पाकिस्तान को नेस्तनाबूद करने करोड़ों मुस्लिम आज पढ़ेंगे नमाज, ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड ने जारी की अपील

भोपाल भारत और पाकिस्तान के बीच बने तनावपूर्ण हालात को देखते हुए ऑल इंडिया उलेमा बोर्ड ने देशभर की मस्जिदों से एक विशेष अपील की है। बोर्ड ने कहा कि 9 मई को जुमे की नमाज के बाद भारत की जीत और पाकिस्तान की हार और उसे नेस्तनाबूद करने के लिए सामूहिक दुआ कराई जा जाएगी। बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष क़ाज़ी सैय्यद अनस अली द्वारा गुरुवार को जारी पत्र में मस्जिदों की प्रबंध समितियों और इमामों से कहा गया कि पहलगाम में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी हमले के बाद भारत-पाक युद्ध जैसे हालात बन चुके हैं। ऐसे में अब समय आ गया है कि देशभर की मस्जिदों से भारत की सलामती, तरक्की और कामयाबी के लिए दुआ की जाए। पत्र में यह भी कहा गया है कि देश की खुशहाली, अमन और स्थायित्व के लिए भी विशेष प्रार्थना की जाए। क़ाज़ी अनस अली ने मस्जिदों से राष्ट्रहित में एकजुटता दिखाने और आतंकी मानसिकता के खिलाफ मजहबी मंच से संदेश देने की अपील भी की है। बोर्ड के अध्यक्ष क़ाज़ी सैय्यद अनस अली द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में लिखा गया है कि “पहलगाम में पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित कायराना हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध शुरू हो चुका है। अब यह समय है कि हम मस्जिदों से भारत की कामयाबी और दुश्मन की शिकस्त के लिए दुआ करें। पत्र में यह भी अपील की गई है कि मस्जिदों में नमाज के बाद भारत की खुशहाली, अमन और स्थायित्व के लिए भी विशेष दुआ मांगी जाए। ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद देशभर में जोश गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में 26 निर्दोष पर्यटकों की निर्मम हत्या के जवाब में भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इसमें जैश और लश्कर के 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की सूचना है। recent visitors 29

बिलासपुर:योग के बहाने नमाज, रात तीन बजे GGU सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर को घर से उठा लाई…

 बिलासपुर  कोटा क्षेत्र के शिवतराई में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के एनएसएस कैंप के दौरान छात्रों को योग के बहाने नमाज पढ़ाने के मामले में कोटा पुलिस की टीम रात तीन बजे केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर को घर से उठा लाई है। प्राेफेसर से घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है। कोटा क्षेत्र के शिवतराई में एनएसएस कैंप के दौरान विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र देने का प्रलाेभन देकर नमाज पढ़वाने के मामले में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर दिलीप झा, डा मधुलिका सिंह, डा ज्योति वर्मा, डा नीरज कुमारी, डा प्रशांत वैष्णव, डा सूर्यभान सिंह, डा बसंत कुमार और टीम कोर लीडर आयुष्मान चौधरी आरोपित हैं। मामले की जांच के दौरान कोटा पुलिस ने प्रोफेसर दिलीप झा को गुरुवार की तड़के तीन बजे उनके घर से हिरासत में लिया है। पुलिस की टीम मामले में शामिल अन्य आरोपित की तलाश कर रही है। क्या है मामला गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के एनएसएस विंग का कोटा के शिवतराई में सात दिवसीय शिवर 26 मार्च से एक अप्रैल तक लगाया गया था। आरोप है कि 31 मार्च की सुबह कैंप में मौजूद प्रोफेसरों और टीम लीडर ने सभी छात्र-छात्राओं को एकत्र कर नमाज पढ़वाई। साथ ही छात्रों को प्रमाण पत्र देने का प्रलोभन दिया गया। कैंप से लौटकर कुछ छात्रों ने इसकी शिकायत विश्वविद्यालय प्रबंधन से की। इधर कैंप में नमाज पढ़वाने की जानकारी लगते ही हिंदू संगठन के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद कोनी पुलिस ने शुन्य में मामला दर्ज कर केस डायरी कोटा पुलिस को सौंप दी। मामले की जांच अब कोटा पुलिस कर रही है। DSP रश्मीत कौर चावला ने बताया कि कथित घटना को लेकर आठ लोगों के खिलाफ 26 अप्रैल को दर्ज FIR के सिलसिले में प्रोफेसर दिलीप झा को गुरुवार सुबह हिरासत में लिया गया. उन्होंने बताया कि झा और बिलासपुर स्थित गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के 6 फैकल्टी मेंबर्स और टीम के एक मुख्य नेता पर धर्म के आधार पर समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने समेत अन्य अपराधों के लिए भारतीय न्याय संहिता व छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने 26 मार्च से 1 अप्रैल के बीच जिले के कोटा थाना इलाके के शिवतराई गांव में आयोजित एनएसएस शिविर के दौरान 31 मार्च को 159 छात्रों को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया, हालांकि उनमें से केवल चार ही मुस्लिम थे. छात्रों के वापस लौटने पर विरोध प्रदर्शन के बाद जांच शुरू की गई, जिसके बाद दक्षिणपंथी संगठनों ने भी आंदोलन किया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. बिलासपुर के एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले की जांच के लिए सिटी पुलिस अधीक्षक (कोतवाली) अक्षय सबदरा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम गठित की थी. समिति की रिपोर्ट के आधार पर झा और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. चावला ने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है. छात्रों ने कार्रवाई की मांग की थी छात्रों के मुताबिक, विरोध करने पर उन्हें धमकी और सर्टिफिकेट नहीं देने की चेतावनी भी दी गई। छात्रों ने कोनी थाना पुलिस से शिकायत करके प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. बसंत कुमार, कोआर्डिनेटर दिलीप झा सहित अन्य स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शिविर में शामिल नहीं हुए थे प्रोफेसर इधर, प्रोफेसर दिलीप झा का कहना था कि यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित NSS कैंप में वो शामिल ही नहीं हुए थे। ऐसे में उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कैंप में नमाज पढ़ाने की उन्हें जानकारी ही नहीं है। न ही कैंप में शामिल को आर्डिनेटर ने उन्हें इसकी जानकारी दी थी। ऐसे में बेवजह केस में आरोपी बनाया गया है। पुलिस बोली- साक्ष्यों को किया प्रभावित, जांच में सहयोग नहीं वहीं, सीएसपी व मीडिया प्रभारी रश्मित कौर चावला का कहना है कि इस मामले की जांच के बाद प्रो.दिलीप झा, डॉ. मधुलिका सिंह, डॉ. ज्योति वर्मा, डॉ. नीरज कुमारी, डॉ. प्रशांत वैष्णव, डॉ. सुर्यभान सिंह, डॉ. बसंत कुमार और टीम कोर लीडर छात्र आयुष्मान चौधरी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जांच में अपराध सबूत पाए जाने के साथ ही साक्ष्य को प्रभावित करने और विवेचना में सहयोग नहीं करने के कारण आरोपी प्रोफेसर दिलीप झा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। recent visitors 26

