गत श्रावण मास में 1 करोड़ से अधिक संत-महंत-श्रध्दालुओं ने त्रिनेत्रधारी अवंतिकानाथ भगवान महाकाल के दर्शन किए

उज्जैन उज्जयिनी एक महान धार्मिक सांस्कृतिक, साहित्यिक, पौराणिक एवं ऐतिहासिक सिध्द नगरी है। पृथ्वी के नाभिस्थल पर स्थित होने से कुण्डलिनी शक्ति-जागरण के सुविज्ञ योगियों एवं आध्यात्मविदों के लिए यह सफलदायी महत्ती सिध्द भूमि है। यहां पर प्रत्येक 12वें वर्ष में सिंह राशि में गुरू के स्थित होने पर कुम्भ महापर्व का आयोजन सुदीर्घकाल से होता आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव प्रदेश के साथ-साथ उज्जैन के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं और निरंतर विकास के कार्य कर रहे हैं। उज्जयिनी नगरी का विश्व प्रसिध्द बारह ज्योर्तिलिंगों में से एक दक्षिणमुखी भगवान महाकालेश्वर का मंदिर उज्जैन की जीवन शैली का केन्द्र बिन्दू है। अवंतिकानाथ भगवान महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल महालोक बनने के बाद से देश-विदेश से श्रध्दालुओं का अधिकाधिक संख्या में आगमन हो रहा है और निरंतर श्रध्दालुओं की संख्या में वृध्दि हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव की मंशानुरूप भगवान महाकालेश्वर की श्रावण-भादौ मास की सवारियों व राजसी सवारी ने सम्पूर्ण भारतवर्ष का ध्यान आकर्षित किया। भगवान महाकालेश्वर का राजसी वैभव व ठाट-बाट देखने देश-विदेश से 1 करोड़ से अधिक श्रध्दालु सिर्फ श्रावण के एक माह में पधारें। मुख्यमंत्री डॉ.यादव के निर्देशानुसार इस वर्ष सवारी में आकर्षण का केन्द्र देश की विभिन्न जनजातिय दलों के कलाकारों द्वारा लोक नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियां, पुलिस बैंड द्वारा मधुर धुन की सवारी मार्ग में प्रस्तुति, डमरूवादन का विश्व रिकॉर्ड व राजसी सवारी में भगवान महाकालेश्वर की पालकी रामघाट पहुंचने पर हेलीकाप्टर से पुष्पवर्षा रही। श्रावण मास 22 जुलाई 2024 से 19 अगस्त 2024 में 1 करोड़ से अधिक श्रध्दालुओं ने उज्जैन आकर भगवान महाकाल के देव दर्शन कर महाकाल महालोक को निहारा व सवारियों में सम्मिलित हुए। उज्जयिनी में दिन-प्रतिदिन श्रध्दालुओं की संख्या में वृध्दि होने से उज्जैन, मालवा क्षेत्र का प्रमुख पर्यटन, आर्थिक, सामाजिक केन्द्र बनकर उभरा है। व्यापार के क्षेत्र में बढ़ोतरी होने से नागरिकों को बहुआयामी रोजगार प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुरूप सम्राट विक्रमादित्य के समय का गौरव अवंतिका नगरी पुन: प्राप्त करें इसके लिए सम्पूर्ण भारतवर्ष के साधु-संत-महंत, विद्वानों, चिन्तकों, विचारकों, साहित्यकारों, अनुसंधानकर्ताओं का केन्द्र उज्जैन विभिन्न आयोजनों, सेमीनार, संगोष्ठी, महोत्सवों से सम्पूर्ण वर्ष रहा। क्षिप्रा नदी के पावन तट रामघाट पर चैत्र नवरात्रि गुडी पड़वा के अवसर पर "शिवज्योति अर्पणम" भव्य कार्यक्रम आयोजित कर दीप दान किया गया। विक्रमोत्सव व अखिल भारतीय कालिदास महोत्सव के अंतर्गत विविध सांस्कृतिक, साहित्यिक, धार्मिक व विज्ञान के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में देश-विदेश की महान विभूतियां पधारी और उज्जैन निरंतर वर्ष भर साहित्यकारों, विचारकों, चिंतकों और वैज्ञानिकों का केन्द्र बना रहा।  recent visitors 188

