केंद्र सरकार का बड़ा कदम, इन लोगों को मिलेगा 5 लाख की लिमिट वाला क्रेडिट कार्ड

नईदिल्ली नए फाइनेंशियल ईयर में कई ऐसे नियम लागू होंगे, जो बजट में लागू हुए थे। बीते एक फरवरी को बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किसानों के हित में भी कई बड़े ऐलान किए थे। इनमें से एक ऐलान- किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) का है। किसान क्रेडिट कार्ड से लोन की लिमिट को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया गया है। किस तरह की जरूरतों के लिए मददगार बता दें कि किसान क्रेडिट कार्ड एक बैंकिंग उत्पाद है जो किसानों को बीज, उर्वरक और कीटनाशक जैसी कृषि वस्तुएं खरीदने में मददगार है। इसके साथ ही फसल उत्पादन और इससे जुड़ी गतिविधियों से संबंधित नकदी जरूरतों को पूरा करने के लिए समय पर और किफायती क्रेडिट प्रदान करता है। 2019 में केसीसी योजना को पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों की कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को कवर करने के लिए विस्तारित किया गया था। बता दें कि चालू किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) खातों के तहत राशि 31 दिसंबर, 2024 तक 10 लाख करोड़ रुपये को पार कर गई है। इससे 7.72 करोड़ किसानों को फायदा हुआ है। मार्च, 2014 में चालू केसीसी की राशि 4.26 लाख करोड़ रुपये थी। बजट में कटौती बीते एक फरवरी को पेश बजट में सरकार ने कृषि क्षेत्र के बजट में कटौती की थी। केंद्र सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए कृषि मंत्रालय का बजट आवंटन 2.75 प्रतिशत घटाकर 1.37 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, इस कमी की भरपाई संबद्ध क्षेत्रों के लिए बढ़े हुए आवंटन से हुई है, जिसमें मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र के लिए आवंटन को 37 प्रतिशत बढ़ाकर 7,544 करोड़ रुपये और खाद्य प्रसंस्करण के लिए आवंटन को 56 प्रतिशत बढ़ाकर 4,364 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है। कृषि, संबद्ध क्षेत्रों और खाद्य प्रसंस्करण के लिए कुल बजट आवंटन वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1.45 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। नई योजनाओं के लिए आवंटन विस्तृत होने के बाद इसके चालू वर्ष के संशोधित अनुमान 1.47 लाख करोड़ रुपये को पार करने की उम्मीद है। recent visitors 33

निधि तिवारी बनीं पीएम मोदी की प्राइवेट सेक्रेटरी, क्या है बनारस से कनेक्शन?

वाराणसी वाराणसी की रहने वाली IFS अधिकारी निधि तिवारी को पीएम मोदी की प्राइवेट सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग ने इस नियुक्ति की सूचना जारी की है। निधि तिवारी 2014 बैच की विदेश सेवा की अधिकारी हैं। वह इससे पहले भी पीएमओ में ही डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर तैनात थीं। 29 मार्च को ही उन्हें पीएम मोदी की प्राइवेट सेक्रेटरी के तौर पर नियु्क्त करने का आदेश दे दिया गया था। आदेश में कहा गया है कि कैबिनेट की नियुक्त किमेटी ने आईएफएस अधिकारी निधि तिवारी जो कि प्रधानमंत्री कार्यालय में डिप्टी सेक्रेटरी के तौर पर कार्यरत हैं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी सचिव के तौर पर नियुक्त करने को मंजूरी दी है। निधि तिवारी को 2022 में पीएमओ में डिप्टी सेक्रेटरी बनाया गया था। इससे पहले वह विदेश मंत्रालय में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के लिए काम कर रही थीं। निजी सचिव के तौर पर निधि तिवारी का काम बेहद अहम होने वाला है। वह पीएम मोदी के कार्यक्रमों का समन्वयन, बैठकों का आयोजन और सरकारी विभागों के साथ संपर्क से संबंधित कामकाज देखेंगी। आदेश के मुताबिक निधि तिवारी का वेतन पे मैट्रिक्स स्तर 12 के मुताबिक निर्धारित होगा। पीएमओ में पहले भी कई महिला अधिकारियों को अहम जिम्मेदारी दी गई है। वहीं निधि तिवारी को प्रधानमंत्री की निजी सचिव के रूप में पदोन्नत करना का एक संदेश महिला सशक्तीकरण को लेकर भी है। इसके अलावा वह प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से आती हैं। निधि तिवारी के सराहनीय काम को देखते हुए उन्हें प्रमोशन दिया गया है। जानिए