इंदौर: दूषित पानी से 32वीं मौत, भागीरथपुरा की महिला पहले से थी दूसरी बीमारियों से पीड़ित

इंदौर इंदौर की भागीरथपुरा बस्ती में दूषित पानी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक महीना बीत जाने के बाद भी यहां मौतों का सिलसिला जारी है। रविवार को बस्ती में 32वीं मौत दर्ज की गई, जिसने इलाके में दहशत और बढ़ा दी है। ताज़ा मामला 65 वर्षीय अनिता कुशवाह का है, जिन्होंने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इलाज के दौरान बिगड़ी हालत अनिता को कुछ दिन पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया था। शुरुआत में इसे सामान्य संक्रमण माना जा रहा था, लेकिन धीरे-धीरे उनकी दोनों किडनियां खराब हो गईं। उनकी हालत इतनी नाजुक हो गई कि उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। इलाज के दौरान उन्हें दिल का दौरा भी पड़ा, जिसके बाद उनकी स्थिति और बिगड़ती चली गई और आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया। बेटे नीलेश ने बताया कि उन्हें पहले से कोई बीमारी नहीं थी। 28 दिसंबर को उल्टी-दस्त के कारण भाग्यश्री हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। दो दिन बाद डिस्चार्ज होकर घर पर लाया गया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद फिर हालत बिगड़ी। उन्हें 1 जनवरी को अरबिंदो हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। अरबिंदो हॉस्पिटल से उन्हें 4 जनवरी को बॉम्बे हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया था। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ती गई। हालत गंभीर होने पर किडनी फेल हो गई, जिसके चलते लगातार हेमोडायलिसिस किया जा रहा था। फिर वेंटिलेटर पर भी लिया गया। इलाज के दौरान उन्हें कार्डियक अरेस्ट भी आया। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि शासन की ओर से हायर सेंटर पर इलाज करवाया गया, लेकिन दुर्भाग्य से मरीज को बचाया नहीं जा सका। महिला के पति मिल से रिटायर्ड हैं। परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं। अनिता कुशवाह का अंतिम संस्कार आज होगा। भागीरथपुरा दूषित पानी हादसे में अब तक 32 मौतें हो चुकी हैं। इस मामले में 450 से ज्यादा मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं, लेकिन दूसरी ओर तीन मरीज अब भी एडमिट हैं। इनमें से 2 आईसीयू में हैं। उनकी हालत काफी क्रिटिकल बनी हुई है। हैरानी की बात यह है कि बस्ती में अब तक 32 लोग जान गंवा चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में सिर्फ 16 मौतें ही दर्ज हैं। विभाग इन मौतों की मुख्य वजह डायरिया (उल्टी-दस्त) मान रहा है। बाकी की अन्य मौतों का अभी तक कोई डेथ ऑडिट नहीं किया गया है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल बस्ती के दो और मरीज अस्पताल में भर्ती हैं जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है। राहत की बात बस इतनी है कि अब नए मरीजों के मिलने की रफ्तार कम हुई है और मामूली लक्षण वाले लोगों का घर पर ही इलाज चल रहा है। बस्ती में पानी का संकट अभी भी गहराया हुआ है। नगर निगम अब तक केवल 30 प्रतिशत इलाके में ही नई नर्मदा लाइन बिछा पाया है। बाकी पूरी बस्ती अब भी टैंकरों के भरोसे है। दूषित पानी के खौफ की वजह से लोग नल या टैंकर का पानी पीने से डर रहे हैं। जो लोग सक्षम हैं, वे पीने के लिए बाहर से पानी खरीद रहे हैं। 24 घंटे चालू हैं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अभी मरीज आ रहे हैं, लेकिन डायरिया के मरीजों की संख्या एकदम कम हो गई है। रोज एक-दो मरीज आते हैं, लेकिन उन्हें एडमिट करने की जरूरत नहीं पड़ रही है। हालांकि यह केंद्र 24 घंटे खुला है और क्षेत्र में दो एम्बुलेंस भी तैनात हैं। 30 प्रतिशत हिस्से में की जा रही पानी की सप्लाई उधर, इलाके में एक दिन छोड़कर 30% हिस्से में पानी का सप्लाय जारी है। निगम का कहना है कि पानी अब साफ आ रहा है लेकिन रहवासी अभी भी आरओ और टैंकर का पानी ही उपयोग कर रहे हैं। दूसरी ओर बचे हुए 70% हिस्से की मेन पाइप लाइन का काम अंतिम दौर में है। इसके बाद यहां लीकेज टेस्ट करने के साथ सैंपल लिए जाएंगे। recent visitors 22