साल 2024 में अबतक मप्र के अन्य पर्यटन स्थलों में 10 करोड़ 66 लाख पर्यटक पहुंचे

उज्जैन मप्र के प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक और पौराणिक महत्व की दुनियाभर में पहचान है। इसीलिए पर्यटक बड़ी संख्या में मध्यप्रदेश पहुंच रहे हैं। जनवरी से नवंबर तक रिकॉर्ड 6.57 करोड़ पर्यटक उज्जैन आए। मप्र के अन्य पर्यटन स्थलों में 10 करोड़ 66 लाख पर्यटक पहुंचे। सबसे खास बात यह है कि देसी पर्यटकों के टॉप-5 डेस्टिनेशन में उज्जैन, ओंकारेश्वर, इंदौर, भोपाल और मैहर शामिल हैं। इस वर्ष 10 लाख 85 हजार विदेशी पर्यटक भी मप्र पहुंचे। विदेशियों सैलानियों में मध्यप्रदेश के ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थल खास आकर्षण का केंद्र रहे। टॉप-5 डेस्टिनेशन में खजुराहो, बांधवगढ़, कान्हा, पन्ना और ओरछा हैं। ​देसी पर्यटकों की रुचि धार्मिक क्षेत्रों में अधिक है। ओंकारेश्वर में 21 लाख 29 हजार लोगों ने दर्शन किए। इसी तरह 97 लाख लोग मैहर पहुंचे। हालांकि, इस साल प्रदेश में पर्यटकों की संख्या पिछले साल के मुकाबले घटी है। साल 2023 में प्रदेश में 11.21 करोड़ पर्यटक पहुंचे थे। वहीं, साल 2022 में यह आंकड़ा 3.41 करोड़ का था। पिछले दो साल की ही बात करें तो प्रदेश में 21.87 करोड़ पर्यटक पहुंचे। यह दो साल में पर्यटकों की संख्या का रिकॉर्ड है। धार्मिक स्थलों की ओर रुझान ज्यादा, महाकाल लोक बनने के बाद बदली तस्वीर महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। अभी फेज-2 के काम चल रहे हैं। महाकाल मंदिर प्रशासक गणेशकुमार धाकड़ ने बताया कि मंदिर में कम समय में दर्शन होते। भस्मआरती में आरएफ बैंड सिस्टम शुरू किया है। ​इससे अवैध रूप से भस्मआरती में शामिल होने वालों पर अंकुश लगा है। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए दो भक्त निवास बन चुके हैं। तीसरा अभी बन रहा है। महाकाल लोक बनने के बाद सेलीब्रिटी भी बड़ी संख्या में पहुंच रही हैं। उल्लेखनीय है कि उज्जैन पहुँचने वाले पर्यटकों की संख्या पिछले पाँच सालों में दोगुनी हो गई है। कोरोना काल में पर्यटन में तेजी से गिरावट हुई थी, लेकिन वर्ष 2023 में एक बार फिर जबर्दस्त तेजी आई है और 5 करोड़ से भी ज्यादा पर्यटकों के पहुँचने का रिकार्ड उज्जैन ने बनाया है। मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार एक जनवरी 2023 से 31 दिसंबर 2023 तक उज्जैन में 5 करोड़ 28 लाख 41 हजार 802 पर्यटक पहुँचे। इसी के साथ मध्य प्रदेश के टॉप-10 पर्यटन केंद्रों में उज्जैन सबसे आगे रहा हैं। प्रदेश के टॉप 10 शहरों की सूची में पहले नंबर पर उज्जैन और दूसरे नंबर पर मैहर रहा, जबकि भोपाल सबसे आखिरी पायदान पर है। उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालु बड़ी संख्या में बाबा महाकाल के दर्शन और महाकाल लोक के वैभव को देखने पहुँच रहे हैं। यहाँ महाराष्ट्र के शिरडी से तीन गुना, राजस्थान के खाटू श्याम से चार गुना ज्यादा श्रद्धालु महाकालेश्वर के दर्शन करने के लिए आ रहे हैं। मंदिर समिति के मुताबिक ऐसा पहली बार हो रहा है कि गर्मी की शुरुआत के एक माह में 22 अप्रैल से 22 मई में अभी तक करीब 45 लाख से अधिक लोग उज्जैन पहुँच चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा श्रद्धालु दिल्ली, महाराष्ट्र और राजस्थान से आए हैं। recent visitors 134

