MPPSC 14 विषयों में सहायक प्राध्यापक परीक्षा का पहला चरण 1 जून को

 इंदौर  मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा 2024 का पहला चरण 1 जून को रखा है। इसमें 14 विषयों सहित खेल अधिकारी और ग्रंथपाल के पदों के लिए भी परीक्षा करवाई जाएगी। प्रदेश के 10 प्रमुख शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए जा रहे हैं। आयोग के अनुसार जिन उम्मीदवारों ने आवेदन किया है, उन्हें अगले सप्ताह से प्रवेश पत्र जारी कर दिए जाएंगे। परीक्षा से जुड़ी गाइडलाइन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि सभी उम्मीदवारों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। इससे पहले सभी की चेकिंग की जाएगी, ताकि परीक्षा में कोई बाधा न आए। इस बार परीक्षा दो चरणों में करवाई जा रही है। पहला चरण 1 जून को होगा और दूसरा चरण 27 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में मुख्य रूप से रसायन शास्त्र, भौतिकी, गणित, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, हिंदी, अंग्रेज़ी, भूगोल, इतिहास, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, वाणिज्य जैसे विषयों की परीक्षा ली जाएगी। 1930 पदों के लिए होगी भर्ती     प्रदेश के सरकारी कालेजों में शिक्षकों की कमी के चलते इस बार कुल 1930 पदों पर भर्ती की जा रही है।     इन पदों के लिए 70 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया है।     सबसे अधिक पद रसायन शास्त्र (199), वनस्पति विज्ञान (190), प्राणी विज्ञान (187), भौतिकी (186) और गणित (177) में हैं।     परीक्षा के माध्यम से 187 खेल अधिकारी और 87 ग्रंथपाल के पदों पर भी भर्ती की जाएगी।     यह पद भी पहले चरण की परीक्षा में शामिल किए गए हैं।     भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, रीवा, सागर, शहडोल, नर्मदापुरम और चंबल में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।     अधिकारियों के अनुसार उम्मीदवार अगले सप्ताह से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे।     साथ ही सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें।     जुलाई में 12 विषयों के लिए परीक्षा दूसरा चरण 27 जुलाई को होगा जिसमें मराठी, उर्दू, संस्कृत साहित्य, सांख्यिकी, कम्प्यूटर एप्लीकेशन, संगीत, वेद, ज्योतिष और योगिक विज्ञान जैसे विषयों के लिए परीक्षा आयोजित की जाएगी।     इन विषयों में कुल 108 पदों के लिए परीक्षा होगी। परीक्षा में प्रश्न पत्र दो भागों में होगा।     पहला भाग सामान्य ज्ञान का होगा जबकि दूसरा भाग संबंधित विषय से जुड़ा होगा।   recent visitors 50

HC का आदेश MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2025 का अनुमति के बिना रिजल्ट घोषित ना हो, नोटिस जारी

