Thursday, July 9, 2026 8:41 pm

कमलनाथ ने दी सफाई, मध्य प्रदेश में राज्य में कांग्रेस एकजुट है और किसी तरह का विवाद भी नहीं है

भोपाल मध्य प्रदेश में कांग्रेस में अंदर खाने चल रही खींचतान की चर्चाओं के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने सफाई दी है। साथ में कहा है कि राज्य में कांग्रेस एकजुट है और किसी तरह का विवाद भी नहीं है। बीते दिनों प्रदेश कांग्रेस कमेटी की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक हुई थी और उसके बाद इस बात की चर्चा जोरों पर थी कि कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कुछ मसलों पर अपनी नाराजगी जताई है। नाराजगी की चर्चाओं के बीच कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस की मजबूती के लिए और प्रदेश की व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए हम सब कांग्रेस जन एक हैं। विवाद का कोई प्रश्न ही नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि पिछले दिनों हुई प्रदेश की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक को लेकर मीडिया में नाराजगी के जो कयास लगाए जा रहे हैं, वह निराधार हैं। ज्ञात हो कि राज्य में विधानसभा चुनाव के बाद प्रदेश अध्यक्ष की कमान जब से जीतू पटवारी को सौंपी गई है, उसके बाद से वरिष्ठ नेताओं और नई पीढ़ी के नेताओं के बीच दूरी होने के आरोप लगते रहे हैं। कार्यकारिणी के गठन से लेकर अन्य नियुक्तियों में वरिष्ठ नेताओं की सहमति न लिए जाने की चर्चाएं भी जोरों पर रही। इसी बीच बीते दिनों और राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक हुई और इस बैठक के दौरान कुछ मसलों पर विचार विमर्श हुआ। बैठक के बाद कुछ ऐसी बातें सामने आई जिसमें कहा गया कि वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी अपने वरिष्ठ नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह की राय को अहमियत नहीं देते हैं। कहा तो यहां तक गया कि कमलनाथ को कार्यक्रमों की जानकारी अखबारों के जरिए मिलती है, जिस पर दिग्विजय सिंह ने भी सहमति जताई, हां यह बात अलग है कि इन नेताओं के बयान खुले तौर पर सामने नहीं आए। यह सारी बातें बैठक में कहे जाने का जिक्र जरूर किया गया और यही कारण है कि अब कमलनाथ को सफाई देना पड़ी है।   recent visitors 72

आज छिंदवाड़ा में कवि सम्मेलन, कुमार विश्वास देंगे प्रस्तुति, नाथ के 78वें जन्मदिन पर होर्डिंग बैनर से पटा शहर, उमंग सिंघार सहित पूर्व मंत्रियों का लगेगा जमघट

