इंदौर में रात के समय शहर की सड़कों और स्थानों को साफ किया जा रहा

 इंदौर इंदौर में स्वच्छता सर्वेक्षण बीते तीन दिन से जारी है। चार दिन तक शहर में टीम रहेगी और अलग-अलग पैमानों पर स्वच्छता को परखा जाएगा। पिछले साल तीन दिन में ही टीम रवाना हो गई थी, लेकिन इस बार इंदौर को स्वच्छता की प्रीमियर लीग में शामिल किया गया है, इसलिए बारिकी से मुआयना किया जा रहा है। नगर निगम के अफसरों को पूरी उम्मीद है कि इस बार भी इंदौर स्वच्छता में पहले पायदान पर होगा, लेकिन ज्यादातर शहरवासी मान रहे है कि बीते साल वर्षों की तुलना में इस साल सफाई व्यवस्था थोड़ी कमजोर हुई है। इंदौर में रात के समय शहर की सड़कों और स्थानों को साफ किया जा रहा है, ताकि सुबह जब टीम सफाई व्यवस्था देखने निकले तो उन्हें शहर साफ नजर आए। इंदौर की स्वच्छता को दस पैमानों पर आका जा रहा है। इसमें शहर की सड़कों की सफाई, कचरा संग्रहण व्यवस्था, ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन, सीवरेज के पानी का पुर्नउपयोग, सफाईकर्मियों के उत्थान के लिए होने वाले काम और सबसे महत्वपूर्ण शहरवासियों का फीडबैक है। दिल्ली से आई टीम शहर की बस्तियों, आवासीय क्षेत्रों के अलावा ट्रेंचिंग ग्राउंड, गोबरधन प्लांट को भी देखेंगी। टीम सुबह के समय घूम रही है, जब घर-घर जाकर वाहन कचरा लेने जाते है। इंदौर की सबसे बड़ी ताकत डोर टू डोर कलेक्शन इंदौर की सफाई की सबसे बड़ी ताकत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन है। शहर में पांच तरीकों से कचरा घरों से लिया जाता है। ज्यादातर शहरों में यह व्यवस्था ही ठीक नहीं हो पाई है। इंदौर में सात साल पहले इसके दम पर ही स्वच्छता रैंकिंग में पहला पुरस्कार पाया था।   वर्ष 2017 में तत्कालीन मेयर मालिनी गौड़ ने शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने की कोशिश की थी। उन्हें साथ मिला भोपाल नगर निगम आयुक्त से तबादला होकर आए मनीष सिंह का। उन्होंने सबसे पहले इंदौर को खुले में शौच से मुक्त करने पर जोर दिया। जगह-जगह शौचालय बनवाए। इसके बाद शहर के कुछ वार्डों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था लागू की। कचरा उठाने वाली एटूझेड कंपनी का ठेका निरस्त किया और सफाईकर्मियों ने व्यवस्था संभाली। फिर पूरे वार्ड में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन होने लगा और शहर से कचरा पेटियां हटा ली गई। शहर साफ रहने लगा और इंदौर वर्ष 2017 की स्वच्छता रैंकिंग में पहले स्थान पर था। इसके बाद छह बार फिर इंदौर को पुरस्कार मिला बेकलन में गंदगी सबसे बड़ी कमजोरी इंदौर की बेकलेन में कचरा डालने की सिलसिला फिर शुरू हो गया। पहले स्पाॅट फाइन के चक्कर में लोग कचरा फेंकने से डरते थे, लेकिन अब फिर कचरा नजर आने लगा है। इसके अलावा फूल-पत्तियों का कचरा भी परेशानी बना हुआ है। सूखे पत्ते, फूल सड़कों पर फैले रहते है। यह कचरा दिनभर इधर-उधर उड़ता रहता है। recent visitors 53

