चीतों की निगरानी के लिए वन विभाग की टीम लगातार काम कर रही, वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर लोगों को चीतों से दूर रहने के लिए कहा

ग्वालियर  कूनो नेशनल पार्क के जंगल की सीमा से निकलकर श्योपुर की विजयपुर तहसील के भैरोपुरा गांव में मादा चीता ज्वाला व चार शावकों का ग्रामीणों से आमना-सामना हो गया। यहां एक बछड़े पर मादा चीता ज्वाला ने हमला कर दिया, तो शावकों ने भी घेराबंदी शुरू कर दी। बछ़ड़े पर हमला होते देख उसके मालिक व ग्रामीणों ने चीतों पर पत्थर मारना शुरू कर दिया। लाठी से भी भगाने का प्रयास किया। पास खड़ी कूनो की टीम ने ग्रामीणों को समझाया कि बछड़े का मुआवजा मिल जाता है, चीतों पर हमला न किया जाए। इस पर बछड़े के मालिक ने कहा कि हमारे सामने हमारे मवेशियों को मरता हुआ नहीं देख सकते हैं, ऐसा होगा तो हम तो हमला करेंगे। पार्क की सीमा से बाहर आ गए थे बता दें कि एक महीने पहले खुले जंगल में छोड़ी गई मादा चीता ज्वाला और उसके 4 शावक शनिवार शाम को पहली बार पार्क की सीमा से बाहर आ गए थे। ये चीते रविवार को दोपहर बाद फिर कूनो के जंगल की ओर लौट गए थे। सामने बछड़ा आ गया था रविवार रात को ये चीते वीरपुर तहसील के ग्राम भैरोपुरा के पास देखे गए। वे निर्माणाधीन श्योपुर-ग्वालियर ब्राडगेज रेल ट्रैक से करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर थे। सोमवार सुबह मादा चीता ज्वाला के सामने बछड़ा आ गया, तो उसने शिकार की नीयत से हमला कर दिया। लेकिन ग्रामीणों के पत्थर मारने से चीते पीछे हट गए। लाठी डंडे लेकर चिल्लाते हुए ग्रामीणों को देख चीते डर गए। मादा चीता काफी देर तक बछड़े का गला पकड़े रही, लेकिन फिर छोड़ दिया। 15 लोगों का दल कर रहा ज्वाला व शावकों की निगरानी मादा चीता ज्वाला व शावकों की निगरानी में 15 लोगों का दल निगरानी कर रहा है, जब सोमवार सुबह यह घटना हुई तो एक दल पीछे रह गया था और एक वहीं चीतों के आसपास ही मौजूद था। ग्रामीणों से दल ने बात की और समझाने का प्रयास किया कि आगे से ऐसा न करें। recent visitors 139

कूनो नेशनल पार्क में बाड़े से खुले जंगल में छोड़ी गई मादा चीता और उसके 4 शावक बीती शाम को पार्क की सीमा से बाहर निकल गए

