सौभाग्य है कि महान शासिका देवी अहिल्याबाई के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को नाट्य मंचन के माध्यम से परिचित होने का अवसर मिल रहा -CM

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह हम सब का सौभाग्य है कि मध्यप्रदेश की ऐसी महान शासिका देवी अहिल्याबाई के जीवन के विभिन्न प्रसंगों को नाट्य मंचन के माध्यम से परिचित होने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को कालिदास संस्कृत अकादमी के पण्डित सुर्यनारायण व्यास संकुल सभा गृह में देवी अहिल्या बाई की 300वीं जयंती वर्ष के अवसर पर अहिल्या बाई होलकर महानाटय – जीवन, अवदान और वैभव का गान के मंचन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डॉ. साधना बलवटे की लिखी पुस्तक ‘’अहिल्या रूपेण संस्थिता’’ का विमोचन किया गया। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक अनिल जैन कालुहेड़ा, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, संजय अग्रवाल, संस्कार भारती के सह कोषाअध्यक्ष श्रीपाद जोशी, विशाल राजोरिया, जगदीश अग्रवाल, देवी अहिल्या बाई जयंती समारोह के जिला संयोजक उमेश सेंगर, जगदीश पांचाल एवं अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे। अतिथियों द्वारा मां सरस्वती और देवी अहिल्या बाई के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संस्कृति संचलनालय के संचालक एन.पी. नामदेव और कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक ड़ॉ. गोविंद गंधे ने अतिथियों का स्वागत किया। केन्द्र और राज्य सरकार देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती वर्ष के दौरान विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करा रही हैं। देवी अहिल्याबाई ऐसी बेटी थीं, जो विवाह के बाद सास-ससुर की भी बेटी ही बन कर रहीं। बचपन में देवी अहिल्याबाई ने बाजीराव जी की सवारी निकलने पर अपने स्थान से हटने से मना कर दिया था, क्योंकि वे उस समय भगवान शिव की पूजा कर रही थीं, यह प्रसंग उनके साहस को दर्शाता है। देवी अहिल्या बाई सदगुणों की खान थीं। उन्हें शास्त्रों के साथ शस्त्रों की भी शिक्षा प्रदान की गई थी। पति द्वारा युद्ध में जीती गई धन राशि को उन्होनें शासकीय खजाने में जमा करने के लिए कहा था, जो कि उनकी उदारता को दर्शाता है। देवी अहिल्याबाई ने प्राचीन सोमनाथ मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। उन्होंने सनातन धर्म की ध्वजा को धारण करके एक आदर्श जीवन जिया है, जो सबके लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कष्ट सहकर भी सुशासन की मिसाल पेश की। देवी अहिल्याबाई ने आमजन के लिये रोजगार के अवसर और उनकी बेहतरी के लिए महेश्वर में दक्षिण भारत के कारीगर बुलाकर हाथ से बुनी हुई साड़ी बुनने की कला से स्थानीय लोगों को परिचित करवाया। आज महेश्वर की साडि़यां विश्व भर में प्रसिद्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन ने महेश्वर और इन्दौर के राजवाड़ा में कैबिनेट बैठक का आयोजन देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में ही किया है। उन्होंने कहा कि आगामी 31 मई को शासन द्वारा भोपाल में नारी सशक्तिकरण पर आधारित कार्यक्रम का भव्य स्तर पर आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपनी ओर सभी कलाकारों को शुभकामनाएं दीं और उनका सम्मान किया। मुख्यमंत्री निधि से कलाकारों को 5 लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की भी घोषणा की गई। कार्यक्रम में जानकारी दी गई कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती वर्ष के अवसर पर प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में देवी अहिल्या बाई पर केंद्रित नाटयों का मंचन किया जा रहा है। कालिदास संस्कृत अकादमी में महानाट्य की प्रस्तुति नागपुर के कलाकारों द्वारा सुप्रियंका ठाकुर के निर्देशन में दी गई।   recent visitors 47

देश में जारी विकास के महायज्ञ से विकसित भारत का संकल्प मजबूत हो रहा है

