बंटेंगे तो कटेंगे के नारे से योगी ने जाति और संविधान वाले नैरेटिव को तोड़ा, महाराष्ट्र चुनाव में पीएम मोदी से अधिक रैली CM योगी करेंगे

मुंबई महाराष्ट्र चुनाव प्रचार अब जोर पकड़ने लगा है और कांग्रेस, बीजेपी समेत सभी दलों के स्टार प्रचारकों के दौरे शुरू हो गए हैं । अगले 13 दिनों तक बड़े नेता महाराष्ट्र में तूफानी दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महाराष्ट्र में 11 रैलियां करेंगे। आठ नवंबर से पीएम मोदी की जनसभा की शुरुआत होगी। 6 नवंबर को राहुल गांधी भी आरएसएस के गढ़ नागपुर से चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगे। 18 अक्तूबर की शाम को चुनाव प्रचार का शोर थम जाएगा। उससे पहले यूपी के मुख्यमंत्री और बीजेपी के ट्रंप कार्ड साबित हो चुके योगी आदित्य नाथ मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में 15 चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। वह पीएम मोदी से अधिक जनसभाओं में शिरकत करेंगे। एक्सपर्ट मानते हैं कि महाराष्ट्र में योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी और 'बंटेंगे तो कटेंगे' वाले नारे का असर भी महाराष्ट्र चुनाव में दिखेगा। जम्मू और हरियाणा में राहुल गांधी पर भारी पड़े योगी हरियाणा और जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ का करिश्मा नजर आया। जम्मू-कश्मीर में योगी आदित्यनाथ का स्ट्राइक रेट 90 फीसदी और हरियाणा में करीब 65 फीसदी रहा। जम्मू में योगी ने पांच विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी रैलियां कीं, जिनमें से चार पर बीजेपी को जीत मिली। बीजेपी किश्तवाड़ और कठुआ जैसे मुस्लिम बाहुल्य सीट पर जीतने में सफल रही। किश्तवाड़ में पहली बार बीजेपी की शगुन परिहार ने कमल खिलाया। हरियाणा में भी योगी आदित्यनाथ ने 20 विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार किया, जिनमें से 13 पर बीजेपी को जीत मिली। यह जीत कांटे के मुकाबले में बीजेपी को तीसरी बार हरियाणा की सत्ता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित हुई। सीएम योगी ने हरियाणा में असंध से चुनावी रैली की शुरुआत की थी। इस सीट से ही राहुल गांधी प्रचार में उतरे थे। असंध में बीजेपी को जीत मिली। हरियाणा से कनाडा तक लगे 'बंटेंगे तो कटेंगे' के नारे हरियाणा चुनाव में ही योगी आदित्यनाथ ने 'बंटेंगे तो कटेंगे' के चुनावी नारे को लॉन्च किया। इस नारे में ग्राउंड पर इस कदर कमाल किया कि बीजेपी ने एंटी इम्कबेंसी और कांग्रेस के नैरेटिव को धवस्त कर दिया। यह नारा इनके जुबान पर इस कदर चढ़ा कि गैर चुनावी राज्यों में भी बीजेपी समर्थक इसे आजमाने लगे। लोकप्रियता का आलम यह है कि कनाडा में हमले के बाद हिंदू समुदाय ने अपने प्रदर्शन में'बंटेंगे तो कटेंगे' के नारे लगाए। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के ऐलान के बाद मुंबई समेत राज्य के कई हिस्सों में योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के साथ 'बंटेंगे तो कटेंगे' के पोस्टर लगाए गए। एक्सपर्ट मानते हैं कि चुनाव में एमवीए के लिए मुस्लिम वोटरों की एकजुटता का जवाब इस नैरेटिव से दिया जा सकता है। इससे पहले के चुनाव में बाबा का बुलडोजर भी काफी लोकप्रिय और प्रभावी साबित हुआ था। क्यों चलता है योगी आदित्यनाथ का करिश्मा चुनाव प्रचार के दौरान योगी आदित्यनाथ अपने भाषण की शुरुआत महिला विकास, किसान और विकास जैसे मुद्दों से करते हैं। 'युवाओं के हाथ में तमंचा नहीं टेबलेट होना चाहिए', यह उनकी पसंदीदा लाइनों में से एक है। इसके बाद मोदी सरकार के कार्यकाल में हुए काम के जरिये आतंकवाद को लेकर कांग्रेस को निशाने पर रखते हैं। आतंक की बात होती है तो पाकिस्तान की चर्चा लाजिमी है। पाकिस्तान और आतंकवाद के साथ ही वह अपना संदेश साफ कर देते हैं। दंगों की चर्चा करते हैं तो बुल्डोजर एक्शन के बारे में बताते हैं। राम मंदिर की चर्चा तो सभा में मौजूद के लोगों को अयोध्या में दर्शन का निमंत्रण देते हैं। जब समां बंध जाता है तो वह सभा में मौजूद लोगों से संवाद भी करते हैं। यूपी में सड़कों पर नमाज बंद, मस्जिदों में लगे लाउड स्पीकर हटाने और अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन पर भी जनता का फीडबैक लेते हैं। हरियाणा में राहुल गांधी के जातिगत आरक्षण के जवाब में ही उन्होंने 'बंटेंगे तो कटेंगे' का नारा दिया था। recent visitors 75