जबलपुर  MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2025 पर हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने एक बड़ा आदेश जारी किया है कोर्ट ने कहा है कि उसकी अनुमति के बिना प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट घोषित न किया जाये, इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। कोर्ट ने राज्य सरकार को, एमपीपीएससी को नोटिस जारी किया है और जवाब तलब किया है। दरअसल भोपाल निवासी अभ्यर्थी ममता देहरिया ने राज्य सेवा परीक्षा 2025 में भाग लिया है, अभ्यर्थी द्वारा परीक्षा आवेदन जमा करने के तत्काल बाद हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मध्य प्रदेश राज्य सेवा भर्ती परीक्षा नियम 2015 के नियम 4 (1) (a) (ii), तथा नियम 4 (2) (a) (ii) एवं नियम 4 (3) (a) (ii) की संवैधानिकता सहित सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी सर्कुलर 07/11/2000 तथा लोक सेवा अयोग द्वारा प्रकाशित विज्ञापन दिनांक 31/12/2024 की संवैधानिकता क़ो चुनौती देते हुए उक्त प्रावधानों क़ो भारत के संविधान के अनुच्छेद 14,15,16 तथा 335 एवं लोकसेवा आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 4-अं, से असंगत तथा असंवैधानिक बताया गया है। याचिका में मप्र सिविल सेवा भर्ती नियम की संवैधानिकता को दी गई है चुनौती याचिका में कहा गया है कि उक्त प्रावधान आरक्षित वर्ग के प्रतिभावान अभ्यर्थियों क़ो छूट लिए जाने के नाम पर उनको अनारक्षित वर्ग में चयन से रोकते है, ममता देहरिया की याचिका पर आज प्रारंभिक सुनवाई मुख्य न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत तथा न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ में हुई, वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर एवं विनायक प्रसाद शाह ने कोर्ट को बताया कि मध्य प्रदेश शासन एक ओर आरक्षित वर्ग को विभिन्न प्रकार की छूट दे रही है वहीं दूसरी ओर छूट प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को मेरिट में उच्च स्थान प्राप्त करने पर भी अनारक्षित वर्ग में चयन न होने का नियम बना दिया गया है, जो सविधान में निहित सामाजिक न्याय की अवधारणा के विपरीत होने के साथ साथ कई संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है। वकील ने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट के अनेक न्यायिक दृष्टांत हैं जिनमें स्पष्ट किया गया है, राज्य कोई ऐसा कानून नहीं बना सकती जो आरक्षित वर्ग को उनके संवैधानिक अधिकारों के उपभोग से रोकता हो इसलिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आरक्षित वर्ग क़ो अनारक्षित वर्ग में चयन से रोकने वाले समस्त प्रावधान असंवैधनिक तथा निरस्त किए जाने योग्य है,  याचिका कर्ता की ओर से दी गई दलीलो क़ो कोर्ट ने गंभीरता से लिया और याचिका को विचारार्थ स्वीकार कर राज्य सरकार और एमपीपीएससी को नोटिस जारी किया,  कोर्ट ने लोक सेवा अयोग क़ो निर्देशित किया कि उक्त विज्ञापन तथा नियमों के अनुसार आयोजित परीक्षाओ के रिजल्ट हाई कोर्ट की अनुमति के बिना घोषित न किए जाए, याचिका पर अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी। recent visitors 43

MPPSC :असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में एमसीए डिग्री धारकों को कंप्यूटर साइंस विषय के लिए अयोग्य घोषित किया

इंदौर  मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में एमसीए (मास्टर्स ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन) डिग्री धारकों को कंप्यूटर साइंस विषय के लिए अयोग्य करार दिया गया है। इस फैसले से सैकड़ों अभ्यर्थियों में नाराजगी है, क्योंकि राजस्थान, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में एमसीए को एमएससी कंप्यूटर साइंस के समकक्ष माना जाता है।  अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) और यूजीसी नेट में कंप्यूटर साइंस एंड एप्लीकेशन एक ही विषय के रूप में शामिल है। इन परीक्षाओं में एमसीए और एमएससी, दोनों डिग्रीधारी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन एमपीपीएससी की भर्ती में एमसीए को अयोग्य ठहराया गया है। उच्च शिक्षा विभाग की अन्य भर्तियों में सह विषय की सुविधा दी गई है, जिससे संबंधित डिग्री धारक भी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन कंप्यूटर साइंस में ऐसी कोई सुविधा नहीं दी गई, जिससे एमसीए अभ्यर्थियों के लिए नौकरी के अवसर सीमित हो गए हैं। … फिर भी भर्ती में रोक वर्तमान में शासकीय और निजी कॉलेजों में एमसीए डिग्रीधारी अतिथि विद्वान के रूप में पढ़ा रहे हैं। एमएससी आइटी और एमएससी कंप्यूटर साइंस वाले भी पढ़ाने की अनुमति रखते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब कॉलेजों में एमसीए डिग्रीधारी को पढ़ाने की अनुमति है तो असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में उन्हें अयोग्य क्यों ठहराया गया? एमसीए को एमएससी कंप्यूटर साइंस के समकक्ष मानें अभ्यर्थियों का कहना है कि एमसीए को एमएससी कंप्यूटर साइंस के समकक्ष माना जाए और भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाए। यदि एमसीए को भर्ती में पात्रता नहीं दी गई तो वे न्याय के लिए आगे कदम उठाने को मजबूर होंगे। वर्तमान में भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जून में परीक्षा प्रस्तावित है। ऐसे में जल्द से जल्द निर्णय लिया जाना जरूरी है। recent visitors 42

