बाद अब अमेरिकी अखबारों ने भी सैटेलाइट तस्वीरों को छापकर बता दिया है कि किस तरह भारत ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। बावजूद इसके पाकिस्तानी नेता इसे अपनी जीत बता रहे हैं। हद तो तब हो गई जह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बुधवार को कह दिया कि पाकिस्तान ने 1971 में भारत के हाथों हार का बदला ले लिया है। शहबाज शरीफ ने ये बात सियालकोट स्थित पसरूर छावनी परिसर में कही है। ये वही छावनी है, जिसे भारत ने जवाबी कार्रवाई के दौरान निशाना बनाया था। इस दौरान अपने संबोधन में शहबाज ने पाकिस्तानी सैनिकों से कहा, आपने 1971 की जंग का बदला ले लिया है। अब पूरा देश आपके साथ खड़ा है। इस दौरान शहबाज शरीफ ने भारत को गीदड़भभकी दी तो कश्मीर और पानी विवाद पर बातचीत की पेशकश भी कर डाली। भारत को गीदड़भभकी शहबाज शरीफ ने पीएम मोदी को गीदड़भभकी देते हुए कहा, 'अगर आप हम पर फिर से हमला करेंगे, तो आप सब कुछ खो देंगे…" उन्होंने कहा, 'हम युद्ध और बातचीत के लिए तैयार हैं। अब चुनाव आपका है।' शहबाज ने पीएम मोदी के हालिया संबोधन के संदर्भ में कहा, पानी हमारी लाल रेखा है। हमारे पानी को मोड़ने के बारे में सोचना भी मत। हां, पानी और खून एक साथ नहीं बहते। आपने हमारी नीलम-झेलम जल परियोजना को भी नुकसान पहुंचाया है। कश्मीर और जल संधि पर बातचीत की पेशकश इस दौरान शहबाज ने पीएम मोदी से मतभेदों को दूर करने के लिए बातचीत की पेशकश की। उन्होंने कहा, आइए हम इस आग को बुझाएं। आइए हम कश्मीर और पानी पर बात करने के लिए एक साथ बैठें। 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया था। 1960 में हुई संधि के तहत पाकिस्तान को तीन नदियों का पानी मिलता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भारत पानी रोकता है तो पाकिस्तान में हाहाकार मच सकता है। मोदी की नकल करने निकले शहबाज पाकिस्तानी पीएम का पसरूर दौरा भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल था। पीएम मोदी ने आदमपुर एयरबेस का दौरा किया था, जिसे पाकिस्तान ने निशाना बनाने का दावा किया था। इस दौरान पीएम मोदी के पीछे ही एस-400 एयर डिफेंस और राफेल विमान खड़ा नजर आया, जो पाकिस्तान के दावों की पोल खोलने के लिए काफी था। इसके उलट जब शहबाज शरीफ पसरूर सैन्य अड्डे पर पहुंचे तो एयरबेस के हिस्से को दिखाया ही नहीं गया, ताकि पाकिस्तान की रही सही इज्जत भी न जाने पाए। recent visitors 40

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नेने जारी की लाडली बहना योजना की 24वीं किस्‍त, महि‍लाओं के खाते में पहुंचे 1552 करोड़ रुपये

सीधी मध्‍य प्रदेश में आज 1 करोड़ 27 लाख महि‍लाओं का लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) की 24वीं किस्‍त का इंतजार खत्‍म हो गया. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज सीधी जिले की तहसील गोपदबनास (सीधी खुर्द) से मई महीने की किस्‍त जारी की. सीएम ने लाभार्थी महिलाओं के खाते में 1551.89 करोड़ रुपये (करीब 1552 करोड़) ट्रांसफर किए. योजना के तहत प्रतिमाह हर लाडली बहन को खाते में 1250 रुपये भेजे जाते हैं. साल 2023 में यह योजना मह‍िलाओं की आर्थ‍िक रूप से सशक्‍त करने के लिए शुरू की गई थी. इस महीने इसके 24 महीने यानी दो साल पूरे हो गए हैं. सिलेंडर रिफ‍िलिंंग के लिए 57 करोड़ रुपये जारी गोपदबनास तहसील में आयोज‍ित कार्यक्रम में सीएम ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना और सिलेंडर रिफिलिंग योजना की मई महीने की राशि भी लाभ‍ार्थ‍ियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की. साथ ही कार्यक्रम में सीधी के धोहनी में विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया. सीएम ने 56 लाख 83 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में 341 करोड़ रुपये से ज्‍यादा ट्रांसफर किए और 26 लाख से अधिक