पीएम मोदी की पत्नी जशोदा बेन महाकाल के दर पर, किये महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन

उज्जैन  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धर्मपत्नी जशोदाबेन इन दिनों निजी कार्यक्रम के तहत धार्मिक नगरी उज्जैन में हैं। शुक्रवार को वे विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन किए और भोग आरती में शामिल हुईं। श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित अर्पित गुरु ने बताया कि जशोदाबेन ने बाबा महाकाल के चांदी द्वार पर माथा टेककर पूजन-अर्चन और जलाभिषेक किया। इसके बाद, उन्होंने नंदी हॉल में जाकर नंदीजी के कानों में अपनी मनोकामनाएं कही और ॐ नमः शिवाय का जाप करते हुए ध्यान लगाया। बाबा महाकाल की अनन्य भक्त जशोदाबेन बाबा महाकाल की अनन्य भक्त मानी जाती हैं और समय-समय पर उज्जैन आकर बाबा महाकाल के दर्शन करती रहती हैं। इससे पहले भी वे कई बार बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने यहां आ चुकी हैं। इस बार उनकी धार्मिक यात्रा में परिवार के कुछ सदस्य भी साथ थे। खजराना गणेश मंदिर में भी दर्शन बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धर्मपत्नी जशोदाबेन बुधवार रात 11:30 बजे इंदौर पहुंचीं। उन्होंने सबसे पहले खजराना गणेश मंदिर में भगवान के दर्शन किए और सुख-शांति की कामना की। गुरुवार सुबह उन्होंने साउथ तुकोगंज स्थित नाथ मंदिर में माधवनाथ महाराज की पूजा-अर्चना की। जशोदाबेन की महाकाल के प्रति विशेष श्रद्धा जशोदाबेन बाबा महाकाल की अनन्य भक्त मानी जाती हैं और समय-समय पर उज्जैन आकर बाबा महाकाल के दर्शन करती रहती हैं। यह उनकी इस मंदिर में की गई यात्रा कोई नई बात नहीं है क्योंकि वे पहले भी कई बार यहां आ चुकी हैं। इस बार उनकी धार्मिक यात्रा में कुछ पारिवारिक सदस्य भी उनके साथ थे। recent visitors 121

भस्म आरती के दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर में अयोध्या की हनुमानगढ़ी से संत मंत्र बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे

उज्जैन  कालों के काल बाबा महाकाल के दरबार में अगहन कृष्ण पक्ष की सप्तमी पर भस्म आरती के दौरान एक ऐसे संत बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे, जिन्हें देखकर हर कोई अचंभित रह गया। संत की कद-काठी काफी कम थी, लेकिन इन्होंने अपने मस्तक पर त्रिपुंड और रुद्राक्ष की माला पहन रखी थी। भस्म आरती के बाद उन्होंने चांदी द्वार पर पहुंचकर भगवान का पूजन-अर्चन किया और फिर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह भस्म आरती के दौरान श्री महाकालेश्वर मंदिर में अयोध्या की हनुमानगढ़ी से संत मंत्र बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे थे। देखने में यह संत एकदम साधारण नजर आ रहे थे, लेकिन उनकी कद-काठी के कारण हर कोई इन्हें देखता रह गया। संत की लंबाई करीब 2 फीट थी, जिन्होंने चांदी द्वार से बाबा महाकाल के दर्शन किए। संत के साथ कुछ अन्य लोग भी थे जो पूजन-अर्चन के दौरान उनका सहयोग करते नजर आ रहे थे। संत करीब 2 घंटे नंदी हॉल में बैठकर साधना में लीन रहे और बाबा महाकाल के निराकार से साकार स्वरूप के दर्शन किए।   महानिर्वाणी अखाड़े पहुंचे हनुमानगढ़ी अयोध्या से आए संत मंत्र बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद महानिर्वाणी अखाड़े के गादीपति महंत विनीत गिरी महाराज से मिलने अखाड़े पर पहुंचे थे। महंत विनीत गिरी ने उनका स्वागत किया।   recent visitors 112