इंदौर में ग्रीन बेल्ट की जमीन की गाइडलाइन का अलग से निर्धारण होगा

इंदौर   इंदौर में कलेक्टर गाइडलाइन लगभग तैयार हो चुकी है। इस पर पंजीयन विभाग ने दावे-आपत्तियों को मंगाया था। डेढ़ सौ से अधिक आपत्तियां  आई है। जिसका निराकरण किया जा रहा है। इसके बाद गाइडलाइन का प्रारुप राज्य सरकार को भेजा जाएगा। 1 अप्रैल ले नई कलेक्टर गाइड लाइन तैयार हो जाएगी। इंदौर में 3200 लोकेशनों पर गाइडलाइन बढ़ाई जा रही है, जबकि 240 नई काॅलोनियों को गाइडलाइन के दायरे में लिया गया है। इस बदलाव से प्राॅपर्टी के कीमतों में भी वृद्धि होगी। सालभर हुए सौदों के आधार पर गाइडलाइन में बदलाव किया गया। इंदौर में सबसे ज्यादा तेजी खंडवा रोड़ और उज्जैन रोड़ पर देखने को मिली है। खंडवा रोड पर फोरलेन निर्माण हो रहा है, जबकि इंदौर उज्जैन रोड पर छह लेन बन रहा है। इंदौर में बड़े ग्रुप भी रियल इस्टेट सेक्टर में आ चुके है। 32 लोकेशनों के ज्यादातर इलाके शहरी सीमा से सटे है। इनमे बाइपास, सुपर काॅरिडोर, गांधी नगर जैसे क्षेत्र शामिल है। ग्रीन बेल्ट की जमीन की गाइडलाइन का अलग से निर्धारण पंजीयन विभाग के पास अलग-अलग तरह की आपत्तियां आई है। कुछ आपत्तियां ग्रीन बेल्ट को लेकर भी है। जिसमें कहा गया है कि ग्रीन बेल्ट की जमीनों के ज्यादा सौंदे नहीं होते है। इसकी गाइडलाइन का निर्धारण अलग से किया जाना चाहिए। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन की खरीदी बिक्री में छूट को बहाल करने की मांग भी की गई है। मास्टर प्लान में 89 गांवों को जोड़ा गया है। वहां भी प्राॅपर्टी गाइडलाइन में बदलाव हुए है। इंदौर में कुछ लोकेशनों पर 30 से लेकर 40 प्रतिशत तक गाइड लाइन बढ़ाई गई है। इंदौर एक में 531,इंदौर दो में 596, इंदौर तीन में 658, इंदौर चार में 425, महू में 429, सांवेर में 348,देपालपुर में 329 लोकेशनो पर गाइडलाइन बदली है। अब समिति के इस प्रस्ताव को प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही एक अप्रैल से नई गाइडलाइन के हिसाब से पंजीयन विभाग में रजिस्ट्रियां होगी। recent visitors 53

इंदौर में निगम अमले ने पहले तीन मंजिला बिल्डिंग पर बनाए पेंटा हाउस को तोड़ा, फिर तल मंजिल पर किए गए अवैध निर्माण को हटाया

इंदौर इंदौर के धार कोठी क्षेत्र में नगर निगम ने गुरुवार सुबह अवैध निर्माण हटाया। मौके पर पहुंचे अमले ने पहले तीन मंजिला बिल्डिंग पर बनाए गए अवैध पेंटा हाउस को तोड़ा, फिर तल मंजिल पर किए गए अवैध निर्माण को हटाया। एक माह पहले भवन मालिक को नगर निगम ने स्वेच्छता से अवैध निर्माण हटाने के लिए कहा था, लेकिन तय समय के बावजूद निर्माण नहीं तोड़ा गया, इसलिए गुरुवार सुबह रिमूवल गैंग ने मौके पर पहुंच कर निर्माण तोड़ दिया। नगर निगम की भवन अनुज्ञा शाखा से इस बिल्डिंग को लेकर जी प्लस थ्री के निर्माण की अनुमति मिली थी, लेकिन आगे एमअेाएस को कवर कर लिया गया था और छत पर पेंटा हाउस भी बना लिया गया था। जिस इलाके में तीन मंजिल भवन बनाया गया है। वह आवासीय है, लेकिन यहां व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थी। इसे लेकर भी पवित्र आत्मा संघ की अध्यक्ष गीता जोसेफ को नोटिस दिया था, लेकिन व्यावसायिक गतिविधियां बंद नहीं की गई। इस इलाके में कुछ अन्य भवनों में भी नक्शे के विपरित निर्माण हुआ है। निगम की तरफ से उन भवनों को भी नोटिस जारी हुए है। recent visitors 49