कल 52 जिलों में होगी परीक्षा, 342 सेंटर में आएंगे 1 लाख 18 हजार उम्‍मीदवार, एमपीपीएससी ने की सभी तैयारियां

इंदौर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 को लेकर तैयारी पूरी कर ली है। 16 फरवरी रविवार को आयोग ने 52 जिलों में परीक्षा आयोजित की है, जिसमें 1 लाख 18 हजार अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। 342 केंद्रों में दो सत्र में पेपर रखे गए हैं। अकेले इंदौर जिले में 72 सरकारी-निजी कॉलेज व स्कूलों को केंद्र बनाया है। आयोग ने परीक्षा से जुड़ी व्यवस्था के लिए बेहतर संचालन को लेकर सेवानिवृत आईएएस-आईएफएस, पूर्व न्यायाधीश सहित 22 आर्ब्जवर बनाया है। अधिकारियों के मुताबिक केंद्रों पर निरीक्षण के लिए उड़नदस्ते भी बनाए हैं। 1 लाख 18 हजार आवेदन प्राप्त 31 दिसंबर 2024 को आयोग ने परीक्षा को लेकर विज्ञापन निकाला। 18 विभागों में रिक्त 158 पद रखे हैं। परीक्षा के माध्यम से 10 एसडीएम, 22 उप पुलिस अधीक्षक, 10 अतिरिक्त सहायक विकास आयुक्त, 65 बाल विकास परियोजना अधिकारी, 14 वित्त विभाग, 7 सहकारी निरीक्षक सहित पदों पर भर्ती की जाएंगी। आयोग ने सीटों का विभाजन कर दिया है। 38 अनारक्षित, 24 एससी, 48 एसटी, 35 ओबीसी और 13 ईडब्ल्यूएस के लिए सीटें आरक्षित हैं। 17 जनवरी तक आयोग को 1 लाख 18 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, हरदा, सीहोर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, सतना, सागर सहित 52 जिलों में परीक्षा केंद्र रखे गए है। 16 फरवरी को दो सत्रों में परीक्षा आयोजित होगी। पहला प्रश्न पत्र सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के बीच सामान्य अध्ययन और दूसरा प्रश्न पत्र दोपहर 2.15 से 4.15 बजे के बीच सामान्य अभिरुचि परीक्षण का रखा है। न्यायालय के आदेश पर पंजीयन आयोग ने 17 जनवरी को पंजीयन की लिंक बंद कर दी। इसके बाद कुछ अभ्यर्थी आवेदन से वंचित रह गए। उसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण की। अभ्यर्थियों के पक्ष में न्यायालय ने आदेश दिया। फिर आयोग को पंजीयन के लिए दो दिन लिंक खोली। बावजूद इसके अभी कई अभ्यर्थी जो फार्म नहीं भर पाए हैं। इन्होंने आयोग में भी अधिकारियों से गुहार लगाई है। उनका कहना है कि आवेदन के लिए सिर्फ 17 दिन दिए गए थे। जबकि पहले महीनेभर का समय दिया जाता था। कम हुए हैं आवेदक पिछले साल से राज्य सेवा में कम पद निकाले जा रहे हैं। इस वजह से अभ्यर्थियों की संख्या लगातार घटती जा रही है। 2024 में 110 पद भर्तियां निकाली थी, जिसमें 1 लाख 84 हजार आवेदन आए थे। ओएसडी रवींद्र पंचभाई ने बताया कि प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट आने तक पद बढ़ाएं जा सकते है। इसके लिए अभ्यर्थियों को थोड़ा इंतजार करना चाहिए। recent visitors 41

MPPSC : 158 पदों के लिए परीक्षा आयोजित, 1.18 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे, नकल रोकने के लिए सख्त निगरानी के इंतजाम