 छिंदवाड़ा वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ 28 साल बाद अपने जन्मदिन पर 18 नवंबर को छिंदवाड़ा में सभी कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं के साथ होंगे। उनके जन्मदिन की तैयारियां कांग्रेसजनों ने शुरू कर दी हैं। इस बार वे हम सभी के साथ अपना जन्मदिन केक काटेंगे। यह जानकारी शुक्रवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे ने राजीव भवन में पत्रकारों को दी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष ओक्टे ने बताया कि पिछली बार कमलनाथ जब 50 वर्ष की उम्र में थे, तब उन्होंने कांग्रेसजनों के साथ अपना जन्म दिन मनाया था। लम्बे अरसे के बाद वे अपने कार्यकर्ताओं के साथ होंगे, इससे उनका उत्साह दोगुना हो गया है। इस दिन 18 नवंबर को कमलनाथ और नकुलनाथ सुबह सबसे पहले सिमरिया हनुमान मंदिर दर्शन करने जाएंगे। फिर राजीव भवन में आयोजित जन्मदिन कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे। ऐसे में छिंदवाड़ा में प्रदेश भर के दिग्गज नेता जुट रहे हैं। जिले के अधिकांश होटल और लॉज के कमरे बुक हैं। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे, पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया, पूर्व मंत्री बाला बच्चन सहित प्रदेश के दर्जनों बड़े नेता जन्म दिन समारोह में शामिल होंगे। 18 नवंबर को जन्मदिन पर कमलनाथ व नकुलनाथ सुबह सिमरिया हनुमान मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगे। विज्ञापन राजीव भवन में धर्मसभा का आयोजन जिला कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में धर्मसभा का आयोजन होगा। इस दौरान कार्यकर्ता केक काटकर जन्मदिन मनाएंगे। कार्यकर्ता शहर के प्रमुख मंदिरों में पूजा अर्चना व मजार पर चादर चढ़ाएंगे। जिला अस्पताल में मरीजों को फल वितरण और वृद्धाश्रम में वृद्धों को भोज कराएंगे। शाम 6.30 बजे से कवि सम्मेलन जबकि शाम 6.30 बजे से दशहरा मैदान (पोलोग्राउंड) में कवि सम्मेलन होगा। जाने माने कवि डॉ. कुमार विश्वास, हास्य कवि पद्मश्री डॉ. सुनील जोगी, रमेश मुस्कान, वीर रस की कवयित्री कविता तिवारी, लाफ्टर चैलेंज के दिनेश बावरा व शृंगार रस की कवयित्री प्रीति पांडे काव्य पाठ प्रस्तुत करेंगे। निनाद ललित कला समिति के सचिव आनंद बक्षी ने बताया कि 18 नवंबर शाम 6.30 बजे स्थानीय दशहरा मैदान पोलाग्राउंड में कमलनाथ के जन्मोत्सव पर कमलनाथ-नकुलनाथ की गरिमामयी उपस्थिति में विशाल कवि सम्मेलन आयोजित किया गया है। पास या आमंत्रण की आवश्यकता नहीं उल्लेखनीय है कि, कार्यक्रम स्थल में परिवर्तन कर अब यह कार्यक्रम दशहरा मैदान पोला ग्राउंड में होगा। आनंद बक्षी ने बताया कि आयोजन में प्रवेश हेतु पास अथवा आमंत्रण की आवश्यकता नहीं है। यह पूर्णतः निशुल्क कार्यक्रम है। महिलाओं के बैठने के लिए व्यवस्था की गई है। ऐसे मनाएंगे कमलनाथ का जन्मदिन कांग्रेसजन उनकी दीर्घायु की कामना के लिए अनगढ़ हनुमान मंदिर और भैय्याजी की दरगाह जाएंगे। निनाद ललित कला समिति के पदाधिकारी व कांग्रेस समन्वयक आनंद बक्षी ने बताया कि कमलनाथ के जन्मदिन पर शाम 6.30 बजे पोला ग्राउण्ड में देश के सुप्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास अपनी ओजस्वी वाणी से रचनाएं पाठ करेंगे। उनके साथ पद्मश्री डॉ. सुनील जोगी, रमेश मुस्कान, दिनेश बावरा, कविता तिवारी और प्रीति पाण्डेय भी अपनी रचनाएं पेश करेंगी। प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष गंगा तिवारी ने कहा कि कमलनाथ के जन्मदिन की तैयारियों में कार्यकर्ता जुटे हुए हैं। यह भव्य कार्यक्रम होगा। शहर कांग्रेस अध्यक्ष पप्पू यादव और प्रवक्ता नितिन उपाध्याय ने भी जानकारी दी। recent visitors 185

कमलनाथ ने बताया नोटबंदी भारतीय अर्थव्यवस्था का काला दिन

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आठ साल पहले आज ही के दिन नौ नवंबर 2016 को लागू की गई नोटबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि नोटबंदी ने देश की अर्थव्‍यवस्था की कमर तोड़ दी थी। इतिहास में इसका उल्‍लेख भारतीय अर्थव्यवस्था के काले दिन के रूप में हमेशा होता रहेगा। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को कहा, आज ही के दिन आठ नवंबर 2016 को नरेंद्र मोदी सरकार ने नोटबंदी लागू कर देश की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी थी। नोटबंदी के आठ वर्ष बाद भी आज तक देश उसकी मार से उबर नहीं पाया है। जिन उद्देश्यों को लेकर नोटबंदी की गई थी, उसका भी कहीं अता पता नहीं है। कमलनाथ ने नोटबंदी के चलते बैंको तक वापस आई रकम का हवाला देते हुए कहा, एक आंकड़े के मुताबिक नोटबंदी के बाद लगभग 99 प्रतिशत पैसा वापस बैंकों में आ गया, जो साबित करता है कि नोटबंदी से कालेधन पर वार करने का सरकार का दावा झूठा निकला। नोटबंदी से आतंकवाद की कमर तोड़ने की भी बात कही गई थी, लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। देश में आतंकी घटनाएं नोटबंदी के बाद भी लगातार जारी हैं। उन्होंने कहा, नोटबंदी से सिर्फ गरीबों की जेब और देश की अर्थव्यवस्था पर डाका डाला गया। गरीबों की छोटी-छोटी बचत नोटबंदी से खत्म हो गई। सैकड़ों लोग कतार में मर गए, कई शादियां टूट गईंं, लेकिन इस सरकार के पास नोटबंदी की सफलता के नाम पर सिर्फ झूठे दावे और आंकडे़ ही हैं। 1000 रुपये के नोट बंद कर 2000 रुपये के नोट चलन में लाना और फिर ये कहना कि बडे़ नोट भ्रष्टाचार रोकने के लिए बंद किए गए, सरकार का हास्यास्पद तर्क नजर आया। 2000 रुपये का नोट क्यों लाया गया था, और क्यों वापस लिया गया, आज तक इसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ज्ञात हो कि काले धन पर रोक, आतंकवाद पर अंकुश, भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के मकसद से नौ नवंबर 2016 को नोटबंदी अमल में लाई गई थी। recent visitors 66