प्रधानमंत्री मोदी ने की हिंदू मंदिर पर हमले की निंदा, प्रदर्शन में शामिल पुलिस अधिकारी निलंबित

ओटावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा में हिंदू मंदिर पर जानबूझकर किए गए हमले की कड़ी निंदा की है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के राजनयिकों को डराने-धमकाने की कायराना कोशिशें भी उतनी ही भयावह हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंसा के ऐसी घटनाएं कभी भी देश के संकल्प को कमजोर नहीं कर पाएंगी। पीएम मोदी ने कनाडा सरकार से न्याय सुनिश्चित करने और कानून का शासन बनाए रखने का आह्वान किया। कनाडा के ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में श्रद्धालुओं से मारपीट बता दें कि कनाडा के ओंटारियो के ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास शिविर में रविवार लोगों के साथ हिंसा की गई। हिंदू सभा मंदिर में आए लोगों पर खालिस्तानी समर्थकों ने अचानक हमला कर दिया। हमलावरों के हाथों में खालिस्तानी झंडे थे। हमलावरों ने मंदिर में मौजूद लोगों पर लाठी-डंडे बरसाए। कनाडा की घटना की चौतरफा आलोचना उसके बाद मौके पर पहुंची कनाडा पुलिस ने भी श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की। घटना के बाद से इलाके में तनाव कायम है। वहीं, कनाडा की घटना की चौतरफा आलोचना हो रही है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हम कनाडा सरकार से यह सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं कि सभी पूजा स्थलों को ऐसे हमलों से बचाया जाए। विदेश मंत्रालय भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित विदेश मंत्रालय ने कनाडा सरकार से कहा कि हम यह भी उम्मीद करते हैं कि हिंसा में लिप्त लोगों पर मुकदमा चलाया जाएगा। हम कनाडा में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हैं। मंत्रालय ने कहा कि भारतीयों और कनाडाई नागरिकों को सेवाएं प्रदान करने के लिए हमारे वाणिज्य दूतावास अधिकारियों की पहुंच को धमकी, उत्पीड़न और हिंसा से रोका नहीं जाएगा। वीडियो में पहचाना गया कनाडा पुलिस का अधिकारी सीबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर में विरोध प्रदर्शन के वीडियो में पहचाने जाने के बाद पील क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि निलंबित अधिकारी सार्जेंट हरिंदर सोही हैं। एक ऑफ-ड्यूटी कनाडा पुलिस अधिकारी प्रदर्शन में शामिल दिखाया गया पील पुलिस के प्रवक्ता रिचर्ड चिन ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो के बारे में पता है, जिसमें उनके एक ऑफ-ड्यूटी अधिकारी को विरोध प्रदर्शन में भाग लेते हुए दिखाया गया है। सीबीसी न्यूज के अनुसार, चिन ने कहा, “हमें सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो के बारे में पता है, जिसमें एक ऑफ-ड्यूटी पील पुलिस अधिकारी को प्रदर्शन में शामिल दिखाया गया है। इस अधिकारी को तब से सामुदायिक सुरक्षा और पुलिस अधिनियम के अनुसार निलंबित कर दिया गया है। हम वीडियो में दर्शाई गई परिस्थितियों की पूरी तरह से जांच कर रहे हैं और जब तक यह जांच पूरी नहीं हो जाती, हम आगे कोई जानकारी देने में असमर्थ हैं।” इस बीच, पील क्षेत्रीय पुलिस ने दावा किया कि वे अधिकारियों को तैनात करके “शांतिपूर्ण और वैध” नियोजित विरोध प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए उपाय कर रहे हैं। recent visitors 78

उपचुनावों में पूरी तरह योगी की चल रही, मोदी-नड्डा से मुलाकात, मोहन भागवत संग बंद कमरे में चर्चा