देश के 1300 से अधिक रेलवे स्टेशन अमृत भारत स्टेशन के रूप में होंगे विकसित : प्रधानमंत्री मोदी देश में जारी विकास के महायज्ञ से विकसित भारत का संकल्प मजबूत हो रहा है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 103 अमृत स्टेशनों का लोकार्पण किया, इनमें मध्यप्रदेश के 6 स्टेशन शामिल यात्री ही रेलवे स्टेशनों के मालिक हैं, ध्यान रखें कि यहां नुकसान और गंदगी न हो दुनिया और भारत के दुश्मनों ने देखा कि जब सिंदूर बारूद बनता है तो नतीजा क्या होता है – प्रधानमंत्री मोदी जो सिंदूर मिटाने निकले थे, उन्हें मिट्टी में मिलाया है, ये प्रतिशोध का खेल नहीं, न्याय का नया स्वरूप है अमृत स्टेशन देश के विकास का प्रवेश द्वार सिद्ध होंगे: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अब आधुनिक रेल कोच भी मध्यप्रदेश में बनाए जाएंगे प्रदेश के नर्मदापुरम, कटनी, ओरछा, सिवनी, शाजापुर और श्रीधाम अमृत स्टेशनों का हुआ उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन के उद्घाटन कार्यक्रम में हुए शामिल भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीकानेर में भारत माता के जयकारों के बीच कहा कि विकसित भारत का संकल्प और मजबूत हो रहा है। देशभर में विकास का महायज्ञ चल रहा है, हमारी सड़कें और रेलवे नेटवर्क विकसित हों, इसके लिए 11 सालों में अभूतपूर्व काम हुआ है। विकास कार्यों पर देश पहले से 6 गुना ज्यादा पैसा खर्च कर रहा है। भारत में विकास कार्यों को देखकर दुनिया हैरान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान के बीकानेर में आयोजित कार्यक्रम से देश के 103 अमृत स्टेशनों के वर्चुअल उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन पर उपस्थित हो कर उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के नर्मदापुरम, कटनी, ओरछा, सिवनी, शाजापुर और श्रीधाम अमृत स्टेशनों का उद्घाटन हुआ। सभी स्टेशन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। इन स्टेशनों में भारतीय संस्कृति, विरासत और यात्री सुविधाओं का समावेश किया गया है। बीकानेर में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, रेलमंत्री अश्विनी वैषव, केंद्रीय विधि और न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल उपस्थित थे। नर्मदापुरम रेलवे स्टेशन के उद्घाटन समारोह में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री डॉ. राकेश सिंह, सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा तथा स्थानीय विधायक उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि अमृत भारत स्टेशन योजना (एबीएसएस) के तहत भारत के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 86 जिलों में स्थित 103 अमृत स्टेशनों को 1100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपनी ट्रेनों के नेटवर्क को आधुनिक कर रहा है। वंदेभारत, अमृत ट्रेन और नमो ट्रेनें भारत की नई गति को दर्शाती है। देश के 70 रुटों पर वंदेभारत ट्रेन चल रही हैं। 34 हजार किलोमीटर से ज्यादा के नए रेल ट्रैक बिछाए गए हैं। ब्रॉडगैज ट्रैकों पर मानव रहित क्रॉसिंग अब इतिहास बन चुका है। देश के पहले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। हम 1300 से अधिक स्टेशनों को आधुनिक बना रहे हैं। इन्हें अमृत भारत स्टेशन नाम दिया गया है, इनमें से 103 स्टेशन बनकर तैयार हो गए हैं। इन स्टेशनों पर विकास भी और विरासत भी का नजारा दिखाई देता है। ओरछा स्टेशन पर भगवान श्रीराम की छवि दिखाई देगी। इसी प्रकार सभी स्टेशनों पर हजारों साल पुरानी विरासत के दर्शन होंगे। ये स्टेशन राज्यों में पर्यटन को बढ़ावा देंगे और युवाओं को रोजगार के मौके भी मिलेंगे। साथ ही देश के चिनाब नदी पर बना रेलवे ब्रिज, मुंबई में अटल सेतु, दक्षिण में पंबन ब्रिज देखने को मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यात्री रेलवे स्टेशनों के मालिक हैं। ध्यान रखें कि यहां नुकसान और गंदगी न हो। सरकार हजारों करोड़ रुपए लगा रही है, ये पैसा मजदूर, स्थानीय व्यापारियों को मिल रहा है। रेलवे स्टेशनों के उन्नयन से किसानों को माल ढुलाई में सहूलियत मिलती है। इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्यों से युवाओं को भी फायदा मिलता है। राजस्थान में सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण करने के साथ नदियों को जोड़ा जा रहा है। पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना से कई जिलों के किसानों को फायदा होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राजस्थान की धरा सिखाती है कि देश से बड़ा कुछ नहीं है। पहलगाम आतंकियों ने धर्म पूछकर हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा था। इसके बाद हर देशवासी ने संकल्प लिया था कि आतंकियों को मिट्टी में मिला देंगे। हमारी सरकार ने तीनों सेनाओं को खुली छूट दी, सेनाओं ने ऐसा चक्र रचा कि पाकिस्तानियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। दुनिया ने और देश के दुश्मनों ने देख लिया कि जब सिंदूर बारूद बन जाता है, तो नतीजा क्या होता है। शौर्य के सम्मान में देशभर में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जो सिंदूर मिटाने निकले थे, उन्हें मिट्टी में मिलाया है, ये प्रतिशोध का खेल नहीं, यह न्याय का नया स्वरूप है। ये ऑपरेशन सिंदूर है, यह सिर्फ आक्रोश नहीं, ये समर्थ भारत का रौद्र रूप है, ये भारत का नया स्वरूप है। अब पाकिस्तान से कोई व्यापार नहीं होगा, सिर्फ पीओके पर बात होगी। पाकिस्तान को पानी नहीं मिलेगा। पाई-पाई के लिए मजबूर होना पड़ेगा। नए भारत के निर्माण में सुरक्षा और समृद्धि दोनों जरूरी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को दुनिया का अग्रणी देश बनाने का संकल्प लिया हैं, बदलते दौर में उनके नेतृत्व में भारत तेजी से बदल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी सोच की बदौलत भारतीय रेल को नया स्वरूप मिला है। भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। देशभर में नई रेलवे लाइन बिछाई जा रही हैं। आजादी के बाद नैरोगेज से ब्रॉड गैज तक आने में रेलवे को 100 साल लग गए। लेकिन पिछले 11 साल में देशभर में हजारों किलोमीटर लंबे ट्रैक को 3 और 4 लेन रेलवे लाइन बनाया गया है। मध्यप्रदेश सरकार ने बीईएमएल को रेल कोच निर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए जमीन उपलब्ध कराई है, अब मध्यप्रदेश में आधुनिक रेल कोच भी बनाए जाएंगे। मध्यप्रदेश के 6 अमृत स्टेशनों सहित कुल 103 स्टेशनों का लोकार्पण एक ऐतिहासिक क्षण है। यह रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री मोदी के कर-कमलों से इन … Read more

मोदी जी की डबल इंजन सरकार के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है : सीएम यादव

भोपाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर के 103 रेलवे स्टेशनों का वर्चुअली लोकार्पण किया। इनमें एमपी के 6 स्टेशन- नर्मदापुरम, श्रीधाम, कटनी साउथ, शाजापुर, सिवनी और ओरछा शामिल हैं। कार्यक्रम में एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव नर्मदापुरम से जुड़े। उन्होंने कहा कि ये बदलते दौर का बदलता भारत है। भोपाल के भेल में वंदे भारत और मेट्रो ट्रेन के कोच बनाए जाएंगे। स्वामी विवेकानंद ने 1904 में कहा था कि 21वीं सदी भारत की होगी, आज हम इस अवधारणा को साकार होता देख रहे हैं। मोदी जी की डबल इंजन सरकार के साथ मध्यप्रदेश भी आगे बढ़ रहा है। मोदी जी के नेतृत्व में देश एकजुट  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में प्रधानमंत्री ने भारत की ताकत दिखा दी है। ये मोदी जी की कूटनीति का ही नतीजा है कि पाकिस्तान को तीन देशों के अलावा कहीं समर्थन नहीं मिला। पहलगाम हमले के बाद आतंकियों का मकसद देश में दंगे भड़काना था लेकिन मोदी जी के नेतृत्व में देश एकजुट रहा। ये लोकतंत्र की जीत है। मोदी में विश्वास की जीत है। एमपी के 6 स्टेशन पर 86 करोड़ रुपए हुए खर्च  एमपी के 6 स्टेशन पर 86 करोड़ रुपए की लागत से हाईमास्ट लाइटिंग, मॉडर्न वेटिंग रूम, टिकट काउंटर, टॉयलेट और दिव्यांगों के लिए रैंप जैसी यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्लेटफॉर्म पर शेल्टर, कोच इंडिकेशन सिस्टम और सूचना