Wednesday, July 1, 2026 7:32 pm

इजराइल-हमास जंग में अब तक 45000 मौतें, फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताई सच्चाई

गाजा गाजा में चल रहे इजराइल और हमास जंग को लेकर फिलिस्तीन के स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा दावा किया है. फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि गाजा में इजराइल और हमास के बीच जंग में अब तक 45000 से अधिक नागरिकों की मौत हो चुकी है. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में बमबारी वाले क्षेत्र के अस्पतालों में 50 से अधिक मृतकों को लाया गया. एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से 45,028 लोग मारे गए हैं और 106,962 अन्य घायल हुए हैं. इसके अलावा चेतावनी दी है कि वास्तविक मौत का आंकड़ा और भी ज्यादा हो सकता है क्योंकि हजारों की संख्या में शव उन मलबे के नीचे दबे हुए हैं जहां पर डॉक्टरों की टीम नहीं पहुंच पाई है. अमेरिका लगातार इजरायल को जंग के दौरान मदद मुहैया करा रहा है। इसके खिलाफ आवाज उठाते हुए 5 फिलिस्तीनियों ने उस पर मानवाधिकार के हनन में शामिल होने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। मंगलवार को घोषित किए गए इस मुकदमे में अमेरिका पर केंद्रीय कानून को लागू करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया गया है, जो न्यायेतर हत्याओं और यातना जैसे घोर उल्लंघनों में शामिल विदेशी सेनाओं को पैसा देने पर रोक लगाता है। मुकदमे में क्या लिखा है? मुकदमे में लिखा है, ''7 अक्टूबर, 2023 को गाजा जंग शुरू होने के बाद से इज़रायली मानवाधिकारों के उल्लंघन में तेजी आने के मद्देनजर लीही कानून को लागू करने में अमेरिका की तरफ से जानबूझकर की गई नाकामी चौंकाने वाली है।'' मुकदमे में कहा गया है कि अक्टूबर 2023 की शुरुआत से गाजा में इज़रायल की बमबारी और जमीनी कार्रवाइयों में 45,000 से ज्यादा फ़िलिस्तीनी मारे गए हैं। साथ ही संयुक्त राष्ट्र और दुनिया के प्रमुख अधिकार समूहों ने इज़रायली फौज पर नरसंहार समेत युद्ध अपराध करने का भी आरोप लगाया है। वादी शिक्षिका ने बयां किया दुख इस मामले में अमल गाजा नाम से जानी जाने वाली एक गाजा शिक्षिका वादी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जंग शुरू होने के बाद से उसे सात बार जबरन विस्थापित किया गया है और उसके परिवार के 20 सदस्य इजरायली हमलों में मारे गए हैं। मुकदमे के साथ दिए गए एक बयान में उसने कहा, ''अगर अमेरिका मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन करने वाली इजरायली इकाइयों को सैन्य सहायता देना बंद कर दे, तो मेरी पीड़ा और मेरे परिवार को होने वाला अकल्पनीय नुकसान काफी हद तक कम हो जाएगा।'' 45 हजार से ज्यादा लोगों की मौत पिछले 14 महीने से जंग में 45 हजार से अधिक फिलिस्तीनी इजरायली सैन्य कार्रवाई में मारे जा चुके हैं। वहीं, घायलों की तादाद भी एक लाख के ऊपर है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़े के मुताबिक इजरायली हमले में अब तक 45 हजार 25 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जबकि एक लाख 9 हजार 62 घायल हुए हैं। मारे गए और घायलों में सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं और बच्चों की है। स्वास्थ्य मंत्रालय का ये भी कहना है कि गाजा की 23 लाख की आबादी में से करीब 2 फीसदी आबादी को इजरायल मार चुका है, जबकि 4 फीसदी आबादी घायल है। मृतकों में महिलाएं और बच्चे ज्यादा मौत को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जो आंकड़े दिए गए हैं उसमें महिलाओं और पुरुषों की संख्या नहीं बताई गई है, लेकिन इतना जरूर कहा गया है कि मरने वालों में आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे हैं. दूसरी ओर से इजराइली सेना का कहना है कि उसने बिना कोई सबूत दिए 17,000 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया है. यह युद्ध इजराइल और हमास के बीच लड़ाई का अब तक का सबसे बुरे दौर में है, जिसमें मरने वालों की संख्या गाजा की लगभग 2.3 मिलियन की युद्ध-पूर्व आबादी का लगभग 2 फीसदी है. इजराइल मौत के लिए हमास को ठहराता रहा है जिम्मेदार इजराइल का दावा है कि नागरिकों की मौत के लिए हमास जिम्मेदार है क्योंकि यह घनी आबादी वाले गाजा पट्टी में नागरिक क्षेत्रों के भीतर से काम करता है. अधिकार समूहों और फिलिस्तीनियों का कहना है कि इजराइल नागरिकों की मौतों से बचने के लिए पर्याप्त सावधानी बरतने में विफल रहा है. 7 अक्टूबर, 2023 को शुरू हुई थी जंग युद्ध तब शुरू हुआ जब हमास के नेतृत्व वाले आतंकवादियों ने 7 अक्टूबर, 2023 को दक्षिणी इजराइल में हमला किया, जिसमें लगभग 1200 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे, और अन्य 250 का अपहरण कर लिया. इजराइल ने भारी बमबारी और फिलिस्तीनी क्षेत्र में जमीनी घुसपैठ का जवाब दिया. लगभग 100 बंधक अभी भी गाजा के अंदर हैं, कम से कम एक तिहाई को मृत माना जा रहा है. बाकियों में से अधिकांश को पिछले साल युद्धविराम के दौरान रिहा कर दिया गया था.   recent visitors 57