लखनऊ  लोकसभा चुनाव 2024 में झटका खाने वाली बीजेपी के लिए यूपी का उपचुनाव प्रतिष्‍ठा का सवाल बन चुका है। 9 सीटों पर 13 नवंबर को वोटिंग होनी है। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ स्‍वयं उपचुनाव को लेकर लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस बार बीजेपी आलाकमान ने योगी आदित्‍यनाथ को खुली छूट दी है। प्रत्‍याशियों के चयन से लेकर तमाम अहम रणनीतिक फैसले योगी के मुताबिक लिए गए हैं। ऐसे में ये उपचुनाव असल मायने में मुख्‍यमंत्री योगी के लिए भी अग्नि परीक्षा जैसी होगी। अचानक दिल्‍ली पहुंच मोदी और नड्डा से मिले एक दिन पहले योगी आदित्‍यनाथ अचानक दिल्‍ली पहुंचे। वह यहां बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जेपी नड्डा से मिले। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक उपचुनाव से जुड़े मुद्दों पर बातचीत होती रही। इसके बाद योगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने पहुंचे। करीब एक घंटे की बातचीत में चुनावी चर्चा के अलावा महाकुंभ 2025 और 69 हजार शिक्षक भर्ती जैसे मुद्दों पर भी बातचीत हुई। संघ के शीर्ष नेताओं से 45 मिनट तक चली बैठक इससे पहले पिछले हफ्ते मथुरा में राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी की बैठक हुई थी। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ यहां संघ के शीर्ष नेताओं से मिलने पहुंचे। करीब 45 मिनट तक इनके बीच बंद कमरे में बातचीत हुई। हरियाणा विधानसभा चुनावों में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाने वाले संघ ने यूपी उपचुनावों को लेकर भी योगी को कई सुझाव दिए। मोहन भागवत से इन मुद्दों पर हुई चर्चा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात कर उपचुनाव की तैयारियों पर चर्चा की। बताया जा रहा है कि उपचुनाव में मत प्रतिशत बढ़ाने, बूथ प्रबंधन सभी वर्गों के वोटरों को एकजुट करने सहित कई मुद्दों पर दोनों के बीच वार्ता हुई है। लोकसभा चुनाव में अनुकूल प्रदर्शन होने के बाद हरियाणा की सफलता में संघ की अहम भूमिका रही। वहां छोटे समूहों में बैठकें कर लोगों के बीच अपनी बात पहुंचाई। साथ ही बूथ प्रबंधन में संघ ने अहम भूमिका निभाई। डोर-टू-डोर अभियान चलाकर बीजेपी के लिए माहौल बनाया। अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी तरह का कुछ माहौल यूपी में बनाने को लेकर चर्चा हुई। इन 9 सीटों पर होने हैं उपचुनाव करहल, सीसामऊ, कुंदरकी, गाजियाबाद, फूलपुर, मझवां, कटेहरी, खैर और मीरापुर में 13 नवंबर को उपचुनाव हैं। अयोध्‍या की मिल्‍कीपुर सीट पर भी उपचुनाव होना है, लेकिन अभी उसकी डेट नहीं घोषित की गई है। इन 10 सीटों में पांच पर सपा का कब्‍जा था। तीन बीजेपी के पास थी। एक निषाद पार्टी और एक रालोद के पास थी। लोकसभा की 80 में मात्र 33 सीटें जीत पाई थी बीजेपी इस साल हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी यूपी की 80 में से केवल 33 सीटें जीत पाई। साथ ही उसका वोट शेयर भी घटकर 41 फीसदी तक रह गया। ऐसे में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के सामने उपचुनाव जीतने को लेकर बड़ी चुनौतियां हैं। जिस तरह बेहतर प्रदर्शन करते हुए सपा ने 37 सीटों पर जीत हासिल की है, इससे उपचुनाव में भी उसका दावा मजबूत माना जा रहा है। recent visitors 118

मोदी सरकार ने तमिलनाडु, बिहार, झारखंड और गुजरात से की कॉन्‍ट्रैक्‍ट फार्मिंग की शुरुआत

नई दिल्‍ली सरकार ने पहली बार किसानों के साथ 1,500 हेक्टेयर जमीन पर दालें (अरहर और मसूर) उगाने के लिए कॉन्‍ट्रैक्‍ट फार्मिंग यानी अनुबंध खेती सौदों पर हस्ताक्षर किए हैं। ऐसा तमिलनाडु, बिहार, झारखंड और गुजरात जैसे राज्यों में किया गया है। यह पायलट डील ऐसे राज्यों में खेती का विस्तार करके दालों में आत्मनिर्भरता हासिल करने की योजना का हिस्सा है जहां किसान परंपरागत रूप से दालें उगाने के इच्छुक नहीं हैं। यह सौदा किसानों और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (NCCF) के बीच हुआ है। इसके तहत किसान अपनी जमीन पर अरहर और मसूर उगाएंगे। एजेंसी सरकार के बफर स्टॉक के लिए उनकी उपज का एक हिस्सा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) या बाजार मूल्य पर खरीदेगी, जो भी अधिक हो। आगे क्‍या है योजना? एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि खरीद की मात्रा इस साल बफर स्टॉक के हिसाब से ज्यादा नहीं होगी। लेकिन, उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में जब कॉन्‍ट्रैक्‍ट फार्मिंग के तहत अधिक क्षेत्र लाया जाएगा तो यह बढ़ेगा। फिलहाल, सरकार की ओर से रजिस्‍टर्ड दाल उत्पादकों की पूरी उपज खरीदने की प्रतिबद्धता के बावजूद सरकारी एजेंसियां खरीद लक्ष्यों को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं। कारण है कि उत्पादन में गिरावट के कारण कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इससे