अपोलो अस्पताल ने जारी किया हेल्थ बुलेटिन, लाल कृष्ण आडवाणी को ICU में किया गया शिफ्ट

नई दिल्ली भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी की नीव रखने वाले लाल कृष्ण आडवाणी को देर रात दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी तबीयत बीते कुछ हफ्तों से नाजुक बनी हुई है। आज अपोलो अस्पताल की तरफ से उनके स्वास्थ्य की ताजा जानकारी दी गई है। एएनआई के मुताबिक, आडवाणी को आईसीयू में भर्ती कराया गया है। डॉ. विनीत सूरी की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। अपोलो अस्पताल के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। इससे पहले इसी साल 4 जुलाई को भी आडवाणी को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उससे कुछ दिन पहले उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) उपचार के लिए ले जाया गया था। उन्हें एम्स में उपचार के बाद अगले दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी थी। इसके बाद 6 अगस्त को भी उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। हालांकि उनकी बेटी प्रतिभा आडवाणी ने बताया था कि उन्हें रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल ले गए थे। आपको बता दें कि आडवाणी का जन्म कराची (अब पाकिस्तान में) में 1927 में हुआ था। वह 2002 से 2004 तक अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में उपप्रधानमंत्री थे। आडवाणी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवक के रूप में की थी। 2015 में आडवाणी को भारत के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित किया गया था। 2024 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। recent visitors 84

Lal Krishna Advani की तबीयत बिगड़ी, दिल्ली के अपोलो अस्पताल में हुए भर्ती

 नई दिल्ली देश के पूर्व गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को रूटीन चेकअप के लिए दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वह फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनका स्वास्थ्य स्थिर बताया जा रहा है. गत दो सप्ताह से उनकी तबीयत नासाज चल रही है. आडवाणी को इस साल अगस्त महीने में भी अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. तब वह न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विनीत सूरी के ऑब्जर्वेशन में रहे थे और सेहत में सुधार होने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था. उसके एक महीने पहले, 26 जून की रात 10:30 बजे उन्हें दिल्ली एम्स के यूरोलॉजी डिपार्टमेंट में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था. उनका इलाज डॉ. अमलेश सेठ की निगरानी में किया गया था और वह अगले दिन डिस्चार्ज हो गए थे. उन्हें 30 मार्च, 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. बता दें कि लाल कृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर, 1927 को कराची (जो वर्तमान पाकिस्तान में है) में हुआ था. उन्होंने गत 8 नवंबर को अपना 98वां जन्मदिन मनाया था. पीएम मोदी ने उनके लिए अपने शुभकामना संदेश में लिखा था, 'श्री लालकृष्ण आडवाणी जी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं. यह वर्ष और भी विशेष है, क्योंकि हमारे राष्ट्र के प्रति उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया है. वह भारत के सबसे प्रशंसित राजनेताओं में से एक हैं, जिन्होंने भारत के विकास के लिए खुद को समर्पित कर दिया. उनकी बुद्धि और समृद्ध अंतर्दृष्टि के लिए उनका हमेशा सम्मान किया गया है. मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे कई वर्षों तक उनका मार्गदर्शन मिला. मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की प्रार्थना करता हूं.' लालकृष्ण आडवाणी 1942 में एक स्वयंसेवक के रूप में आरएसएस से जुड़े. वह 1986 से 1990 तक, फिर 1993 से 1998 तक और 2004 से 2005 तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे. आडवाणी भाजपा की स्थापना (6 अप्रैल, 1980) के बाद से सबसे लंबे समय तक पार्टी के अध्यक्ष के रूप में काम करने वाले नेता रहे हैं. उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में 1999 से 2005 तक भारत के गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया. साल 2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का चेहरा घोषित किया था, लेकिन पार्टी को जीत नहीं मिली.   recent visitors 52