ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना के लिए मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र के बीच होगा एमओयू

भोपाल मुख्यमंत्री मोहन यादव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस की मौजूदगी में आज 10 मई को भोपाल में 'ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज' प्रोजेक्ट का एमओयू होगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के बाद अब मध्यप्रदेश में तीसरी महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय नदी परियोजना 'ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना' पर कार्य होगा. इस अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना के सभी अवरोध अब दूर हो गए हैं. CM यादव ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना विश्व की सबसे बड़ी ग्राउंड रिचार्ज प्रोजेक्ट है. इसके जरिए महाऱाष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे. उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना में कुल 31.13 टी.एम.सी. जल का उपयोग होगा. इसमें से 11.76 टी.एम.सी मध्यप्रदेश को और 19.36 टी.एम.सी जल महाराष्ट्र राज्य के हिस्से में आएगा. इस परियोजना में प्रस्तावित बांध और नहरों से मध्यप्रदेश कुल 3 हजार 362 हैक्टेयर भूमि उपयोग में लायी जाएगी. परियोजना में कोई गांव प्रभावित नहीं होगा अत: इसमें पुनर्वास की भी जरूरत नहीं होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रदेश की एक-एक नदी के एक-एक बूंद जल का समुचित उपयोग राष्ट्र और राज्य के हित में करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. जिस तरह पिछले दिनों हमने पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का राजस्थान के साथ कार्य प्रारंभ किया है, उसी प्रकार उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी जोड़ो की बड़ी राष्ट्रीय परियोजना पर काम किया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा, इसी क्रम में अब हमने इस तीसरी राष्ट्रीय नदी जल परियोजना के जरिए महाराष्ट्र राज्य के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है. इस परियोजना से महाराष्ट्र के उत्तर क्षेत्र एवं मध्यप्रदेश के दक्षिण क्षेत्र के हिस्से को पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे. साथ ही नागपुर जैसे बड़े शहर में पीने के पानी की समस्या और छिंदवाड़ा जिले में भी सिंचाई जल की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे.   recent visitors 42

10 मई को भोपाल में “ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज” परियोजना का एमओयू होगा

ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फड़नवीस की मौजूदगी में 10 मई को होगा एमओयू साइन विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड वाटर रिचार्ज परियोजना है ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज 10 मई को भोपाल में "ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज" परियोजना का एमओयू होगा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस की मौजूदगी में 10 मई को भोपाल में "ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज" परियोजना का एमओयू होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के बाद अब मध्यप्रदेश में तीसरी महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय नदी परियोजना "ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना" पर कार्य होगा। इस अंतर्राज्यीय संयुक्त परियोजना के सभी अवरोध अब दूर हो गये है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज परियोजना विश्व की सबसे बड़ी ग्राउण्ड रिचार्ज परियोजना है। इसके जरिए महाऱाष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ताप्ती नदी की तीन धाराएं बनाकर राष्ट्रहित में नदी जल की बूंद-बूंद का उपयोग सुनिश्चित कर कृषि भूमि का कोना-कोना सिंचित करेंगे। उन्होंने कहा कि ताप्ती बेसिन मेगा रिचार्ज योजना में कुल 31.13 टी.एम.सी. जल का उपयोग होगा। इसमें से 11.76 टी.एम.सी मध्यप्रदेश को और 19.36 टी.एम.सी जल महाराष्ट्र राज्य के हिस्से में आएगा। इस परियोजना में प्रस्तावित बांध एवं नहरों से मध्यप्रदेश कुल 3 हजार 362 हैक्टेयर भूमि उपयोग में लायी जाएगी। परियोजना में कोई गांव प्रभावित नहीं होगा अत: इसमें पुनर्वास की भी आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश की एक-एक नदी के एक-एक बूंद जल का समुचित उपयोग राष्ट्र और राज्य के हित में करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जिस तरह पिछले दिनों हमने पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना का राजस्थान के साथ कार्य प्रारंभ किया है, उसी प्रकार उत्तर प्रदेश के साथ केन-बेतवा नदी जोड़ो की बड़ी राष्ट्रीय परियोजना पर काम किया जा रहा है। इसी अनुक्रम में अब हमने इस तीसरी राष्ट्रीय नदी जल परियोजना के जरिए महाराष्ट्र राज्य के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। इस परियोजना से महाराष्ट्र के उत्तर क्षेत्र एवं मध्यप्रदेश के दक्षिण क्षेत्र के हिस्से को पर्याप्त जल उपलब्ध कराएंगे। साथ ही नागपुर जैसे बड़े शहर में पीने के पानी की समस्या और छिंदवाड़ा जिले में भी सिंचाई जल की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे।   recent visitors 42