राष्ट्रीय एकता दिवस पर इंदौर पुलिस ने किया ‘एकता वृक्षारोपण’ कर दिया पेड़ों की तरह एकजुट रहने का संदेश

राष्ट्रीय एकता दिवस पर इंदौर पुलिस ने किया ‘एकता वृक्षारोपण’ कर दिया पेड़ों की तरह एकजुट रहने का संदेश

On National Unity Day, Indore Police planted ‘Ekta Vriksharopan’ (tree plantation) and gave the message of staying united like trees. इंदौर ! लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर मनाए गए राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया. डीआरपी लाइन परिसर में ‘एकता वृक्षारोपण कार्यक्रम’ आयोजित हुआ.कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह की विशेष उपस्थिति रही. अति पुलिस आयुक्त अमित कुमार सिंह, सभी पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. सभी ने मिलकर पौधारोपण कर एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संदेश दिया. वृक्षारोपण के दौरान पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने कहा कि “पेड़ हमें एकता और अखंडता का सच्चा संदेश देते हैं. जिस तरह जड़, तना, शाखाएं और पत्तियां मिलकर एक सशक्त वृक्ष बनाते हैं, उसी प्रकार संगठित रहकर हम एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं.” उन्होंने सभी को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने और सामूहिक एकता की भावना को मजबूत करने का आह्वान भी किया. कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन में एकता, देशभक्ति और सरदार पटेल के प्रेरक व्यक्तित्व से जुड़ाव की भावना को बढ़ाना रहा. recent visitors 97

बच्चों और महिलाओं पर अपराध के मामलों में इंदौर देश में टॉप रैंकिंग पर

बच्चों और महिलाओं पर अपराध के मामलों में इंदौर देश में टॉप रैंकिंग पर

Indore tops the country in crimes against children and women. इंदौर ! बच्चों और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में इंदौर देश के शीर्ष शहरों में शामिल हो गया है. हाल ही में जारी एनसीआरबी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की क्राइम इन इंडिया 2023 रिपोर्ट में इंदौर को बच्चों के खिलाफ अपराध में चौथा और महिलाओं के खिलाफ अपराध में पाँचवाँ स्थान दिया है. ये आंकड़े प्रशासन और पुलिस के लिए गंभीर चेतावनी हैं.रिपोर्ट के अनुसार 2023 में पूरे देश में बच्चों के खिलाफ 1.77 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हुए, जबकि महिलाओं के खिलाफ अपराध 4.48 लाख के पार गए. इन आंकड़ों में इंदौर की स्थिति चिंता बढ़ाती है. विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में अपराध में वृद्धि, खासकर कमजोर वर्ग बच्चों और महिलाओं के खिलाफ सामाजिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करती है. पुलिस लगातार अपराध नियंत्रण अभियान चला रही है, लेकिन रिपोर्ट दर्शाती है कि अभी भी शहर में सुरक्षा के मामले गंभीर बने हुए हैं. इंदौर पुलिस सूत्रों ने कहा कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे अभियान, हेल्पलाइन और जागरूकता कार्यक्रमों को और मजबूत करने की आवश्यकता है. एनसीआरबी की इस रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया कि प्रशासन और नागरिकों दोनों को मिलकर कदम उठाने होंगे. कुल मिलाकर, आर्थिक और व्यावसायिक राजधानी कहलाने वाले इंदौर में कानून-व्यवस्था की यह स्थिति, शहर के लिए गंभीर चेतावनी है. recent visitors 89

आईडीए सीईओ अहिरवार की यादगार बिदाई

आईडीए सीईओ अहिरवार की यादगार बिदाई

Memorable farewell of IDA CEO Ahirwar इंदौर ! आईडीए सीईओ रामप्रकाश अहिरवार का कल कार्यालय सभागृह में बिदाई समारोह हुआ. उनके विदाई समारोह में बड़े से लेकर छोटे से छोटे कर्मचारी ने उक्त समारोह में ना सिर्फ भाग लिया, बल्कि पूरे समय और नीचे कार तक छोड़ने तक साथ रहे. आईडीए में चर्चा थी कि ऐसी बिदाई किसी सीईओ की नहीं हुई. अधिकांश अधिकारी आते है और एक दूसरे को पदभार सौंप कर चले जाते है.बिदाई समारोह में सीईओ ने कहा कि मेरे द्वारा किसी कार्य के दौरान कुछ कहा भी हो तो उसे उसी समय तक मन छोड़ देना. मैंने किसी का नुकसान करने के लिए कोई फाइल पर कुछ नहीं लिखा. आप लोगों को भी मेरी सलाह है कि वरिष्ठ अधिकारी का गुस्सा क्षणिक होता है और उसको भूल जाना चाहिए. मुझे सभी ने टीम वर्क के साथ सहयोग किया, जिसके कारण आज आईडीए का नाम विकास की ऊंचाइयों पर पहुंचा सका हूं. काम के साथ अपने परिवार को भी समय दे यहेरी व्यक्तिगत राय है. आप सभी खूब और स्वस्थ रहे यही मेरी शुभकामनाएं है. आप कभी जबलपुर आए तो आप सभी का स्वागत है. कोई भी कर्मचारी या अधिकारी मुझसे जो घूमने में सहयोग होगा पूरा करूंगा. आपका आभार. recent visitors 76