NSS शिविर के दौरान 159हिन्दू छात्रों को नमाज़ पढ़ने के लिए मजबूर किया, 7 प्रोफेसरों और एक छात्र के खिलाफ एक्शन

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के सात प्रोफेसरों और एक छात्र पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा है। उन पर आरोप है कि उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर के दौरान 159 छात्रों को ईद पर नमाज़ पढ़ने के लिए मजबूर किया। विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि 31 मार्च को शिवतराई गांव में एक सप्ताह के एनएसएस शिविर के दौरान उनकी सहमति के बिना उनसे नमाज अदा करवाई गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उनके अनुसार एनएसएस शिविर 26 मार्च से 1 अप्रैल तक चला था। छात्रों का आरोप है कि शिविर में उनसे बिना पूछे नमाज करवाई गई। योगा का कहकर नमाज कोटा पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि शिविर में छात्रों को योग जैसी कई गतिविधियां कराई जाती हैं। उस दिन ईद थी, इसलिए कुछ मुस्लिम छात्र स्कूल के मैदान में नमाज पढ़ रहे थे। आरोप है कि अन्य छात्रों को भी उनके साथ नमाज पढ़ने के लिए कहा गया। अधिकारी ने कहा कि समस्या यह थी कि प्रोफेसरों ने उन छात्रों की सहमति नहीं ली। सात लोगों पर मामला दर्ज शिकायत करने वाले छात्र कुछ दक्षिणपंथी समूह के सदस्यों के साथ पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने एनएसएस समन्वयक सहित सात प्रोफेसरों और टीम के मुख्य नेता रहे एक छात्र के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कोटा पुलिस स्टेशन के प्रभारी सुमित कुमार ने कहा कि एफआईआर कोनी पुलिस ने दर्ज की थी और बाद में इसे कोटा पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित कर दिया गया क्योंकि घटना यहां हुई थी। हमने जांच शुरू कर दी है। प्रोफेसर का कहना प्रोफेसरों और छात्र पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 (बी), 197 (1) (बी) (सी), 299, 302, और 190 के तहत मामला दर्ज किया गया है। विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और मीडिया सेल के प्रभारी एम एन त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें अभी तक FIR की कॉपी नहीं मिली है। पुलिस द्वारा आधिकारिक तौर पर सूचित किए जाने के बाद ही हम टिप्पणी कर पाएंगे। recent visitors 32

Bhopal में काली पट्टी बांधकर Namaz अदा करने पहुंचे नमाजी, वक्फ बोर्ड की जायदाद के लिए दुआ भी