कौन हैं निधि तिवारी? निधि तिवारी इससे पहले नवंबर 2022 से प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर काम कर चुकी हैं। इससे पहले वह विदेश मंत्रालय के निरस्त्रीकरण (Disarmament) और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों (International Security Affairs Division) के प्रभाग में अवर सचिव के पद पर कार्यरत थीं। बता दें कि निधि तिवारी साल 2014 बैच की IFS अधिकारी हैं। उन्होंने अपने अब तक के करियर में विदेश मंत्रालय के कई अहम विभागों में काम किया है। प्रशासनिक क्षमता और कार्यकुशलता को देखते हुए उनकी पदोन्नति प्रधानमंत्री के प्राइवेट सेक्रेटरी के पद पर हुई है। इस पद पर रहते हुए निधि तिवारी अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज संभालेंगी। पीएम की बैठकें, विदेशी दौरों की तैयारी और नीतिगत निर्णयों के समन्वय (Coordination) में अहम भूमिका निभाएंगी। धर्म नगरी वाराणसी की हैं निधि तिवारी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, निधि तिवारी ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2013 में पास की थी। इसमें उनकी 96वीं रैंक थी। वो मूल रूप से वाराणसी के महमूरगंज की रहने वाली हैं। पीएम मोदी भी वाराणसी से लोकसभा सांसद हैं। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा परीक्षा पास करने से पहले वह वाराणसी में ही असिस्टेंट कमिश्नर (कॉमर्शियल टैक्स) थी। इस दौरान वो तैयारी करती रहीं और फिर नई जॉब हासिल की। recent visitors 70

कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन 19 अप्रैल को होगा, पीएम मोदी हरी झंडी दिखाएंगे, घाटी के लिए स्पेशल डिजाइन की गई है ट्रेन

श्रीनगर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 अप्रैल को जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इससे कश्मीर घाटी देश के बाकी हिस्सों से जुड़ जाएगी। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि अभी जम्मू रेलवे स्टेशन पर काम चल रहा है। इसलिए वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत कटरा से होगी। यह व्यवस्था कुछ समय के लिए ही है। 23 जनवरी को भारतीय रेलवे ने ट्रायल वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल किया था। यह ट्रेन श्री माता वैष्णो देवी कटरा (SVDK) रेलवे स्टेशन से श्रीनगर रेलवे स्टेशन तक चलाई गई थी। यह भारत के पहले केबल पुल अंजी खाद ब्रिज से होकर गुजरेगी। साथ ही यह चेनाब ब्रिज से भी गुजरेगी जो दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है। यह ट्रेन कश्मीर घाटी की ठंडी जलवायु को ध्यान में रखकर बनाई गई है। देश में पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन 15 फरवरी, 2019 को नई दिल्ली और वाराणसी के बीच शुरू की गई थी। अभी देश में 50 से अधिक वंदे भारत चल रही हैं। जम्मू से श्रीनगर के बीच चलने वाली वंदे भारत से 272 किलोमीटर लंबी उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना पूरी हो जाएगी। इस ट्रेन से जम्मू और श्रीनगर के बीच का सफर आसान हो जाएगा और लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी। इस ट्रेन सेवा से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय बहुत कम हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट 1997 में शुरू हुआ था और पिछले महीने ही पूरा हुआ है। इसे पूरा करने में कई मुश्किलें आईं। इसमें भूगर्भीय और भौगोलिक दिक्कतें भी शामिल थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 अप्रैल को जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री 19 अप्रैल को उधमपुर पहुंचेंगे। इसके बाद वे दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज (चिनाब ब्रिज) का उद्घाटन करेंगे। फिर वे कटरा पहुंचकर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल जम्मू रेलवे स्टेशन पर मरम्मत का काम चल रहा है, इस वजह से ट्रेन सेवा अस्थायी रूप से कटरा से शुरू की जा रही है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद, अगस्त से यह ट्रेन जम्मू से भी चलेगी। कटरा- श्रीनगर पर ट्रेन का ट्रायल 25 जनवरी को किया गया था, जो सफल रहा था। ट्रेन सुबह 8 बजे कटरा से रवाना हुई और 11 बजे कश्मीर के अंतिम स्टेशन श्रीनगर पहुंची। यानी 160 किलोमीटर का सफर 3 घंटे में पूरा किया। जम्मू-कश्मीर में चलने वाली यह ट्रेन खास तौर पर कश्मीर के मौसम के हिसाब से डिजाइन की गई है। बर्फबारी में भी यह आसानी से चलेगी। ट्रेन में लगा हीटिंग सिस्टम पानी की टंकियों और बायो-टॉयलेट को जमने से रोकेगा। ड्राइवर का विंडशील्ड और एयर ब्रेक माइनस टेंपरेचर में भी काम करेगा। 