IIT इंदौर का रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन, 1 करोड़ का हाईएस्ट पैकेज, 85% से ज्यादा छात्रों को नौकरी, टॉप कंपनियों की लगी कतार

 इंदौर  IIT इंदौर ने इस बार अपने प्लेसमेंट सीजन में नया कीर्तिमान रच दिया है। 1 दिसंबर 2024 से शुरू हुए इस प्लेसमेंट सीजन में अब तक करीब 400 जॉब ऑफर मिल चुके हैं। जिनमें 85% से अधिक बी.टेक छात्रों को शानदार नौकरियां मिल चुकी हैं। खास बात यह रही कि इस बार सैलरी पैकेज और कंपनियों की भागीदारी दोनों ही रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे। औसतन वेतन में 13 प्रतिशत वृद्धि संस्थान के अनुसार इस वर्ष औसतन वार्षिक वेतन पैकेज 27.30 लाख रुपये रहा है, जो पिछले वर्ष 25.45 लाख रुपये था। यह 13 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। अब तक 343 बीटेक छात्रों ने विभिन्न कंपनियों से प्राप्त प्रस्तावों को स्वीकार किया है। प्लेसमेंट प्रक्रिया दिसंबर 2024 से प्रारंभ हुई थी और यह जुलाई 2025 तक जारी रहेगी, ताकि अभी तक चयन से वंचित 52 से अधिक छात्रों को भी अवसर मिल सके। एक से अधिक ऑफर पाने वाले छात्र भी शामिल कुल 395 बीटेक छात्रों में से 343 को 800 से अधिक नौकरियों के प्रस्ताव मिले, जिसमें कई छात्रों को एक से अधिक कंपनियों से ऑफर प्राप्त हुए। 130 कंपनियां प्लेसमेंट प्रक्रिया में शामिल हुईं, जिनमें गूगल, डाटाब्रिक्स, क्वाडआई, गोल्डमैन सैक्स, डीई शा, टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स, एनालॉग डिवाइसेज, बीपीसीएल, एचपीसीएल, सी-डॉट, एलएंडटी, डेलॉइट, एक्सेंचर, आइसीआइसीआइ बैंक, बीएनवाई मेलॉन जैसी प्रमुख नाम शामिल हैं। कई क्षेत्रों से आए प्रस्ताव इस वर्ष प्लेसमेंट में आईटी, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा व पर्यावरण, कंसल्टेंसी, फिनटेक, बैंकिंग, सेमीकंडक्टर और कंस्ट्रक्शन जैसे विविध क्षेत्रों की कंपनियों ने भाग लिया और अच्छे पैकेज के प्रस्ताव दिए। अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 50 अधिक कंपनियों ने प्लेसमेंट प्रक्रिया में भाग लिया। प्लेसमेंट सीजन जुलाई तक जारी रहेगा आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रो. सुहास जोशी ने बताया कि प्लेसमेंट जुलाई तक चलेगा और शीर्ष दस कंपनियों ने संस्थान में आने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि एक छात्र को 1 करोड़ रुपये का पैकेज मिला है, जबकि 85 प्रतिशत विद्यार्थियों को जॉब ऑफर मिल चुके हैं। 1 करोड़ का हाईएस्ट पैकेज, 13% की औसत बढ़त इस बार IIT इंदौर में प्लेसमेंट के दौरान ऑफर किया गया सर्वोच्च पैकेज पहली बार 1 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। वहीं औसत सैलरी भी 13% की छलांग लगाते हुए 27 लाख रुपये प्रति वर्ष तक जा पहुंची। यह न केवल संस्थान की बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाता है, बल्कि इंडस्ट्री द्वारा छात्रों की काबिलियत को दिए जा रहे महत्व को भी रेखांकित करता है। 130+ कंपनियों ने किया कैंपस विज़िट, कोर सेक्टर्स की वापसी प्लेसमेंट प्रक्रिया में इस बार 130 से ज्यादा कंपनियों ने हिस्सा लिया। खास बात यह रही कि टेक कंपनियों के साथ-साथ कोर इंजीनियरिंग फर्मों की भी वापसी देखने को मिली — जिससे छात्रों को विभिन्न सेक्टर्स में अवसर मिले। आईटी, ऑटोमोबाइल, ऊर्जा, फिनटेक, सेमीकंडक्टर, बैंकिंग, कंस्ट्रक्शन और कंसल्टिंग जैसे क्षेत्रों में छात्रों को जॉब ऑफर मिले। गूगल से लेकर बीपीसीएल तक टॉप ब्रांड्स की लंबी लिस्ट गूगल, डाटाब्रिक्स, क्वाडआई, गोल्डमैन सॅक्स, डीई शॉ, टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स, एनालॉग डिवाइसेज, बीपीसीएल, एचपीसीएल, बीईएल, सी-डॉट, एल एंड टी, जिंदल स्टेनलेस, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सेंचर, डेलॉइट, सैमसंग, पेटीएम, ब्लैकरॉक जैसे दिग्गजों ने IIT इंदौर के छात्रों को जॉब ऑफर दिए। इससे साफ है कि इंडस्ट्री में इस संस्थान के टैलेंट की डिमांड लगातार बढ़ रही है। नौकरी ही नहीं, रिसर्च और स्टार्टअप की राह भी चुनी कुछ छात्रों ने शानदार प्लेसमेंट ऑफर के बावजूद उच्च शिक्षा और स्टार्टअप की राह चुनी है। कई छात्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटीज़ में मास्टर्स या पीएचडी के लिए जा रहे हैं, जबकि कुछ ने अपने खुद के उद्यम की शुरुआत की है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 43

