मोदी और पेड्रो सांचेज ने दिव्यांग छात्रा दीया से मिलने के लिए रोका काफिला

वडोदरा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश में रक्षा विनिर्माण इकोसिस्टम नई ऊंचाई छू रहा है और इससे भविष्य में ‘मेड इन इंडिया नागरिक विमानों’ के बनाये जाने का मार्ग प्रशस्त होगा।मोदी ने सोमवार को यहां स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ के साथ टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल) परिसर में सी-295 सैन्य परिवहन विमान के निर्माण के लिए टाटा एयरक्राफ्ट कॉम्प्लेक्स का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। ये विमान वायु सेना की परिवहन जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण साबित होंगे। दोनों प्रधानमंत्रियों ने इस अवसर पर प्रदर्शित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि वह आज के कार्यक्रम को परिवहन विमान के निर्माण से परे देख रहे हैं। उन्होंने पिछले दशक में भारत के विमानन क्षेत्र की अभूतपूर्व वृद्धि और परिवर्तन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत देश के सैकड़ों छोटे शहरों को हवाई कनेक्टिविटी प्रदान कर रहा है, साथ ही देश को विमानन का केंद्र बनाने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह पारिस्थितिकी तंत्र भविष्य में मेड इन इंडिया नागरिक विमानों के लिए भी मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न भारतीय एयरलाइनों ने 1200 नए विमानों का ऑर्डर दिया है, इसका मतलब केवल यह है कि नव उद्घाटन कारखाना भविष्य में भारत और दुनिया की जरूरतों को पूरा करने के लिए नागरिक विमानों के डिजाइन से लेकर निर्माण तक प्रमुख भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्पेन के प्रधानमंत्री सांचेज़ की भारत की पहली यात्रा है और दोनों देशों के बीच साझेदारी आज एक नई दिशा पा रही है। उन्होंने कहा कि सी-295 विमान निर्माण के लिए टाटा एयरक्राफ्ट कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन न केवल दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करेगा बल्कि ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के मिशन को भी गति देगा। मोदी ने इस अवसर पर एयरबस और टाटा की पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं और स्वर्गीय रतन टाटा जी को भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने कहा कि सी-295 विमान का कारखाना नए भारत की नई कार्य संस्कृति का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि देश में किसी भी परियोजना के विचार से लेकर कार्यान्वयन तक भारत की गति यहां देखी जा सकती है। उन्होंंने अक्टूबर 2022 में कारखाने की आधारशिला रखने को याद करते हुए कहा कि यह सुविधा अब सी-295 विमानों के उत्पादन के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री ने परियोजनाओं की योजना और कार्यान्वयन में बेहिसाब देरी को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर देते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में वडोदरा में बॉम्बार्डियर ट्रेन कोच विनिर्माण सुविधा की स्थापना को याद किया और कहा कि कारखाना उत्पादन के लिए रिकॉर्ड समय में तैयार हो गया था। उन्होंने कहा, ‘इस फैक्टरी में बने मेट्रो कोच आज दूसरे देशों में निर्यात किए जा रहे हैं।’ उन्होंंने विश्वास जताया कि आज की उद्घाटन सुविधा में बने विमानों का निर्यात भी किया जाएगा। प्रसिद्ध स्पेनिश कवि, एंटोनियो मचाडो को उद्धृत करते हुए, प्रधानमंत्री ने टिप्पणी की कि जैसे ही हम लक्ष्य की ओर बढ़ना शुरू करते हैं, लक्ष्य की ओर रास्ता अपने आप बन जाता है। उन्होंंने कहा कि भारत का रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र आज नई ऊंचाइयों को छू रहा है और अगर 10 साल पहले ठोस कदम नहीं उठाए गए होते तो आज इस मंजिल तक पहुंचना असंभव होता। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले रक्षा विनिर्माण की प्राथमिकता और पहचान आयात को लेकर थी और कोई सोच भी नहीं सकता था कि भारत में इतने बड़े पैमाने पर रक्षा विनिर्माण हो सकता है। प्रधानमंत्री ने टिप्पणी की कि सरकार ने एक नए रास्ते पर चलने का फैसला किया, भारत के लिए नए लक्ष्य निर्धारित किए, जिसके परिणाम आज स्पष्ट हैं। मोदी ने कहा कि भारत का रक्षा क्षेत्र में बदलाव इस बात का उदाहरण है कि कैसे एक सही योजना और साझेदारी संभावनाओं को समृद्धि में बदल सकती है। उन्होंने रेखांकित किया कि रणनीतिक निर्णयों ने पिछले दशक में भारत में एक जीवंत रक्षा उद्योग के विकास को बढ़ावा दिया है। मोदी ने कहा, “हमने रक्षा विनिर्माण में निजी क्षेत्र की भागीदारी का विस्तार किया, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों को अधिक कुशल बनाया, आयुध कारखानों को सात प्रमुख कंपनियों में पुनर्गठित किया और डीआरडीओ तथा एचएएल को सशक्त बनाया।” उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में रक्षा गलियारे स्थापित करने से इस क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार योजना पर बात करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि इसने पिछले पांच से छह वर्षों में लगभग 1,000 रक्षा स्टार्टअप के विकास को प्रेरित किया है। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में भारत का रक्षा निर्यात 30 गुना बढ़ गया है, देश अब 100 से अधिक देशों को उपकरण निर्यात कर रहा है। प्रधानमंत्री ने कौशल और रोजगार सृजन पर जोर दिया और कहा कि एयरबस-टाटा फैक्टरी जैसी परियोजनाओं से हजारों नौकरियां पैदा होंगी। उन्होंने कहा कि फैक्टरी 18,000 विमान भागों के स्वदेशी विनिर्माण का समर्थन करेगी, जिससे पूरे भारत में एमएसएमई के लिए अपार अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंंने कहा कि भारत आज भी दुनिया की प्रमुख विमान कंपनियों के लिए कलपुर्जों के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ताओं में से एक है। मोदी ने कहा कि नई विमान फैक्टरी भारत में नए कौशल और नए उद्योगों को बड़ा बढ़ावा देगी। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आज का कार्यक्रम भारत और स्पेन के बीच कई नई संयुक्त सहयोग परियोजनाओं को प्रेरित करेगा। उन्होंने स्पेनिश उद्योग और नवप्रवर्तकों को निमंत्रण दिया और उन्हें भारत आने तथा देश की विकास यात्रा में भागीदार बनने के लिए प्रोत्साहित किया। उल्लेखनीय है कि रक्षा मंत्रालय ने सितम्बर 2021 में वायु सेना के लिए 56 मालवाहक विमानों की खरीद के वास्ते स्पेन की कंपनी एयरबस डिफेंस एंड स्पेस एस ए के साथ 21 हजार 935 करोड़ रुपये का अनुबंध किया था। इनमें से 16 विमान पूरी तरह से तैयार स्थिति में मिलने हैं जबकि 40 भारतीय कंपनी टाटा एडवांस सिस्टम लिमिटेड द्वारा देश में ही वडोदरा में बनाये जायेंगे। पूरी तरह से तैयार 16 विमानों … Read more

पीएम मोदी के नेतृत्व में पश्चिम एशियाई देशों के साथ भारत के रिश्तों में हुआ सुधार: विदेश मंत्री जयशंकर

पुणे विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पदभार संभालने के बाद से पश्चिम एशियाई देशों के साथ भारत के संबंधों में उल्लेखनीय बदलाव आया है। पुणे स्थित फ्लेम यूनिवर्सिटी में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री ने कूटनीतिक कोशिशों पर प्रकाश डाला, जिससे उन देशों के साथ संबंध मजबूत हुए, जो ऐतिहासिक रूप से भारत के साथ कम जुड़े थे। इनमें एक उदाहरण संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का है, जहां 2015 में पीएम मोदी ने यात्रा की थी यह दिवंगत इंदिरा गांधी के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहला दौरा था। जयशंकर ने कहा कि यूएई की निकटता के बावजूद, उससे जुड़ने के लिए बहुत कम प्रयास किए गए। विदेश मंत्री के मुताबिक भारत का अपने पड़ोसियों के साथ एक जटिल इतिहास रहा है, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने देशों को नई दिल्ली के साथ अपने रिश्तों पर फिर से सोचने को प्रेरित किया है, खासकर चीन के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर। जयशंकर ने कहा, “देश अपने रिश्तों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।” हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि कई पड़ोसी देशों ने अपने फायदे के लिए चीन की ओर रुख किया। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत की उभरती हुई आर्थिक शक्ति है और आने वाले वर्षों में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। जयशंकर ने कहा कि चीन के साथ सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा सैनिकों की वापसी है और दूसरा मुद्दा तनाव कम करना है। उन्होंने कहा, “अगर मैं इसे थोड़ा पीछे ले जाऊं, तो 2020 से सीमा पर स्थिति खराब रही, जिसका चीन के साथ रिश्तों पर बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ा। सितंबर 2020 से हम समाधान खोजने के तरीके पर चीनियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। समाधान के विभिन्न पहलू हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा सैनिकों की वापसी है, क्योंकि सैनिक एक-दूसरे के बहुत करीब हैं और किसी घटना की संभावना काफी है। इसलिए यह मुद्दों का पहला सेट है।’ विदेश मंत्री ने कहा, “इसके बाद तनाव कम करना है। फिर एक बड़ा मुद्दा यह है कि आप सीमा का प्रबंधन कैसे करते हैं और सीमाओं पर कैसे बातचीत करते हैं। अभी चीन में जो कुछ भी हो रहा है, वह पहले चरण के कारण हो रहा है, जो कि पीछे हटने का फेज है। हम भारत-चीन सीमा पर गश्त के मुद्दों पर बातचीत करने की कोशिश कर रहे थे।”     recent visitors 73

पुतिन से बोले PM मोदी, यूक्रेन संघर्ष सुलझाने में भारत पूरा सहयोग करने को है तैयार

कज़ान  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (22 अक्टूबर) को 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मौके पर कजान में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने कई अहम मुद्दों पर द्विपक्षीय बैठक की। पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि मैं आपकी मित्रता और गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आपका आभार व्यक्त करता हूं। इस शहर के साथ भारत के गहरे और ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। कजान में भारत के नए कांसुलेट खुलने से ये संबंध और मजबूत होंगे। पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 3 महीनों में मेरा दो बार रूस आना हमारे करीबी समन्वय और गहरी मित्रता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले एक वर्ष में BRICS की सफल आवश्यकता के लिए मैं आपको बधाई देता हूं। 15 वर्षों में BRICS ने अपनी विशेष पहचान बनाई है और अब विश्व के सफल देश इससे जुड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कल (23 अक्टूबर) मैं BRICS सम्मलेन में हिस्सा लेने के लिए उत्सुक हूं। बता दें कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 22 से 24 अक्टूबर तक रूस के शहर कजान में आयोजित किया जा रहा है। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने आगे कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष के विषय पर हम लगातार संपर्क रहे हैं। जैसा कि मैंने पहले कहा है, हमारा मानना ​​है कि समस्याओं का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम शांति और स्थिरता की जल्द से जल्द बहाली का पूरा समर्थन करते हैं। हमारे सभी प्रयास मानवता को प्राथमिकता देते हैं। भारत आने वाले समय में हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है। वहीं, इस दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि अंतर सरकारी आयोग की अगली बैठक 12 दिसंबर को नई दिल्ली में होने वाली है। हमारी परियोजनाएं लगातार विकसित हो रही हैं। उन्होंने पीएम मोदी ने कहा कि आपने कजान में भारतीय वाणिज्य दूतावास खोलने का फैसला किया है। हम इसका स्वागत करते हैं। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की नीतियों से हमारे सहयोग को फायदा होगा। हमें आपको और आपके प्रतिनिधिमंडल को रूस में देखकर बहुत खुशी हुई। इस दौरान पुतिन ने पीएम मोदी से कहा, "हमारे ऐसे रिश्ते हैं कि मुझे ऐसा लगा कि आपको किसी अनुवाद की जरूरत नहीं है।" पुतिन की बात पर पीएम मोदी ठहाका लगाकर हंसने लगे। पीएम मोदी का मेगा स्वागत प्रधानमंत्री मोदी 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए मंगलवार को कजान पहुंचे। पीएम मोदी ने मॉस्को से लगभग 900 किलोमीटर पूर्व में स्थित कजान की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना होने से पहले एक बयान जारी कर कहा कि भारत ब्रिक्स के भीतर करीबी सहयोग को महत्व देता है जो वैश्विक विकास एजेंडे से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत और चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले साल नए सदस्यों को जोड़कर ब्रिक्स का विस्तार करने से इसकी समावेशिता बढ़ी है जिससे वैश्विक भलाई होगी। पीएम मोदी ने कहा कि वह शिखर सम्मेलन में विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा को लेकर आशान्वित हैं। रूस द्वारा आयोजित इस शिखर सम्मेलन को यूक्रेन में संघर्ष और पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात के बीच गैर-पश्चिमी देशों द्वारा अपनी ताकत दिखाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। पीएम मोदी के होटल पहुंचने पर भारतीय प्रवासियों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने भारतीय तिरंगा थामकर नारे लगाए और संस्कृत में एक स्वागत गीत गाया। पारंपरिक भारतीय परिधान पहने रूसी कलाकारों के एक समूह ने रूसी नृत्य प्रस्तुत किया, जिसे मोदी ने बड़ी दिलचस्पी से देखा। पीएम मोदी द्वारा ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) सम्मेलन से इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी बैठक सहित कई द्विपक्षीय बैठकें किए जाने की संभावना है। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स के मूल सदस्य हैं। इसमें अब मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को भी शामिल कर इस समूह का विस्तार किया गया है। recent visitors 85