के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए गए हैं। हर स्टेशन पर मध्यप्रदेश की लोक कला, संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिल रही है। मध्य प्रदेश के 6 स्टेशनों की खासियत नर्मदापुरम 1- लागतः संस्कृति और 'नर्मदा थीम' पर आधारित है जिसकी लागत लागत – 26 करोड़ रुपए खासियतः यात्रियों के लिए 3100 वर्गमीटर क्षेत्र में सौंदर्गीकृत सर्कुलेटिंग एरिया, 1000 वर्गमीटर में आधुनिक एलईडी लाइटिंग की सुविधा, मां नर्मदा की पुण्यभूमि पर आधुनिकता और आस्था का संगम भी प्रस्तुत करेगा। सुविधाएं: भोपाल मंडल का पहला सबसे चौड़ा 12 मीटर का फुट ओवर ब्रिज, स्टेशन पर भव्य प्रवेश द्वार, नवनिर्मित प्रतीक्षालय, मॉर्डन टिकट काउंटर, दिव्यांगजन अनुकूल रैंप और शौचालय की व्यवस्था 2- श्रीधाम रेलवे स्टेशन लागतः      24 करोड़ रुपए खासियतः शंकराचार्य स्वरूपानंद की तस्वीरें लगाई गई हैं। वास्तुकला में मध्यप्रदेश की लोककला झलकती है। जो इसे केवल यात्रा का स्थान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक अनुभव का केंद्र बनाती है। सुविधाएं: एयर कंडीशनर वेटिंग हॉल, एलईडी डिस्प्ले बोर्ड, स्वच्छ शौचालय, दिव्यांगों के लिए रैंप, पार्किंग और ठंडे पानी की सुविधा उपलब्ध कराई गई हैं। 3- सिवनी रेलवे स्टेशन लागतः जंगल बुक पर आधारित 14.46 करोड़ रुपए खासियत: पेंच टाइगर रिजर्व और 'जंगल बुक पर आधारित चित्रकारी, स्थानीय कला और भित्ति चित्र, वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' के तहत स्थानीय उत्पादों का प्रोत्साहन । सुविधाएं: भव्य प्रवेश द्वार, सर्कुलेशन क्षेत्र का विस्तार, नई पार्किंग, लिफ्ट और एस्केलेटर, एयर कंडीशनर वेटिंग हॉल, भुवनेश्वर मॉडल पर आधारित शौचालय, हरित परिदृश्य और बगीचे, सीसीटीवी। 4- कटनी साउथ रेलवे स्टेशन लागतः 12.88 करोड़ खासियत: सर्कुलेटिंग एरिया में पार्क निर्माण व महाराणा प्रताप की प्रतिमा का निर्माण। प्लेटफॉर्म में शेल्टर व डिस्प्ले बोर्ड। सुविधाएं: स्टेशन भवन का निर्माण व भव्य प्रवेश द्वार, वीआईपी वेटिंग हॉल, पर्याप्त टिकट काउंटर, दिव्यांगों के लिए शौचालय व रैम्प, हाई लेवल प्लेटफॉर्म कवर शेड, सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्याकरण। 5- शाजापुर रेलवे स्टेशन लागतः 13 करोड़ रुपए खासियत: 140 वर्ग मीटर में फैला 'आर्ट एंड कल्चर जोन' यात्रियों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। यह शाजापुर की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। सुविधाएं: नया फुट ओवर ब्रिज, छायादार क्षेत्र, सर्कुलेटिंग एरिया, नया प्रवेश द्वार, टिकट काउंटर, आधुनिक वेटिंग हॉल, एलईडी, दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं, VIP वेटिंग हॉल, सेकंड क्लास वेटिंग हॉल और पार्किंग। 6- ओरछा रेलवे स्टेशन लागतः 6.5 करोड़ रुपए,रामराजा की थीम पर डिजाइन खासियत: रामराजा मंदिर की थीम पर स्टेशन को डिजाइन किया गया है। रामराजा सरकार और हनुमानजी की मूर्ति भी स्थापित की गई हैं। सुविधाएं: सर्कुलेटिंग एरिया का विस्तार किया गया है। बाउंड्री वॉल पर रामायण के दृश्य बनाए। अलग पार्किंग। टिकट के लिए काउंटर के अलावा एटीवीएम। तीन मीटर चौड़ा एफओबी बनाया है। पे एंड यूज टॉयलेट बनाए। recent visitors 37

मुख्यमंत्री यादव आज सिवनी मालवा में देश के वीर सैनिकों के सम्मान में आयोजित तिरंगा यात्रा में शामिल हुए शहर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा में देश के वीर सैनिकों के सम्मान में आयोजित "तिरंगा यात्रा" में शामिल हुए। अपार जोश और उल्लास के साथ तिरंगा यात्रा स्थानीय शासकीय कुसुम स्नातकोत्तर महाविद्यालय से प्रारंभ हुई और नर्मदापुरम मार्ग से होकर कृषि उपज मंडी प्रांगण में सम्पन्न हुई। तिरंगा यात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव तिरंगे फूलों से सजाए गए विशेष रथ में सवार थे। उन्होंने इस दौरान हाथ हिलाकर नागरिकों का अभिवादन किया। तिरंगा यात्रा के दौरान पूरा शहर राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत हो गया और आसमान "भारत माता की