श्योपुर  कूनो नेशनल पार्क में एक माह पहले बाड़े से निकालकर खुले जंगल में छोड़ी गई मादा चीता और उसके 4 शावक बीती शनिवार की शाम को पार्क की सीमा से बाहर निकल गए. हालांकि रविवार शाम को फिर से पांचों ने कूनो के जंगल की ओर रुख कर लिया. लेकिन ज्वाला और चारों शावक बीती रात श्यामपुर के पास देखे गए. वहीं, सुबह वीरपुर के नजदीक कूनो नदी में नजर आए. इस दौरान रात और सुबह के वक्त चहलकदमी करते नजर आई चीता फैमली के वीडियो बनाकर लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल भी किए. बीती आधी रात को मादा चीता ज्वाला और उसके ये शावक वीरपुर तहसील के ग्राम श्यामपुर से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर निर्माणधीन श्योपुर-ग्वालियर ब्रॉडगेज ट्रैक से गुजरते नजर आए. इस दौरान यहां से निकल रहे ट्रक चालकों ने इनके वीडियो भी बनाए. वहीं, सुबह ये पांचों चीते निकलकर कूनो सायफन के निकट से निकलते हुए कूनो नदी में दिखे. कूनो नदी में ज्वाला और चारों शावक निर्माणधीन रेलवे पुल के नीचे काफी देर तक बैठे रहे. यही वजह है कि कूनो सायफन से गुजरने वाले राहगीरों की चीतों को देखने के लिए भीड़ भी लग गई. बताया गया है कि इसके बाद ये पांचों कूनो पार्क के जंगल की ओर बढ़ गए. कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ आर थिरुकुराल ने आजतक को फोन कॉल पर बताया कि हम चीतों की लोकेशन शेयर नहीं कर सकते हैं. चीते जहां भी हैं, हमारी ट्रैकिंग टीमें उन पर निगरानी बनाए हुए हैं. सभी चीता पूरी तरह फिट हैं और स्वछंद विचरण कर रहे हैं. बता दें कि मादा चीता ज्वाला और उसके 4 शावकों को गत 21 फरवरी को खुले जंगल में खजूरी क्षेत्र में छोड़ा गया था. हालांकि, बीते एक माह से ये कूनो पार्क की सीमा में ही थे, लेकिन अब ये पहली बार पार्क की सीमा से बाहर निकले हैं. वहीं, चीतों के बाहर निकलने पर क्षेत्र के चीता मित्र रवि रावत श्यामपुर और उनकी टीम ने आसपास के लोगों केा जागरूक किया और कहा कि चीतों की सुरक्षा हम सबकी जिमेदारी है. चीता लोगों पर हमला नहीं करता है, लिहाजा इसे भगाएं नहीं और सुरक्षा करें. पता हो कि कूनो नेशनल पार्क में कुल 17 चीते खुले जंगल में आजाद घूम रहे हैं. इनमें 11 शावक शामिल हैं. जबकि पार्क के बाड़े में अभी 9 चीते बंद हैं. recent visitors 86

कुनो नेशनल पार्क में गूंजी किलकारी, चीता वीरा ने दो शावकों को दिया जन्म, सीएम यादव ने शेयर की खुशी, दी बधाई