पीएम मोदी क लक्ष्य अगले 30 सालों का, 2047 तक विकासशील भारत को विकसित भारत बनाना

नईदिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पब्लिक लाइफ में कई बार लोग सवाल करते हैं कि जब तीन बार सरकार बन गई, इतने सुधार कर लिए तो इतनी दौड़ धूप क्यों करते हैं? उन्होंने कहा, हमने जो सपने देखे हैं, उनको पूरा किए बिना ना चैन है ना आराम।  वर्ल्ड समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीसरे कार्यकाल में 125 दिन में किए गए कामों की लिस्ट गिनाई। इसके अलावा उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य अगले 30 सालों का है 2047 तक विकासशील भारत को विकसित भारत बनाना है। पीएम मोदी ने कहा, हमने 70 साल से अधिक के बुजुर्गों के लिए 5 लाख तक के मुफ्त इलाज की व्यवस्था की है। 125 दिनों में 5 लाख घरों में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए गए। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत 90 करोड़ से अधिक पेड़ लगाए गए हैं। 125 दिनों में 12 नए इंडस्ट्रियल नॉट्स को मंजूरी दी है। निफ्टी और सेंसेक्स में ग्रोथ हुई है। हमारी विदेशी मुद्रा बढ़ी है। भारत की उपलब्धियों की लिस्ट बहुत लंबी है। मैं सिर्फ 125 दिनों की बात कर रहा हूं। 125 दिनों में दुनिया भारत में किन विषयों पर चर्चा करने आई, कौन से ग्लोबल इवेंट हुए। उन्होंने कहा, भारत में टेलिकॉम और डिजिटल फ्यूचर पर अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम हुआ। भारत मे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पर चर्चा हुई। नवीकरणीय ऊर्जा पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भारत में हुआ। यह भारत के साथ जुड़ी उम्मीदों की लिस्ट है। इससे भारत की दिशा और दुनिया की आशा दोनों समझ में आती हैं। ये वो विष्य हैं जो आने वाले समय में दुनिया का भविष्य तय करेगी। इसी लिए आज दुनिया भारत आ रही है। आज भारत में इतना कुछ हो रहा है कि तीसरे टर्म में जो गति भारत ने पकड़ी है उसे देखकर बहुत सी रेटिंग एजेंसियों ने भारत का ग्रोथ फोरकास्ट बढ़ा दिया है। भारत को सबसे ज्यादा जो प्यार करते हैं, ऐसे पारखी एक्सपर्ट यहां मौजूद हैं। वे जिस प्रकार भारत के निवेश को लेकर उत्साहित हैं, उसका बहुत महत्व है। वे ग्लोबल फंड्स् को कहते हैं कि 50 पर्सेंट फंड भारत के शेयर मार्केट में इनवेस्ट करें तो इसका बहुत बड़ा मतलब है। भारत एक विकासशील देश भी है और उभरती हुई शक्ति भी है। हम गरीबी की चुनौतियां भी समझते हैं और प्रगति का रास्ता भी जानते हैं। हमारी सरकार तेजी से नीतियां बना रही है। निर्णय ले रही है और नए सुधार कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, पब्लिक लाइफ में भांति-भांति के लोग मिलते हैं। कुछ लोग कहते हैं क मोदी जी तीन बार सरकार तो बना ली तो इतनी दौड़-धूप क्यों करते रहते हो। दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए। इतने सुधार कर लिए। अब इतने मेहनत की जरूरत क्या है। लेकिन जो सपने हमने देखे हैं, जो संकल्प लेकर हम चले हैं उसमें ना चैन है ना आराम है। पिछले 10 साल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले, 12 करोड़ शौचालय बने. 