जय" और "वंदे-मातरम्" के उद्घोष से गुंजायमान हुआ। यात्रा में लोक निर्माण मंत्री एवं नर्मदापुरम जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह, क्षेत्रीय सांसद दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया, सिवनी मालवा विधायक प्रेम शंकर वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। हाथों में राष्ट्रध्वज तिरंगा लिए सभी समुदायों और सभी आयु वर्ग के नागरिक बड़ी संख्या में इस तिरंगा यात्रा में भरपूर उत्साह के साथ शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस दौरान "तिरंगा यात्रा" में शामिल नागरिकों पर पुष्प वर्षा कर अभिनंदन किया। विभिन्न सामाजिक एवं शैक्षिक संगठनो द्वारा आतिशबाजी की गई और तिरंगा यात्रा में शामिल नागरिकों पर पुष्प वर्षा भी की गई।   recent visitors 35

राजन ने कहा, राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 1009 अभ्यर्थियों में से 60 मध्यप्रदेश से, यह दूसरे युवाओं के लिए प्ररेणा देने वाला विषय

भोपाल ब्रिटश शासन के समय आइसीएस परीक्षा होती थी। परीक्षा पर अंग्रेजों को घमंड था। उस दौर में वह परीक्षा सुभाषचंद्र बोस ने 23 साल की उम्र में पास की थी और नौकरी को लात मार दी थी। यह इस देश की महानता बताता है। एक चाय वाला आज पीएम है और एक गाय वाला आपके सामने बोल रहा है, यह भारत के लोकतंत्र की खूबसूरती है।यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में चयनित प्रदेश के विद्यार्थियों के समान समारोह में कही। समारोह कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित किया गया था। इस मौके पर पुस्तिका ‘मध्यप्रदेश की प्रतिभाओं का परचम’ का विमोचन किया गया।  उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा, इतनी बड़ी संख्या में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में युवाओं का चयन गर्व का विषय है। आप सबके सहयोग से प्रदेश के सपनों को साकार करने में मदद मिलेगी। एसीएस अनुपम राजन ने कहा, राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 1009 अभ्यर्थियों में से 60 मध्यप्रदेश से हैं। यह दूसरे युवाओं के लिए प्ररेणा देने वाला विषय है। मंदसौर के ऋषभ चौधरी और बालाघाट की फरखंदा कुरैशी ने परीक्षा के अनुभव साझा किए। ई-ज्ञान सेतु का शुभारंभ आयोजन में सीएम ने ई-ज्ञान सेतु की शुरुआत की। इससे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्टडी मटेरियल ऑनलाइन उपलब्ध होगा। इसके भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा समेत कुल 10 जगह डिजिटल स्टूडियो स्थापित किए गए हैं। सीएम ने कहा, मुझे बताया गया कि बच्चे इतने हैं कि मंच छोटा पड़ गया। कामना है कि प्रदेश से इतने प्रतिभागी हों कि मंच के आगे की जगह भी छोटी पड़ जाए। ज्यादातर चयनित उमीदवार सरकारी स्कूलों से निकले हैं। यह गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि कमल कीचड़ में ही खिलता है। सुगंध बिखेरें: यूपीएससी में चयनित उमीदवारों में से 31 प्रतिभागी हैं, जिन्होंने सरकारी संस्थान से शिक्षा ली है। सीएम ने उमीदवारों को अपना अतीत न भूलने की सलाह दी। कहा कि खुद को चंदन बनाएं, चंदन जब घिसता है, तो अपनी सुगंध घिसने वाले के हाथों में छोड़ देता है। इसी तरह आप भी अपनी सुगंध को बिखेरें। राज्य स्तरीय हॉकी खिलाड़ी भी हूं और इंदौर टीम का प्रतिनिधित्व भी किया है। 2019 में सीए बनने के बाद ग्वालियर में ऑडिट और टैक्सेशन क्षेत्र में काम के साथ-साथ परीक्षा की तैयारी की। परीक्षा के लिए नोट्स बनाए। खूब मेहनत की एवं अनुशासन से तैयारी की। जो यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं, वह स्मार्ट तरीके सेतैयारी करें और स्वयं पर विश्वास बनाए रखें। सोशल मीडिया से दूरी: अभिषेक शर्मा- 38वीं रैंक निरंतरता-धैर्य के साथ तैयारी की। यूपीएससी में सफलता के लिए सही दिशा और सकारात्मक सोच जरूरी है। मैंने जवाहर नवोदय विद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा ली है। मैनिट से स्नातक किया। तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। यूपीएससी की तैयारी जो छात्र कर रहे हैं, वह अपनी कमजोरियों पर ध्यान दें। ठीक करने का प्रयास करें। आत्मविश्वास बनाए रखें। रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई: फरखंडा कुरैशी- 67वीं रैंक स्कूली और कॉलेज की पढ़ाई बालाघाट से हुई। 