निजी कंपनियां किसानों को अधिक दाम दे रही हैं। पिछले साल से दालों की महंगाई ऊंची बनी हुई है। अनियमित बारिश ने लगातार दो साल तक फसल के आकार को कम कर दिया है। इससे सरकार को घरेलू सप्‍लाई बढ़ाने के लिए आयात प्रतिबंधों को हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। सरकार ने किसानों से वादा किया है कि वे MSP या बाजार मूल्य पर अरहर, उड़द और मसूर की असीमित मात्रा में खरीद करेंगे, जो भी अधिक हो, बशर्ते वे इसके पोर्टल पर पंजीकरण कराएं। महंगाई पर न‍िशाना आधिकारिक आंकड़ों से पता चला है कि जुलाई और अगस्त में 6% के निशान से नीचे रहने के बाद सितंबर में खाद्य महंगाई दर में 9.24% की बढ़ोतरी हुई है। इसके चलते खुदरा महंगाई दर सितंबर में नौ महीनों के ऊंचे स्तर 5.5% पर वापस आ गई है। हालांकि, अच्छी बुवाई और अधिक उपज की संभावना के कारण पिछले महीने दालों की कीमतों में गिरावट आई। 16 महीनों में पहली बार 10% से अधिक की मुद्रास्फीति की गति से घटकर 9.81% रह गई। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार, सब्जियों और दालों की बढ़ती कीमतों के कारण सितंबर में घर पर पकाए जाने वाली शाकाहारी थाली की लागत में साल-दर-साल 11% की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दालों की कीमतें, जो शाकाहारी थाली की लागत का 9% हिस्सा हैं, 2023 में उत्पादन में गिरावट के कारण 14% बढ़ी हैं। इससे इस साल शुरुआती स्टॉक कम हुआ। इससे थाली की कीमतों में और बढ़ोतरी हुई है। पिछले कुछ वर्षों में दालों के उत्पादन में गिरावट आई है। वहीं, डिस्पोजेबल इनकम और अधिक जनसंख्या के कारण मांग में बढ़ोतरी हुई है। लगातार घट रहा है उत्‍पादन कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2021-22 में 27.3 मिलियन टन से दालों का उत्पादन वित्तीय वर्ष 2022-23 में घटकर 26 मिलियन टन और वित्तीय वर्ष 2023-24 में 24.5 मिलियन टन रह गया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हाल के वर्षों में दालों का आयात काफी बढ़ा है। यह वित्त वर्ष 2023-24 में 4.7 मिलियन टन हो गया। भारत में दालों की वर्तमान वार्षिक खपत लगभग 27 मिलियन टन अनुमानित है। भारत मोजाम्बिक, तंजानिया, मलावी और म्यांमार से अरहर और कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, रूस और तुर्की से मसूर का आयात करता है। recent visitors 133

ट्रूडो सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत के खिलाफ संवेदनशील जानकारी अमेरिकी अखबार में लीक करने की बात कुबूल कर ली

नईदिल्ली कनाडा की जस्टिन ट्रूडो सरकार के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत के खिलाफ खुफिया और संवेदनशील जानकारी अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट को लीक करने की बात कुबूल कर ली है. द ग्लोब की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रूडो के राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया विभाग की सलाहकार नताली ड्रोविन ने संसदीय समिति को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का एक शीर्ष अधिकारी कनाडा में निज्जर पर हमले की साजिश में शामिल था. ड्रोविन ने कहा कि उन्हें ये गोपनीय जानकारी लीक करने के लिए प्रधानमंत्री की मंजूरी की अनुमति नहीं दी थी. दरअसल गोपनीय जानकारी लीक करना कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजी का हिस्सा थे. उन्होंने और कनाडा के उपविदेश मंत्री डेविड मॉरिसन ने यह सुनिश्चित किया कि अमेरिका के एक बड़े अखबार को भारत और कनाडा के बीच चल रहे इस राजनयिक विवाद को लेकर ओटावा का वर्जन पता चले. उन्होंने कहा कि इस कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजी पर प्रधानमंत्री ऑफिस की पूरी नजर थी. इस बीच 13 अक्तूबर को वॉशिंगटन पोस्ट में पब्लिश एक रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की सिंगापुर में कनाडा के एनएसए के साथ एक सीक्रेट मीटिंग हुई थी. संसदीय समिति ने ड्रोविन और मॉरीशन को फटकार लगाते हुए कहा कि ट्रूडो और उनकी कैबिनेट के मंत्रियों और आरसीएमपी ने इस जानकारी को अखबार को सौंपने के बजाए इसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया? ट्रूडो ने पिछले साल संसद में पहली बार लगाए थे भारत पर आरोप पिछले साल संसद