25 प्रतिशत राशि जमा कराने पर शेष राशि माफ, राजस्थान-माइनर मिनरल खानों में एकमुश्त समाधान योजना का लाभ

जयपुर। माइनिंग सेक्टर में आधुनिकतम तकनीक के उपयोग और पारदर्शी व्यवस्था के तहत 1 अप्रेल, 2025 से सभी अप्रधान खनिज लीज धारकों को लीज क्षेत्र और उसके पास के 100 मीटर तक के क्षेत्र का ड्रोन/एरियल सर्वें कराकर क्षेत्र के खनि अभियंता या सहायक खनि अभियंता के कार्यालय में रिपोर्ट प्रस्तुत करना होगा। नई व्यवस्था के तहत ड्रोन/एरियल सर्वें में प्राप्त खनन रिपोर्ट और संबंधित लीजधारक द्वारा पूर्व में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में अंतर आने की स्थिति में राहत देने के लिए राज्य सरकार ने एकमुश्त समाधान योजना लागू की है। माइंस विभाग की एकमुश्त समाधान योजना 31 मार्च, 2026 तक प्रभावी रहेगी। मुख्यमंत्री एवं खान मंत्री श्री भजन लाल शर्मा माइनिंग सेक्टर में लगातार सुधार और गति दे रहे हैं। हाल ही में राज्य की नई खनिज और एम-सेण्ड नीति जारी की है। उससे पहले अप्रधान खनिज लीज धारकों की लीज अवधि बढ़ाने के अधिकार संबंधित खनिज अभियंता व सहायक अभियंता को दे दिए हैं। मुख्यमंत्री व खान मंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने एक ओर बड़ा निर्णय करते हुए एक हैक्टेयर से कम के प्लॉट की नीलामी की बिड राशि दस लाख से घटाकर दो लाख कर दी। इससे आर्थिक दृष्टि से कमजोर और स्थानीय नागरिकों की खनिज क्षेत्र में भागीदारी बढ़ सकेगी। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में अधिकारों का विकेन्द्रीकरण, लीजधारकों को राहत व व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के निर्णय लिए जा रहे हैं। प्रमुख शासन सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम श्री टी. रविकान्त ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने परिवर्तित बजट घोषणा में प्रदेश में अप्रधान खनिजों के उत्पादन एवं निर्गमन में वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट की व्यवस्था करते हुए एकमुश्त समाधान योजना लागू करने की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि परिवर्तित बजट घोषणा की क्रियान्विति में वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट व्यवस्था लागू करने और इससे होने वाले प्रभाव से खनिज लीज व क्वारी लाइसेंसधारकों को एकबारीय राहत प्रदान करते हुए एकमुश्त समाधान योजना लागू कर दी है। टी. रविकान्त ने बताया कि माइनर मिनरल खानों में वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट व्यवस्था लागू करने से खनन पट्टों के सर्वेक्षण एवं सीमांकन से सामने आने वाली विसंगतियों के कारण होने वाली शास्ति से एकबारीय समाधान के लिए राज्य सरकार ने लीजधारकों को राहत देने के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू की है। योजना के अनुसार दस से 25 प्रतिशत राशि ही जमा कराने पर शेष राशि माफ कर दी जाएगी। इसके साथ ही भविष्य के लिए संबंधित लीज का मानक स्तर तय हो जाएगा जिससे विवाद की स्थिति नहीं रहेगी और व्यवस्था पारदर्शी व सरकार और लीजधारक दोनों के लिए लाभदायक हो जाएगी। प्रमुख सचिव टी. रविकान्त ने बताया कि संबंधित खनिज धारक द्वारा वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट ड्रोन या एरियल सर्वे द्वारा प्राप्त डेटा संबंधित खनिज कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा। संबंधित एमई-एएमई द्वारा कार्यालय के दस्तावेजों के अनुसार उसकी जांच कर उत्पादन और निर्गमन का आंकलन किया जाएगा और उसके आधार पर शास्ति देय होगी। इससे खनन क्षेत्र की अवैध खनन गतिविधियों का भी एकबारीक समाधान हो सकेगा। उन्होंने बताया कि मुख्यतः तीन तरह के प्रकरण सामने आते हैं। पहले में खनन पट्टा धारक द्वारा अपने अधिकृत क्षेत्र में खनन और निर्गमन के अनुसार कम रवन्ना जारी करना, दूसरे में अपने खनन क्षेत्र के साथ ही अन्य क्षेत्र में निगर्मन का रवन्ना जारी करना और तीसरा अपने क्षेत्र के आसपास के क्षेत्र में अवैध खनन करना। वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट से खनन लीज क्षेत्र में धारक द्वारा किये गए वैध खनन, अवैध खनन या अन्य क्षेत्र के रवन्ना जारी होने की स्थिति साफ हो जाएगी। इस व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि खनिज लीज धारक द्वारा वोल्यूमेट्र्कि एसेसमेंट कराकर प्रस्तुत करने से भविष्य के लिए विवाद नहीं रहेंगे। रविकान्त ने बताया कि वोल्यूमेट्र्कि  एसेसमेंट से खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, खनन क्षेत्र में लीजधारक या अन्य द्वारा अवैध खनन व निर्गमन पर प्रभावी रोक लग सकेगी। इससे खनिज क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक के साथ ही राज्य सरकार के राजस्व में छीजत रुकेगी और एकबारीय समाधान योजना से लीजधारकों को भी राहत मिल सकेगी। निदेशक माइंस श्री भगवती प्रसाद कलाल ने बताया कि राज्य सरकार ने एकमुश्त समाधान योजना का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इससे हजारों की संख्या में माइनर मिनरल लीजधारक लाभान्वित हो सकेंगे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 96

