Tuesday, July 7, 2026 12:36 pm

अस्पतालों में मरीजों की स्क्रीनिंग, एचएमपीवी संक्रमण के चलते रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डों पर जांच शुरू

नई दिल्ली/चंडीगढ़। देश में एचएमपीवी संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं और अब तक देश में सात मरीज इससे संक्रमित पाए गए हैं। वहीं संक्रमण के मामले बढ़ते देख केंद्र सरकार ने भी निगरानी तेज कर दी है और रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। देश में एचएमपीवी संक्रमण के मामले बढ़ने पर हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य के सभी सिविल सर्जन के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। अभी तक हरियाणा में एचएमपीवी संक्रमण का कोई मामला नहीं मिला है। हालांकि सरकार ने स्वास्थ्य विभाग से सतर्क रहने को कहा है। निगरानी तंत्र को किया जा रहा मजबूत कई राज्यों में सरकारों ने एचएमपीवी संक्रमण के खतरे को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है और भीड़भाड़ वाले इलाकों जैसे रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डों आदि पर लोगों की जांच की जा रही है। साथ ही अस्पतालों में खांसी-जुकाम के मरीजों पर विशेष ध्यान देने और उनकी स्क्रीनिंग के निर्देश दिए गए हैं। कुछ राज्यों में संक्रमित मरीजों को रखने के लिए आइसोलेशन वार्ड भी बनाए गए हैं। क्या है एचएमपीवी संक्रमण? ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस या एचएमपीवी संक्रमण, सांस से जुड़ा संक्रमण है, जिससे इंसानों की श्वसन प्रणाली में परेशानी होती है। जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी नहीं होती, उनके लिए यह खतरनाक हो सकता है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए यह संक्रमण खतरा है। recent visitors 40

HMPV: नागपुर में दो संदिग्ध मामले आए सामने, कर्नाटक-तमिलनाडु-गुजरात के बाद महाराष्ट्र में एचएमपीवी की दस्तक

नई दिल्ली। चीन में फैल रहे नए ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस ने भारत में दस्तक दे दी है। कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात के बाद अब महाराष्ट्र में भी एचएमपीवी संक्रमण का मामला सामने आया है। नागपुर में एचएमपीवी के दो संदिग्ध मरीजों की पहचान की गई है। इनकी उम्र सात और 13 साल बताई जा रही है। स्वास्थ्य उप निदेशक शशिकांत शंभरकर ने बताया कि निजी अस्पताल में बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दोनों मरीजों का इलाज कर उन्हें घर भेज दिया गया है। अब इन दोनों संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट को नागपुर के एम्स में जांच के लिए भेजा गया है। इन राज्यों में आ चुके इतने मामले सामने भारत में पहले ही तीन एचएमपीवी मामलों का पता चल चुका है। इनमें से दो मामले बंगलूरू और एक मामला अहमदाबाद से सामने आया है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने इसकी पुष्टि की। इसके अलावा, तमिलनाडु में भी दो संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं। बता दें, देश भर में श्वसन संबंधी बीमारियों की निगरानी के लिए चल रहे निगरानी प्रयासों के तहत इन मामलों का पता चला था। हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं: जेपी नड्डा इस सबके बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को कहा था, हम हालात पर नजर बनाए हुए हैं और पड़ोसी देशों में वायरस की हालात पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि हम तैयार हैं, सभी कदम उठा रहे हैं, हमारी सभी पहलुओं पर निगरानी है। ये कोई नया वायरस नहीं है, 2001 में ही वायरस की पहचान हुई थी। स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने एक्सपर्ट के हवाले से स्पष्ट किया कि एचएमपीवी कई सालों से पूरी दुनिया में फैल रहा है। यह सांस के जरिए, हवा के जरिए फैलता है। यह सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित कर सकता है। यह वायरस सर्दियों और मौसम बदलने के शुरुआती महीनों में ज्यादा फैलता है। चीन में एचएमपीवी के मामलों की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय, आईसीएमआर और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र चीन के साथ-साथ पड़ोसी देशों में स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं। चिंता की कोई बात नहीं: स्वास्थ्य मंत्री स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा था, 'हालात की समीक्षा के लिए चार जनवरी को स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक की अध्यक्षता में संयुक्त निगरानी समूह की बैठक हुई। देश की स्वास्थ्य सिस्टम और निगरानी नेटवर्क सतर्क हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि देश किसी भी उभरती स्वास्थ्य चुनौतियों का तुरंत जवाब देने के लिए तैयार है। चिंता करने की कोई बात नहीं है। हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।' recent visitors 48

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया, एचएमपीवी का संक्रमण पहले से ही भारत सहित कई देशों में फैल रहा है, महाराष्ट्र में एडवायजरी जारी

मुंबई भारत में भी ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) ने दस्तक दे दी है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के मुताबिक, कर्नाटक में HMPV के 2 मामले सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, एचएमपीवी का संक्रमण पहले से ही भारत सहित कई देशों में फैल रहा है और विभिन्न देशों में इससे संबंधित श्वसन संबंधी बीमारियों के मामले सामने आए हैं। इसे देखते हुए महाराष्ट्र सरकार भी पूरी तरह से अलर्ट है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एचएमपीवी को लेकर लोगों के लिए सलाह जारी की गई है। इसमें बताया गया है कि लोगों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। एचएमपीवी से बचने के लिए क्या करें और क्या नहीं… 1. छींकते या खांसते समय रुमाल और कपड़े का इस्तेमाल करें। 2. अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का उपयोग शुरू कर दें। 3. खांसी और सर्दी से प्रभावित लोग सार्वजनिक जगहों से दूर रहें। 4. आपको इन दिनों दूसरों से हाथ मिलाना बंद करना होगा। 5. एक ही टिश्यू पेपर या रुमाल का बार-बार प्रयोग न करें। 6. सार्वजनिक स्थानों पर थूकना बंद करना होगा। 7. किसी तरह का संक्रमण होने पर खुद से दवा शुरू न करें। कर्नाटक वाले मामलों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 3 महीने की बच्ची को ब्रोंकोन्यूमोनिया की शिकायत थी। उसे बेंगलुरु के बैपटिस्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसके एचएमपीवी से संक्रमित होने का पता चला था। उसे पहले ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। ब्रोन्कोन्यूमोनिया से पीड़ित 8 महीने के एक शिशु को तीन जनवरी को बैपटिस्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद जांच में उसके एचएमपीवी से संक्रमित होने का पता चला। बताया जाता है कि शिशु के स्वास्थ्य में अब सुधार है। यह ध्यान रखना अहम है कि दोनों मरीजों का कोई अंतरराष्ट्रीय यात्रा का इतिहास नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि वह सभी उपलब्ध निगरानी माध्यमों के जरिए स्थिति की निगरानी कर रहा है और आईसीएमआर पूरे साल एचएमपीवी संक्रमण के रुझानों पर नजर रखेगा। recent visitors 55