बहनों को सिलेंडर गैस रिफिलिंग की 30.83 करोड़ रुपये से ज्‍यादा की सब्सिडी राशि भी उनके खातों में सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की. अब तक इतनी राशि हुई ट्रांसफर मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की एक करोड़ 27 लाख लाड़ली बहनों के खातों में लाड़ली बहना योजना की मई माह की किस्त 1552 करोड़ 38 लाख रूपये अंतरित किया. लाड़ली बहनों को मिलने वाली यह 24वीं किस्त है. योजना में प्रत्येक लाड़ली बहना को प्रत्येक माह 1250 रूपये की राशि उनके खातों में अंतरित की जाती है. मध्य प्रदेश में जून 2023 से अप्रैल 2025 तक ₹35 हजार 329 करोड़ से अधिक राशि ट्रांसफर की गई है. जबकि 1 करोड़ 29 लाख बहनों के खातों में जनवरी 2024 से अप्रैल 2025 तक ₹25 हजार 332 करोड़ से अधिक की राशि का अंतरण हुआ है. मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में 56 लाख 68 हजार सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में 340 करोड़ रूपए की राशि अंतरित की. साथ ही मुख्यमंत्री 25 लाख से अधिक बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग की 57 करोड़ रुपए की राशि भी उनके खातों में सिंगल क्लिक से अंतरित की. ये सौगातें भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा जिले के जवा में आयोजित हुए कार्यक्रम में बैकुंठपुर में नया महाविद्यालय बनाने समेत कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की. सीएम ने कहा कि जहां-जहां भगवान राम और श्रीकृष्ण के चरण पड़े हैं. मध्यप्रदेश के उन सभी स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा. मोहन यादव ने जवा, रीवा में जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास कर क्षेत्रवासियों को अनेकों सौगात दीं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज रीवा जिले के दिव्यगवां में शासकीय बिरसा मुंडा महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण कर क्षेत्रवासियों को बधाई दी. सीएम मोहन ने कहा "आज रीवा जिले के दिव्यगवां में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' अंतर्गत आयोजित 'जनसंवाद एवं विभिन्न विकास कार्यक्रमों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम' में सहभागिता कर ₹7.50 करोड़ की लागत से निर्मित 501 खेत-तालाबों एवं मुनगा वन का शुभारंभ किया. साथ ही ₹2 करोड़ 75 लाख की लागत के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं ₹47 करोड़ 98 लाख लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण किया. इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं. 'जल गंगा संवर्धन अभियान' को जनक्रांति बनते देख गर्व की अनुभूति हो रही है. विभिन्न योजनाओं और अभियानों के माध्यम से जल स्रोतों के संरक्षण, पुनर्जीवन और प्रबंधन के लिए हम सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं. निश्चित ही हम सभी के सम्मिलित प्रयासों से जल संकट की चुनौतियों का समाधान होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी." योजना की राशि बढ़ाने की मांग विपक्ष राज्‍य सरकार से लाडली बहना योजना की राश‍ि बढ़ाए जाने की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार ने फिलहाल इस योजना के तहत मिलने वाली राश‍ि को बढ़ाने पर विचार नहीं कर रही है. मालूम हो कि 2023 में विधानसभा चुनाव के दौरान सत्‍तारूढ़ पार्टी बीजेपी ने योजना के तहत मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 3 हजार रुपये प्रत‍ि माह करने का ऐलान किया था. लेकिन तब से सरकार ने किस्‍त 3000 हजार रुपये करने के बारे में कोई बात नहीं की है, जबकि‍ विपक्ष बार-बार इसपर सरकार काे घेरता है. पिछले महीने हुई थी राशि भेजने में देरी पिछले महीने ही सरकार को नियत 10 तारीख पर योजना की कि‍स्त न जारी कर पाने पर विपक्षी दल कांग्रेस की आलोचना झेलनी पड़ी