2019 में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। रोज 8-10 घंटे पढ़ती थी। मुझे डायरी लिखने और नेचर फोटोग्राफी का शौक है। इससे नई ऊर्जा मिलती है। मैंने पिछले वर्षों के प्रश्नों का विश्लेषण किया। फर्क इससे नहीं पड़ता कि आपने सब जीता या नहीं, फर्क इससे पड़ता है कि आपने आखिरी तक हार नहीं मानी। हर विषय को लेकर बनाईठोस रणनीति: आशीष रघुवंशी- 202वीं रैंक पहले ही प्रयास में मुझे यह सफलता मिली है। मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए (इतिहास) किया। यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए सिलेबस और पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र पर पूरा फोकस किया। प्रतिदिन 7 से 8 घंटे तक पढ़ाई की। हर विषय के लिए मेरी अलग रणनीति रही। हर विषय का एक निश्चित स्रोत चुना और इसमें उदाहरण, करंट अफेयर्स आदि को शामिल किया। रोज लिखने की प्रैक्टिस की। जो यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं, वह प्री और मेन्स की तैयारी में संतुलन बनाए रखें और निरंतर तैयारी करें। recent visitors 42

मध्यप्रदेश को बनायें वन्यप्राणियों के लिए आदर्श स्थली: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जलीय जीवों का भी हो विशेष प्रबंधन: मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैतूल जिले में ताप्ती और बालाघाट जिले का सोनेवानी बनेगा कंजर्वेशन रिजर्व मध्यप्रदेश को बनायें वन्यप्राणियों के लिए आदर्श स्थली वन्य प्राणियों के पुनर्वास और जैव विविधता संरक्षण पर विशेष जोर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मप्र राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 29वीं बैठक में दो कंजर्वेशन रिजर्व की स्थापना को दी मंजूरी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि थलीय जीवों की तरह जलीय जीवों के संरक्षण और उनके प्रबंधन के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएं और आवश्यकता हो, तो इस कार्य के लिए पृथक अधिकारी नियुक्त किया जाए। यह अधिकारी जलीय जीवों की गिनती करें और उनका प्रबंधन भी करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय में मध्यप्रदेश राज्य वन्यप्राणी बोर्ड की 29 वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। बैठक में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, वन्य प्राणी बोर्ड के सदस्य एवं बैतूल विधायक हेमन्त खंडेलवाल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक असीम श्रीवास्तव, वन्य प्राणी बोर्ड के सदस्य सर्वमोहन नागर, डॉ. नारायण व्यास, डॉ. सुदेश बाघमारे, डॉ. रविचंद्रन सहित अन्य सदस्यगण भी उपस्थित थे। दो कंजर्वेशन रिजर्व की स्थापना को मिली मंजूरी बैठक में मुख्यमंत्री एवं राज्य वन्य प्राणी बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. यादव ने बोर्ड के दो बड़े प्रस्तावों को सर्व सहमति से पारित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैतूल जिले में ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व के गठन को मंजूरी दी। इसके तहत बैतूल जिले के अंतर्गत दक्षिण बैतूल सामान्य वन मंडल के ताप्ती परिक्षेत्र का 84.006 वर्ग किमी, पश्चिम बैतूल सामान्य वन मंडल के चिचौली परिक्षेत्र का 65.205 वर्ग किमी, एवं तावड़ी परिक्षेत्र का 100.789 वर्ग किमी क्षेत्र, यानि कुल 250.00 वर्ग किमी वन क्षेत्र में ताप्ती कंजर्वेशन रिजर्व का गठन किया जाएगा। इसी प्रकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट जिले के सोनेवानी वन क्षेत्र को कंजर्वेशन रिजर्व घोषित किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके अंतर्गत बालाघाट जिले में 163.195 वर्ग किमी सोनेवानी आरक्षित वन क्षेत्र को कंजर्वेशन रिजर्व घोषित कर नए कंजर्वेशन