इंदौर  मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 की पूरी तैयारी कर ली है, जो 16 फरवरी को प्रदेश के सभी 52 जिलों में आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में कुल 1 लाख 18 हजार अभ्यर्थी भाग लेंगे। मुख्य परीक्षा (मेन्स) जून में प्रस्तावित है और इंटरव्यू भी इसी वर्ष आयोजित किए जाने की योजना है। दो पालियों में होगी परीक्षा परीक्षा के लिए इंदौर में 25,700 अभ्यर्थी उपस्थित होंगे, जहां यह दो पालियों में संपन्न होगी। पहली पाली सुबह 10:00 से 12:00 बजे तक होगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 12:15 से 4:15 बजे तक चलेगी। इस बार कुल 158 पदों के लिए परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है, जबकि पिछले वर्ष 2024 में केवल 110 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। पिछली परीक्षा में 1 लाख 84 हजार आवेदन प्राप्त हुए थे, लेकिन वास्तविक परीक्षा में 1 लाख 32 हजार अभ्यर्थियों ने भाग लिया था।   इंदौर में सर्वाधिक 71 केंद्र MPPSC इंदौर के ओएसडी डॉ. आर. पंचभाई के अनुसार, प्रदेशभर में परीक्षा के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। इंदौर में इस परीक्षा के लिए सर्वाधिक 71 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें प्रमुख सरकारी कॉलेज जैसे होलकर साइंस कॉलेज और अटल बिहारी कॉलेज शामिल हैं। आयोग इस वर्ष दिसंबर तक राज्य सेवा परीक्षा 2023, 2024 और 2025 के अंतिम चयन परिणाम घोषित करने की योजना बना रहा है। परीक्षा में नकल रोकने के लिए उड़न दस्तों की तैनाती की गई है, जो अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर निगरानी रखेंगे। साथ ही, प्रश्नपत्र की गोपनीयता सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की त्रुटियों को रोकने के लिए भी विशेष सतर्कता बरती जाएगी।     recent visitors 54

मप्र लोक सेवा आयोग इसी माह खाली पदाें पर अधिसूचना जारी करेगा, 1459 असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर निकलेगी वैकेंसी

इंदौर मध्यप्रदेश के शासकीय कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के खाली पदों पर भर्ती के लिए लोक सेवा आयोग (MPPSC) इसी माह अधिसूचना जारी करने वाला है। इस बार कुल 1459 पदों के लिए भर्ती की जाएगी, जिसमें सबसे ज्यादा 158 पद केमेस्ट्री विषय के हैं। पिछली बार दिसंबर 2022 में आई वैकेंसी में सबसे अधिक 200 पद अंग्रेजी विषय के थे, जबकि इस बार अंग्रेजी में 96 पद उपलब्ध हैं। छह विषयों में केवल एक-एक पद होगा, और कुछ विषयों जैसे लॉ में एक भी पद नहीं है। पिछली बार 1669 पदों के लिए अधिसूचना जारी की गई थी, जबकि इस बार संख्या कम है। अंतिम समय में 150 पद और जोड़े जाने की संभावना है। अंतिम समय में बढ़ सकते हैं पद इस बार लाइब्रेरियन के लिए कोई पद नहीं है, जबकि पिछली बार 255 पद थे। कुल 35 विषयों के लिए पिछली अधिसूचना आई थी, जबकि इस बार 26 विषयों के लिए जारी होगी। स्पोर्ट्स ऑफिसर के 128 पद उपलब्ध हैं, जबकि बायोटेक्नोलॉजी जैसे विषय अभी अधिसूचना में शामिल नहीं हैं, लेकिन अंतिम समय में इन पदों को जोड़ा जा सकता है। प्रोफेसरों के रिटायरमेंट के कारण खाली पदों की संख्या में वृद्धि उच्च शिक्षा विभाग में कुल 12,389 स्वीकृत पद हैं, जिनमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, स्पोर्ट्स ऑफिसर और लाइब्रेरियन शामिल हैं। वर्तमान में लगभग 6,823 पदों पर फैकल्टी कार्यरत हैं, जबकि 5,566 पद खाली हैं। इनमें से 2,053 पदों की परीक्षा हो चुकी है और आगामी दिनों में 1,542 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बावजूद लगभग 2,000 पद खाली रह जाएंगे। प्रोफेसरों के रिटायरमेंट के कारण खाली पदों की संख्या में वृद्धि हो रही है। कॉलेजाें में 5566 पद खाली, भर्ती के बाद भी 2 हजार खाली रहेंगे उच्च शिक्षा विभाग के 12 हजार 389 पोस्ट स्वीकृत हैं। इनमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर, स्पोर्ट्स ऑफिसर, लाइब्रेरियन पद शामिल हैं। वर्तमान में करीब 6823 पद फैकल्टी कार्यरत हैं। करीब 5566 पद खाली हैं। इनमें से 2053 पदों के लिए परीक्षा कराई जा चुकी है। आने वाले दिनों में 1542 पदों के लिए भर्ती आएगी। इसके बाद भी करीब 2 हजार पद खाली रह जाएंगे। प्रोफेसर्स के रिटायरमेंट से पद भी लगातार खाली हो रहे हैं। recent visitors 75