Gaza पर IDF का सबसे बड़ा हमला, 100 लड़ाके हुए मौत का शिकार

 गाजा मिडिल-ईस्ट में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं. ईरान और इजरायल के बीच कभी भी जंग हो सकती है. इसके बावजूद इजरायल गाजा में लगातार हमले कर रहा है. ताजा घटनाक्रम में इजरायल डिफेंस फोर्सेस ने गाजा के रफाह में हमास के 100 से अधिक लड़ाकों को मार गिराने का दावा किया है. आईडीएफ ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें दो हथियारबंद आतंकी पर हवाई हमला करते हुए देखा जा सकता है. आईडीएफ के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि गिवती ब्रिगेड के सैनिकों ने 162वें डिवीजन की कमान के तहत रफाह के शबूरा क्षेत्र में खोजी अभियान चलाया. इस दौरान एक सशस्त्र आतंकवादी सेल का पता चला. इस पर हमला करके इजरायली सेना ने कई आतंकियों को मार गिराया. कई हथियार और आतंकी बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया गया. सैनिकों ने छिपने के ठिकानों का भी पता लगाया और नष्ट कर दिया. इजरायली हमलों को देखते हुए गाजा से फिर से लोगो का पलायन जारी है. संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में दक्षिण पश्चिम गाजा में 75 हजार से ज़्यादा लोग विस्थापित हुए हैं. पिछले हफ्ते ही इजरायली सेना ने इन इलाकों को खाली करने का आदेश दिया था. पिछले साल 7 अक्टूबर के बाद से गाजा में इजरायली हमले लगातार जारी हैं. यहां अब तक करीब 40 हज़ार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. इस बीच अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान या उसके प्रतिनिधि इस हफ्ते इजरायल पर सीधा हमला बोल सकते हैं. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि ईरानी हमले को रोकने के लिए अमेरिका तैयारी कर रहा है. इसके लिए मिडिल-ईस्ट में एक गाइडेड मिसाइल पनडुब्बी भेजी गई है. अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन को भी भेज रहा हैं. यूएसएस अब्राहम लिंकन लड़ाकू विमान एफ-35 से लैस है. दरअसल हमास और हिजबुल्लाह के कुछ बड़े नेताओं के मारे जाने के बाद इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है. ईरान ने अपने यहां मारे गए हमास नेता इस्माइल हनिया का बदला लेने का एलान किया है. कहा जा रहा है कि ईरान और लेबनान के हिज़बुल्लाह इजरायल के सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकते हैं. ऐसे इजरायल का जवाबी कार्रवाई तय है. ऐस में इस जंग की चपेट में पूरा मिडिल ईस्ट आ जाएगा.     recent visitors 60