11 जनवरी को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- जम्मू-श्रीनगर रेल लिंक प्रोजेक्ट सपना सच होने जैसा है। वंदे भारत एक्सप्रेस को कश्मीर के मौसम को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इस ट्रेन में एंटी-फ्रीजिंग फीचर हैं। मतलब यह ट्रेन -20°C तक के तापमान में भी चल सकती है। इससे यह ट्रेन पूरे साल बिना किसी परेशानी के हर मौसम में चलेगी। यह ट्रेन भूकंप को मापने वाले यंत्रों से भी लैस है। यह बहुत जरूरी है क्योंकि यह इलाका भूकंप के लिए संवेदनशील है। ये यंत्र हिमालय के इलाके में होने वाले झटकों को कम करते हैं। इससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिलेगा. इसके अलावा ड्राइवर के केबिन में गर्म विंडशील्ड है। इससे विंडशील्ड पर कोहरा या बर्फ नहीं जमेगी। ट्रेन के पाइप और बायो-टॉयलेट में हीटिंग एलिमेंट लगे हैं। इससे वे ठंड में भी ठीक से काम करेंगे। इस प्रोजेक्ट में 38 सुरंगें हैं। इनमें 12.75 किलोमीटर लंबी सुरंग T-49 भी शामिल है जो भारत की सबसे लंबी ट्रांसपोर्ट टनल है। इस रूट पर 927 पुल भी हैं, जिनकी कुल लंबाई 13 किलोमीटर है। इनमें चिनाब ब्रिज सबसे खास है। यह पुल नदी के तल से 359 मीटर ऊपर है और दुनिया का सबसे ऊंचा आर्च रेलवे पुल है। यह एफिल टॉवर से भी 35 मीटर ऊंचा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 अप्रैल को कटरा से तक चलने वाली पहली ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन रियासी जिले के कटरा कस्बे से चलेगी और पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला को पार करते हुए श्रीनगर पहुंचेगी और फिर उत्तरी कश्मीर के बारामूला में अपने अंतिम गंतव्य तक पहुंचेगी. अधिकारियों के अनुसार, रेल लिंक परियोजना पिछले महीने पूरी हो गई थी. कटरा-बारामुल्ला मार्ग पर ट्रेन का ट्रायल रन सफलतापूर्वक किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने जनवरी में कटरा और कश्मीर के बीच ट्रेन सेवा को मंजूरी दी थी. उन्होंने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस से जम्मू और श्रीनगर के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है, जिससे इस क्षेत्र के लिए एक आधुनिक और कुशल रेल सेवा उपलब्ध होगी.  इसका ऐलान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने किया। है। जम्मू से नहीं, कटरा से क्यों शुरू होगी सेवा? जितेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल जम्मू रेलवे स्टेशन पर मरम्मत का काम चल रहा है, इसलिए ट्रेन सेवा अस्थायी रूप से कटरा से शुरू की जा रही है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद, अगस्त से यह ट्रेन जम्मू से भी चलेगी। PM मोदी का कार्यक्रम प्रधानमंत्री 19 अप्रैल को सबसे पहले उधमपुर पहुंचेंगे। इसके बाद वे दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज (चिनाब ब्रिज) का निरीक्षण और उद्घाटन करेंगे। फिर वे कटरा पहुंचकर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। recent visitors 35

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि  हिंदू नववर्ष के शुभारंभ के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर विकास की नई रोशनी फैली है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को 33,700 करोड़ रुपए से अधिक की बहुआयामी परियोजनाओं की सौगात दी है।  उन्होंने जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया। जनकल्याण और अधोसंरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा लोकार्पित एवं शिलान्यास की गई परियोजनाएं रेल, सड़क, ऊर्जा, ईंधन, आवास और शिक्षा से जुड़ी हैं, जो न केवल लोगों के जीवन में खुशहाली और सुविधा का नया सूर्याेदय लाएंगी, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ की नींव भी मजबूत करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी पर लोगों ने भरोसा किया जिससे विधानसभा और लोकसभा चुनावों में डबल इंजन की सरकार बनी और अब स्थानीय निकाय चुनावों में तीसरा इंजन भी जुड़ गया है। 