IIT Indore की तकनीक फसलों और सब्जियों को लंबे समय तक ताजा और सुरक्षित रखने के लिए गेमचेंजर साबित होगी

 इंदौर आईआईटी इंदौर ने छोटे और मध्यम किसानों की फसल सुरक्षा के लिए एक अनूठी और सस्ती स्मार्ट स्टोरेज तकनीक विकसित की है, जो किसानों को महंगे कोल्ड स्टोरेज की आवश्यकता से मुक्त कर सकती है। यह तकनीक विशेष रूप से उन किसानों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जो अपनी फसल को सुरक्षित रखने के लिए बड़े और महंगे कोल्ड स्टोरेज का खर्च नहीं उठा सकते। "चलो गांव की ओर" अभियान के अंतर्गत विकसित यह स्मार्ट स्टोरेज तकनीक किसानों के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो सकती है। आईआईटी इंदौर ने दावा किया है कि यह तकनीक फसलों और सब्जियों को लंबे समय तक ताजा और सुरक्षित रखने के लिए गेमचेंजर साबित होगी। इसका उपयोग छोटे किसानों द्वारा घर के एक कमरे में आसानी से किया जा सकता है। इस स्मार्ट स्टोरेज सिस्टम को 10 बाय 10 फीट के छोटे से कमरे में फिट करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे यह तकनीक कम जगह में भी प्रभावी रूप से काम कर सके। यह न केवल फसल और सब्जियों को संरक्षित रखने में मदद करेगा, बल्कि इनकी गुणवत्ता को भी लंबे समय तक बनाए रखेगा। इस तकनीक की खासियत यह है कि यह फोटोडायनामिक इनेक्टिवेशन (PDI) तकनीक पर आधारित है। इसमें 455 और 476 एनएम के प्रभावी वेवलेंथ पर फोटोसेंसिटाइजर और फ्लैश लाइट के साथ विटामिन बी-2 स्प्रे का उपयोग किया गया है। यह संयोजन खाद्य पदार्थों पर मौजूद कीटाणु और रोगाणुओं को पूरी तरह से नष्ट कर देता है, जिससे फसल और सब्जियों को किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाया जा सकता है। आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी ने इस तकनीक की सराहना करते हुए कहा कि यह कोल्ड स्टोरेज का एक उत्कृष्ट और किफायती विकल्प है। इस तकनीक का आविष्कार प्रोफेसर देबायन सरकार के नेतृत्व में किया गया है, जिसमें छात्र नीलाद्रि शेखर रॉय ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि किसान अपने घर के किसी एक कमरे में ही इसे स्थापित कर सकते हैं। यह स्मार्ट स्टोरेज सिस्टम बड़ी मात्रा में सब्जियों और फलों को संरक्षित रखने में सक्षम है। यह न केवल फसलों को लंबे समय तक ताजा बनाए रखता है, बल्कि साग-सब्जियों की गुणवत्ता को भी बनाए रखने में मदद करता है। इस सिस्टम में लगाए गए कैमरे की मदद से किसान स्टोरेज में रखे उत्पादों पर नजर रख सकते हैं। आईआईटी इंदौर की यह पहल विशेष रूप से देश के छोटे और गरीब किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है। अक्सर किसान अपनी फसल को महंगे कोल्ड स्टोरेज में रखने में असमर्थ होते हैं, जिसके कारण उनकी फसल खराब हो जाती है और उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है। यह नई तकनीक ऐसे किसानों को एक किफायती और प्रभावी समाधान प्रदान करती है। इसके उपयोग से किसान अपनी फसल को सुरक्षित रखकर बेहतर मुनाफा कमा सकेंगे। इस तकनीक की एक और बड़ी विशेषता यह है कि इसे ग्रामीण क्षेत्रों की जरूरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यह न केवल छोटे और मध्यम किसानों के लिए मददगार है, बल्कि यह बड़े पैमाने पर कृषि उत्पादन को भी बेहतर बनाएगी। आईआईटी इंदौर के इस नवाचार से न केवल किसानों का खर्च कम होगा, बल्कि उनकी आय भी बढ़ेगी।     Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 61