इंदौर में चीन और बांग्लादेश का बॉयकॉट, इन देशों से आए कपड़े बेचने पर ‘BAN’

 इंदौर इंदौर में खुदरा वस्त्र संघ ने चीन और बांग्लादेश में बने कपड़े बेचने वाले दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है. संगठन ने फैसला किया है कि यदि कोई सदस्य दुकानदार इन देशों के कपड़े बेचता पाया गया, तो उस पर 1.11 लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा. इंदौर खुदरा वस्त्र संघ के अध्यक्ष अक्षय जैन ने मीडिया से बातचीत में कहा, "हमारा संगठन मानता है कि चीन और बांग्लादेश में बने कपड़ों का कारोबार भारतीय हितों के खिलाफ है. इसलिए, हमने निर्णय लिया है कि हमारे किसी भी सदस्य दुकानदार को इन देशों के कपड़े बेचते हुए पकड़ा गया, तो उस पर 1.11 लाख रुपए का जुर्माना लगेगा." जैन ने बताया कि जुर्माने की राशि भारतीय सेना के लिए केंद्र सरकार के कोष में जमा की जाएगी. उन्होंने दावा किया कि इंदौर के 600 व्यापारियों ने अब तक इस प्रस्ताव का समर्थन किया है और चीन व बांग्लादेश में बने कपड़े न बेचने की प्रतिबद्धता जताई है. बांग्लादेश और चीन से बड़े पैमाने पर आता है कपड़ा बताया गया है कि चीन और बांग्लादेश से बड़े पैमाने पर कपड़ा आता है, जिसका अब बहिष्कार (Boycott of China Bangladesh in MP) किया जाएगा। सुभाष चौक मंदिर में भगवान हनुमान को साक्षी मानकर 600 से अधिक व्यापारियों ने इस संकल्प पर सहमति दी है। इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन, राजेश जैन, पवन पंवार, पप्पी विल्सन, मिलन जैन, दीपक पंवार, चेतन डेमला, रूपेश गुप्ता, मोहन पोरवाल, सचिन सुराणा, शैलेंद्र दुबे, अंशुल मांडलिक सहित बड़ी संया में व्यापारी मौजूद थे। इस सामूहिक फैसले को लेकर सभी दुकानों पर पोस्टर लगाए गए हैं। इनमें लिखा है कि हम चीन और बांग्लादेश के कपड़े नहीं बेचेंगे। पोस्टर के साथ व्यापारियों ने प्रदर्शन भी किया। डिस्ट्रीब्यूटर्स को लिखा पत्र एसोसिएशन अध्यक्ष अक्षय जैन ने बताया कि इंदौर के अलावा चीन और बांग्लादेशी कपड़ों के अन्य शहरों के डिस्ट्रीब्यूटर्स को पत्र लिखकर जानकारी दी है कि अब इन देशों का कपड़ा नहीं बेचेंगे। इस मुहिम से जुड़कर केवल स्वदेशी कपड़े का व्यापार होगा, ताकि भारत की आर्थिक व्यवस्था को हम मजबूत बना सकें। किसी भी व्यापारी के पास चीन व बांग्लादेश का कपड़ा बिक्री के लिए मिलेगा तो उस पर 1.11 लाख रुपए का दंड लगाया जाएगा, जो सेना को देंगे। सभी व्यापारी इस फैसले से सहमत हैं। कपड़ा और मटेरियल होगा नष्ट एसोसिएशन ने चीन की एसेसरीज, कपड़ा और अन्य मटेरियल को नष्ट करने का भी फैसला लिया है। इसमें निकला वेस्ट नगर निगम को सौंपा जाएगा। recent visitors 35

वर्ल्ड बैंक की टीम अब इंदौर के भिक्षावृत्ति निर्मूलन मॉडल का अध्ययन कर इसको समझने में जुटी

