मध्‍य प्रदेश में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, राज्य सरकार ने 18 IFS अफसरों के किए ट्रांसफर, किसे, कहां भेजा, देखें लिस्ट

भोपाल मध्य प्रदेश की 'मोहन सरकार' ने वन विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। सरकार ने शुक्रवार (27 दिसंबर) की रात भारतीय वन सेवा (IFS) के 18 अधिकारियों के तबादले किए हैं। इंदौर, देवास, और बालाघाट के डीएफओ बदल दिए हैं। 2006 बैच के आईएफएस जे. देवा प्रसाद को छिंदवाड़ा सीसीएफ के पद से मुक्त करते हुए पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी का स्थाई फील्ड डायरेक्टर नियुक्त किया है। अभी तक उनके पास इसका अतिरिक्त प्रभार था। नर्मदापुरम के वन संरक्षक पीएन मिश्रा को इंदौर वृत का वन संरक्षक नियुक्त किया है।   रमेश चंद्र और हरिशंकर को भोपाल भेजा मध्य प्रदेश शासन के जारी आदेश के अनुसार, जबलपुर में वर्किंग प्लान CF रमेश चंद्र विश्वकर्मा और सिवनी के वर्किंग प्लान सीएफ हरिशंकर मिश्रा को वन मुख्यालय भोपाल में पदस्थ किया है। इंदौर वर्किंग प्लान सीएफ आदर्श श्रीवास्तव को शिवपुरी सर्किल का सीएफ बनाया है। सामाजिक वानिकी सर्किल ग्वालियर के CF नरेश यादव को CF छतरपुर सर्किल बनाया है। एमपी सरकार ने 18 आईएफएस अफसर बदले मध्यप्रदेश शासन ने शुक्रवार देर रात को 18 आईएफएस और 11 राज्य वन सेवा के अधिकारियों के तबादले कर दिए। इंदौर, देवास, और बालाघाट के डीएफओ बदल दिए गए हैं। 2006 बैच के आईएफएस जे. देवा प्रसाद को छिंदवाड़ा सीसीएफ के पद से मुक्त करते हुए पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी का स्थाई फील्ड डायरेक्टर नियुक्त किया गया है, अभी तक उनके पास इसका अतिरिक्त प्रभार था। जबलपुर में वर्किंग प्लान सीएफ रमेश चंद्र विश्वकर्मा और सिवनी के वर्किंग प्लान सीएफ हरिशंकर मिश्रा दोनों को वन मुख्यालय भोपाल में पदस्थ किया है। इन अफसरों को दी ये जिम्मेदारी  नेहा श्रीवास्तव को वनमण्डलाधिकारी, उत्तर बालाघाट (सा.) वनमण्डल बनाया है। सीमा द्विवेदी को फॉरेस्ट ऑफिसर सामाजिक वानिकी वृत्त (प्रतिनियुक्ति से वापस लिया)। अमित कुमार चौहान को वनमण्डलाधिकारी, देवास भेजा दिया है। इन्हें प्रतिनियुक्ति से वापस लिया है। बालासुब्रमणी एन फॉरेस्ट ऑफिसर सामाजिक वानिकी वृत्त खंडवा होंगे। गौरव जैन फॉरेस्ट ऑफिसर (सामाजिक वानिकी वृत्त) होंगे। श्रेयस श्रीवास्तव वनमण्डलाधिकारी (उत्पादन वनमंडन) सिवनी होंगे। खंडवा की उप वनमंडला अधिकारी निधि चौहान को पर्यावरण वानिकी वनमंडल भोपाल भेजा है। recent visitors 100

फिर हुआ बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, कई IAS अफसरों के हुए तबादले …

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार ने आईएएस अधिकारियों की नवीन पदस्थापना की है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई को ऊर्जा विभाग तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पावर मेनेजमेंट कंपनी लिमिटेड जबलपुर (अतिरिक्त प्रभार) के वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक अपर मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश शासन, लोक निर्माण विभाग का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंपा जाता है। इसी तरह आईएएस रजनी सिंह को मध्यप्रदेश का श्रम आयुक्त बनाया गया है, साथ ही उनके पास मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।   recent visitors 65

छत्तीसगढ़ में हुई प्रशासनिक सर्जरी, सात IAS अधिकारियों का प्रभार बदला, किसे कहां मिली जिम्‍मेदारी

 रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने सात आईएएस अधिकारियों के प्रभार में बदलाव किया है, जिसकी घोषणा गुरुवार को की गई। 2009 बैच की आईएएस अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला को आयुक्त-सह-संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं के पद पर नियुक्त किया गया है, साथ ही उन्हें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। प्रियंका शुक्ला के पदभार ग्रहण करते ही, आईएएस अधिकारी चंदन कुमार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव के पद से मुक्त किया जाएगा। वहीं, 2012 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या उमेश मिश्रा को संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय के साथ-साथ राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के प्रबंध संचालक और राज्य साक्षरता मिशन के संचालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। बलरामपुर-रामानुजगंज के कलेक्टर को हटाया गया, नया कलेक्टर नियुक्त बलरामपुर-रामानुजगंज के कलेक्टर रिमीजियूस एक्का को हटाकर 2013 बैच के आईएएस अधिकारी राजेंद्र कुमार कटारा को नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। यह निर्णय तीन सप्ताह पहले बलरामपुर में पुलिस कस्टडी में स्वास्थ्यकर्मी गुरुचरण मंडल की मौत के बाद हुई हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के बाद लिया गया। इस घटना के बाद थाने में लोगों ने हमला किया और तोड़फोड़ की थी, जिसके चलते एफआईआर भी दर्ज की गई थी। कलेक्टर की हटाने की वजह इस घटनाक्रम से भी जुड़ी बताई जा रही है। अन्य अधिकारियों की नियुक्तियां और जिम्मेदारियां:     डॉ. प्रियंका शुक्ला: आयुक्त-सह-संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, विशेष सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग।     संजीव कुमार झा: पाठ्यपुस्तक निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार।     रिमीजियूस एक्का: संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, विशेष सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग।     दिव्या उमेश मिश्रा: संचालक, SCERT, मिशन संचालक, राज्य साक्षरता मिशन।     जगदीश सोनकर: मिशन संचालक, राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान।     राजेंद्र कुमार कटारा: कलेक्टर, बलरामपुर-रामानुजगंज।     ऋतुराज रघुवंशी: संचालक, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण।   recent visitors 62

प्रदेश में देर रात IPS अफसरों के तबादले: इंदौर पुलिस कमिशन बने CM के ओएसडी

भोपाल  मध्य प्रदेश में मंगलवार की आधी रात को मुख्यमंत्री के ओएसडी समेत 7 आईपीएस अफसरों का तबादला कर दिया गया। रात एक बजे गृह विभाग ने तबादले के आदेश जारी किए। इंदौर के पुलिस कमिश्नर राकेश गुप्ता को मुख्यमंत्री का ओएसडी बनाया गया है। वहीं उज्जैन के आईजी संतोष सिंह को इंदौर का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। इसके अलावा 3 जिलों के एसपी भी बदले गए हैं। उज्जैन के आईजी अब इंदौर के कमिश्नर इंदौर के पुलिस कमिश्नर राकेश गुप्ता अब मुख्यमंत्री के नए ओएसडी होंगे। उनकी जगह उज्जैन के आईजी संतोष सिंह इंदौर के नए पुलिस कमिश्नर बनाए गए हैं। इसके अलावा उमेश जोगा, जो कि अभी तक अपर परिवहन आयुक्त, ग्वालियर के पद पर थे, उन्हें उज्जैन जोन का एडीजी बनाया गया है। जबलपुर के एसपी भी बदले जबलपुर के एसपी आदित्य प्रताप सिंह को पुलिस मुख्यालय में पदस्थ किया गया है। देवास के एसपी संपत उपाध्याय को जबलपुर का नया एसपी बनाया गया है। बड़वानी के एसपी पुनीत गहलोत को देवास का एसपी बनाया गया है। इंदौर के पुलिस उपायुक्त जगदीश डाबर को बड़वानी का नया एसपी बनाया गया है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक़ ये तबादले तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं। यहां सभी तबादलों की सूची दी गई है: 1. उमेश जोगा: अपर परिवहन आयुक्त, मप्र, ग्वालियर से एडीजी, उज्जैन जोन 2. राकेश गुप्ता: पुलिस कमिश्नर, इंदौर से ओएसडी, मुख्यमंत्री 3. संतोष कुमार सिंह: पुलिस महानिरीक्षक, उज्जैन जोन से पुलिस कमिश्नर, इंदौर 4. आदित्य प्रताप सिंह: एसपी, जबलपुर से एआईजी, पुलिस मुख्यालय, भोपाल 5. जगदीश डाबर: पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय), इंदौर से एसपी, बड़वानी 6. संपत उपाध्याय: एसपी, देवास से एसपी, जबलपुर 7. पुनीत गेहलोत: एसपी, बड़वानी से एसपी, देवास ओएसडी बदलने के पीछे की वजह साफ नहीं राकेश गुप्ता को मुख्यमंत्री का ओएसडी बनाए जाने के पीछे की वजह अभी साफ़ नहीं है। हालांकि माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री उन्हें अपनी टीम में शामिल कर क़ानून व्यवस्था को और बेहतर बनाना चाहते हैं। उमेश जोगा को मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र उज्जैन जोन का एडीजी बनाया गया है। वे इससे पहले फरवरी 2024 में अपर आयुक्त के पद पर नियुक्त हुए थे। यह पहली बार था जब एडीजी रैंक के किसी अधिकारी को अपर आयुक्त परिवहन के पद पर नियुक्त किया गया था। इससे पहले इस पद पर डीआईजी रैंक के अधिकारी ही तैनात होते रहे हैं। संतोष सिंह के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी संतोष सिंह को इंदौर का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। इंदौर प्रदेश का सबसे बड़ा शहर है और यहां अपराध पर नियंत्रण एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में संतोष सिंह के कंधों पर बड़ी ज़िम्मेदारी होगी। गौरतलब है कि इससे पहले 10 अगस्त को भी मध्य प्रदेश सरकार ने आधी रात को 47 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों का तबादला किया था। इस तबादले में 8 जिलों के कलेक्टर और 7 जिलों के एसपी शामिल थे। recent visitors 95

