लोकायुक्त का छापा, सहायक प्रबंधक के घर से मिले 5 करोड़ 60 लाख की संपत्ति के कागजात

 इंदौर. आर्थिक राजधानी इंदौर में लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है. लोकायुक्त की टीम ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में ये कार्रवाई की है. टीम ने आदिम जाति मर्यादित सहकारी संस्था पीथमपुर में पदस्थ सहायक प्रबंधक कनीराम मंडलोई के घर छापा मारा है. टीम को मंडलोई और उसके भाई के खिलाफ शिकायत मिली थी. टीम ने इंदौर के साथ-साथ आरोपियों के इंदौर, धार और मानपुर में एक साथ पांच ठिकानों पर रेड मारी है. धार में खुद मंडलोई का बंगला है. इंदौर में उसका भाई हेमराज अलंकार पैलेस में रहता है. जबकि उसके भांजे का मानपुर में फार्म हाउस है. जानकारी के मुताबिक, रेड के दौरान टीम को कई प्रॉपर्टी की रजिस्ट्रियां मिली हैं. लोकायुक्त को सर्चिंग के दौरान अभी तक 5 करोड़ 60 लाख रुपये की संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं. जानकारी के मुताबिक, लोकायुक्त को मंडलोई भाइयों के खिलाफ भ्रष्टाचार की लगातार शिकायतें मिल रही थीं. इसके बाद लोकायुक्त एसपी ने इस मामले की जांच के लिए टीम गठित की. टीम ने जांच की तो पता चला कि आरोपियों ने वास्तव में अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की है. इसके बाद लोकायु्क्त एसपी ने अलग-अलग पांच टीमें गठित कीं. इन टीमों ने एक साथ इंदौर-मानपुर-धार में रेड मारी. लोकायुक्त टीम ने की ये जांच लोकायुक्त इंदौर के डीएसपी आरडी मिश्रा ने बताया कि हमारी टीम को जब पता चला कि मंडलोई भाइयों ने अवैध रूप से संपत्ति अर्जित की है तो हमने छापा मारा. हमने पृथम दृष्ट्या जांच में पाया कि तीनों भाइयों की आय मिलाकर 3 करोड़ 2 लाख 80 हजार है, लेकिन इन्होंने चल-अचल संपत्ति पर जो व्यय किया है, वो करीब 5 करोड़ 60 लाख रुपये है. इस प्रकार की इनकी आय से अधिक संपत्ति 84 फीसदी ज्यादा है. कनीराम मंडलोई सहायक प्रबंधक है. इसका एक भाई टीचर है और एक भाई किसानी करता है. सभी के दस्तावेजों की सर्चिंग जारी है. recent visitors 55

छापेमारी आय से अधिक संपत्ति मामले में लोकायुक्त की छापेमारी

बेंगलुरु कर्नाटक में लोकायुक्त ने गुरुवार को चार सरकारी अधिकारियों के ठिकानों पर रेड डाली। यह छापेमारी आय से अधिक संपत्ति मामले में हुई है। अधिकारियों के खिलाफ मिली शिकायत के बाद लोकायुक्त ने यह कदम उठाया है। लोकायुक्त सूत्रों के मुताबिक, बेंगलुरु, मांड्या और चिक्कबल्लापुर समेत 25 स्थानों पर यह छापेमारी हुई है। अधिकारियों ने खान और भूविज्ञान विभाग के वरिष्ठ भूविज्ञानी कृष्णावेनी एम सी, कावेरी नीरावरी निगम के सतही जल डेटा केंद्र के प्रबंध निदेशक महेश, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के निदेशक एनके थिप्पेस्वामी और संयुक्त उत्पाद आयुक्त कार्यालय में उत्पाद अधीक्षक मोहन के. के ठिकानों पर रेड डाली। लोकायुक्त अधिकारी छापेमारी के दौरान प्राप्त हुए अहम दस्तावेज सहित अन्य संपत्तियों की गहनता से जांच कर रहे हैं। पिछले 10 दिनों में यह दूसरी छापेमारी है। पिछली छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए थे। 12 नवंबर को लोकायुक्त अधिकारी ने 9 सरकारी अधिकारियों के यहां छापेमारी की थी, जहां कई दस्तावेज भी बरामद हुए थे। उस वक्त छापेमारी के दौरान 22.5 करोड़ रुपये आय से अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ था। लोकायुक्त अधिकारियों ने बेलगावी, हावेरी, दावणगेरे, कालाबुरागी, मैसूरु, रामनगर और धारवाड़ सहित 40 स्थानों पर रेड डाली थी। इससे पहले जुलाई में भी 56 ठिकानों पर लोकायुक्त द्वारा छापेमारी की गई थी। वो मामला भी आय से अधिक संपत्ति का था।   recent visitors 77

नगर निगम के रिटायर्ड अधिकारियों पर लोकायुक्त का शिकंजा, सोने-चांदी और संपत्ति के दस्तावेज मिले; फॉरेन इन्वेस्टमेंट को लेकर जांच

भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नगर निगम के रिटायर्ड अधीक्षण यंत्री प्रदीप जैन के घर और ऑफिस में मध्य प्रदेश शासन की विशेष स्थापना लोकायुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई कर दी। बताया जा रहा है कि, यहां से बड़ी संख्या में नगद नोट, सोने चांदी के आभूषण और प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट मिले हैं। इनमें कुछ दस्तावेज जैसे हैं, जो बताते हैं कि विदेश में भी इन्वेस्टमेंट किया गया है। यह मकान प्रदीप जैन के बेटे यश जैन के नाम से रजिस्टर्ड है। नगर निगम का दागी अधिकारी भोपाल स्मार्ट सिटी में सुप्रिटेंडेंट इंजीनियर लोकायुक्त को पीके जैन के खिलाफ वित्तीय गड़बड़ियों की शिकायत मिली थी। इसके बाद शुक्रवार सुबह टीम एयरपोर्ट रोड स्थित पाॅश लार्ड्स कॉलोनी में स्थित उनके घर और गोविंदपुरा स्थित स्मार्ट सिटी ऑफिस में बने दफ्तर पहुंची। दोनों ही जगह से दस्तावेज जब्त किए हैं। पीके जैन रिटायरमेंट के बाद से ही भोपाल स्मार्ट सिटी में बतौर सुप्रिटेंडेंट इंजीनियर (प्रोजेक्ट) संविदा कार्यरत हैं। वहां उन्हें वित्तीय पावर भी मिले हुए हैं। जैन स्मार्ट सिटी में भी अधीक्षण यंत्री के पद पर ही काम कर रहे हैं। फाॅरेन इन्वेस्टमेंट्स की जांच की जा रही है लोकायुक्त के सूत्रों ने बताया कि प्रदीप जैन द्वारा विदेश में निवेश की सूचनाएं भी मिली हैं। कार्रवाई में मिले दस्तावेजों में जैन के फाॅरेन इन्वेस्टमेंट्स की जांच भी की जा रही है। पब्लिक इसके बारे में ज्यादा नहीं जानती परंतु लोगों को यह बताएं कि विदेशों से अवैध वित्तीय व्यवहार को मनी लॉन्ड्रिंग कहते हैं। भारत में यह गंभीर अपराध है। हालांकि लोकायुक्त ने स्पष्ट नहीं किया है कि उसे जो शिकायत मिली है उसमें मनी लॉन्ड्रिंग अथवा विदेश में अवैध तरीके से इन्वेस्टमेंट की डिटेल है या नहीं। recent visitors 92