इंदौर के रंग पंचमी में उमड़ी लाखों की भीड़, विदेशी पर्यटक भी बने हिस्सा, सड़कें 38 मिनट में साफ, निगम ने किया करिश्मा

इंदौर  मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर की पहचान देश के सबसे साफ सुथरे शहर के तौर पर है, यह बात एक बार फिर रंगपंचमी के दिन निकली गेर के बाद जाहिर भी हो गई। यहां गेर में शामिल लगभग पांच लाख लोगों ने होली खेली, इसके बाद सड़कों पर बिखरी गंदगी को नगर निगम के अमले ने महज 38 मिनट में साफ कर दिया। रंग पंचमी के मौके पर राजवाड़ा क्षेत्र में निकली गेर में लगभग 5 लाख लोग शामिल हुए। इस दौरान क्षेत्र में रंग-गुलाल, चप्पल, जूते, प्लास्टिक की थैलियां, कपड़े आदि से कचरा और गंदगी हो गई। जब गेर समाप्त हुई, तब राजवाड़ा क्षेत्र में चारों ओर कचरा ही कचरा दिखाई दे रहा था। चारों ओर कचरा, जूते, चप्पल, कपड़े, प्लास्टिक की थैलियां, बोतलें, धूल, मिट्टी पड़ी हुई थी। नगर निगम के अमले ने आज फिर से यहां की सफाई को चुनौती के रूप में लिया। नगर निगम के अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा की देखरेख में मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अखिलेश उपाध्याय द्वारा राजवाड़ा क्षेत्र और आसपास की गलियों में सफाई का अभियान प्रारंभ किया गया। मौके पर नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया भी सफाई कर्मियों का हौसला बढ़ाने पहुंचे। नगर निगम के सफाई कर्मी वाकई सम्मान के पात्र हैं कि उन्होंने राजवाड़ा क्षेत्र की सफाई मात्र 38 मिनट में पूरी कर ली। रंगपंचमी के मौके पर व्यापारिक नगरी में गेर निकलती है रंगपंचमी के मौके पर व्यापारिक नगरी में गेर निकलती है और इसमें शामिल लाखों लोग अबीर-गुलाल और रंगों से जमकर होली खेलते हैं। यह आयोजन देश और दुनिया में अपने तरह का आयोजन है। यहां वाहनों पर मोटर रखकर रंग और गुलाल खूब उड़ाया जाता है और यह नजारा बुधवार को भी देखने को मिला। कोई भी ऐसा नहीं था जो रंग से बचा हो। मंत्री विजयवर्गीय और मंत्री तुलसी सिलावट ने गेर में भाग लिया। इस बार फाग यात्रा में विशेष रूप से झांकियां भी शामिल की गईं। इन झांकियों में ब्रज की प्रसिद्ध लट्ठमार होली, रासरंग और श्रीकृष्ण की झांकी प्रमुख आकर्षण के रूप में उभरकर सामने आईं। इस अद्भुत दृश्य को देखने के लिए इंदौर के लोग छतों पर बैठने के लिए पहले से ही बुकिंग करवा चुके थे। फाग यात्रा में मंत्री तुलसी सिलावट और विधायक मालिनी गौड़ भी शामिल हुईं। वहीं, संगम कॉर्नर की गेर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय रथ पर सवार होकर यात्रा में भाग ले रहे थे। सीएम यादव गेर में नहीं हुए शामिल इंदौर की गेर धूमधाम से मनाई गई । लेकिन, अब इसमें सीएम मोहन यादव शामिल नहीं हुए । जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री मोहन यादव इंदौर एयरपोर्ट से सीधे  उज्जैन के लिए रवानाहुए । टोरी कॉर्नर पर हुए हादसे के कारण उन्होंने गेर में शामिल नहीं होने का फैसला किया है।   तीन बेहोश हुए, अस्पताल भेजा गेर में लाखों लोग मौजूद हैं। इससे कुछ लोगों की तबीयत भी बिगड़ रही है। अधिक भीड़ के कारण गेर में शामिल तीन लोग बेहोश होकर सड़क पर गिर गए। जिन्हें एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया।   गैर में छाया भगवा रंग गेर के दौरान राजवाड़ा में एक हादसा भी हो गया। ट्रैक्टर का पहिया एक 45 वर्षीय शख्स के पेट के ऊपर से निकल गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इंदौर में जहां-जहां से गेर गुजरी, वहां रंग और कीचड़ हो गया था। गेर निकलने के बाद नगर निगम के अमले ने आज फिर से यहां की सफाई को चुनौती के रूप में लिया। नगर निगम के अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा की देखरेख में मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अखिलेश उपाध्याय द्वारा राजवाड़ा क्षेत्र और आसपास की गलियों में सफाई का अभियान प्रारंभ किया गया। मौके पर नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया भी सफाई कर्मियों का हौसला बढ़ाने पहुंचे। नगर निगम के सफाई कर्मी वाकई सम्मान के पात्र हैं कि उन्होंने राजबाड़ा क्षेत्र की सफाई मात्र 38 मिनट में पूरी कर ली। गेर के दौरान टैंकर की चपेट में आने से युवक की मौत वहीं, इंदौर के राजवाड़ा पर रंगपंचमी की गेर के दौरान एक हादसा भी हो गया। यहां एक युवक टैंकर की चपेट में आ गया। टैंकर का पहिया उसके पेट से गुजर गया। उसे एम्बुलेंस की मदद से एमवाय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने टैंकर ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। मृतक की पहचान सनी मौर्य (उम्र 24 वर्ष) निवासी रुक्मिणी नगर के रूप में हुई है। सोशल मीडिया पर फोटो वायरल हुआ तो उसके दोस्त राहुल सेन ने उसे पहचान लिया। राहुल ने यह खबर उसकी मां को दी और वे तत्काल एमवाय अस्पताल के पोस्टमॉर्टम रूम पहुंचे।   recent visitors 37