श्योपुर मध्यप्रदेश का कूनो नेशनल पार्क आज फिर नन्हे चीता शावकों की किलकारियों से गूंज उठा। मादा चीता वीरा ने मंगलवार को दो शावकों को जन्म दिया है। इस खुशी को लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, मादा चीता वीरा ने दो नन्हे शावकों को जन्म दिया है। मध्यप्रदेश की धरती पर फिर से चीता शावकों का स्वागत है। सीएम मोहन ने अपने एक्स हैंडल से शावकों की तस्वीरें शेयर की हैं। सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने एक्स हैंडल पर लिखा, मुझे यह जानकारी साझा करते हुए अत्यंत आनंद की अनुभूति हो रही है कि मध्यप्रदेश की धरती पर चीतों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। आज मादा चीता वीरा ने दो नन्हे शावकों को जन्म दिया है। मध्यप्रदेश की धरती पर चीता शावकों का स्वागत है और प्रदेशवासियों को इन नन्हे शावकों के आगमन पर हार्दिक बधाई प्रेषित करता हूं।     नन्हें चीतों की किलकारी से फिर गूंजा कूनो.. मध्यप्रदेश की 'जंगल बुक' में 2 चीता शावकों की दस्तक…     मुझे यह जानकारी साझा करते हुए अत्यंत आनंद की अनुभूति हो रही है कि मध्यप्रदेश की धरती पर चीतों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। आज मादा चीता वीरा ने 2 नन्हें शावकों को जन्म… pic.twitter.com/fCs01pIOtP — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 4, 2025 सीएम मोहन ने लिखा है कि प्रोजेक्ट से संबंधित सभी अधिकारियों, चिकित्सकों और फील्ड स्टॉफ को ढेर सारी बधाई। प्रदेश में चीतों का कुनबा निरंतर बढ़ने से प्रदेश के पर्यटन को नई उड़ान मिल रही है, जिससे रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। हम चीतों के साथ ही समस्त वन जीवन के संरक्षण, संवर्धन और पुनर्स्थापना के लिए सदैव तत्पर हैं। दोनों शावक स्वस्थ कूनो प्रबंधन ने बताया कि वीरा द्वारा जन्मे गए दोनों शावक पूरी तरह स्वस्थ्य हैं। इन चीता शावकों के जन्म के बाद कूनो पार्क में कुल 14 शावक हो गए हैं। वहीं 12 वयस्कों समेत अब चीतों की संख्या 24 से बढ़कर 26 हो गई है। वहीं नेशनल पार्क में डाक्टरों की टीम नन्हे शावकों पर नजर बनाए हुए है। इनमें से दो चीता अग्नी और वायु खुले जंगल में घूम रहे हैं। अब इतनी कूनो पार्क में चीतों की संख्या कूनो नेशनल पार्क में दो नए शावकों को आने के बाद अब चीतों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो गई है। फिलहाल, कूनो पार्क में चीतों की कुल संख्या 26 हो गई है, जिनमें 12 वयस्क चीता और 14 शावक हैं। चीतों की संख्या बढ़ने से पार्क प्रबंधन ने भी राहत की सांस ली है।   चीतों की वापसी का ऐतिहासिक अभियान बता दें कि सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'प्रोजेक्ट चीता' की शुरुआत की गई थी। इसके तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से 20 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में लाया गया था।भारत में करीब 70 साल पहले चीतों की प्रजाति विलुप्त हो गई थी। लेकिन इस पुनर्वास परियोजना से उनकी संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। कूनो में चीतों का प्राकृतिक वातावरण तैयार किया गया है, ताकि वे सुरक्षित और सहज रूप से जीवन व्यतीत कर सकें। इस परियोजना के तहत अब तक कई चीता शावकों का जन्म हो चुका है, जो इस संरक्षण प्रयास की सफलता को दर्शाता है। सीएम बोले चीतों का कुनबा बढ़ने से प्रदेश के पर्यटन को मिल रही नई उड़ान प्रदेश में चीतों का कुनबा निरंतर बढ़ने से प्रदेश के पर्यटन को नई उड़ान मिल रही है जिससे रोजगार के नये द्वार खुल रहे हैं। हम चीतों के साथ ही समस्त वन्यजीवों के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्स्थापन हेतु सदैव तत्पर हैं। कूनो में अब 26 चीते बता दें कि इन चीता शावकों के जन्म के बाद जंगल बुक कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) में अब कुल 14 शावक हो गए हैं। वहीं 12 वयस्कों समेत अब एमपी में चीतों की संख्या 24 से बढ़कर 26 हो गई है। कूनो में चीता प्रजनन प्रक्रिया एक नजर में     27 मार्च, 2023 को मादा चीता ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया।     कूनो में जन्मी मादा लगभग डेढ़ वर्ष का मुखी नामकरण किया गया।     तीन जनवरी 2024 को चीता आशा ने तीन शावकों को जन्म दिया, ये सभी नर हैं।     22 जनवरी 2024 को एक और मादा ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया।     10 मार्च 2024 को मादा चीता गामिनी ने छह शावकों को जन्म दिया।     recent visitors 67

फिर नन्हें चीतों की किलकारी से गूंजा कूनो, दो शावकों के जन्म पर सीएम मोहन यादव ने दी बधाई