16 करोड़ लोगों को गैस कनेक्शन बने। मेडिकल कॉलेज और नए एम्स बने। पिछले 10 साल में भारत में डेढ़ लाख से ज्यादा नए स्टार्टअप बने। 8 करोड़ युवाओं ने मुद्रा लोन लेकर अपना काम शुरू किया। इतना पूरा नहीं है। आज भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। इस युवा देश का पोटेंशियल हमें आसमान की ऊंचाई पर पहुंचा सकता है। इसके लिए हमें बहुत कुछ बहुत तेजी से करना है। आज भारत की सोच और अप्रोच में जो बदलाव आया है। उसे आप भी देख रहे होंगे। 2047 तक विकसित भारत का संकल्प पीएम ने कहा, आम तौर पर परंपरा रही है और स्वाभाविक भी है कि हर सराकर, पिछली सरकार के काम से तुलना करती है। इससे संतोष भी मान लेती है कि पिछली सरकार से बेहतर किया। हम भी कभी इस रास्ते पर चलते थे। लेकिन अब हमें वह रास्ता रास नहीं आ रहा है। अब हम बीते हुए कल और आज की तुलना करके आराम फरमाने वाले लोग नहीं हैं। अब सफलता का मापदंड ये नहीं कि हमने क्या पाया। अब आगे का लक्ष्य है कि हमें कहां पहुंचना है। हम उस ओर देख रहे हैं कि कितना बाकी है और कब तक पहुंचेंगे। मैं नया अप्रोच लेकर पूरी सरकारी मशीनरी से काम ले रहा हूं। 2047 तक विकसित भारत का संकल्प भी इसी सोच को दिखाता है। हम देखते हैं कि विकसित भारत का हमारा संकल्प, उसकी सिद्धि के लिए कहां तक पहुंचे हैं। हमें और कितना करना है। ऐसा नहीं है कि यह सरकार ने तय कर दिया और टारगेट सेट हो गया। विकसित भारत के संकल्प से आज 140 करोड़ लोग जुड़ गए हैं। यह जनभागेदारी का अभियान ही नहीं बल्कि भारक के आत्मविश्वास का आंदोलन बन चुका है। जब सरकार ने विकसित भारत के विजन डॉक्युमेंट पर काम करना शुरू किया तो लाखों लोगों ने अपने सुझाव भेजे। उनके आधार पर भारत ने अगले तीस साल के लक्ष्य तय किए। इस विषय पर चर्चा हमारी चैतन्य का हिस्सा बन चुका है। जन शक्ति से राष्ट्र शक्ति के निर्माण का सबसे बड़ा उदाहरण है। हमारे पास डबल एआईः पीएम मोदी प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा, भारत को एक चीज का और फायदा मिल रहा। आप जानते हैं कि यह एआई का दौर है। दुनिया का वर्तमान और भविष्य एआई से जुड़ा है। लेकिन भारत के पास डबल एआई की शक्ति है। अब लोग सोचते हैं कि मोदी के पास दो एआई कहां से है। दुनिया के पास एक ही एआई है वह है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लेकिन हमारे पास दूसरी एआई है ऐस्पिरेशनल इंडिया। जब इनकी ताकत मिलती है तब विकास की गति भी तेज होनी स्वाभाविक है। हमारे लिए यह कोई तकनीक नहीं है बल्कि भारत के युवाओं के लिए अवसरों का नया द्वार है। इसी साल भारत ने इंडिया एआई मिशन शुरू किया है। भारत हर सेक्टर में एआई का उपयोग बढ़ा रहा है। हम दुनिया को भी बेहतर एआई सल्यूशन देने में भी जुटे हैं। वॉर के स्तर पर भी भारत ने भी कई कदम उठाए हैं। भारत दूसरे एआई को लेकर भी उतना ही गंभीर है। भारत के सामान्य जन, क्वालिटी ऑफ लाइफ, छोटे उद्यमी, … Read more