2047 के विकसित भारत की ओर छत्तीसगढ़ का मजबूत कदम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावी पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखकर 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ इसमें ऊर्जा, खनिज और कृषि के क्षेत्र में राष्ट्रीय आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायक बनेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि जैसे कार्यक्रमों के जरिए अंतिम छोर तक लाभ पहुंचा है। साथ ही रेल, सड़क, एयर कनेक्टिविटी और डिजिटल नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। आदिवासी विकास में विशेष योगदान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री जन-मन, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने जनजातीय बहुल छत्तीसगढ़ को एक नई दिशा और दशा दी है। भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में अयोध्या में श्रीरामलला का भव्य मंदिर बना और प्रयागराज महाकुंभ में भारत की संस्कृति की भव्यता को दुनिया ने देखा। छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के सशक्तिकरण के लिए सरकार पूरी शक्ति से जुटी है।   मुख्यमंत्री साय ने अंत में प्रधानमंत्री जी के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि जब-जब छत्तीसगढ़ के विकास के लिए हमने मांग की, आपने अपेक्षा से अधिक दिया। इसके लिए हम सदैव आभारी रहेंगे। उन्होंने प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। recent visitors 41

PM मोदी आज 30 मार्च को दिखाएंगे हरी झंडी, मिलेगी ये सुविधाएं

बिलासपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज  30 मार्च को बिलासपुर का दौरा करने वाले हैं। वे यहां एक घंटे के लिए रहेंगे। इस दौरान वे जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसे लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियां कर ली हैं। सभा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बिना जांच के किसी को भी प्रवेश नहीं मिलेगा। लोगों को सभास्थल पर पहुंचने के लिए घर से दो से तीन घंटे पहले निकलने की हिदायत दी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रदेश भर से करीब 3 हजार जवान बिलासपुर पहुंचे हैं। बिलासपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। शासन-प्रशासन ने पूरी ताकत लगा दी है। कार्यक्रम की तैयारी अंतिम चरण में है। सभास्थल और आसपास के इलाकों की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जा रहा है। सीएम से लेकर कलेक्टर तक सब अलर्ट मोड पर गुरुवार को कलेक्टर अवनीश शरण ने एक मीटिंग की। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी। कलेक्टर ने बताया कि लोगों के बैठने और वाहन पार्किंग के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। इससे गर्मी में लोगों को सभास्थल तक आने के लिए ज्यादा दूर पैदल नहीं चलना पड़ेगा। सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था सुरक्षा के लिए स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के अफसर भी बिलासपुर पहुंच गए हैं। उन्होंने कलेक्ट्रेट में देर शाम जिला और पुलिस प्रशासन के अफसरों के साथ मीटिंग की। मीटिंग में सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा की गई। सभास्थल पर पीने के पानी की व्यवस्था भी की गई है। प्रशासन इस बात का ध्यान रख रहा है कि लोगों को गर्मी में किसी तरह की परेशानी न हो। नेत्रालय का शिलान्यास और सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड की सुविधा का उद्घाटन करेंगे. वहीं छत्तीसगढ़ में बिलासपुर में 33,700 करोड़ रुपए की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे. पीएम के इस दौरे पर छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश भी होगा. पीएम मोदी 30 मार्च को हिंदू नववर्ष की शुरुआत के अवसर पर नागपुर के रेशिमबाग स्थित ‘स्मृति मंदिर’ में आरएसएस के संस्थापकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और