सरकारी नौकरी का बड़ा मौका, MP लोक सेवा आयोग ने जारी किया अगले साल होने वाली भर्ती परीक्षाओं का शेड्यूल

इंदौर मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने अगले साल होने वाली परीक्षा को लेकर शेड्यूल (कार्यक्रम) जारी किया है। फरवरी में राज्य सेवा व वन सेवा परीक्षा और मई में मुख्य परीक्षा होगी। सहायक प्राध्यापक की परीक्षा दो चरणों में करवाई जाएगी। आयोग के मुताबिक अगले कुछ दिन में परीक्षा की तारीखें तय की जाएंगी। ये रहेगा परीक्षा कार्यक्रम राज्य व वन सेवा प्री-2025 16 फरवरी सहायक संचालक उद्यान-2023 मार्च सहायक संचालक संस्कृति-2023 अप्रैल असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती-2024 (15 विषय) मई राज्य सेवा मुख्य-2025 जून (प्रथम सप्ताह) खाद्य सुरक्षा अधिकारी-2024 जून तृतीय सप्ताह सहायक यंत्री-2024 जुलाई पुरालेख अधिकारी-संस्कृति विभाग-2024 जुलाई मुद्राशास्त्री-2024 जुलाईपुरालेखवेत्ता-2024 जुलाई पुरातत्वीय अधिकारी जुलाई सहायक संचालक मत्स्योद्योग अगस्त सहायक अनुसंधान अधिकारी-जनजातीय कार्य सितंबर असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती-2024(12 विषय) अक्टूबर सहायक नियंत्रक (नापतौल) 2024 अक्टूबर एसएससी जीडी फाइनल रिजल्ट पर बड़ा अपडेट एसएससी जीडी फाइनल रिजल्ट 2024 को लेकर बड़ा अपडेट सामने आ गया है। कर्मचारी चयन आयोग ने फाइनल रिजल्ट 2024 को जारी कर दिया गया है। इस रिजल्ट में कुल 39375 पुरुष और 4891 महिलाओं का चयन किया गया है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रिजल्ट देख सकते हैं। इस रिजल्ट में 845 उम्मीदवारों का रिजल्ट रोका गया है। रिजल्ट जारी होने के बाद कई और प्रोसेस हैं, जिन्हें चयनित उम्मीदवारों को फालो करना है।आगे का यह होगा प्रोसेसएसएससी जीडी फाइनल रिजल्ट में उन सभी उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है, जो लिखित परीक्षा पीईटी, पीएसटी, डीवी, मेडिकल एग्जामिनेशन जैसे चरणों को पास किया है। अब इसके बाद कुछ प्रोसेस और हैं, जिन्हें छात्रों को फालो करके जाइनिंग दी जाएगी। इनमें डाक्युमेंट वेरिफिकेशन शामिल है। उसके बाद चयनित उम्मीदवारों को जाइनिंग दी जाएगी। जाइनिंग के बाद ट्रेनिंग दी जाएगी। डाक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन होगा अगला चरण फाइनल रिजल्ट जारी होने के बाद अब चयनित उम्मीदवारों का वेरिफिकेशन किया जाएगा। जाइनिंग से पहले यह अंतिम चरण होगा, जिससे उम्मीदवारों को फालो करना है। इस प्रोसेस में शैक्षणिक डिग्रियों की जांच की जाएगी। सफलता पूर्वक इस प्रोसेस को पास करने वाले उम्मीदवार ड्यूटी ज्वाइन करेंगे, जिसके बाद उन्हें नौकरी के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। recent visitors 67