में बोलते हुए जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का इल्जाम भारत पर लगाया था. इसके बाद भारत और कनाडा के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया था. तब से ही भारत और कनाडा के बीच रिश्ते उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं. भारत ने भी ट्रूडो और उनकी पार्टी पर खालिस्तानियों को लुभाने के लिए वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया था. इसी साल जनवरी में कनाडा के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोडी थॉमस ने कहा था कि भारत निज्जर की हत्या की जांच में कनाडा के साथ सहयोग कर रहा है. पिछले साल हुई थी निज्जर की हत्या पिछले साल जून में कनाडा के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर निज्जर की हत्या कर दी गई थी. निज्जर खालिस्तानी आतंकी था. खालिस्तान टाइगर फोर्स का चीफ था. वह बीते कई सालों से कनाडा में रह रहा था और वहां से भारत के खिलाफ खालिस्तानी आतंकवाद को हवा दे रहा था. खुफिया सूत्रों के मुताबिक, निज्जर भारतीय जांच एजेंसियों के लिए पिछले एक साल में इसलिए और भी ज्यादा बड़ा सिरदर्द बन गया था क्योंकि उसने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गों को विदेशों में लॉजिस्टिक और पैसा मुहैया करवाना शुरू कर दिया था. ट्रूडो जब 2018 में भारत दौरे पर आए थे. उस समय उन्हें पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने खालिस्तानी आतंकियों की एक सूची सौंपी थी, जिसमें निज्जर का भी नाम शामिल था. केंद्रीय गृहमंत्रालय ने 2020 में निज्जर को आतंकी घोषित कर दिया था. 2010 में पटियाला के एक मंदिर के बाहर हुए बम विस्फोट में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. उस पर हिंसा भड़काने, आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने सहित कई मामलों में पुलिस को तलाश थी. भारत ने हरदीप सिंह निज्जर को डेजिग्नेटिड टेरेरिस्ट यानी आतंकवादी घोषित किया था. NIA ने उस पर 10 लाख का इनाम भी घोषित कर रखा था.   recent visitors 72

प्रधानमंत्री ने धनतेरस पर रोजगार मेले में 51 हजार युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र

सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रही है जिससे हर युवा को अवसर मिले : प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री ने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा देश के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिले, ये हमारा कमिटमेंट है प्रधानमंत्री ने धनतेरस पर रोजगार मेले में 51 हजार युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को धनतेरस के मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रोजगार मेले में 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। प्रधानमंत्री ने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि देश के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिले, ये हमारा कमिटमेंट है। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर देशवासियों को धनतेरस और दीपावली की शुभकामनाएं दीं। इस वर्ष की दीपावली को विशेष बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 500 वर्षों के बाद भगवान श्रीराम के अयोध्या में भव्य मंदिर में विराजमान होने के बाद यह पहली दीपावली है। इस दीपावली का इंतजार कई पीढ़ियों ने किया है, जबकि कई लोगों ने इसके लिए अपने प्राणों की आहुति दी है या विपत्तियों का सामना किया है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान पीढ़ी ऐसे उत्सवों को देखने और उनका हिस्सा बनने के लिए बेहद भाग्यशाली है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्सव के माहौल में 51,000 युवाओं को सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती पत्र सौंपे जा रहे हैं। उन्होंने नए भर्ती हुए लोगों को बधाई दी और उन्हें अपनी शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि लाखों युवाओं को स्थायी सरकारी नौकरी देने का सिलसिला जारी है। उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए सहयोगियों द्वारा शासित राज्यों में भी लाखों युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि हरियाणा में 26,000 