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इंदौर में हुई 36 मौतों में कोई दोषी नहीं, मामले में ट्रस्ट के दोनों पदाधिकारी बरी

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में 2 साल पहले हुए चर्चित बेलेश्वर बावड़ी हादसे में बड़ा अपडेट सामने आया है। 100 से अधिक लोगों में 36 लोगों की जान जान जाने का दर्दनाक हादसा हुआ था। हादसे में महादेव झूलेलाल मंदिर न्यास के अध्यक्ष सेवाराम गलानी और सचिव मुरली कुमार सबनानी को 22 मार्च 2024 को पुलिस ने अरेस्ट किया था। इस हादसे की दूसरी बरसी के कुछ दिनों बाद ही इंदौर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। भारतीय दंड विधान की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) के तहत दर्ज शिकायत में अरेस्ट हुए अध्यक्ष और सचिव को कोर्ट से बरी कर दिया है। एक साल तक चले ट्रायल के बाद गुरुवार को जिला कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया है। साथ ही पुलिस पर सही से जांच नहीं करने की बात कही। 33 लोगों की हुई गवाही बावड़ी हादसे में गलानी और सचवि सबनानी के लिए वकील राघवेंद्र सिंह बैस ने केस लड़ा। इस मामले में सुनवाई के दौरान 33 गवाह पेश किए गए। सुनवाई में यह सामने आया कि आसपास रहने वालों के साथ ही अन्य लोगों को भी यह नहीं पता था कि नीचे बावड़ी है। इन हालातों में मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की कोई गलती नहीं है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे में अध्यक्ष और सचिव को बिना वजह आरोपी बनाया गया। इस बारे में जानकारी देते हुए बचाव पक्ष के एक वकील राघवेंद्र सिंह बैस ने मीडिया कर्मियों को बताया कि इस केस का फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने सुनाया, जिन्होंने बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सेवाराम गलानी और सचिव मुरली कुमार सबनानी को भारतीय दंड विधान की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), धारा 323 (जान-बूझकर चोट पहुंचाना) और धारा 325 (जान-बूझकर गंभीर चोट पहुंचाना) के आरोपों से मुक्त कर दिया। उन्होंने कहा,‘अदालत ने मेरे दोनों मुवक्किलों को सबूतों के अभाव में आरोपों से बरी किया।’ बैस के मुताबिक अभियोजन पक्ष ने उनके दोनों मुवक्किलों पर आरोप साबित करने के लिए अदालत में कुल 33 गवाह पेश किए थे जिनमें कुछ सरकारी अधिकारी भी थे। बचाव पक्ष के वकील बैस ने बताया कि गवाहों में शामिल इंदौर विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी ने अदालत में बयान दिया कि हादसे से जुड़ी बावड़ी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं है। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान इंदौर नगर निगम के कर्मचारियों ने भी इस बावड़ी को लेकर अनभिज्ञता जताई, जबकि निगम का एक कार्यालय घटनास्थल के एकदम पास स्थित है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर का फर्श 30 मार्च 2023 को रामनवमी के मौके पर हो रहे हवन-पूजन के दौरान ढह गया था। इस दौरान फर्श के नीचे बनी बावड़ी में गिरकर 21 महिलाओं और दो बच्चों समेत 36 लोगों की जान चली गई थी। प्रशासन ने हादसे के चार दिन बाद 3 अप्रैल 2023 को बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर के देवी-देवताओं की मूर्तियां अन्य देवस्थान में पहुंचाई थीं। इसके बाद आम लोगों की सुरक्षा का हवाला देते हुए बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर को ढहा दिया था। और भीषण हादसे की गवाह रही बावड़ी को मलबा डालकर हमेशा के लिए बंद कर दिया था।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 12

मास्टर प्लान की सड़कें शहर के यातायात को संभालने में असमर्थ, नई सड़कों और ब्रिज की आवश्यकता, तेजी से काम करना होगा

