Tuesday, July 7, 2026 3:30 am

बीएसएफ जवान ने अपनी पत्नी को बताया कि पाकिस्तान में कैद के दौरान उन्हें रात को सोने तक नहीं दिया गया

कोलकता पाकिस्तान से 21 दिनों के बाद रिहा होकर भारत लौटे बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ ने अपनी पत्नी रजनी से फोन पर बातचीत में कैद के दौरान के अपने अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने अपनी पत्नी को बताया कि पाकिस्तान में कैद के दौरान उन्हें रात को सोने तक नहीं दिया गया। लगातार पूछताछ की जाती थी। पाकिस्तानी ऐसी हरकत करते थे कि जैसे पीके शॉ कोई जासूस हों। 23 अप्रैल को पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में ड्यूटी के दौरान पूर्णम कुमार शॉ गलती से पाकिस्तानी सीमा में प्रवेश कर गए थे। कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के अगले ही दिन यह घटना घटी। पाकिस्तान की सेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया और उसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया था। भारत सरकार ने कूटनीतिक चैनल के जरिए दबाव बनाना शुरू कर दिया, जिसके बाद पाकिस्तान से उसकी रिहाई हुई। बुधवार को पति से बात करने के बाद रजनी शॉ ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "उन्होंने बताया कि उन्हें शारीरिक यातना नहीं दी गई, लेकिन मानसिक रूप से वे पूरी तरह थक चुके हैं। उन्हें हर रात पूछताछ के लिए उठाया जाता था। वह बोले कि उन्हें खाना तो मिलता था, लेकिन दांत साफ करने की अनुमति भी नहीं दी गई। उनकी आवाज में थकावट साफ झलक रही थी।" तीन अलग-अलग जगहों पर रखा गया रजनी ने यह भी बताया कि पूर्णम शॉ को तीन अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया। उनमें से एक जगह संभवतः किसी एयरबेस के पास की जगह थी, क्योंकि वहां हवाई जहाजों की आवाजें आती थीं। यह सब उनके मानसिक तनाव को और बढ़ाने वाला अनुभव था। रजनी शॉ ने गर्व के साथ कहा, “वह पिछले 17 वर्षों से देश की सेवा कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। हम सभी को उन पर गर्व है। वह फिर से ड्यूटी पर लौटेंगे।” अगर शॉ को जल्दी छुट्टी नहीं मिली, तो रजनी स्वयं पठानकोट जाकर उनसे मिलने की योजना बना रही हैं। आपको बता दें कि बुधवार शाम को पूर्णम कुमार शॉ को अटारी-वाघा सीमा के जरिए भारत लाया गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण और डिब्रीफिंग की गई।   recent visitors 50

डीजी दलजीत सिंह चौधरी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में बीएसएफ कर्मियों के अमूल्य योगदान को लेकर उनकी सराहना की

जम्मू  आरएस पुरा सेक्टर में पाकिस्तान की फायरिंग के दौरान शहीद हुए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज़ और कांस्टेबल दीपक चिंगखम की शहादत को अमर करने के लिए अब उन पोस्टों के नाम इन्हीं जवानों के नाम पर रखे जाएंगे. इस बात की घोषणा बीएसएफ के महानिदेशक (डीजी) दलजीत सिंह चौधरी ने जम्मू दौरे के दौरान की. बीएसएफ के डीजी दलजीत सिंह चौधरी ने  जम्मू के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में बीएसएफ कर्मियों के अमूल्य योगदान को लेकर उनकी सराहना की. वीरगति को प्राप्त जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए महानिदेशक ने पलौरा स्थित बीएसएफ मुख्यालय में अमर प्रहरी स्मारक पर शहीद उपनिरीक्षक मोहम्मद इम्तियाज और आरक्षी दीपक चिंगाखम की स्मृति में पुष्पचक्र अर्पित किया. दोनों जवानों ने इस ‘ऑपरेशन’ के दौरान अपनी सीमा चौकी की रक्षा में दुश्मन की भीषण गोलीबारी और गोलाबारी का सामना करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया. बीएसएफ ने ‘एक्स’ पर लिखा, “राष्ट्र की सेवा में उनके सर्वोच्च बलिदान को शत-शत नमन.” बीएसएफ जम्मू के जवानों को संबोधित करते हुए महानिदेशक ने सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में देश की सीमाओं की सुरक्षा में बल की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया. उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर सात मई को शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में बीएसएफ जवानों के अटूट साहस, बहादुरी, दृढ़ समर्पण और अमूल्य योगदान की सराहना की.   recent visitors 45

भारत की सख्ती के बाद पाकिस्तान ने BSF के अगवा जवान को छोड़ा, DGMO लेवल की बातचीत के बाद रिहाई; 20 दिन बाद अटारी-वाघा बॉर्डर से लौटे