इंदौर  देश भर में स्वच्छता के लिए चर्चित इंदौर अब भिक्षुक मुक्त शहर के रूप में भी चर्चा में है. यहां चलाए गए भिखारी मुक्त अभियान के चलते इंदौर ऐसा करने वाला पहला शहर बन चुका है. उसके इस मॉडल को जल्द ही देश के अन्य शहरों में भी लागू किया जा सकता है. केंद्रीय समाज कल्याण बोर्ड और वर्ल्ड बैंक की टीम अब इंदौर के भिक्षावृत्ति निर्मूलन मॉडल का अध्ययन कर इसको समझने में जुटी है. मध्य प्रदेश के कई शहरों ने अपनाया इंदौर का मॉडल इंदौर के भिक्षुक मुक्त अभियान को अब प्रदेश के कई शहर अपना रहे हैं. उज्जैन में भिक्षुकों को धार्मिक स्थलों से हटाने के साथ उनके विस्थापन की कार्रवाई तेजी से की जा रही है. इसके अलावा भोपाल जिला प्रशासन ने भी भिक्षुक मुक्त अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत इंदौर जैसी ही कार्रवाई राजधानी भोपाल में हो रही है. देश के अन्य शहरों में भी इस मॉडल को अपनाया जा सके इसके लिए वर्ल्ड बैंक और केंद्रीय समाज कल्याण विभाग की टीम इंदौर के भिक्षावृत्ति निर्मूलन मॉडल का अध्ययन कर रही है. इसके अलावा टीम उन भिक्षुकों के पास भी पहुंच रही है जो पहले भिक्षावृत्ति करते थे लेकिन अब स्वावलंबन के साथ स्वरोजगार से जुड़े हुए हैं. समाज कल्याण विभाग और वर्ल्ड बैंक अन्य शहरों के लिए भी कर रहा इस मॉडल को प्रमोट वहीं उनके बच्चे अन्य बच्चों के साथ स्कूल जा रहे हैं बल्कि उनके भविष्य सुधार की उम्मीदें भी शिक्षकों को नजर आ रही है. दरअसल देश के विभिन्न शहरों में यह समस्या है. जिसके फलस्वरूप अब इंदौर के इस मॉडल को समाज कल्याण विभाग और वर्ल्ड बैंक अन्य शहरों के लिए भी प्रमोट कर रहा है. उम्मीद की जा रही है कि इंदौर के इस मॉडल को जल्द ही भारत सरकार के स्तर पर अन्य शहरों में भी अपने के लिए दिशा निर्देश दिए जा सकते हैं जिससे कि देश के अन्य शहरों में भी लोगों को भिखारियों के कारण होने वाली समस्याओं से मुक्ति मिल सके सड़कों पर भीख मांगने को ही अपनी किस्मत मान चुके भिखारी को अन्य लोगों की तरह सामान्य जीवन जीने का अवसर मिल सके. केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय मंत्रालय ने 2024 में शुरू की भिक्षावृत्ति निर्मूलन की SMILE योजना दरअसल देश के अन्य शहरों की तरह साल भर पहले तक इंदौर में भी हर सड़क और चौराहे पर भिखारी भीख मांगते नजर आते थे. जिसकी वजह से सड़कों पर दुर्घटना और अन्य परेशानियां देखने को मिलती थी. इस बीच भारत सरकार ने देश के 9 शहरों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत भिक्षावृत्ति निर्मूलन के लिए चुना था. जिसके तहत सबसे पहले प्रयास इंदौर में शुरू हुए. इसी दरमियान 2024 में इंदौर जिला प्रशासन ने सामाजिक संस्था 'प्रवेश' तथा सामाजिक न्याय विभाग और महिला एवं बाल विकास की टीम के साथ ऐसी योजना तैयार की जिसमें भिखारियों का विस्थापन किया जा सके. साथ ही उनके बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थाई व्यवस्था हो सके. इसके लिए इंदौर शहर में भिक्षुकों के लिए रेस्क्यू अभियान की शुरुआत हुई. जिसके तहत इंदौर के चौराहों और सड़कों पर भीख मांगने वाले लोगों को पकड़ कर विस्थापन केंद्र भेजा जाने लगा जहां उन्हें आवास के साथ भोजन आदि की सुविधाएं उपलब्ध थी. इस दौरान अन्य राज्यों से भीख मांगने आने वाले भिखारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई. 'प्रवेश' की प्रमुख रूपाली जैन बताती हैं "इस अभियान में करीब 8000 भिखारियों का रेस्क्यू किया गया. उन्हें समाज सुधार केन्द्रों में भेजा गया. भिखारियों के बच्चों का आंगनबाड़ी और स्कूलों में कराया गया एडमिशन इन भिखारियों के साथ उनके करीब 1200 बच्चे थे जो शिक्षा के मौलिक अधिकार से भी दूर थे. लिहाजा सभी बच्चों का आंगनबाड़ियों और स्कूलों में न केवल एडमिशन कराया गया बल्कि उन्हें शिक्षा सामग्री, स्कूल ड्रेस और आधार कार्ड समेत अन्य संसाधन उपलब्ध कराए गए. इसी प्रकार सीएसआर फंड से बुजुर्ग भिखारियों का विभिन्न अस्पतालों में लाखों रुपये खर्चे से इलाज शुरू किया गया. जिन 228 भिखारियों को मानसिक बीमारी और नशे की लत थी उन्हें मानसिक रोग चिकित्सालय एवं उज्जैन के सेवा धाम आश्रम में नशा मुक्ति के लिए भेजा गया. इन भिखारियों में दो माफिया भिखारियों को जेल भेजा गया जबकि अन्य दो अपने राज्यों में लौट गए. इसी प्रकार अन्य राज्यों से माइग्रेट होकर आने वाले करीब 2000 से ज्यादा भिखारियों को सख्ती की वजह से अपने मूल स्थान पर लौटना पड़ा. इंदौर में भिखारियों की सूचना देने वालों को प्रोत्साहन राशि देने का किया गया प्रावधान लगातार चल इस अभियान के परिणामस्वरूप फिलहाल स्थिति यह है कि इंदौर में अब किसी भी सड़क और चौराहे पर भिखारी नजर नहीं आते. इसके अलावा इंदौर जिला प्रशासन ने एक ऐसा नंबर भी जारी किया जिस पर व्हाट्सएप या अन्य माध्यम से सूचना देने पर तत्काल रेस्क्यू दल भिक्षुक को पकड़ कर उन्हें विस्थापन केंद्र भेजा जाने लगा. इसके लिए 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया गया. संबंधित नंबर पर जिन लोगों ने भिक्षकों की सूचना दी उन लोगों का न केवल इंदौर जिला प्रशासन ने सम्मान किया बल्कि उन्हें प्रोत्साहन राशि भी दी गई. इसके अलावा इंदौर में भिक्षावृत्ति को नागरिक संहिता 2023 की धारा 16312 के तहत नागरिक सुरक्षा अधिनियम में प्रतिबंधित किया गया. इसके बाद शहर में भीख मांगना न केवल अपराध घोषित किया गया बल्कि भीख देने वाले को भी धारा 144 के तहत गिरफ्तार करने का प्रावधान किया गया. इस प्रावधान के तहत कई लोगों के खिलाफ न केवल पुलिस प्रकरण दर्ज हुए बल्कि भिखारियों को भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा. जिसके सकारात्मक परिणाम अब उजागर हो रहे हैं. फिलहाल इंदौर अब देश का पहला भिक्षुक मुक्त शहर है जो अपने आप में एक मिसाल है. recent visitors 28