इजरायल में फलस्तीनी कैदियों का हो रहा यौन शोषण, US ने की वीडियो की जांच की मांग

तेल अवीव  इजरायल के हिरासत केंद्र में फिलिस्तीनी पुरुष कैदियों के यौन उत्पीड़न का विडियो सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। यौन उत्पीड़न का आरोप इजरायली सैनिकों पर लगा है। एन12 न्यूज पर प्रसारित विडियो में एसडीई तेइमान हिरासत केंद्र में कथित तौर पर इजरायली रक्षा बल (IDF) के सैनिकों को एक फिलिस्तीनी कैदी के खिलाफ यौन हिंसा का जघन्य अपराध करते हुए दिखाया गया है। इसके बाद कैदी को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ये विडियो दहला देने वाला है। फुटेज सामने आने के बाद दुनिया भर में इसकी निंदा हो रही है। बताया गया है कि केंद्र फिलिस्तीनी कैदियों को रोजाना प्रताड़ित किया जाता था। बलात्कार, बिजली के झटके और मारपीट हिरासत केंद्र से रिहा हुए इब्राहिम सलेम ने मिडिल ईस्ट आई से बात करते हुए अपने साथ हुए खौफनाक अनुभवों को साझा किया है। उन्होंने बताया कि हिरासत केंद्र में कैदियों के साथ बलात्कार, बिजली का झटका और बार-बार मारपीट की जाती थी। 36 वर्षीय सलेम ने बताया कि अधिकांश कैदी यौन उत्पीड़न के साथ बाहर आते हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार बलात्कार के चलते उन्हें घाव हो जाते हैं। अधिकांश कैदी यह स्वीकार करने से बचते हैं कि उनके साथ यौन उत्पीड़न हुआ था। वे एक दूसरे को बताते हैं कि यह बवासीर है। महिला सैनिक भी करती थीं रेप सलेम ने बताया कि कभी-कभी महिला सैनिक भी यौन उत्पीड़न करती थीं। वह उत्तरी गाजा के कमाल अदवान अस्पताल में आईसीयू में थे, जब दिसम्बर 2023 में इजरायली सेना ने वहां छापा मारा था। वह अस्पताल में अपने बच्चों के साथ थे, जो इजरायली हमले में घायल हो गए थे। इस हमले में उनके भाई-बहन अपने कई बच्चों के साथ मारे गए थे। सलेम ने बताया कि जब सेना आई तो मुझसे पूछा कि वह यहां कर रहे हो। इस पर उन्होंने सैनिकों को अपने बच्चों की रिपोर्ट दी और अरबी में बताया कि 'मेरे बच्चे आईसीयू में हैं। वे हिल नहीं सकते।' हर बात पर मिलती थी सजा इसके बाद इजरायली सैनिक सलेम को लेकर चले गए। उन्होंने बताया कि इजरायली सैनिकों ने उन्हें और कई अन्य लोगों को बिना कपड़ों के एक बड़े गड्ढे में रखा था। वहां, सैनिक फिलिस्तीनियों को पीटते थे और अपमानित करते थे। इस दौरान कैदियों के हाथ और पैर बंधे होते थे। सलेम ने कहा कि सैनिक अपमानित करने के लिए उन्हें गंदी-गंदी गालियां देते थे। कैदियों को अपने और परिवार के बारे में गंदी बातें कहने के लिए मजबूर किया जाता था। एसडीई तेइमान में बिताए 52 दिनों को सलेम अपनी जिंदगी का सबसे बुरा दिन मानते हैं। वहां हमेशा कैदियों को सजा दी जाती है। कैदी कुछ भी करें, सजा मिलनी ही होती है। पूछताछ के दौरान सबसे भयावह यातना दी जाती थी। अमेरिका ने की निंदा फिलिस्तीनी कैदियों के यौन उत्पीड़न का विडियो सामने आने के बाद इसकी पूरी दुनिया में निंदा हो रही है। इस घटना ने इजरायली हिरासत केंद्रों के अंदर मानवाधिकारों के उल्लंघन के बारे में गंभीर सवाल उठाए हैं। अमेरिका ने कैदियों के साथ यौन उत्पीड़न पर प्रतिक्रिया दी है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, किसी के साथ बलात्कार पर कोई सफाई नहीं हो सकती और बंदियों के यौन उत्पीड़न पर जीरो टॉलरेंस होनी चाहिए। मिलर ने कानून का राज स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। recent visitors 84