युवाओं को नई सरकार द्वारा नौकरी मिलने से उत्सव का माहौल है। हरियाणा में भाजपा की सरकार की पहचान बिना किसी खर्च या सिफारिश के नौकरी देने की है। प्रधानमंत्री ने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई कि देश के युवाओं को अधिकतम रोजगार मिलना चाहिए। सरकार की नीतियों और निर्णयों का रोजगार सृजन पर सीधा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने देशभर में तमाम विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे न केवल नागरिकों को लाभ हो रहा है बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। कल गुजरात के वडोदरा की अपनी यात्रा को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र के लिए एक विमान निर्माण सुविधा का उद्घाटन करने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे हजारों नागरिकों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा जबकि एमएसएमई उद्योगों को स्पेयर पार्ट्स और अन्य उपकरणों के निर्माण से बहुत लाभ होगा, जिससे आपूर्ति श्रृंखलाओं का एक विशाल नेटवर्क तैयार होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में सरकार की नीतियों के कारण भारत के खादी उद्योग में काफी बदलाव आया है और इसका असर गांवों के लोगों पर पड़ा है। खादी ग्रामोद्योग का कारोबार आज डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। 10 साल पहले की तुलना में प्रधानमंत्री ने कहा कि खादी की बिक्री में 400 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है, जिससे बुनकरों और कारोबारियों को लाभ हुआ है और रोजगार के नए अवसर पैदा हुए। मोदी ने लखपति दीदी योजना का भी जिक्र किया, जिसके तहत ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्रदान किए गए हैं। उन्होंने कहा, “पिछले एक दशक में 10 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों में शामिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि 10 करोड़ महिलाएं स्व-रोजगार के कारण कमाने लगी हैं और सरकार ने इन्हें पूरी तरह सपोर्ट किया है। तीन करोड़ लखपति दीदी बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि अब तक 1.25 करोड़ से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और उनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक हो गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। पिछली सरकारों पर स्पष्ट नीतियों और इरादों की कमी का अभाव बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में नई तकनीकें आती थीं। लेकिन भारत में हम उनका इंतजार करते थे, ये सोचकर कि ये दुनिया के पास आ गई है, हमारे पास कब आएगी। जो तकनीक पश्चिमी देशों में पुरानी और बेकार हो जाती थी, वो हमारे पास आ जाती थी। ये मानसिकता बना दी गई कि हमारे देश में आधुनिक तकनीक विकसित नहीं हो सकती। इस मानसिकता से कितना बड़ा नुकसान हुआ, भारत न सिर्फ आधुनिक विकास की दौड़ में पिछड़ गया, बल्कि रोजगार के सबसे महत्वपूर्ण स्रोत भी हमसे दूर होने लगे। आधुनिक दुनिया में अगर रोजगार पैदा करने वाले उद्योग नहीं होंगे, तो रोजगार कैसे मिलेगा? इसीलिए हमने देश को पिछली सरकारों की उस पुरानी सोच से मुक्त करने के लिए काम करना शुरू किया है। अंतरिक्ष क्षेत्र से लेकर सेमी कंडक्टर तक, इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों तक, हमने हर नई तकनीक में प्रगति की है। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि आज सरकार भारत के युवाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए कौशल विकास पर बहुत ध्यान दे रही है। इसलिए, उन्होंने कहा कि सरकार ने कौशल भारत जैसे मिशन शुरू किए हैं और कई कौशल विकास केंद्रों में युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। मोदी ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए व्यवस्था की गई है कि भारत के युवाओं को अनुभव और अवसर के लिए भटकना न पड़े। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का हवाला देते हुए मोदी ने कहा कि भारत की शीर्ष 500 कंपनियों में सशुल्क इंटर्नशिप के लिए प्रावधान किए गए हैं, जहां प्रत्येक इंटर्न को एक वर्ष के लिए प्रति माह 5,000 रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में वास्तविक जीवन के कारोबारी माहौल से जुड़ने का मौका मिलेगा और उनके करियर में लाभकारी अनुभव जुड़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने बाबा कार्तिक साहेब की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समुदाय के प्रमुख नेताओं में शुमार कार्तिक उरांव की जयंती पर मंगलवार को उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वंचितों के कल्याण के लिए उनका अतुलनीय योगदान देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। मोदी ने सोशल मीडिया … Read more

