Saturday, July 11, 2026 2:02 am

‘लहसुन सब्जी है, मसाला नहीं’, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला, 8 साल पुराना विवाद हुआ खत्म, सरकारी प्रक्रिया से नीलामी का निर्देश

 इंदौर  लहसुन की नीलामी फल-सब्जी की तरह आढ़तीये नहीं करवा सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम निर्णय देते हुए फल-सब्जी को मसाला श्रेणी में मानते हुए सरकारी प्रक्रिया से नीलामी का निर्देश दे दिया है। इसी के साथ आठ वर्षों से ज्यादा समय से चले आ रहे विवाद का भी अंत हो गया है। इंदौर और प्रदेशभर की मंडियों में फिर से लहसुन की नीलामी की प्रक्रिया बदल जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकरण पर निर्णय देते हुए प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड के 13 फरवरी 2015 को जारी आदेश को अपास्त कर दिया। केस, फैसला और आगे क्या होगा     इंदौर मंडी के व्यापारी मुकेश सोमानी और बिजलपुर के किसान कैलाश मुकाती सर्वोच्च न्यायालय में लड़ाई लड़ रहे थे। किसान विरोध कर रहे थे कि लहसुन जल्द खराब होने वाली कमोडिटी है और इसे सब्जियों के साथ किसानों की मर्जी से नीलाम करवाया जाना चाहिए।     किसान चाहे तो सरकारी कर्मचारियों से नीलामी करवाए या आढ़तियों से। हाई कोर्ट ने किसानों के पक्ष में निर्णय दिया था। बाद में सोमानी ने इस पर स्थगन ले लिया था। इसके बाद बीते दिनों स्थगन के खिलाफ किसान मुकाती सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।     इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने स्थगन को हटा दिया। किसानों की मर्जी से नीलामी शुरू भी हो गई। हालांकि मामले पर सुनवाई चलती रही। अब दिल्ली में अंतिम बहस के बाद कोर्ट ने निर्णय देते हुए लहसुन को मसाला श्रेणी में आठवीं अनुसूची में मानते हुए सरकारी कर्मचारियों से नीलामी को सही करार दिया।     इसी के साथ अब किसानों के पास मर्जी से अपनी उपज बेचने के कानूनी रास्ते बंद हो गए हैं। जल्द ही थोक मंडी में फिर से लहसुन की प्राइवेट नीलामी पर रोक लगने का आदेश जारी हो सकता है। 'लहसुन सब्जी है, मसाला नहीं' सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए मप्र हाईकोर्ट की डिवीजन बेच के निर्णय को बरकरार रखा है. कोर्ट ने कहा कि लहसुन जल्द खराब होने वाली कमोडिटी है, ऐसे में इसे सब्जियों की श्रेणी में रखा जाएगा. किसान अपनी सुविधा और दाम के अनुसार इसकी बिक्री करवा सकते हैं.मंडी के बने सरकारी नियम-कायदों में लहसुन को सब्जी की श्रेणी में ही रखा जाएगा. सरकारी मर्जी से चल रही थी नीलामी लहसुन की नीलामी किसानों की मर्जी से नहीं बल्कि सरकारी मर्जी से चल रही थी. बीते साल फरवरी में इंदौर में लहसुन की सीधी नीलामी करने से आढ़तियों और व्यापारियों ने रोक लगा दी थी. इसके साथ ही नियम लागू किया गया था कि अनाज-मसालों की तरह की लहसुन की नीलामी सरकारी मंडी में सरकारी कर्मचारी ही करेंगे. इस फैसले के बाद कई बार विरोध प्रदर्शन भी हुआ था. 8 सालों से चल रहा विवाद मध्यप्रदेश में 8 सालों से लहसुन पर विवाद चल रहा था. किसान संगठनों के आवेदन के बाद मप्र मंडी बोर्ड ने लहसुन को 2015 में लहसुन को सब्जी की श्रेणी में शामिल कर लिया था. लेकिन कुछ समय बाद ही कृषि विभाग ने इस आदेश को रद्द कर दिया और लहसुन को मसाले की श्रेणी में डाल दिया. साल 2016 में मंडी व्यापारियों का एसोसिएशन हाईकोर्ट पहुंचा. कोर्ट ने 2017 में लहसुन को सब्जी में माना और किसानों की मर्जी से नीलामी की छूट दी. फिर बदला फैसला इस फैसले के बाद एक व्यापारी ने हाईकोर्ट ने पुनर्विचार याचिका दायर की, हाइकोर्ट ने फिर से लहसुन को मसालों की श्रेणी में डाल दिया. इसके बाद किसान कैलाश मुकाती ने किसानों की तरफ से हाईकोर्ट की डिवीजनल बेंच में अपील की. साल 2024 में डिवीजनल बेंच ने फैसला दिया कि लहसुन सब्जी है और किसान इसे अपनी मर्जी जहां चाहे बेच सकता है. व्यापारी मुकेश सोमानी फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और हाई कोर्ट डिवीजनल बेंच के निर्णय पर स्थगन ले लिया. लगी सुप्रीम मुहर अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के स्थगन को हटाकर किसानों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए डिवीजनल बेंचे के आदेश को बरकरार रखा. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद किसान अपनी सुविधा और कीमत के हिसाब से लहसुन की बिक्री करवा सकते हैं.    recent visitors 28