इंदौर  मास्टर प्लान के तहत बनने वाले मेजर रोड में हुई देरी का खामियाजा लंबे समय तक शहरवासियों को भुगतना पड़ेगा। 17 पहले बनी योजना के तहत बन रही ये सड़कें भी अब शहर का यातायात संभालने में सक्षम नहीं होंगी। एजेंसियों को नई सड़कों के साथ चौराहों पर ब्रिज और रिंग रोड की योजना पर भी तेजी से काम करना होगा। इधर मास्टर प्लान के तहत सड़कों का निर्माण अधूरा होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खोदी गई सड़कें यातायात को कर रही बाधित सड़कों का काम समय पर पूर्ण नहीं होने से लाखों लोग रोजाना जाम में फंस रहे हैं। इससे समय और ईंधन दोनों बर्बाद हो रहे हैं। अधूरी और खोदी हुई सड़कें यातायात को बाधित कर रही हैं। इनकी वजह से रोज हादसे हो रहे हैं। जिन सड़कों का निर्माण शुरू किया गया है, उनका काम भी धीमी गति से जारी है। ऐसे में लोगों को धूल और गड्ढों के कारण परेशान होना पड़ रहा है। जिन सड़कों पर काम हुआ, वह भी टुकड़ों-टुकड़ों में बनी हैं और आधी-अधूरी हालत में छोड़ दी गई हैं। एमआर-5, एमआर-11 और एमआर-12 जैसी प्रमुख सड़कों की लागत अब कई गुना बढ़ गई है। देरी से बढ़ गई निर्माण लागत मास्टर प्लान की प्रमुख सड़कें दशकों तक नहीं बनने के कारण निर्माण लागत बढ़ गई है। कई लोगों को अन्य स्थानों पर विस्थापित करना पड़ेगा। एमआर-3 की निर्माण लागत शुरुआत में 34 करोड़ थी, जो अब 50 करोड़ के पार पहुंच गई है। एमआर-4 की लागत भी 55 करोड़ के पार पहुंच चुकी है। एमआर-11 को बनाने में 75 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। एमआर-12 को बनाने में 200 करोड़ से अधिक की राशि खर्च हो रही है। अन्य शहरों को जाने वाले वाहन शहर में करते हैं प्रवेश एमआर-11 और एमआर-12 का निर्माण पूरा नहीं होने से भोपाल और अन्य शहरों से आने वाले वाहनों को उज्जैन रोड जाने के लिए शहर में प्रवेश करना पड़ता है। वर्तमान में इन वाहनों का सर्वाधिक दबाव एमआर-10 पर है। यदि एमआर-11 बन गया होता तो बायपास से वाहन एबी रोड पहुंच सकते थे। एमआर-12 के बनने से वाहनों को एबी रोड और उज्जैन रोड तक की सीधी कनेक्टिविटी मिलने लगती। इन दोनों सड़कों के अधूरे होने से अभी विजय नगर क्षेत्र में वाहनों का खासा दबाव देखा जाता है। इनका निर्माण हुआ शुरू, लेकिन कई बाधाएं -एमआर-4 : रेलवे स्टेशन और आइएसबीटी को जोड़ने वाली इस सड़क पर कई निर्माण सड़क पर आ रहे हैं। – एमआर-5 : इंदौर वायर से बड़ा बांगड़दा तक बनने वाली सड़क पर भी लक्ष्मीबाई मंडी के आगे सुपर कारिडोर की तरफ कई अतिक्रमण हैं। – एमआर-11 : बायपास से एबी रोड तक बनने वाली इस सड़क पर कई अतिक्रमण हैं। इस सड़क का समय पर निर्माण नहीं होने से कई विकास अनुमतियां जारी हो गईं। अब इसका सर्वे कर नया लेआउट तय किया जा सकता है। – एमआर-12 : बायपास से एबी रोड होते हुए उज्जैन रोड को जोड़ने वाली सड़क पर बाधाएं हैं। गत दो साल से टुकड़ों में इसका निर्माण किया जा रहा है। कैलोदहाला कांकड़ पर 100 से ज्यादा घरों की बाधा है। इनको विस्थापित करने पर विचार किया जा रहा है। टुकड़ों- टुकड़ों में बनाया     मास्टर प्लान की प्रमुख सड़क एमआर-11 को बनाने का काम शुरू हो चुका है। दो साल में इसे पूरा कर लिया जाएगा। एमआर-12 का चार किमी हिस्सा टुकड़ों-टुकड़ों में बनाया जा चुका है। शेष सड़क का काम जारी है। कान्ह नदी पर पुल का काम शुरू हो चुका है। जल्द ही कैलोदहाला रेलवे क्रासिंग पर आरओबी का काम शुरू किया जाएगा। सिंहस्थ तक इस सड़क को बनाने का लक्ष्य रखा गया है। – आरपी अहिरवार, सीईओ, आईडीए सड़कों के लिए राशि आवंटित हुई     मास्टर प्लान की कुछ सड़कों का काम शुरू हो गया है और कुछ का काम जल्द शुरू होगा। हमारा लक्ष्य सिंहस्थ से पहले मास्टर प्लान की सभी सड़कों को तैयार करने का है। हमें पूरा विश्वास है कि हम लक्ष्य हासिल कर लेंगे। सड़कों को चार पैकेज में करने का उद्देश्य भी यही है। सड़कों के लिए राशि आवंटित हो चुकी है। कार्यादेश भी जारी हो गए हैं। ऐसे में दिक्कत नहीं आएगी। – शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त इंदौर     Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 11