वाटर गन से किया पानी का छिड़काव, राजस्थान-अलवर में ग्रेप 3 लागू होने से 150 खदानें बंद

अलवर. एनसीआर रीजन में ग्रेप (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) 3 लागू होने के बाद अलवर पर भी इसका भारी असर पड़ा है। अलवर में विभिन्न विभागों में चल रहे करीब 97 करोड़ के  निर्माण कार्य एकाएक रुक गए। वहीं 40 स्टोन क्रशर भी नहीं चले। अब इन्हें खुलने का इंतजार है। ग्रेप 3 में सभी तरह के स्टोन क्रशर, खनन और निर्माण संबंधित गतिविधियां बन्द है। विभागों ने आदेशों की पालना के लिए निरीक्षण भी किया। खनिज अभियन्ता मनोज शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को करीब दस खानों की जांच की गई थी। इनमें से सभी लगभग बन्द मिली। जो बन्द नहीं थी, उनको बन्द कराया गया। पूरे अलवर में करीब 150 खाने है और आगामी आदेश तक इनको बन्द रखने के लिए कह दिया गया है। वहीं नगर निगम, यूआईटी और रीको ने सड़क किनारे मिट्टी उड़ने से रोकने के लिए वाटर गन से पानी का छिड़काव भी कराया। ग्रेप 3 में अस्पतालों और स्वच्छता संबंधी गतिविधियां चलती रहेंगी। इसमें जेल चौराहे पर बन रहे मेडिकल कॉलेज का काम जारी रहेगा। इस पर 192 करोड़ की लागत आएगी। इसके अलावा जिला अस्पताल में 36 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे सीसीयू और 100 बेड के वार्ड का काम चलता रहेगा। ग्रेप 3 के आदेश जारी होने के बाद यूआईटी के 50 करोड़ रुपये के काम रुक गए है। इनमें अरावली विहार में डामरीकरण और 160 फिट रॉड का काम, अम्बेडकर नगर में डामरीकरण का काम, शांति कुंज की सड़क की चौड़ाई सहित करीब तीन दर्जन से अधिक काम शामिल है। मिनी सचिवालय के पास 40 करोड़ की लागत से बन रही कोर्ट बिल्डिंग का काम और नगर निगम द्वारा 7 करोड़ की लागत से सड़क निर्माण और रिपेयरिंग का काम बंद हो गया है। एनसीआर क्षेत्र में ग्रेप 3 के लागू होने से कुल मिलाकर मोटा नुकसान अलवर को हुआ है। पहले जिला कलेक्टर ने भी इस संबंध में कई बार जिले को चेताया था, लेकिन तब लोग कलेक्टर की चिंता को हल्के में ले रहे थे। कलेक्टर द्वारा स्व्च्छता और वायु प्रदूषण को रोकने के लिए क्लीन अलवर और अतुल्य अलवर जैसे कार्यक्रम भी शुरू किए गए। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 81