रतलाम में खेत से 40 क्विंटल लहसुन चुरा ले गए चोर, ट्रैक्टर – ट्रॉली लेकर आए थे

रतलाम  मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में आने वाले नामली में लहसुन चोरी होने का मामला सामने आया है। चोर खेत में रखे 40 क्विंटल लहसुन चोरी करके ले गए हैं, जब किसान सुबह खेत पर पहुंचा तो उसके होश उड़ गए इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। चोर अपने साथ ट्रैक्टर – ट्रॉली लेकर आए थे और उसी में लहसुन रखकर फरार हो गए। किसान मुन्नालाल ने तत्काल पुलिस को सूचना दी किसान का कहना है कि उसने लहसुन खेत में सूखने के लिए रखे थे। चोर मुन्नालाल के खेत से 25 क्विंटल और द्वारका नाम के किसान के खेत से 15 क्विंटल लहसुन चोरी करके ले गए हैं। नामली थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है, चोरी गए लहसुन की कीमत 2 लाख रुपए बताई जा रही है। नामली थाना प्रभारी पातीराम डावरे के साथ पुलिस बल खेतों में पहुंचा। किसानों से जानकारी ली, आसपास क्षेत्रों में सर्चिंग की। अन्य किसान भी खेतों पर पहुंचे। चोरी गई लहसुन की कीमत करीब 2 लाख रुपए है। किसानों ने बताया कि खेत रोड से काफी अंदर है। आम व्यक्ति वहां पर नहीं पहुंचा सकता। किसानों ने बताया कि चोर मौके से सिर्फ लहसुन ही चुरा ले गए। जबकि, वहां पर अन्य सामान भी रखा था। नहीं चला सोयाबीन से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली का पता बता दें कि, नामली में लगातार दूसरे दिन चोरों ने वारदात को अंजाम दिया है। शनिवार रात अनाज व्यापारी बंकटलाल कुमावत के घर के बाहर से सोयाबीन से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली बदमाश चुरा ले गया था। नगर की सड़क से ट्रैक्टर ट्रॉली ले जाते हुए चोर सीसीटीवी में कैद हुआ था। उसमें 20 क्विंटल सोयाबीन थी। लेकिन, अब तक पुलिस ट्रैक्टर ट्रॉली के बारे में पता नहीं कर पाई है। लगातार दो दिन से हो रही चोरी से नगरवासियों में आक्रोश है।   recent visitors 26

किसानों को मिलेगा लहसुन की बिक्री का लाभ, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से 8 साल का विवाद खत्म