कोर्ट ने कहा ट्रैफिक जाम की स्थिति हर कहीं बनती, इसके लिए नगर निगम के जनहित में लिए गए फैसले पर कोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकता

इंदौर  शहर की छप्पन दुकान के मामले में मंगलवार को इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. यहां 56 दुकान के सामने बने बगीचे व अन्य व्यवस्थाओं को हटाकर ट्रैफिक शुरू करने के लिए याचिका दायर की गई थी, जिसे कोर्ट ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा है कि ट्रैफिक जाम की स्थिति हर कहीं बनती है, इसके लिए नगर निगम द्वारा जनहित में लिए गए फैसले पर कोर्ट हस्तक्षेप नहीं कर सकता. क्या है 56 दुकान ट्रैफिक जाम का मामला? दरअसल, इंदौर हाई कोर्ट में 56 दुकान के सामने मौजूद कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के दुकान संचालकों ने ये याचिका दायर की थी. इंदौर हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया कि 56 दुकान के सामने बनाए गए बगीचे व बैठक व्यवस्था ट्रैफिक संचालन में बाधा है और इसे हटाकर ट्रैफिक शुरू किया जाए. इंदौर हाई कोर्ट ने सुनवाई के बाद दुकान संचालक की याचिका को खारिज कर दिया. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि ट्रैफिक जाम दुनिया के लिए कोई नई बात नहीं है. अगर वाहनों को एमजी रोड से 56 दुकान क्षेत्र की ओर मोड़ा गया तो बड़ी समस्या हो सकती है. निगम के काम में हस्तक्षेप नहीं करेगा कोर्ट कोर्ट ने आगे कहा, '' वर्तमाम में एमजी रोड से 56 दुकान में वाहनों को जाने की अनुमति नहीं है. कई वाहन एमजी रोड पर रुकते हैं या पार्क किए जाते हैं, जिससे जाम लगता है. नगर निगम उस जगह बैरिकेडिंग का निर्णय सुविचार और सार्वजनिक हित में लिया गया है, इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है.'' इस मामले में इंदौर नगर निगम की ओर से अधिवक्ता कमल एरन ने पैरवी की. उन्होंने कोर्ट के समक्ष विभिन्न तर्क रखे, जिसके बाद कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के व्यापारियों द्वारा लगाई गई याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया. क्या है 56 दुकान? दरअसल, इंदौर में 56 दुकान एक तरह की चौपाटी है. यहां देश और दुनिया के तमाम तरह के व्यंजन चखने मिल जाते हैं. फूडी, ट्रैवलर्स और लोकल लोगों के बीच छप्पन दुकान काफी लोकप्रिय है. छप्पन दुकान का नाम यहां मौजूद 56 दुकानों की वजह से पड़ा. यहां 100 से ज्यादा वैरायटी का स्वादिष्ट खाना व फास्ट फूड लोगों को मिलता है, यही वजह है कि यहां सुबह 6 बजे से लेकर रात 10 बजे तक रौनक रहती है और अब यह इंदौर की पहचान भी बन चुका है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 8