आरएसएस के द्वितीय सरसंघचालक एम. एस. गोलवलकर के स्मारक स्मृति मंदिर में स्थित हैं. इसके साथ ही वह दीक्षाभूमि में डॉ. बीआर आंबेडकर को श्रद्धांजलि देंगे, जहां वो 1956 में अपने हजारों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया था. पीएम मोदी का महाराष्ट में कार्यक्रम पीएम मोदी 30 मार्च को सुबह करीब 9 बजे नागपुर में स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे और उसके बाद दीक्षाभूमि जाएंगे. इसके बाद वह सुबह करीब 10 बजे नागपुर में माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखेंगे. यह माधव नेत्रालय नेत्र संस्थान और अनुसंधान केंद्र का एक नया विस्तार भवन है. इसकी स्थापना गुरुजी माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर की स्मृति में की गई थी. इस योजना के तहत 250 बिस्तरों वाला अस्पताल, 14 ओपीडी और 14 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर स्थापित किए जाएंगे. वहीं, पीएम मोदी एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. इसके बाद पीएम मोदी दोपहर करीब 12:30 बजे नागपुर में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड की गोला-बारूद सुविधा का दौरा करेंगे. जहां वह यूएवी के लिए लोइटरिंग म्यूनिशन टेस्टिंग रेंज और रनवे सुविधा काउद्घाटन करेंगे. यह 1250 मीटर लंबी और 25 मीटर चौड़ी हवाई पट्टी है. यह लोइटरिंग म्यूनिशन और अन्य युद्ध सामग्री का परीक्षण करने के लिए लाइव म्यूनिशन और वारहेड परीक्षण सुविधा है. छत्तीसगढ़ में एक के बाद एक कई कार्यक्रम पीएम मोदी महाराष्ट्र के बाद सीधे छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के लिए रवाना होंगे. जहां वह दोपहर करीब 3:30 बजे कई विकास परियोजनाओं का आधारशिला रखेंगे ,साथ ही 33,700 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली कई परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे. वे बिलासपुर जिले में स्थित एनटीपीसी की सीपत सुपर थर्मल पावर परियोजना चरण-III (1x800MW) की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 9,790 करोड़ रुपए से अधिक है. पीएम छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) की पहली सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660MW) की शुरूआत करेंगे. इसकी लागत 15,800 करोड़ रुपय से अधिक है. इसके अलावा वह पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना (WRES) के तहत 560 करोड़ से अधिक की लागत वाली पावरग्रिड की तीन विद्युत पारेषण परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे. इसके बाद पीएम मोदी वहां ओयजित एक रेली को भी संबोधित करेंगे. इस दौरान धानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PAMY-G) के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश होगा. पीएम मोदी इस योजना के तहत कुछ लाभार्थियों को चाबियां सौंपेंगे. इसके अलवा प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूल समर्पित करेंगे. छत्तीसगढ़ को पीएम मोदी देंगे ये सौगात     कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की सिटी गैस वितरण (CGD) परियोजना की आधारशिला रखेंगे.     हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) की 540 किलोमीटर लंबी विशाख-रायपुर पाइपलाइन (VRPL) परियोजना की आधारशिला रखेंगे, जिसकी लागत 2210 करोड़ रुपये से अधिक होगी.     विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई रेल और सड़क परियोजनाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.     पीएम 108 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली सात रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे. 2,690 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 111 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली तीन रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे.     एनएच-930 (37 किमी) के झलमला से शेरपार खंड और एनएच-43 (75 किमी) के अंबिकापुर-पत्थलगांव खंड को पक्के कंधे के साथ 2 लेन में उन्नत करने के लिए राष्ट्र को समर्पित करेंगे.     एनएच-130डी (47.5 किमी) के कोंडागांव-नारायणपुर खंड को पक्के कंधे के साथ 2 लेन में उन्नत करने की आधारशिला भी रखेंगे.   recent visitors 31