इंदौर  मंडी के बने सरकारी नियम-कायदों में लहसुन को सब्जी की श्रेणी में ही रखा जाएगा। किसान की मर्जी है कि वो चाहे तो अपनी उपजाई लहसुन को सरकारी सिस्टम से बेचे या व्यापारियों के पास ले जाकर बेचे। बिजलपुर के किसान कैलाश मुकाती के प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्णय दिया है। इसके साथ ही मप्र में आठ साल से लहसुन की बिक्री पर चल रहे विवाद का पटाक्षेप हो गया है। इसी के साथ सरकारी सिस्टम से लहसुन की नीलामी करवाने के बंधन से किसानों को मुक्ति मिल गई है। एमपी हाईकोर्ट का निर्णय बरकरार रखा सुप्रीम कोर्ट ने  निर्णय देते हुए मप्र हाई कोर्ट की डिवीजनल बेंच के उस निर्णय को बरकरार रखा है कि लहसुन जल्द खराब होने वाली कमोडिटी है। ऐसे में इसे सब्जियों की श्रेणी में रखा जाएगा। किसान अपनी सुविधा व दाम के अनुसार इसकी बिक्री करवा सकते हैं। लहसुन की नीलामी में सालभर से किसानों की नहीं सरकारी मर्जी चल रही थी। बीते वर्ष फरवरी से इंदौर मंडी में लहसुन की सीधी नीलामी करने से आढ़तियों और व्यापारियों को रोक दिया गया था। नियम लागू कर दिया था कि अनाज-मसालों की तरह लहसुन की नीलामी सरकारी मंडी में सरकारी कर्मचारी करेंगे। इसके बाद मंडी में कई बार विरोध प्रदर्शन भी हुआ। किसानों ने मांग की कि उनकी उपज को कहां बेचना है यह उनकी मर्जी पर छोड़ना चाहिए। आठ वर्षों से विवाद, उलझे थे किसान प्रदेश में लहसुन पर विवाद करीब आठ वर्षों से चल रहा था। किसानों के संगठन के आवेदन पर मप्र मंडी बोर्ड ने 2015 में लहसुन को सब्जी की श्रेणी में शामिल कर लिया था। इससे किसानों को यह छूट मिल गई थी कि वे चाहे तो लहसुन को सरकारी बोली प्रक्रिया में बेचें या चाहे तो सब्जियों के साथ आढ़तियों या व्यापारियों के द्वारा नीलाम करवा दें। लेकिन इसके कुछ समय बाद ही कृषि विभाग ने इस आदेश को रद कर दिया और कृषि उपज मंडी समिति अधिनियम(1972) का हवाला देकर लहसुन को मसाले की श्रेणी में डाल दिया। 2016 में मंडी व्यापारियों की एसोसिएशन हाई कोर्ट पहुंची। मर्जी से नीलामी की छूट दी कोर्ट ने 2017 में लहसुन को सब्जी में माना और किसानों की मर्जी से नीलामी की छूट दी। इसी बीच एक व्यापारी मुकेश सोमानी ने पुनर्विचार याचिका दायर की। हाई कोर्ट ने फिर से फिर से लहसुन को मसालों की श्रेणी में रख दिया। इस आधार पर सरकार ने फरवरी 2024 में आदेश जारी कर इंदौर मंडी में हो रही लहसुन की नीलामी से आढ़तियों को बाहर कर दिया। सरकारी कर्मचारियों से नीलामी शुरू कर दी। किसानों ने इसका विरोध किया। कहा कि उनकी जानकारी और पक्ष जाने बगैर निर्णय हुआ। हाईकोर्ट ने निर्णय दिया था लहसुन सब्जी है बिजलपुर के किसान कैलाश मुकाती ने किसानों की ओर से हाई कोर्ट की डिवीजनल बेंच में अपील की। इस पर जुलाई 2024 में हाई कोर्ट की डिवीजनल बेंच ने निर्णय दिया कि लहसुन सब्जी है और किसान इसे अपनी मर्जी जहां चाहे बिक्री कर सकता है। इस निर्णय पर मंडी प्रशासन खामोश रहा। व्यापारी मुकेश सोमानी फिर से सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और हाई कोर्ट डिवीजनल बेंच के निर्णय पर स्थगन हासिल कर लिया। हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट ने स्थगन हटाकर किसानों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए डिवीजनल बेंच के आदेश को बरकरार रखा।   recent visitors 55