गाजा में स्कूल पर इजरायली हमले में 15 फिलिस्तीनियों की दर्दनाक मौत

गाजा  गाजा शहर में एक स्कूल पर इजरायली हवाई हमले में कम से कम 15 फिलिस्तीनी मारे गए हैं. दर्जनों अन्य घायल हो गए. फिलिस्तीनी सुरक्षा और चिकित्सा सूत्रों के हवाले से ये जानकारी दी गई है. फिलिस्तीनी सुरक्षा सूत्रों ने शनिवार को सिन्हुआ समाचार एजेंसी को बताया कि इजरायली जेट ने गाजा शहर के उत्तर में शेख रादवान में एक स्कूल पर मिसाइल से हमला किया. यहां विस्थापित लोग रह रहे थे. फिलिस्तीनी चिकित्सा सूत्रों के मुताबिक, बमबारी में 15 लोग मारे गए और दर्जनों अन्य घायल हो गए, और पीड़ितों की संख्या बढ़ने की संभावना है. सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया कि इजरायल रक्षा बलों ने शनिवार को एक बयान में कहा कि उसने हमास के कमांड और नियंत्रण परिसर को निशाना बनाया है, जिसका इस्तेमाल हथियार बनाने के लिए किया जा रहा था और जिसे पहले गाजा शहर में एक स्कूल के रूप में इस्तेमाल किया जाता था. बयान में कहा गया है कि परिसर का इस्तेमाल हमास आतंकवादियों के लिए छिपने की जगह के रूप में किया जा रहा था. इस परिसर के अंदर इजरायल के खिलाफ आतंकवादी हमले की योजना बनाई गई थी. इसमें कहा गया है कि बुनियादी ढांचे के भीतर से काम करके, नागरिक आबादी और संस्थानों का अपने आतंकवादी गतिविधियों के लिए मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल कर हमास अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करता है. इसके अलावा, हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य अधिकारियों ने शनिवार को एक प्रेस बयान में कहा कि 7 अक्टूबर, 2023 से गाजा पट्टी पर चल रहे इजरायली हमलों में फिलिस्तीनी मृतकों की संख्या बढ़कर 39,550 हो गई है, जबकि 91,280 अन्य घायल हुए हैं. बनाई जा रही थी इजरायल के खिलाफ हमले की योजना सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने बताया कि इजरायल रक्षा बलों ने शनिवार को एक बयान में कहा कि उसने हमास के कमांड और नियंत्रण परिसर को निशाना बनाया है, जिसका इस्तेमाल हथियार बनाने के लिए किया जा रहा था और जिसे पहले गाजा शहर में एक स्कूल के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। बयान में कहा गया है कि परिसर का इस्तेमाल हमास आतंकवादियों के लिए छिपने की जगह के रूप में किया जा रहा था, और इस परिसर के अंदर इजरायल के खिलाफ आतंकवादी हमले की योजना बनाई गई थी। इसमें कहा गया है कि बुनियादी ढांचे के भीतर से काम करके, नागरिक आबादी और संस्थानों का अपने आतंकवादी गतिविधियों के लिए मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल कर हमास अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करता है। इसके अलावा, हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य अधिकारियों ने शनिवार को एक प्रेस बयान में कहा कि 7 अक्टूबर, 2023 से गाजा पट्टी पर चल रहे इजरायली हमलों में फिलिस्तीनी मृतकों की संख्या बढ़कर 39550 हो गई है, जबकि 91280 अन्य घायल हुए हैं। recent visitors 94