शिक्षा से बड़ा कोई सशक्तिकरण का माध्यम नहीं है – मंत्री श्रीमती उईके

भोपाल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके ने कहा कि शिक्षा से बड़ा कोई सशक्तिकरण का माध्यम नहीं है। वंचित वर्गों के बच्चों को शिक्षा के समान अवसर प्रदान करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए। सिंगरौली में अजाक्स निःशुल्क कोचिंग के लिए भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह भवन उन छात्रों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है, जो संसाधनों के अभाव में प्रतिस्पर्धा परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पाते है। मंत्री श्रीमती उईके ने कहा कि बदलते समय के साथ प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता की चुनौती बढ़ गई है। राज्य सरकार निःशुल्क कोचिंग के माध्यम से ऐसे छात्रों को बैंकिंग, एमपीपीएससी, एसएससी और अन्य परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देकर उनके सपनों को साकार करने का प्रयास कर रही है। यह कदम न केवल शिक्षा का विस्तार करेगा, बल्कि छात्रों को आत्मनिर्भर बनने की राह भी दिखाएगा। उन्होंने कहा कि यह सुविधा उन्हें शिक्षा के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जुड़ने और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर प्रदान करेगी। मंत्री श्रीमती उईके ने इस पहल को समाज के लिए एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और सरकार इसे सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह निःशुल्क कोचिंग भवन छात्रों को ज्ञान और आत्मविश्वास के नए आयाम देगा। सरकार की इस पहल ने समाज के कमजोर वर्गों के लिए सशक्तिकरण और समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। मंत्री श्रीमती उईके ने इसे वंचित वर्गों के बच्चों के लिए न केवल एक सुविधा, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव बताया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।   recent visitors 54

मंत्री श्रीमती उईके ने अमृत 2.0 और कायाकल्प 2.0 योजनाओं के विकास कार्यों का किया भूमि-पूजन

भोपाल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उईके ने सिंगरौली जिले के ढोटी में अमृत 2.0 योजना और कायाकल्प 2.0 योजना के अंतर्गत जल प्रदाय एवं सड़क निर्माण कार्यों का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ जल नागरिकों का मूलभूत अधिकार है और प्रदेश सरकार इसे हर घर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री श्रीमती उइके ने बताया कि अमृत 2.0 योजना के तहत सिंगरौली नगर निगम क्षेत्र के छूटे हुए वार्डों में 164 किलोमीटर पाइप लाइन और 4 पानी टंकियों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इस परियोजना पर 36.19 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं, कायाकल्प 2.0 योजना के अंतर्गत 28 किलोमीटर की पीसीसी सड़क का निर्माण किया जाएगा। इससे आवागमन सुगम और सुरक्षित होगा। इस परियोजना की लागत 10.04 करोड़ रुपये है। मंत्री श्रीमती उईके ने कहा कि प्रदेश सरकार गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए तत्परता से काम कर रही है। शुद्ध जल और स्वच्छता न केवल स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक हैं, बल्कि राज्य के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा भी हैं। उन्होंने कहा कि अमृत 2.0 योजना के माध्यम से हर घर में शुद्ध जल पहुंचेगा और कायाकल्प योजना से शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। सिंगरौली विधानसभा के विधायक राम निवास शाह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। अमृत 2.0 और कायाकल्प योजनाएं जनकल्याण की दिशा में एक अहम कदम हैं, जिनसे दूरदराज के क्षेत्रों तक भी विकास की रोशनी पहुंचेगी। नगर निगम महापौर श्रीमती रानी अग्रवाल ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से सिंगरौली नगर निगम क्षेत्र में शुद्ध पेयजल और बेहतर सड़कों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योजनाओं को जनहित में मील का पत्थर बताया। इस अवसर पर श्रीमती उईके ने विकास कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के विकास में नए आयाम स्थापित करेंगी।   recent visitors 20