पूजा खेडकर ने चयन के लिए फर्जी सर्टिफिकेट जमा किए थे, अब इस मामले में 6 और अफसरों पर लटकी तलवार

नई दिल्ली कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ट्रेनी और सेवारत अधिकारियों के सर्टिफिकेट्स को लेकर काफी सजग हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसी कड़ी में 6 सिविल सेवकों के विकलांगता प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी। दरअसल, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने बीते बुधवार को ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर की उम्मीदवारी रद्द कर दी थी। साथ ही, भविष्य में उसके किसी भी परीक्षा में शामिल होने पर रोक लगा दी। खेडकर ने चयन के लिए फर्जी विकलांगता और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) सर्टिफिकेट जमा किए थे। इसे देखते हुए डीओपीटी ने उम्मीदवारों की विकलांगता स्थिति की फिर से जांच के लिए स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (DGHS) को पत्र लिखा है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिन 6 अधिकारियों के प्रमाणपत्र संदेह के दायरे में हैं उनके मेडिकल सर्टिफिकेट बीते दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। अगर यूपीएससी के नियमों की बात करें तो आरक्षण का लाभ उठाने के लिए कैंडिडेट का न्यूनतम 40 प्रतिशत दिव्यांग होना जरूरी है। UPSC विकलांग उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा, प्रयासों की संख्या और परीक्षा केंद्रों को लेकर छूट देता है। पूजा खेडकर केस को लेकर आयोग ने कहा था कि पिछले 15 वर्षों में यह एकमात्र मामला है, जिसमें वह यह पता नहीं लगा सका कि खेडकर ने एक अभ्यर्थी के लिए सीएसई परीक्षा में बैठने के लिए निर्धारित प्रयासों से ज्यादा बार परीक्षा दी, क्योंकि उसने न सिर्फ अपना नाम बदला, बल्कि अपने माता-पिता के नाम भी बदल दिए। पूजा खेडकर को अग्रिम जमानत देने से इनकार बता दें कि दिल्ली की एक अदालत ने पूजा खेडकर को अग्रिम जमानत देने से गुरुवार को इनकार कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेंद्र कुमार जंगला ने कहा कि दिल्ली पुलिस को यह भी जांच करनी चाहिए कि क्या यूपीएससी में किसी ने खेडकर की मदद की थी। जस्टिस ने मामले में जांच का दायरा भी बढ़ाया। साथ ही, दिल्ली पुलिस को यह जांच करने का निर्देश दिया कि क्या अन्य उम्मीदवारों ने बिना पात्रता के ओबीसी और पीडब्ल्यूडी कोटे के तहत लाभ उठाया है। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के साथ-साथ यूपीएससी की ओर से भी वकील पेश हुए। उन्होंने ने अर्जी का विरोध करते हुए दावा किया कि खेडकर ने व्यवस्था को धोखा दिया है। recent visitors 93