अटारी पाकिस्तान ने भारत के बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ को वापस लौटा दिया है. पाकिस्तानी रेंजर्स ने अटारी वाघा सीमा के रास्ते बीएसएफ कॉन्स्टेबल को वापस भेजा है. वे पिछले करीब बीस दिनों से पाकिस्तान के कब्जे में थे. कॉन्स्टेबल पूर्णम कुमार सुबह 10:30 बजे वतन वापस लौटे हैं. उनसे पूछताछ की जा रही है. कैसे पाकिस्तान पहुंच गए थे पूर्णम कुमार? पूर्णम कुमार, गलती से इंटरनेशनल बॉर्डर क्रॉस करके पाकिस्तान पहुंच गए थे, जिसके बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया. वे पंजाब के फिरोजपुर सेक्टर में तैनात थे. भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए. पाकिस्तान ने भी जवाबी हमले किए, जिससे तनाव बढ़ गया. ऐसे में पूर्णम के परिवार की चिंता और भी बढ़ गई. पत्नी ने जताई थी उम्मीद पूर्णम कुमार की पत्नी राजनी ने उम्मीद जताई थी कि डीजीएमओ की बातचीत में पूर्णम कुमार के मुद्दे को उठाया जाएगा. उन्होंने कहा था, 'जब भारतीय सेना ने 3 मई को एक पाकिस्तानी रेंजर को राजस्थान में हिरासत में लिया, तब लगा था कि शायद मेरे पति को भी छोड़ा जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अब DGMO वार्ता से नई उम्मीद जगी है.' राजनी ने यह भी कहा था कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को उन्हें फोन किया और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया. मुख्यमंत्री ने उनके ससुरालवालों की चिकित्सा सहायता की भी बात कही. बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार शॉ की पत्नी रजनी अपने पति के पाकिस्तान के हिरासत में लिए जाने की कहानी सुना ही रही थी तब ही इसी बीच उन्हें एक कॉल आती है. रजनी हमारा कॉल ऑन रखते हुए दूसरा कॉल पिक करती हैं, दूसरी तरफ से कुछ आवाज आती है और रजनी ऊंची आवाज में कहती हैं क्या बात कर रहे हैं, सच में? तब ही क्विंट के रिपोर्टर ने पूछा क्या हुआ, सब ठीक है? तब रजनी ये बोलते हुए कॉल कट कर देती हैं कि भैया मैं थोड़े देर में कॉल करती हूं. रजनी के कॉल कट करते ही हमने तुरंत इंटरनेट पर बीएसएफ जवान पूर्णम से जुड़ी जानकारी देखने की कोशिश की. लेकिन हमें पूर्णम के पाकिस्तान में गलती से घुस जाने और परिवार से जुड़ी पुरानी खबरों के अलावा कुछ नया नहीं मिला. दरअसल, 23 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने बीएसएफ के एक जवान पूर्णम कुमार शॉ को हिरासत में ले लिया था. साव गलती से पाकिस्तान बॉर्डर में घुस गए थे. करीब 21 दिन बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान पूरनम कुमार शॉ को मंगलवार लगभग साढ़े 10 बजे पाकिस्तान ने भारत को सौंप दिया है. पाकिस्तानी रेंजर्स ने अटारी वाघा सीमा के रास्ते बीएसएफ कॉन्स्टेबल को वापस भेजा है. मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं शॉ जवान शॉ मूल रूप से पश्चिम बंगाल में हुगली के रिसड़ा गांव के रहने वाले हैं। वह 23 अप्रैल को फिरोजपुर में किसानों के साथ भारत-पाक बॉर्डर पर ड्यूटी कर रहे थे। इस दौरान वह गलती से एक पेड़ के नीचे बैठने के लिए पाकिस्तान की सीमा में दाखिल हो गए। जहां पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें पकड़ लिया और अपने साथ ले गए। क्या है पूरी कहानी? हिमाचल के कांगड़ा में बीएसएफ के 34 बटालियन में तैनात पूर्णम कुमार की ड्यूटी 16 अप्रैल 2025 को पंजाब के पठानकोट के पास फिरोजपुर में पोस्टिंग हुई थी. 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने 26 लोगों की जान ले ली. इसी बीच कॉन्स्टेबल पूर्णम कुमार शॉ 23 अप्रैल 2025 को दोपहर 11:50 बजे, फिरोजपुर सेक्टर के क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान गलती से पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश कर गए, जिसके बाद पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया. पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने पर्यटकों और नागरिकों पर हमला किया, जिसे 26/11 मुंबई हमलों के बाद भारत में सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक माना गया. इस हमले ने भारत की शून्य सहिष्णुता की नीति को और मजबूत किया. जवाब में, भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें भारतीय वायु सेना, थल सेना और नौसेना ने समन्वित रूप से पाकिस्तान और PoK में आतंकी शिविरों को नष्ट किया. इस ऑपरेशन ने न केवल आतंकी बुनियादी ढांचे को ध्वस्त किया, बल्कि पाकिस्तान को यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत किसी भी आतंकी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा. पाकिस्तान ने इस ऑपरेशन के बाद 7-8 मई की रात को भारत के 15 सैन्य ठिकानों जैसे श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट और अमृतसर पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए. हालांकि, भारतीय नौसेना, वायु सेना और थल सेना के एकीकृत प्रयासों ने इन हमलों को पूरी तरह विफल कर दिया. भारतीय नौसेना ने अपनी वाहक युद्ध समूह (Carrier Battle Group) और उन्नत वायु रक्षा तंत्र का उपयोग कर पाकिस्तानी वायु तत्वों को समुद्री क्षेत्र में निष्क्रिय कर दिया. गर्भवती पत्नी भी फिरोजपुर पहुंची थी 28 अप्रैल को BSF जवान की गर्भवती पत्नी रजनी पश्चिम बंगाल से फिरोजपुर पहुंची थी। यहां उन्होंने BSF के सीनियर अधिकारियों से मुलाकात की। वह 2 दिन फिरोजपुर में रुकी भी रहीं। हालांकि, उनकी तबीयत बिगड़ने की वजह से उन्हें वापस भेजा गया। क्या है जीरो लाइन और उसका प्रोटोकॉल…     जीरो लाइन बेहद संवेदनशील हिस्सा: जीरो लाइन अंतरराष्ट्रीय सीमा का वह संवेदनशील हिस्सा होता है जहां दो देशों की सीमाएं बेहद पास होती हैं। भारत-पाकिस्तान की जीरो लाइन पर सीमित समय और परिस्थितियों में किसानों को खेती करने की अनुमति दी जाती है। साथ ही उनकी सुरक्षा के लिए भारत की तरफ से BSF के जवान तैनात किए जाते हैं। इन जवानों को 'किसान गार्ड' भी कहा जाता है।     क्या कहता है प्रोटोकॉल: आमतौर पर ऐसी घटनाओं में 24 घंटे के भीतर जवानों को लौटा दिया जाता है। हालांकि, मौजूदा मामले में ऐसा नहीं किया गया। इस मामले में एक अधिकारी ने बताया कि पहले दोनों देशों के बीच अगर कोई जवान बॉर्डर पार कर लेता था तो फ्लैग मीटिंग के बाद उसे लौटा दिया जाता था। यह सामान्य बात थी, लेकिन पहलगाम में आतंकी हमले के बाद बदले हालात में यह घटना असामान्य हो गई है। पहले भी गलती से जवान … Read more

