पीएम मोदी समेत तमाम नेताओं ने दी शुभकामनाएं, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का मन रहा स्थापना दिवस

नई दिल्ली। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) अपना 60वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर बीएसएफ कर्मियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "सीमा सुरक्षा बल को उसके स्थापना दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं। बीएसएफ साहस, समर्पण और असाधारण सेवा का प्रतीक और रक्षा की एक महत्वपूर्ण पंक्ति के रूप में खड़ा है। उनकी सतर्कता और साहस हमारे राष्ट्र की सुरक्षा में योगदान करते हैं।" केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जवानों को बधाई देते हुए एक्स पोस्ट पर लिखा, "बीएसएफ के जवानों और उनके परिवारों को स्थापना दिवस की बधाई। बीएसएफ के सैनिकों ने भारत के सम्मान और महत्वाकांक्षाओं की पूरी मजबूती के साथ रक्षा की है और इसके लिए जान की बाजी लगाने से कभी पीछे नहीं हटे। उनकी वीरता और बलिदान प्रेरणा का अटूट स्रोत हैं, जिसने देशभक्तों की पीढ़ियों को यह सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया है कि हमारा राष्ट्र हमेशा आगे बढ़ता रहे। सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुरों को मेरी श्रद्धांजलि।" बीएसएफ ने एक्स पोस्ट पर लिखा, "60वें सीमा सुरक्षा बल दिवस के अवसर पर हम सीमा प्रहरी राष्ट्र रक्षा और राष्ट्र निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दुहराते हैं। अपने ध्येय वाक्य जीवनपर्यन्तकर्त्तव्य को आत्मसात करते हुए हर सीमा प्रहरी अपने कर्तव्यों के प्रति पूर्ण समर्पण से कटिबद्ध है।" बीएसएफ स्थापना दिवस 1 दिसंबर को मनाया जाता है क्योंकि शांति काल के दौरान भारत की भूमि सीमा की रक्षा करने और अंतरराष्ट्रीय अपराध से निपटने के लिए जिम्मेदार सैन्य इकाई की स्थापना 1965 में इसी दिन की गई थी। भारत की विस्तृत सीमाएं 15,000 किलोमीटर से अधिक तक फैली हुई हैं। बीएसएफ इन सीमाओं की सुरक्षा की बहुत बड़ी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाती है। recent visitors 69

वास्तु संस्कृति के संरक्षण में सबकी भागीदारी, राजस्थान-जयपुर के स्थापना दिवस पर राज्यपाल ने दी बधाई

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने विश्व के सबसे सुनियोजित रूप में बसाए गए जयपुर शहर के स्थापना दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी है। राज्यपाल ने कहा कि जयपुर विश्वभर में भारतीय वास्तु संस्कृति का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि नगर-नियोजन के पुरोधा विद्याधर भट्टाचार्य ने विश्व विरासत में सम्मिलित जयपुर जैसा सुव्यवस्थित और आधुनिक नगर बसाया था। राज्यपाल ने स्थापना दिवस पर शहर की वास्तु संस्कृति और सौंदर्य के साथ स्वच्छता के लिए सभी की भागीदारी का आह्वान किया है। वहीं, नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 14 दिवसीय भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में सोमवार को राजस्थान दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। जिसमें राजस्थान के विभिन्न अंचलों से आए लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध लोकनृत्यों और गायन की प्रस्तुति दी जाएगी। यह सांस्कृतिक संध्या प्रगति मैदान के हॉल न. 5 के सामने स्थित एमफी थियेटर में सांय 6 बजे से आयोजित की जाएगी। लगभग 2 घंटे चलने वाली इस संध्या में जहां एक ओर जयपुर से आए लोक कलाकारों द्वारा चरी नृत्य और भवई नृत्यों का प्रदर्शन किया जाएगा वहीं दूसरी ओर बाड़मेर और भरतपुर से आए कलाकारों द्वारा क्रमशः खड़ताल और भपंग का वादन किया जाएगा। इसी प्रकार पाली से आए लोक कलाकारों द्वारा तेरहताल नृत्य और जोधपुर से आए कलाकारों द्वारा कालबेलिया नृत्यों की प्रस्तुति दी जाएगी। घूमर नृत्य की प्रस्तुति दिल्ली के कलाकारों द्वारा दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि 14 नवम्बर से प्रारंभ हुए भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में राजस्थान मंडप का शुभारंभ प्रदेश के मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत द्वारा किया गया था। recent visitors 84

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने की महाआरती, राजस्थान-अजमेर में मनाया मां अंबे मंदिर का स्थापना दिवस

अजमेर. अजमेर के बजरंगगढ़ चौराहे स्थित अंबे माता मंदिर में पहले नवरात्र और 40वें स्थापना दिवस पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा। पुष्कर से आए पंडितों ने माता की विशेष शृंगार के साथ भव्य महाआरती की, जिसमें 1100 दीपक जलाए गए। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भी महाआरती में भाग लिया। मंदिर ट्रस्ट ने उनका स्वागत किया। देवनानी ने माता का आशीर्वाद लेकर सनातन धर्म और अजमेर की सेवा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अजमेर के बजरंगगढ़ चौराहे पर स्थित अंबे माता मंदिर में आज पहले नवरात्र पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। नवरात्रि के प्रथम दिन और अंबे माता मंदिर का स्थापना दिवस होने के चलते माता काविशेष शृंगार किया जाए और 1100 दीपकों से की भव्य महाआरती भी की गई। गुरुवार को अंबे माता मंदिर का 40वाँ स्थापना था। इस मौके पर पुष्कर से आए पंडितों ने अंबे माता की भव्य आरती की। उसके बाद आतिशबाजी भी की गई। महाआरती में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस मौके पर राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी भी पहुंचे, जो उन्होंने अंबे माता मंदिर में महाआरती में भाग लिया। इस मौके पर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेश टंडन सहित अन्य पदाधिकारियों ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी को माला, चुनरी और साफा पहनाकर उनका स्वागत किया और उनको अंबे माता की तस्वीर भेंट कीं। अजमेर के बजरंगगढ़ चौराहा स्थित अंबे माता मंदिर इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बातचीत में कहा कि यह अंबे माता के मंदिर में अजमेर ही नहीं आसपास के क्षेत्र से भी लोग आते हैं।  इस प्राचीन मंदिर में जब से मैंने आना शुरू किया है माता जी का आशीर्वाद मुझे मिला है। आज मैं जो कुछ भी हूं माता जी के आशीर्वाद से हूं। देवनानी ने कहा कि माता रानी मुझे इतना आशीर्वाद दे कि मैं अंतिम सांस तक अजमेर को सेवा करता रहूं। सनातन धर्म में माता की पूजा सर्वश्रेष्ठ है और हम सब सनातनी हैं। सनातन संस्कृति और सनातन धर्म के लिए हम सब कटिबद्ध हैं। recent visitors 177