लहसुन करेगा बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल, जानिए खाने का सही तरीका

लहसुन में पाए जाने वाले तत्व ओवरऑल हेल्थ के लिए काफी ज्यादा अच्छा होता है. हेल्थ को इम्प्रूव करने के लिए खाली पेट लहसुन आप आराम से खा सकते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं लहसुन खाने से बैड कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है? अगर आपके शरीर में हद से ज्यादा बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है तो आप अपनी डाइट में लहसुन को जरूर शामिल करें. क्योंकि बैड कोलेस्ट्रॉल हार्थ हेल्थ को बुरी तरह से डैमेज कर सकती है. हार्ट हेल्थ के लिए लहसुन है फायदेमंद लहसुन, हार्ट हेल्थ के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है. लहसुन खाने से हार्ट हेल्थ अच्छा रहता है. आयुर्वेद के मुताबिक लबसुन और गुड़ बहुत अच्छा कॉम्बिनेशन होता है. दिल से जुड़ी किसी भी तरह की बीमारी से छुटकारा चाहिए तो आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. कैसे खाएं लहसुन? बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखना है तो आप कटोरी में लहसुन छीलकर रख दें. अब इसमें में एक चम्मच गुड़ पाउडर मिला दें. इन दोनों को अच्छे से मिला लें. लहसुन और गुड़ से बनी यह चटनी हार्ट हेल्थ के लिए अच्छी होती है. इससे कोलेस्ट्रॉल लेवल कंट्रोल में रहता है. खाली पेट खाएं चटनी हर रोज सुबह खाली पेट लहसुन और गुड़ की चटनी बनाएं और इसे खा लें. इसके बाद आप पानी पी लें. दिल से जुड़ी गंभीर बीमारी और और जानलेवा बीमारियों से बचने के लिए चटनी का इस्तेमाल करें.लहसुन और गुड़ दोनों में औषधीय गुण होते हैं. इसे खाने से गट हेल्थ इम्प्रूव होता है. साथ ही साथ पेट से जुड़ी समस्याओं से भी छुटकारा मिल सकता है. दोनों चीजों का कॉम्बिनेशन बहुत अच्छा होता है. यह स्किन हेल्थ के लिए बहुत अच्छा होता है. कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखेगा डाइट आपको रोजाना सुबह ओट्स का सेवन करना चाहिए, इसकी मदद से आप कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं. इसके अलावा हरी सब्जियां जैसे पालक, मेथी, धनिया, पुदीना आदि. इन चीजों का सेवन कर आप खुद को तंदुरुस्त रख सकते हैं. कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए नट्स और बीज जैसे बादाम, अखरोट आदि का सेवन आप कर सकते हैं.इसके अलावा कुछ फल का सेवन करना बेहद जरूरी और फायदेमंद माना जाता है. आप रोजाना व्यायाम भी कर सकते हैं. इन सब चीजों को करने के बाद भी अगर आपका कोलेस्ट्रॉल स्तर कम नहीं होता है, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें. हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण कौन सी बीमारी हो सकती है? हाई कोलेस्ट्रॉल एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जो दिल, किडनी, स्ट्रोक और अन्य समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती है. इससे बचने के लिए आपको अपने आहार में बदलाव करने होंगे. सबसे पहले आपको कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए आप अपनी डाइट में कुछ चीजों को शामिल कर कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं. हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए आप अंडे का सेवन कर सकते हैं. इसके अलावा आप मछली और चिकन का सेवन भी कर सकते हैं इनमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है जो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करती है. recent visitors 117