इंदौर में रात के समय शहर की सड़कों और स्थानों को साफ किया जा रहा

 इंदौर इंदौर में स्वच्छता सर्वेक्षण बीते तीन दिन से जारी है। चार दिन तक शहर में टीम रहेगी और अलग-अलग पैमानों पर स्वच्छता को परखा जाएगा। पिछले साल तीन दिन में ही टीम रवाना हो गई थी, लेकिन इस बार इंदौर को स्वच्छता की प्रीमियर लीग में शामिल किया गया है, इसलिए बारिकी से मुआयना किया जा रहा है। नगर निगम के अफसरों को पूरी उम्मीद है कि इस बार भी इंदौर स्वच्छता में पहले पायदान पर होगा, लेकिन ज्यादातर शहरवासी मान रहे है कि बीते साल वर्षों की तुलना में इस साल सफाई व्यवस्था थोड़ी कमजोर हुई है। इंदौर में रात के समय शहर की सड़कों और स्थानों को साफ किया जा रहा है, ताकि सुबह जब टीम सफाई व्यवस्था देखने निकले तो उन्हें शहर साफ नजर आए। इंदौर की स्वच्छता को दस पैमानों पर आका जा रहा है। इसमें शहर की सड़कों की सफाई, कचरा संग्रहण व्यवस्था, ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन, सीवरेज के पानी का पुर्नउपयोग, सफाईकर्मियों के उत्थान के लिए होने वाले काम और सबसे महत्वपूर्ण शहरवासियों का फीडबैक है। दिल्ली से आई टीम शहर की बस्तियों, आवासीय क्षेत्रों के अलावा ट्रेंचिंग ग्राउंड, गोबरधन प्लांट को भी देखेंगी। टीम सुबह के समय घूम रही है, जब घर-घर जाकर वाहन कचरा लेने जाते है। इंदौर की सबसे बड़ी ताकत डोर टू डोर कलेक्शन इंदौर की सफाई की सबसे बड़ी ताकत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन है। शहर में पांच तरीकों से कचरा घरों से लिया जाता है। ज्यादातर शहरों में यह व्यवस्था ही ठीक नहीं हो पाई है। इंदौर में सात साल पहले इसके दम पर ही स्वच्छता रैंकिंग में पहला पुरस्कार पाया था।   वर्ष 2017 में तत्कालीन मेयर मालिनी गौड़ ने शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने की कोशिश की थी। उन्हें साथ मिला भोपाल नगर निगम आयुक्त से तबादला होकर आए मनीष सिंह का। उन्होंने सबसे पहले इंदौर को खुले में शौच से मुक्त करने पर जोर दिया। जगह-जगह शौचालय बनवाए। इसके बाद शहर के कुछ वार्डों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था लागू की। कचरा उठाने वाली एटूझेड कंपनी का ठेका निरस्त किया और सफाईकर्मियों ने व्यवस्था संभाली। फिर पूरे वार्ड में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन होने लगा और शहर से कचरा पेटियां हटा ली गई। शहर साफ रहने लगा और इंदौर वर्ष 2017 की स्वच्छता रैंकिंग में पहले स्थान पर था। इसके बाद छह बार फिर इंदौर को पुरस्कार मिला बेकलन में गंदगी सबसे बड़ी कमजोरी इंदौर की बेकलेन में कचरा डालने की सिलसिला फिर शुरू हो गया। पहले स्पाॅट फाइन के चक्कर में लोग कचरा फेंकने से डरते थे, लेकिन अब फिर कचरा नजर आने लगा है। इसके अलावा फूल-पत्तियों का कचरा भी परेशानी बना हुआ है। सूखे पत्ते, फूल सड़कों पर फैले रहते है। यह कचरा दिनभर इधर-उधर उड़ता रहता है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 11

इंदौर में ग्रीन बेल्ट की जमीन की गाइडलाइन का अलग से निर्धारण होगा

इंदौर   इंदौर में कलेक्टर गाइडलाइन लगभग तैयार हो चुकी है। इस पर पंजीयन विभाग ने दावे-आपत्तियों को मंगाया था। डेढ़ सौ से अधिक आपत्तियां  आई है। जिसका निराकरण किया जा रहा है। इसके बाद गाइडलाइन का प्रारुप राज्य सरकार को भेजा जाएगा। 1 अप्रैल ले नई कलेक्टर गाइड लाइन तैयार हो जाएगी। इंदौर में 3200 लोकेशनों पर गाइडलाइन बढ़ाई जा रही है, जबकि 240 नई काॅलोनियों को गाइडलाइन के दायरे में लिया गया है। इस बदलाव से प्राॅपर्टी के कीमतों में भी वृद्धि होगी। सालभर हुए सौदों के आधार पर गाइडलाइन में बदलाव किया गया। इंदौर में सबसे ज्यादा तेजी खंडवा रोड़ और उज्जैन रोड़ पर देखने को मिली है। खंडवा रोड पर फोरलेन निर्माण हो रहा है, जबकि इंदौर उज्जैन रोड पर छह लेन बन रहा है। इंदौर में बड़े ग्रुप भी रियल इस्टेट सेक्टर में आ चुके है। 32 लोकेशनों के ज्यादातर इलाके शहरी सीमा से सटे है। इनमे बाइपास, सुपर काॅरिडोर, गांधी नगर जैसे क्षेत्र शामिल है। ग्रीन बेल्ट की जमीन की गाइडलाइन का अलग से निर्धारण पंजीयन विभाग के पास अलग-अलग तरह की आपत्तियां आई है। कुछ आपत्तियां ग्रीन बेल्ट को लेकर भी है। जिसमें कहा गया है कि ग्रीन बेल्ट की जमीनों के ज्यादा सौंदे नहीं होते है। इसकी गाइडलाइन का निर्धारण अलग से किया जाना चाहिए। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन की खरीदी बिक्री में छूट को बहाल करने की मांग भी की गई है। मास्टर प्लान में 89 गांवों को जोड़ा गया है। वहां भी प्राॅपर्टी गाइडलाइन में बदलाव हुए है। इंदौर में कुछ लोकेशनों पर 30 से लेकर 40 प्रतिशत तक गाइड लाइन बढ़ाई गई है। इंदौर एक में 531,इंदौर दो में 596, इंदौर तीन में 658, इंदौर चार में 425, महू में 429, सांवेर में 348,देपालपुर में 329 लोकेशनो पर गाइडलाइन बदली है। अब समिति के इस प्रस्ताव को प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही एक अप्रैल से नई गाइडलाइन के हिसाब से पंजीयन विभाग में रजिस्ट्रियां होगी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 12