इंदौर की 56 दुकान चौपाटी पर लगाए पाकिस्तान के विरोध में पोस्टर

इंदौर  कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के प्रति लोगों का आक्रोश और बढ़ता जा रहा है। इंदौर शहर में राजवाड़ा सहित तीन मुख्य मार्गों पर लोगों ने पाकिस्तान का झंडा बनाया और इसके साथ लिखा- आतंकवादी पाकिस्तान मुर्दाबाद। सड़क पर बना पाकिस्तान का झंडा लोग रौंदते हुए निकल रहे हैं। पिग्स एंड पाकिस्तानी नाट अलाउड… इसके पहले इंदौर की 56 दुकान चौपाटी पर पाकिस्तान के विरोध में यहां के व्यापारियों ने एक पोस्टर लगाया था। यह पोस्टर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ, जिसमें लिखा था- 'पिग्स एंड पाकिस्तानी सिटीजंस नाट अलाउड एट 56 दुकान।' पोस्टर में पाकिस्तानी सेना के जनरल की वर्दी पहना एक पिग भी बना था। हमले में इंदौर के सुशील नथानियल की हुई थी मौत पहलगाम में हुए हमले में इंदौर के सुशील नथानियल की मौत हो गई थी। वे अपने परिवार के साथ कश्मीर घूमने गए थे। आतंकियों ने उन्हें पकड़कर कलमा पढ़ने को कहा, जब उन्होंने कहा कि मैं क्रिश्चियन हूं, तो सीने में गोली मार दी। घटना के दौरान उनकी पत्नी और बेटी वहीं मौजूद थी। आतंकियों द्वारा की गई फायरिंग में उनकी बेटी के पैर में गोली लगी। recent visitors 47