धन्वंतरि जयंती पर 12850 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ, उद्घाटन और शिलान्यास

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में धन्वंतरि जयंती और नौवें आयुर्वेद दिवस पर स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित 12 हजार 850 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का शुभारंभ, उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य दायरे कवरेज के विस्तार का शुभारंभ करेंगे। मोदी देश के पहले अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के चरण- द्वितीय का उद्घाटन करेंगे। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के प्रयोग को बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री 11 तृतीयक स्वास्थ्य संस्थानों में ड्रोन सेवाओं का शुभारंभ करेंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए डिजिटल पहलों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री यू-विन पोर्टल का शुभारंभ करेंगे, जो गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को लाभान्वित करने वाली टीकाकरण प्रक्रिया को डिजिटल बनाता है। मेक इन इंडिया के अनुरूप प्रधानमंत्री चिकित्सा उपकरणों और थोक दवाओं के लिए पीएलआई योजना के तहत पांच परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास और परीक्षण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई पहलों का भी शुभारंभ भी हाेगा। प्रधानमंत्री एक राष्ट्रव्यापी अभियान, “देश का प्रकृति परीक्षण अभियान” भी शुरू करेंगे, जिसका उद्देश्य नागरिकों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। वह प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के लिए जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य पर राज्य-विशिष्ट कार्य योजना भी शुरू करेंगे, जिसमें जलवायु परिवर्तन के अनुकूल स्वास्थ्य सेवाओं के विकास के लिए अनुकूलन रणनीति तैयार की जाएगी। प्रधानमंत्री यू-विन पोर्टल का शुभारंभ करेंगे। यह टीकाकरण प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल बनाकर गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को लाभान्वित करेगा। यह गर्भवती महिलाओं और बच्चों (जन्म से 16 वर्ष तक) को बीमारियों के खिलाफ जीवन रक्षक टीकों काे समय लगाया जा सकेगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री संबद्ध और स्वास्थ्य पेशेवरों और संस्थानों के लिए एक पोर्टल भी जारी करेंगे। यह मौजूदा स्वास्थ्य पेशेवरों और संस्थानों के केंद्रीकृत डेटाबेस के रूप में कार्य करेगा। मोदी देश के पहले अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान के दूसरे चरण का उद्घाटन करेंगे। इसमें एक पंचकर्म अस्पताल, औषधि निर्माण के लिए एक आयुर्वेदिक फार्मेसी, एक खेल चिकित्सा इकाई, एक केंद्रीय पुस्तकालय, एक आईटी और स्टार्ट-अप इनक्यूबेशन सेंटर और 500 सीटों वाला एक ऑडिटोरियम शामिल है। वह मध्य प्रदेश के मंदसौर, नीमच और सिवनी में तीन मेडिकल कॉलेजों का भी उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा, वह हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर, पश्चिम बंगाल के कल्याणी, बिहार के पटना, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, मध्य प्रदेश के भोपाल, असम के गुवाहाटी और नयी दिल्ली में विभिन्न एम्स में सुविधा और सेवा विस्तार का उद्घाटन करेंगे, जिसमें एक जन औषधि केंद्र भी शामिल होगा। प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक और ओडिशा के बरगढ़ में एक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का भी उद्घाटन करेंगे। वह मध्य प्रदेश के शिवपुरी, रतलाम, खंडवा, राजगढ़ और मंदसौर