मुख्यमंत्री मकरोनिया में 1119 जोड़ों के सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुए वर्चुअली शामिल

सामूहिक विवाह सामाजिक समरसता का प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव समाज में आ रहा सकारात्मक बदलाव प्रशंसनीय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री मकरोनिया में 1119 जोड़ों के सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुए वर्चुअली शामिल नवविवाहित जोड़ों को सफल वैवाहिक जीवन का दिया आशीर्वाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम समाज में समरसता, एकता और मितव्ययिता का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि एक ही मंडप में कई जोड़ों का विवाह होना सामाजिक चेतना और बदलती सोच का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास से सागर जिले की नरयावली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रजाखेड़ी बजरिया (मकरोनिया) में सम्पन्न सामूहिक विवाह सम्मेलन में वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में हुए सामूहिक विवाह सम्मेलन में कुल 1119 जोड़ों का एक ही मंडप में विवाह कराया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब सामूहिक विवाह समाज द्वारा प्रसन्नतापूर्वक सहजता से अपनाए जा रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि हमारे समाज की मानसिकता में सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है। यह बेहद प्रशंसनीय और अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के वैवाहिक आयोजनों से वर-वधू दोनों ही पक्षों का आर्थिक बोझ कम हो जाता है और इससे सामाजिक एकता को भी बल मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से आत्मीय अपील की कि हम सब इसी प्रगतिशील सोच को अपनाएं और समाज में सद्भाव, सहयोग एवं सादगी को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से अब तक लाखों जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। यह योजना जरुरतमंद परिवारों के लिए एक वरदान की तरह है। उन्होंने वर-वधू से कहा कि वे सरकार की सभी योजनाओं का लाभ लेकर अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ें। हमारी सरकार सबके रोजगार और सबके हितों की चिंता कर रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में वर-वधू को आशीर्वाद देने के लिए श्री हितानंद शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। खजुराहो सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा ने वर-वधू को आशीर्वाद देते हुए कहा कि समाज के जरुरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह का जिम्मा अब सरकार ने ले लिया है। बेटियों के हित में पूरी सरकार साथ हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने देश में एक मिसाल पेश की है। यहां धन के अभाव के कारण किसी गरीब परिवार को अपनी बेटी के विवाह के लिए क़र्ज़ नहीं लेना पड़ता। यहां सरकार कन्यादान योजना में अपने खर्च पर बेटियों का विवाह कराती है। कार्यक्रम स्थल से उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र कुमार शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। इससे समाज में व्यापक स्तर पर बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने सभी जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए बताया कि आज ही सभी जोड़ों के खाते में योजना में कुल 6 करोड़ 37 लाख रुपए की धनराशि हस्तांतरित की जा रही है। सम्मेलन के आयोजक नरयावली विधायक इंजीनियर प्रदीप लारिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि सबके सहयोग से मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में इस सामूहिक सम्मेलन में कुल 1119 जोड़ों का विधिवत विवाह संपन्न कराया गया है। कार्यक्रम स्थल में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता अधिकार संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, विधायक सागर श्री शैलेंद्र जैन, विधायक बीना श्रीमती निर्मला सप्रे, विधायक बंडा श्री वीरेंद्र लंबरदार, अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, वर-वधू और बड़ी संख्या में उनके परिजन भी उपस्थित थे। जनप्रतिनिधिगण, वर-वधू और बड़ी संख्या में उनके परिजन भी उपस्थित थे।   recent visitors 52

मप्र सड़क विकास निगम की 46वीं संचालक मंडल बैठक में मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