उज्जैन कलेक्टर ने महाकाल लोक में दुकानदारों को चेतावनी दी कहा यदि दुकान शीघ्र शुरू नहीं की गई तो आवंटन निरस्त हो जाएगा

उज्जैन उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में जनवरी महीने से साउंड एंड लाइट शो के माध्यम से श्रद्धालुओं को अद्भुत आनंद की अनुभूति होने वाली है. उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने महाकाल लोक में दुकान लेने वाले दुकानदारों को भी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि यदि दुकान अधिक शीघ्र शुरू नहीं की गई तो आवंटन निरस्त हो जाएगा. कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने  महाकालेश्वर मंदिर के महाकाल लोक और प्रसादम क्षेत्र का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान जो दुकानें नीलामी के पश्चात आवंटित हुई थीं, उनके प्रारंभ होने की स्थिति का अवलोकन किया गया. जिन दुकानदारों ने अभी तक आवंटन के बाद भी दुकानें शुरू नहीं की गई है, उन्हें शीघ्र अतिशीघ्र दुकान प्रारंभ करने के लिए कहा गया अन्यथा आवंटन को निरस्त करने के निर्देश दिए गए. कलेक्टर द्वारा टूरिज्म बोर्ड के माध्यम से महाकाल लोक में प्रारंभ किए जाने वाले लाइट एंड साउंड शो की प्रगति का अवलोकन किया गया. बताया गया कि जनवरी 2025 तक लाइट एंड साउंड शो के शुरू होने की संभावना है. दुकानदारों को 7 दिन की मिली चेतावनी महाकाल लोक में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दुकानें बनाई गई है. इन दुकानों का आवंटन भी हो चुका है, मगर दुकान संचालकों द्वारा दुकान शुरू नहीं की जा रही है. इससे श्रद्धालुओं को काफी दिक्कत हो रही है. उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने 7 दिन में दुकान चालू करने के निर्देश दिए हैं. recent visitors 132

महाकाल की भस्म आरती में श्रद्धालुओं का हाईटेक प्रवेश शुरू, अब नहीं हो पाएगा फर्जीवाड़ा