इंदौर में निगम अमले ने पहले तीन मंजिला बिल्डिंग पर बनाए पेंटा हाउस को तोड़ा, फिर तल मंजिल पर किए गए अवैध निर्माण को हटाया

इंदौर इंदौर के धार कोठी क्षेत्र में नगर निगम ने गुरुवार सुबह अवैध निर्माण हटाया। मौके पर पहुंचे अमले ने पहले तीन मंजिला बिल्डिंग पर बनाए गए अवैध पेंटा हाउस को तोड़ा, फिर तल मंजिल पर किए गए अवैध निर्माण को हटाया। एक माह पहले भवन मालिक को नगर निगम ने स्वेच्छता से अवैध निर्माण हटाने के लिए कहा था, लेकिन तय समय के बावजूद निर्माण नहीं तोड़ा गया, इसलिए गुरुवार सुबह रिमूवल गैंग ने मौके पर पहुंच कर निर्माण तोड़ दिया। नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा से इस बिल्डिंग को लेकर जी प्लस थ्री के निर्माण की अनुमति मिली थी, लेकिन आगे एमअेाएस को कवर कर लिया गया था और छत पर पेंटा हाउस भी बना लिया गया था। जिस इलाके में तीन मंजिल भवन बनाया गया है। वह आवासीय है, लेकिन यहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थी। इसे लेकर भी पवित्र आत्मा संघ की अध्यक्ष गीता जोसेफ को नोटिस दिया था, लेकिन व्यावसायिक गतिविधियां बंद नहीं की गई। इस इलाके में कुछ अन्य भवनों में भी नक्शे के विपरित निर्माण हुआ है। निगम की तरफ से उन भवनों को भी नोटिस जारी हुए है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 10

इंदौर के रंग पंचमी में उमड़ी लाखों की भीड़, विदेशी पर्यटक भी बने हिस्सा, सड़कें 38 मिनट में साफ, निगम ने किया करिश्मा