पीएम आज 30 मार्च को संघ के संस्थापक हेडगेवार के स्मारक जाएंगे, पीएम1987 में संघ से बीजेपी में आए थे

नागपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस महीने के अंत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय जाएंगे.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 साल के अपने कार्यकाल मे पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय जाएंगे। नागपुर में संघ का मुख्यालय रेशमबाग में स्थित है। पीएम मोदी वैसे तो इन सालों में कई बार नागपुर के दौरे पर पहुंचे हैं लेकिन वह पहली बार रेशमबाग स्थित संघ मुख्यालय जाएंगे। पीएम मोदी के दौरे को लेकर नागपुर में चाकचौबंद तैयारियां की गई है। इस महीने 17 मार्च को नागपुर के महल इलाके में हिंसा और दंगों को देखते हुए पीएम मोदी की सुरक्षा की अभेद्य इंतजाम किए गए हैं। बतौर प्रधानमंत्री पहली बार संघ मुख्यालय जाने को लेकर राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं छिड़ी हुई हैं। पीएम मोदी आज 30 मार्च को नागपुर पहुंचेंगे। पीएम मोदी अक्टूबर, 2001 में सीएम बने थे, लेकिन वह इसके बाद से कभी संघ मुख्यालय नहीं गए हैं। वह 1972 में प्रचारक बने थे। 1987 में वह भाजपा में शामिल हुए। बाद में वरिष्ठ नेताओं की ओर से मोदी को पार्टी में बड़ी जिम्‍मेदारी मिली थी। अभी तक जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार पीएम मोदी ने संघ मुख्यालय का आखिरी दौरा बतौर प्रचारक ही किया था। प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारियां की हैं। सुरक्षा व्यवस्था में 5 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी और अन्य एजेंसियों के जवान तैनात रहेंगे। ऐतिहासिक है PM मोदी का दौरा गुड़ी पड़वा के मौके पर नागपुर आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत की बीजेपी ने जोरदार तैयारी की है। जिस 30 किमी के मार्ग और 47 चौराहों से वह गुजरेंगे, उन्हें सजाया जा रहा है। पीएम मोदी का यह दौरा बेहद खास है, क्योंकि 12 साल बाद वह आरएसएस मुख्यालय का दौरा करने वाले हैं। इससे पहले 16 सितंबर 2012 को नरेंद्र मोदी ‘स्मृति मंदिर’ आए थे। तब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक केएस सुदर्शन के अंतिम दर्शन के लिए आए थे। जानें क्या है पूरा कार्यक्रम आधिकारिक कार्यक्रम के हिंदू नववर्ष के शुभारम्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रतिपदा कार्यक्रम के साथ प्रधानमंत्री स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे और आरएसएस के संस्थापकों को श्रद्धांजलि देंगे। वह सुबह करीब 9 बजे स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे, फिर दीक्षाभूमि जाएंगे। सुबह करीब 10 बजे वे नागपुर में माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। माधव नेत्रालय आई इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर का नया विस्तार भवन है। 2014 में स्थापित यह संस्थान नागपुर में स्थित एक प्रमुख सुपर-स्पेशलिटी नेत्र चिकित्सा केंद्र है। संस्थान की स्थापना गुरुजी श्री माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर की स्मृति में की गई थी। आगामी परियोजना में 250 बिस्तरों वाला अस्पताल, 14 बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) और 14 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे, जिसका उद्देश्य लोगों को सस्ती और विश्व स्तरीय नेत्र उपचार सेवाएं प्रदान करना है। प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12:30 बजे नागपुर में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड में यूएवी के लिए लोइटरिंग म्यूनिशन टेस्टिंग रेंज और रनवे सुविधा का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी इसके बाद छत्तीसगढ़ के लिए रवाना होंगे। 2007 में आए थे बाजपेयी गुढ़ीपाड़वा के मौके पर प्रधानमंत्री के नागपुर आगमन को लेकर काफी ज्यादा अलर्ट है। बीजेपी की तरफ से उनके स्वागत की अभूतपूर्व तैयारियां की गई हैं। पीएम मोदी के एयरपोर्ट पर आगमन से लेकर स्मृति मंदिर रेशिमबाग, दीक्षाभूमि, माधव नेत्रालय कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गुढ़ीपाड़वा को महाराष्ट्र में नए साल के तौर पर मनाया जाता है। 