अब चंदन नगर चौराहे पर बनेगा फ्लाई ओवर, ट्रैफिक का दबाव होगा काम, जाम से मिलेगी निजात

 इंदौर  इंदौर के गंगवाल बस स्टैंड से चंदन नगर चौराहा होते हुए धार रोड आना-जाना किसी मुसीबत से कम नहीं है। यहां दिनभर ट्रैफिक का दबाव रहता है और कई बार जाम लगता है। यह समस्या जल्द हल होने वाली है, क्योंकि चंदन नगर चौराहे पर फ्लाई ओवर बनेगा। महापौर के प्रस्ताव पर इंदौर विकास प्राधिकरण (आइडीए) ब्रिज का फिजिबिलिटी सर्वे कराएगा। ट्रैफिक समस्या से राहत इंदौर में ट्रैफिक समस्या के निदान के लिए प्रमुख चौराहों पर ओवर ब्रिज बनाए जा रहे हैं। इसी क्रम में चंदन नगर चौराहे का नाम भी दर्ज होने जा रहा है। इस चौराहे से धार, रतलाम, झाबुआ और अहमदाबाद से इंदौर आने-जाने वाले वाहन गुजरते हैं। भारी वाहनों के अलावा ट्रेवल्स की बसों और बड़ी संख्या में निजी वाहनों की आवाजाही भी रहती है। भारी ट्रैफिक होने से हर दिन सुबह व शाम जाम लगता है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है कि चंदन नगर चौराहे पर फ्लाई ओवर बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसे आइडीए बनाएगा। सिक्स लेन फ्लाई ओवर जिला अस्पताल के पास से शुरू होकर सिरपुर तालाब के आगे उतरेगा। डेढ़ लाख से अधिक गुजरते हैं वाहन चंदन नगर चौराहे से करीब डेढ़ लाख वाहन नियमित गुजरते हैं। धार रोड पर दूर-दूर तक बसाहट होने से रहवासी भी शहर में आने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। सड़क किनारे सब्जी व फल वाले ठेला लगा लेते हैं, जिससे ट्रैफिक उलझता है और हटाने के बात पर कई बार विवाद की स्थिति बन चुकी है। फ्लाई ओवर बनने से यह समस्या भी दूर होगी। डेढ़ दर्जन चौराहों का हो रहा सर्वे हाल ही में आइडीए ने भंवरकुआं, फूटी कोठी, खजराना और लवकुश चौराहे पर ओवर ब्रिज बनाए हैं। इनसे काफी राहत मिली है। शहर के अन्य डेढ़ दर्जन से अधिक चौराहों पर ब्रिज को लेकर फिजिबिलिटी सर्वे चल रहा है। नगर निगम बनाएगा सड़क तीन दशक से अधूरे पश्चिमी रिंग रोड को पूरा करने की तैयारी है। चंदन नगर से मोहता बाग के बीच 18 मीटर चौड़ी और दो किमी लंबी सड़क नगर निगम बनाएगा। इसके लिए शासन से 25.63 करोड़ मांगे हैं। शहर के मध्य व दक्षिण से वाहन चालकों को एयरपोर्ट रोड की ओर जाने व आने के लिए यह सड़क काफी राहत वाली साबित होगी। अभी राज मोहल्ला, बड़ा गणपति से कालानी नगर वाले मार्ग से आना-जाना पड़ता है। recent visitors 47