इंदौर  मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर की पहचान देश के सबसे साफ सुथरे शहर के तौर पर है, यह बात एक बार फिर रंगपंचमी के दिन निकली गेर के बाद जाहिर भी हो गई। यहां गेर में शामिल लगभग पांच लाख लोगों ने होली खेली, इसके बाद सड़कों पर बिखरी गंदगी को नगर निगम के अमले ने महज 38 मिनट में साफ कर दिया। रंग पंचमी के मौके पर राजवाड़ा क्षेत्र में निकली गेर में लगभग 5 लाख लोग शामिल हुए। इस दौरान क्षेत्र में रंग-गुलाल, चप्पल, जूते, प्लास्टिक की थैलियां, कपड़े आदि से कचरा और गंदगी हो गई। जब गेर समाप्त हुई, तब राजवाड़ा क्षेत्र में चारों ओर कचरा ही कचरा दिखाई दे रहा था। चारों ओर कचरा, जूते, चप्पल, कपड़े, प्लास्टिक की थैलियां, बोतलें, धूल, मिट्टी पड़ी हुई थी। नगर निगम के अमले ने आज फिर से यहां की सफाई को चुनौती के रूप में लिया। नगर निगम के अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा की देखरेख में मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अखिलेश उपाध्याय द्वारा राजवाड़ा क्षेत्र और आसपास की गलियों में सफाई का अभियान प्रारंभ किया गया। मौके पर नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया भी सफाई कर्मियों का हौसला बढ़ाने पहुंचे। नगर निगम के सफाई कर्मी वाकई सम्मान के पात्र हैं कि उन्होंने राजवाड़ा क्षेत्र की सफाई मात्र 38 मिनट में पूरी कर ली। रंगपंचमी के मौके पर व्यापारिक नगरी में गेर निकलती है रंगपंचमी के मौके पर व्यापारिक नगरी में गेर निकलती है और इसमें शामिल लाखों लोग अबीर-गुलाल और रंगों से जमकर होली खेलते हैं। यह आयोजन देश और दुनिया में अपने तरह का आयोजन है। यहां वाहनों पर मोटर रखकर रंग और गुलाल खूब उड़ाया जाता है और यह नजारा बुधवार को भी देखने को मिला। कोई भी ऐसा नहीं था जो रंग से बचा हो। मंत्री विजयवर्गीय और मंत्री तुलसी सिलावट ने गेर में भाग लिया। इस बार फाग यात्रा में विशेष रूप से झांकियां भी शामिल की गईं। इन झांकियों में ब्रज की प्रसिद्ध लट्ठमार होली, रासरंग और श्रीकृष्ण की झांकी प्रमुख आकर्षण के रूप में उभरकर सामने आईं। इस अद्भुत दृश्य को देखने के लिए इंदौर के लोग छतों पर बैठने के लिए पहले से ही बुकिंग करवा चुके थे। फाग यात्रा में मंत्री तुलसी सिलावट और विधायक मालिनी गौड़ भी शामिल हुईं। वहीं, संगम कॉर्नर की गेर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय रथ पर सवार होकर यात्रा में भाग ले रहे थे। सीएम यादव गेर में नहीं हुए शामिल इंदौर की गेर धूमधाम से मनाई गई । लेकिन, अब इसमें सीएम मोहन यादव शामिल नहीं हुए । जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री मोहन यादव इंदौर एयरपोर्ट से सीधे  उज्जैन के लिए रवानाहुए । टोरी कॉर्नर पर हुए हादसे के कारण उन्होंने गेर में शामिल नहीं होने का फैसला किया है।   तीन बेहोश हुए, अस्पताल भेजा गेर में लाखों लोग मौजूद हैं। इससे कुछ लोगों की तबीयत भी बिगड़ रही है। अधिक भीड़ के कारण गेर में शामिल तीन लोग बेहोश होकर सड़क पर गिर गए। जिन्हें एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया।   गैर में छाया भगवा रंग गेर के दौरान राजवाड़ा में एक हादसा भी हो गया। ट्रैक्टर का पहिया एक 45 वर्षीय शख्स के पेट के ऊपर से निकल गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इंदौर में जहां-जहां से गेर गुजरी, वहां रंग और कीचड़ हो गया था। गेर निकलने के बाद नगर निगम के अमले ने आज फिर से यहां की सफाई को चुनौती के रूप में लिया। नगर निगम के अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा की देखरेख में मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अखिलेश उपाध्याय द्वारा राजवाड़ा क्षेत्र और आसपास की गलियों में सफाई का अभियान प्रारंभ किया गया। मौके पर नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया भी सफाई कर्मियों का हौसला बढ़ाने पहुंचे। नगर निगम के सफाई कर्मी वाकई सम्मान के पात्र हैं कि उन्होंने राजबाड़ा क्षेत्र की सफाई मात्र 38 मिनट में पूरी कर ली। गेर के दौरान टैंकर की चपेट में आने से युवक की मौत वहीं, इंदौर के राजवाड़ा पर रंगपंचमी की गेर के दौरान एक हादसा भी हो गया। यहां एक युवक टैंकर की चपेट में आ गया। टैंकर का पहिया उसके पेट से गुजर गया। उसे एम्बुलेंस की मदद से एमवाय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने टैंकर ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। मृतक की पहचान सनी मौर्य (उम्र 24 वर्ष) निवासी रुक्मिणी नगर के रूप में हुई है। सोशल मीडिया पर फोटो वायरल हुआ तो उसके दोस्त राहुल सेन ने उसे पहचान लिया। राहुल ने यह खबर उसकी मां को दी और वे तत्काल एमवाय अस्पताल के पोस्टमॉर्टम रूम पहुंचे।   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 7