2007 में अटल बिहारी बाजपेयी ने डॉ. हेडगेवार स्मारक स्मृति मंदिर का दौरा किया था। तब वे प्रधानमंत्री नहीं थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रचारक के तौर पर रेशिमबाग आ चुके हैं लेकिन बतौर प्रधानमंत्री पहली बार वह संघ मुख्यालय जाएंगे। इसको लेकर राजनीतिक तौर पर अटकलों का बाजार गर्म और कौतूहल है। उनके इस दौरे को काफी ज्यादा अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह पहली बार बतौर पीएम रेशिमबाग में प्रवेश करेंगे। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ संघ का शीष नेतृत्व मौजूद रहेगा। प्रधानमंत्री की सुरक्षा संभालने वाली एसपीपी ने तमाम प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए तैयारियों को पूरा कर लिया है। recent visitors 55

यात्रियों को 31 मार्च से नवा रायपुर के लिये नियमित रूप से ट्रेन की सुविधा मिलनी शुरू हो जायेगी, PM 30 को दिखाएंगे हरी झंडी

 रायपुर नए कलर लुक में तैयार की गई ये ट्रेन रायपुर से अभनपुर के बीच चलेगी। सिर्फ 10 रुपए की टिकट में ये ट्रेन लोगों को आधे घंटे में रायपुर से नवा रायपुर और अभनपुर पहुंचा देगी। इस ट्रेन को 30 मार्च के दिन PM नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, PM मोदी 30 मार्च की दोपहर रायपुर आएंगे। यहां से बिलासपुर के मोहभाठा में सभा लेंगे। इस कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ के लिए 33 हजार 700 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और भूमिपूजन करेंगे, इसी कड़ी में इस रेलवे के प्रोजेक्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होगा। रायपुर से नवा रायपुर 32 मिनट में इस ट्रेन से रायपुर रेलवे स्टेशन से नवा रायपुर के CBD रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए यात्रियों को 32 मिनट लगेगा। आगे ये ट्रेन आगे केंद्री और अभनपुर स्टेशन भी जाएगी। नई रेल सेवा के तहत रायपुर से अभनपुर के बीच ये मेमू ट्रेन चलाई जाएगी, जिसमें रायपुर आरवी ब्लॉक हाट, मंदिर हसौद, उद्योग नगर, सीबीडी, मेला ग्राउंड केंद्री और अभनपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव होगा। ऐसा है नवा रायपुर का रेलवे स्टेशन 75 करोड़ रुपए की लागत से सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट एरिया (CBD) रेलवे स्टेशन बनकर तैयार है। यह छत्तीसगढ़ का पहला रेलवे स्टेशन है, जिसमें शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। यानि स्टेशन के ऊपरी हिस्से में बाजार सजेगा और नीचे पटरियों पर ट्रेन दौड़ेगी। स्टेशन का उद्घाटन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कर चुके हैं। बता दें कि नवा रायपुर में CBD के अलावा नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) 4 रेलवे स्टेशन का निर्माण कर रहा है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अभनपुर से रायपुर तक निरीक्षण वैन से यात्रा कर रेलवे ट्रैक और अन्य सुविधाओं की पूरी तरह से जांच की। कार्यक्रम स्थल का दौरा कर तैयारियों का भी जायजा लिया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर लोगों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल सहित अन्य सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक (रायपुर) दयानंद ने कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए अधिनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।   उन्होंने कहा कि इस नई रेल सेवा के शुरू होने से यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी। एसएसपी डॉ लाल उम्मेद सिंह ने कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखने के लिये पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया है। ये हैं ट्रेन का स्टॉपेज नई रेल सेवा के तहत रायपुर से अभनपुर के बीच मेमू ट्रेन चलाई जाएगी। ट्रेन रायपुर आरवी ब्लॉक हाट से शुरू होकर , मंदिर हसौद, उद्योग नगर, सीबीडी, मेला ग्राउंड केंद्री और अभनपुर रेलवे स्टेशन तक जायेगी। इस सिलसिले में नया रायपुर अटल नगर में तैयार किए गए सीबीडी रेलवे स्टेशन में यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।  