इंदौर में 3 किलोमीटर लंबी गेर में मुख्यमंत्री मोहन यादव, एनआरआई सहित लाखों लोग शामिल होंगे

इंदौर  रंगों के त्योहार को पूरे जोर-शोर से मनाने बनाने के लिए इंदौर नगर निगम ने पूरी तैयारी कर ली हैं. इस बार इंदौर की गेर में आकर्षक झांकियां भी देखने मिलेंगे जो टोरी कॉर्नर से शामिल होंगी. वहीं सबसे खास नजर रहेगी नगर निगम के हाथी पर जो 150 फीट की दूरी तक लोगों पर रंग फेंकेगा. आइए जानते इंदौर की गेर और नगर निगम के इस हाथी के बारे में. 20 फीट का हाथी बरसाएगा गेर में रंग दरअसल, इंदौर नगर निगम की वर्कशॉप में वेस्ट मटेरियल और मशीनी पार्ट्स से 20 फीट का एक हाथी बनाया गया है. यह हाथी अपने सिर को चारों तरफ घूमाएगा और सूंड से लगभग डेढ़ सौ फीट ऊंचाई तक रंगों की बौछार करेगा. सोमवार को इस हाथी को अंतिम रूप दिया गया है और इसकी टेस्टिंग भी पूरी कर ली गई है. वहीं दूसरी गेर में एक मंच पर खड़ी चार स्वच्छता दीदी लोगों को रंगों से सराबोर करेंगी. इसके साथ ही महापौर पुष्यमित्र भार्गव अपनी एमआईसी टीम के साथ लोगों पर रंग वर्षा करते नजर आएंगे. मुख्यमंत्री और एनआरआई भी होंगे शामिल महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने बताया कि गेर में सीएम डॉ. मोहन यादव भी शामिल होने आ रहे हैं। सभी व्यवस्था की जा चुकी है। महापौर ने बताया कि पिछले दो साल से नगर निगम भी आधिकारिक रूप से शामिल हो रहा है। इस बार नगर निगम की गेर रहेगी, एनआरआई का रथ भी रहेगा। 500 से ज्यादा सफाई मित्र रहेंगे तैनात गेर के बाद सफाई व्यवस्था की भी पूरी तैयारी की जा चुकी है। 500 से ज्यादा कर्मचारी और संसाधन एक साथ लगकर रिकॉर्ड टाइम में पूरे गेर मार्ग को साफ करेंगे। इस बार के भी फोटो-वीडियो यूनेस्को को भेजे जाएंगे। भारत सरकार से भी निवेदन किया है कि यूनेस्को में पत्र भेजे और उनकी विजिट कराए। गेर के लिए अब तक की तैयारियां राजवाड़ा को ढंका गया इंदौर की विशेष पहचान राजवाड़ा को ढंकने का काम किया जा चुका है। बड़ा पीला प्लास्टिक राजवाड़ा पर लगा गया है ताकि रंगों के कारण इसे नुकसान न पहुंचे। इसके साथ ही गोराकुंड और सराफा क्षेत्र में बिल्डिंगों को बड़े प्लास्टिक से ढंका गया है। कई लोग भी अपने घरों को रंग-गुलाल से बचाने के लिए प्लास्टिक से कवर कर रहे हैं। इमरजेंसी एग्जिट रूट बनाया पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि गेर के पूरे रूट में 100 से 200 मीटर के सेक्टर बनाए जा रहे हैं, ताकि उसमें प्रभावी तरीके से सुरक्षा व्यवस्था की जा सके। साथ ही अन्य आकस्मिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इमरजेंसी एग्जिट रूट बनाए जा रहे हैं। हाइराइज की व्यवस्था भी की जा रही है। गेर वाली रूट पर सीसीटीवी, एंबुलेंस तमाम व्यवस्थाएं आज 19 मार्च बुधवार को परम्परागत रूप से निकल जाने वाली रंगपंचमी की गेर को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं. पूरे मार्ग पर ‍निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, साथ ही कंट्रोल रूम भी बनाया गया है. बेरिकेटिंग से लेकर आकस्मिक चिकित्सा के लिए भी प्रबंध किए गए हैं. निर्धारित स्थानों पर एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहनों की व्यवस्था भी रहेगी. इंदौर शहर की पहचान बन चुके इस त्योहार को देखन के लिए गेर वाले रूट पर नागरिकों के बैठने का भी प्रबंध किया गया है. इंदौर नगर निगम द्वारा बनाया गया रंग फेंकने वाला हाथी वहीं बिजली विभाग, जिला प्रशासन, नगर निगम व पुलिस विभाग की टीमों ने एकसाथ टोरी कार्नर, मल्हारगंज से लेकर राजबाड़ा, कृष्णपुरा तक के गेर मार्ग का निरीक्षण किया और तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लिया है. सुरक्षा दृष्टि से बीच-बीच में बंद की जाएगी बिजली गेर मार्ग पर केबल व तार पर्याप्त व सुरक्षात्मक हाइट पर किए गए हैं, वहीं कुछ स्थानों पर ट्रांसफार्मर के पुराने, क्षतिग्रस्त बॉक्स बदले गए हैं. कई इलाकों में रंग व पानी से बचाव के लिए कवर लगाए गए हैं. वहीं सुभाष चौक जोन पर बिजली कंपनी का अस्थाई कंट्रोल रूम भी बनाया गया है. ऐतिहासिक गेर के दौरान फायर फायटर से 100 से 150 फीट की ऊंचाई तक रंग उड़ाया जाएगा. इस दौरान सुरक्षात्मक कारणों से 11 केवी लाइन के कुल 14 फीडरों से अलग-अलग समय पर बिजली बंद की जाएगी. आपात स्थिति के लिए तैयार है प्रशासन कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि गेर को लेकर सभी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। गेर मार्ग पर आइडेंटिफिकेशन किया गया है। कहां-कहां मंच लगाने हैं, कहां वॉच टावर बनेंगे, सीसीटीवी कैमरे लगाने की जगह भी निर्धारित की गई है। गलियों में बीच-बीच में एग्जिट रूट बनाए हैं। वहां एम्बुलेंस भी रहेगी, अगर कोई घटना हो जाती है तो उसके जरिए बाहर निकाला जा सकता है। कैबिनेट के आने की सूचना नहीं है, लेकिन हमारी पूरी तैयारी है। बैलगाड़ी से हुई थी गेर की शुरुआत गेर आयोजक कमलेश खंडेलवाल ने बताया कि आज से 75 साल पहले उनके पिता प्रेमस्वरूप खंडेलवाल, बाबूलाल गिरी और सत्यनारायण सत्तन साहब ने मिलकर इंदौर में गेर की शुरुआत की थी। बैलगाड़ी से शुरू हुआ गेमिसाइल, टैंकर, डीजे सहित मॉडर्न साधनों तक पहुंच चुका है। इस गेर की पहचान पूरे देशभर में है। गेर आयोजक शेखर गिरी ने बताया कि गेर 48 और 50 के दशक में बाबूलाल गिरी और छोटे लाल गिरी ने निकाली थी। हमारी एक पीढ़ी गेर निकाल चुकी है। दूसरी पीढ़ी गेर का संचालन कर रही है। मेरे बाद भी मेरे भाई और भतीजे भविष्य में गेर को निकालेंगे। गेर खेलने छतों की कराई जाती है बुकिंग गेर में अब ट्रैक्टर-ट्रॉली, डीजे, पानी के टैंकर और अन्य गाड़ियां शामिल होने लगी हैं। रंगपंचमी की गेर देखने के लिए लोग छतों पर बुकिंग कराने लगे हैं। पहले की अपेक्षा अब लाखों की संख्या में लोग इस गेर में शामिल होने लगे हैं। नगर निगम गेर में पिछले दो साल से आधिकारिक रूप से शामिल होने लगा है। इसमें अब एनआरआई भी शामिल होने के लिए आने लगे हैं। recent visitors 42