आईआईटी इंदौर ने स्वदेशी तकनीक से बनाया स्तन कैंसर की पहचान करने वाला उपकरण

इंदौर  इंदौर के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) ने खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की महिलाओं में स्तन कैंसर का समय रहते पता लगाने के लिए छोटा और किफायती उपकरण विकसित किया है। आईआईटी इंदौर के एक अधिकारी को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि आईआईटी इंदौर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर श्रीवत्सन वासुदेवन का विकसित किया गया यह उपकरण, शुरुआती चरण में ही स्तन कैंसर की पहचान कर मरीजों की जान बचाने के मकसद से ईजाद किया गया है। उन्होंने बताया कि ‘‘फोटोएकाउस्टिक स्पेक्ट्रल रिस्पॉन्स’’ के सिद्धांत पर आधारित उपकरण मानव शरीर के ऊतकों में असामान्य परिवर्तनों का पता लगाने के लिए ‘‘ऑप्टिकल’’ और ‘‘एकाउस्टिक’’ सिग्नल को एक साथ जोड़ता है। आईआईटी इंदौर के निदेशक प्रोफेसर सुहास जोशी ने कहा, ‘बीमारियों का पता लगाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एमआरआई और सीटी स्कैनर आमतौर पर आयातित और महंगे होते हैं। इससे वे देश की आबादी के बड़े हिस्से की पहुंच से बाहर हो जाते हैं।’’ उन्होंने बताया कि इस चुनौती से निपटने के लिए आईआईटी इंदौर ने स्वदेशी तकनीक से किफायती उपकरण विकसित किया है ताकि खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों में कैंसर का वक्त रहते पता लगाकर उनकी जान बचाने में मदद मिल सके। प्रोफेसर वासुदेवन ने कहा कि यह उपकरण प्रकाश उत्पन्न करने के लिए ‘‘कॉम्पैक्ट पल्स्ड लेजर डायोड’’ का उपयोग करता है जो ऊतक के संपर्क में आता है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया से मिले परिणामों का विश्लेषण करके उपकरण पता लगाता है कि कहीं संबंधित ऊतक कैंसरग्रस्त तो नहीं है।       Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 95

IIT इंदौर के बनाए अनोखे जूते से बिजली बनाएंगे सैनिक, इनसे डिवाइस होंगे चार्ज

 इंदौर  भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी इंदौर) ने सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए विशेष प्रकार के जूते विकसित किए हैं, जो पहनकर पैदल चलने पर ऊर्जा पैदा करेंगे। सैनिक इनसे इलेक्ट्रानिक डिवाइस चार्ज कर सकेंगे। ये जूते ट्राइबो-इलेक्ट्रिक नैनोजनरेटर (टीईएनजी) तकनीक पर आधारित हैं। इन्हें आईआईटी इंदौर के संकाय सदस्य प्रोफेसर आईए पलानी के मार्गदर्शन में विकसित किया गया। संस्थान ने ऐसे दस जोड़ी जूते रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) को सौंपे हैं, ताकि इन्हें सैनिकों के काम में आने लायक बनाने की अगली प्रक्रिया शुरू की जा सके। जूतों में लगा होगा जीपीएस यह जूते बिजली पैदा करने के साथ ही जीपीएस के माध्यम से उस स्थान का भी पता लगा सकेंगे, जहां इन्हें पहनने वाला सैनिक खड़ा होगा। इन जूतों को बनाने के लिए आईआईटी इंदौर में महीनों से शोधकार्य चल रहा था। सैनिकों को ध्यान में रख किए गए तैयार विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों पर काम करते हुए अंतत: यह जूते ट्राइबो-इलेक्ट्रिक नैनोजनरेटर (टीईएनजी) आधारित करते हुए तैयार किए गए। यह जूते उन सैनिकों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं, जो दूरदराज के इलाकों में तैनात रहते हैं। इससे वे सभी तरह के इलेक्ट्रानिक डिवाइस चार्ज कर सकेंगे। खिलाड़ी, बुजुर्गों के भी आ सकेंगे काम शोधकर्ता प्रोफेसर पलानी ने कहा कि इन जूतों में टीईएनजी प्रणाली बिजली उत्पादन करने के लिए उन्नत ट्राइबो-जोड़े, फ्लोरिनेटेड एथिलीन प्रोपलीन और एल्यूमिनियम का उपयोग करती है। इसका उपयोग वरिष्ठ नागरिकों, स्कूली बच्चों और पर्वतारोहियों को ट्रैक करने के लिए किया जा सकेगा। इससे इनकी लोकेशन पता की जा सकेगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 102