सड़क निर्माण में गुणवत्ता और दीर्घकालिक जरूरतों पर दें विशेष ध्यान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में सड़कों का निर्माण पूर्ण गुणवत्ता के साथ किया जाए मप्र सड़क विकास निगम की 46वीं संचालक मंडल बैठक में मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य में सड़कों का निर्माण पूर्ण गुणवत्ता के साथ किया जाए और उसमें दीर्घकालिक जरूरतों को विशेष रूप से ध्यान में रखा जाएं। उन्होंने कहा कि सड़कें प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास की रीढ़ हैं। उनका निर्माण टिकाऊ, सुरक्षित और आधुनिक मानकों के अनुरूप हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता सुनिश्चित की जाएं। साथ ही सड़क परियोजनाओं के निर्माण में तय समय-सीमा का पालन किया जाए, ताकि जनता को जल्द से जल्द बेहतर आवागमन सुविधाएं मिल सकें। बैठक में प्रदेश में चल रही प्रमुख सड़क परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई एवं आगामी कार्य योजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सड़क निर्माण में नवीन तकनीकों को अपनाया जाए और पर्यावरणीय मानकों का पालन कर पारिस्थितिकीय संतुलन का भी ध्यान रखा जाए। बैठक में लोक निर्माण मंत्री एवं मप्र सड़क विकास निगम के उपाध्यक्ष राकेश सिंह, मुख्य सचिव एवं मप्र सड़क विकास निगम के उपाध्यक्ष अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वन अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय कुमार शुक्ल, प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव खनिज साधन उमाकांत उमराव, प्रबंध संचालक मप्र सड़क विकास निगम भरत यादव, निगम में स्वतंत्र संचालक एवं संचालक मंडल के विशेष सदस्य वेंकटेश बालासुब्रमण्यम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में निगम के प्रबंध संचालक यादव ने बताया कि निगम द्वारा गत वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 1586 करोड रुपए की लागत से 1127 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण कराया गया। इसी दौरान सड़क विकास के पूंजीगत कार्यों पर 2761.47 करोड रुपए एवं संधारण व मरम्मत कार्यों पर 280.79 करोड रुपए इस प्रकार कुल 3042.29 करोड रुपए व्यय किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जारी वित्त वर्ष के लिए 1425 किमी सड़क निर्माण का लक्ष्य लिया गया है। इस पर 3134 करोड़ रुपए खर्च किए जायेंगे। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा चिन्हित मार्गो के पुनर्निर्माण, संधारण, डामरीकृत नवीनीकरण, सुदृढ़ीकरण, रेगुलर कॉन्ट्रैक्ट एवं उपभोक्ता शुल्क संग्रहण के लिए निविदा आमंत्रित की गयीं। निविदा समिति के अनुमोदन उपरांत 35 प्रकार के सड़क निर्माण कार्यों के लिए 3443.72 करोड रुपए की निविदाएं स्वीकृत कर न्यूनतम दर वाले निविदाकारों को निविदा स्वीकृति पत्र जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि भोपाल-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 46 में नवीन प्रस्तावित एकरेखण (एलाईनमेंट) के लिए कार्यवाही की जा रही है। इससे भोपाल-जबलपुर मार्ग की दूरी कम हो जाएगी।   recent visitors 29