रिजर्व के गठन को मंजूरी दी गई। दोनों की अधिसूचना भी जल्द ही जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोन घड़ियाल अभ्यारण्य में सीधी जिले के मुर्दाडीह-तरिहा से सोनतीर पटेहरा पहुंचमार्ग में सोननदी पर उच्चस्तरीय पुल निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण संभाग, रीवा को वन्य जीव अनुमति दी। इसी प्रकार बफर जोन वन मंडल, कान्हा टाइगर रिजर्व, मण्डला के अंतर्गत ग्राम धमनगांव तहसील-बिछिया में वन कक्ष क्रमांक 324 में कुल 0.95 हेक्टेयर वनभूमि पर एक अस्थायी पुलिस केंप की स्थापना के लिए एसपी मण्डला को वन्य जीव अनुमति दी गई। मुख्यमंत्री ने बोर्ड द्वारा प्रस्तावित अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा प्रदेश को सभी वन्य प्राणियों के लिए एक आदर्श स्थली के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि जैव विविधिता के संरक्षण के लिए केंद्र सरकार से भी तकनीकी मार्गदर्शन एवं मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैव विविधता का संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश की समृद्ध वन्य संपदा की रक्षा और संवर्धन के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। उन्होंने केंद्र सरकार से मार्गदर्शन लेकर वन्य जीवों की आगामी पुनर्वास/पुनर्स्थापन योजनाओं को भी अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। हाथियों का करें स्थायी प्रबंधन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि प्रदेश के रिहायशी इलाकों में जंगली हाथियों की आमद और इनके उन्मुक्त आवागमन/आचरण पर अंकुश लगाएं। नई तकनीकों का इस्तेमाल करें जिनसे हाथियों की रिहायशी इलाकों तक पहुंच को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार व्यवस्थाएं कर जंगली हाथियों का स्थायी प्रबंधन करें ताकि इन्हें आबादी क्षेत्र से दूर रखा जा सके। इंदौर का प्रयोग भोपाल में भी करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर के चिड़िया घर में नभचर और थलचर प्राणियों का जिस तरह से प्रबंधन किया गया है वैसा ही सद्प्रयास भोपाल में भी किया जाएं। यहां वन विहार में जलीय प्राणियों सहित नए वन्य प्राणियों को बसाया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलीय जीवों में मगरमच्छ को नर्मदा में बसाया जाए। घड़ियालों की संख्या भी बढ़ाई जाए। बताया गया कि पन्ना नेशनल पार्क में घड़ियाल छोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गिद्धों और चीलों के संवर्धन के भी निर्देश दिए। बताया गया कि वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही वन्य जीव अभ्यारण्य) में अब कुल 20 बाघ हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती विविध वन्य प्राणियों का अपना घर है और उनका पुनर्वास और संरक्षण केवल राज्य की ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संपदा की रक्षा का कार्य है। बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की वन नीति को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में प्रयास करने के निर्देश दिए। बोत्सवाना से लाए जाएंगे पांच-पांच जिराफ और जेब्रा मुख्य जीव अभिरक्षक एवं प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव) शुभरंजन सेन ने बताया कि वन्यजीवों के संरक्षण एवं संवर्धन में किए जा रहे कार्यों के संबंध में लघु फिल्में तैयार की जा रही हैं। मंगलूर जू कर्नाटक से दो किंग कोबरा लाकर वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में रखे गये हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा अनुसार बोत्सवाना से पांच जिराफ और पांच जेब्रा लेकर आने के लिए भी बोत्सवाना सरकार से चर्चा एवं समन्वय की कार्यवाही की जा रही है। इसके अलावा असम राज्य से वन भैंसा और गेंडा भी मध्यप्रदेश में लाने के प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य में नर्मदा नदी एवं अन्य वेट लेण्डस के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पचमढ़ी में जुलाई 2025 में राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला में जलीय जीवों के संरक्षण के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बोर्ड की विशेष उपलब्धियां बैठक में बताया गया कि माधव टाइगर रिजर्व में विगत 3 अप्रैल 25 को एक नर बाघ सफलतापूर्वक छोड़ा गया। राज्य शासन द्वारा 11 अप्रैल 2025 से 258.64 वर्ग किमी वन क्षेत्र को डॉ. भीमराव अम्बेडकर अभयारण सागर के रूप में नोटिफाईड किया गया है। गांधी सागर अभयारण्य में विगत 20 अप्रैल को दो चीतों की पुनर्स्थापना की … Read more