20 अक्टूबर को वाराणसी जाएंगे PM मोदी, 1400 करोड़ की बड़ी परियोजनाओं की देंगे सौगात

काशी हरियाणा विजय और जम्मू-कश्मीर में महत्वपूर्ण सफलता के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज 20 अक्टूबर को काशी आ रहे हैं। वैसे उनका यह दौरा पहले से तय है। वह काशी में करीब साढ़े पांच घंटे के प्रवास के दौरान दो सभा को संबोधित करेंगे। इसे लेकर प्रशासन व भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि सारनाथ में हुए अनेक विकास कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा. प्रधानमंत्री की यात्रा को देखते हुए वाराणसी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम नए निर्माण के साथ-साथ अपने सुनहरे अतीत को भी सुरक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं. अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रविवार को प्रधानमंत्री 1,300 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इस दौरान दो जनसभाओं को भी संबोधित करने का कार्यक्रम निर्धारित है. वाराणसी में क्या है पीएम का कार्यक्रम? प्रधानमंत्री मोदी रविवार को वाराणसी दोपहर करीब साढ़े 12 बजे बाबतपुर हवाई अड्डा पहुंचेंगे. बीजेपी की काशी इकाई के अध्यक्ष दिलीप पटेल ने बताया कि संभावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी यहां उतरने के बाद रिंग रोड स्थित शंकरा नेत्र अस्पताल का उद्घाटन करेंगे. अस्पताल का निरीक्षण करेंगे और करीब 1,000 लोगों को संबोधित करेंगे. जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से सिगरा स्थित सम्पूर्णनानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंच कर स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स का भी लोकार्पण करेंगे. पीएम ने इस स्टेडियम का उद्घाटन जुलाई 2023 को किया था. प्रधानमंत्री यहां कई अन्य परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री शाम करीब 6 बजे दिल्ली वापसी करेंगे. शंकरा नेत्र अस्पताल से सबको मिलेगा लाभ प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रमों के संबंध में मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने बताया कि रिंग रोड स्थित शंकरा नेत्र अस्पताल के शुरू होने से वाराणसी सहित पूर्वांचल और बिहार के लोगों को काफी लाभ मिलेगा. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री वाराणसी दौरे पर बाबतपुर हवाई अड्डा टर्मिनल और अन्य हवाई अड्डा परियोजनाओं सहित करीब 1,400 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास होना है. पीएम मोदी की यात्रा पर प्रशासन अलर्ट प्रधानमंत्री मोदी की वाराणसी यात्रा को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है. पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के मुताबिक प्रधानमंत्री के वाराणसी दौरे को लेकर तैयारियां जारी हैं. व्यवस्था ऐसी की जा रही है जिससे आम जनता को तकलीफ ना हो और सुरक्षा भी दुरुस्त हो. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के लिए पुख्ता योजना बनाई गई है. इस दौरान 5,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. इसके साथ ही ड्रोन से चप्पे-चप्पे की निगरानी की जाएगी. इस दौरान यातायात के सुचारू संचालन के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं. recent visitors 73

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज शनिवार को राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह की शुरुआत करेंगे