संकटकाल से निपटने के लिए किए गए अभ्यास की हुई सराहना

नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता है, प्रदेश में सफलतापूर्वक हुआ मॉक ड्रिल और ब्लैक आउट का पूर्वाभ्यास : मुख्यमंत्री डॉ.यादव मुख्यमंत्री डॉ ने प्रदेश के 5 नगरों में मॉक ड्रिल और ब्लैक आउट की जानकारी कलेक्टर्स से की प्राप्त संकटकाल से निपटने के लिए किए गए अभ्यास की हुई सराहना भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर और कटनी में केंद्र सरकार के निर्देशों के पालन में निर्धारित समय पर किए गए ब्लैक आउट और मॉक ड्रिल गतिविधियों की जानकारी संबंधित जिलों के कलेक्टर्स से प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलों के कलेक्टर्स के नेतृत्व में किए गए कार्य की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों में आवश्यक प्रबंधन की तैयारी के लिए यह मॉक ड्रिल की गई। नागरिक सुरक्षा की प्राथमिकता और संकटकालीन परिस्थिति की चुनौती को देखते हुए इस तरह की मॉक ड्रिल के माध्यम से न सिर्फ आपदा प्रबंधन के अमले बल्कि नागरिकों को भी सजग और सतर्क करने के प्रयास आवश्यक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार शाम पुलिस मुख्यालय पहुंच कर सिविल डिफेंस कंट्रोल रूम से प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर आपातकालीन स्थिति के लिए की गई मॉक ड्रिल की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। जानकारी दी गई कि सभी जिलों में निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार कार्यवाही संपन्न हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा आज संपन्न मॉक ड्रिल और उसकी पूर्व की तैयारियों का विस्तृत विवरण दिया गया। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे एन कंसोटिया, एडीजीपी ए. साई मनोहर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। पुलिस मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलेवार जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर्स ने बताया कि नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में जरूरी उपाय अपनाने के लिए जिलों के शिक्षित और सजग किया गया है। कलेक्टर भोपाल ने बताया कि निर्धारित समय पर समूचे शहर में प्रकाश व्यवस्था बंद करने की कार्रवाई की गई। ड्रोन द्वारा शूटिंग भी करवाई गई है। कलेक्टर जबलपुर ने बताया कि एक पुरानी बिल्डिंग से लोगों को बचाने की रेस्क्यू की कार्रवाई की गई। ब्लैक आउट की कार्यवाही भी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इंदौर कलेक्टर ने जानकारी दी कि मेडिकल कॉलेज के नजदीक एक भवन में अग्निकांड से बचाव की मॉकड्रिल की गई। आकस्मिक चिकित्सा केंद्र भी बनाया गया। ब्लैक आउट की कार्रवाई भी की गई। ग्वालियर कलेक्टर ने भी ब्लैक आउट और अन्य बचाव गतिविधियों के अभ्यास की जानकारी दी। कटनी कलेक्टर ने बताया कि निर्धारित 12 मिनट अवधि के लिए ब्लैक आउट किया गया। इसके अलावा रेस्क्यू कार्य का अभ्यास भी किया गया।   recent visitors 41

प्रधानमंत्री के साथ मध्यप्रदेश चट्टान की तरह खड़ा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

प्रधानमंत्री मोदी को पहलगाम आंतकी हमले के मुंहतोड़ जवाब पर बधाई: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारतीय सेना का शौर्य गर्व का आधार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री के साथ मध्यप्रदेश चट्टान की तरह खड़ा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने "ऑपरेशन सिंदूर" को बताया अद्वितीय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जो कहते हैं वह होता है। हमारी सेना भी जगत जननी मां जगदंबा नवदुर्गा के समान शक्ति संपन्न है, जो दुश्मनों का समूल नाश करने में सक्षम है। पाकिस्तान के 9 आतंकवादी ठिकानों पर भारतीय सेना ने मुंह तोड़ जवाब दिया है। इससेपूरा देश गौरवान्वित है। ऑपरेशन सिंदूर नाम से ही स्पष्ट है, सिंदूर पर हाथ लगाने और गलत निगाह दौड़ने वाले को भारतीय सेना ने जवाब दिया है। वह दृश्य अपने सामने दिखाई दे रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि हर वह स्थान और हर वह व्यक्ति जो भारत की तरफ गलत निगाह से देखेगा उसे मिट्टी में मिला देंगे। यह परिणाम सबने देखा है। प्रधानमंत्री मोदी को आतंकी खातमे के इस जबर्दस्त प्रहार की कोटिशः बधाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय रक्षा मंत्री, गृहमंत्री, सरकार और पूरे भारतवासी जिन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में एकजुटता दिखाई, वह सबके लिए गौरव का विषय है। हम सब प्रधानमंत्री मोदी के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं। राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के हर कदम के साथ है। हमारे देश के दुश्मनों को सबक सिखाते हुए भारतीय वीरता का जो परचम फहराया गया है, यह हम सब भारतवासियों के लिए गर्व का आधार है। इस ऑपरेशन में किसी को भी व्यक्तिगत हानि ना होते हुए आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास से मीडिया के लिए जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किये।   recent visitors 43

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुपोषण मुक्त झाबुआ के लिए चलाए गए मोटी आई नवाचार की हुई सराहना