PAK सेना का बड़ा दुस्साहस! LoC पार करने की कोशिश की तो भारतीय सेना ने संभाला मोर्चा, 1 मरा

जम्मू पाकिस्तान की तरफ से सीमा पर हिमाकत बढ़ती जा रही है। सीमा सुरक्षा बल(BSF) के मुताबिक शुक्रवार और शनिवार की दरमयानी रात जम्मू सेक्टर में पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ की कोशिश की जा रही थी। जवानों को जब इसकी भनक लगी तो उन्होंने इस घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम में एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को भी मार गिराया गया है। बीएसएफ के आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि शुक्रवार देर रात हमारे जवानों के जम्मू सीमा क्षेत्र के पास लगी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर कुछ संदिग्ध गतिविधि नजर आई.. जब उन्होंने इस बात पर ध्यान दिया तो वहां पर एक घुसपैठिया सीमा को पार करने की कोशिश कर रहा था। हमारे जवानों से घुसपैठिए को आगे न बढ़ने और अपने आप को सरेंडर करने के लिए कहा…लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया और आगे बढ़ता रहा.. आखिरकार खतरे को भांपते हुए हमारे जवानों ने उसे मार गिराया। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले को लेकर पाकिस्तानी रेंजर्स के सामने विरोध दर्ज कराया गया है। अभी फिलहाल घुसपैठिए की पहचान और उसके मकसद का पता लगाया जा रहा है। recent visitors 48

‘बीएसएफ की मुस्तैदी के कारण हम चैन की नीन्द सो पा रहे हैं’, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बोस पहुंचे सीमा चौकी पर मेडकल कैंप में