में पांच नर्सिंग कॉलेजों, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) के अंतर्गत हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मणिपुर, तमिलनाडु और राजस्थान में 21 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों और नयी दिल्ली के एम्स तथा हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में अनेक सुविधाओं और सेवा विस्तारों की आधारशिला भी रखेंगे। मोदी मध्य प्रदेश के इंदौर में एक ईएसआईसी अस्पताल का उद्घाटन करेंगे और हरियाणा के फरीदाबाद, कर्नाटक के बोम्मासंद्रा और नरसापुर, मध्य प्रदेश के इंदौर, उत्तर प्रदेश के मेरठ और आंध्र प्रदेश के अचुतापुरम में कर्मचारी राज्य बीमा निगम – ईएसआईसी अस्पतालों की आधारशिला रखेंगे। इन परियोजनाओं से करीब 55 लाख ईएसआई लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य सेवा को और अधिक सुलभ बनाने के लिए सेवा वितरण को बढ़ाने के लिए ड्रोन प्रौद्योगिकी के अभिनव उपयोग में प्रधानमंत्री 11 तृतीयक स्वास्थ्य सेवा संस्थानों में ड्रोन सेवाओं का शुभारंभ करेंगे। ये संस्थान उत्तराखंड में एम्स ऋषिकेश, तेलंगाना में एम्स बीबीनगर, असम में एम्स गुवाहाटी, मध्य प्रदेश में एम्स भोपाल, राजस्थान में एम्स जोधपुर, बिहार में एम्स पटना, हिमाचल प्रदेश में एम्स बिलासपुर, उत्तर प्रदेश में एम्स रायबरेली, छत्तीसगढ़ में एम्स रायपुर, आंध्र प्रदेश में एम्स मंगलगिरी और मणिपुर में रिम्स इंफाल है। वह एम्स ऋषिकेश से हेलिकॉप्टर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का भी शुभारंभ करेंगे, जो तेजी से चिकित्सा देखभाल प्रदान करने में मदद करेगी। प्रधानमंत्री देश में स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर बनाने के लिए अनुसंधान एवं विकास तथा परीक्षण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई पहलों की भी शुरुआत करेंगे। प्रधानमंत्री ओडिशा के भुवनेश्वर के गोथापटना में एक केंद्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन करेंगे। वह ओडिशा के खोरधा और छत्तीसगढ़ के रायपुर में योग और प्राकृतिक चिकित्सा के दो केंद्रीय अनुसंधान संस्थानों की आधारशिला रखेंगे। वह चिकित्सा उपकरणों के लिए गुजरात के एनआईपीईआर अहमदाबाद, थोक दवाओं के लिए तेलंगाना के एनआईपीईआर हैदराबाद, फाइटोफार्मास्युटिकल्स के लिए असम के एनआईपीईआर गुवाहाटी और एंटी-बैक्टीरियल एंटी-वायरल दवा खोज और विकास के लिए पंजाब के एनआईपीईआर मोहाली में चार उत्कृष्टता केंद्रों की आधारशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री चार आयुष उत्कृष्टता केंद्रों का शुभारंभ करेंगे, जिनमें भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु में मधुमेह और चयापचय विकारों के लिए उत्कृष्टता केंद्र; आईआईटी दिल्ली में रस औषधियों के लिए उन्नत तकनीकी समाधान, स्टार्ट-अप समर्थन और टिकाऊ समाधान के लिए टिकाऊ आयुष में उत्कृष्टता केंद्र, केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान, लखनऊ में आयुर्वेद में मौलिक और अनुवाद संबंधी अनुसंधान के लिए उत्कृष्टता केंद्र; और जवाहर लाल नेहरु विश्विवद्यालय नयी दिल्ली में आयुर्वेद और प्रणाली चिकित्सा पर उत्कृष्टता केंद्र शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में मेक इन इंडिया पहल को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री गुजरात के वापी, तेलंगाना के हैदराबाद, कर्नाटक के बेंगलुरु, आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ में चिकित्सा उपकरणों और दवाओं के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत पांच परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। ये इकाइयां महत्वपूर्ण दवाओं के साथ-साथ बॉडी इम्प्लांट और क्रिटिकल केयर उपकरण जैसे उच्च-स्तरीय चिकित्सा उपकरणों का निर्माण करेंगी।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एक नए जन औषधि केंद्र का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के साथ इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा भी मौजूद रहेंगे। यह नया केंद्र 1,724 वर्ग फुट में फैला है और यहां 2,047 से अधिक उच्च गुणवत्ता की जेनेरिक दवाएं और 300 से ज्यादा सर्जिकल उपकरण बहुत कम कीमत पर उपलब्ध होंगे। एम्स … Read more