महिला सुरक्षा को गंभीर खतरा को लेकर कमलनाथ ने चिंता जताते हुए राज्य सरकार पर बोला हमला

भोपाल मध्य प्रदेश में महिलाओं और बच्च्यिों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार की घटनाओं को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने चिंता जताते हुए राज्य सरकार पर हमला बोला है। उनका आरोप है कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर खतरा खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य में पिछले दिनों हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य दिन-प्रतिदिन महिलाओं और बच्चियों के लिए असुरक्षित प्रदेश बनता जा रहा है। पिछले दो महीने में जिस तरह से बच्चियों और महिलाओं के साथ बलात्कार एवं सामूहिक दुष्कर्म के मामले सामने आए हैं, उससे महिला सुरक्षा को लेकर अत्यंत गंभीर खतरा खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं से बलात्कार के मामले में मध्य प्रदेश देश में तीसरे नंबर पर है। इस अवधि में मध्य प्रदेश में बलात्कार के 3,029 मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा 3,049 महिलाएं छेड़खानी का शिकार हुई और 1445 महिलाएं शारीरिक शोषण का शिकार हुई। प्रदेश में पास्को से जुड़े अपराधों में 5,951 मामले दर्ज किए गए इनमें से बलात्कार के 3,641 मामले हैं। महिलाओं और नाबालिग से हुए बलात्कारों को देखें तो प्रदेश में हर दिन 18 बलात्कार हो रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि महिला अधिकारों के प्रति भारतीय जनता पार्टी की सरकार कितनी असंवेदनशील है, इसे इसी बात से समझा जा सकता है कि पिछले चार वर्ष से राज्य महिला आयोग में अध्यक्ष का पद खाली पड़ा है। महिला आयोग में शिकायतों का अंबार लगता जा रहा है लेकिन सुनवाई करने के लिए वहां कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भाजपा सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा किसी भी राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। लेकिन मध्य प्रदेश में ऐसा लगता है कि पहले शिवराज सिंह चौहान की सरकार में और अब डॉ मोहन यादव की सरकार में बेटियां लगातार असुरक्षित बनी हुई हैं। महिला सुरक्षा के मामले जब सरकार के सामने लाए जाते हैं तो उस पर कार्रवाई करने की बजाय भाजपा के नेता कुतर्क करने पर ज्यादा ध्यान देते हैं। बीते कुछ समय में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि महिलाओं पर अत्याचार की घटनाओं से प्रदेश का सिर शर्म से झुक जाता हैं। राज्य के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव स्वयं गृह मंत्री हैं, उन्हें इन मामले में सख्त कदम उठाना चाहिए और कानून व्यवस्था का ऐसा माहौल प्रदेश में तैयार किया जाए कि अपराधी इस तरह का कदम उठाने से भयभीत हों।   recent visitors 63

आगामी विधानसभा चुनाव में कमलनाथ को दी जा सकती है बड़ी जिम्मेदारी, राहुल गांधी ने की कमल नाथ से मुलाकात