Kuno National Park: कूनो राष्ट्रीय उद्यान में दो शावकों के जन्म पर सीएम मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में चीतों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. इस परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों, चिकित्सकों और फील्ड स्टाफ को बधाई. चीतों के कुनबे के बढ़ने से प्रदेश के पर्यटन को नई उड़ान मिल रही है. सीएम मोहन यादव ने कहा, ”मुझे यह जानकारी साझा करते हुए अत्यंत आनंद की अनुभूति हो रही है कि मध्यप्रदेश की धरती पर चीतों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. आज मादा चीता वीरा ने 2 नन्हें शावकों को जन्म दिया है, मध्यप्रदेश की धरती पर चीता शावकों का स्वागत है एवं प्रदेशवासियों को इन नन्हें शावकों के आगमन पर हार्दिक बधाई प्रेषित करता हूं. प्रोजेक्ट से संबंधित सभी अधिकारियों, चिकित्सकों एवं फील्ड स्टाफ को बधाई, जिनके अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप आज मध्यप्रदेश को ‘चीतों की धरती’ के नाम से भी जाना जाता है”. सीएम मोहन यादव ने कहा, ”प्रदेश में चीतों का कुनबा निरंतर बढ़ने से प्रदेश के पर्यटन को नई उड़ान मिल रही है जिससे रोजगार के नये द्वार खुल रहे हैं. हम चीतों के साथ ही समस्त वन्यजीवों के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्स्थापन हेतु सदैव तत्पर हैं”. recent visitors 180

कूनो नेशनल पार्क के अंदर घुसे बंदूकधारी शिकारी, चली गोलियां, चीतों को खतरा?

श्योपुर ! कूनो नेशनल पार्क के मोरावन क्षेत्र में फायरिंग और कुछ शिकारियों के घुसने की खबर सामने आई है. पार्क प्रबंधन के मुताबिक मोरावन क्षेत्र में मंगलवार को गश्ती दल ने फायरिंग की आवाज सुनी थी. इसके बाद तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया तो तीन बंदूकधारी नजर आए. हालांकि, पार्क प्रबंधन ने शुक्रवार को घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तीन बंदूकधारी शिकारी छिपकर भाग निकलने में कामयाब रहे. वहीं डीएफओ ने चीतों के सुरक्षित होने की बात कही है. इस पूरी घटना को लेकर जब श्योपुर DFO आर थिरुकुरल से बात की गई तो उन्होंने MYSECRETNEWS.COM को बताया, ” दो-तीन दिन पहले एक पॉइंट मिला था कि कुछ शिकारी पार्क के कुछ इलाकों से घुसने का प्रयास कर सकते हैं. इसके आधार पर लगातार कॉम्बिंग टीमों द्वारा गश्त की जा रही थी. इसी दौरान मंगलवार को अचानक वन क्षेत्र में गोली चलने की आवाज सुनाई दी, तो गश्ती दल तुरंत मौके पर पहुंचे लेकिन शिकारियों को इस बात का आभास हो गया और वे मौके से फरार हो गए.” DFO के मुताबिक कूनो नेशनल पार्क के कुछ संवेदनशील पॉइंट हैं, जहां से 2-3 शिकारियों के घुसने की आशंका है. हालांकि, गश्ती दल के सक्रिय होने से संभवत: शिकारी किसी घटना को अंजाम नहीं दे सके. एहतियातन कूनो नेशनल पार्क के प्रबंधन ने पार्क के अंदर गश्त बढ़ा दी है और अन्य संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है. पार्क में लगे कैमरों की मदद से भी शिकारियों का पता लगाया जा रहा है. गौरतलब है कि कूनो नेशनल पार्क अपने विदेशी चीतों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहता है. यहां चीतों को फिर से बसाने के लिए सरकार का एक बड़ा प्रोजेक्ट जारी है. इस प्रोजेक्ट के चलते श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से कई चीते लाए गए थे. इन्हीं में से दो चीते खुले जंगल में घूम रहे हैं. ऐसे में बंदूकधारी शिकारियों का यहां घुसना कई तरह के सवाल पैदा कर रहा है. हालांकि, यह पहली घटना नहीं है जब कूनो नेशनल पार्क में शिकारियों की घुसपैठ की कोशिश हुई हो. पिछले साल 12 जून को भी ऐसे ही तीन शिकारियों को पार्क में गश्ती दल ने पकड़ा था. ऐसी घटनाएं कूनो नेशनल पार्क और खासतौर पर यहां लाए गए विदेशी चीतों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर रही हैं. recent visitors 179