कोलकाता/नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी. वी. आनंद बोस ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) न केवल देश की सीमाओं की रक्षा में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है, इसलिए हम चैन की नींद सो पा रहे हैं। इतना ही नहीं बीएसएफ सीमावर्ती समुदायों की सेवा में भी एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है। बीएसएफ की यह पहल सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रहे लोगों की जरूरतों को समझने और उन्हें सहयोग प्रदान करने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने यह बात 118वीं वाहिनी की सीमा चौकी बांकरा में सीमावर्ती ग्रामीण समुदायों के लिए आयोजित एक मेडिकल कैंप, सिविक एक्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद कही। इस मौके पर बीएसएफ दक्षिण बंगाल सीमांत के महानिरीक्षक (आईजी) आईपीएस मनिंदर पी.एस. पवार विशेष तौर पर मौजूद रहे। समारोह में में सैंडरबिल ग्राम पंचायत और आसपास के गांवों से लगभग 1000 ग्रामीणों ने भाग लिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने बच्चों को स्टेशनरी, युवाओं को खेल सामग्री और जरूरतमंदों को कंबल व अन्य आवश्यक वस्तुएं वितरित कीं। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित मुफ्त चिकित्सा शिविर में ग्रामीणों का नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यक दवाइयां प्रदान की गईं। इस पहल का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में क्षेत्रीय मुख्यालय कोलकाता के डीआईजी, बीएसएफ के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सरकार के स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी, भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी और अन्य गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। recent visitors 74

देर रात पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह शामिल, राजस्थान-जोधपुर में BSF का स्थापना दिवस समारोह

जोधपुर. केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह देर रात जोधपुर पहुंचे। जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर  उनका स्वागत केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल सहित कई पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने किया। शाह आज जोधपुर में सीमा सुरक्षा बल के स्थापना दिवस और सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति के अनावरण समारोह में शामिल होंगे। उनके स्वागत के दौरान केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुलदस्ता भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात के दौरान गजेन्द्र सिंह शेखावत ने राजस्थान के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की। शेखावत ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कृत संकल्पित है। उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान का विकास लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच और विजन के अनुसार मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास के लिए कार्य शुरू कर दिए हैं और आगामी चार सालों में एमओयू के तहत योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा। बैरवा ने उपचुनाव और घोटालों के सवालों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीति हमेशा एकजुट रहने की रही है और पार्टी के कार्यों के आधार पर जनता ने उपचुनाव में फैसला दिया है। वहीं घोटालों पर उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसी भी घोटाले को बर्दाश्त नहीं करेगी और जो गलत हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। recent visitors 322

पीएम मोदी समेत तमाम नेताओं ने दी शुभकामनाएं, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का मन रहा स्थापना दिवस

नई दिल्ली। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) अपना 60वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर बीएसएफ कर्मियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "सीमा सुरक्षा बल को उसके स्थापना दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं। बीएसएफ साहस, समर्पण और असाधारण सेवा का प्रतीक और रक्षा की एक महत्वपूर्ण पंक्ति के रूप में खड़ा है। उनकी सतर्कता और साहस हमारे राष्ट्र की सुरक्षा में योगदान करते हैं।" केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी जवानों को बधाई देते हुए एक्स पोस्ट पर लिखा, "बीएसएफ के जवानों और उनके परिवारों को स्थापना दिवस की बधाई। बीएसएफ के सैनिकों ने भारत के सम्मान और महत्वाकांक्षाओं की पूरी मजबूती के साथ रक्षा की है और इसके लिए जान की बाजी लगाने से कभी पीछे नहीं हटे। उनकी वीरता और बलिदान प्रेरणा का अटूट स्रोत हैं, जिसने देशभक्तों की पीढ़ियों को यह सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया है कि हमारा राष्ट्र हमेशा आगे बढ़ता रहे। सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुरों को मेरी श्रद्धांजलि।" बीएसएफ ने एक्स पोस्ट पर लिखा, "60वें सीमा सुरक्षा बल दिवस के अवसर पर हम सीमा प्रहरी राष्ट्र रक्षा और राष्ट्र निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दुहराते हैं। अपने ध्येय वाक्य जीवनपर्यन्तकर्त्तव्य को आत्मसात करते हुए हर सीमा प्रहरी अपने कर्तव्यों के प्रति पूर्ण समर्पण से कटिबद्ध है।" बीएसएफ स्थापना दिवस 1 दिसंबर को मनाया जाता है क्योंकि शांति काल के दौरान भारत की भूमि सीमा की रक्षा करने और अंतरराष्ट्रीय अपराध से निपटने के लिए जिम्मेदार सैन्य इकाई की स्थापना 1965 में इसी दिन की गई थी। भारत की विस्तृत सीमाएं 15,000 किलोमीटर से अधिक तक फैली हुई हैं। बीएसएफ इन सीमाओं की सुरक्षा की बहुत बड़ी जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाती है। recent visitors 67