स्टेशन के आसपास ये सुविधाएं इस स्टेशन के आस-पास 5.3 किलोमीटर में स्मार्ट सड़क, दूसरे इन्फ्रास्ट्रक्चर 35.25 करोड़ की लागत से तैयार किए गए हैं। इसके अलावा 100 बस, 148 कार, टैक्सी और लगभग 250 दोपहिया गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा 23.12 करोड़ की लागत से डेवलप की गई है। वर्चुअली उद्घाटन करेंगे PM मोदी बिलासपुर से प्रधानमंत्री वर्चुअली रायपुर के रेलवे प्रोजेक्ट लॉन्च करेंगे। जानकारी के मुताबिक करीब 3.30 बजे PM मोदी ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यहां PM 108 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली 7 रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। वहीं, 2,690 करोड़ रुपए से अधिक की लागत वाली 111 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली तीन रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। छत्तीसगढ़ में भारतीय रेलवे के रेल नेटवर्क के 100% विद्युतीकरण को भी समर्पित करेंगे। कलेक्टर SSP इंस्पेक्शन ट्रेन में हुए सवार शुक्रवार को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह और SSP लाल उमेद सिंह ने रेलवे के सीनियर अधिकारियों के साथ अभनपुर से रायपुर तक इंस्पेक्शन वैन से यात्रा की। अफसरों ने स्टेशन पर लोगों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल सहित अन्य सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान मंडल रेल प्रबंधक (रायपुर) दयानंद ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि इस नई रेल सेवा के शुरू होने से यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी। रायपुर से नवा रायपुर 32 मिनट में ट्रेन से रायपुर रेलवे स्टेशन से नवा रायपुर के CBD रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए यात्रियों को 32 मिनट लगेगा। आगे ये ट्रेन आगे केंद्री और अभनपुर स्टेशन भी जाएगी। नई रेल सेवा के तहत रायपुर से अभनपुर के बीच ये मेमू ट्रेन चलाई जाएगी। इसमें रायपुर आरवी ब्लॉक हाट, मंदिर हसौद, उद्योग नगर, सीबीडी, मेला ग्राउंड केंद्री और अभनपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव होगा। ऐसा है नवा रायपुर का रेलवे स्टेशन 75 करोड़ रुपए की लागत से सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट एरिया (CBD) रेलवे स्टेशन बनकर तैयार है। यह छत्तीसगढ़ का पहला रेलवे स्टेशन है, जिसमें शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। यानी स्टेशन के ऊपरी हिस्से में बाजार सजेगा और नीचे पटरियों पर ट्रेन दौड़ेगी। स्टेशन का उद्घाटन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कर चुके हैं। इसे नवा रायपुर में CBD के अलावा नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) 4 रेलवे स्टेशन का निर्माण कर रहा है। ऐसा होगा ट्रेन का शैड्यूल 30 मार्च को गाड़ी संख्या 08835 अभनपुर – रायपुर इनॉग्रल मेमू पैसेंजर स्पेशल 8 कोच के साथ अभनपुर से 15:30 बजे रवाना होगी। केंद्री, 15:38 बजे, सीबीडी 15:52 बजे, मंदिर हसौद 16:10 बजे, रायपुर 16.55 बजे पहुंचेगी। 31 मार्च से रायपुर अभनपुर रायपुर के बीच सुबह और शाम को 2 मेमो स्पेशल ट्रेनों की सुविधा यात्रियों को मिलेगी। (1) 68760/ 68761 रायपुर अभनपुर रायपुर मेमू पैसेंजर गाड़ी संख्या 68760 रायपुर अभनपुर मेमू पैसेंजर रायपुर से 9:00 बजे रवाना होकर 9:18 बजे मंदिर हसोद 9:32 बजे सीबीडी 9:50 बजे केंद्रीय 10:10 बजे अभनपुर पहुंचेगी। यह गाड़ी वापसी में गाड़ी संख्या 68761 अभनपुर रायपुर पैसेंजर अभनपुर से 10:20 बजे रवाना होकर केंद्री 10:28 बजे सीबीडी, 10:42 बजे मंदिर हसौद 11:00 बजे रायपुर 11:45 बजे पहुंचेगी। (2) 68762/68763 रायपुर अभनपुर रायपुर मेमू पैसेंजर गाड़ी संख्या 68762 रायपुर अभनपुर मेमू पैसेंजर रायपुर से 16:20 बजे रवाना होकर 16:38 बजे मंदिर हसौद,16.52 बजे सीबीडी, 17:10 बजे केंद्री, 17:30 बजे अभनपुर पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 68763 अभनपुर रायपुर मेमू पैसेंजर अभनपुर से 18:10 बजे रवाना होकर 18:18 केंद्री, 18:32 बजे सीबीडी, 18:45 बजे मंदिर हसौद, 19:20 बजे रायपुर पहुंचेगी। recent visitors 32