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ की मंगलवार को नई दिल्ली उनके आवास पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से लंबी चर्चा हुई। विधानसभा चुनाव के बाद से कमल नाथ के पास संगठन का कोई दायित्व नहीं है। संभावना जताई जा रही है कि उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में सहयोगी दलों के साथ समन्वय बनाने का दायित्व दिया जा सकता है। राहुल गांधी, कमल नाथ से मिले प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों का कहना है कि राहुल गांधी, कमल नाथ से मिलने उनके आवास पर पहुंचे थे। दोपहर भोज पर दोनों के बीच आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के अलावा प्रदेश में संगठन की सक्रियता बढ़ाने सहित अन्य विषयों पर लंबी चर्चा हुई। विधानसभा चुनाव के बाद कमल नाथ को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाकर जीतू पटवारी को अध्यक्ष बनाया था। लोकसभा चुनाव में भी कमल नाथ छिंदवाड़ा तक ही सीमित रहे। हालांकि, उनकी पहल पर ही यहां के ब्लाक कांग्रेस और विधानसभा अध्यक्षों को बदला गया है। उमंग सिंघार को बनाया विदर्भ का वरिष्ठ समन्वयक उधर, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने महाराष्ट्र चुनाव के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के वरिष्ठ समन्वयक नियुक्त किए हैं। इसमें मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को विदर्भ (अमरावती और नागपुर) क्षेत्र का समन्वयक बनाया है। इसके पहले प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता कुणाल चौधरी को राष्ट्रीय सचिव बनाकर महाराष्ट्र का प्रभारी बनाया है। प्रदेश कांग्रेस सेवादल ने नौ जिला अध्यक्ष बदले मध्य प्रदेश में कांग्रेस के 11 ब्लाक अध्यक्ष बदलने के बाद अब सेवादल ने नौ जिला अध्यक्षों को बदल दिया है। इसके साथ ही छह प्रदेश सचिव और इतने ही सह सचिव बनाए गए हैं। प्रदेश कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष योगेश यादव ने बताया कि संगठन द्वारा दिए जाने वाले कार्यक्रमों में जो पदाधिकारी सक्रिय भागीदारी नहीं कर रहे हैं, उनके स्थान पर नए नियुक्तियां की गई हैं। इनमें सीधी जिला अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह, उज्जैन शहर कुलदीप जाट, दतिया मोहनसिंह कुशवाहा, दमोह संजय चौरसिया, आगर देवकरण पाटीदार, धार जितेन्द्र जोशी, सतना शहर आनंद सेन, सतना ग्रामीण बरमेन्द्र सिंह परिहार और मैहर जिला अध्यक्ष अरुण तनय मिश्रा को बनाया है। रकीब खान को इंदौर, ओमप्रकाश सिकरवार ग्वालियर, ब्रजकिशोर उपाध्याय मुरैना, अजय नागेश्वर नर्मदापुरम, दिनेश कलोसिया इंदौर और चन्द्रशेखर राज बबलू सागर को प्रदेश सचिव बनाया गया है। अनिल कुमार शर्मा उज्जैन, बीके नामदेव दतिया, मनीष गोमे उज्जैन, इमरान अंसारी अनूपपुर, रामनिवास शर्मा दतिया और वीरेन्द्र ठाकुर दमोह को सह सचिव का दायित्व दिया गया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष भी बदले जाएंगे सूत्रों का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस की कार्यकारिणी घोषित होने के बाद कुछ जिला कांग्रेस अध्यक्ष भी बदल जाएंगे। नए और ऐसे चेहरों को आगे लाया जाएगा, जो सभी नेताओं से सामंजस्य बनाकर संगठन की गतिविधियों का विस्तार कर सकें। recent visitors 69

मध्य प्रदेश की स्कूली इमारतों की मजबूती की जांच हो : कमलनाथ

भोपाल मध्य प्रदेश में बीते दिनों हुए हादसों में बच्चों की मौत पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने चिंता जताई। उन्होंने राज्य सरकार से सरकारी और निजी स्कूलों की इमारतों की मजबूती की जांच कराने की मांग की है। ज्ञात हो कि बीते दिनों रीवा जिले के गढ़ में स्कूल की दीवार गिरने से चार बच्चों की मौत हो गई थी। वहीं सागर जिले में एक दीवार गिरने से शिवलिंग बना रहे नौ बच्चों की मौत हो गई थी। इसके बाद राज्य में स्कूलों समेत अन्य इमारतों की स्थिति का पता लगाने के लिए सर्वे किया जा रहा है। इसमें कई स्थानों पर इमारतों के जर्जर होने की बात सामने आई है। मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में लगातार इस तरह की दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें भवन या दीवार गिरने से मासूम बच्चों की मौत हुई है। रीवा और सागर में बच्चों की मौत की दुखद घटनाओं ने सबका दिल दहला दिया है। अब यह रिपोर्ट भी सामने आ रही हैं कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर सरकारी और निजी स्कूल कमजोर और पुरानी इमारतों में चल रहे हैं। भोपाल में ही 42 स्कूलों के जीर्ण-शीर्ण भवनों में चलने की रिपोर्ट सामने आई है। कमजोर इमारतों में बच्चों को पढ़ाना, भीषण जोखिम को आमंत्रित करने के बराबर है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा प्रतीत होता है कि स्कूल भवनों पर किसी तरह का ध्यान न देकर सरकार बच्चों की सुरक्षा से गंभीर खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि वे पूरे प्रदेश में सभी तरह के सरकारी और निजी स्कूलों की इमारतों की मजबूती की जांच कराएं और तत्काल उनकी मरम्मत शुरू की जाए। जब तक किसी स्कूल की मरम्मत का कार्य चलता है तब तक बच्चों को किसी दूसरे स्कूल में पढ़ने के लिए भेजा जाए, ताकि उनकी सुरक्षा को कोई खतरा न हो। राज्य में बीते कुछ दिनों से बारिश का दौर जारी है। कमजोर और जर्जर मकान गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं। इस बात से सरकार वाकिफ है। यही कारण है कि जिले स्तर पर कमजोर मकानों को चिन्हित किया जा रहा है और उन्हें खाली कराया जा रहा है। कई स्थानों पर तो बुलडोजर भी चलाया जा रहा है।     recent visitors 108