मुख्यमंत्री स्वयं एमआरडीए के अध्यक्ष होंगे, सरकार तय करेगी अध्यक्ष व उपाध्यक्ष

भोपाल  मध्यप्रदेश के जिन क्षेत्रों की आबादी 10 लाख या उससे ज्यादा होगी, उन्हें ही मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाकर विकसित किया जाएगा। हालांकि आबादी ही काफी नहीं है। ऐसे क्षेत्रों का दायरा एक से ज्यादा जिलों तक होना चाहिए। क्षेत्र में कम से कम दो या दो से ज्यादा नगर पालिका, पंचायतें या अन्य क्षेत्र शामिल होने चाहिए। इन क्षेत्रों के विकास के लिए कम से कम 15 वर्षीय कार्ययोजना बनेगी। योजना तैयार करने का काम मेट्रोपॉलिटन योजना समिति (एमपीसी) करेगी। ये करेंगे काम     नगर विकास प्राधिकरण सीमाओं के बाहर शेष क्षेत्र में नियोजन व विकास के काम मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र(Metropolitan Region) विकास प्राधिकरण (एमआरडीए ) के जरिए किए जाएंगे।     ऐसे प्रोजेक्ट जो एक से अधिक विकास प्राधिकरण की सीमा क्षेत्र में विकसित किया जाना प्रस्तावितहो, विकास कार्य एमआरडीएद्वारा किए जाएंगे।     मेट्रोपॉलिटन योजना समिति में नगर पालिकाओं, पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधि होंगे। इसके अलावा एमआरडीए के प्रतिनिधि। सरकार तय करेगी अध्यक्ष व उपाध्यक्ष एमपीसी में एक अध्यक्ष व दो उपाध्यक्ष होंगे। नियुक्ति निगम-मंडलों की तर्ज पर सरकार करेगी। दो तिहाई सदस्य क्षेत्र में आने वाली नगर पालिकाओं व पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों में से चुनाव के जरिए चुने जाएंगे। इसके अलावा केंद्र व राज्य सरकार, संस्थाओं, संगठनों के प्रतिनिधि शामिल किए जाएंगे। क्षेत्र में आने वाले लोकसभा व विधानसभा क्षेत्र के सदस्य, संबंधित नगर पालिकाओं, परिषदों, नगर निगम के महापौर विशेष आंमित सदस्य होंगे। सीएम होंगे एमआरडीए के अध्यक्ष मुख्यमंत्री स्वयं एमआरडीए के अध्यक्ष होंगे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास व राजस्व विभाग के मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। इसके अलावा इसमें राज्य के मुय सचिव और नगरीय विकास, राजस्व, परिवहन, लोक निर्माण, पर्यावरण व पंचायत विभाग के एसीएस, पीएस सदस्य होंगे। साथ ही महानगरीय योजना समिति के प्रतिनिधि, संभागीय आयुक्त, नगर एवं ग्राम निवेश के संचालक को शामिल किया जाएगा। सदस्य संयोजक मेट्रोपॉलिटन आयुक्त को बनाया जाएगा। शासन द्वारा नामित चार विशेषज्ञ होंगे। विशेष आमंत्रित सदस्यों में नगर निगम के आयुक्त, रेलवे जोन के जीएम, केंद्रीय दूरसंचार व केंद्रीय नागरिक उड्यन मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे। मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एमडी और नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद, पंचायतों और विधानसभाओं के नामित सदस्यों को शामिल किया जाएगा। बाहरी काम ऐसे प्लान का प्रारूप बनाने में एमपीसी की मदद एमआरडीए करेगा। विकास प्राधिकरणों की सीमा क्षेत्र के बाहर बचे क्षेत्रों के नियोजन व विकास के काम करने होंगे। खासकर जो प्रोजेक्ट एक से ज्यादा प्राधिकरणों की सीमा में विकसित किए जाने हों। मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र(Indore Bhopal Metropolitan Region) की कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष मेट्रोपॉलिटन आयुक्त होंगे। इसके अलावा नगर निगम आयुक्त, औद्योगिक विकास, हाउसिंग बोर्ड, मेट्रो कॉर्पोरेशन, परिवहन विभाग, जिलों के कलेक्टर, टीएंडसीपी के संयुक्त संचालक, पीएचई के प्रतिनिधि आदि भी शामिल। recent visitors 45