प्रदेश के सभी शहरों में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल उपलब्ध कराएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बच्चों के पोषण और सही शारीरिक विकास के लिए महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और आयुष विभाग परस्पर समन्वय से करें कार्य:मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुपोषण मुक्त झाबुआ के लिए चलाए गए मोटी आई नवाचार की हुई सराहना मुख्यमंत्री ने की महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए प्रदेश के सभी शहरों में हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराई जाए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन शक्ति के अंतर्गत संचालित "सखी-निवास" सुविधा का विस्तार उन औद्योगिक क्षेत्रों में भी किया जाए, जहां महिला कर्मचारी अधिक संख्या में हैं। बालिकाओं और महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा उनके कौशल उन्नयन के लिए विभागीय समन्वय से गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, शारीरिक विकास और पोषण की उचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य और आयुष विभाग निश्चित कार्य योजना बनाकर उसका क्रियान्वयन करें। आंगनवाड़ी भवनों की उपलब्धता और रख रखाव के लिए नगरीय निकायों और पंचायतराज संस्थाओं से भी आवश्यक समन्वय सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की गतिविधियों की मंत्रालय में समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में कुपोषण मुक्त झाबुआ के लिए चलाए गए "मोटी आई" अभियान पर लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। नवाचार को अनुकरणीय बताया गया। समीक्षा में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, विभागीय प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी, आयुक्त महिला बाल विकास श्रीमती सूफिया फारूखी बली सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आंगनवाड़ियों में पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक माह में कार्य योजना प्रस्तुत की जाए। प्रोटीन युक्त भोजन सामग्री उपलब्ध कराने के लिए चना और अन्य प्रोटीन स्रोत अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। दुग्ध संघों से आंगनवाड़ी के बच्चों को दूध भी आवश्यक रूप से उपलब्ध कराया जाए। गर्भवती तथा धात्री महिलाओं को भी सम्पूर्ण पौष्टिक आहार उपलब्ध करायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की सामाजिक संस्थाओं, औद्योगिक इकाइयों के साथ मंदिरों में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग भी आंगनवाड़ियों की बेहतरी के लिए किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सुरक्षित प्रसव के लिए प्रसव की संभावित तिथि से पहले सुदूरवर्ती ग्रामों तथा अन्य स्थानों से अस्पताल पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं के रहने तथा उनकी देखरेख के लिए आवश्यक व्यवस्था विकसित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समय-सीमा निर्धारित कर यह सुनिश्चित किया जाए की सभी जिलों में आंगनवाड़ियां शासकीय भवनों में संचालित हों। इसके लिए स्कूल शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास और जनजातीय कार्य विभाग सहित अन्य विभागों के उपलब्ध भवनों का भी उपयोग किया जाए। जिला स्तर पर पंचायत राज संस्थाओं, नगरीय निकायों के सहयोग तथा सांसद-विधायक निधि, डीएमएफ एवं अन्य संसाधनों से प्राथमिकता के आधार पर आंगनवाड़ियों के लिए भवनों का निर्माण कराया जाए। भवनों में जहाँ पर्याप्त स्थान और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हों, वहीं आंगनवाड़ियों का संचालन हो। मिशन शक्ति में हिंसा से पीड़ित महिलाओं की सहायता के लिए प्रदेश में संचालित 57 वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से वर्ष 2024-25 में 31 हजार 726 महिलाओं को सहायता उपलब्ध कराई गई। महिला हेल्प लाइन-181 से इस वर्ष 82 हजार 552 महिलाओं को सहायता दी गई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में गर्भवती महिलाओं को मजदूरी की हानि की आंशिक क्षतिपूर्ति के रूप में 58 लाख 70 हजार हितग्राहियों को एक हजार 878 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। सशक्त वाहिनी नवाचार में 11 हजार 321 युवतियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया और 156 युवतियां विभिन्न शासकीय विभागों में चयनित हुईं। बैठक में मिशन वात्सल्य, पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, सक्षम आंगनवाड़ी केन्द्रों के उन्नयन, पोषण भी पढ़ाई भी, लाड़ली लक्ष्मी योजना और लाड़ली बहना योजना की समीक्षा भी हुई।   recent visitors 32