उज्जैन उज्जैन महाकाल मंदिर में नए नियम लागू किए गए है. भगवान महाकाल के दर्शन करने के लिए अब भक्तों को खास तरह की आईडी की जरूरत होगी. इससे पहले भी RFID के जरिए मंदिर में एंट्री (Mahakal Mandir Entry New Rules) दी जाती थी. लेकिन, शुक्रवार से RFID लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. भस्म आरती में शामिल होने के लिए भक्तों की एंट्री में सख्ती लाई गई है. अगर आपके पास RFID नहीं होगा, तो आपको भस्म आरती में शामिल होने से मना कर दिया जाएगा. अवैध वसूली रोकने की कोशिश महाकाल बाबा की हर दिन सुबह भस्म आरती दर्शन के लिए देश भर से हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं. सीमित और ऑनलाइन अनुमति नहीं होने के कारण काफी समय से कुछ लोग भस्म आरती के नाम पर अवैध वसूली कर रहे थे. कई बार श्रद्धालुओं के साथ भस्म आरती के नाम पर हजार रुपये की ठगी के मामले भी सामने आए हैं. इसी को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने शुक्रवार से RFID बैंड योजना शुरू कर दी. अब महाकाल, महालोक, मानसरोवर भवन से जनरल और अवंतिका द्वार पर श्रद्धालुओं के मोबाइल नंबर बताने पर रिस्ट बैंड पर QR कोड प्रिंट कर तत्काल श्रद्धालुओं को दिया जाएगा. भस्म आरती काउंटर पर होगी चेकिंग इस संबंध में महाकाल मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ ने बताया कि भस्म आरती में श्रद्धालु को एंट्री के समय कलाई पर RFID बैंड बांधा जाएगा. शुक्रवार सुबह भस्म आरती के दौरान कलेक्टर नीरज सिंह ने इसकी शुरुआत की. सुबह सभी भक्तों की कलाई पर RFID बैंड बांधने के बाद ही प्रवेश दिया गया. अब मंदिर में प्रवेश लेने के बाद सभी भस्म आरती काउंटर पर RFID बैंड चेक होगा. बैंड की चेकिंग से फर्जी और अनधिकृत प्रवेश पर रोक लग सकेगी. सभी भक्तों को भस्म आरती के दौरान इसे पहनना अनिवार्य होगा. ऐसे काम करेगा RFID बैंड     रेडियो-फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन (RFID बैंड) पूरी तरह चिप प्रोसेस पर काम करता है. इसमें श्रद्धालु की जानकारी फीड की जाती है.     श्रद्धालु ऑनलाइन या ऑफलाइन टिकट परमिशन लेकर मंदिर में प्रवेश करेगा, तब एक काउंटर पर बार कोड स्कैन कर श्रद्धालु को कलाई पर बांधने के लिए बैंड दिया जाएगा.     बैंड में श्रद्धालु की पूरी डिटेल फीड रहेगी. भस्म आरती में प्रवेश से आरती खत्म होने तक RFID बैंड को बांधकर रखना होगा.     आरती खत्म होने के बाद दर्शनार्थियों को निर्धारित काउंटर पर इस बैंड को जमा भी करना होगा. recent visitors 85

महाकाल :सुरक्षाकर्मी ने भस्म आरती दर्शन के नाम पर की ठगी, केस दर्ज

उज्जैन महाकाल मंदिर में भस्म आरती में प्रवेश दिलाने के नाम पर श्रद्धालुओं के साथ ठगी करने वाले सुरक्षागार्ड के खिलाफ महाकाल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मंदिर के सुरक्षाकर्मी पर बेंगलुरु के श्रद्धालु से 16,500 रुपये लेने के आरोप लगे हैं, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सोमवार तडके भस्म आरती के दौरान मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ ने औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान, मंदिर में सुरक्षा देने वाली क्रिस्टल कंपनी का कर्मचारी लवजीत शंख द्वार से चार श्रद्धालुओं को भस्म आरती में प्रवेश दिलाने के लिए मंदिर परिसर में लाता हुआ दिखाई दिया। चैकिंग के दौरान, श्रद्धालुओं के पास परमिशन नहीं मिली। उन्होंने बताया कि उन्होंने गार्ड को परमिशन के लिए रुपये दिए हैं। इसके बाद कर्मचारी लवजीत को महाकाल चौकी को सौंपकर उसके खिलाफ जांच के लिए लिखा गया। घटना के पांच दिन बाद, आरोपी लवजीत के खिलाफ महाकाल थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। झांसा देकर श्रद्धालुओं से ऐंठे 16,500 रुपये महाकाल पुलिस ने बताया कि 3 नवंबर को बेंगलुरु, कर्नाटक से महाकाल के दर्शन करने के लिए मरप्पा अपने परिवार के साथ उज्जैन आए थे। तड़के 4 बजे होने वाली भस्म आरती में प्रवेश के लिए मंदिर कर्मचारी से संपर्क किया। इस दौरान एक युवक ने उन्हें भस्म आरती की परमिशन दिलाने का झांसा दिया और दर्शन कराने के नाम पर रुपयों की मांग की। श्रद्धालु युवक के झांसे में आ गए और उन्होंने 16,500 रुपये भस्म आरती दर्शन के नाम पर उसे दे दिए।  recent visitors 66