भोपाल देशभर में ईद-उल-फितर का त्योहार आज सोमवार को मनाया जा रहा है। सुबह से ही बड़ी संख्या लोग नमाज पढ़ने ईदगाह और मस्जिदों में पहुंचे। भोपाल की ताज उल मसाजिद, जामा मस्जिद और मोती मस्जिद सहित दूसरी मस्जिदों में भी ईद की नमाज अदा कर देश और मध्य प्रदेश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। भोपाल में ईदगाह पर होने वाली मुख्य नमाज सुबह 7:30 बजे अदा की गई। हर साल की तरह इस बार भी नमाज की सूचना तोप से गोले दागकर दी गई। नमाज ए खास से पहले शहर काजी मुश्ताक अली नदवी ने तकरीर में नौजवानों से कहा कि कैरेक्टर और क्वालिटी पैदा करो। नशे से दूरी रखो, हलाल कमाई पर ध्यान दो। हलाल और हराम में फर्क करना सीखो। शहर काजी ने कहा कि अपने रोजमर्रा के खर्चों को कम करो लेकिन बच्चों की अच्छी तालीम पर खास ध्यान दो। इससे पहले रविवार शाम रूअत-ए-हिलाल कमेटी ने चांद नजर आने की पुष्टि कर दी थी। शहर काजी सैय्यद मुश्ताक अली नदवी की अगुवाई में मोती मस्जिद में चांद का दीदार किया गया। प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों से भी इसकी तस्दीक हुई। भोपाल के ईदगाह और अन्य मस्जिदों में नमाज पढ़ने पहुंचे मुस्लिम धर्मावलंबी बांह पर काली पट्टी बांधकर नमाज पढ़ने पहुंचे। वे वक्फ अमेंडमेंट बिल का विरोध कर रहे थे। बता दें कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मुस्लिम समुदाय से काली पट्‌टी बांधकर शांतिपूर्ण और मौन विरोध प्रदर्शन की अपील की थी। बोर्ड ने कहा था कि अगर ये बिल पारित हो गया तो मस्जिद, दरगाह, मदरसे, कब्रिस्तान और कई अन्य संस्थान उनके हाथ से चले जाएंगे। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने देशवासियों को ईद की शुभकामनाएं दी है। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'देश के समस्त मुस्लिम भाइयों एवं बहनों को ईद-उल-फितर की दिली मुबारकबाद। इस अवसर पर, मैं देश में अमन, शांति, और आपसी भाईचारे की कामना करता हूं। ईद का यह त्योहार हमें प्रेम, सद्भाव, और एकता की भावना को मजबूत करने का संदेश देता है।' भोपाल में ईदगाह पर होने वाली मुख्य नमाज सुबह 7:30 बजे अदा की गई। हर साल की तरह इस बार भी नमाज की सूचना तोप से गोले दागकर दी गई। नमाज-ए-खास से पहले शहर काजी मुश्ताक अली नदवी ने तकरीर में नौजवानों से कहा- कैरेक्टर और क्वालिटी पैदा करो। नशे से दूरी रखो, हलाल कमाई पर ध्यान दो। हलाल और हराम में फर्क करना सीखो। शहर काजी ने कहा- अपने रोजमर्रा के खर्चों को कम करो लेकिन बच्चों की अच्छी तालीम पर खास ध्यान दो। भोपाल में फिलिस्तीन के समर्थन में बैनर भोपाल में ईदगाह के बाहर कुछ युवा फिलिस्तीन के समर्थन में बैनर लेकर खड़े नजर आए। यहां नमाज के बाद फिलिस्तीन के लोगों के लिए दुआ भी पढ़ी गई। मोती मस्जिद में भी दुआ के दौरान मुफ्ती अब्दुल कलाम साहब ने यमन और फिलिस्तीन में मासूमों के कत्ल-ए-आम के खिलाफ दुआ कराई। यहां वक्फ बोर्ड की जायदाद की हिफाजत के लिए भी दुआ पढ़ी गई। रविवार को नजर आया था चांद रविवार शाम को रूअत-ए-हिलाल कमेटी ने चांद दिखने की पुष्टि कर दी थी। इसके बाद, मोती मस्जिद में शहर काजी की अगुवाई में चांद का दीदार किया गया और ईद-उल-फितर मनाने की घोषणा हुई। जिसके बाद आज 31 मार्च को ईद मनाई जा रही है। ईद से पहले बाजारों में भारी भीड़ देखने को मिली। कपड़े, सेवइयां, मेवे और मिठाइयों की दुकानों पर जमकर खरीदारी हुई। मस्जिदों और घरों में खास पकवान तैयार किए गए। प्रदेशभर में ईद के अवसर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल तैनात किया गया और ड्रोन से निगरानी भी की गई ताकि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जा सके। recent visitors 24