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज शनिवार को ‘कर्मयोगी सप्ताह’ यानी राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह की शुरुआत करेंगे। इसके तहत लोक सेवकों के लिए व्यक्तिगत और संगठनात्मक क्षमता विकसित करने की दिशा में नए सिरे से प्रोत्साहन देने की कवायद की जाएगी। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में यह जानकारी दी। पीएमओ ने बताया कि ‘मिशन कर्मयोगी’ की शुरुआत सितंबर 2020 में की गई थी और तब से इसने पर्याप्त प्रगति की है। इसमें वैश्विक परिप्रेक्ष्य के साथ भारतीय लोकाचार में निहित भविष्य के लिए तैयार सिविल सेवा की कल्पना की गई है। बयान में कहा गया राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह लोक सेवकों के लिए व्यक्तिगत और संगठनात्मक क्षमता विकास की दिशा में नई गति प्रदान करने वाला, अपनी तरह का सबसे बड़ा आयोजन होगा। पीएमओ ने कहा कि यह पहल सीखने और विकास के लिए एक नई प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करेगी। राष्ट्रीय शिक्षण सप्ताह का उद्देश्य ‘एक सरकार’ का संदेश देना, सभी को राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ जोड़ना और आजीवन सीखने को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम व्यक्तिगत प्रतिभागियों और मंत्रालयों, विभागों और संगठनों द्वारा जुड़ाव के विभिन्न रूपों के माध्यम से सीखने के लिए समर्पित होगा। इस दौरान, प्रत्येक ‘कर्मयोगी’ कम से कम चार घंटे की योग्यता से जुड़े गुर सीखने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध होगा। प्रतिभागी प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा आईजीओटी, वेबिनार (सार्वजनिक व्याख्यान या नीति विशेषज्ञों की कक्षाएं) पर व्यक्तिगत भूमिका-आधारित मॉड्यूल के संयोजन के माध्यम से लक्षित घंटों को पूरा कर सकते हैं। बयान में कहा गया है कि सप्ताह के दौरान, प्रख्यात वक्ता अपनी विशेषज्ञता के विषय पर व्याख्यान देंगे और कर्मयोगियों को अधिक प्रभावी तरीके से नागरिक-केंद्रित वितरण की दिशा में काम करने में मदद करेंगे। सप्ताह के दौरान, मंत्रालय, विभाग और संगठन क्षेत्र विशिष्ट दक्षताओं को बढ़ाने के लिए सम्मेलन और कार्यशालाएं भी आयोजित करेंगे।     recent visitors 80

कांग्रेस जनता को गुमराह करती है, उनकी सोच बांटो और राज करो की रही है : पीएम मोदी

चंडीगढ़ कांग्रेस जनता को गुमराह करती है। उनकी सोच बांटो और राज करो की रही है। जब कांग्रेस खतरे में आती है तो वो संविधान खतरे में होने का शोर मचाती है। यह बात चंडीगढ़ में एनडीए के मुख्यमंत्रियों की बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी ने कही। परिवारवाद के मुद्दे पर भी पीएम ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि वहां एक घराना पार्टी तंत्र चलाना है। पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि हमने संविधान निर्माताओं की सोच को आगे रखा। संविधान की रक्षा का संकल्प जनता तक पहुंचाएंगे। भारत का संविधान सुरक्षित है। संविधान के खतरे में होने की बात कहने वाले खुद खतरे में रहते हैं। कांग्रेस पर हमला बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इनकी आदत फूट डालो और राज करो की है। पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आपातकाल लगाकर और राजीव गांधी शाहबानो मामले में संविधान को कुचलने का काम किया। पीएम मोदी ने धारा 370 समेत कई मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पब्लिक सब देख रही है। कांग्रेस के बहकावे में, उनके फूट डालो-राज करो वाली नीति पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। हरियाणा चुनाव को लेकर मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने इस चुनाव में गुमराह करने की कोशिश की लेकिन बीजेपी का लोगों ने समर्थन किया। हरियाणा में बीजेपी की लगातार तीसरी बार शानदार जीत से पार्टी पूरे जोश में है। अब उनकी निगाहें महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव पर है। यही वजह है कि बीजेपी ने आगामी चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस को घेरने के लिए खास रणनीति तैयार की है। बीजेपी नेतृत्व ने तय किया है कि वो आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ मनाएगी, कैसे कांग्रेस ने संविधान की धज्जियां उड़ाई उसे लोगों के बीच लेकर जाएंगे। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बताया कि चंडीगढ़ में एनडीए के मुख्यमंत्रियों और उप-मुख्यमंत्रियों की बैठक हुई। इस बैठक में पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि शासन के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। इस पर ध्यान केंद्रित कर हम इसको आगे बढ़ाएं।   recent visitors 67