इंदौर में लगा गंजों का मेला… बाल उगाने की गारंटी देने वाले से तेल लगवाने जुटे हजारों

इंदौर बाल झड़ने की समस्या और गंजेपन से जूझ रहे हजारों लोग इंदौर में एक साथ इकट्ठे हुए तो हर कोई हैरान रह गया. पता चला कि बिना बाल वालों की भीड़ 'जादुई तेल' के लिए लगी हुई. यह तेल दिल्ली से लगाने के लिए सलमान भाई आए हैं. दावा किया गया कि तेल से बाल उग आते हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही सलमान भाई मौके से भाग निकले. इंदौर के डाकाचाइया इलाके में जादुई तेल लगवाने आए जवान, अधेड़ और बूढ़े लोगों को इतनी बड़ी संख्या में देख हर कोई अचंभित रह गया. दिल्ली से सलमान भाई के आने की खबर सुनकर सुबह 6 बजे से ही तेल लगवाने के लिए हजारों बिना बाल वाले लोग लाइन लगाकर खड़े हुए थे.  मौके पर इतनी भीड़ हो गई थी कि पुलिस को व्यवस्था संभालने के लिए तैनात करना पड़ा. दरअसल, खुद को दिल्ली निवासी बताने वाला सलमान भाई नाम का शख्स एक खास तेल और दवा लगाकर गंजेपन को दूर करने का दावा करता है. बालों की कमी से परेशान लोग सुबह से लेकर रात तक इस तेल को लगवाने के लिए मशक्कत करते हुए नजर आए. एक साथ इतनी बड़ी संख्या में गंजे लोगों को देखकर स्थानीय लोग हंसी नहीं रोक पाए, क्योंकि यह दृश्य कुछ खास था. इंदौर के अलग-अलग हिस्सों से आए लोग इस तेल का इस्तेमाल करने के लिए घंटों लंबी लाइन में खड़े रहे. हालांकि, यह पूरी घटना इंदौर में एक मजेदार दृश्य पैदा कर गई, जहां लोग अपनी परेशानी से जादुई तरीके से निजात पाने के लिए इंतजार कर रहे थे. इस मेला ने इलाके में अनोखा माहौल बना दिया. हंसी-मजाक के बीच लोग अपने बाल वापस पाने की उम्मीद में दिन-भर अपनी अपनी बारी का इंतजार करते रहे. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ. हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद सलमान मौके से निकला. लेकिन कुछ लोगों ने सलमान के सहयोगी रईस अहमद को पकड़ लिया. दावा किया जा रहा है कि यूपी के मेरठ में भी इसी सलमान ने 20 रुपये की दवा और 300 रुपये का तेल देकर तमाम लोगों से बाल उगाने का वादा किया. अब इंदौर के लोगों से भी वादा करके गया है कि वह दोबारा आएगा और तेल लगाकर जाएगा. 'आजतक' इस तरह के किसी भ्रामक उत्पाद का समर्थन नहीं करता है. पाठकों को सलाह है कि बिना डॉक्टर की सलाह के किसी ऐसे उत्पाद का इस्तेमाल न करें.   recent visitors 39