थी. राज्‍य सरकार ने 23वीं कि‍स्त 16 अप्रैल को जारी की थी. यानी 6 दिन की देरी से जारी की गई थी. हालांकि, राज्‍य सरकार ने अब इसे हर महीने की 15 तारीख के आसपास जारी करने का फैसला किया है. कई राज्‍यों में छाई योजना मध्‍य प्रदेश में लागू हुई यह योजना इतनी लोकप्र‍िय हुई है कि यह कई राज्‍यों में अलग-अलग नाम से चलाई जा रही है. खासकर योजना का जादू विधानसभा चुनावों के दौरान देखने को मिला, जहां कई राज्‍यों में इसने सरकार बनाई तो कुछ में सरकार को बचाए रखने में महत्‍वपूर्ण भूम‍िका निभाई. विभ‍िन्‍न राज्‍यों में योजना के तहत अलग-अलग राशि‍ महि‍लाओं के खाते में भेजी जाती है. recent visitors 46

भोपाल की 25वीं बटालियन में मॉक ड्रिल के दौरान एक हैंड ग्रेनेड फटने से दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल

  भोपाल राजधानी भोपाल की 25वीं बटालियन में गुरुवार को मॉक ड्रिल के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ। सुरक्षा अभ्यास के दौरान एक हैंड ग्रेनेड अचानक फट गया, जिससे दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में प्रधान आरक्षक विशाल सिंह और आरक्षक संतोष कुमार शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार, विशाल सिंह की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। दोनों घायल जवानों का उपचार चूनाभट्टी स्थित बंसल अस्पताल में चल रहा है। मॉक ड्रिल के दौरान हादसा कैसे हुआ?     हाल ही में पाकिस्तान द्वारा किए गए सीमापार हमलों के बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने के लिए प्रदेश में लगातार मॉक ड्रिल आयोजित कर रही है। इसी श्रृंखला में भोपाल की 25वीं बटालियन में सुरक्षा अभ्यास आयोजित किया गया था। अभ्यास के दौरान अचानक एक हैंड ग्रेनेड फट गया, जिससे प्रधान आरक्षक विशाल सिंह और आरक्षक संतोष कुमार को गंभीर चोटें आईं। विस्फोट की तेज आवाज ने आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। घायल जवानों की स्थिति घायलों को तुरंत बंसल अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि विशाल सिंह की हालत नाजुक है और वे विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में हैं। संतोष कुमार की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। दोनों घायल जवानों का उपचार जारी है और अस्पताल प्रशासन उन्हें हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहा है। जांच के आदेश जारी इस गंभीर घटना के बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले की पूरी जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। घटना की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय इंक्वायरी कमेटी गठित की जा सकती है, जो मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल में हुई चूक की पूरी विवेचना करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा नियम बनाए जाएंगे। मॉक ड्रिल क्यों होती है? मॉक ड्रिल (Mock Drill) सुरक्षा बलों के लिए एक आवश्यक अभ्यास होता है, जिसका उद्देश्य जवानों को वास्तविक स्थिति के लिए तैयार करना होता है। यह अभ्यास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाने और सामरिक कौशल को निखारने के लिए आयोजित किया जाता है। प्रदेशभर में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के चलते मॉक ड्रिल का महत्व और भी बढ़ गया है। recent visitors 30

20 मई को चलेगी प्रदेश की पहली मेट्रो, लेकिन सफर रहेगा बिल्कुल फ्री, पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी

इंदौर  इंदौर मेट्रो के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे प्रदेशवासियों को बड़ी अच्छी खबर मिलने वाली है। 20 मई से मेट्रो शुरू होने वाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 मई को इसे हरी झंडी दिखा सकते हैं। शुरुआत में यात्रियों को मुफ्त यात्रा करने का मौका मिलेगा। बाद में टिकट पर छूट भी मिलेगी। मेट्रो गांधी नगर से स्टेशन नंबर 3 तक चलेगी। इसका किराया 20 रुपये से शुरू होगा। खास बात यह है कि यह मध्य प्रदेश में यह पहली मेट्रो होगी जो अपना चलना शुरू करेगी। भोपाल मेट्रो को पूरा करने का काम भी तेज रफ्तार के साथ चल रहा है। इंदौर मेट्रो को शुरू करने की तैयारी तेजी से चल रही है। एमपी मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन इसके लिए काम कर रहा है। अभी तक कॉमर्शियल रन की तारीख आधिकारिक तौर पर जारी नहीं हुई है, लेकिन यह तय हो गया है कि पीएम मोदी इसे हरी झंडी दिखाएंगे। पीएम मोदी दिखांएगे हरी झंडी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पीएम मोदी 20 मई को मेट्रो को हरी झंडी दिखा सकते हैं। कयास हैं कि वे डिजिटल माध्यम से जुड़ सकते हैं। हालांकि मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और सरकार ने अभी तक इस बारे में बात स्पष्ट नहीं की है। पहले सात दिन इंदौर मेट्रो फ्री मेट्रो प्रबंधन यात्रियों को लुभाने के लिए खास योजना बना रहा है। शुरू में टिकट पर छूट दी जाएगी। पहले हफ्ते में यात्रा मुफ्त रहेगी। दूसरे हफ्ते में टिकट पर 70 प्रतिशत छूट मिलेगी। तीसरे हफ्ते में यह छूट 50 प्रतिशत होगी। चौथे हफ्ते से अगले 3 महीनों तक टिकट पर 25 प्रतिशत छूट मिलेगी। बता दें कि सी एमआरएस (कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी) की टीम ने पिछले दिनों ही इंदौर मेट्रो को हरी झंडी दिखाते हुए अपनी ओके रिपोर्ट दे दी थी। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन से मिली जानकारी के अनुसार इंदौर मेट्रो प्रायोरिटी कॉरिडोर पर गांधी नगर से स्टेशन नंबर 3 तक चलेगी। इस दौरान मेट्रो दोनों तरफ़ से 25-25 फेरे लगाएगी, यानी की मेट्रो दोनों तरफ के मिलाकर कुल 50 फेरे लगाएगी। इंदौर मेट्रो दोनों तरफ से एक साथ चलना शुरू होगी यानी गांधी नगर स्टेशन और सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 से एक साथ चलेगी। इंदौर मेट्रो दोनों स्टेशन से सुबह 8 बजे से चलना शुरू होगी और आखिरी फेरा रात 8 बजे लगाएगी। मेट्रो के कॉमर्शियल रन के दौरान हर 30 मिनट के अंतराल पर एक मेट्रो कोच सेट का संचालन किया जाएगा। यात्रियों की संख्या के आधार पर इस समय को बढ़ाया या घटाया जा सकेगा। 20 रुपए रहेगा किराया मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने इंदौर मेट्रो का किराया 5 जोन में बांटा है। इस 5 जोन के तहत इंदौर मेट्रो के 28 स्टेशन आएंगे। न्यूनतम किराया 20 रुपए रहेगा। जबकि अधिकतम किराया 80 रुपए रखा गया है। वहीं, शुरुआती प्रायोरिटी कॉरिडोर की बात करें तो इसका न्यूनतम किराया 20 रुपए और अधिकतम किराया 30 रुपए रहेगा। कॉमर्शियल रन में सिर्फ 2 से 5 मिनट लगेंगे इंदौर में यलो लाइन का प्रायोरिटी रूट कुल 5.9 किमी का है। इसमें 5 स्टेशन रहेंगे। कॉमर्शियल रन के दौरान हर स्टेशन पर मेट्रो सिर्फ 2 से 5 मिनट के अंदर पहुंचेगी। अभी पांच स्टेशन मेट्रो डिपो से लेकर सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 के आगे तक टेस्टिंग हो रही है, जो दिन और रात दोनों समय की जा रही है। बताया जा रहा है कि कॉमर्शियल रन के दौरान जब इस रूट पर मेट्रो चलेगी तो वह हर 2 से 5 मिनट में एक स्टेशन पर पहुंच जाएगी। 24-25 मार्च को किया था फाइनल निरीक्षण सीएमआरएस ने 24-25 मार्च को ही मेट्रो का तीसरा और अंतिम निरीक्षण किया था। फिलहाल सुपर कॉरिडोर पर गांधी नगर से टीसीएस चौराहा तक 6 किमी हिस्से में मेट्रो दौड़ेगी। सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर गांधीनगर स्टेशन, सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3, 4, 5 और 6 कुल पांच स्टेशन आएंगे। इनमें इलेक्ट्रिकल सेक्शन, प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, एस्कलेटर सहित सभी सुविधाएं जुटाई जा चुकी हैं। ट्रेन को न्यूनतम व अधिकतम गति से चलाकर देखा जा चुका है। हर 30 मिनट में मिलेगी मेट्रो कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी की टीम ने मेट्रो को हरी झंडी दिखा दी है। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में इसे सुरक्षित बताया है। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अनुसार, इंदौर मेट्रो गांधी नगर से स्टेशन नंबर 3 तक चलेगी। मेट्रो दोनों तरफ से 25-25 चक्कर लगाएगी। इस तरह कुल 50 चक्कर लगेंगे। मेट्रो गांधी नगर स्टेशन और सुपर कॉरिडोर स्टेशन नंबर 3 से एक साथ शुरू होगी। मेट्रो सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चलेगी। हर 30 मिनट में एक मेट्रो मिलेगी। अगर यात्रियों की संख्या ज्यादा होगी, तो समय कम किया जा सकता है। इतना होगा किराया मेट्रो का किराया अलग-अलग जोन के हिसाब से होगा। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने किराए को 5 जोन में बांटा है। इन 5 जोन में मेट्रो के 28 स्टेशन होंगे। सबसे कम किराया 20 रुपये होगा। सबसे ज्यादा किराया 80 रुपये होगा। शुरुआती रूट पर सबसे कम किराया 20 रुपये और सबसे ज्यादा किराया 30 रुपये होगा। recent visitors 41

मध्यप्रदेश में निवेश संभावनाओं पर केन्द्रित बेंगलुरू में हुआ इंटरेक्टिव सेशन 7935 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश में उद्योगों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जिलों में बनाए गए हैं उद्योग प्रकोष्ठ, नई उद्योग केंद्रित नीतियां हैं लागू मध्यप्रदेश में निवेश संभावनाओं पर केन्द्रित बेंगलुरू में हुआ इंटरेक्टिव सेशन 7935 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए 18 हजार 975 नए रोजगार होंगे सृजित बीईएमएल को 148 एकड़ भूमि आवंटन, म.प्र. बना निवेश का भरोसेमंद डेस्टीनेशन बेंगलुरू में उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन चर्चा कर परिसंवाद भी किया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि व्यापारी और निवेशक मध्यप्रदेश आएं और उद्योग को बढ़ावा दें। आज मेड इन इंडिया का जमाना है। मध्यप्रदेश सरकार ने नई उद्योग केंद्रित नीतियां लागू की हैं। सभी जिलों में उद्योग प्रकोष्ठ खोले गए हैं। इंडस्ट्री शुरू करने के लिए राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम लागू है। निवेशकों के लिये मुख्यमंत्री सहजता से उपलब्ध है। राज्य में पर्याप्त लैंड बैंक, पानी और बिजली उपलब्ध है। राज्य सरकार ने उद्योगपतियों को सब्सिडी के बैकलॉग का एक-एक रुपया लौटाया है। सरकार बड़े उद्योगों के साथ छोटे निवेशकों को भी प्रोत्साहन दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को बेंगलुरू में हुए रोड-शो के इंटरेक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे। इंटरेक्टिव सेशन में विभिन्न निवेशकों से चर्चा हुई। आज निवेशकों से 7935 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इससे 18 हजार 975 नए रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “परफॉर्म, रिफॉर्म, ट्रांसफॉर्म” के मूलमंत्र को आधार बनाकर हम आत्म-निर्भर भारत के संकल्प की पूर्ति की ओर तेजी से अग्रसर है। प्रदेश में उद्योगों की स्थापना और निवेश को बढ़ावा देने के लिये हमारी सरकार निरंतर प्रयासरत है। इस दिशा में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, राष्ट्रीय पर विभिन्न शहरों में किये गये रोड-शो और इंटरेक्टिव सेशन सहित ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के माध्यम से हमने लोकल से ग्लोबल स्तर तक सफलतापूर्वक निवेश संवाद किया है। बेंगलुरु में आज दूसरी बार हुए रोड-शो और इंटरेक्टिव सेशन से निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए “प्रगतिशील, पारदर्शी और भरोसेमंद राज्य” के रूप में उभरा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारा शेयर बाजार नई ऊँचाईयों को छू रहा है। निवेशक मध्यप्रदेश आएं और अपने उद्योग को बढ़ाएं। एक बार जो मध्यप्रदेश आता है, वहीं का होकर रह जाता है। सभी प्रकार के उद्योगों के विकास का कार्य मध्यप्रदेश में हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योगों को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश केवल निवेश का वादा नहीं करता, हम जिनसे कमेटमेंट करते है, उन्हें समयबद्ध रूप से पूरा भी कर रहे है। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट 2025 में हमने केवल वादे नहीं किए, उन्हें धरातल पर भी उतारा गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में 5260 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि बड़े उद्योगों और एमएसएमई को वितरित की गई है। प्रदेश में विभिन्न सेक्टरों में निवेश संवर्द्धन के लिये 18 नई औद्योगिक नीतियां लांच की गई, जो आज निवेश के लिये गेम चेंजर साबित हो रही हैं। जनविश्वास अधिनियम, एकीकृत सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में विकसित किये जा रहे पीएम मित्रा टेक्सटाईल पार्क (धार), नर्मदापुरम मेन्युफैक्चरिंग ज़ोन, रीवा, इंदौर एवं उज्जैन मे नई आईटी परियोजनाओं, उज्जैन में 5 जून 2025 को 'स्पिरिच्युअल एवं वेलनेस समिट' एवं अन्य क्षेत्र जैसे फार्मा, माइनिंग, कृषि, डेयरी, नवकरणीय ऊर्जा आदि संभावनाओं के बारे मे निवेशकों को अवगत कराया जा रहा है। निवेश को आकर्षित करने, उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन देने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिये 'उद्योग एवं रोजगार वर्ष 2025' अंतर्गत आज बेंगलुरु में हमने भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के साथ भूमि आवंटन और 'इन्वेस्टमेंट अपॉर्चुनिटीज इन मध्यप्रदेश' विषय पर सफल इंटरेक्टिव सेशन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेंगलुरू में आज भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड को प्रदेश के रायसेन के ग्राम उमरिया में 148 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र सौपा। रायसेन में 1800 करोड़ रूपये की लागत से एक अत्याधुनिक रेल कोच निर्माण परियोजना स्थापित की जाएगी। परियोजना से प्रदेश में रेल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिलेगी, साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व और भारतीय सेना का शौर्य अभिनंदनीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश के वर्तमान परिदृश्य की चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत निरंतर मजबूत हो रहा है। प्रधानमंत्री का नेतृत्व और भारतीय सेना का शौर्य अभिनंदनीय है। भारतीय सेना ने पाकिस्तानी हथियारों को करारा जवाब देकर 3 से 4 दिन में ही युद्ध जीत लिया। हमारी तीनों सेनाओं ने अपनी सीमा में रहते हुए अतुलनीय क्षमता का प्रदर्शन किया। पहलगाम हमले के दोषियों को सबक सिखाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने सेनाओं को खुली छूट दी। इस घटनाक्रम से भारत ने नए दौर में प्रवेश किया है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर बंद नहीं होगा और लगातार चलता रहेगा। जब भी कोई हमला होगा, उसकी तुरंत प्रतिक्रिया दी जाएगी। पाकिस्तान पर पहली स्ट्राइक में हमारे सैनिक उस पार गए और टारगेट को खत्म कर सुरक्षित वापस आ गए। दूसरी स्ट्राइक में पाकिस्तान को हमारे पायलट अभिनंदन वर्धमान को सम्मानपूर्वक लौटाना पड़ा। अब तीसरी स्ट्राइक में पाकिस्तान की हार हुई। एक माह में होगा रेल कोच निर्माण इकाई का भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि एक माह में रायसेन जिले में रेल कोच निर्माण इकाई के लिए भूमि-पूजन किया जाएगा। प्रदेश में नए उद्योगों की स्थापना के लिए सभी कार्य समयबद्ध तरीके से किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेंगलुरू में निवेशकों की ओर से मिले रिस्पांस के लिये कनार्टक की राजधानी बेंगलुरू में पधारे सभी इंवेस्टर्स को धन्यवाद देता हूँ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन्वेस्टर्स ने मध्यप्रदेश की नीति पर भरोसा जताया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर आज बेंगलुरु में आयोजित कार्यक्रम में शानदार प्रतिक्रिया मिली। पिछले दौरे में मिले प्रस्ताव अब धरातल पर उतर रहे हैं। सभी विभागों की दृष्टि से मध्यप्रदेश देश का सबसे तेजी से आगे बढ़ता राज्य है। एनर्जी, आइटी, रियल एस्टेट, रेडीमेड गारमेंट्स … Read more

तिरंगा यात्रा में उमड़ा जन सैलाब, नागरिकों ने दिया एकजुटता और देशभक्ति का संदेश

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा की जब भी बात आएगी हम सभी एक हैं। देश के, अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपनी सेना के साथ हैं। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा में सभी वर्गों के लोग, सेवानिवृत्त सैनिक, समाज सेवी संगठन, आम नागरिक, महिला एवं पुरुष, बच्चों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर एकजुटता, देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारतीय सेना ने आपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान में 9 आतंकवादी ठिकानों को पूरी तरह धराशायी कर दिया। हम सभी अपनी सेना के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन करते हैं। आज का भारत नया भारत है, जो किसी भी दुस्साहस का मुंह तोड़ जवाब देने में सक्षम है। हमें सर झुकाने की जरूरत नहीं होगी, हमारा डंका पूरी दुनिया में बजेगा। उन्होंने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी की कुशल कूटनीति के कारण पूरे विश्व में देश का सम्मान बढ़ा है और पाकिस्तान का आतंकवाद को शह देने का चेहरा उजागर हुआ है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी स्थगित हुआ है बंद नहीं हुआ है। उन्होंने कह की आज के इस दौर में हमें अफवाहों से सचेत रहने की जरूरत है। हमें हमारी सेना एवं नेतृत्व में पूर्ण विश्वास है उनके हाथों में देश सुरक्षित है। लोकसभा सांसद रायपुर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि तिरंगा यात्रा के माध्यम से आज हम एकजुटता का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश एक नई ऊंचाइयों को छू रहा है। इस अवसर पर जगदलपुर विधायक किरण देव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नया भारत का नया पैमाना तय किया जा रहा है जिसमें देश के दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब दिया जा रहा है। हमारे सैनिकाें पर हमें पूरा विश्वास है उनके शौर्य और पराक्रम से हमारा देश सुरक्षित है। पहलगाम आतंकवादी हमला का जवाब ऑपरेशन सिंदूर हमारे अभिमान का प्रतीक है एवं माता बहनों की उजड़ी मांग के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। कार्यक्रम के संयोजक एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम संजय श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए देश के 140 करोड़ नागरिक एकजुट हैं, हम सभी सेना के जवानों के साथ खड़े हैं। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और देश की आन, बान और शान, भारतीय सैनिकों के साहस, शौर्य और पराक्रम को नमन करते हुए आज निकली गई तिरंगा यात्रा में लगभग 10 हजार लोग शामिल हुए। तिरंगा यात्रा मरीन ड्राइव से नगर घड़ी चौक तक निकाली गई। जिसमें सभी धर्म, जाति, संप्रदाय और सभी वर्गों के लोग भारत माता की जय के गगनभेदी नारों के साथ हाथ में तिरंगा थामे शामिल हुए। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री आवास एवं शहरी मामले तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा सहित विधायकगण, महापौर श्रीमती मीनल चौबे उपस्थित थीं। recent visitors 44